samacharsecretary.com

किसानों के लिए बड़ी खबर! छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी को लेकर शुरू की तैयारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। सरकार ने भी धान खरीदी को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। शुक्रवार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी धान खरीदी के दौरान किसानों की सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को पंजीयन और टोकन प्राप्त करने से लेकर खरीदी केंद्र में धान विक्रय तक किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। उन्होंने अधिकारियों को धान खरीदी केंद्रों में बारदाना, इलेक्ट्रॉनिक तौल, बिजली, पेयजल सहित किसानों की सुविधा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खरीदी शुरू होने से पहले दूर करें कमियां विभागीय समीक्षा बैठक में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी की तैयारियों, कस्टम मिलिंग, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद्यान्न भंडारण एवं परिवहन सहित विभागीय योजनाओं और गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित, पारदर्शी और किसान हितैषी होनी चाहिए। खरीदी शुरू होने से पहले सभी केंद्रों में आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं की उपलब्धता का परीक्षण कर कमियों को दूर किया जाए। किसानों की सुविधा का रखें विशेष ध्यान मंत्री ने कहा कि खरीदी केंद्र तक पहुंचने वाले किसान को अनावश्यक प्रतीक्षा अथवा असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। टोकन व्यवस्था सुचारु रखी जाए और किसानों को प्रक्रिया से जुड़ी जरूरी जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए। धान खरीदी से जुड़े अधिकारी अपने-अपने स्तर पर तैयारियों की नियमित समीक्षा करें और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने खरीदी केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में बारदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि बारदाने की कमी के कारण खरीदी प्रभावित नहीं होनी चाहिए। नए धान खरीदी केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक माप-तौल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी केंद्रों में बिजली, पेयजल एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहें। धान का उठाव भी सही समय पर हो खाद्य मंत्री ने कस्टम मिलिंग की स्थिति की समीक्षा करते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों अथवा केंद्रों में धान के उठाव या कस्टम मिलिंग से संबंधित समस्या सामने आ रही है, वहां वास्तविक स्थिति का आकलन कर समयबद्ध समाधान किया जाए। धान खरीदी, उठाव और कस्टम मिलिंग के बीच बेहतर समन्वय रखा जाए, जिससे पूरी व्यवस्था निर्बाध रूप से संचालित हो सके।

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! छत्तीसगढ़ में चलेंगी 3 नई मेमू ट्रेनें

रायपुर  भारतीय रेलवे ने छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने और यात्रियों की सुविधा के लिए तीन नई मेमू (MEMU) ट्रेनों के संचालन को स्वीकृति प्रदान कर दी है. इस फैसले की आधिकारिक जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल को पत्र भेजकर दी।  इन नई सेवाओं में रायपुर-रावघाट मेमू (68768/68769) के साथ-साथ रायपुर और कुरुद के मध्य दो अलग-अलग मेमू ट्रेनें (68772/68771 एवं 68774/68773) शामिल हैं।  रायपुर से कुरुद और रावघाट के मुख्य मार्गों पर मेमू ट्रेनों के शुरू होने से दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा वर्ग, विद्यार्थियों, व्यापारियों और किसानों को आवागमन में सीधी और तीव्र सुविधा प्राप्त होगी. इसके अतिरिक्त, दूर-दराज के इलाकों से इलाज के लिए राजधानी रायपुर आने वाले मरीजों का सफर भी बेहद आसान और किफायती हो जाएगा।  इन ट्रेनों के चलने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि क्षेत्र के व्यापारिक और सामाजिक ताने-बाने को भी मजबूती मिलेगी।  रेलवे द्वारा दी गई इस बड़ी राहत पर खुशी व्यक्त करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि वे लंबे समय से क्षेत्रवासियों के लिए बेहतर, सुरक्षित और किफायती परिवहन सेवाओं के विस्तार हेतु प्रयासरत थे।  उन्होंने इस जनहितकारी पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार जताया. सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में बुनियादी ढांचे और रेल तंत्र के आधुनिक विस्तार को अभूतपूर्व गति मिल रही है।   

CG School Holiday: छत्तीसगढ़ में दीपावली की छुट्टी 6 दिन की, शिक्षा विभाग ने जारी किया नया आदेश

