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देवरिया में सीएम योगी ने ₹655 करोड़ की 19 परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास

देवरिया  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को देवरिया में ₹655 करोड़ की लागत से 19 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करते हुए कहा कि उनकी सरकार समस्याओं को टालने वाली नहीं, बल्कि समाधान देने वाली सरकार है। हम समस्याएं नहीं, समाधान देते हैं, तभी जनता जनार्दन हमें चुनती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और उत्तर प्रदेश ने विकास की नई गति पकड़ी है और अब विकास की यह यात्रा रुकने वाली नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद देश ने नए भारत का दर्शन किया है। प्रधानमंत्री मोदी जी के विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता दी, क्योंकि गति जितनी तेज होगी, विकास का लाभ उतनी ही तेजी से आम जनता तक पहुंचेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही से कहा कि कुशीनगर में कृषि विश्वविद्यालय का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और नए सत्र से इसे शुरू करने की तैयारी की जाए। यह विश्वविद्यालय किसानों को आधुनिक तकनीक, कम लागत और अधिक उत्पादन की दिशा में नई राह दिखाएगा।  देवरिया अब फोर लेन कनेक्टिविटी से जुड़ चुका मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह गोरखपुर से सांसद थे, तब उन्हें अक्सर देवरिया आना पड़ता था। उस समय प्रदेश में अराजकता, उत्पीड़न और तुष्टीकरण की राजनीति थी। गोरखपुर से देवरिया तक सड़कें बदहाल थीं, कई हिस्सों में सिंगल लेन मार्ग था और चौरी-चौरा रेलवे क्रॉसिंग पर घंटों जाम लगता था। लेकिन आज वही देवरिया फोर लेन कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है। यहां से गोरखपुर पहुंचने का समय घट गया है। देवरिया से बलिया तक सड़क परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं। देवरिया-कसया फोर लेन मार्ग और बाईपास बनने से न केवल यातायात आसान होगा, बल्कि यह नॉर्थ-साउथ कनेक्टिविटी का बड़ा हिस्सा बनेगा। यह मार्ग देवरिया को मऊ, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, वाराणसी व लखनऊ से जोड़ेगा और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से भी लिंक होगा। इससे पूर्वांचल की कनेक्टिविटी नई ऊंचाई पर पहुंचेगी। बिना बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास संभव नहीं सीएम योगी ने कहा कि अच्छी सड़कें, फ्लाईओवर, पुल और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ही रोजगार व निवेश की नींव होते हैं। इसी सोच के तहत देवरिया से कसया, बरहज मार्ग, फ्लाईओवर और अन्य पुलों के लिए सरकार ने धनराशि स्वीकृत की है। यह सिर्फ शुरुआत है, अंत नहीं। देवरिया में बाईपास निर्माण तेजी से चल रहा है और सभी विकास परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाएगा। जनता से जुड़े हर प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दी जा रही है। हाल में पीडब्ल्यूडी की कार्ययोजना को लेकर सांसदों-विधायकों के साथ बैठक में सभी आवश्यक परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज, आईटीआई और स्किल डेवलपमेंट पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ वर्ष पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि देवरिया में मेडिकल कॉलेज बनेगा, लेकिन आज महर्षि देवरहा बाबा के नाम पर सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहा है। जल्द ही नए जिला अस्पताल के निर्माण की दिशा में भी कार्य होगा। आईटीआई सिर्फ तकनीकी संस्थान नहीं, बल्कि इसे स्किल डेवलपमेंट का केंद्र बनाया गया है। युवाओं को प्रशिक्षित कर उद्योगों से जोड़ा जाएगा। इससे रोजगार बढ़ेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ से ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की कानून व्यवस्था पर हमला बोलते हुए कहा कि उस समय हर जिले में माफिया सक्रिय थे। त्योहारों पर उपद्रव, गरीबों की जमीनों पर कब्जा, बेटियों और व्यापारियों में भय का माहौल था। शाम होते ही बेटियों को घरों में रहना पड़ता था और व्यापारी दुकानें बंद कर देते थे। आज उत्तर प्रदेश की पहचान बदल चुकी है। “वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया” की जगह “वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज” और “वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट” ने ले ली है। अब प्रदेश में बेटियां सुरक्षित हैं, व्यापारी बेखौफ व्यापार कर रहे हैं और कोई भी गुंडा टैक्स वसूलने की हिम्मत नहीं कर सकता। प्रदेश की बेटियां नाइट शिफ्ट में भी काम कर रही हैं और यदि कोई शोहदा छेड़छाड़ का दुस्साहस करता है तो अगले चौराहे पर यमराज उसका टिकट काटने के लिए तैयार बैठे रहते हैं। किसानों, गरीबों व कर्मचारियों को मिल रहा योजनाओं का लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को गन्ने का ₹400 प्रति क्विंटल मूल्य दिया जा रहा है, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है और कृषि योजनाओं के जरिए उनकी आय बढ़ाने का प्रयास हो रहा है। गरीबों को बिना भेदभाव प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, राशन और उज्ज्वला योजना जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। शिक्षकों, अनुदेशकों और रसोइयों को भी कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ा गया है, जिससे सामाजिक सुरक्षा का दायरा और मजबूत हुआ है। आपके वोट ने बदल दी उत्तर प्रदेश की पहचान मुख्यमंत्री ने कहा कि देवरिया की जनता ने 2022 चुनाव में भाजपा को सातों विधानसभा सीटें जिताकर बड़ा समर्थन दिया। इसलिए सरकार देवरिया की किसी भी विकास परियोजना को रुकने नहीं देगी। उन्होंने सलेमपुर, तमकुही, बरहज, रुद्रपुर, पथरदेवा, रामपुर कारखाना समेत सभी क्षेत्रों के विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने पूर्व सपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि तब मोहन सिंह सेतु के लिए केवल “टोकन मनी” दी गई थी, जबकि अब सरकार समयबद्ध तरीके से पुल निर्माण पूरा कराएगी और धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। माफिया मिट्टी में मिल गए, उत्तर प्रदेश की पहचान बदल गई मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश की पहचान गुंडों व माफियाओं से होती थी, लेकिन आज पूरे देश में यूपी का नाम सम्मान व गर्व के साथ लिया जाता है। यूपी विरासत और विकास, दोनों का संगम बन चुका है। अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, नैमिषारण्य, विंध्यधाम, प्रयागराज और कुशीनगर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का पुनर्जागरण हुआ है। अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर जनता के वोट की ताकत और डबल इंजन सरकार के संकल्प का परिणाम है। उन्होंने जनता से विकास और सुशासन के लिए भाजपा जनप्रतिनिधियों को लगातार आशीर्वाद देने की अपील भी की। हमारी पहचान राम से, कृष्ण से और बाबा विश्वनाथ से बन गई है मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की पहचान पूरी दुनिया में बदल चुकी है। अरुणाचल, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल … Read more

जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं

गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में आए लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सबकी समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का निस्तारण तत्परता, पारदर्शिता और संवेदनशील ढंग से किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक होना चाहिए। गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए शीघ्रता से समस्या समाधान के लिए निर्देशित किया। सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी त्वरित सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।  जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए कई लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा कि पैसे के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी।  सीएम योगी ने की गोसेवा, गोवंश को खिलाया गुड़ गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से गुड़ खिलाया। उन्होंने गोशाला के कार्यकर्ताओं को भीषण गर्मी को देखते गोवंश की देखभाल के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री ने परिजनों के साथ आए बच्चों से बात की। उन्हें दुलारा-पुचकारा, आशीर्वाद के साथ चॉकलेट्स भी दीं।

उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट सेक्टर में बूम, 2026 तक 1.25 लाख करोड़ निवेश का अनुमान

लखनऊ उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा है कि 2023 से बाजार में आई तेजी के बाद प्रदेश का रियल एस्टेट सेक्टर अब आगे बढ़ रहा है। एनसीआर क्षेत्रों में प्रापर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी और निवेशकों का नया भरोसा देखने को मिला है। यूपी रेरा देश के सबसे बड़े रियल एस्टेट इकोसिस्टम की निगरानी कर रहा है, जहां 3000 से ज्यादा प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड हैं और हर साल निवेश लगातार बढ़ रहा है। इंडियन चैंबर आफ कामर्स (आइसीसी) की ओर से गुरुवार को होटल ताज में आयोजित आइसीसी यूपी रियल एस्टेट समिट 2026 में यूपी रेरा अध्यक्ष ने कहा, 2025 में ही प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन 3000 और निवेश 85,000 करोड़ रुपये तक पहुंचा है। आने वाले समय में यह आंकड़ा 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा, प्रदेश अब इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार, सरकारी नीतियों, संस्थागत निवेश और बढ़ती शहरी आकांक्षाओं की वजह से एक मल्टी-सिटी ग्रोथ माडल के रूप में तेजी से उभर रहा है। जमीन से जुड़ी हर प्रकार की समस्या का निस्तारण सरकार अति शीघ्र करेगी। आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने कहा, रियल एस्टेट और हाउसिंग किसी भी राज्य के आर्थिक विकास के सबसे मजबूत संकेतकों में से एक है। आज यूपी के कई क्षेत्रों में यह बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। बीते वर्षों में नीति सुधार, बेहतर कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार, एयरपोर्ट विकास और रेरा जैसी संस्थाओं की मजबूत भूमिका ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। आइसीसी के डायरेक्टर जनरल राजीव कुमार सिंह ने कहा, यूपी में विकास केवल एनसीआर तक सीमित नहीं रहा।  

