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शामली ने यूपी ट्रेड शो में किया जनपद के लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा

सहारनपुर ग्रेटर नोएडा में चल रहे यूपी ट्रेड शो में शामली से शामिल 10 वर्षों से भी अधिक समय से निर्यात कर रही करियर व्हीलस प्राइवेट लि. सहित जनपद की 10 कंपनियां भाग ले रही हैं। इन कंपनियों के उत्पादों के प्रति ट्रेड शो में विदेशी व्यापारियों का रुझान बढ़-चढ़ कर हो रहा है। जबकि रिटेल सेल की बात करें तो कैराना के साधु स्वीट्स एवं अग्रवाल स्वीट्स पर रिटेल सेल रिकॉर्ड तोड़ रही है। जनपद शामली ने ट्रेड शो के लिए निर्धारित लक्ष्य को किया शत-प्रतिशत पूरा यूपी ट्रेड शो में शामली से सम्मिलित होने वाली कंपनियों में करियर व्हीलस प्राइवेट लिमिटेड, अमर स्प्लिंट्स प्राइवेट लिमिटेड, बेजरिका प्राइवेट लिमिटेड, कैरा डाइम हेल्थ केयर, एलएलपी, आरव एग्रो फूड्स, श्री आयुर्वेदिक संस्थान, अंकित हैंडलूम तथा एक जनपद एक व्यंजन में साधु स्वीट्स अग्रवाल स्वीट्स की स्टाल लगी है। जनपद शामली ने निर्धारित किए गए लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा किया है। साधु स्वीट्स का पलंग तोड़ पेड़ा व बर्फी विदेशी महमानों की बन रहे पहली पसंद साधु स्वीट्स के मालिक राकेश गर्ग ने बताया कि उनके स्टाल पर ट्रेड शो के पहले दिन से ही ग्राहकों की भारी भीड़ हो रही है। हालांकि उनकी स्टॉल पर सभी प्रकार की मिठाई हैं लेकिन ग्राहकों की पहली पसंद उनकी पलंग तोड़ बर्फी ब पलंग तोड़ पेड़ा बने हुए हैं। राकेश गर्ग कहते हैं कि प्रदेश सरकार के इस अभिनव प्रयास से उनके उत्पादन का स्वाद विदेशी मेहमानों तक भी पहुंच रहा है क्योंकि ट्रेड शो में अकेले हाल नंबर 17 में वियतनाम, रूस, बेलारूस तथा ऑस्ट्रिया के विदेशी व्यापारी ठहरे हैं जो भारत के इन व्यंजनों को काफी पसंद कर रहे हैं।  

कन्नौज के इत्र की खुशबू से महका ट्रेड शो, पांचवीं पीढ़ी ने संभाली विरासत

लखनऊ उत्तर प्रदेश में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और वहां रहने वाले लोगों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) निधि का योगी सरकार में व्यापक इस्तेमाल हो रहा है। वर्ष 2017 से अगस्त 2026 तक प्रदेश में इस निधि से कुल 8,397 परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं पर अब तक 1548 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। इसके जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे से लेकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के कल्याण तक विभिन्न क्षेत्रों में इन परियोजनाओं का सुधारात्मक असर दिखाई दे रहा है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के मुताबिक खनन से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए जिला खनिज फाउंडेशन निधि का उपयोग किया जा रहा है। इसके तहत अवैध खनन और परिवहन पर रोक के लिए चेकिंग रोड का निर्माण और समय-समय पर मरम्मत, वृक्षारोपण व रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्य भी कराए गए हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष जोर योगी सरकार के पिछले 9 वर्षों से अधिक में डीएमएफ निधि से प्रत्येक जनपद में शिक्षा से जुड़ी 3,419 परियोजनाओं के तहत प्राथमिक विद्यालयों का जीर्णोद्धार कराया गया। स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं, स्पेस लैब, कंप्यूटर सिस्टम समेत आधुनिक सुविधाएं व तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराए गए। वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में 323 परियोजनाओं के तहत अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आधुनिक एवं नवीन उपकरण उपलब्ध कराकर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया गया है। गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण खनन प्रभावित क्षेत्रों में 516 भौतिक अवस्थापना परियोजनाओं के तहत सामुदायिक भवनों का निर्माण और जीर्णोद्धार कराया गया है। इसके साथ ही ग्रामीण विकास, स्वच्छता, सौर प्रकाश, पेयजल, कृषि और सिंचाई से जुड़ी परियोजनाएं भी संचालित हैं। महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए 3,070 परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, वजन मापने की मशीन, लंबाई मापने के लिए टेप जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। वहीं बुजुर्गों के लिए रात्रि केंद्र, किचन और हैंडपंप जैसी सुविधाओं पर भी काम किया गया। पैदल यात्रा के लिए फुटपाथ निर्माण जैसी योजनाएं भी जिला खनिज फाउंडेशन के माध्यम से कई जनपदों में पूरी हो गईं हैं। कौशल विकास से रोजगार के अवसर प्रदेश में खनन प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं और अन्य लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण, डेयरी फार्मिंग में रोजगार सृजन, कौशल विकास प्रशिक्षण और सिलाई प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है।

