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योगी सरकार का तोहफा: यूपी के शिक्षकों को मिली राहत और नए आदेश का ऐलान

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालयों और अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब 30 जून या 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की पेंशन और ग्रेच्युटी की गणना में एक नोशनल वेतनवृद्धि (काल्पनिक वेतनवृद्धि) जोड़ी जाएगी। वेतनवृद्धि का लाभ पेंशन की गणना में मिलेगा वित्त विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार, जिन कर्मचारियों की वार्षिक वेतनवृद्धि 1 जुलाई या 1 जनवरी को तय होती थी, लेकिन वे उससे ठीक एक दिन पहले यानी 30 जून या 31 दिसंबर को रिटायर हो जाते थे, उन्हें भी इस वेतनवृद्धि का लाभ पेंशन की गणना में मिलेगा। यह प्रावधान 1 जनवरी 2006 से लागू वेतन समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया है। किन्हें तत्काल प्रभाव से लाभ मिलेगा? इसका मतलब यह हुआ कि 1 जनवरी 2006 के बाद से लेकर शासनादेश जारी होने तक 30 जून को रिटायर हुए कर्मचारी भी इस सुविधा के दायरे में आएंगे। हालांकि, उन्हें केवल तत्काल प्रभाव से लाभ मिलेगा, पिछली अवधि का एरियर नहीं दिया जाएगा। यही नियम 1 जनवरी 2016 के बाद रिटायर हुए उन कर्मचारियों पर भी लागू होगा जिनकी रिटायरमेंट तिथि 30 जून या 31 दिसंबर रही और जिनकी वेतनवृद्धि क्रमशः 1 जुलाई या 1 जनवरी को तय थी। कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना शासनादेश के प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। इस फैसले से उच्च शिक्षा में कार्यरत हजारों शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ से जुड़े डॉ. जगदीश सिंह दीक्षित ने इसे शिक्षकों के लिए बड़ी राहत बताया। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को कई बार पत्र लिखकर यह मांग उठाई गई थी। उन्होंने कहा कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में यह सुविधा पहले से लागू थी, अब उच्च शिक्षा में लागू होने से लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो गई है।  

एके शर्मा फिर भड़के अफसरों पर, चेताया- अब होगी सख्त कार्रवाई

लखनऊ  यूपी में योगी सरकार में मंत्री एके शर्मा बिजली विभाग के अफसरों के बाद अब नगर विकास के अधिकारियों पर भड़क गए। उन्होंने अफसरों को लापरवाही कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दे डाली। दरअसल, प्रदेश के 10 जिलों में पीएम आवास के आवेदन निस्तारण की स्थिति खराब है। ऊर्जा और नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बुधवार को अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश के सभी शहरी पात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना-दो का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए वार्ड-वार कैंप आयोजित कर सभी पात्र परिवारों के आवेदनों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। नगर विकास मंत्री ने अधिकारियों के साथ समीक्षा के दौरान कम प्रगति वाले जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवेदन के निस्तारण में तेजी लाएं और 15 दिनों के बाद पुनः समीक्षा की जाएगी। मिशन मोड में काम कर लंबित आवेदनों का त्वरित निस्तारण न करने पर अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। निदेशक सूडा को शिकायतों व सुझावों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से गरीबों की सेवा करने का इससे अच्छा रास्ता कोई और नहीं हो सकता। यह योजना गरीबों के सपनों और आशाओं से जुड़ी है, इसलिए हर पात्र व्यक्ति को आवास उपलब्ध कराना ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में निदेशक सूडा अपूर्वा दुबे ने बताया कि इस योजना में उत्तर प्रदेश में अभी तक 2,52,605 आवास केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत किए गए हैं। पोर्टल पर 22 लाख से अधिक आवेदन पत्र प्राप्त हो चुके हैं। कुशीनगर मिर्जापुर, प्रतापगढ़, गोरखपुर, बरेली, महाराजगंज, मेरठ, संत कबीर नगर, मऊ व सहारनपुर में सर्वाधिक मामले लंबित हैं। इन जिलों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। गाजियाबाद, फिरोजाबाद, बिजनौर, अलीगढ़, झांसी आदि जिलों में प्रगति बेहतर है।  

