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राजधानी क्षेत्र में होगा तेज विकास, छत्तीसगढ़ का स्टेट कैपिटल रीजन बनेगा आर्थिक शक्ति केंद्र

स्टेट कैपिटल रीजन: छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को नई दिशा राजधानी क्षेत्र बनेगा आर्थिक शक्ति केंद्र, महानगरों की तर्ज पर होगा तेज विकास    आधुनिक अधोसंरचना और कनेक्टिविटी को मिलेगी गति रायपुर छत्तीसगढ़ में सुनियोजित शहरीकरण और संतुलित क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए स्टेट कैपिटल रीजन  (SCR) के गठन को मंजूरी मिल चुकी है। रायपुर सहित दुर्ग-भिलाई और नवा रायपुर अटल नगर को मिलाकर इस क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। विधानसभा से विधेयक पारित होने के साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को औपचारिक गति मिल गई है।             राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल राजधानी क्षेत्र के नियोजित विकास को सुनिश्चित करने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को मध्य भारत के प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राष्ट्रीय मॉडल पर आधारित समेकित विकास             स्टेट कैपिटल रीजन का विकास देश के प्रमुख शहरी मॉडलों – राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण की तर्ज पर किया जाएगा। इस मॉडल के अंतर्गत विभिन्न शहरों को एकीकृत करते हुए क्षेत्रीय स्तर पर योजनाबद्ध विकास किया जाएगा, जिससे अवसंरचना, आवास, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों का संतुलित विस्तार सुनिश्चित हो सके और संसाधनों का अधिकतम उपयोग संभव हो। मुख्यमंत्री की पहल से विकास को मिली नई गति              मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार इस योजना का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरीकरण को व्यवस्थित करना और नागरिकों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकार का फोकस ऐसे शहरी तंत्र के निर्माण पर है जहां बेहतर आवास, उच्च स्तरीय शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों, साथ ही उद्योग और व्यापार को प्रोत्साहन मिले तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए विकास को आगे बढ़ाया जा सके। 2031 तक 50 लाख आबादी के लिए व्यापक तैयारी             अनुमान है कि वर्ष 2031 तक स्टेट कैपिटल रीजन की आबादी 50 लाख से अधिक हो जाएगी। इस संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा दीर्घकालीन योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इन योजनाओं में आधुनिक परिवहन प्रणाली का विकास, सड़कों और कनेक्टिविटी का विस्तार, जल, बिजली और स्वच्छता सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा स्मार्ट शहरी सुविधाओं का विस्तार शामिल है। रायपुर से दुर्ग तक प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे के लिए बजट में प्रावधान किया गया है, जिससे क्षेत्र में तेज, सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण करेगा समन्वित संचालन              स्टेट कैपिटल रीजन के प्रभावी विकास और प्रबंधन के लिए राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है, जो इस पूरे क्षेत्र के लिए केंद्रीय नियामक और समन्वयकारी संस्था के रूप में कार्य करेगा। यह प्राधिकरण दीर्घकालीन विकास योजनाएं तैयार करने, अधोसंरचना परियोजनाओं को लागू करने, निवेश को आकर्षित करने तथा विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी निभाएगा। इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे, जबकि विभिन्न विभागों के मंत्री, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी इसके सदस्य होंगे। साथ ही एक कार्यकारी समिति भी गठित की गई है, जो योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेगी। कानूनी आधार से विकास को मिली मजबूती               इस महत्वाकांक्षी परियोजना को विधिक आधार प्रदान करने के लिए The Chhattisgarh Capital Region Development Authority Act, 2025 लागू किया गया है। यह अधिनियम प्राधिकरण की संरचना, शक्तियों, कार्यप्रणाली और वित्तीय अधिकारों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है, जिससे विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित होती है। वित्तीय संसाधनों की सुदृढ़ व्यवस्था              राज्य सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए राजधानी क्षेत्र विकास निधि और पुनरावृत्ति निधि की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही प्राधिकरण को विशेष उपकर लगाने, परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने और अपना वार्षिक बजट तैयार करने का अधिकार भी दिया गया है। इससे विकास कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी। निवेश, उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा             स्टेट कैपिटल रीजन के विकास से छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा। इसके परिणामस्वरूप नए उद्योग स्थापित होंगे, सेवा क्षेत्र का विस्तार होगा और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह क्षेत्र भविष्य में राज्य का प्रमुख आर्थिक हब बनकर उभर सकता है। पहली बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय            छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक विधानसभा में 11 मार्च 2026 को आयोजित हो चुकी है, जिसमें राजधानी क्षेत्र के विकास से जुड़े कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में क्षेत्रीय मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स के विकास, मेट्रो संचालन के लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी स्टडी, सर्वेक्षण कार्यों के संचालन तथा विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति पर चर्चा की गई।             इसके साथ ही प्राधिकरण के प्रशासकीय एवं वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन, ऑडिट सेवाओं के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट की नियुक्ति तथा प्लानिंग प्रभाग के लिए विशेषज्ञों की सेवाएं लेने के प्रस्तावों पर भी सहमति बनी। बैठक में राजधानी क्षेत्र विकास एवं निवेश योजना तैयार करने की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके अंतर्गत निवेश क्षेत्रों का चिन्हांकन, आवश्यक सर्वेक्षण, अनुसंधान एवं अध्ययन तथा चरणबद्ध परियोजना क्रियान्वयन की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही भूमि विकास और आवंटन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने पर भी सहमति बनी। प्राधिकरण की प्रारंभिक गतिविधियों के लिए 27 करोड़ रुपए के प्रावधान की जानकारी भी बैठक में दी गई। समग्र विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल            राजधानी रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्र तेजी से एक बड़े शहरी समूह के रूप में विकसित हो रहे हैं। ऐसे में महानगरों की तर्ज पर इनके संतुलित और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। स्टेट कैपिटल रीजन की परिकल्पना इसी आवश्यकता का परिणाम है, जो भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनेगा।            स्टेट कैपिटल रीजन की पहल … Read more