देवरिया-कसया फोरलेन से बदलेगी तस्वीर, कुशीनगर तक यात्रा होगी आसान

रामपुर कारखाना मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ ने शुक्रवार को 292 करोड़ 6 लाख 66 हजार की लागत से देवरिया-कसया मार्ग फोरलेन निर्माण लिए भव्य समारोह के बीच आधारशिला रखी। इसको लेकर लोगों में काफी उत्साह रहा। ग्रामीणों का कहना है कि देवरिया-कसया मार्ग फोरलेन बनने से नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त होगा। अंतर्राष्ट्रीय स्थल कुशीनगर को जोड़ने वाला देवरिया कसया मार्ग काफी दिनों से सिंगल मार्ग के रूप में था। जिस पर रोज हजारों की संख्या में दो पहिया चार पहिया वाहन चलते हैं। सिंगल मार्ग होने के चलते इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं भी होती रहती थी। जिसको लेकर शासन ने इस मार्ग को फोरलेन में बदलने का निर्णय लिया। इसके निर्माण होने से जहां विकास को आयाम मिलेगा वहीं आसपास के लोगों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ होने का अवसर मिलेगा। शासन ने प्रथम किस्त के रूप में 102 .22 करोड़ रूपया अवमुक्त कर दिया है ।फोरलेन निर्माण होने पर इसकी चौड़ाई 15 मी होगी। जिसमें प्रत्येक लेने की चौड़ाई 7.50 मी होगी तथा बीच में दो मी चौड़ाई में डिवाइडर बनाने का कार्य किया जाएगा। इसके संपूर्ण निर्माण के लिए 292 करोड़ 06 लाख 66हजार की स्वीकृति प्रदान की गई है। नदी पर 106.88 मीटर लंबा तथा 11.50 मीटर चौड़ाई का पुल टू लेन में तैयार किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड को नामित किया गया है। क्षेत्रीय लोगों में फोर लेन निर्माण से यातायात सुगम होगा। जिसका सपना मुख्यमंत्री ने निर्माण की आधारशिला रख कर साकार कर दिया। फोर लेन निर्माण से व्यापार के दिशा में व्यवसाईयों को बहुत लाभ मिलेगा तथा आम जनमानस को गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर की दूरी तय करने में कम समय के साथ-साथ कम ईंधन भी लगेगा। अजीत सिंह, भाजपा नेता, बैकुंठपुर, रामपुर कारखाना फोर लेन पर चलना हम लोगों के लिए सपना जैसा था। मगर मुख्यमंत्री ने इस सपने को साकार करने का कार्य किया है।- पंकज सिंह,  ग्राम प्रधान, भगौतीपुर, रामपुर कारखाना देवरिया कसया फोर लेन मार्ग का निर्माण विकसित भारत की दिशा में एक अहम प्रयास है। जो भाजपा के शासन में पूरा होने जा रहा है।- रविंद्र सिंह, ग्रामीण, मुंडेरा बाबू तरकुलवा फोर लेन का निर्माण किसान, मजदूर, व्यापारी तथा आम लोगों के लिए हित में है। जिससे विकास को गति मिलेगी। बिहार तक की यात्रा सुगम होगी।- राजू सिंह, ग्राम प्रधान, रामपुर चंद्रभान, रामपुर कारखाना  

