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छत्तीसगढ़ के पहले अत्याधुनिक बकरी ब्रीडिंग एवं रिसर्च सेंटर की तैयारी

रायपुर छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से धमतरी जिले का भटगांव एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बनने जा रहा है। कलेक्टर की विशेष पहल पर यहाँ राज्य का पहला “रिसर्च कम इंटीग्रेटेड प्रोडक्शन एडवांसमेंट ब्रीडिंग सेंटर” स्थापित किया जा रहा है। यह केंद्र न केवल पशुपालन के पारंपरिक स्वरूप को बदलेगा, बल्कि वैज्ञानिक अनुसंधान और उद्यमिता का एक ग्लोबल मॉडल पेश करेगा। वैज्ञानिक पशुपालन- परंपरा और तकनीक का संगम          यह केंद्र पारंपरिक बकरी पालन की सीमाओं को तोड़कर इसे आधुनिक और लाभप्रद व्यवसाय में बदलेगा। केंद्र में कृत्रिम गर्भाधान, पैथोलॉजी जांच और त्वरित रोग निदान के लिए हाई-टेक प्रयोगशाला होगी। रिसर्च यूनिट के माध्यम से बकरी की उन्नत नस्लों का संरक्षण और प्रजनन किया जाएगा, जिससे पशुपालकों को बेहतर गुणवत्ता के पशु मिल सकें। पशुओं के लिए टिकाऊ आहार और विभिन्न प्रकार के हरे चारे के उत्पादन की वैज्ञानिक पद्धतियों का प्रदर्शन किया जाएगा। कौशल विकास- पशु सखियों और युवाओं को मिलेगा नया मंच           कलेक्टर धमतरी के विजन के अनुसार, यह केंद्र केवल एक ब्रीडिंग सेंटर नहीं बल्कि एक लर्निंग सेंटर भी होगा। युवाओं और किसानों के लिए हॉस्टल की सुविधा के साथ ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। प्रथम चरण में ही 10-12 स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जाएगा। पशु सखियों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर उद्यमी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भविष्य का रोडमैप- माणिकस्तु के साथ ग्लोबल विजन          परियोजना की सफलता के लिए ओडिशा की प्रतिष्ठित फर्म माणिकस्तु (डंदपोजन) के विशेषज्ञों का तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में उन्नत नस्लों की खरीद-बिक्री के लिए एक पारदर्शी मार्केटिंग प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा। भविष्य में यहाँ राज्य की सबसे आधुनिक समर्पित पशुधन मंडी और पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की योजना है।

विशंकर जलाशय की सुरक्षा के लिए गेटों की मरम्मत एवं आवश्यक कार्यों हेतु 65.50 करोड़ रुपए की मिली प्रशासनिक स्वीकृति

रायपुर प्रदेश में सिंचाई संरचनाओं की सुरक्षा और जल प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा लगातार प्रभावी कदम उठाया जा रहा है। इसी कड़ी में जल संसाधन विभाग द्वारा धमतरी जिले में स्थित रविशंकर सागर जलाशय (गंगरेल बांध) के गेटों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों के लिए 65 करोड़ 50 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है।          जारी स्वीकृति के अनुसार जलाशय में एपॉक्सी ग्राउटिंग, फ्लेक्सिबल शाफ्ट हाई प्रेशर वाटर जेट से चोक व्हीपीडी की सफाई सहित अन्य आवश्यक मरम्मत एवं संरक्षण कार्य कराए जाएंगे। यह कार्य जलाशय की संरचनात्मक मजबूती, संचालन क्षमता और दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।            राज्य शासन द्वारा महानदी परियोजना के मुख्य अभियंता को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। कार्यों में वित्तीय अनुशासन, तकनीकी मापदंडों तथा पारदर्शी निविदा प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही कार्य की नियमित मॉनिटरिंग एवं गुणवत्ता परीक्षण भी किए जाएंगे, ताकि निर्माण कार्य उच्च मानकों के अनुरूप संपन्न हो सके।            उल्लेखनीय है कि रविशंकर सागर जलाशय प्रदेश की बहुत पुरानी और प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में से एक है, जिससे कृषि, जलापूर्ति और क्षेत्रीय विकास को व्यापक लाभ मिलता है। स्वीकृत कार्यों के पूर्ण होने से जलाशय की कार्यक्षमता और सुरक्षा में और अधिक मजबूती आएगी, जिससे किसानों एवं आमजन को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा। जल संसाधन विभाग द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि कार्यों के क्रियान्वयन में सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रावधानों पालन सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।

