samacharsecretary.com

प्री-वर्कआउट ड्रिंक के बाद जिम ट्रेनर ने महिलाओं के पर्सनल वीडियो बनाए, घिनौना खेल उजागर

 बरेली बरेली में एक जिम के अंदर महिलाओं के साथ नशीला पदार्थ देकर शोषण और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोप है कि प्री-वर्कआउट ड्रिंक में नशा मिलाकर महिलाओं को बेहोश किया जाता था और फिर वीडियो बनाकर लंबे समय तक ब्लैकमेल किया जाता था।  थाना कोतवाली क्षेत्र में स्थित एक जिम में महिलाओं को वजन कम करने और फिटनेस सुधारने का झांसा देकर बुलाया जाता था. शुरुआत में सब कुछ सामान्य था. वर्कआउट, डाइट प्लान और ट्रेनिंग. लेकिन धीरे-धीरे यही भरोसा एक खतरनाक साजिश में बदल गया. पीड़िता के मुताबिक, जिम संचालक अकरम और उसका भाई आलम महिलाओं को तेजी से वजन घटाने का लालच देते थे. इसके लिए उन्हें खास प्री-वर्कआउट ड्रिंक ऑफर की जाती थी. लेकिन इस ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाया जाता था. ड्रिंक पीने के बाद महिला धीरे-धीरे बेहोशी की हालत में पहुंच जाती थी. इसी दौरान उसे जिम के अंदर बने एक प्राइवेट कमरे में ले जाया जाता था. आरोप है कि वहां उसके साथ दुष्कर्म किया जाता और पूरी घटना को रिकॉर्ड कर लिया जाता।  10 हजार से 50 लाख तक की डिमांड आरोपियों ने इस पूरे अपराध को एक संगठित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क में बदल दिया था. वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद पीड़िता को उसी के जरिए धमकाया जाता था. पहले डराया जाता, फिर पैसे मांगे जाते. अगर महिला विरोध करती या पैसे देने से मना करती, तो वीडियो वायरल करने की धमकी दी जाती. इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़िता के परिवार पति और बच्चे तक को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी. शुरुआत में आरोपियों ने महिला से 10 हजार रुपये की वसूली की. लेकिन जब उन्हें लगा कि डर का असर काम कर रहा है, तो रकम बढ़ाकर 10 लाख और फिर 50 लाख रुपये तक मांगने लगे. पीड़िता पर लगातार मानसिक दबाव बनाया गया. उसे फोन, मैसेज और व्हाट्सएप के जरिए धमकियां दी जाती रहीं. आरोपियों ने उसके निजी फोटो और वीडियो पेन ड्राइव में सेव कर लिए थे, जिन्हें वायरल करने की बात कही जाती थी।  आखिरकार टूटा डर, पहुंची पुलिस के पास लगातार ब्लैकमेलिंग और डर के माहौल में जी रही महिला ने आखिरकार हिम्मत जुटाई और पुलिस के पास पहुंची. उसकी शिकायत ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया. शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तुरंत कार्रवाई शुरू की गई. थाना कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर तीन टीमों का गठन किया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी. पुलिस ने जिम पर छापा मारा तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था. वहां से कई आपत्तिजनक और संदिग्ध सामान बरामद हुए. जिसमें 10 हजार रुपये नकद, 9 शक्तिवर्धक दवाइयों की शीशियां, 6 इंजेक्शन, 2 मोबाइल फोन और पेन ड्राइव जिसमें वीडियो और फोटो स्टोर थे. इसके अलावा जिम के अंदर मौजूद प्राइवेट कमरे ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।  दोनों आरोपी गिरफ्तार, वीडियो भी बरामद पुलिस ने मुख्य आरोपी अकरम को पहले गिरफ्तार किया. उसकी निशानदेही पर उसके भाई आलम को भी हिरासत में लिया गया. दोनों के पास से डिजिटल सबूत मिले हैं. जांच के दौरान पुलिस को मोबाइल फोन और पेन ड्राइव में कई आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं, जिन्हें सुरक्षित कर लिया गया है. अब इन वीडियो के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं और महिलाएं भी इस गिरोह का शिकार तो नहीं बनीं।  पुलिस का वीडियो हुआ वायरल गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें दोनों आरोपी हाथ जोड़कर माफी मांगते नजर आ रहे हैं. वे बार-बार कह रहे हैं कि उनसे गलती हो गई और उन्हें माफ कर दिया जाए. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है.  क्षेत्राधिकारी आषुतोष शिवम ने बताया कि मामले में सभी जरूरी धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों को अदालत में पेश किया जा रहा है. साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में और कौन-कौन शामिल हो सकता है. पुलिस अब जिम के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल डिवाइस की गहराई से जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। 

खेल और पढ़ाई साथ-साथ, नए स्पोर्ट्स कॉलेज में मिलेगा बेहतरीन प्रशिक्षण

योगी सरकार ने अधूरे सपने को किया साकार, यूपी को मिले दो नए स्पोर्ट्स कॉलेज सहारनपुर-फतेहपुर स्पोर्ट्स कॉलेज तैयार, 2026-27 सत्र से शुरू होगी पढ़ाई वर्षों से लटकी थी खिलाड़ियों के भविष्य से जुड़ी परियोजनाएं, योगी सरकार का बड़ा कदम दूरदराज के खिलाड़ियों को फायदा, अब अपने जिले में ही मिलेगा प्रशिक्षण खेल और पढ़ाई साथ-साथ, नए स्पोर्ट्स कॉलेज में मिलेगा बेहतरीन प्रशिक्षण लखनऊ  उत्तर प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने दो नए स्पोर्ट्स कॉलेजों को शुरू करने का फैसला लिया है। सहारनपुर और फतेहपुर में बने स्पोर्ट्स कॉलेज का शैक्षिक सत्र 2026-27 से संचालन शुरू हो जाएगा। योगी सरकार के इस फैसले से प्रदेश के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में बेहतर खेल सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा। वर्षों से लंबित परियोजनाओं को मिली नई जिंदगी दरअसल यह दोनों परियोजनाएं लंबे समय से लंबित थी। फतेहपुर स्पोर्ट्स कॉलेज को जनवरी 2011 में स्वीकृति मिली थी और नवंबर 2011 में निर्माण कार्य शुरू हो गया था। इसे जुलाई 2018 तक पूरा किया जाना था, लेकिन कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका। इसी तरह सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण कार्य भी फरवरी 2011 में शुरू होना था और फरवरी 2013 तक पूरा कार्य पूरा करने की मूल तारीख थी, लेकिन विभिन्न कारणों से काम आगे नहीं बढ़ पाया था। योगी सरकार ने इन अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए निर्माण कार्य को पूरा कराया है। साथ ही अब दोनों कॉलेजों को नए सत्र से शुरू करने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है।  पांच स्पोर्ट्स कॉलेजों वाला राज्य बनेगा यूपी इस तरह योगी सरकार खेल ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ अधूरी योजनाओं को भी जमीन पर उतारने पर जोर दे रही है। वहीं इन दो नए स्पोर्ट्स कॉलेजों के शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश में संचालित स्पोर्ट्स कॉलेजों की संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी। अभी तक लखनऊ स्थित गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, गोरखपुर का वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज और इटावा (सैफई) का मेजर ध्यान चंद स्पोर्ट्स कॉलेज ही संचालित थे। इसके अलावा बलिया में एक और स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण कार्य जारी है। कक्षा 9 से शुरू होगा एडमिशन नए कॉलेजों के शुरू होने से प्रदेश के दूर-दराज इलाकों के खिलाड़ियों को अब राजधानी या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी और अधिक संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी खेल शिक्षा से जुड़ सकेंगे। फतेहपुर और सहारनपुर दोनों स्पोर्ट्स कॉलेजों में कक्षा 9 से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। फतेहपुर में एथलेटिक्स, हॉकी, हैंडबॉल और कुश्ती जैसे खेल संचालित किए जाएंगे। यहां कुल 80 सीटों पर प्रवेश होगा। जिसमें एथलेटिक्स रनर बालक के लिए 12, एथलेटिक्स जम्पर बालक के लिए 2, थ्रोवर बालक के लिए 4, हॉकी खिलाड़ी बालक के लिए 26, गोलकीपर बालक के लिए 4, कुश्ती बालक के लिए 10 और हैंडबॉल बालक के लिए 22 सीटें निर्धारित की गई हैं। खेलों की विविधता और सीटों का विस्तार वहीं सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज में भी कुल 80 सीटों पर एडमिशन होंगे। यहां एथलेटिक्स रनर बालक के लिए 8, एथलेटिक्स जम्पर बालक के लिए 6, थ्रोवर बालक के लिए 6, हॉकी खिलाड़ी बालक के लिए 21, हॉकी गोलकीपर बालक के लिए 4, जूडो बालक के लिए 10, बॉक्सिंग बालक के लिए 15 और भारोत्तोलन बालक के लिए 10 सीटें तय की गई हैं। भारोत्तोलन अभी तक किसी भी स्पोर्ट्स कॉलेज में नहीं था। सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज से पहली बार शुरू हो रहा है। इन कॉलेजों में प्रवेश के लिए छात्र का उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है। चयन प्रक्रिया के माध्यम से योग्य खिलाड़ियों को प्रवेश दिया जाएगा, जिससे प्रतिभा के आधार पर खिलाड़ियों का चयन सुनिश्चित हो सके। प्रत्येक मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और एक्सीलेंस सेंटर खोलने का लक्ष्यः खेल सचिव उत्तर प्रदेश खेल विभाग के सचिव सुहास एल.वाई. ने बताया कि मुख्यमंत्री जी का प्रत्येक मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और एक्सीलेंस सेंटर खोलने का लक्ष्य है। स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की तरह जगह-जगह विभिन्न खेलो को लेकर वहां पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण केंद्र खोला जाएगा। जिसमें बच्चों के रहने के साथ ही पढ़ाई की सुविधा भी रहेगी। प्रबंध समिति स्पोर्ट्स कॉलेज के सचिव व लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य अतुल सिन्हा ने कहा कि कुशल संचालन के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। साथ ही खिलाड़ियों को कोई व्यवधान ना उत्पन्न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।  खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम स्पोर्ट्स कॉलेज ऐसे छात्रों के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं, जो खेल में अपना करियर बनाना चाहते हैं। यहां पढ़ाई और खेल दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जाता है। प्रोफेशनल कोचिंग, आधुनिक सुविधाएं और अनुशासित वातावरण खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने में मदद करता है। सहारनपुर और फतेहपुर में स्पोर्ट्स कॉलेजों की शुरुआत उत्तर प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इससे न केवल प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आने वाले समय में देश को बेहतर खिलाड़ी भी मिल सकेंगे।

शिक्षामित्रों के चेहरे पर खिल उठा मान-सम्मान, बढ़े मानदेय से

मानदेय वृद्धि से शिक्षामित्रों के चेहरों पर चमका मान-सम्मान का भाव बोले शिक्षामित्र, बहुत-बहुत आभार मुख्यमंत्री जी, आपने दिल जीत लिया 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय होने से शिक्षामित्रों के परिवार में खुशी का माहौल गोरखपुर बेसिक शिक्षा के उन्नयन में योगदान देने के बावजूद 2017 के पहले तक खुद को उपेक्षित महसूस करने वाले प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्रों के चेहरों पर योगी सरकार ने मान-सम्मान का मुस्कुराता भाव बिखेर दिया है। मानदेय में 80 प्रतिशत वृद्धि और पांच लाख रुपये के कैशलेस इलाज की सुविधा से अभिभूत हुए शिक्षामित्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी उपेक्षा को दूर कर दिल जीत लिया है। गोरखपुर में आयोजित प्रदेशस्तरीय शिक्षामित्र सम्मान समारोह में शामिल होने आए शिक्षामित्र यह कहते नहीं थक रहे थे, ‘बहुत बहुत आभार मुख्यमंत्री जी।’ मंगलवार को गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह बेहद भव्य रहा। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करीब पंद्रह सौ लोगों की क्षमता का प्रेक्षागृह शिक्षामित्रों से खचाखच भरा हुआ था। यहां प्रदेश के कई जिलों से शिक्षामित्र मुख्यमंत्री का संबोधन सुनने और मानदेय वृद्धि के लिए आभार व्यक्त करने आए थे।  सीएम योगी के हाथों सम्मानित होने वाले, कासगंज से आए शिक्षामित्र तेजभान सिंह ने कहा मानदेय 10 हजार रुपये प्रतिमाह से बढ़कर 18 हजार रुपये होने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। अब हम खुद को सम्मानजनक स्थिति में पा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बहुत धन्यवाद कि उन्होंने हमारी उपेक्षा दूर की। महराजगंज जिले से आईं शिक्षामित्र शशिप्रभा सिंह सीएम योगी के हाथों मानदेय वृद्धि का प्रतीकात्मक चेक पाकर काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मानदेय बढ़ाकर हम शिक्षामित्रों के परिवार को काफी राहत दी है। इसके साथ ही वह पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य सुरक्षा भी दिलाने जा रहे हैं। यह सही मायने में शिक्षामित्रों की सेवाओं का सम्मान है।  कुशीनगर जिले में शिक्षामित्र अनुराधा सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने मानदेय बढ़ाकर शिक्षामित्रों की पीड़ा का निवारण किया है। आर्थिक उन्नयन के साथ कैशलेश इलाज की सुविधा देकर उन्होंने शिक्षामित्रों को अपना मुरीद बना लिया है। उनके प्रति आभार व्यक्त करने को शब्द कम पड़ जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित हुईं गोरखपुर की शिक्षामित्र फारिहा तबस्सुम ने कहा कि आज वह खुद को बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहीं हैं। शुरुआती दौर में 3500 रुपये मानदेय ही मिलता था। इसे बढ़ाकर पहले 10 हजार और अब 18 हजार रुपये करके मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों को बड़ी राहत दी है। सही मायने में वह जो कहते हैं, उसे पूरा भी करते हैं। मुख्यमंत्री को बहुत-बहुत धन्यवाद।   समेकित शिक्षा के स्टाल पर बच्चों की मेधा से बेहद प्रभावित हुए सीएम योगी शिक्षामित्र सम्मान समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में लगाई गई शैक्षिक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने समेकित शिक्षा के स्टाल पर वह बच्चों की मेधा से बेहद प्रभावित हुए। यहां उन्होंने कॉक्लियर इंप्लांट के सहयोग से स्पीच थेरेपी लेते हुए शिक्षा ग्रहण कर रही बालिका से उसकी पढ़ाई और सीखने पर बात की। सीएम योगी ने श्रवण बाधित बालिका कविता के साथ साइन लैंग्वेज में उसके द्वारा सीखे गए पाठों के अधिगम को भी समझा। इसी क्रम में मुख्यमंत्री को दृष्टिबाधित बालिका ने ब्रेल लिपि से अपने पाठ्यवस्तु को पढ़कर सुनाया। उसका धाराप्रवाह पाठ सुनकर सीएम योगी बेहद खुश हुए। उन्होंने अपने मंचीय संबोधन में बेसिक शिक्षा विभाग की शैक्षिक प्रगति को बताते  हुए दृष्टिबाधित बालिका के फर्राटेदार ब्रेल लिपि पढ़ने के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि दृष्टिबाधित छात्रा बिल्कुल उतनी ही तीव्रता से हिंदी को पढ़ रही थी, जिस तीव्रता से हम सभी बोल रहे हैं। यह बेसिक शिक्षा विभाग की शैक्षिक प्रगति का एक बेहतरीन उदाहरण है।

शिक्षामित्रों को दिया मंत्र: प्यार से पढ़ाएं, मारपीट कभी नहीं, घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल लाएं

सीएम योगी ने बताया, कैसे पेश आएं बच्चों से शिक्षामित्रों को दिया मंत्र: प्यार से पढ़ाएं, मारपीट कभी नहीं, घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल लाएं बच्चों को अच्छी कहानियों, कविताओं और उत्कृष्ट उदाहरणों से प्रेरित कीजिए-सीएम योगी बच्चे साफ-सुथरे कपड़ों में आएं, स्नान करके बाल बनाकर आएं, इसके लिए अभिभावकों को जागरूक करें गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिक्षामित्र सम्मान समारोह में एक मार्गदर्शक की भूमिका में भी नजर आए। उन्होंने शिक्षामित्रों को बच्चों के साथ विशिष्ट व्यवहार का मंत्र भी दिया। सीएम ने कहा कि हर बच्चे के मन में पढ़ने की तमन्ना हो, यह अभिभावक, शिक्षक और समाज, तीनों की जिम्मेदारी है। शिक्षामित्र सिर्फ पढ़ाने तक सीमित न रहें, बल्कि हर बच्चे को स्कूल तक लाने का अभियान भी चलाएं। शिक्षक और शिक्षामित्र बच्चों की नींव तैयार करने वाले कारीगर हैं। मारपीट कभी नहीं, प्यार से समझाइए शिक्षामित्रों से मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के साथ कभी मारपीट नहीं होनी चाहिए। पिटाई से बच्चा जिद्दी व ढीठ हो जाएगा। उसे प्यार से समझाइए। अच्छी कहानियों, कविताओं और आदर्श उदाहरणों से प्रेरित कीजिए। अपने परिवार की खींचतान स्कूल या बच्चों तक नहीं लाइए। स्कूल आते समय तनाव को घर पर ही छोड़ दीजिए। जैसा पौधा रोपेंगे, वैसा फल मिलेगा मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर हम अच्छी पीढ़ी तैयार करेंगे, तो यही पीढ़ी हर क्षेत्र में अच्छे लोग लेकर आएगी। अच्छे शिक्षक, अच्छे डॉक्टर, ईमानदार व्यापारी, अच्छे किसान, योग्य नौकरशाह, अच्छी पुलिस और अच्छे राजनेता भी। राजनेता कोई ऊपर से टपककर नहीं आते। आप जिन बच्चों को पढ़ा रहे हैं, वही आगे चलकर राजनेता भी बनेंगे। इसलिए जैसा पौधा आप रोपेंगे, वैसा ही फल भी मिलेगा। हमें सकारात्मक भावना के साथ कार्य करना चाहिए। आप सब में बेहतर परिणाम देने की सामर्थ्य है। नकारात्मक सोच त्याग दें। 280 बच्चों वाला स्कूल देखकर अच्छा लगा मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मुझे आज बहुत अच्छा लग रहा था। बेसिक शिक्षा परिषद के एक विद्यालय की प्रधानाचार्या से मैंने पूछा कि वहां कितने बच्चे हैं? उस विद्यालय में 280 बच्चे पढ़ रहे हैं। यह संख्या बताती है कि वहां कुछ अच्छा हो रहा है, सकारात्मक प्रयास हो रहा है। जब मैं सांसद था, तब भी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों का भ्रमण करता था और आज भी फील्ड में जाते समय विद्यालय अवश्य जाता हूं। बच्चों से संवाद करना मुझे बहुत अच्छा लगता है। आंगनवाड़ी केंद्र की दिल छू लेने वाली कहानी सीएम योगी ने एक रोचक प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि एक बार मैं एक आंगनवाड़ी केंद्र गया। वहां 3 से 5 साल के 20-22 बच्चे थे। मैं चुपचाप बाहर से देख रहा था। आंगनवाड़ी की बहनें बच्चों को बहुत प्यार से गाती हुई गिनती सिखा रही थीं- ‘एक-एक-एक मेरी नाक एक… दो-दो-दो मेरी आंखें दो’। बच्चे भी दोहरा रहे थे। जब वे अंदर गए तो बहनें हिचकिचाईं। जब मैंने एक बच्चे ने पूछा कि क्या पढ़ा तो उसने तुरंत कहा- “एक-एक-एक मेरी नाक एक” और दूसरे ने अपनी आंखें दिखाते हुए कहा- “दो-दो-दो मेरी आंखें दो”। देखिए, कितनी आसानी से उदाहरण देकर बच्चों को गिनती सिखाई जा रही थी। ऐसे अच्छे उदाहरणों से हम बच्चों को बहुत कुछ सिखा सकते हैं। स्वच्छता, यूनिफॉर्म और अभिभावकों की जिम्मेदारी सीएम ने शिक्षामित्रों को जिम्मेदारी सौंपी कि वे अभिभावकों को जागरूक करें। बच्चे साफ-सुथरे कपड़ों में आएं, स्नान करके आएं, बाल बनाकर आएं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि रविकिशन की नकल करने की जरूरत नहीं, छोटे-छोटे बाल होने चाहिए। 2017 से पहले 60-70% बच्चे नंगे पैर या चप्पल पहनकर आते थे। अब सरकार दो यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते-मोजे दे रही है, इसलिए अभिभावकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। “स्कूल चलो” अभियान को और तेज करें जुलाई के पहले सप्ताह में स्कूल खुलने वाले हैं, इसलिए मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों से अपील की कि “‘स्कूल चलो’ अभियान का एक और दौर चलाएं। शिक्षक आधा घंटा पहले स्कूल पहुंचें। 25-25 घरों में जाकर अभिभावकों से पूछें कि आपके घर में कितने बच्चे हैं? उन्हें स्कूल ले चलिए। स्कूल टाइम में कोई बच्चा तालाब में तैरता न मिले। उन्होंने शिक्षकों और शिक्षामित्रों को खेलकूद में भी बच्चों के साथ भाग लेने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षित समाज होगा तो सशक्त समाज बनेगा और सशक्त राष्ट्र बनेगा। यहीं से विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की नींव पड़ेगी।

गोरखपुर में जून में होगा कार्यक्रम का भव्य समापन, जुटेंगे हजारों पशुपालक और दुग्ध उत्पादन से जुड़े लोग

यूपी के 18 मंडलों में 'स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम' की मेरठ से हुई शुरुआत गोरखपुर में जून में होगा कार्यक्रम का भव्य समापन, जुटेंगे हजारों पशुपालक और दुग्ध उत्पादन से जुड़े लोग सीएम योगी की मंशा के अनुरूप प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में जुटा दुग्धशाला विकास विभाग दुग्ध विकास क्षेत्र में वर्ष 2023 से अब तक 28 हजार करोड़ के एमओयू साइन हुए, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार लखनऊ,  पशुपालन से जुड़े किसान और डेयरी सेक्टर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की प्राथमिकता में शामिल हैं। आज डेयरी क्षेत्र उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। इसी क्रम में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप प्रदेश के 18 मंडलों पर 'स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम' आयोजित करने की मेरठ से शुरुआत हो गई है। अपर मुख्य सचिव पशुधन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि डेयरी क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए मंडल स्तर पर यह कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसका भव्य समापन जून में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में होगा। उन्होंने बताया कि मेरठ में मंगलवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में 'स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम' आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य दुग्ध विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि 'स्वदेशी उन्नत गोवंश, समृद्ध निवेश, सुरक्षित भविष्य-खुशहाल उत्तर प्रदेश' थीम पर आधारित इस आयोजन में मेरठ-सहारनपुर मंडल के किसान, पशुपालक और निवेशक एक मंच पर जुटे। कार्यक्रम में निजी एवं सहकारी डेयरी जैसे भारत स्किर, मधुसूदन, आनन्दा, मदर डेयरी, हरित प्रदेश, केएसएस डेयरी, अरविन्द डेयरी और पराग जैसे बड़े ब्रांड्स के स्टॉल लगाकार अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लिए दुग्धशाला विकास विभाग द्वारा संचालित नंद बाबा दुग्ध मिशन, उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध प्रोत्साहन नीति-2022 के प्रचार-प्रसार और प्रदेश के डेयरी सेक्टर में पूंजी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से संपूर्ण मंडलवार डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है उत्तर प्रदेश कार्यक्रम में दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है और इस स्थिति को बनाये रखने के राज्य सरकार द्वारा अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं के माध्यम से किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और स्थायी आय प्रदान की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्राप्त हुआ है।  दुग्ध विकास क्षेत्र में मिलेगा हजारों लोगों को रोजगार दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि वर्ष 2023 से विभाग द्वारा दुग्ध विकास क्षेत्र में कुल 28,000 करोड़ से अधिक के 796 एमओयू किए गये हैं, जिसके जरिए 77,000 से अधिक रोजगार सृजन होंगे। उन्होंने बताया कि विगत वर्षों में नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत 10 हजार से अधिक लाभार्थियों को 84 करोड़ की धनराशि अनुदान के रूप में डीबीटी के माध्यम से वितरित की गई है। साथ ही 4000 से अधिक प्रारम्भिक दुग्ध सहकारी समिति गठित करते हुए लगभग 1,50,000 दुग्ध उत्पादकों को जोड़ा गया है। गोरखपुर में होगा समापन से जुड़ा भव्य आयोजन अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि स्वर्ण जयंती डेयरी कॉनक्लेव के जरिए प्रदेश के सभी 18 मंडल और 75 जिलों के पशुपालकों और दुग्ध उत्पादन से जुड़े लोगों को जोड़ा जा रहा है। प्रदेश सरकार की मंशा के मुताबिक विभाग का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ पहुंचाना है। इस कार्यक्रम का समापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में भव्य रूप से होगा। जून में वहां मंडल के कृषकों, गो-पालकों, दुग्ध उत्पादकों, उद्यमियों और निवेशकों को बड़ा मंच प्रदान किया जाएगा। विभाग उस क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभाग की योजनाओं से जोड़ेगा। इस दौरान विभिन्न नवीनतम प्रौद्योगिकी, स्वदेशी नस्ल के गो-पालन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विचार विमर्श एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां विशेषज्ञों द्वारा साझा की जाएगी।

फिरोजाबाद में आस्था स्थलों पर बेहतर सुविधाओं से बढ़ेगा पर्यटन, रोजगार के अवसर होंगे सृजित

सीएम योगी के मार्गदर्शन में धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों का होगा कायाकल्प, 24 परियोजनाओं के लिए 33.91 करोड़ स्वीकृत फिरोजाबाद में आस्था स्थलों पर बेहतर सुविधाओं से बढ़ेगा पर्यटन, रोजगार के अवसर होंगे सृजित नीम करौरी बाबा की जन्मस्थली में पर्यटक सुविधाओं का किया जाएगा विस्तार   पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह बोले- सरकार का लक्ष्य सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और क्षेत्रीय विकास लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में उत्तर प्रदेश में पर्यटन विकास को नई रफ्तार मिल रही है। इसी क्रम में आगरा मंडल के फिरोजाबाद जिले में धार्मिक, ऐतिहासिक व पौराणिक स्थलों के विकास के लिए 24 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिन पर 33.91 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योगी सरकार की इस पहल से क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को संवारने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।  आस्था स्थलों को नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से जिले के प्रमुख मंदिरों, आश्रमों और पर्यटन स्थलों का सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। टुंडला, शिकोहाबाद, सिरसागंज और जसराना क्षेत्रों में स्थित कई आस्था स्थलों को नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद फिरोजाबाद में पर्यटन गतिविधियों में तेजी आएगी।  सिरसागंज क्षेत्र में सबसे अधिक परियोजनाएं शामिल टुण्डला में स्थित गोगा जी काली मंदिर पिपरौली के पर्यटन विकास के लिए 70 लाख रुपये, फिरोजाबाद पसीने वाले हनुमान जी मंदिर के लिए 65 लाख रुपये, शिकोहाबाद के नगला केवल स्थित श्री ब्रहमदेव शिव जी तथा बजरंगबली मंदिर के लिए 120 लाख रुपये, शिकोहाबाद के ही विधानसभा क्षेत्र में स्थित आबगंगा मंदिर के विकास के लिए 35 लाख रुपये, टुण्डला ग्रामगढ़ी हंसराम ब्लाक नारखी में स्थित शिवमंदिर के पर्यटन विकास के लिए 60 लाख रुपये की धनराशि, टुण्डला विधानसभा क्षेत्र में शिव मंदिर के पर्यटन विकास कार्य के लिए 80 लाख रुपये, टुण्डला में ही ग्राम बड़ागांव में स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर के लिए 01 करोड़ रुपये, टुण्डला ग्राम कनवार स्थित सिद्धकाली माता मंदिर के लिए 130 लाख रूपये, सिरसागंज स्थित प्राचीन पथवारी माता मंदिर के लिए 110 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी प्रकार सिरसागंज के ही कुदरिया वाले महराज आश्रम के लिए 01 करोड़ रुपये, सिरसागंज में हनुमान मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 130 लाख रुपये, सिरसागंज में ग्राम जायनई माता मंदिर के लिए 130 लाख रुपये तथा सिरसागंज के ही रामकृष्ण धाम मंदिर (गंगा सागर गरियारी) के पर्यटन विकास के लिए 70 लाख रुपये, सिरसागंज स्थित आम्बेडकर पार्क के पर्यटन विकास के लिए 70 लाख रूपये, सिरसागंज के ही रामकंठ आश्रम के पर्यटन विकास के लिए 01 करोड़ रुपये, सिरसागंज स्थित ऐतिहासिक श्री राधाकृष्ण मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 90 लाख रुपये, सिरसागंज के ही ग्राम मावली में वेद उपवन पार्क के लिए 75 लाख रुपये, सिरसागंज के ही अकबरपुर में स्थित नीमकरौरी बाबा की जन्मस्थली पर पर्यटन सुविधाओं के लिए 145 लाख रुपये, सिरसागंज के विकास खण्ड फिरोजाबाद के ग्राम करहरा में ग्रामीण पर्यटन विकास के लिए 20 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है। टुण्डला विकासखण्ड फिरोजाबाद के ग्राम अकबरपुर में ग्रामीण पर्यटन विकास के लिए 35 लाख रुपये, जसराना बड़े जखैया महराज मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 188 लाख रुपये, सिरसागंज के समौर बाबा धाम करहरा हेतु अवस्थापना सुविधाएं एवं अन्य कार्य के लिए 1188 लाख रुपये, शिकोहाबाद में स्थित शिववाटिका मंदिर में बहुउद्देशीय अवस्थापना सुविधाओं के सृजन के लिए 118 लाख रुपये तथा सिरसागंज जनपद फिरोजाबाद के अंतर्गत रपड़ी इको टूरिज्म क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रकाश व्यवस्था, सुलभ शौचालय के लिए 162 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।

बागपत प्रदेश में आयुष्मान योजना में टॉप, योगी सरकार का संबल

योगी सरकार बनी संबल : आयुष्मान योजना के मामले में बागपत प्रदेश में नंबर वन बागपत में 123 करोड़ से अधिक का क्लेम, पहले की सरकारों में कभी नहीं मिली इतनी बड़ी राहत लक्ष्य के सापेक्ष 94 प्रतिशत से अधिक परिवारों को जोड़ा गया, पांच लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा पहले इलाज कराते-कराते कर्जदार बन जाते थे लोग, डबल इंजन की सरकार में मिला सहारा योगी सरकार ने दिखाया कि जब मजबूत हों इरादे तो कैसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है योजनाओं का लाभ लखनऊ  आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभाव से प्रदेश के लाखों परिवारों को अब बीमारी के समय आर्थिक संकट से जूझना नहीं पड़ता। पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा का अभूतपूर्व अध्याय लिखा जा रहा है।  बागपत जनपद इस दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेश में नंबर वन है, जहां लक्ष्य के सापेक्ष 94 प्रतिशत से भी अधिक परिवारों को योजना से जोड़ा जा चुका है। उम्मीद और सुरक्षा का प्रतीक बना आयुष्मान कार्ड डबल इंजन सरकार की इस पहल ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए इलाज को सुलभ बना दिया है। अब पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में उपलब्ध हो रहा है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि आयुष्मान कार्ड आज लोगों के लिए उम्मीद और सुरक्षा का प्रतीक बन चुका है। इससे न केवल इलाज संभव हुआ है, बल्कि लोगों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। इसके अंतर्गत साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोगों को योजना के दायरे में लाया गया है। बागपत बना मॉडल : 123 करोड़ से अधिक का क्लेम बागपत में आयुष्मान योजना के तहत 123 करोड़ रुपये से अधिक का क्लेम दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों के जीवन को बदल रही है। श्वेता को मिला नया जीवन बड़ौत की रहने वाली श्वेता कूल्हे की गंभीर समस्या से जूझ रहीं थीं। चलना-फिरना लगभग बंद हो चुका था और 2 लाख रुपए का ऑपरेशन कराना उनके परिवार के लिए संभव नहीं था। तभी आयुष्मान कार्ड ने उनकी जिंदगी बदल दी। सूचीबद्ध अस्पताल में उनका ऑपरेशन निःशुल्क हुआ और आज वे सामान्य जीवन जी रही हैं। समदीन के दर्द को मिला राहत का सहारा बड़ौत के समदीन लंबे समय से गुर्दे की पथरी के दर्द से परेशान थे। 55 हजार रुपए का ऑपरेशन कराना उनके लिए संभव नहीं था। आयुष्मान योजना के तहत उनका इलाज मुफ्त हुआ और अब वे फिर से काम पर लौट चुके हैं। सहाना के लिए बना जीवन रक्षक कवच ग्राम बड़ावद की सहाना को अचानक एपेंडिक्स की समस्या हुई। 40 हजार रुपए का खर्च परिवार के लिए बहुत बड़ा था लेकिन आयुष्मान योजना ने चिंता दूर कर दी। उनका ऑपरेशन निःशुल्क हुआ और आज वे स्वस्थ हैं। हर वर्ग को मिला भरोसा, हर घर तक पहुंची राहत बिलोचपुरा की महरोजा और खिंदौड़ा के मनोज कुमार जैसे अनेक लाभार्थियों की कहानियां इस योजना के प्रभाव को दर्शाती हैं। पहले जहां बीमारी का नाम सुनते ही लोग घबरा जाते थे, वहीं अब आयुष्मान कार्ड ने उन्हें यह भरोसा दिया है कि इलाज संभव है और जीवन सुरक्षित है। योगी सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। पारदर्शी व्यवस्था, व्यापक कवरेज और सक्रिय क्रियान्वयन के चलते आयुष्मान योजना आज प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार बन चुकी है। ऐसे हासिल किया लक्ष्य जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत सभी वृद्धावस्था पेंशनधारकों का शत-प्रतिशत कवरेज (सैचुरेशन) किया गया। इसके अलावा सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं शिक्षा मित्रों के माता-पिता को योजना से जोड़ा गया है। वहीं, जनप्रतिनिधियों के माता-पिता को भी आयुष्मान योजना के दायरे में लाया गया है।

योगी सरकार के निर्देश, 24 घंटे में राहत-मुआवजा; घायलों के उपचार में ढिलाई पर रोक

सीएम योगी के सख्त निर्देश, 24 घंटे में मिले मुआवजा, घायलों के इलाज में न हो लापरवाही प्रदेश में आंधी, वर्षा और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि को लेकर प्रशासन गंभीर  सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश  प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव टीमें सक्रिय लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में आंधी, वर्षा और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सीएम ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को घायलों के त्वरित व समुचित इलाज तथा सभी प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर राहत राशि उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। साथ ही जिलाधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने को कहा गया है। सीएम ने जताई संवेदना, राहत को लेकर दिए सख्त निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आपदा पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों का समुचित और तत्काल इलाज सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जनहानि, पशुहानि और घायलों को 24 घंटे के भीतर अनुमन्य राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अलर्ट जारी, प्रशासन सतर्क मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भी कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहें और खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने और आवश्यक संसाधनों के लिए शासन से समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव टीमें लगातार सक्रिय हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

शिक्षकों को मिला सम्मान और सुरक्षा, यूपी की शिक्षा व्यवस्था हुई मजबूत

शिक्षकों को सम्मान-सुरक्षा का संबल, यूपी में अब सशक्त शिक्षा व्यवस्था मानदेय बढ़ोतरी, तकनीकी प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सुविधाओं से शिक्षामित्रों-अनुदेशकों को मिला नया भरोसा लखनऊ प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए योगी सरकार ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के सशक्तीकरण पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लिए गए निर्णयों से शिक्षकों को सम्मान, सुरक्षा और संसाधनों का व्यापक संबल मिला है। इसी क्रम में सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि करते हुए क्रमशः ₹18,000 और ₹17,000 प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है, जिसे इसी माह से लागू कर दिया गया है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ही कार्य के प्रति उत्साह भी बढ़ा है।  योगी सरकार ने निपुण भारत मिशन के तहत 1.43 लाख शिक्षामित्रों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण देकर उनकी में भी दक्षता वृद्धि की है। ‘आई गॉट’ प्लेटफॉर्म पर एआई सहित 4,457 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा रहा है। ‘मानव संपदा पोर्टल’ के जरिए सेवा संबंधी प्रक्रियाएं भी सरल और पारदर्शी हुई हैं। शिक्षकों को आईआईटी, आईआईएम और इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का एक्सपोजर दिया जा रहा है, जिससे वे आधुनिक शिक्षा पद्धतियों से जुड़ सकें। उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को हर वर्ष राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया जा रहा है। इसके अलावा शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर सामाजिक सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप ‘अरुणोदय’ जैसे नवाचारों के जरिए विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता और आधुनिक कौशल विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि सशक्त शिक्षक ही मजबूत शिक्षा व्यवस्था की नींव हैं और इसी के आधार पर समृद्ध व सशक्त उत्तर प्रदेश का निर्माण संभव है।

लखनऊ में जमीन हुई महंगी: अनंत नगर में दरें बढ़ीं, 200 वर्ग मीटर प्लॉट पर 7 लाख से ज्यादा का अतिरिक्त बोझ

लखनऊ राजधानी लखनऊ में अपना फ्लैट लेना और आसान हो गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अपनी अफोर्डेबल हाउसिंग योजना अटल नगर को और अधिक बजट फ्रेंडली बना दिया है। अब लोग यहां 10 वर्ष की आसान किस्तों में फ्लैट ले सकेंगे, वह भी पहले से कम ब्याज दर पर। लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने लोगों की मांग पर इसका आदेश जारी कर दिया। छूट तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि देवपुर पारा स्थित अटल नगर योजना में 12 से लेकर 19 मंजिल के 15 टावरों में कुल 2,496 फ्लैट्स हैं। 30 वर्गमीटर से लेकर 54.95 वर्गमीटर क्षेत्रफल के इन फ्लैटों की कीमत लगभग 9.83 लाख रुपये से शुरू होती है। यहां अधिकांश फ्लैटों का लॉटरी से आवंटन किया जा चुका है। 630 फ्लैटों के लिए 18 अप्रैल से 17 मई, 2026 के मध्य ऑनलाइन पंजीकरण खोला गया है। इसमें 01 बीचके के 539 और 02 बीचके के 91 फ्लैट शामिल हैं। टॉवरों में लगभग 2500 फ्लैट बनाए गए हैं अटलनगर योजना में लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने अनंत नगर योजना में जमीन की कीमतें बढ़ा दी हैं। पहले यहां जमीन की कीमत 41150 रुपये प्रति वर्गमीटर थी। जिसे अब बढ़ाकर 44,731 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया है। एक झटके में प्रति वर्ग मीटर की कीमत में 3,581 रुपये का इजाफा किया गया है। 200 वर्ग मीटर प्लॉट पर 7.16 लाख ज्यादा चुकाने होंगे कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा असर मध्यम वर्ग पर पड़ा है। 200 वर्ग मीटर का भूखंड खरीदने वालों को अब पहले के मुकाबले करीब 7,16,200 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। जिन्हें पहले प्लाट आवंटित हो चुका है, उन्हें पुरानी दर पर ही भूखण्ड मिलेगा। नई बुकिंग कराने वालों का नई दर देनी होगी। व्यावसायिक भूखंड भी हुए महंगे आवासीय के दाम बढ़ने से एलडीए की व्यावसायिक भूखंडों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो गई है। पहले 82,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर दर प्रस्तावित थी। लेकिन अब यह बढ़कर 89,462 रुपये हो गयी है। यानी 7,162 का इजाफा हुआ है। छह लेन की सड़क बनेगी लखनऊ। लखनऊ में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सोमवार को योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत आउटर रिंग रोड (किसान पथ) के रैथा अंडरपास से पीएम मित्र पार्क (टेक्सटाइल पार्क) तक 14.280 किलोमीटर लंबाई की छह लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा आईआईएम लखनऊ से आउटर रिंग रोड रैथा अंडरपास मार्ग को दो लेन चौड़ा किया जाएगा। चौड़ीकरण का काम 8.70 किलोमीटर लंबाई में होगा। लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक परियोजना की पुनरीक्षित लागत ₹546 करोड़ 51 लाख 83 हजार रुपये आंकी गई है। यह परियोजना पीएम मित्र पार्क को बेहतर कनेक्टिविटी देगी, जिससे औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके अलावा सड़क अवसंरचना में सुधार से यातायात सुगमता बढ़ेगी और आमजन को आवागमन में राहत मिलेगी।