एबीवीपी का ऐक्शन डिमांड, योगी को चेतावनी – 48 घंटे में करें कार्रवाई

लखनऊ राजधानी लखनऊ में एबीवीपी ने पत्र लिखकर सीएम योगी को अल्टीमेटम दिया है। एबीवीपी ने लाठीचार्ज मामले ऐक्शन के लिए 48 घंटे समय दिया है। कैसरबाग स्थित एबीवीपी कार्यालय पर राष्ट्रीय मंत्री अंकित शुक्ला ने प्रेस वार्ता कर कहा कि परिषद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर 48 घंटे में कार्रवाई की मांग की है, अन्यथा प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। बताया कि रामस्वरूप यूनिवर्सिटी में विधि विद्यार्थियों के शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान बवाल हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) कार्यकर्ताओं और छात्रों ने आरोप लगाया कि बाहरी गुंडों ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया और पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज किया। आंदोलन का कारण विश्वविद्यालय में नवीनीकरण और मानक के बिना चल रहा विधि पाठ्यक्रम था। एबीवीपी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में मांग की है कि लाठीचार्ज की घटना में शामिल पुलिसकर्मियों और बाहरी गुंडों पर एफआईआर दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई की जाए। परिषद ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर किसके आदेश पर लाठीचार्ज हुआ, इसका जवाब अब तक नहीं दिया गया है आपको बता दें कि तीन दिन पहले श्रीरामस्वरूप यूनिवर्सिटी में एलएलबी की मान्यता का नवीनीकरण न होने से छात्रों का भविष्य बर्बाद होने की बात पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व कॉलेज के छात्रों ने प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शन को खत्म कराने को लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन के इशारे पर पुलिस द्वारा छात्रों की बर्बता से पिटाई कराने के आरोप लग रहे हैं। लाठीचार्ज से कई छात्र घायल हो गए। मामला तूल पकड़ने लगा तो प्रशासन भी अब ऐक्शन आ गया है। वहीं मामले ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी ने मंडलायुक्त-आईजी अयोध्या को जांच के साथ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। कुछ ही देर बाद ही बाराबंकी सीओ सिटी हर्षित चौहान को हटा दिया गया। इंस्पेक्टर आरके राना, चौकी प्रभारी गदिया गजेन्द्र सिंह और दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। आदेश मिलते ही मंडलायुक्त अयोध्या, आईजी अयोध्या प्रवीण कुमार ने बाराबंकी पहुंच कर जांच शुरू कर दी।  

एकलव्य वन से प्रारंभ हुई थी विशिष्ट वन की श्रृंखला, ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ पर होगा विशेष कार्यक्रम