हरा सोना, नई उड़ान: वनोपज से आत्मनिर्भरता की ओर छत्तीसगढ़

रायपुर छत्तीसगढ़, जिसे हर्बल स्टेट के रूप में जाना जाता है, आज अपनी समृद्ध वन संपदा और दूरदर्शी शासकीय नीतियों के बल पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दे रहा है। यहाँ के वनों से प्राप्त होने वाला ग्रीन गोल्ड अब केवल स्थानीय उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक बाज़ारों में अपनी चमक बिखेर रहा है। छत्तीसगढ़ की यह पहल न केवल वनों का संरक्षण कर रही है, बल्कि ग्रामीण समाज में स्वावलंबन, आत्मविश्वास और आर्थिक सुरक्षा की एक नई चेतना का संचार कर रही है। ‘ग्रीन गोल्ड’ (हरा सोना) वनों की असली पूँजी छत्तीसगढ़ में वनोपज को श्हरा सोनाश् कहा जाता है, जो राज्य की आर्थिक रीढ़ है। तेंदूपत्ता एवं बांस बहुमुखी उपयोगिता के कारण इन्हें प्रमुखता से श्हरा सोनाश् माना जाता है। लाख, शहद और दुर्लभ औषधीय पौधों के साथ-साथ सागौन, साल, बीजा और शीशम जैसे कीमती वृक्ष यहाँ प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। आधुनिक प्रसंस्करण के माध्यम से इन कच्चे माल को उच्च मूल्य के उत्पादों में बदला जा रहा है। जामगांव एम केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और वन मंत्री  केदार कश्यप द्वारा लोकार्पित यह इकाई वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था का पावरहाउस है। आंवला, बेल, गिलोय और अश्वगंधा जैसे उत्पादों को जूस, कैंडी और हर्बल पाउडर में परिवर्तित किया जाता है। वैज्ञानिक भंडारण यहाँ 20 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले अत्याधुनिक गोदाम हैं, जो उपज को सुरक्षित रखते हुए संग्राहकों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाते हैं।           छत्तीसगढ़ हर्बल्स स्थानीय से वैश्विक तक राज्य सरकार का यह आधिकारिक ब्रांड शुद्धता और प्राकृतिक उत्पादों का पर्याय बन चुका है। संजीवनी स्टोरों की संख्या 30 से बढ़कर अब 1,500 से अधिक हो गई है। ई-कॉमर्स अब ये उत्पाद अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध हैं। प्रमुख उत्पाद भृंगराज तेल, नीम तेल, च्यवनप्राश, शुद्ध शहद, महुआ उत्पाद, बेल शर्बत और विभिन्न आयुर्वेदिक चूर्ण। महिला सशक्तिकरण अर्थव्यवस्था की रीढ़           इस पूरी व्यवस्था के केंद्र में महिला स्व-सहायता समूह हैं। दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों की महिलाएं मशीन संचालन, गुणवत्ता परीक्षण और पैकेजिंग का कार्य संभाल रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन में कमी आई है और परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह मॉडल आदिवासी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्तश् बनाने का सफल उदाहरण है।           हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट (2025) भविष्य की राह को देखते हुए वर्ष 2025 में स्थापित इस यूनिट ने छत्तीसगढ़ को हर्बल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित कर दिया है। यहाँ औषधीय पौधों से उच्च गुणवत्ता वाले अर्क तैयार किए जाते हैं, जिनकी भारी मांग अंतर्राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल और वेलनेस इंडस्ट्री में है। राज्य अब केवल कच्चा माल देने वाला क्षेत्र नहीं, बल्कि परिष्कृत उत्पादों का निर्माता बन गया है।

जनता की सुनवाई और त्वरित निराकरण: सुशासन तिहार बना राहत का मंच

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” के तहत आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मौके पर प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में 4 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित आवासों की चाबी सौंपी गई। लाभान्वित हितग्राहियों में ग्राम सिमड़ा की जेरोम, मयूरचुंदी के बीरबल यादव, करडेगा के टूना राम तथा जगदीश यादव शामिल हैं। पक्के मकान की चाबी पाकर सभी हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें बारिश, धूप और अन्य कठिनाइयों से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उनका सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का सपना साकार हुआ है और अब वे अपने परिवार के साथ नए घर में सुखपूर्वक जीवन व्यतीत करेंगे। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। हितग्राहियों को मिले राशन कार्ड मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। “गांव-गांव, द्वार-द्वार” पहुंच रही प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का निराकरण कर उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए गए। शिविर में कुल 5 हितग्राहियों को नए राशन कार्ड प्रदान किए गए, जिससे उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। लाभान्वित हितग्राहियों में ग्राम सिमड़ा की अनामिका टोप्पो, मयूरचुंदी की लीलावती गोंड तथा सेली खेस की गीता सिंह सहित अन्य हितग्राही शामिल हैं। राशन कार्ड प्राप्त होने पर महिलाओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। हितग्राहियों ने कहा कि सुशासन तिहार उनके लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ है। अब उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, बल्कि प्रशासन स्वयं गांव के नजदीक पहुंचकर त्वरित समाधान उपलब्ध करा रहा है।सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है, जिससे आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। घुटनों के बल चलने की मजबूरी थमी छत्तीसगढ़ सरकार की ‘सुशासन’ की संकल्पना अब धरातल पर उन चेहरों पर मुस्कान बनकर लौट रही है, जो वर्षों से अभावों में जी रहे थे। धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम सिवनीकला में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ एक ऐसा ही मंच बना, जिसने दिव्यांग जीवन लाल साहू के संघर्षपूर्ण जीवन को नई गति और गरिमा प्रदान की है। सिवनीकला निवासी जीवन लाल साहू बचपन से ही दोनों पैरों की गंभीर दिव्यांगता का दंश झेल रहे हैं। दशकों तक उन्होंने वह दर्द सहा है, जहाँ चंद कदमों की दूरी तय करने के लिए उन्हें घुटनों के बल रेंगना पड़ता था। शारीरिक अक्षमता के बावजूद जीवन लाल ने कभी खुद को बेबस नहीं माना। वे न केवल अपने परिवार की दो एकड़ कृषि भूमि की देखरेख में हाथ बंटाते हैं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी स्वाभिमान के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। ​शासन की योजनाओं का मिला संबल जीवन लाल के परिवार को शासन की विभिन्न जनहितैषी योजनाओं का निरंतर लाभ मिल रहा है। दिव्यांग पेंशन के रूप में 500 रुपए की ​आर्थिक सहायता और राशन कार्ड के जरिए हर महीने मिलने वाला 35 किलो चावल मिल रहा है। सुशासन तिहार के माध्यम से मौके पर ही ट्राइसाइकिल की उपलब्धता से अब कही आने जाने में समस्या नही होगी। ​ जब जीवन लाल को ग्रामीणों से ‘सुशासन तिहार’ के बारे में पता चला, तो वे अपनी अर्जी लेकर समाज कल्याण विभाग के स्टॉल पर पहुँचे। जिला प्रशासन की संवेदनशीलता का आलम यह था कि उनके आवेदन पर बिना किसी विलंब के तत्काल कार्यवाही की गई और शिविर स्थल पर ही उन्हें निशुल्क ट्राइसाइकिल भेंट की गई। इस पर जीवन लाल ने कहा कि अब मुझे खेत जाने या गांव में कहीं भी आने-जाने के लिए दूसरों का मुँह नहीं ताकना पड़ेगा। यह सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि मेरे लिए नए पैर हैं जो मुझे आत्मनिर्भर बनाएंगे।   संवेदनशील प्रशासन, सशक्त नागरिक ट्राइसाइकिल पाकर भावुक हुए जीवन लाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि सरकार की इस संवेदनशीलता ने उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ दिया है। धमतरी के इस सुशासन तिहार ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब प्रशासन द्वार तक पहुँचता है, तो अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का जीवन वाकई बदल जाता है। जीवन लाल की यह कहानी प्रदेश के हजारों दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा और सुशासन के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है। मत्स्य पालकों के लिए सुशासन शिविर बना वरदान दंतेवाडा जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में कलस्टर वार हो रहे सुशासन शिविरों से जहां मौके पर ही ग्रामीणों की अधिकतर समस्याओं का समाधान किया जा रहा हैं। वही विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को आधुनिक तकनीकों से युक्त यंत्र उपकरण सामग्रियां निशुल्क वितरण की जा रही है। इससे हितग्राहियों में अच्छा खासा उत्साह देखा जा रहा है और अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हो रहे हैं। इस क्रम में विगत दिवस भूसारास और हल्बारास में संपन्न हुए सुशासन शिविर में मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य पालकों को उन्नत जाल और आईस बाक्स वितरण करके उनके व्यवसाय को सुविधाजनक और आर्थिक अनुकूलन बनाने का सफल प्रयास किया जा रहा हैं। विकासखंड कटेकल्याण अंतर्गत ग्राम भूसारास में 6 मई को हुए हितग्राही हिड़मा मण्डावी एवं महादेव मरकाम भी लाभान्वित ग्रामीणों में से एक है। इस संबंध में मत्स्य कृषक हिड़मा ने बताया कि वह विगत 10 वर्षों से अपने स्वयं की भूमि में 0.20 हे. का तालाब निर्माण कर भारतीय मेजर कार्प रोहू, कतला, मृगल का संचयन कर मछली पालन का कार्य … Read more

रायपुर-बिलासपुर समेत कई शहरों के अधिकारी बदले

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई वरिष्ठ इंजीनियरों के तबादला आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के तहत राज्य के विभिन्न निकायों में पदस्थ कार्यपालन और सहायक अभियंताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।     ​      राज्य शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार लाल महेंद्र प्रताप सिंह कार्यपालन अभियंता को नगर निगम रायपुर से  नगर निगम बिलासपुर भेजा गया है। इसी प्रकार दिनेश नेताम कार्यपालन अभियंता को कवर्धा से स्थानांतरित कर संयुक्त संचालक कार्यालय दुर्ग में पदस्थ किया गया है।    ​       अभियंताओं की नई पदस्थापना में बृजेश वास्तव सहायक अभियंता को कोण्डागांव से बिलासपुर और ललित कुमार त्रिवेदी सहायक अभियंता को भी बिलासपुर में प्रभारी कार्यपालन अभियंता की कमान सौंपी गई है। दुर्ग क्षेत्र में भी बदलाव किए गए हैं, जिसके तहत सी.बी. परगनिहा सहायक अभियंता को दुर्ग से धमतरी, हेमन्त कुमार साहू सहायक अभियंता को भिलाई-चरौदा से नगर निगम दुर्ग और चन्द्रशेखर सारथी सहायक अभियंता को रायगढ़ से नगर पालिका चांपा भेजा गया है। वहीं नवा रायपुर में पदस्थ गगन वासन अब नगर निगम जगदलपुर में सहायक अभियंता के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। ​रिसाली कार्यपालन अभियंता को मिला अतिरिक्त प्रभार    ​ प्रशासनिक कार्यों को गति देने के लिए नगर पालिक निगम रिसाली के कार्यपालन अभियंता सुनील दुबे को उनके वर्तमान कार्यों के साथ-साथ संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास (क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग) के अधीक्षण अभियंता का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

हेड मास्टर पर गिरी गाज: ‘लक्ष्मी देवी भारद्वाज’ की जगह पढ़ाया ‘हाले लुइया’, DEO का एक्शन

जांजगीर-चांपा. जिले में स्कूली बच्चों को धार्मिक रूप से भड़काने और धर्मांतरित करने का मामला सामने आया है. ग्रामीणों की शिकायत के पर डीईओ ने कार्रवाई करते हुए महिला प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया है. इसमें बड़ी बात यह है कि जिस हेड मास्टर के खिलाफ कार्रवाई हुई हैं, उनका नाम लक्ष्मी देवी भारद्वाज है, जो छात्र-छात्राओं को हिन्दू देवी-देवताओं के विरुद्ध भड़काकर ईसाई रीति-नीति से धर्मांतरित करने का प्रयास रही थीं. जानकारी के अनुसार, बलौदा के पीएमश्री कन्या प्राथमिक शाला में प्रधान पाठक लक्ष्मी देवी भारद्वाज के खिलाफ ग्रामीणों ने जनसमस्या शिविर के दौरान शिकायत की थी. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि महिला प्रधान पाठक स्कूल में प्रार्थना सभा में “जन गण मन” की जगह अन्य धार्मिक वाक्य सिखाती हैं. यही नहीं छात्र-छात्राओं को हिन्दू देवी-देवताओं के विरुद्ध भड़काकर ईसाई रीति-नीति से धर्मांतरित करने का प्रयास रही थीं. इसके साथ वित्तीय अनियमितता और फर्जी बिल-वाउचर के भी आरोप लगाए गए. शिविर में शिकायत सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा. जिला शिक्षा अधिकारी ने शिकायत पर महिला प्रधान पाठक को कारण बताओ सूचना जारी किया गया. प्रधान पाठक द्वारा जवाब संतोष जनक नहीं देने पर उन्हें कृत्य को गंभीर कदाचार की श्रेणी में पाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया. इसके साथ उनका मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा नियत किया गया. निलंबन काल में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी. थाने में भी दर्ज किया गया मामला धर्मांतरण करने और लोक शांति भंग होने के अंदेशे पर पीएमश्री कन्या प्राथमिक शाला, बलौदाबाजार की प्रधान पाठक लक्ष्मी भारद्वाज के खिलाफ बलौदा थाना में ईश्तगासा क्रमांक 261 / 2025 धारा 126, 135 ( 3 ) बीएनएसएस कायम किया गया है. निलंबन के साथ थाने में मामला दर्ज होने से लक्ष्मी देवी भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई हैं. 

भाजपा संगठन में हलचल तेज: 12 और 13 मई को कार्यसमिति बैठक में तय होगी नई रूपरेखा

रायपुर. छत्तीसगढ़ भाजपा ने आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर प्रदेश कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह बैठक रायपुर में 12 और 13 मई को आयोजित की जाएगी, जिसमें पार्टी के प्रदेश प्रभारी, जिला अध्यक्षों और कोर ग्रुप के सदस्य शामिल होंगे। बैठक की जानकारी देते हुए केदार कश्यप ने बताया कि इस दौरान संगठन के मंडल और जिला प्रशिक्षण वर्ग की समीक्षा की जाएगी। साथ ही पार्टी के आगामी कार्यक्रमों और अभियानों की रूपरेखा भी तय की जाएगी। बैठक में भाजपा संगठन आने वाले महीनों के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति पर मंथन करेगा। इसमें जमीनी स्तर पर पार्टी को और मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं। राजनीतिक प्रस्ताव होगा पारित वन मंत्री के अनुसार, कार्यसमिति की बैठक में एक राजनीतिक प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा, जिसमें पश्चिम बंगाल और असम चुनावों में भाजपा की जीत पर मतदाताओं का आभार व्यक्त किया जाएगा। साथ ही नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के लिए धन्यवाद प्रस्ताव भी रखा जाएगा। चुनावी तैयारी का संकेत राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक आने वाले चुनावों और संगठन विस्तार की दिशा में भाजपा की रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। 19 मई को जगदलपुर में अमित शाह की बड़ी बैठक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 19 मई को बस्तर दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे एक उच्चस्तरीय अंतर-राज्यीय समन्वय बैठक (Inter-State Council meeting) की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती 5 राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा गृह मंत्री इस दौरान बस्तर में विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे और सुरक्षा बलों के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा भी करेंगे। वरिष्ठ मंत्रियों के शामिल होने की संभावना उच्चस्तरीय सूत्रों के अनुसार अमित शाह की बस्तर बैठक नक्सलवाद के खात्मे के बाद की सुरक्षा स्थिति और अंतर-राज्यीय विकास के मुद्दों पर केंद्रित होगी। छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करने के सरकार के लक्ष्य (31 मार्च 2026) के बाद यह पहली बड़ी बैठक मानी जा रही है। इस बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। कुछ खबरों में आसपास के अन्य प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के जुड़ने की भी बात कही गई है। बैठक बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित की जाएगी।

राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी किया शेड्यूल: छत्तीसगढ़ में एक जून को पड़ेंगे उपचुनाव के वोट

रायपुर. राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को नगरी निकायों और पंचायतों के चुनाव व उपचुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया। दोनों चुनाव एक ही चरण में संपन्न होंगे। आयोग के अनुसार एक जून को मतदान कराया जाएगा, जबकि चार जून को परिणाम घोषित किए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने बताया कि चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 11 मई से शुरू होगी और 18 मई तक चलेगी। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 19 मई को की जाएगी। उम्मीदवार 21 मई तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। कई पदों पर होंगे चुनाव नगरी निकायों में अध्यक्ष के पांच और पार्षदों के 77 रिक्त पदों पर मतदान होगा। वहीं पंचायतों में जनपद पंचायत सदस्य के 10, सरपंच के 82 और पंच के 1136 रिक्त पदों के लिए चुनाव कराया जाएगा। मतदान केंद्र और मतदाता संख्या नगरी निकायों के 44,525 तथा पंचायतों के 10,37,789 मतदाता चुनाव में भाग लेंगे। मतदान के लिए नगरी निकायों में 115 और पंचायतों में 937 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। आयोग की सचिव शिखा राजपूत तिवारी ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए 33 सामान्य प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। ईवीएम और बैलेट से मतदान नगरी निकायों में मतदान ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) से कराया जाएगा, जबकि पंचायत चुनाव बैलेट पेपर से होंगे। नगरी निकायों में मतदान सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक और पंचायतों में सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक होगा।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पेंशनर्स को मिलेगा लंबित एरियर का लाभ

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पेंशनरों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार को 120 दिनों के भीतर छठवें और सातवें वेतनमान का बकाया एरियर भुगतान करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह आदेश मध्य प्रदेश पुनर्गठन Act 2000 की धारा 49 के तहत जारी किया। इस फैसले से हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। पेंशनर्स समाज ने दायर की थी याचिका मामले में छत्तीसगढ़ पेंशनर्स (Chhattisgarh Pensioners) समाज के प्रांताध्यक्ष चेतन भारती ने 12 अगस्त 2021 को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने लंबे समय तक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्रियों एवं मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर पेंशनरों की समस्याओं से अवगत कराया था। हालांकि शासन स्तर पर कोई समाधान नहीं निकलने के बाद पेंशनर्स समाज को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। कोर्ट ने धारा 49(6) की दी अहम व्याख्या हाईकोर्ट ने अपने फैसले में मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम-2000 की धारा 49(6) की व्याख्या करते हुए कहा कि राज्यों के बीच वित्तीय सहमति की प्रक्रिया पेंशनरों के अधिकारों में बाधा नहीं बन सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनका वैधानिक लाभ समय पर मिलना चाहिए और प्रशासनिक या वित्तीय विवादों का असर उन पर नहीं पड़ना चाहिए। पुराने फैसले का भी दिया हवाला अदालत ने Dr. Surendra Narayan Gupta से जुड़े मामले का हवाला देते हुए छठवें और सातवें वेतनमान के एरियर भुगतान का रास्ता साफ किया। कोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी 2006 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 32 माह का एरियर मिलेगा। यह राशि 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 तक की अवधि के लिए देय होगी। वहीं, 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 27 माह का एरियर दिया जाएगा। यह भुगतान 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2018 तक की अवधि के लिए निर्धारित किया गया है। 120 दिनों में करना होगा भुगतान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि पात्र पेंशनरों को 120 दिनों के भीतर बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। फैसले के बाद पेंशनरों में खुशी का माहौल है और इसे लंबे संघर्ष की बड़ी जीत माना जा रहा है। सरकार ने नियमों में किया संशोधन राज्य शासन ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सेवा नियमों में संशोधन किया है। जारी अधिसूचना के अनुसार अब अधिकारियों को निर्धारित अर्हताकारी सेवा पूर्ण करने पर उच्चतर वेतनमान प्रदान दिया जाएगा। ( CG News ) नए प्रावधान के तहत अधिकारियों को संबंधित पद की उपलब्धता की अनिवार्यता के बिना ही, सेवा पूर्ण होने की तिथि से क्रमशः उच्चतर वेतनमान का लाभ दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का ‘सुशासन तिहार’, किसानों और युवाओं के लिए विकास का महापर्व—दक्ष वैद्य साहू

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का ‘सुशासन तिहार किसानों-युवाओं के लिए बना विकास का महापर्व: दक्ष वैद्य साहू   ‘गांव-गांव पहुंच रहे सीएम साय, खेत-खलिहान में हो रहा जन-संवाद त्वरित समाधान सतत निगरानी रायपुर   भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा सोशल मीडिया प्रदेश सहप्रभारी एवं हिन्द सेना युवा ब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष दक्ष वैद्य साहू ने ‘सुशासन तिहार 2026’ को ‘विकास का महापर्व’ निरूपित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार गांव, गरीब और अन्नदाता के द्वार तक पहुंचकर सुशासन का स्वर्णिम अध्याय रच रही है।   दक्ष वैद्य साहू ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अनवरत रूप से गांव-गांव पहुंचकर आमजन से आत्मीय संवाद स्थापित कर रहे हैं। वे अन्नदाता भाइयों की व्यथा खेत की मेड़ पर बैठकर सुन रहे हैं, युवा साथियों के रोजगार संबंधी विषयों पर गंभीर विमर्श कर रहे हैं और मातृशक्ति के सुझावों को प्राथमिकता से संज्ञान में ले रहे हैं। ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के साथ ही विकास कार्यों की सतत एवं प्रभावी निगरानी भी सुनिश्चित की जा रही है।   किसानों-युवाओं को समर्पित जन-अभियान   साहू ने कहा कि सुशासन तिहार मात्र एक शासकीय अभियान नहीं, अपितु जनता और सरकार के मध्य विश्वास, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संवेदनशील प्रशासन का सुदृढ़ सेतु है। भाजपा की डबल इंजन सरकार में यह अभूतपूर्व है कि कोई मुख्यमंत्री स्वयं ट्रैक्टर पर सवार होकर खेतों का निरीक्षण कर रहा है, गौठानों में पहुंचकर गोबर खरीदी व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है और धान उपार्जन केंद्रों में कृषकों के साथ बैठकर उनके सुख-दुःख में सहभागी बन रहा है। यही वास्तविक सुशासन है।   उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में जनकल्याणकारी योजनाएं सचिवालय की फाइलों में कैद होकर रह जाती थीं। इसके विपरीत आज मुख्यमंत्री स्वयं धरातल पर उतरकर प्रत्येक विकास कार्य का प्रतिपुष्टि जनता से प्राप्त कर रहे हैं। सड़क, विद्युत, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा – प्रत्येक विभाग की जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। ‘शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना’ के अंतर्गत 2.49 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड निर्गत हो चुके हैं तथा 48 लाख से अधिक हितग्राहियों को ₹5 लाख तक का निःशुल्क उपचार प्राप्त हुआ है। यह केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनशीलता का जीवंत प्रमाण है।   किसान मोर्चा उतरेगा जन-जागरण में   दक्ष वैद्य साहू ने कहा कि ₹5 लाख का स्वास्थ्य सुरक्षा कवच, ₹3100 प्रति क्विंटल में धान खरीदी, 1 लाख सरकारी नौकरियों का सृजन तथा स्वरोजगारोन्मुखी योजनाएं प्रदेश के युवाओं और किसानों का भविष्य सुरक्षित कर रही हैं। भाजपा किसान मोर्चा सोशल मीडिया के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी की सफलता की कहानी को घर-घर तक पहुंचाएगा।   दक्ष वैद्य साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने 5 वर्ष के शासनकाल में अन्नदाताओं को छला, युवाओं को बेरोजगारी भत्ते के नाम पर भ्रमित किया और माताओं-बहनों को पूर्ण शराबबंदी के वादे से वंचित रखा। आज भाजपा सरकार में किसान सम्मान निधि का समयबद्ध भुगतान हो रहा है, 2 वर्ष का लंबित बोनस एकमुश्त प्रदान किया गया है तथा ‘महतारी वंदन योजना’ से 70 लाख बहनों को प्रतिमाह ₹1000 की सम्मान राशि प्राप्त हो रही है। यही ‘कथनी और करनी’ का प्रत्यक्ष अंतर है।   दक्ष वैद्य साहू ने कहा कि सुशासन तिहार 2026 ने यह सिद्ध कर दिया है कि भाजपा सरकार ‘वातानुकूलित कक्षों से नहीं, अपितु खेत-खलिहान की माटी से संचालित होती है’। यह ‘विकास का महापर्व’ वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को ‘विकसित छत्तीसगढ़’ बनाने के संकल्प की आधारशिला को और अधिक सुदृढ़ करेगा।