रायबरेली: एनटीपीसी परियोजना का विस्तार, 1550 से बढ़कर होगी और अधिक क्षमता

 रायबरेली  बिजली उत्पादन बढ़ेगा एनटीपीसी में नई यूनिट लगाने तैयारी जारी हो गई है 800 मेगावाट की नई यूनिट लगाई जाने से बिजली की मांग को पूरा करने में आसानी होगी ऊंचाहार एनटीपीसी परियोजना में बिजली उत्पादन बढ़ाने की तैयारी है यहां पर 800 मेगावाट की नई यूनिट लगाई जाएगी उच्च स्तर पर इसके कवायद शुरू हो गई है। ऊंचाहार परियोजना में यह सबसे बड़ी यूनिट होगी इसके बनने से बिजली की मांग को पूरा करने में आसानी होगी । बिजली की मांग दिनों दिन बढ़ रही है। इस मांग को पूरा करने के लिए तमाम प्रयास हो रहे हैं इसके लिए उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। एनटीपीसी परियोजना की अभी 1550 मेगावाट क्षमता है। इसकी क्षमता में और वृद्धि की जाएगी। उच्च स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है यहां 800 मेगावाट की इकाई लगाई जाएगी नई इकाई लगाने के लिए परियोजना में पर्याप्त जगह है। नई यूनिट लगने के यहां पर सारे पैरामीटर भी दुरुस्त आए नई इकाई लगाने के लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू होगी इसके लिए परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी इन यूनिट के लगने से बिजली उत्पादन और बढ़ जाएगा लोगों को बेहतर बिजली मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। अभी 6 यूनिट कर रही हैं काम वर्तमान में एनटीपीसी परियोजना में 6 इकाइयां हैं इसमें यूनिट संख्या 1 से लेकर 5 तक प्रत्येक के उत्पादन क्षमता 210-210 मेगावाट है छठवीं यूनिट का उत्पादन क्षमता 500 मेगावाट है। इस परियोजना से 1550 मेगावाट बिजली उत्पादन होता है। अब इसकी क्षमता में वृद्धि की तैयारी है। नौ राज्यों को मिलती है बिजली ऊंचाहार एनटीपीसी परियोजना में विद्युत आपूर्ति उत्तरी ग्रिड के माध्यम से की जाती है। इस परियोजना में से 9 राज्यों दिल्ली हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ को बिजली मिलती है। इन राज्यों में भी बिजली की मांग दिनों दिन बढ़ रही है। क्षमता बढ़ाने से मांग को काम किया जा सकेगा। ऊंचाहार एनटीपीसी परियोजना के मानव संसाधन विभाग के अपर महाप्रबंधक पंकज कुमार का कहना है कि ऊंचाहार एनटीपीसी परियोजना की क्षमता बढ़ेगी अब जहां भी नहीं यूनिट लगती है। उसकी क्षमता 800 मेगावाट की होती है। यहां भी 800 मेगावाट की यूनिट लगेगी अभी कर योजना प्रारंभिक स्तर पर चल रहा है।

देवरिया दौरे पर विवाद: विकास योजनाओं से नाराजगी और विपक्ष पर प्रशासनिक कार्रवाई के आरोप