सातवीं सदी की गंगा की प्रतिमा से प्रेम मंदिर तक बयां कर रहे यूपी का गौरवशाली वैभव

ग्रेटर नोएडा सातवीं सदी की गंगा की प्रतिमा से लेकर दसवीं सदी की गरुणारूढ़ लक्ष्मी नारायण और 12वीं सदी की सरस्वती की मूर्ति… उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में संस्कृति विभाग का आउटलेट प्रदेश की सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को सामने ला रहा है। इंडिया एक्सपो मार्ट में सजी प्रदर्शनी में प्राचीन मूर्तियों, डिजिटल पांडुलिपियों, चित्रों और ऐतिहासिक स्थलों की प्रतिकृतियों के जरिए उत्तर प्रदेश की कला और संस्कृति के विभिन्न कालखंडों को प्रदर्शित किया गया है। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। आउटलेट का मुख्य द्वार प्रेम मंदिर के मुख्य द्वार और ब्रह्मांड द्वार की प्रतिकृति के रूप में तैयार किया गया है, जो आगंतुकों के लिए आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बना हुआ है। सातवीं से 12वीं सदी तक की मूर्तियां बनीं आकर्षण प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त प्राचीन प्रतिमाओं को प्रदर्शित किया गया है। मिर्जापुर से प्राप्त दसवीं सदी की गरुणारूढ़ लक्ष्मी नारायण की मूर्ति, सुल्तानपुर से मिली 11वीं सदी की भगवान विष्णु की प्रतिमा, कानपुर के रानीपुर से प्राप्त दसवीं सदी की महेश्वर की मूर्ति, अल्मोड़ा से मिली 11वीं सदी की भगवान विष्णु की प्रतिमा और गोरखपुर से प्राप्त 12वीं सदी की सरस्वती की मूर्ति लोगों का ध्यान खींच रही है। सातवीं सदी की गंगा की प्रतिमा भी विशेष आकर्षण बनी हुई है। इन प्रतिमाओं के जरिए अलग-अलग कालखंडों में विकसित भारतीय शिल्पकला, धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक जीवन की झलक दिखाई गई है। विद्यार्थियों और युवाओं में इन प्राचीन धरोहरों को लेकर विशेष जिज्ञासा देखी जा रही है। कई युवा मूर्तियों के इतिहास और उनके निर्माण काल से जुड़ी जानकारी भी ले रहे हैं। प्रेम मंदिर की प्रतिकृति पर सेल्फी का क्रेज ब्रज की सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शनी में विशेष स्थान दिया गया है। आउटलेट के प्रवेश द्वार को प्रेम मंदिर के मुख्य द्वार और ब्रह्मांड द्वार की प्रतिकृति के तौर पर तैयार किया गया है। इसकी भव्य संरचना आगंतुकों को आकर्षित कर रही है और यहां लोग तस्वीरें खींचने के साथ सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं। इस तरह यह द्वार प्रदर्शनी के सांस्कृतिक संदेश के साथ आकर्षण का केंद्र भी बन गया है। नई दिल्ली से प्रदर्शनी देखने पहुंचीं कक्षा 11 की छात्रा आयुषी ने बताया कि उन्होंने अब तक ऐसी प्राचीन मूर्तियां पाठ्यपुस्तकों में चित्रों के रूप में ही देखी थीं। यहां उन्हें इन्हें सामने से देखने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनी से विद्यार्थियों को भारतीय और सनातन संस्कृति को करीब से समझने में मदद मिलती है। रसखान की समाधि से गोवर्धन तक दिखे सांस्कृतिक स्थल राज्य ललित कला अकादमी की ओर से विभिन्न चित्रकारों की कलाकृतियां भी प्रदर्शित की गई हैं। चित्रों में सांस्कृतिक विरासत के साथ वर्तमान समय की कला को भी स्थान दिया गया है। यहां चित्रकार मौके पर ही आगंतुकों के पोर्ट्रेट तैयार कर रहे हैं। इससे प्रदर्शनी में कला की प्रस्तुति को जीवंत रूप मिल रहा है। अलग-अलग कालखंडों की पांडुलिपियों को डिजिटल फ्रेम में प्रदर्शित किया गया है। इसके माध्यम से युवा पीढ़ी पुरानी ज्ञान परंपरा और ऐतिहासिक सामग्री को आधुनिक तकनीक के जरिए देख और समझ पा रही है। प्रदर्शनी में मथुरा के महावन स्थित रसखान की समाधि, गोवर्धन के कुसुंबा सरोवर और मिर्जापुर के सारनाथ मंदिर की प्रतिकृतियां भी तैयार की गई हैं। संस्कृति विभाग के प्राविधिक सहायक (संस्कृत) हरिश्चंद्र दुबे ने बताया कि प्राचीन संस्कृति से जुड़ी वस्तुओं को देखकर युवाओं में काफी उत्साह है। मूर्तियों, चित्रों और डिजिटल पांडुलिपियों को देखकर वे उनके इतिहास और सांस्कृतिक महत्व से जुड़े सवाल पूछ रहे हैं। विभाग की ओर से उन्हें जानकारी दी जा रही है, ताकि नई पीढ़ी प्रदेश और देश की सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझ सके।

