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राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय विश्वकर्मा एक्सपो-2025 का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

– मुख्यमंत्री की मौजूदगी में एमएसएमई क्षेत्र के लिए ₹1.32 लाख करोड़ का मेगा ऋण हुआ वितरित – विश्वकर्मा जयंती पर प्रदेश के 12 हजार कारीगरों को दिया गया टूलकिट – प्रदेश में निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से हुई 111 कनिष्ठ सहायकों की भर्ती के बाद सौंपा गया नियुक्ति पत्र – 23 कंपनियां यूपी के कारीगरों को देंगी प्रशिक्षण, तीन महत्वपूर्ण एमओयू का हुआ आदान-प्रदान लखनऊ, राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर ‘विश्वकर्मा एक्सपो-2025’ का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि परंपरागत 11 कारीगर ट्रेड्स के साथ अब 12 नए ट्रेड्स को जोड़ा गया है। इनमें मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रॉनिक गुड्स रिपेयरिंग, इलेक्ट्रिकल गुड्स रिपेयरिंग, प्लंबर, कंप्यूटर रिपेयरिंग, सोलर पैनल रिपेयरिंग, डिजिटल फोटोग्राफी, ब्यूटी एंड वेलनेस सहित अन्य शामिल हैं। सीएम योगी ने कहा कि इन नए क्षेत्रों को जोड़कर युवाओं को आत्मनिर्भरता, आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते साढ़े आठ साल में हमारे कारीगरों, शिल्पकारों ने यूपी को बीमारू राज्य से बाहर निकालकर इसे विकास का ग्रोथ इंजन बना दिया है। अब कोई मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति ही इसे बीमारू राज्य कहता होगा, अन्यथा पूरे देश की धारणा उत्तर प्रदेश को लेकर बदल चुकी है। यूपी अब अनलिमिटेड पोटेंशियल वाला प्रदेश हो चुका है। एमएसएमई सेक्टर के लिए ₹1.32 लाख करोड़ का ऋण कार्यक्रम में प्रदेशभर के कारीगरों, शिल्पकारों और उद्यमियों के लिए बैंकों द्वारा ₹1,32,000 करोड़ का ऋण वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राशि कई राज्यों के वार्षिक बजट से भी अधिक है। मंच से सीएम योगी ने सीतापुर की शशि देवी को ₹2 लाख और लखनऊ की अंशु शर्मा को ₹9.5 लाख का ऋण प्रदान किया। 12 हजार कारीगरों को टूलकिट वितरण विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत प्रदेशभर के 12,000 कारीगरों को टूलकिट वितरण किया गया। इनमें लखनऊ के ऋत्विक कनौजिया और प्रियंका कुमारी को मंच से टूलकिट प्रदान कर मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। युवाओं को जॉब सीकर नहीं, जॉब प्रोवाइडर बनाना लक्ष्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी अब बीमारू प्रदेश नहीं, बल्कि देश का ग्रोथ इंजन बन चुका है। 2017 में जहां 100 रुपये जमा पर केवल 44 रुपये का ऋण मिलता था, वहीं आज यह अनुपात 62 प्रतिशत हो गया है। लक्ष्य है कि अगले वित्तीय वर्ष तक इसे 75 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब प्रोवाइडर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। ओडीओपी से मिली नई पहचान मुख्यमंत्री ने कहा कि परंपरागत उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना अब पूरे देश के लिए मॉडल बन गई है। इस योजना ने यूपी को 1 लाख 86 हजार करोड़ रुपये का निर्यात करने वाला राज्य बना दिया है। इससे लाखों युवाओं को रोजगार और प्रदेश को नई पहचान मिली है। आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है ग्रामीण भारत अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के विचार को याद किया। उन्होंने कहा कि पहले गांव आत्मनिर्भर हुआ करते थे और वहां के कारीगर और शिल्पकार ही सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था को मजबूती देते थे। उन्होंने आह्वान किया कि आज भी कारीगर अपनी विशेषज्ञता और हुनर से प्रदेश को विकास की राह पर आगे ले जाएं। उन्होंने कहा कि हमारे कारिगरों के पास सबकुछ है। आज क्रिकेट और फुटबॉल दुनियाभर में खेला जाता है, मगर उसकी सामग्री तैयार होती है मेरठ में। चमड़े का कार्य आगरा में होता है। कार्पेट में वाराणसी, मीरजापुर और भदोही के कारीगरों का हुनर पूरी दुनिया में पसंद किया जाता है। एमओयू से नई तकनीकी ट्रेनिंग का रास्ता खुला इस अवसर पर विभिन्न कंपनियों और संगठनों के साथ 3 महत्वपूर्ण एमओयू साइन किए गए। इन कंपनियों में रेलटेल इंडिया, जीएमआर, शाही एक्सपोर्ट्स, यदुपति, ऊषा इंटरनेशनल, लक्मे, मिस्टर ब्राउन, राधेलाल, धोबीलाइट, मेसर्स ऐप्टेक, लाउंड्री लेजेंड, समाधान, महेश नमकीन, मिंडा सिल्का, केयर स्किल एकेडमी, अपैरल ट्रेनिंग एंड डिजाइन सेंटर, रॉयल इम्पैक्ट, विजय इंडस्ट्रीज, श्याम सन्स, अजिमुत बिजनेस ऑन व्हील्स, जेडी वेलफेयर, ब्लैक पॉटरी फाउंडेशन, एचसीएल फाउंडेशन, इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया के सीए चरनजीत सिंह नंदा, सीए ज्ञानचंद मिश्रा मौजूद रहे। ये कंपनियां परंपरागत कारीगरों को नई तकनीक से प्रशिक्षित करेंगी। कनिष्ठ सहायकों को सीएम ने सौंपा नियुक्ति पत्र प्रदेश के 111 कनिष्ठ सहायकों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने मंच से 11 अभ्यर्थियों को स्वयं नियुक्ति पत्र सौंपा। इनमें औरैया की शिवा दीक्षित, मथुरा की ज्योति सिंह, हमीरपुर के रोहित कुमार, बांदा के नंदबाबू पटेल, देवरिया के अमित कुमार गोंड, बहराइच के रजनीश कुमार तिवारी, अंबेडकर नगर संध्या वर्मा, लखनऊ की श्वेता श्रीवास्तव, कानुपर की कविता मौर्या, उन्नाव के शशांक यादव, हापुड़ के रविन्द्र निगम को नियुक्ति पत्र वितरित किया। एक्सपो और ट्रेड शो से मिलेगा बड़ा बाजार सीएम योगी ने बताया कि विश्वकर्मा एक्सपो 17 से 19 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन होगा, जिसमें दुनिया भर के खरीदार आएंगे। उन्होंने कारीगरों और उद्यमियों से अपील की कि वे इस मौके का लाभ उठाएं और अपने प्रोडक्ट को वैश्विक मंच तक पहुंचाएं। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर बड़ा तोहफा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की जयंती के साथ ही आज देश के सबसे लोकप्रिय नेता और नए भारत के शिल्पी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जन्मदिन है। उन्होंने इस अवसर को “दोगुनी खुशी का दिन” बताते हुए कहा कि पीएम मोदी ने विकसित भारत 2047 का जो लक्ष्य रखा है, उसे पूरा करने में उत्तर प्रदेश की अहम भूमिका होगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, पूर्व एमएलसी मोहसिन रजा, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई आलोक कुमार, सचिव प्रांजल यादव, विजयेन्द्र पांडियन, शैलेन्द्र कुमार सिंह, दीपक कुमार डे समेत विभिन्न उपकरणों के सप्लायर्स, 22 प्रशिक्षण दाता संस्थानों के सीएमडी सीईओ, ऋण और टूलकिट प्राप्त करने वाले कारिगर और शिल्पकार, बैंकर्स और बड़ी संख्या में चार्टेड अकाउंटेंट्स मौजूद रहे।