देवरिया यूपी के देवरिया जिले के भीमपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन से पहले ही रात से ही सपा नेता समेत कई संगठनों के लोगों पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया गया था। ताकि वह किसी तरह का आंदोलन न कर सके। विपक्षी दल आवाज दबाने वाली कार्रवाई बता रहे हैं। सपा नेता अवनीश यादव को भी हाउस अरेस्ट किया गया था। मुख्यमंत्री के दौरे में घोषित परियोजनाओं की सूची में बरहज व रुद्रपुर क्षेत्र के लिए एक भी योजना शामिल नहीं है, जिससे स्थानीय जनता ठगा हुआ महसूस कर रही है। यादव ने बताया कि बरहज की जनता ने भाजपा को सांसद से लेकर विधायक तक जिताया है, फिर भी विकास योजनाओं में क्षेत्र को नजरअंदाज किया गया। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गेंदा लाल यादव को उनके घर पर नजरबंद किया गया था। बैतालपुर चीनी मिल को चालू कराने और बैतालपुर रेलवे ढाले पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन चला रहे “चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति” के अध्यक्ष बृजेंद्र मणि त्रिपाठी को भी पुलिस ने देर रात घर पर हाउस अरेस्ट कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने से रोकने के लिए प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। खुखुन्दू ब्लॉक बनाओ संघर्ष समिति के संरक्षक नथुन राय और अध्यक्ष सोबराती किदवई को भी पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया। बताया जा रहा है कि ये दोनों मुख्यमंत्री को खुखुन्दू को ब्लॉक बनाए जाने संबंधी ज्ञापन सौंपने वाले थे। उधर ऋषि पांडेय समेत कई अन्य लोगों को भी पुलिस रात से ही हाउस अरेस्ट कर रखी है। मुख्यमंत्री को लेकर मेडिकल कॉलेज में सेफ हाउस सीएम के भीमपुर में कार्यक्रम को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन चौकन्ना रहा। नए भवन के तीसरी मंजिल पर सेफ हाऊस बनाया गया, जो जीवन रक्षक प्रणाली सहित अन्य उपकरणों से लैस है। चार विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ अन्य कर्मचारियों की तैनाती की गई। सेफ हाऊस में अत्याधुनिक उपकरण वेंटिलेटर, एचएफएएनसी, मानीटर, ग्लूकोमीटर, वाइपैप के अलावा अन्य उपकरण से लैस किया गया। यहां मेडिसिन विभाग के डॉ. ओमकार मिश्रा के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सक सर्जन डॉ. मानवेंद्र सिंह, आर्थो सर्जन डॉ. रजनीश कुमार, एनेस्थेटिक डॉ. प्रशांत शाही के अलावा चीफ फार्मासिस्ट अशोक राय, नर्सिंग आफिसर सुमैरा सलीम, पूजा प्रसाद, एमपीडब्लू सिन्टू व सफाई कर्मी गोविन्द की ड्यूटी लगाई गई। कड़ी सुरक्षा रही मुख्यमंत्री शुक्रवार को देवरिया के भीमपुर आए। मुख्यमंत्री व कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था चार एएसपी ने संभाली। साथ ही कुल 963 पुलिस कर्मियों की कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराने के लिए तैनाती की गई थी।

LAC सुरक्षा को मिलेगी नई ताकत, लखनऊ में बनेगा उत्तरी थिएटर कमांड

लखनऊ चीन पर नजर रखने के लिए लखनऊ में स्थापित मध्य कमांड को ही उत्तरी थिएटर कमांड बनाया जाना तय है। लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश के किबिथू तक फैली वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के 3,488 किलोमीटर क्षेत्र की देखरेख की जिम्मेदार होगी। यह चीन के साथ भारत की वास्तविक सीमा है। दो दिन पूर्व सीडीएस अनिल चौहान की लखनऊ यात्रा को इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने सेवानिवृत्त सैन्य अफसरों के साथ थिएटराइजेशन पर गंभीर चर्चा की थी। उम्मीद जताई जा रही है कि तीन प्रस्तावित थिएटर कमांडों की स्थापना 30 मई को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के रूप में जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल समाप्त होने से पहले हो जाएगी। प्रस्ताव के अनुसार उत्तरी थिएटर कमांड का नेतृत्व एक सेना जनरल करेंगे। उत्तरी मोर्चे पर अधिक जमीनी सैनिकों की आवश्यकता होने की उम्मीद है, इसलिए सेना अधिकारी थिएटर का नेतृत्व कर सकता है। ठोस शुरुआत 2019 में थिएटर कमांड बनाने की आधिकारिक और ठोस शुरुआत 2019 में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद बनने और सशस्त्र बलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद हुई। जुलाई 2024 में रक्षा मंत्रालय ने लखनऊ को उत्तरी थिएटर कमांड के आधार के रूप में नामित किया। 4 और 5 सितंबर 2024 को पहला संयुक्त कमांडर सम्मेलन (जेसीसी) लखनऊ में आयोजित किया गया था। उसमें तय हुआ था कि थिएटर कमांड के कमांडर-इन-चीफ और वाइस चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, सेना प्रमुखों (जनरल, एयर चीफ मार्शल और एडमिरल) की तरह चार सितारा रैंक के अधिकारी होंगे। थिएटर कमांड के मुख्य चरण कारगिल समीक्षा समिति 1999- कारगिल युद्ध के तुरंत बाद बनी इस समिति ने तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल के लिए 'इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड' की सिफारिश की थी। अंडमान निकोबार कमांड 2001- इस सिफारिश के तहत पहला कदम 2001 में उठाया गया। भारत की एकमात्र त्रि-सेवा कमांड अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में स्थापित की गई। शेकातकर समिति 2016- इस समिति ने भी अपनी रिपोर्ट में तीनों सेनाओं की एकजुटता और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए उत्तर, पश्चिम और दक्षिण में थिएटर कमांड बनाने का सुझाव दिया था। सीडीएस की नियुक्ति वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेनाओं को एक साथ लाने की प्रक्रिया को हरी झंडी दी। देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने इन कमांड्स को धरातल पर उतारने की मूल योजना (प्रस्तावित 5 थिएटर कमांड) तैयार की।