छत्तीसगढ़ में दीपावली अवकाश अब 6 दिन का, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया संशोधित आदेश प्रदेश के स्कूलों में 6 से 11 नवंबर तक रहेगा दीपावली अवकाश रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षण सत्र 2026-27 के लिए पूर्व में घोषित दीपावली अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुए अब कुल 6 दिनों का अवकाश घोषित किया है। संशोधित आदेश के अनुसार प्रदेश के शासकीय, अनुदान प्राप्त एवं गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों तथा डी.एड., बी.एड., एम.एड. महाविद्यालयों में 6 नवंबर से 11 नवंबर 2026 तक दीपावली अवकाश रहेगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 16 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार पूर्व में 21 सितंबर 2026 को जारी शैक्षणिक कैलेंडर में दीपावली अवकाश 6 नवंबर से 10 नवंबर 2026 तक कुल 5 दिनों के लिए निर्धारित किया गया था। राज्य शासन ने उक्त आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए दीपावली अवकाश की अवधि एक दिन बढ़ाकर 11 नवंबर 2026 तक कर दी है।इस निर्णय से प्रदेश के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शैक्षणिक संस्थानों को दीपावली पर्व के अवसर पर एक अतिरिक्त दिन का अवकाश मिलेगा। अब 6 से 11 नवंबर तक रहेगा दीपावली अवकाश स्कूल शिक्षा विभाग के संशोधित निर्णय के अनुसार, प्रदेश के स्कूलों में दीपावली की छुट्टियां अब 6 नवंबर से 11 नवंबर तक रहेंगी। इससे विद्यार्थियों को लगातार छह दिन का अवकाश मिलेगा। छुट्टी बढ़ने से त्योहार के दौरान बच्चों और उनके परिवारों को अतिरिक्त समय मिल सकेगा। दीपावली के मौके पर कई परिवारों में पूजा-पाठ, घर की सजावट और रिश्तेदारों से मिलने की तैयारियां होती हैं। ऐसे में छुट्टी बढ़ने से विद्यार्थियों को इन गतिविधियों में शामिल होने का अधिक अवसर मिलेगा। दशहरा और शीतकालीन अवकाश का कैलेंडर भी जारी स्कूल शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र के लिए दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश की तारीखें भी निर्धारित की हैं। विभाग की ओर से जारी कैलेंडर के अनुसार, तीनों अवसरों पर अवकाश का कार्यक्रम इस प्रकार है।     दशहरा अवकाश: 17 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक     दीपावली अवकाश: 6 नवंबर से 11 नवंबर तक     शीतकालीन अवकाश: 24 दिसंबर से 28 दिसंबर तकपहले दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश के लिए कुल 15 दिनों की छुट्टियां निर्धारित की गई थीं। दीपावली अवकाश में एक दिन की बढ़ोतरी के बाद विद्यार्थियों को अब कुल 16 दिनों का अवकाश मिलेगा। विद्यार्थियों और अभिभावकों को मिली राहत दीपावली की छुट्टी बढ़ाने का फैसला विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए राहत भरा है। लगातार छह दिन की छुट्टी मिलने से बच्चों को त्योहार मनाने के साथ आराम करने का भी अतिरिक्त समय मिलेगा। हालांकि, स्कूलों में अवकाश की संशोधित तारीखों की पुष्टि संबंधित विभाग के आधिकारिक आदेश से कर लेना उचित होगा।