पानी की समस्या पर CM साय ने लिया त्वरित एक्शन, अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र की चेराजोबला बस्ती में पेयजल समस्या से संबंधित समाचार पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने आज सुबह नाला और ढोढ़ी के दूषित जल की मीडिया रिपोर्ट्स को गंभीरता से लिया और सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत को फोन कर प्रभावित बस्ती में शीघ्र पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चेराजोबला बस्ती में पेयजल संकट की स्थिति का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार हैंडपंप खनन, वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाए. उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ जमीन पर सुनिश्चित करना है.

लेबर रजिस्ट्रेशन की झंझट खत्म, कारोबारियों को एक दिन में मिलेगा प्रमाणपत्र

रायपुर. छत्तीसगढ़ में व्यापार करने वाले दुकानदारों और कारोबारियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। राज्य के श्रम विभाग ने ‘छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना नियम, 2021’ में संशोधन का प्रस्ताव जारी किया है। नए नियम के लागू होने से दुकान मालिकों को 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मिलेगा। नई व्यवस्था में दुकानदारों को अपनी दुकान की ‘श्रम पहचान संख्या’ (लेबर रजिस्ट्रेशन) प्राप्त करने के लिए अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यही नहीं यदि किसी दुकानदार को अपने पंजीकरण प्रमाण-पत्र में कोई बदलाव (जैसे- नियोजक या भागीदार का नाम, पता, कर्मचारियों की संख्या या कार्य का स्वरूप आदि) करना है, तो इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए मात्र 100 रुपये का संशोधन शुल्क तय किया गया है। आवेदन और शुल्क प्राप्ति के 24 घंटे के अंदर ही नया संशोधित प्रमाण-पत्र भी ऑनलाइन जारी कर दिया जाएगा। श्रम विभाग के नए नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक दुकान और स्थापना के मालिक की यह जिम्मेदारी होगी कि वह पंजीकरण प्रमाण-पत्र को दुकान के नाम के साथ अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करे। इसे ऐसे स्थान पर लगाया जाना चाहिए, जहां से यह आसानी से देखा और पढ़ा जा सके। तो दुकानदार की होगी पूरी जिम्मेदारी चूंकि यह नई डिजिटल व्यवस्था पूरी तरह से स्वघोषणा (सेल्फ डिक्लेरेशन) पर आधारित है, इसलिए विभाग ने कड़ा प्रावधान किया है। यदि आवेदन में दी गई कोई भी जानकारी, तथ्य या दस्तावेज झूठे, त्रुटिपूर्ण या भ्रामक पाए जाते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी केवल दुकानदार की ही होगी। सरकार ने 30 दिनों के भीतर मांगे सुझाव राज्य शासन ने इस राजपत्र अधिसूचना का ड्राफ्ट जारी करते हुए आम जनता और इस नियम से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों से आपत्तियां और सुझाव मंगाए गए हैं। अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से 30 दिनों के भीतर उप सचिव, श्रम विभाग, मंत्रालय के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अपने सुझाव या आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। तय समय में प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इस तरह करना होगा आवेदन बताया गया है कि इसके लिए श्रम पहचान संख्या के लिए निर्धारित प्रारूप (फॉर्म-2) में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवश्यक दस्तावेजों और ई-चालान के माध्यम से शुल्क जमा करने के महज 24 घंटे के भीतर वेबपोर्टल के जरिए पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी कर दिया जाएगा। यह प्रमाण- पत्र स्वघोषणा पर आधारित और पूरी तरह से सिस्टम-जनरेटेड होगा, जिसमें किसी भी अधिकारी के फिजिकल हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं होगी।