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश से बदला मौसम, पूर्वी-पश्चिमी यूपी के कई जिलों में अलर्ट

 लखनऊ  भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बने लो प्रेशर एरिया के कारण राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव आया है। पूर्वी यूपी में हुई मूसलाधार बारिश पिछले 24 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में असाधारण और अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई है। फर्रुखाबाद में सबसे अधिक 32 सेमी बारिश हुई जबकि गोरखपुर में 23 सेमी, लखीमपुर खीरी में 19 सेमी और महराजगंज में 19 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, कन्नौज, अयोध्या, बहराइच, लखनऊ और आजमगढ़ जैसे जिलों में भी भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी खूब बरसे बदरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। मुरादाबाद में 18 सेमी, बरेली में 17 सेमी, कासगंज में 15 सेमी, रामपुर में 15 सेमी, संभल और बिजनौर में 14 सेमी और मैनपुरी व शाहजहांपुर में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी यूपी में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई है। वाराणसी, बलिया, गोरखपुर, मीरजापुर और सोनभद्र समेत कुछ जिलों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। पश्चिमी यूपी में भी भारी बारिश का अनुमान मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जिलों में भारी बारिश होने की आशंका है। इसके साथ ही तापमान में भी थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि, आने वाले कुछ घंटों के दौरान मौसम प्रणाली धीरे-धीरे कमजोर हो जाएगी और बारिश का दौर थम सकता है। किसानों के लिए एडवाइजरी बारिश और तेज हवाओं के चलते बागवानी, कटी हुई फसलों और खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका जताई गई है। कृषि मौसम विभाग ने किसानों को धान, मक्का, गन्ना, अरहर और सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी की तत्काल जल निकासी करने की सलाह दी है।  

प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध मौत, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस; कई एंगल से जांच