UP पुलिस में बदला सितारा: ममता रानी चौधरी को मिली लखनऊ की DC की कमान, 7 IPS को नई जिम्मेदारियां

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. बुधवार को जारी आदेश में राज्य सरकार ने सात आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं. इससे पहले मंगलवार को सरकार ने 16 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर का फैसला लिया था, जिससे प्रदेश प्रशासन में व्यापक फेरबदल देखने को मिला. गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, डीआईजी स्थापना पद पर कार्यरत देव रंजन वर्मा को अब पुलिस उप महानिरीक्षक प्रशिक्षण निदेशालय, लखनऊ में भेजा गया है. वहीं ममता रानी चौधरी को पुलिस उपायुक्त लखनऊ कमिश्नरेट का दायित्व सौंपा गया है. लखनऊ कमिश्नरेट में उनकी तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राजधानी में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में यह एक अहम कदम है. अभिजीत कुमार को मेरठ भेजा गया इसके अतिरिक्त, सतीश कुमार को पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से संबद्ध किया गया है. वहीं, अभिजीत कुमार को अपर पुलिस अधीक्षक, मेरठ की जिम्मेदारी सौंपी गई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मेरठ जिला संवेदनशील क्षेत्रों में गिना जाता है, ऐसे में उनकी तैनाती काफी मायने रखती है. आईपीएस अतुल कुमार श्रीवास्तव को पुलिस उपायुक्त, कानपुर नगर कमिश्नरेट नियुक्त किया गया है. औद्योगिक और राजनीतिक दृष्टि से अहम शहर कानपुर में कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी. इसी तरह, शैलेंद्र कुमार सिंह को पुलिस उपायुक्त, गौतम बुध नगर पुलिस कमिश्नरेट भेजा गया है. गौतम बुध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) क्षेत्र आईटी हब और कारोबारी गतिविधियों का बड़ा केंद्र है, जहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन हमेशा सक्रिय रहता है. आईपीएस त्रिगुण बिसेन को गाजियाबाद की जिम्मेदारी इसके अलावा, आईपीएस त्रिगुण बिसेन को गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस उपायुक्त बनाया गया है. दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले में अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन दोनों ही बड़ी चुनौतियां मानी जाती हैं. इन तबादलों को सरकार के उस प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिसके तहत लगातार पुलिस और प्रशासनिक तंत्र को नए सिरे से संगठित किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में यह देखा गया है कि सरकार समय-समय पर बड़े स्तर पर तबादले करती रही है, ताकि बेहतर समन्वय और सख्त कानून-व्यवस्था लागू की जा सके.  