मुख्यमंत्री साय ने दूरभाष पर पद्मश्री फुलबासन यादव से की चर्चा, जाना हालचाल

मुख्यमंत्री  साय ने दूरभाष पर पद्मश्री फुलबासन यादव से की चर्चा, जाना हालचाल पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर फुलबासन यादव ने जताया संतोष, कहा- मिला पूरा सहयोग पुलिस प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के दिए गए हैं निर्देश रायपुर पद्मश्री सम्मान से अलंकृत वरिष्ठ समाजसेवी श्रीमती फुलबासन यादव के साथ हुई अप्रिय घटना को मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज सुबह स्वयं दूरभाष पर श्रीमती फुलबासन यादव से चर्चा कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा घटना की जानकारी ली।    मुख्यमंत्री  साय ने आश्वस्त किया कि इस मामले की हर पहलू से गहन जांच की जाएगी। दोषी चाहे जो हो, बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को इस संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए हैं। पद्मश्री  फुलबासन यादव ने घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया।

हारी सीटों पर कांग्रेस की रणनीति पर साव का तंज, कहा- “इस पार्टी का कुछ नहीं होना”

रायपुर. आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अभी से हारने वाली सीटों पर कांग्रेस ने फोकस करने वाले बयान पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कुछ नहीं होना है. कांग्रेस के पास न नेतृत्व है, ना नीयत है. अर्बन नक्सल की तरह देश में भ्रम और अफवाह फैलाने का काम कर रही कांग्रेस पूरी तरह से एक्पोज हो चुकी है. जनता इनसे दूर जा चुकी है. इसका लाभ उन्हें नहीं होगा. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया से चर्चा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी गई है. छत्तीसगढ़ में एक अच्छा वातावरण बना है, बस्तर विकास की ओर आगे बढ़ेगा, बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प पूरा होगा. वहीं कांग्रेस के गृहमंत्री शाह के उद्योगपतियों के लिए जमीन देखने आने वाले बयान पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अफवाह फैला रही है. वे इसी तरह का बयान देते हैं. जिससे लगता है कि कांग्रेस अर्बन नक्सल्स की तरह काम कर रही है. उन्हें बस्तर में पेयजल की समस्या, अस्पताल, सड़क निर्माण की चिंता नहीं है. 3 लाख 91 हजार आदिवासी भाइयों ने बस्तर ओलंपिक में अपना पंजीयन कराया, उन्हें इसकी चिंता नहीं है. देश की जनता ने कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को नकारा है. सुशासन तिहार को लेकर कांग्रेस जनता के बीच जाकर सरकार की खामियां गिनाए जाने पर उप मुख्यमंतमरी साव ने कहा कि लोगों ने कांग्रेस को अपने घर, अपने मन से निकाल दिया है, उसका कुछ होना नहीं है. वहीं पद्मश्री फूलबासन यादव के अपहरण की कोशिश पर साव ने कहा कि इस तरह की बात मैने भी सुनी है. प्रशासन संज्ञान लेगा. छत्तीसगढ़ का ये वातावरण नहीं है. वहीं कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश को अपराध का गढ़ बनाया. वे किस मुंह से ऐसी बातें बोलते हैं.