मथुरा मथुरा के वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे बाराह घाट मार्ग स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम की छत से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई। उन्हें आनन-फानन में निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस बीच घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें वह अचानक आश्रम की छत से सड़क पर गिरते दिखाई दे रहे हैं। घटना के समय सड़क पर लोगों की आवाजाही थी। कुछ लोग साइकिल से गुजर रहे थे और एक साइकिल सवार के सामने ही दीपक के गिरने से वह चौंक गया। उसके पीछे आ रहा दूसरा साइकिल सवार भी रुक गया। इसी दौरान सामने से एक चार पहिया वाहन भी गुजर रहा था। घटना के बाद आसपास हड़कंप मच गया। अब सवाल उठ रहे हैं कि दीपक ने सुसाइड किया या फिर मामला कुछ और है। चौथी मंजिल से गिरने से वीडियो सामने आया प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक पटेल उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत की गुत्थी सुलझाने में पुलिस जुट गयी है। जो दिख रहा है, उस पर तो पुलिस जांच कर ही रही है। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है कि कहीं कुछ ऐसा तो नहीं है जो अभी नजर नहीं आया हो। जो सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिले हैं, उन्हें जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। यही नहीं ऐसी भी आशंका है कि घटना के समय मृतक किसी ड्रग्स के प्रभाव में तो नहीं था। इसलिए उसके रक्त का नमूना जांच के लिए भेजा गया है। प्राइवेट पार्ट कैसे कटा? कोई सामान्य व्यक्ति कैसे अपने प्राइवेट पार्ट को ग्राइंडर से काट सकता है, यह बात किसी के गले नहीं उतर रही। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जो सीसीटीवी फुटेज आश्रम के मिले हैं, उसे देखकर आश्चर्यचकित होना स्वाभाविक है। इन फुटेज के अनुसार रसिक दुलारी शरण कक्ष से निकलता दिखता है। उस समय एक धोती वह लपेटे हुए है, जिस पर खून दिख रहा है और एक धोती वह आगे की ओर किए हुए है, जिससे उसके आगे का हिस्सा दिख न सके। वह सीढ़ियों की ओर जाता दिखता है और छत पर पहुंच जाता है। वह पैर चौड़ाकर चल रहा होता है। छत पर पहुंचकर वह बाउंड्री पर बैठ जाता है। सीसीटीवी फुटेज की जांच में जुटी पुलिस पुलिस सूत्रों के अनुसार समूचे घटनाक्रम, सीसीटीवी और परिस्थितियों को देखते हुए रक्त नमूने जांच को भेजे गए हैं, ताकि यह पता चल सके कि उस समय मृतक किसी ड्रग्स के प्रभाव में तो नहीं था। हालांकि यह संतों का आश्रम है लेकिन जांच में सभी एंगल ध्यान में रखे जा रहे हैं। इसके अलावा पुलिस ने आश्रम से सीसीटीवी फुटेज कलेक्ट कर लिए हैं और उनको फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनसे कोई छेड़छाड़ तो नहीं हुई।

योगी सरकार में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास को नई रफ्तार, 1548 करोड़ रुपये से 8,397 परियोजनाएं ला रहीं बदलाव

लखनऊ उत्तर प्रदेश में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और वहां रहने वाले लोगों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) निधि का योगी सरकार में व्यापक इस्तेमाल हो रहा है। वर्ष 2017 से अगस्त 2026 तक प्रदेश में इस निधि से कुल 8,397 परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं पर अब तक 1548 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। इसके जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे से लेकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के कल्याण तक विभिन्न क्षेत्रों में इन परियोजनाओं का सुधारात्मक असर दिखाई दे रहा है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के मुताबिक खनन से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए जिला खनिज फाउंडेशन निधि का उपयोग किया जा रहा है। इसके तहत अवैध खनन और परिवहन पर रोक के लिए चेकिंग रोड का निर्माण और समय-समय पर मरम्मत, वृक्षारोपण व रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्य भी कराए गए हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष जोर योगी सरकार के पिछले 9 वर्षों से अधिक में डीएमएफ निधि से प्रत्येक जनपद में शिक्षा से जुड़ी 3,419 परियोजनाओं के तहत प्राथमिक विद्यालयों का जीर्णोद्धार कराया गया। स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं, स्पेस लैब, कंप्यूटर सिस्टम समेत आधुनिक सुविधाएं व तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराए गए। वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में 323 परियोजनाओं के तहत अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आधुनिक एवं नवीन उपकरण उपलब्ध कराकर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया गया है। गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण खनन प्रभावित क्षेत्रों में 516 भौतिक अवस्थापना परियोजनाओं के तहत सामुदायिक भवनों का निर्माण और जीर्णोद्धार कराया गया है। इसके साथ ही ग्रामीण विकास, स्वच्छता, सौर प्रकाश, पेयजल, कृषि और सिंचाई से जुड़ी परियोजनाएं भी संचालित हैं। महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए 3,070 परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, वजन मापने की मशीन, लंबाई मापने के लिए टेप जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। वहीं बुजुर्गों के लिए रात्रि केंद्र, किचन और हैंडपंप जैसी सुविधाओं पर भी काम किया गया। पैदल यात्रा के लिए फुटपाथ निर्माण जैसी योजनाएं भी जिला खनिज फाउंडेशन के माध्यम से कई जनपदों में पूरी हो गईं हैं। कौशल विकास से रोजगार के अवसर प्रदेश में खनन प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं और अन्य लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण, डेयरी फार्मिंग में रोजगार सृजन, कौशल विकास प्रशिक्षण और सिलाई प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है।