आरपी-संजीव गोएनका ग्रुप 3,000 करोड़ से 3 GW सोलर सेल और इंटीग्रेटेड सोलर हब लगाएगा

दोनों परियोजनाओं से 7,000 से अधिक रोजगार होंगे सृजित और स्वदेशी विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा योगी सरकार के निवेश-फ्रेंडली माहौल से यूपी बन रहा है औद्योगिक हब ग्रेटर नोएडा/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार बड़े निवेश का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश के लिए बुधवार का दिन बेहद खास रहा, जब दो बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं को हरी झंडी मिली। आरपी-संजीव गोएनका ग्रुप ने यीडा (यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) क्षेत्र में 3 GW सोलर सेल और इंटीग्रेटेड सोलर ईकोसिस्टम हब स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही 60 मेगावाट कैप्टिव सोलर और एनर्जी स्टोरेज (ESS) प्लांट भी लगेगा। करीब 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से बनने वाली यह परियोजना न केवल भारत की नवीकरणीय ऊर्जा ट्रांजिशन को गति देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को सोलर मैन्युफैक्चरिंग में लीडर बनाएगी। दूसरी तरफ, मिंडा कॉर्पोरेशन लि. ने यीडा के सेक्टर 10 में 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ वायरिंग हार्नेस, सेंसर और कनेक्टर्स प्रोजेक्ट स्थापित करने की घोषणा की है। ऑटोमोबाइल सेक्टर की जरूरतों के लिए यह यूनिट क्लस्टर्स और कॉस्ट-इफेक्टिव इंजीनियरिंग समाधान विकसित करेगी। यह प्रोजेक्ट 2,200 से अधिक प्रत्यक्ष और 5,000 अप्रत्यक्ष रोजगार देगा। दोनों निवेश उत्तर प्रदेश में स्वदेशी निर्माण, रोजगार सृजन और वैश्विक तकनीक को बढ़ावा देंगे और कुल 7 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करेंगे। विकसित होंगी अत्याधुनिक तकनीकें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश-फ्रेंडली नीतियों, बेहतर कानून-व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण आज यूपी ग्लोबल कंपनियों के लिए पसंदीदा निवेश गंतव्य बन चुका है। आरपी-संजीव गोएनका ग्रुप द्वारा स्थापित किए जा रहे इंटीग्रेटेड सोलर ईकोसिस्टम हब में TOPCon और Perovskite-Tandem सेल टेक्नोलॉजी जैसी अत्याधुनिक तकनीकें विकसित होंगी, जिनकी क्षमता 28–30% तक दक्षता देने की है। इससे बिजली की लागत 10–15% तक घटने की उम्मीद है। परियोजना से 1,200 से अधिक प्रत्यक्ष और 4,000 अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेंगे। यीडा ने इसके लिए सेक्टर-8D में 100 एकड़ जमीन आवंटित करते हुए लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया है। दूसरी ओर, मिंडा का निवेश खासतौर से इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), ऑटोनॉमस ड्राइविंग और ADAS टेक्नोलॉजी के तेजी से बढ़ते बाजार को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।

पर्यटन विभाग का पवेलियन होगा इमर्सिव, डिजिटल और सांस्कृतिक विविधता का दर्पण

डिजिटल स्टोरीटेलिंग, एआर/वीआर डिस्प्ले, ऑटो-नेविगेशन कियोस्क और सेल्फी जोन जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी ब्रज का मयूर नृत्य, सोनभद्र-लखीमपुर के जनजातीय नृत्य, झांसी का बुंदेली नृत्य और लखनऊ घराने की कथक प्रस्तुतियां बटोरेंगी आकर्षण योगी सरकार पर्यटन को बना रही है एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का इंजन लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 (यूपीआईटीएस-2025) में एक भव्य और आधुनिक पवेलियन प्रदर्शित करेगा। इसमें प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, पर्यटन निवेश संभावनाएं और आर्थिक प्रगति को दुनिया के सामने पेश किया जाएगा। इस बार पवेलियन को इमर्सिव और पर्यावरण-अनुकूल रूप में तैयार किया जा रहा है। इसमें डिजिटल स्टोरीटेलिंग, एआर/वीआर डिस्प्ले, ऑटो-नेविगेशन कियोस्क और सेल्फी जोन जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। सांस्कृतिक अनुभव के लिए ब्रज का मयूर नृत्य, सोनभद्र और लखीमपुर के जनजातीय नृत्य, झांसी का बुंदेली नृत्य और लखनऊ घराने की कथक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र होंगी। यूपीआईटीएस-2025 में नीति-निर्माता, वैश्विक निवेशक, कारोबारी, शैक्षणिक प्रतिनिधि और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल सहित पर्यटन क्षेत्र की प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी। इस दौरान राज्य में निवेश और पर्यटन के नए अवसरों पर व्यापक विमर्श होगा। मोबाइल ऐप और ओडीओपी को मिलेगा बढ़ावा पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र को राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में एक अहम भागीदार के रूप में प्रस्तुत करना है। पर्यटन विभाग अपने मोबाइल ऐप का प्रचार भी करेगा। ऐप के जरिए आगंतुकों को आध्यात्मिक, बौद्ध, ग्रामीण और वेलनेस पर्यटन से जुड़ी खास यात्राओं की जानकारी मिलेगी। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी), हस्तशिल्प, मंदिर वास्तुकला और ग्रामीण पर्यटन के नवाचार भी पवेलियन का हिस्सा होंगे। निवेशकों के लिए पीपीपी-रेडी हेरिटेज प्रोजेक्ट्स, पूंजी सब्सिडी, भूमि आवंटन, टैक्स छूट और सिंगल विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाओं का विवरण उपलब्ध कराया जाएगा। व्यापार और निवेश के लिए खास इंतज़ाम पवेलियन में आरामदायक लाउंज, बी-टू-बी संवाद के लिए विशेष क्षेत्र और मीडिया किट्स की व्यवस्था होगी। यह मंच निवेशकों, नीति-निर्माताओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने का अवसर देगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन को योगी सरकार ने विकसित भारत 2047 की दृष्टि के केंद्र में रखा है। यूपीआईटीएस केवल सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का उत्सव ही नहीं होगा, बल्कि यह प्रदर्शित करेगा कि उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशकों और उद्यमियों के लिए कैसे नए द्वार खोल रहा है। समग्र अनुभव प्रदान करेगा पवेलियन प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि यह पवेलियन केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि एक समग्र अनुभव होगा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नीतिगत संवादों के माध्यम से उत्तर प्रदेश को प्रतिस्पर्धी वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाएगा। उनका कहना है कि इस पहल से रोजगार सृजन होगा, विरासत आय का श्रोत बनेगी और सतत पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