बड़ा प्रशासनिक बदलाव: अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी, सरकारी आदेश जारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ में एक बार फिर प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल रहा है। यहां राज्य सरकार ने कई विभागों के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल किया है। इन्हें नए प्रभार सौंपे गए है। इसके लिए प्रशासन ने आदेश जारी किया है। जारी आदेश के मुताबिक, अंकिता गर्ग को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। जबकि वह कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग में उप सचिव के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाती रहेंगी। वहीं, खनिज साधन विभाग में उप सचिव के पद पर कार्यरत सरोज उईके को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब वे दोनों विभागों के कार्यों का समन्वय संभालेंगी।

हाईकोर्ट में सुनवाई व्यवस्था बदली, समर वेकेशन से पहले नया रोस्टर लागू

बिलासपुर. हाईकोर्ट में ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले रोस्टर में बदलाव किया गया है. आगामी गुरूवार 7 मई से चार डिवीजन बेंचों और 14 सिंगल बेंचों में नियमित सुनवाई की जाएगी. आज जारी रोस्टर के अनुसार पहली डीबी में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल रिट अपील, हेबियस कार्पस, पीआईएल, अपराधिक अवमानना, विशेष मामलों की सुनवाई करेंगे. जस्टिस संजय के अग्रवाल व जस्टिस संजय कुमार जायसवाल. की दूसरी डीबी में सभी क्रिमिनल मामले जो किसी अन्य डीबी में नहीं भेजे गए हों और वर्ष 2022 तक के अल्ट्रा वायरस मैटर सुने जायेंगे . जस्टिस संजय अग्रवाल और जस्टिस एन के व्यास की तीसरी डीबी में सभी इक्विटल अपीलें सन 2016 से लेकर अब तक सुनी जानी हैं. इसी तरह चौथी डिवीजन बेंच में जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत डीबी के सभी सिविल मामले जो किसी अन्य डीबी में न गए हों सुने जायेंगे. यही डीबी मेट्रीमोनियल फर्स्ट अपील, टेक्स मामले, आर्टिकल 323 ए और 323बी के तहत सभी रिट मामले सुनेगी. इसके साथ ही चीफ जस्टिस की स्पेशल बेंच समेत 14 सिंगल बेंचों में भी सुनवाई की जाएगी.

नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए खुशखबरी, राजनांदगांव जॉब फेयर में 794 वैकेंसी

राजनांदगांव. अगर आप भी नौकरी की तलाश में हैं, तो आपके लिए यह सुनहरा मौका बन सकता है. वीडियो एडिटर, होटल मैनेजमेंट, नर्सिंग स्टाफ जैसे 794 पदों पर भर्ती होने जा रही है. इस मेजॉब फेयर में अलग-अलग प्राइवेट कंपनियां हिस्सा लेंगी, जिससे विभिन्न सेक्टर में नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे. जिला रोजगार कार्यालय, राजनांदगांव  के माध्यम से बुधवार यानी 6 मई से सुबह 10.30 बजे से दोपहर 3 बजे तक सेफ इंटेलीजेंट सिक्योरिटी (150 गार्ड), टैंगो सिक्योरिटी (80 गार्ड), और अन्य संस्थाओं द्वारा सुपरवाइजर और फील्ड ऑफिसर के पद पर, एसआर हॉस्पिटल दुर्ग (नर्सिंग स्टाफ – 30 पद), स्टार आदर्श होम हेल्थ केयर (केयर टेकर – 100 पद) के पद पर, स्मार्ट मीटर टेक्निशियन (40 पद), वीडियो एडिटर, होटल मैनेजमेंट (केवल महिला – 50 पद), फायरमेन, ड्राइवर और अकाउंटेंट के पद पर भर्ती की जाएगी.  आवेदन की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए ई-रोजगार पोर्टल erojgar.cg.gov.in पर ऑनलाइन पंजीयन करना अनिवार्य है. मेले के दिन अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता के मूल प्रमाण पत्र एवं छायाप्रति, आधार कार्ड, दो पासपोर्ट साइज नवीनतम फोटो अपने साथ लाने होंगे.  प्रशासन की अपील जिला प्रशासन ने अपील की है कि योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित समय पर उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएं. अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र (मॉडल कैरियर सेंटर), राजनांदगांव से संपर्क कर सकते हैं.