भारत की बदलती व्यापार नीति ने उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के लिए खोले वैश्विक बाजारों के नए अवसर: भूपेंद्र चौधरी

ग्रेटर नोएडा  उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि भारत की बदलती व्यापार नीति ने उत्तर प्रदेश के उद्यमियों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए वैश्विक बाजारों के नए अवसर खोले हैं। भारत द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौतों से टेक्सटाइल, लेदर, इंजीनियरिंग गुड्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, फार्मास्यूटिकल्स तथा ओडीओपी जैसे क्षेत्रों को लाभ मिल सकता है। 'लीवरेजिंग इंडियाज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स फॉर ग्लोबल बिजनेस ग्रोथ' सेशन में उन्होंने कहा कि मुरादाबाद का पीतल, भदोही के कालीन, अलीगढ़ के ताले और कन्नौज का इत्र जैसे उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों में वैश्विक बाजार में अपनी पहचान मजबूत करने की क्षमता है। प्रदेश के विशाल एमएसएमई आधार, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और ई-इकोनॉमिक एक्सपोर्ट हब तथा लॉजिस्टिक सुविधाओं के विकास से निर्यातकों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है। उन्होंने उद्यमियों और निर्यातकों से भारत के व्यापार समझौतों से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि गुणवत्ता, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता के बल पर उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़कर ‘लोकल से ग्लोबल’ की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। यूपीआईटीएस नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर: नंद गोपाल गुप्ता नंदी औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि यूपीआईटीएस नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर है, जो प्रदेश की स्थानीय ताकत, कारीगरों के हुनर और उद्यमियों की प्रतिभा को वैश्विक अवसरों से जोड़ने का प्रभावी मंच बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के व्यापार एवं औद्योगिक क्षेत्र को नई गति मिली है। वर्ष 2023 में शुरू हुआ यूपीआईटीएस अपने चौथे संस्करण तक पहुंच चुका है और इसमें विदेशी खरीदारों, प्रदर्शकों तथा विभिन्न देशों की भागीदारी प्रदेश की बढ़ती वैश्विक व्यापारिक पहुंच को दर्शाती है।  उन्होंने कहा कि यूपीआईटीएस के माध्यम से ओडीओपी, हस्तशिल्प, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, लेदर, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिल रहा है। भारत के विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौतों और एफटीए से निर्यातकों के लिए नए अवसर खुले हैं, जिनका लाभ उत्तर प्रदेश के उद्यमी उठा सकते हैं। प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रतिभाशाली युवाओं की उपलब्धता इसकी बड़ी ताकत है। जापान, वियतनाम, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस जैसे देशों की भागीदारी यूपीआईटीएस की वैश्विक पहुंच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ते हुए विकसित भारत की विकास यात्रा में मजबूत भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

देवीपाटन मंडल के चार जिलों के बच्चों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजी आभार भरी चिट्ठियां