एनकाउंटर पर बवाल: गोरखपुर छात्र हत्या मामले में आरोपी को पुलिस ने किया ढेर, अखिलेश यादव भड़के

गोरखपुर  गोरखपुर में 19 साल के छात्र की हत्या करने वाले एक गौतस्कर का पुलिस ने एनकाउंटर किया है. पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में आरोपी घायल हो गया, उसके पैर में पुलिस की गोली लगी थी. इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर नाराजगी जताई है. गोरखपुर के एसएसपी राज करण नय्यर ने बताया कि गोरखपुर की घटना का एक आरोपी रहीम गोरखपुर की पिपराइच पुलिस और कुशीनगर के संयुक्त अभियान के दौरान पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. कुल चार आरोपी गिरफ्तार किए गए. एक अन्य आरोपी अजब हुसैन को ग्रामीणों ने पकड़कर घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया. दो अन्य आरोपी छोटू और राजू को भी गिरफ्तार कर लिया गया. घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है. जांच जारी है. घटना को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि क्या एनकाउंटर से उस बेटे को वापस लाया जा सकेगा जिसने अपनी जान गंवा दी? क्या माता-पिता को उनका बेटा वापस मिलेगा, जिसे पशु तस्करों ने मार डाला था?

योगी आदित्यनाथ का बयान: नरेंद्र मोदी हैं कर्मयोगी और साधक की मिसाल

लखनऊ  इतिहास साक्षी है कि यह देश जब-जब चुनौतियों से घिरा, तब-तब इस धरती ने ऐसे महामानव दिए, जिन्होंने समय की धारा मोड़ दी. बीसवीं सदी के अंत और इक्कीसवीं सदी के आरंभ में जब भारत संक्रमण और असंतुलन से जूझ रहा था. ठीक इसी दौर में वडनगर से एक साधारण परिवार का संतति उभरी, जिसने संघर्ष को शक्ति और अवसर में बदला. राजनीति में भारतीय मूल्यों व जनभावनाओं को प्रतिष्ठा दी और भारत को वैश्विक मंच पर नई गरिमा और आत्मविश्वास दिलाया. आज पूरा देश उस यशस्वी नेतृत्व के जीवन की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है. वास्तव में, आज उनके पचहत्तर वर्ष का यह जीवन केवल व्यक्ति मात्र की यात्रा नहीं, बल्कि भारत की सामूहिक चेतना का जागरण है. मोदी जी का जीवन संघर्षों से संकल्प और संकल्प से सिद्धि की अनुपम गाथा है. बाल्यकाल की कठिनाइयों और वंचनाओं ने उनके भीतर ऐसा आत्मबल, संवेदनशीलता और अटूट संकल्प गढ़ा, जिसने उन्हें राष्ट्र निर्माण की महान यात्रा के लिए तैयार किया.  जीवन के संघर्षों से शिक्षित और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में दीक्षित नरेंद्र मोदी जी ने कठिन परिस्थितियों में धैर्य, अनुशासन और समाज के प्रति समर्पण का पाठ ग्रहण किया. उनकी जीवन यात्रा केवल राजनीतिक सफलता की कहानी नहीं, बल्कि एक प्रेरक गाथा है, जिसमें प्रत्येक अनुभव राष्ट्रसेवा की सीख बनकर आगे आया. अपने सुदीर्घ सामाजिक जीवन में मोदी जी शुचिता, पारदर्शिता और प्रतिबद्धता का पर्याय बनकर उभरे हैं. “राष्ट्राय स्वाहा, इदं राष्ट्राय, इदं न मम” उनके हर कार्य के मूल में निहित है. 'संघर्षों का अनुभव…' वर्ष 2014 में भारत ने उन्हें प्रधानमंत्री चुना. यह चुनाव केवल सरकार का परिवर्तन नहीं था, बल्कि लोकचेतना के उदय का प्रतीक था. जनता ने एक ऐसे नेता को राष्ट्र की बागडोर सौंपी, जिसने स्वयं संघर्षों का अनुभव किया था और जो साधारण जन के जीवन की पीड़ा को समझता था. प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जी ने शासन को नई परिभाषा दी. उन्होंने नीति और कार्यक्रमों की आत्मा में ‘वंचित को वरीयता’ का भाव भरा. यही भाव ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र में प्रकट हुआ. दशकों तक योजनाओं से वंचित लोगों को सम्मान और अवसर देना ही उनके शासन का मूल बन गया. यही कारण है कि करोड़ों गरीब परिवारों को घर, शौचालय, गैस, बिजली और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं वास्तविकता बनीं. 