डुप्लीकेट शराब कांड में बड़ा खुलासा, GST ऑफिस बना था डिस्ट्रीब्यूशन का अड्डा

रायपुर  छत्तीसगढ़ के 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के शराब घोटाले में जांच एजेंसी ने अवैध शराब की सप्लाई से लेकर कमीशन वसूली, कैश कलेक्शन और हवाला के जरिए रकम दुबई तक पहुंचाने का आरोप लगाया है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW-ACB) ने बुधवार को 42 आरोपियों के खिलाफ करीब 27 हजार पन्नों का 10वां पूरक चालान पेश किया। इनमें 20 व्यक्ति और 22 कंपनियां शामिल हैं। आरोपियों में यश टुटेजा, अख्तर ढेबर, प्रिंस भाटिया, नवीन केडिया, विधु गुप्ता और आबकारी अधिकारी आशीष श्रीवास्तव समेत कारोबारी और कंपनियां शामिल हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, शराब घोटाले में वैध शराब की सप्लाई पर कथित कमीशन वसूली के साथ पार्ट-B नाम से बिना आबकारी शुल्क चुकाए शराब तैयार कर बेचने की अलग व्यवस्था बनाई गई थी। डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर सरकारी दुकानों में बेचते थे शराब इसके लिए अतिरिक्त बोतलों, डुप्लीकेट होलोग्राम, निजी कर्मचारियों और चुनिंदा परिवहन वाहनों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि इस शराब को सरकारी दुकानों के जरिए बेचा जाता था, लेकिन बिक्री का पूरा हिसाब सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया जाता था। ढेबर के गोदाम और जीएसीटी ऑफिस में रखे जाते थे होलोग्राम जांच दस्तावेजों के मुताबिक, अनवर ढेबर से जुड़े गोदाम और जीएसटी ऑफिस में डुप्लीकेट होलोग्राम रखे जाते थे। सिंडिकेट के सदस्य जरूरत के हिसाब से इन्हें डिस्टिलरियों तक पहुंचाते थे। जांच में यह भी सामने आया कि डुप्लीकेट होलोग्राम की छपाई के लिए नोएडा और रायपुर के कार्यालयों का इस्तेमाल किया जाता था। इन होलोग्राम की सप्लाई में प्रिज्म होलोग्राफी एंड सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड के विधु गुप्ता की भूमिका बताई गई है। आबकारी अधिकारी जनार्दन कौरव, कंपनी की रायपुर यूनिट के प्रभारी दिलीप पाण्डे और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की गई। आरोप है कि इन होलोग्राम को पार्ट-B शराब की बोतलों पर लगाया जाता था, ताकि वे सरकारी सप्लाई की वैध शराब जैसी दिखें। बोतल, बॉटलिंग और परिवहन का अलग नेटवर्क जांच के अनुसार, अवैध शराब की सप्लाई के लिए खाली बोतलों की व्यवस्था भी अलग तरीके से की जाती थी। अमित सिंह, अनुराग द्विवेदी, सत्येन्द्र गर्ग और नवनीत गुप्ता के नाम बोतलों की सप्लाई के संबंध में दर्ज हैं। आरोप है कि कई बार बोतलें ओवर बिलिंग या बिना बिल के नकद लेन-देन के जरिए उपलब्ध कराई गईं। डिस्टिलरी में शराब की बॉटलिंग, होलोग्राम लगाने, पैकिंग और वाहनों में लोडिंग के बाद इसे सरकारी दुकानों तक पहुंचाया जाता था। जांच एजेंसी के मुताबिक, पार्ट-B शराब की बिक्री से प्राप्त रकम को नियमित सरकारी खाते में जमा करने के बजाय कथित सिंडिकेट तक पहुंचाने की व्यवस्था थी। इस कारण आबकारी शुल्क की चोरी और शासन को राजस्व नुकसान होने का आरोप है। 15 जिलों में 60.50 लाख पेटियों की बिक्री का आरोप EOW के आकलन के मुताबिक, शराब घोटाले में अवैध कमाई और राजस्व नुकसान का आंकड़ा 3,076 करोड़ रुपए से अधिक है। इसमें देशी शराब के पार्ट-A, पार्ट-B और पार्ट-C से जुड़े 2,545.94 करोड़ रुपए तथा विदेशी शराब की सप्लाई में 281.89 करोड़ रुपए के कथित कमीशन का उल्लेख है। एजेंसी ने 15 जिलों में बिना आबकारी शुल्क चुकाए 60.50 लाख पेटियों की बिक्री का आरोप लगाया है। मैनपावर एजेंसियों को किए गए भुगतान में भी गड़बड़ी का दावा किया गया है। जांच के अनुसार, पांच एजेंसियों को ओवरटाइम, बोनस, अतिरिक्त दिनों के काम और सेवा शुल्क के नाम पर 182.98 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया। इसमें से 62.99 करोड़ रुपए कमीशन के रूप में लौटाए जाने का आरोप है। इस मामले में तत्कालीन सीएसएमसीएल प्रबंध संचालक अरुणपति त्रिपाठी और ईगल हंटर सॉल्यूशन के संचालक बीआर लोहिया की भूमिका का भी उल्लेख है। 208 करोड़ रुपए दुबई पहुंचाने का दावा जांच एजेंसी ने शराब घोटाले की कथित अवैध कमाई को दुबई तक पहुंचाने के लिए हवाला नेटवर्क के इस्तेमाल का भी दावा किया है। जब्त मोबाइल की एक्सेल शीट में 27 मई से 21 जून 2022 के बीच 27 लेन-देन का हिसाब मिलने की बात कही गई है। इसमें सिंडिकेट के सदस्य विकास अग्रवाल उर्फ सुब्बू को दुबई में 208.46 करोड़ रुपए उपलब्ध कराने का उल्लेख है। एजेंसी के अनुसार, रायपुर से नकदी मुंबई भेजी जाती थी और वहां जमा रकम के बदले दुबई में स्थानीय नेटवर्क के जरिए बराबर राशि उपलब्ध कराई जाती थी। खंजन ठक्कर के नेटवर्क और दुबई स्थित नोवा स्कोटिया गोल्ड ट्रेडिंग एलएलसी का भी जांच में उल्लेख है। आरोप है कि शेल कंपनियों और रियल एस्टेट कारोबार के जरिए अवैध कमाई को निवेश के रूप में दिखाने की कोशिश की गई। यश टुटेजा, अख्तर ढेबर और प्रिंस भाटिया पर अलग-अलग आरोप पूरक चालान में यश टुटेजा पर अपने पिता अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर के बीच संपर्क का माध्यम बनने तथा कथित अवैध रकम को पारिवारिक खातों, जमीन, म्यूचुअल फंड और रियल एस्टेट में निवेश करने का आरोप है। अख्तर ढेबर पर शेल कंपनियों और रियल एस्टेट फर्मों के जरिए रकम खपाने में भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया है। प्रिंस भाटिया पर डिस्टिलरी में बिना आबकारी शुल्क वाली शराब के उत्पादन, डुप्लीकेट होलोग्राम और अवैध सप्लाई से जुड़ी गतिविधियों में भूमिका निभाने का आरोप है। वहीं, आशीष श्रीवास्तव पर आबकारी व्यवस्था की निगरानी कमजोर करने और कथित अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप हैं। जांच एजेंसी ने छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीज, वेलकम डिस्टिलरी, भाटिया वाइन्स मर्चेंट्स, प्रिज्म होलोग्राफी समेत 22 कंपनियों को भी आरोपी बनाया है। चालान में दर्ज आरोपों और साक्ष्यों पर अंतिम निर्णय न्यायालय में होगा। आरोपियों की आपराधिक जिम्मेदारी का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ के छात्रों के लिए खुशखबरी, 35 सरकारी स्कूलों में शुरू होगी फ्री NEET-JEE कोचिंग