पौधरोपण महाभियान-2025: शिक्षकों के सम्मान में सभी वन प्रभाग लगाएंगे 'एक पेड़ गुरु के नाम' एकलव्य वन से प्रारंभ हुई थी विशिष्ट वन की श्रृंखला, 'एक पेड़ गुरु के नाम' पर होगा विशेष कार्यक्रम शिक्षक दिवस (5 सितंबर) पर गुरु के सम्मान में रोपे जाएंगे पौधे लखनऊ के कुकरैल, वाराणसी के आईआईटी (बीएचयू) में लगाए जाएंगे पौधे  योगी सरकार के प्रयास से निरंतर बढ़ रहा यूपी का फॉरेस्ट कवर लखनऊ  योगी सरकार ने एक तरफ पौधरोपण महाभियान-2025 के अंतर्गत एक दिन में 36.21 करोड़ से अधिक पौध रोप कर नया रिकॉर्ड बनाया तो दूसरी तरफ इस वर्ष भी विशिष्ट वनों की स्थापना की गई। विशिष्ट वनों का आगाज एकलव्य वन के साथ प्रारंभ हुआ तो 'एक पेड़ गुरु के नाम' के तहत विशिष्ट आयोजन भी होगा। गुरु के सम्मान में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर सभी वन प्रभागों में यह आयोजन किया जाएगा। राजधानी लखनऊ में कुकरैल में वन विभाग के सेवानिवृत्त व वर्तमान अधिकारी पौधरोपण करेंगे।  योगी सरकार ने रचा इतिहास, 2025 में बनाया सर्वाधिक पौधरोपण का कीर्तिमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने नया इतिहास रच दिया। 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' थीम के अंतर्गत पौधरोपण महाभियान-2025 में पूरे प्रदेश में एक दिन (9 जुलाई, बुधवार) में 37,21,40,925 पौधरोपण हुए। यह सरकार द्वारा तय किए गए लक्ष्य 37 करोड़ से 21,40,925 अधिक रहा। सीएम योगी ने अयोध्या से अभियान का आगाज किया था। उन्होंने 9 जुलाई को ही आजमगढ़ और गोरखपुर में भी पौधरोपण किया था।  लखनऊ में कुकरैल, वाराणसी में बीएचयू में लगेगा 'एक पेड़ गुरु के नाम'  लखनऊ के प्रभागीय वनाधिकारी सितांशु पांडेय ने बताया कि विशिष्ट वनों की श्रृंखला में शिक्षक दिवस पर लखनऊ के कुकरैल में पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। यहां स्मृति वाटिका में भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त व वर्तमान अधिकारी पौधरोपण करेंगे। यहां अधिकारियों को स्मृति चिह्न के रूप में पौधे भी भेंट किए जाएंगे। वहीं वाराणसी की प्रभागीय वनाधिकारी स्वाति श्रीवास्तव ने बताया कि आईआईटी (बीएचयू) में 'एक पेड़ गुरु के नाम' के तहत पौधरोपण होगा।  पौधरोपण महाभियान-2025 में लगाए गए विशिष्ट वन  पौधरोपण महाभियान-2025 के मिशन निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि गुरु के सम्मान में 5 सितंबर को प्रदेश के सभी वन प्रभागों में 'एक पेड़ गुरु के नाम' लगाया जाएगा। इसे लेकर सभी वन प्रभागों में तैयारी पूरी हो गई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी अनेक विशिष्ट वन स्थापित किए गए।  2025 में स्थापित किए गए विशिष्ट वन व अन्य कार्यक्रम 👉 एकलव्य वन                 👉 ऑक्सी वन                  👉 शक्ति वन                   👉 त्रिवेणी वन                   👉 अटल  वन                   👉 सहजन भंडारा              👉 गोपाल वन                 👉 एकता  वन                 👉 पवित्र धारा पौधरोपण      👉 औद्योगिक इकाइयों द्वारा पौधरोपण  (संकल्प गोष्ठी व पौधरोपण)   👉 भाई-बहन पौधरोपण       (रक्षाबंधन वाटिका) 👉 शौर्य/सिंदूर वन            👉 एक पेड़ गुरु के नाम       

भारी बारिश से ठिठुरन बढ़ी, यूपी के 11 जिलों में अलर्ट जारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों, खासकर पश्चिम में बाढ़ और भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, झांसी, महोबा सहित 11 जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई है। 23 जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया। पूर्वांचल में सरयू और बड़ी गंडक का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यूपी के मुजफ्फरनगर में रामराज क्षेत्र में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर चल रहा है। बुढ़ाना क्षेत्र में पांच मकानों की छत-दीवारें गिर गई। चरथावल क्षेत्र के रोनी हरजीपुर गांव में पक्का मकान भी ढह गया। कई जिलों में मकानों की दीवारें ढहीं मेरठ समेत वेस्ट यूपी के कई जिलों में लगातार तीसरे दिन बारिश की आफत रही। बुलंदशहर में पेड़ गिरने से एक युवक की मौत हो गई। हापुड़, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, बुलंदशहर में करीब 15 मकान गिरने से कई लोग घायल हो गए। उधर, गंगा-यमुना अपने पूरे उफान पर चल रही हैं। पूर्वांचल में भी नदियों का जलस्तर बढ़ता जा रहा गोरखपुर-बस्ती मंडल में भले ही बारिश न हुई हो, लेकिन सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में गोरखपुर में सरयू का जलस्तर 18 सेंटीमीटर बढ़ गया है। तुर्तीपार में सरयू खतरे के निशान से 36 सेंटीमीटर, अयोध्या में 31 सेंटीमीटर और देवरिया में 85 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बस्ती में भी नदी खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर है। कुशीनगर में बड़ी गंडक नदी भी चेतावनी बिंदु से 8 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वहीं राप्ती और रोहिन नदियों का जलस्तर फिलहाल घट रहा है। प्रशासन ने सभी बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। मुरादाबाद मंडल में लगातार बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी ने हालात बिगाड़ दिए हैं।  