'प्रत्येक नागरिक की जीवन गुणवत्ता में सुधार…' प्रधानमंत्री मोदी जी ने दीनदयाल उपाध्याय जी के ‘एकात्म मानववाद’ के दर्शन को अपने नीति निर्माण में आधार बनाया है. उनका मानना है कि विकास केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और मानविक दृष्टि से भी होना चाहिए. इसी दृष्टि से योजनाएं गरीब और वंचित तक पहुंचती हैं, महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाती हैं, और अंतिम नागरिक तक लाभ सुनिश्चित करती हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, डिजिटल क्रांति, और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलें इसी दर्शन का जीवंत प्रमाण हैं. मोदी जी का नेतृत्व यह सुनिश्चित करता है कि आर्थिक सुधार केवल आंकड़े और नीतियां न रहें, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जीवन गुणवत्ता में वास्तविक सुधार लाएं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदृष्टि ने भारतीय अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन की राह प्रशस्त की है. करों के संजाल से मुक्ति दिलाकर जीएसटी लागू करना, न केवल ‘वन नेशन, वन टैक्स’ की संकल्पना को साकार करता है, बल्कि पूरे देश में आर्थिक एकता, पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा की नई संस्कृति लेकर आया. इसके माध्यम से भारत का राष्ट्रीय बाज़ार एकीकृत हुआ, स्थानीय उत्पादों और उद्योगों को वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिला. यह केवल आर्थिक सुधार नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से समावेशी विकास का साधन भी बना और अब तो जीएसटी-नेक्स्ट जेनेरेशन रिफॉर्म ने तो व्यवसाय के लिए सरल और सुगम कर ढांचा प्रस्तुत किया, राज्य और केंद्र के राजस्व को संतुलित किया और निवेशकों का विश्वास बढ़ाया. आम भारतीय इन कर सुधारों का प्रत्यक्ष लाभार्थी है. 'भारत स्व से साक्षात्कार कर रहा…' मोदी जी का योगदान केवल विकास योजनाओं तक सीमित नहीं है. 'विकास भी-विरासत भी' के मंत्र के साथ मोदी जी के नेतृत्व में पूरा भारत में एक नवीन सांस्कृतिक पुनर्जागरण का साक्षी और सहभागी बन रहा है. भारत स्व से साक्षात्कार कर रहा है. कुत्सित राजनीति के कारण अपने ही देश में उपेक्षा और तुष्टीकरण का दंश झेलने को विवश सनातन आस्था गौरवान्वित हो रही है. कौन भूल सकता है 22 जनवरी 2024 का वह ऐतिहासिक अवसर जब पांच शताब्दियों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के भव्य मंदिर के निर्माण का संकल्प पूर्ण हुआ. आखिर भारत को इसी दिन की तो प्रतीक्षा थी. इस चिरप्रतीक्षा के पूरा होने का श्रेय आदरणीय मोदी जी को ही है. इसी प्रकार काशी-विश्वनाथ धाम का पुनरुद्धार, महाकाल लोक, केदारधाम पुनरोद्धार, काशी-तमिल संगमम जैसे आयोजनों के माध्यम से उत्तर और दक्षिण की सांस्कृतिक धाराओं को जोड़ना और सुनियोजित उपेक्षा और तिरस्कार से आहत पूर्वोत्तर को विकास की मुख्यधारा में लाना, ये सभी प्रयास भारत की एकात्म चेतना के पुनर्जागरण के प्रतीक बने हैं. 2014 में मोदी जी के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेने के साथ ही भारत की विदेश नीति में क्रांतिकारी परिवर्तन को दुनिया ने देखा और सराहा है. 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प के साथ भारत ने वैदेशिक संबंधों में बहुपक्षीय नीति को अपनाया है. सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और हाल में ऑपरेशन सिंदूर जैसी निर्णायक कार्रवाइयों ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति अडिग है. मोदी जी के नेतृत्व में देश के अंदर आर्थिक नीतियों ने भी एक नई कथा लिखी जा रही है. आधार, जनधन और मोबाइल की ट्रिनिटी ने डिजिटल क्रांति को जन्म दिया. आज भारत में UPI लेन-देन की नई परिभाषा गढ़ रहा है. मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान ने युवाओं को नयी उड़ान दी. ग्रामीण भारत में महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों ने आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखा. कृषि, उद्योग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी सभी क्षेत्रों में भारत ने अभूतपूर्व गति प्राप्त की. विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत ने अंतरिक्ष में चंद्रयान और गगनयान जैसे अभियानों के माध्यम से नित नए इतिहास रचे हैं. डिजिटल इंडिया के अंतर्गत भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल डेटा उपभोक्ता देश बन चुका … Read more

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से किया सेवा पखवाड़ा 2025 का शुभारंभ