अंबिकापुर  छत्तीसगढ़ का सरगुजा जिला राज्य में एक अनूठी मिसाल कायम करते हुए सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को आसान बनाने जा रहा है. जिले में आर्थिक रूप से कमजोर और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों के लिए नीट और जेईई की मुफ्त लाइव ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था शुरू की जा रही है।  ऐसी अत्याधुनिक शिक्षण सुविधा प्रदान करने वाला सरगुजा प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जिससे निजी संस्थानों की महंगी फीस और बड़े शहरों में रहने के भारी-भरकम खर्च से राहत मिलेगी।  इस महत्वपूर्ण योजना का विधिवत शुभारंभ अंबिकापुर कलेक्ट्रेट के कॉन्फ्रेंस हॉल में पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा 17 अक्टूबर को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में किया जाएगा.  इसके क्रियान्वयन के लिए जिले के प्रत्येक विकासखंड से पांच-पांच यानी कुल 35 शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों का चयन किया गया है. इन सभी चयनित परिसरों में एक साथ लाइव कक्षाएं प्रसारित की जाएंगी, जिससे विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन सीधे बच्चों को उनके ही विद्यालय में प्राप्त हो सकेगा।  यह जनहितैषी पहल जिला खनिज न्यास निधि (DMFT) और स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से आकार ले सकी है।  सरगुजा अंचल में विशेषकर आदिवासी और ग्रामीण परिवेश से आने वाले होनहार छात्र-छात्राओं की बहुलता है, जो अकसर संसाधनों की कमी के चलते राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पिछड़ जाते थे. अब इस नई व्यवस्था के जरिए प्रशासन का लक्ष्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को डॉक्टर और इंजीनियर बनने का समान अवसर देकर उनके सपनों को नई उड़ान देना है।   