मानक से ज्यादा फीस लेना पड़ा भारी, निजी स्कूलों पर 5 लाख जुर्माने की चेतावनी

लखनऊ यूपी के लखनऊ में ज्यादा फीस लेने वाले आठ निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही 5 लाख रुपये तक जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी गई है। डीएम विशाख जी की अध्यक्षता में गुरुवार जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक हुई। जिसमें बच्चों से तय मानक से ज्यादा फीस लेने वाले स्कूलों को नोटिस जारी कर पांच लाख रुपये जुर्माने की चेतावनी दी गई। इनको एक जून तक जवाब देने का मौका दिया गया है। समिति को 20 विद्यालयों के खिलाफ बढ़ी फीस लेने की 28 शिकायतें मिली थीं। जांच में आठ शिकायतें सही पाई गईं। इनमें से दो स्कूलों ने कमेटी की जांच में ज्यादा फीस लेने की बात स्वीकार की। कार्रवाई के डर से इन स्कूलों ने बढ़ी फीस अगले महीने में समायोजित करने का आश्वासन दिया है। उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम- 2018 एवं संशोधन अधिनियम 2020 के अनुपालन में गुरुवार को डीएम की अध्यक्षता में समीक्षा की गई। बैठक में समिति ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस पर डीएम ने निर्देश दिए कि अधिक फीस लेने वाले विद्यालयों को नोटिस जारी कर पूछा जाए कि उनके खिलाफ अर्थदंड क्यों न लगाया जाए। इन स्कूलों को मिला नोटिस डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि नोटिस पाने वाले विद्यालयों में एलन हाउस पब्लिक स्कूल, सीलवती आइडियल पब्लिक स्कूल, रामनगर, आश्रम एकेडमी, कृष्णानगर, हुकुम सिंह मेमोरियल इंटर कॉलेज, इंदिरानगर, सेंट डोमिनिक इंटर कॉलेज, सेठ एमआर जयपुरिया गोयल कैम्पस, अयोध्या रोड, ब्राइट वे इंटर कॉलेज, जानकीपुरम और केजे मॉडर्न पब्लिक स्कूल शामिल हैं।

भीषण गर्मी पर योगी सरकार अलर्ट, अस्पताल-बिजली-पानी व्यवस्था की होगी लगातार निगरानी

लखनऊ यूपी में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी कहा है कि जनसामान्य को हीट स्ट्रोक, निर्जलीकरण और गर्मी से होने वाली अन्य समस्याओं से बचाने के लिए सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और राहत एजेंसियां अलर्ट मोड में रहें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखने को लेकर लोगों से खास अपील की। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को अस्पतालों, पेयजल व्यवस्था और बिजली आपूर्ति की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस दौर में आमजन को सबसे अधिक परेशानी बिजली कटौती और पानी की कमी से होती है, इसलिए इन दोनों व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों में नियमित समीक्षा करें और जहां भी समस्या हो, उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पतालों में आवश्यक दवाएं, बेड, आईवी फ्लूइड और डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। साथ ही एंबुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके। दोपहर में बच्चों को अनावश्यक बाहर न निकलने दें सीएम योगी ने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखा जाए, क्योंकि ये वर्ग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि दोपहर के समय बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने दें और उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाते रहें। उन्होंने बुजुर्गों को भी तेज धूप से बचाने और उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने लोगों से ढीले सूती कपड़े पहनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हल्के रंग के सूती वस्त्र शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं और गर्मी से राहत देते हैं। इसके साथ ही अधिक से अधिक पानी पीने, ओआरएस और नींबू पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने तथा धूप में निकलते समय सिर को ढकने जैसे उपाय अवश्य अपनाए जाएं। कार्यस्थलों पर पेयजल व छाया सुनिश्चित की जाए सीएम योगी ने आग लगने की घटनाओं को लेकर भी लोगों और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। खेतों, बाजारों, गोदामों और रिहायशी इलाकों में अग्नि सुरक्षा उपायों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। ऐसी कोई भी लापरवाही न की जाए, जिससे आग लगने का अंदेशा हो। उन्होंने फायर विभाग को भी पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों और खुले स्थानों पर काम करने वाले श्रमिकों को लू, थकावट और निर्जलीकरण से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। श्रमिकों से लगातार काम न कराएं कार्यस्थलों पर पेयजल, छाया व प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अत्यधिक गर्मी के समय श्रमिकों से लगातार काम न कराया जाए और उन्हें समय-समय पर आराम दिया जाए। सीएम योगी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी आमजन के बीच जागरूकता फैलाने को कहा है, ताकि लोग गर्मी व लू से बचाव के उपायों को अपनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता की सुरक्षा व सुविधा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी स्थिति में लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