पीएम मोदी के नेतृत्व में नया भारत बना दुनिया के लिए प्रेरणाः सीएम योगी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से किया सेवा पखवाड़ा 2025 का शुभारंभ सीएम योगी बोले- पीएम मोदी के नेतृत्व में बदला भारत का चेहरा, विरासत, विकास और सेवा का दिख रहा संगम  गरीबी से विरासत तक और महामारी प्रबंधन से कूटनीति तक मोदी मॉडल बना मिसालः मुख्यमंत्री  अयोध्या से काशी, केदारनाथ से महाकाल तक, धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार ने दुनिया में दिलाई नई पहचानः योगी  गरीबों की प्राथमिकता, महापुरुषों का सम्मान और वैश्विक नेतृत्व मोदी युग की विशेषताएंः योगी आदित्यनाथ  मुख्यमंत्री ने कहा- पीएम मोदी के नेतृत्व में गरीबों को मिली प्राथमिकता: 11 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए कोविड काल में भारत ने दुनिया को दिखाया बेहतरीन मॉडल, 9 महीने में वैक्सीन निर्माण कर दर्जनों देशों को दी मददः सीएम लखनऊ   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर लखनऊ से सेवा पखवाड़ा 2025 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें 25 करोड़ प्रदेशवासियों की ओर से जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा और इसमें समाज को जोड़ने वाले विविध रचनात्मक कार्य शामिल होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि सेवा पखवाड़ा का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पावन जन्मदिन से हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी केवल भारत के ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे दूरदर्शी और लोकप्रिय नेता हैं। आज पूरी दुनिया प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नए भारत का दर्शन कर रही है। जो भारत कभी पिछलग्गू माना जाता था, लेकिन आज अपने आत्मविश्वास से दुनिया को प्रेरित कर रहा है। 11 वर्षों की उपलब्धियां गढ़ रहीं हर क्षेत्र में नए प्रतिमान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलताएं हासिल की हैं। अर्थव्यवस्था, विरासत, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, नियुक्तियां, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि विकास, जल संसाधन जैसे तमाम क्षेत्रों में नए प्रतिमान स्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाएं, दलित और वंचित समाज को प्राथमिकता देने की वजह से हर नागरिक के जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है। यही वजह है कि बीते 11 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठ पाए हैं। रामलला से महाकाल लोक तक आस्था और विरासत का सम्मान  योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विरासत का सम्मान आज केवल घोषणा नहीं, बल्कि हकीकत है। अयोध्या में 500 वर्षों के बाद रामलला का भव्य मंदिर बना। काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्निर्माण वैश्विक जगत को आकर्षित कर रहा है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का कायाकल्प हुआ है। महाकाल लोक का निर्माण और अन्य धार्मिक स्थलों का सुंदरीकरण नए भारत की पहचान बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि जैसे महापुरुषों की स्मृतियों से जुड़े अनेक रचनात्मक कार्य किए गए हैं, जो सामाजिक न्याय और सामाजिक उत्थान की दिशा में मील का पत्थर साबित हुए हैं। कोविड प्रबंधन में भारत बना वैश्विक मॉडल मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कोविड काल के प्रबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया महामारी के सामने असहाय थी, तब भारत ने सबसे बेहतरीन कोविड प्रबंधन का उदाहरण प्रस्तुत किया। जहां 100 वर्षों में कोई वैक्सीन भारत तक नहीं पहुंच पाई, वहीं मोदी जी के नेतृत्व में सिर्फ 9 महीनों में कोविड वैक्सीन विकसित की गई। उन्होंने बताया कि न केवल भारतवासियों को मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध कराई गई, बल्कि दुनिया के दर्जनों मित्र देशों को भी फ्री में वैक्सीन देकर भारत ने बेहतरीन कूटनीतिक उदाहरण प्रस्तुत किया। इससे भारत संकट के समय सहयोगी के रूप में दुनिया के सामने मिसाल बनकर उभरा। स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में बड़ा अभियान मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा पखवाड़ा का पहला चरण "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार" अभियान है। इसके अंतर्गत महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, पोषण संबंधी कार्यक्रम और जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। लखनऊ से इसका शुभारंभ करते हुए इसे पूरे प्रदेश में आगे बढ़ाया जा रहा है। भारतीय जनता युवा मोर्चा हर जिले में रक्तदान शिविर आयोजित कर रहा है। आने वाले दिनों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, पीएचसी, सीएचसी, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य शिविर तथा जांच से जुड़े कार्यक्रम होंगे। इससे जरूरतमंदों को निशुल्क सुविधाओं का लाभ मिलेगा और आमजन को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता भी प्राप्त होगी। विकसित भारत 2047 का लक्ष्य योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश—ये सभी आपस में जुड़े हुए लक्ष्य हैं। इन्हें हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का विजन 2047 हमें मार्गदर्शन देता है। उन्होंने कहा कि इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में प्रबुद्ध जन सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। 19 और 20 सितंबर को होने वाले ये सम्मेलन हर जनप्रतिनिधि, मंत्री, सांसद और विधायक की सहभागिता से आगे बढ़ेंगे। युवाओं के लिए नमो मैराथन मुख्यमंत्री ने बताया कि 21 सितंबर को व्यापक जनजागरण के लिए "नमो मैराथन" का आयोजन उत्तर प्रदेश के 17 बड़े नगरों में किया जाएगा। इसमें हजारों युवा हिस्सा लेंगे। यह आयोजन फिट इंडिया मूवमेंट और विकसित भारत अभियान को मजबूती देगा। अंत्योदय से गांधी-शास्त्री जयंती तक मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 सितंबर को अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती बूथ स्तर पर पूरी भव्यता से मनाई जाएगी। इसके बाद यह कार्यक्रम निरंतर आगे बढ़ते हुए 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के साथ संपन्न होगा। इस अवसर पर खादी के प्रचार-प्रसार के कार्यक्रम होंगे और खादी वस्त्र को उपहार में देने की परंपरा को आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री के "वोकल फॉर लोकल" अभियान को भी बल मिलेगा। एमएसएमई और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत प्रदर्शनी और टूलकिट वितरण कार्यक्रम आयोजित होंगे। समाज को साथ लेकर सफलता की ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सेवा पखवाड़ा से जुड़े सभी संस्थान समाज को साथ लेकर इसे सफलता की ओर अग्रसर … Read more

अवैध ‘नॉनवेज’ होटल पर बुलडोजर, विरोध में उतरा मालिक बोला – लाठीचार्ज कर लो, नहीं हटूंगा