CM की समीक्षा बैठक में सख्ती, शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पर तहसीलदार निलंबित

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों, उनके निराकरण, शिकायतकर्ताओं से लिए जा रहे फीडबैक तथा विभागवार और जिलेवार प्रदर्शन की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला कलेक्टरों से जिलों में शिकायतों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। सीएम का सख्त संदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन-प्रशासन में बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ काम कर रहे हैं। उनके प्रयासों के कारण योजनाएं धरातल तक पहुंच रही हैं और लोगों की समस्याओं का समाधान हो रहा है। ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में लापरवाही या नागरिकों की समस्याओं के प्रति गंभीरता की कमी पूरे प्रशासन की छवि को प्रभावित करती है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को यह समझना होगा कि जनता की समस्या का समाधान करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहन मिले और शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी अथवा लापरवाही की स्थिति में जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए। एक अधिकारी सस्पेंड समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया कि कबीरधाम जिले के पिपरिया तहसीलदार ने सीएम हेल्पलाइन में आई शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। जिसके बाद तहसीलदार प्रमोद चंद्रवंशी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। प्रमोद चंद्रवंशी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। सीएम की समीक्षा बैठक के तुरंत बाद राजस्व एवं आपदा विभाग के अवर सचिव धनंजय नेताम ने तहसीलदार के निलंबन का निर्देश जारी किया। लेटर में लिखा है कि निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कबीरधाम निर्धारित किया जाता है। इसके साथ ही उन्हें नियमानुसार भत्ते मिलते रहेंगें। 88.85 प्रतिशत का हो चुका निराकरण समीक्षा बैठक में बताया गया कि 9 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक सीएम हेल्पलाइन पर कुल 2 लाख 31 हजार 850 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 2 लाख 5 हजार 996 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। शेष 25 हजार 854 शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है। इस प्रकार अब तक प्राप्त कुल शिकायतों में से 88.85 प्रतिशत का निराकरण किया जा चुका है। हेल्पलाइन पर प्रतिदिन औसतन 1500 से 2000 शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने हेल्पलाइन के शुरुआती परिणामों को उत्साहजनक बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में शिकायतों का निराकरण अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। पिछली समीक्षा में दिए गए निर्देशों पर भी अच्छा कार्य हुआ है। इस व्यवस्था को निरंतर बेहतर बनाते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतों का निराकरण केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि नागरिक को वास्तविक रूप से राहत मिले और वह समाधान से संतुष्ट हो।

सुसाइड केस में हाईकोर्ट का फैसला, 2009 के मामले में तीन अपीलकर्ताओं की सजा रद्द

बिलासपुर   छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने वर्ष 2009 के एक आत्महत्या उकसाने के मामले में तीन जीवित अपीलकर्ताओं की सजा को रद्द करते हुए उन्हें बरी कर दिया है. अदालत ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में माना कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि अभियुक्तों की मंशा मृतक को आत्महत्या के लिए उकसाने की थी।  न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की एकल पीठ ने निचली अदालत के अप्रैल 2013 के उस फैसले के खिलाफ दायर अपील को स्वीकार किया, जिसमें अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 34 के तहत 10 साल के कठोर कारावास और ₹500 के जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।  यह मामला अंबिकापुर का है, जहाँ 18 अप्रैल 2009 को एक महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी. अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना से ठीक पांच दिन पहले (13 अप्रैल 2009 को) महिला और उसके होने वाले पति के साथ अभियुक्तों (जो महिला के दूर के रिश्तेदार थे) ने मारपीट की थी, क्योंकि उन्हें दोनों के एक साथ होने पर आपत्ति थी।  अपीलकर्ताओं ने उच्च न्यायालय में तर्क दिया कि केवल मारपीट की घटना से उकसावे का अपराध सिद्ध नहीं होता और कथित सुसाइड नोट से जुड़ी हस्तलेख विशेषज्ञ की रिपोर्ट को भी अदालत में कानूनी रूप से साबित नहीं किया गया था।  मामले की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने माना कि साक्ष्यों से मारपीट की घटना तो साबित होती है, लेकिन भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत अपराध गठित करने के लिए आवश्यक आपराधिक मंशा (इरादा) साबित नहीं हुई।  अदालत ने टिप्पणी की कि घटना आत्महत्या से लगभग पांच दिन पहले हुई थी और रिकॉर्ड पर ऐसा कुछ नहीं लाया गया है जिससे यह पता चले कि अभियुक्तों ने महिला को खुदकुशी के लिए उकसाने के मकसद से मारपीट की थी।  सभी साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने निचली अदालत के 2013 के सजा के आदेश को निरस्त कर दिया और अपीलकर्ताओं को बरी कर दिया. साथ ही, अदालत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 481 के प्रावधानों के तहत उनके जमानत मुकले (बेल बॉन्ड) को छह महीने की अवधि के लिए प्रभावी रखने का निर्देश दिया है।   