लखनऊ किसी ने फूलों से चिट्ठी सजाई, किसी ने अपनी नई स्टडी टेबल का चित्र बनाया तो किसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के साथ ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश उकेरा। देवीपाटन मंडल में एक लाख बच्चों को मिली स्टडी टेबल अब उनके घर में पढ़ाई का अपना छोटा सा कोना बन रही है। इस पहल से खुश बच्चों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने हाथों से पत्र लिखकर धन्यवाद दिया है। इन मासूम चिट्ठियों में सरकारी योजना के आंकड़ों से इतर बच्चों की वह खुशी दिखाई देती है, जो घर में पढ़ाई के लिए अपनी स्टडी टेबल मिलने से उनके जीवन में आई है। स्वाती ने लिखा- स्टडी टेबल पाकर काफी प्रसन्न हूं स्टडी टेबल पाने वाली स्वाती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे अपने पत्र में खुशी जाहिर की है। उसने लिखा कि उसे स्टडी टेबल और पढ़ने की सामग्री दी गई है, जिसके लिए वह दिल से धन्यवाद करती है। स्वाती ने बताया कि वह प्रतिदिन स्टडी टेबल पर पढ़ाई करती है और मिली सामग्री का उपयोग करती है। उसने अपने पत्र को फूलों से सजाने के साथ नीचे स्टडी टेबल, किताब और पेंसिल का चित्र भी बनाया है। सबा की खुशी- अब मेरी पीठ भी दर्द नहीं करती कक्षा छह की छात्रा सबा की चिट्ठी स्टडी टेबल से उसकी रोजमर्रा की पढ़ाई में आए बदलाव को बयां करती है। मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए सबा ने लिखा कि पहले उसे घर पर पढ़ाई करने में बहुत असुविधा होती थी। अब स्टडी टेबल मिलने से उसे पढ़ने में सहूलियत हुई है। अपनी मासूम भाषा में उसने लिखा कि अब उसकी पीठ भी दर्द नहीं करती। पत्र के साथ सबा ने स्टडी टेबल का चित्र भी बनाया और ‘सब पढ़ें-सब बढ़ें’ का संदेश लिखा। नुजहत फातिमा ने लिखा- अब पहले से अधिक एकाग्र होकर पढ़ रही हूं कक्षा सात की नुजहत फातिमा ने मुख्यमंत्री के नाम नीले चार्ट पेपर पर ‘आभार पत्र’ तैयार किया। नुजहत ने लिखा कि स्टडी टेबल मिलने से उसे पढ़ाई का अच्छा वातावरण मिला है। इससे पढ़ाई में उसकी रुचि बढ़ी है और वह पहले की तुलना में अधिक एकाग्र होकर पढ़ पा रही है। उसने यह भी लिखा कि गृहकार्य पूरा करने और पढ़े हुए पाठ को दोहराने में वह स्टडी टेबल का इस्तेमाल कर रही है। पत्र में रंगीन पेंसिलों के साथ पढ़ती हुई छात्रा का चित्र बनाकर उसने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। बच्चों ने कागज पर उतारी खुशी, CM योगी के बनाए चित्र बच्चों के आभार पत्र केवल शब्दों तक सीमित नहीं हैं। कई छात्र-छात्राओं ने पूरी रचनात्मकता के साथ पोस्टर तैयार किए हैं। एक बच्चे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा चित्र बनाया और दोनों ओर ‘बेटी बचाओ’ और ‘बेटी पढ़ाओ’ लिखा। नीचे स्टडी टेबल प्राप्त करती छात्रा का चित्र बनाया गया है। एक अन्य पोस्टर में स्कूल के गेट पर छात्रा को टेबल सौंपते दिखाते हुए लिखा गया ‘बेटी पढ़ेगी, आगे बढ़ेगी, उत्तर प्रदेश का नाम बढ़ाएगी।’ एक बच्चे ने बड़े अक्षरों में ‘Thank You’ लिखकर मुख्यमंत्री, छात्रा और स्टडी टेबल को एक साथ चित्रित किया। एक लाख मेधावी बच्चों के घर पहुंची पढ़ाई की मेज मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि देवीपाटन मंडल के चार जिलों में ‘शिक्षा की उड़ान’ स्टडी टेबल वितरण अभियान के तहत एक लाख टेबल बांटने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे शत-प्रतिशत पूरा किया गया है। अभियान का उद्देश्य घर पर अनुशासित पढ़ाई की संस्कृति विकसित करने के साथ सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना है। मेधावी विद्यार्थियों को स्टडी टेबल उपलब्ध कराकर कक्षा के बाहर भी निरंतर और एकाग्र अध्ययन के लिए जगह उपलब्ध कराने की पहल की गई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण परिवेश के बच्चों को स्टडी टेबल दी गई है, जो अब उनका पर्सनल स्टडी स्पेस बन चुका है।  बहराइच में सबसे ज्यादा 34,260 टेबल का वितरण मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के अनुसार अभियान में सबसे अधिक बहराइच में 34,260 टेबल दी गईं। इसके बाद गोंडा में 27,650, बलरामपुर में 26,984 और श्रावस्ती में 11,106 स्टडी टेबल का वितरण किया गया। इस तरह मंडल ने एक लाख टेबल का निर्धारित लक्ष्य पूरा किया। मेधावी छात्रों के साथ कस्तूरबा की सभी छात्राओं को लाभ उन्होंने बताया कि ‘शिक्षा की उड़ान’ अभियान में सरकारी विद्यालयों के सर्वोच्च प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्टडी टेबल देने की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की सभी छात्राओं को लाभार्थियों में शामिल किया गया है। इसे सतत अभियान के रूप में तैयार किया गया है, ताकि भविष्य में भी टॉपर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जा सके।