संभल  उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने एक अवैध रूप से संचालित 'नॉनवेज' होटल को ध्वस्त कर दिया. मोहम्मद सईदुद्दीन का यह होटल बिना नक्शा पास कराए चलाया जा रहा था. प्रशासन ने पहले नोटिस दिया था, लेकिन जब अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, तो बुलडोजर से इसे गिरा दिया गया. इस दौरान होटल संचालक और स्थानीय लोग विरोध करने के लिए इकट्ठा हो गए, जिससे मौके पर तनाव फैल गया.  क्यों चला बुलडोजर? बताया जा रहा है कि हयातनगर के सरायतरीन में मोहम्मद सईदुद्दीन द्वारा संचालित इस होटल का नक्शा पास नहीं था. संबंधित विभाग ने 12 जुलाई 2025 को होटल संचालक को अवैध निर्माण हटाने का नोटिस जारी किया था. इसके बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो नायब तहसीलदार और विनिमय क्षेत्र कार्यालय के अधिकारी बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे. उन्होंने आरबी एक्ट की धारा 10 के तहत कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया.  संचालक और प्रशासन में हुई तीखी बहस जब प्रशासन ने बुलडोजर से कार्रवाई शुरू की, तो होटल संचालक और वहां मौजूद भीड़ ने विरोध करना शुरू कर दिया. संचालक ने आरोप लगाया कि प्रशासन सत्ता के दबाव में काम कर रहा है और उनकी दुकान का मामला अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है. उसने यह भी कहा कि वह पुलिस से पिटने, मरने और जेल जाने के लिए तैयार है, लेकिन अपनी जगह नहीं छोड़ेगा. इसके बाद हयातनगर थाने की पुलिस और पीएसी को बुलाया गया ताकि हालात को संभाला जा सके.  प्रशासन ने दी कार्रवाई की जानकारी संभल के एसडीएम विकास चंद्र ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी है. उन्होंने कहा कि आरबी एक्ट की धारा 10 के तहत अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया है. एसडीएम ने यह भी बताया कि नोटिस पहले ही जारी कर दिया गया था और सुनवाई के बाद ही यह कदम उठाया गया. वहीं, होटल संचालक का आरोप है कि 50 साल से उस जमीन पर उसका कब्जा है और प्रशासन उसे पलायन करने के लिए मजबूर कर रहा है.  होटल संचालक का बयान  होटल संचालक ने कहा कि 50 साल से मेरा इसी जमीन पर कब्जा है. प्रशासन के द्वारा गलत तरीके से सत्ता के दबाव में जाकर कार्रवाई की गई है, जबकि मेरी दुकान का मुकदमा भी कोर्ट में विचार अधीन है. मौके पर मेरा जायज कब्जा है. नाजायज तरीके से बुलडोजर लेकर यहां पर अधिकारी आए हैं. लेकिन अब मैं पुलिस से पिटने के लिए, मरने के लिए और जेल जाने के लिए तैयार हूं, मगर यह जगह नहीं छोडूंगा.

मुख्यमंत्री ने की गड्ढामुक्ति, सड़क मरम्मत अभियान की विभागवार समीक्षा

मुख्यमंत्री का निर्देश, त्योहारों से पहले सभी सड़कें दुरुस्त हो जाएं मुख्यमंत्री ने की गड्ढामुक्ति, सड़क मरम्मत अभियान की विभागवार समीक्षा मुख्यमंत्री ने रेस्टोरेशन व विशेष मरम्मत में 2,750 किमी सड़कें चिन्हित, काम में तेजी के निर्देश गड्ढामुक्ति अभियान में अब तक 21.67% प्रगति, 44,196 किमी सड़कों का है लक्ष्य मुख्यमंत्री की चेतावनी, नगरीय अवस्थापना के कार्य समय पर और पारदर्शिता के साथ हों, अन्यथा महापौर के अधिकारों पर होगा पुनर्विचार उत्तर-दक्षिण कॉरीडोर की रूपरेखा पर भी हुआ विमर्श, बोले मुख्यमंत्री, बेहतर होगी कनेक्टिविटी और आर्थिकी को भी मिलेगा बल सड़क नवीनीकरण में पीडब्ल्यूडी ने 84.82% प्रगति दर्ज की, अन्य विभागों को भी गति बढ़ाने के निर्देश रेस्टोरेशन व विशेष मरम्मत में 2,750 किमी सड़कें चिन्हित, काम में तेजी के निर्देश त्योहारों के दृष्टिगत 114 मार्ग असंतोषजनक स्थिति में पाए गए, मुख्यमंत्री ने तुरंत सुधार कर सुचारु यातायात सुनिश्चित करने को कहा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मॉनसून वर्षा के कारण खराब हुईं सड़कों की मरम्मत और आवश्यकतानुसार पुनर्निर्माण के लिए जारी कार्यवाही को तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि हाई-वे हों या एक्सप्रेस-वे, ग्रामीण सड़कें हों या नगरीय क्षेत्र की सड़कें, दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली और छठ जैसे आगामी प्रमुख पर्वों से पहले सभी महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह अच्छी स्थिति में होनी चाहिए, ताकि आमजन को असुविधा न झेलनी पड़े। मुख्यमंत्री, मंगलवार को विभिन्न विभागों के साथ महत्वपूर्ण बैठक में सड़कों की मररमत, गड्ढामुक्ति अभियान आदि की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में अधिकारियों ने गड्ढा मुक्ति अभियान की कार्ययोजना के संबंध में अवगत कराया कि प्रदेश की कुल 6,78,301 सड़कों (लंबाई 4,32,989 किमी) में से 44,196 किमी को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में औसतन 21.67 प्रतिशत प्रगति दर्ज हुई है। मुख्यमंत्री ने एनएचएआई, मंडी परिषद, पीडब्ल्यूडी, ग्राम विकास, पंचायती राज, नगर विकास, सिंचाई, गन्ना एवं चीनी विकास सहित विभिन्न विभागों से अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि सभी विभाग लक्ष्य की प्राप्ति में समान गति बनाएं और कमजोर प्रगति वाले विभाग और बेहतर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की सड़कों की मरम्मत में तेजी की अपेक्षा जताई।  नगर विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगमों में अवस्थापना संबंधी कार्यों की धनराशि का समय से और सही उपयोग सुनिश्चित किया जाए। कार्य का आवंटन पारदर्शिता के साथ हो और कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो। अन्यथा की स्थिति में महापौरों के अधिकारों पर पुनर्विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिस भी नगर निगम में ईईएसएल का बकाया है, उसका तत्काल भुगतान करा दिया जाए।    सड़क नवीनीकरण कार्यों की समीक्षा में बताया गया कि 31,514 किमी लंबाई की सड़कों को इसमें शामिल किया गया है। लोक निर्माण विभाग ने इसमें 84.82 प्रतिशत प्रगति दर्ज की है। मुख्यमंत्री ने कहा किया कि नवीनीकरण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करना सभी विभागों की जिम्मेदारी है, इसमें कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बैठक में अवगत कराया गया कि रेस्टोरेशन एवं विशेष मरम्मत के अंतर्गत 2,750 किमी सड़कें चिन्हित की गई हैं। अधिकारियों ने जानकारी दी कि ग्रामीण विकास विभाग ने इसमें 62.99 प्रतिशत प्रगति दर्ज की है, नगर विकास विभाग ने 35.50 प्रतिशत और अवसंरचना एवं औद्योगिक विकास विभाग ने 48.77 प्रतिशत प्रगति दर्ज की है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 30 सितम्बर तक लोक निर्माण विभाग द्वारा सर्वे पूरा कर कार्ययोजना शासन को प्रस्तुत की जाए। त्योहारों को दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि 649 मार्ग संतोषजनक स्थिति में हैं, जबकि 114 मार्ग असंतोषजनक स्थिति में पाए गए हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन मार्गों को तत्काल सुधार कर सुचारु यातायात सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय सड़कों की स्थिति प्रदेश की छवि से जुड़ी होती है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रदेशवासियों की सुविधा और सुरक्षा से सीधे तौर पर जुड़ा है। इसलिए सभी विभागीय अधिकारी पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कार्यों की प्रगति की दैनिक निगरानी हो तथा शासन स्तर पर नियमित रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर के विकास की रूपरेखा पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में अधिकांश राजमार्ग और एक्सप्रेसवे पूर्व-पश्चिम दिशा में केंद्रित हैं, ऐसे में अब आवश्यकता है कि नेपाल सीमा से लेकर प्रदेश के दक्षिणी छोर तक फैले जिलों को जोड़ने वाला एक सुदृढ़ उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर तैयार किया जाए। इस उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) के अंतर्गत आने वाले हिस्सों में एनएचएआई का सहयोग लिया जाए और शेष मार्गों का निर्माण, सुदृढ़ीकरण तथा चौड़ीकरण राज्य स्तर पर कराया जाए। जहां आवश्यक हो, वहां ग्रीनफील्ड रोड परियोजनाएं प्रस्तावित की जाएं।