दलित सांसद के अपमान का मुद्दा गरमाया, पार्षदों ने विपक्ष के साथ मिलकर किया हंगामा

लखनऊ  लखनऊ नगर निगम सदन में गुरुवार को भाजपा पार्षद मुकेश सिंह मोंटी अचानक विपक्ष की दीर्घा में बैठकर सुर्खियों में आ गए। महापौर सुषमा खर्कवाल से उनकी लगातार अनबन चल रही है, जिसकी झलक सदन की कार्यवाही के दौरान फिर दिखी। वहीं नगर निगम सदन की बैठक शुक्रवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि मोहनलालगंज के दलित सांसद आरके चौधरी का किसी भी विकास कार्य के शिलापट्ट पर नाम नहीं लिखा जा रहा है। बजट की पुष्टि पर चर्चा के बीच मोंटी ने महापौर पर मनमर्जी से संशोधन करने का आरोप लगाया और मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की मांग की। उन्होंने साफ कहा कि समिति में दो सत्ता पक्ष और एक विपक्ष के पार्षद को शामिल किया जाए। इस पर महापौर भड़क उठीं और जवाब दिया कि कमेटी गठित करना केवल महापौर का अधिकार है। तनावपूर्ण माहौल के बीच मोंटी का विपक्ष के साथ बैठना सियासी हलचल का कारण बना। कांग्रेस पार्षद और पूर्व कांग्रेस नगर अध्यक्ष मुकेश सिंह चौहान ने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल होने का निमंत्रण दिया और आश्वासन दिया कि उनका स्वागत होगा। वहीं सपा पार्षद दल के नेता कामरान बेग ने भी मोंटी को सपा में आने का न्यौता देते हुए दावा किया कि 2027 तक भाजपा के अधिकांश पार्षद समाजवादी पार्टी से जुड़ जाएंगे। इस घटनाक्रम ने नगर निगम की राजनीति में नए समीकरणों के संकेत दे दिए हैं। भाजपा पार्षद के विपक्ष की ओर झुकाव से न सिर्फ सदन का माहौल गरमाया बल्कि भाजपा संगठन में भी बेचैनी बढ़ गई है। सदन में नारेबाजी होने लगी और कार्यवाही बाधित कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने चौहान के इस बयान पर विपक्षी पार्षदों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। सदन में नारेबाजी होने लगी और कार्यवाही बाधित हो गई। पार्षदों ने कहा कि सांसद क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनके नाम को जानबूझकर दरकिनार करना दलित समाज का अपमान है। विवाद बढ़ता देख महापौर ने स्थिति संभालने की कोशिश की। उन्होंने आश्वासन दिया कि मोहनलालगंज सांसद का नाम विकास कार्यों से जुड़े शिलापट्टों पर अवश्य लिखा जाएगा। महापौर के आश्वासन के बाद विपक्ष शांत हुआ और कार्यवाही आगे बढ़ सकी।  