सात समंदर पार से आया दूल्हा, छत्तीसगढ़ की लड़की से की लव मैरिज

जांजगीर-चांपा  वो कहते हैं न अगर प्यार सच्चा हो तो दूरियां मायने नहीं रखतीं। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले की बेटी ने इसे सच साबित कर दिखाया है। जिले के पामगढ़ विकासखंड के ग्राम भुईगांव की रहने वाली क्रिस्टीना नथेनियल ने नीदरलैंड के युवक क्रिस्टीयान एंड्रियश वरबूम से लव मैरिज की है। विवाह का प्रमाण पत्र जारी होने के बाद यह अनोखी शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। कौन हैं दूल्हा-दुल्हन? विवाह प्रमाण पत्र के अनुसार दूल्हे का नाम क्रिस्टीयान एंड्रियश वरबूम है, जिनकी उम्र 32 वर्ष है और वे नीदरलैंड के निवासी हैं। उनके पिता का नाम विलेम डीर्क वरबूम है। वहीं दुल्हन क्रिस्टीना नथेनियल हैं, जिनकी उम्र 25 वर्ष है। वे जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड के ग्राम भुईगांव की रहने वाली हैं। उनके पिता का नाम हनोल नथेनियल है। जिला कलेक्टर कार्यालय में पूरी हुई शादी की रस्म दोनों ने जांजगीर-चांपा जिला कलेक्टर कार्यालय में पहुंचकर विवाह की औपचारिकताएं पूरी कीं। विवाह अधिकारी प्रमोद गुप्ता के समक्ष तीन गवाहों की मौजूदगी में धारा-5 के तहत घोषणा की गई, जिसके बाद विवाह संपन्न हुआ। जिला विवाह अधिकारी ने विवाह प्रमाण पत्र जारी करते हुए इस विवाह को वैध घोषित किया। कार्यालय में दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई, जिसकी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। नीदरलैंड में नौकरी के दौरान शुरू हुई प्रेम कहानी जानकारी के अनुसार ग्राम भुईगांव की रहने वाली क्रिस्टीना नीदरलैंड में नौकरी करती हैं। वहीं उनकी मुलाकात क्रिस्टीयान एंड्रियश वरबूम से हुई थी। मुलाकात के बाद दोनों के बीच दोस्ती हुई और समय के साथ यह रिश्ता प्यार में बदल गया। एक-दूसरे को बेहतर तरीके से जानने के बाद दोनों ने जीवनसाथी बनने का फैसला किया। इस फैसले में दोनों परिवारों का भी पूरा समर्थन मिला और अब यह शादी पूरे जिले में मिसाल बन गई है। गांव में चर्चा, नए जीवन की शुरुआत भुईगांव जैसे छोटे से गांव की बेटी का नीदरलैंड के युवक से विवाह स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। इस रिश्ते में एक ओर छत्तीसगढ़ का ग्रामीण परिवेश है, तो दूसरी ओर यूरोप के नीदरलैंड की पृष्ठभूमि। भाषा, रहन-सहन और पारिवारिक परंपराओं में अंतर के बावजूद दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला किया है। विवाह के बाद दोनों किस देश में रहेंगे और अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत कहां से करेंगे, यह भी फिलहाल स्पष्ट नहीं है। सीमाओं से परे रिश्ते की नई कहानी आज अंतरराष्ट्रीय संपर्क और संवाद के बढ़ते अवसरों के बीच अलग-अलग देशों के लोगों के बीच रिश्ते जुड़ना असामान्य नहीं रहा है। ऐसे विवाह में एक-दूसरे की संस्कृति, पारिवारिक परंपराओं और जीवनशैली को समझना भी महत्वपूर्ण होता है। भुईगांव की क्रिस्टीना और नीदरलैंड के क्रिस्टीयान का विवाह इसी वजह से चर्चा में है। अब दोनों के सामने आपसी समझ, विश्वास और सम्मान के साथ साझा भविष्य संवारने का नया अध्याय है।

ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा केस में बड़ी कार्रवाई, जमीन-दुकान और बैंक FD जब्त करने का आदेश

 रायपुर  ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा एप (Online Satta) के जरिये सट्टा संचालित करने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में मुख्य आरोपित बाबू उर्फ गुलशन खेमानी की करीब 1.42 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने का आदेश न्यायालय ने दिया है। कुर्क की गई संपत्तियों में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र स्थित जमीन, व्यावसायिक दुकान और बैंक में जमा राशि शामिल है। यह कार्रवाई गंज थाना पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (एसीसीयू) की वित्तीय जांच के आधार पर की गई है। कॉल सेंटर और फर्जी खातों से चलता था सट्टा पुलिस के अनुसार, 13 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले गिरोह का राजफाश किया गया था। मामले में मुख्य आरोपित समेत 29 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में सामने आया कि गिरोह कॉल सेंटर, मोबाइल नंबरों और विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से सट्टे का संचालन करता था। सट्टे से मिलने वाली रकम दूसरे लोगों के बैंक खातों में जमा कराई जाती थी और फिर अपने खातों में स्थानांतरित की जाती थी। इसके बदले सहयोगियों को कमीशन दिया जाता था। इस प्रकरण में पहले ही करीब 1.20 करोड़ रुपये मूल्य की सामग्री और वाहन जब्त किए गए थे। छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र तक फैली है संपत्ति वित्तीय जांच में आरोपित से जुड़ी संपत्तियों की पहचान के बाद पुलिस ने कोर्ट में कुर्की का आवेदन प्रस्तुत किया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रायपुर ने 16 अक्टूबर को इस पर आदेश पारित किया। आदेश के अनुसार कुर्क संपत्तियों में महासमुंद के ग्राम अरंड में 1.78 लाख रुपये की कृषि भूमि, रायपुर के देवपुरी में 23 लाख रुपये का भूखंड, जोरा पारा में 2.50 लाख रुपये का भूखंड, महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंबरनाथ में 74 लाख रुपये की व्यावसायिक दुकान और बैंक आफ इंडिया के एफडी खाते में दर्ज 40.50 लाख रुपये की राशि शामिल है। पुलिस अब अन्य जुड़ी संपत्तियों की भी जांच कर रही है।

अनिल अग्रवाल का बड़ा ऐलान, वेदांता कर्मचारियों को मिलेगी 10% एक्स्ट्रा सैलरी

कोरबा  वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने त्योहारों से पहले समूह के कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने समूह के करीब एक लाख कर्मचारियों को वार्षिक वेतन का 10 प्रतिशत अतिरिक्त चेयरमैन ग्रांट के रूप में देने की घोषणा की है। इस संबंध में कर्मचारियों के नाम जारी पत्र में उन्होंने महंगाई के बीच आर्थिक संबल देने की बात कही है। बालको और वेदांता पावर प्लांट के हजारों कर्मचारियों को फायदा कोरबा स्थित भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड बालको में करीब 860 नियमित कर्मचारी और 5,300 ठेका श्रमिक कार्यरत हैं। वहीं, सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में करीब 400 ठेका कर्मचारी कार्यरत हैं। चेयरमैन की इस घोषणा से इन सभी कर्मचारियों सहित समूह के एक लाख कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। त्योहारों से पहले मिले इस अतिरिक्त ग्रांट से कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। उत्पादन क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य वर्तमान में बालको में सालाना करीब पांच लाख टन एल्युमिनियम उत्पादन होता है। कंपनी ने उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 10 लाख टन सालाना करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए संयंत्र के विस्तार का काम जारी है। उत्पादन बढ़ने से रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। सरकारी राजस्व में बड़ा योगदान कंपनी ने पिछले एक दशक में राज्य और केंद्र सरकार के राजस्व में करीब 29,000 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। वेदांता समूह लगातार क्षेत्र के विकास और कर्मचारियों के कल्याण के लिए काम कर रहा है।