मतदाता सूची में नाम जोड़ने का आह्वान: नवदीप रिणवा ने दिया संदेश

लखनऊ  उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम), लखनऊ में उत्तर प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में प्रत्येक जनपद से एक सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं एक बूथ लेवल अधिकारी को निर्वाचक नामावली से संबंधित विधिक प्राविधानों, ईआरओ नेट, बीएलओ ऐप, विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की प्रक्रियाओं के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया।     मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि हर पात्र नागरिक का नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज हो, यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि निर्वाचक नामावली को त्रुटिरहित बनाये रखने के साथ समावेशी पंजीकरण सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं बूथ लेवल अधिकारियों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम-1960, मैनुअल ऑन इलेक्टोरल रोल-2023 में उल्लिखित विधिक दायित्वों, बीएलओ और सुपरवाइजरों के साथ समन्वय, निर्वाचक नामावली में दावे-आपत्तियों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, ईआरओ नेट और बीएलओ ऐप के तकनीकी पक्षों तथा फील्ड अनुश्रवण की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।      मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण प्राप्त एईआरओ तथा बीएलओ मास्टर टेªनर के रूप में अपने-अपने विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में अपने समकक्ष एवं अधीनस्थ एईआरओ, बीएलओ और सुपरवाइजरों को भी छोटे-छोटे समूहों में प्रशिक्षित करें, ताकि प्रत्येक स्तर पर प्रक्रिया की गुणवत्ता बनी रहे। उन्होंने मतदाताओं की सुविधा हेतु मतदेय स्थलों में नए अनुभागों के गठन के संबंध में परीक्षण कराते हुए नियमानुसार कार्यवाही किये जाने के भी निर्देश दिए।     आगामी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के संबंध में अवगत कराते हुए विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दृष्टिगत वर्ष 2003 की निर्वाचक नामावली को वर्ष 2025 की निर्वाचक नामावली के साथ मैपिंग किए जाने से संबंधित प्रक्रिया से अवगत कराया गया। बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना-प्रपत्र वितरित करने, भरने में सहयोग करने/एकत्रित करने/मतदाता का सत्यापन तथा उसे बीएलओ ऐप पर अपलोड करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।      पूर्व में प्रदेश के 75 जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं समस्त 403 विधानसभाओं के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को विभिन्न चरणांे में प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। आज के प्रशिक्षण सत्र के प्रत्येक जनपद में से एक एईआरओ तथा एक बीएलओ को मास्टर टेªनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है, जो अपने जनपद में अन्य समस्त एईआरओ तथा बीएलओ को प्रशिक्षण प्रदान करेगें। सम्पर्क सूत्रः सी0एल0 सिंह ——————-