योगी सरकार का बड़ा कदम, डिजिटल ट्रेनिंग से हाईटेक बन रहे शिक्षक

डिजिटल प्रशिक्षण से शिक्षकों को हाईटेक बना रही योगी सरकार – निष्ठा प्रशिक्षण 2026-27 का पहला चरण शुरू, दीक्षा पोर्टल के माध्यम से होगा ऑनलाइन प्रशिक्षण – प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के शिक्षकों को नई शिक्षा पद्धति, एफएलएन और डिजिटल सुरक्षा का मिलेगा प्रशिक्षण – तकनीक आधारित शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल को जमीनी स्तर तक मजबूत कर रही योगी सरकार लखनऊ योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार प्रयासरत है। शिक्षकों को नई तकनीक, आधुनिक शिक्षण पद्धति और डिजिटल दक्षता से लैस करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। प्रदेश सरकार ने सत्र 2026-27 के लिए निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम का पहला चरण दीक्षा पोर्टल के माध्यम से शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। योगी सरकार की यह पहल दर्शाती है कि अब प्रदेश में शिक्षा सुधार केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षकों की क्षमता वृद्धि और डिजिटल दक्षता को भी उतनी ही प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का फोकस अब तकनीक आधारित शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल को जमीनी स्तर तक मजबूत करने पर है, ताकि कक्षा शिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। निष्ठा कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षकों का नामांकन 21 मई 2026 से शुरू हो गया है, जबकि नामांकन की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 15 सितंबर 2026 तक संचालित होंगे। शासन स्तर से सभी बीएसए, डायट प्राचार्य, बीईओ, एसआरजी, एआरपी और डायट मेंटर्स को शिक्षकों का शत-प्रतिशत नामांकन और प्रशिक्षण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। तीन श्रेणियों में होगा प्रशिक्षण निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहली श्रेणी ईसीसीई की है, जिसमें प्री-प्राइमरी से कक्षा 2 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा और बुनियादी सीखने की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। दूसरी श्रेणी एफएलएन की है, जिसके अंतर्गत कक्षा 3 से 5 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को भाषा और गणितीय दक्षता आधारित शिक्षण पद्धति से जोड़ा जाएगा तथा तीसरी श्रेणी में कक्षा 6 से 12 तक के शिक्षकों के लिए एडवांस कोर्स शामिल किए गए हैं। इनमें साइबर हाइजीन, ई-वेस्ट के खतरे, एक्शन रिसर्च और 'कैच द रेन' जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म से मजबूत हो रहा शिक्षक प्रशिक्षण योगी सरकार पहले ही स्मार्ट क्लास, मिशन प्रेरणा, निपुण भारत मिशन और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ा रही है। अब दीक्षा पोर्टल के माध्यम से शिक्षक प्रशिक्षण को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर उसे और अधिक प्रभावी तथा पारदर्शी बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को नई शिक्षा नीति, गतिविधि आधारित शिक्षण, डिजिटल सुरक्षा और व्यावहारिक शिक्षा मॉडल से जोड़ना है, ताकि बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके। शिक्षा सुधार के साथ शिक्षक दक्षता पर फोकस योगी सरकार की रणनीति साफ है कि जब शिक्षक तकनीक और आधुनिक शिक्षण पद्धति में दक्ष होंगे, तभी परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की सीखने की क्षमता और शैक्षिक गुणवत्ता में व्यापक सुधार दिखाई देगा। यही कारण है कि अब प्रदेश में शिक्षक प्रशिक्षण को केवल औपचारिक प्रक्रिया न रखकर डिजिटल और परिणाम आधारित मॉडल में बदला जा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को जमीनी स्तर पर नई मजबूती मिल सके।