मौसी की हत्या के बाद रेप… संदूक में मिला शव, भतीजे का हैवानियत भरा कांड

मैहर जिला पुलिस ने 48 घंटे में दुष्कर्म-चोरी के बाद गला दबाकर हत्या के मामले का खुलासा कर दिया है। इसमें 55 हजार के जेवर बरामद किए गए हैं। जिले में हुई महिला की अंधी हत्या के मामले ने सभी को दहला दिया था। चौंकाने वाली बात यह रही कि मृतिका का अपना भतीजा ही दरिंदेपन की हदें पार कर हत्या का जिम्मेदार निकला। कैसे उजागर हुई वारदात 31 अगस्त को सुरेश चौधरी ने अपनी बहन अनीता चौधरी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच के दौरान जब घर का ताला तोड़ा गया तो अंदर बक्से के पास खून के निशान और बदबू मिली। बक्सा खोलने पर महिला का शव मिला, जिसके सिर पर गहरी चोटें थीं। मामला गंभीर देख पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल के निर्देशन पर विशेष टीम गठित की गई।   भतीजा बना हैवान पुलिस ने मृतिका के करीबी रिश्तेदारों पर फोकस किया। पूछताछ में संदेही किशन चौधरी (22 वर्ष), निवासी तिघरा, थाना सभापुर, ने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपित ने बताया कि 28 अगस्त की रात मौसी को अकेला देख उसने लोहे की रॉड से वार कर बेहोश किया, फिर दुष्कर्म कर गहनों और नगदी की चोरी की तथा गला दबाकर हत्या कर शव को बक्से में बंद कर फरार हो गया। बरामदगी और कार्रवाई आरोपी के पास से सोने-चांदी के गहने एवं नगदी करीब 55 हजार रुपये जब्त किए गए। प्रकरण में गंभीर धाराएं जोड़ते हुए आरोपी को जेल भेजा गया है।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने 25 अक्तूबर 2025 तक राजकीय बीज भंडारों पर रबी फसलों के बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए

25 नवम्बर 2025 तक अनुदानित बीजों का वितरण पूरा करे  बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसल बीमा का लाभ दिलाने के लिए संयुक्त टीम को कार्यवाही करने के निर्देश किसानों तक उन्नतशील बीजों का समय पर वितरण सुनिश्चित करने पर जोर  लखनऊ लखनऊ स्थित कृषि निदेशालय में  कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही एवं कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख की अध्यक्षता में कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की भौतिक और वित्तीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र, सचिव कृषि इन्द्र विक्रम सिंह, विशेष सचिव टी.के. शीबू, विशेष सचिव ओ.पी. वर्मा, निदेशक कृषि पंकज त्रिपाठी, निदेशक सांख्यिकी सुमिता सिंह सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कृषि मंत्री ने निर्देश दिए कि रबी फसलों (गेहूँ, जौ, चना, मटर, मसूर, सरसों, अलसी आदि) के सभी बीज 25 अक्तूबर 2025 तक अनिवार्य रूप से राजकीय बीज भंडारों पर किसानों को उपलब्ध करा दिए जाएँ। साथ ही, सभी अनुदानित बीजों का वितरण बुआई से पूर्व 25 नवम्बर 2025 तक पूर्ण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ प्रभावित एवं हानि वाले क्षेत्रों में किसानों को फसल बीमा का लाभ तत्काल दिलाने के लिए राजस्व, कृषि और बीमा विभाग की संयुक्त टीम प्रभावी ढंग से कार्यवाही करे। मंत्री ने विशेष रूप से दलहन (चना, मटर, मसूर) एवं तिलहन (तोरिया, सरसों, राई, अलसी) की उत्पादकता बढ़ाने हेतु जनपदीय उप कृषि निदेशक और जिला कृषि अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। कृषि मंत्री ने कहा  कि शासन की प्राथमिकता किसानों तक उन्नतशील बीजों का पारदर्शी और समयबद्ध वितरण है। इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर प्रतिकूल संज्ञान लेकर कठोर कार्यवाही की जाएगी।