उत्तर प्रदेश में बारिश-आंधी का कहर, 60 घंटे में 56 लोगों की मौत; 107 पशुहानि की सूचना

लखनऊ  यूपी में पिछले 48 घंटों से ज्यादा समय से बारिश जारी है। तेज हवाओं और बारिश ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। कई किसानों की खेतों में खड़ी धान की फसलें बर्बाद हो गई हैं। कई जगहों पर मकान ही गिर गए हैं। जिसको देखते हुए यूपी सरकार ने सभी अफसरों को फील्ड में रहकर पीड़ितों को हर संभव मदद के निर्देश दिए गए हैं। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों एवं अपर जिलाधिकारियों से संवाद कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। राहुल आयुक्त ने सभी डीएम, एडीएम एवं आपदा विशेषज्ञों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावी निगरानी करने तथा उच्च प्राथमिकता के आधार पर राहत सामग्री एवं सहायता राशि का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राहत आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिलाधिकारियों को अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं की जानकारी लेने तथा आवश्यक सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए समय-सीमा निर्धारित करते हुए कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है। यूपी में सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक वर्षा राहत आयुक्त ने बताया कि 25 सितम्बर से 27 सितम्बर की सुबह तक प्रदेश में 66.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 7.6 मिमी है। इस प्रकार प्रदेश में वर्षा सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 75 जनपदों में से 56 जनपदों में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि फर्रूखाबाद में सामान्य से 7385 प्रतिशत, कन्नौज में 5664 प्रतिशत, शाहजहांपुर में 4408 प्रतिशत, हमीरपुर में 4240 प्रतिशत तथा महोबा में 4100 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। 56 जनहानि, 107 पशुहानि एवं 1021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना राहत आयुक्त ने बताया कि पिछले 60 घंटों में अतिवृष्टि एवं आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 56 जनहानि, 107 पशुहानि तथा 1021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त 46 व्यक्तियों के घायल होने की सूचना है। जनहानि के मामलों में सीतापुर में 7, लखीमपुर खीरी में 5, बहराइच में 5, बलरामपुर में 5, अयोध्या में 4 तथा गोरखपुर में 4 जनहानि की सूचना प्राप्त हुई है। घायलों में हरदोई में 7, मैनपुरी में 5, श्रावस्ती में 5 तथा बाराबंकी में 5, जबकि सीतापुर एवं लखीमपुर खीरी में 3-3 घायल होने की सूचना है। पशुहानि के मामलों में हरदोई में 28, सीतापुर में 16, कन्नौज में 14, बहराइच में 7, कानपुर देहात में 7 तथा उन्नाव में 6 पशुहानि की सूचना प्राप्त हुई है। मकान क्षति के मामलों में हरदोई में 272, सीतापुर में 108, चंदौली में 75, औरैया में 60, गोंडा में 54, हमीरपुर में 51, शाहजहांपुर में 47 तथा बहराइच में 44 मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। फसल क्षति का तत्काल आकलन कर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश राहत आयुक्त ने फसल क्षति का तत्काल सर्वेक्षण एवं आकलन कर नियमानुसार मुआवजा प्रदान करने की कार्यवाही सर्वाेच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए आवश्यकता के अनुसार वैकल्पिक आवास की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां आवश्यक हो, पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार आवास योजनाओं से लाभान्वित कराने की कार्रवाई की जाए। राहत आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों को राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई से नियमित रूप से अवगत कराया जाए। राहत आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों में त्वरितता, संवेदनशीलता एवं समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रभावित परिवारों को हरसंभव आवश्यक सहायता समय से उपलब्ध कराई जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचें राहत आयुक्त ने बताया कि जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव दलों द्वारा लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के साथ ही आवश्यक सहायता एवं राहत उपलब्ध कराई जा रही है। आमजन से अपील है कि जल प्रभावित एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचें। जलभराव, नदियों एवं नालों के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। आपातकालीन सहायता हेतु राहत आयुक्त कार्यालय की हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क करें।