अखबार में प्रकाशित पेयजल संकट पर मुख्यमंत्री साय की त्वरित प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अखबार में प्रकाशित पेयजल समस्या की खबर पर लिया त्वरित संज्ञान सुबह अखबार पढ़ते ही कलेक्टर सरगुजा को फोन कर दिए समाधान के निर्देश मैनपाट के सपनादर स्थित चेराजोबला बस्ती में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र की चेराजोबला बस्ती में पेयजल समस्या से संबंधित समाचार पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आज सुबह समाचार पत्रों का अवलोकन करते समय “नाला और ढोढ़ी के दूषित जल पर आज भी निर्भर हैं वनवासी” शीर्षक से प्रकाशित खबर को गंभीरता से लिया और सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत को फोन कर प्रभावित बस्ती में शीघ्र पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चेराजोबला बस्ती में पेयजल संकट की स्थिति का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार हैंडपंप खनन, वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ ज़मीन पर सुनिश्चित करना है।

कानून व्यवस्था को मजबूत करने सूरजपुर पुलिस में बदलाव, 12 ASI इधर से उधर

सूरजपुर. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के पुलिस विभाग में फेरबदल हुआ है. जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सहायक उपनिरीक्षकों स्तर के 12 पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया है. इनमें से 3 को चौकी प्रभारी बनाया गया है, वहीं एक को रक्षित केंद्र भेजा गया है. इस संबंध में जिले के पुलिस कप्तान ने आदेश जारी किया है. किसे कहां की मिली जिम्मेदारी?  जारी तबादला सूची में शामिल पुलिसकर्मियों में संजय यादव को चौकी प्रभारी सलका से थाना झिलमिली भेजा गया है, जबकि गुड्डू कुमार को थाना विश्रामपुर से चौकी प्रभारी सलका  की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसी तरह संतोष सिंह को चौकी प्रभारी करंजी से चौकी प्रभारी खेड़ी बनाया गया है. विशाल मिश्रा को थाना विश्रामपुर से चौकी करंजी स्थानांतरित किया गया है. कृष्ण कुमार सिंह को चौकी प्रभारी खेड़ी से रक्षित केंद्र सूरजपुर भेजा गया है, जबकि अशोक साहू  को रक्षित केंद्र से थाना विश्रामपुर पदस्थ किया गया है. विवेकानंद सिंह को रक्षित केंद्र से थाना भटगांव स्थानांतरित किया गया है. हरिशंकर तिवारी को थाना प्रतापपुर  से थाना विश्रामपुर भेजा गया है. नंदलाल को थाना भटगांव  से थाना विश्रामपुर में पदस्थ किया गया है. सिप्रियन टोप्पो को रामानुजनगर से थाना प्रेमनगर स्थानांतरित किया गया है. विनोद कुमार को चौकी रेवटी  से थाना चंदौरा भेजा गया है. वहीं मानिक चंद को चौकी लोटरी से थाना भटगांव पदस्थ किया गया है. आदेश में यह भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि सभी संबंधित अधिकारी तत्काल प्रभाव से अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करें. पुलिस प्रशासन के इस कदम को जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है.