समय से रबी बीजों की उपलब्धता एवं वितरण सुनिश्चित हो: कृषि मंत्री

कृषि मंत्री ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा लखनऊ बुधवार को कृषि निदेशालय में माननीय कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही तथा माननीय कृषि राज्यमंत्री श्री बलदेव सिंह औलख जी ने कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं/कार्यक्रमों की भौतिक एवं वित्तीय समीक्षा बैठक की। कृषि मंत्री जी द्वारा समस्त जनपद /मंडल के अधिकारियों को निम्न निर्देश दिए कि रबी फ़सलों(गेहूँ,जौ,चना, मटर,मसूर, सरसों, अलसी आदि) के सभी बीज 25 अक्तूबर 2025 तक समस्त राजकीय बीज भंडारों पर कृषकों को वितरण हेतु अपरिहार्य रूप से उपलब्ध करा दिये जाये। रबी फ़सलों के सभी अनुदानित बीजों का कृषकों को वितरण बुआई से पूर्व 25 नवम्बर 2025 तक अनिवार्य रूप से राजकीय कृषि बीज भंडारों के माध्यम से पूर्ण कर लिया जाये। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बाढ़ प्रभावित/हानि वाले इलाकों में कृषकों को बीमा का लाभ समय से प्राप्त कराए जाने हेतु राजस्व, कृषि एवं बीमा के जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों की संयुक्त टीम द्वारा अविलंब पूर्ण कर प्रभावित कृषकों को तत्काल लाभ पहुंचाया जाये। रबी फ़सलों में विशेषकर दलहन (चना,मटर,मसूर आदि) एवं तिलहन(तोरिया,सरसों, राई,  अलसी आदि) में फसल उत्पादकता बढ़ाए जाने हेतु जनपदीय उप कृषि निदेशक/जिला कृषि अधिकारी विशेष प्रयास करें। श्री शाही ने कहा कि कृषक शासन की प्राथमिकता में सम्मिलित है, उन्नतशील बीजों का वितरण कृषकों को पूर्ण पारदर्शिता के साथ समय से अवश्य सुनिश्चित किया जाये l इस सम्बंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही का प्रतिकूल संज्ञान लेकर कार्यवाही की जाएगी। उक्त बैठक में प्रमुख सचिव कृषि श्री रविंद्र, सचिव कृषि श्री इन्द्र विक्रम सिंह, विशेष सचिव कृषि श्री टी.के. शीबू, विशेष सचिव कृषि श्री ओ.पी. वर्मा, निदेशक कृषि श्री पंकज त्रिपाठी, निदेशक सांख्यिकी श्रीमती सुमिता सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री योगी ने अयोध्या राज परिवार के मुखिया को दी श्रद्धांजलि

-योगी आदित्यनाथ बोले, राजा साहब का योगदान हमेशा रहेगा अविस्मरणीय -राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के त्रयोदशी संस्कार में उमड़ा जनसैलाब -संत-महंत और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ श्रद्धांजलि समारोह -भावविह्वल माहौल में श्रद्धा-सुमन अर्पित कर सबने किया नमन अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को अयोध्या राजसदन पहुंचे और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य एवं अयोध्या राज परिवार के मुखिया राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के त्रयोदशी संस्कार में शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत राजा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया और शोकाकुल परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की। राजा साहब का निधन समाज और संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति मुख्यमंत्री योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का निधन केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने जीवन भर रामलला और राम मंदिर आंदोलन के लिए अपना योगदान दिया। राजा साहब का व्यक्तित्व धर्म, संस्कृति और परंपरा का अद्वितीय संगम था। संत-महंतों और जनप्रतिनिधियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी त्रयोदशी संस्कार में बड़ी संख्या में संत-महंत, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग उपस्थित रहे। पूरे राजसदन का वातावरण भावविह्वल हो उठा। सभी ने दिवंगत राजा साहब के आदर्शों और उनके योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। रामलला के प्रति समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र लंबे समय से बीमार चल रहे थे और गत दिनों उनका निधन हो गया था। उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। राज परिवार से जुड़े लोग और अयोध्या के नागरिक लगातार राजसदन पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री का दौरा, श्रद्धांजलि के साथ सम्मान का संदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा न केवल श्रद्धांजलि अर्पण का प्रतीक रहा, बल्कि अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत और राज परिवार के योगदान के प्रति सम्मान का भी संदेश दिया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर गिरीशपति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, विधायकगण वेद प्रकाश गुप्ता, अमित सिंह चौहान, रामचंद्र यादव, अभय सिंह, चंद्रभानु पासवान, बीजेपी जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।