सरधना के किसान का 29 लाख रुपये से अधिक पहुंचा फूल उत्पादन का कारोबार

ग्रेटर नोएडा  इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में मेरठ की खेती और कृषि आधारित उद्यमिता लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। उद्यान विभाग के आउटलेट पर मेरठ के किसानों की पॉलीहाउस में तैयार फसल, फूल और शहद के उत्पादों को देखकर देश-विदेश से आए खरीदार और आगंतुक जानकारी ले रहे हैं। जरबेरा और गुलाब के फूलों के साथ कमल ककड़ी, शिमला मिर्च और बैंगन जैसी फसलों ने लोगों का ध्यान खींचा है। खास बात यह है कि प्रदर्शनी में उत्पादों के प्रदर्शन के साथ किसानों को नए बाजार और कारोबार के अवसर भी मिल रहे हैं। सरधना तहसील के खेड़ा गांव निवासी रविन्द्र कुमार पांच एकड़ क्षेत्र में पॉलीहाउस के माध्यम से फल और सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने संरक्षित खेती को अपनाया। इससे उनके कृषि कारोबार का सालाना आंकड़ा 29 लाख रुपये से अधिक पहुंच गया है। उनके पॉलीहाउस में 300 से 400 ग्राम तक वजन वाली पीली, हरी और लाल शिमला मिर्च तैयार हो रही है। इस फसल की दिल्ली की आजादपुर मंडी में मांग है। ट्रेड शो ने बढ़ाई फूलों की मांग, कंपनियों ने संपर्क किया रविन्द्र कुमार ने बताया कि वह पिछले वर्ष भी ट्रेड शो में शामिल हुए थे। प्रदर्शनी में अपने उत्पादों को बाजार और खरीदारों के सामने रखने से उन्हें नई पहचान मिली। इस बार भी कई इवेंट कंपनियों ने जरबेरा और गुलाब के फूलों की आपूर्ति के लिए उनसे संपर्क किया है। कुछ कंपनियों की ओर से समझौता ज्ञापन (एमओयू) के लिए भी बातचीत की गई है। उनका कहना है कि सरकार की योजनाओं से किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक और बाजार आधारित उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने भी उद्यान विभाग के आउटलेट का निरीक्षण कर किसानों के उत्पाद देखे और उनका उत्साहवर्धन किया। आउटलेट पर मेरठ की फसलों के साथ कृषि से जुड़े अन्य उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए हैं। मेरठ के शहद को मिला अंतरराष्ट्रीय बाजार उद्यान विभाग के आउटलेट पर मेरठ के रेनट्रॉव नैचुरल के शहद उत्पाद भी लोगों की रुचि का केंद्र बने हुए हैं। युवा उद्यमी राखी अघेरा और उनके भाई भारत अघेरा ने बताया कि पिछले वर्ष उनकी कंपनी को इंडोनेशिया, मलेशिया और वियतनाम से 46 टन शहद का आर्डर मिला था। ट्रेड शो में इस बार भी उन्हें नए कारोबार और बेहतर आर्डर मिलने की उम्मीद है। आउटलेट की व्यवस्था में लगे वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक संजय सिंह ने कहा कि मेरठ के किसानों और कृषि उद्यमियों के लिए ट्रेड शो केवल उत्पादों के प्रदर्शन का मंच नहीं, बल्कि सीधे खरीदारों और कारोबारी संस्थानों से संपर्क का अवसर भी बन रहा है। पॉलीहाउस की सब्जियों और फूलों से लेकर शहद तक, मेरठ के उत्पाद यहां खेती को बाजार से जोड़ने की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं।