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छत्तीसगढ़ में इतिहास रचा: पहली नौकायान स्पर्धा में 52 टीमों ने दिखाया जलवा, विजेता बना लाखपति

धमतरी प्रदेश में पहली बार गंगरेल बांध की शांत और मनोरम जलधारा पर ‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भव्य महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप का सफल आयोजन हुआ, जिसमें मचान हाट प्वाइंट से गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स प्वाइंट तक 1000 मीटर की चुनौतीपूर्ण दूरी तय करते हुए प्रतिभागियों ने अद्भुत संतुलन, गति और टीम वर्क का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता स्थल पर दर्शकों में उत्साह और रोमांच का अद्वितीय संगम देखने को मिला। धमतरी, कांकेर और बालोद के कुल 52 टीमों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया, जिससे यह आयोजन क्षेत्रीय स्तर पर एक बड़े खेल महोत्सव के रूप में उभरा। प्रतियोगिता का शुभारंभ विधायक ओमकार साहू, महापौर रामू रोहरा और पूर्व विधायक रंजना साहू द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस दौरान कलेक्टर अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र ठाकुर और अन्य गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे। महिला प्रतिभागियों ने बढ़ाया आयोजन का गौरव इस प्रतियोगिता की सबसे खास विशेषता ग्रामीण अंचलों की महिला प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी रही। ग्राम तिर्रा की चयन बाई, सुमन और दिनेश्वरी निधार ने पारंपरिक लकड़ी की नाव में प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। उन्होंने न केवल प्रतिस्पर्धा को रोमांचक बनाया, बल्कि महिला सशक्तिकरण का भी संदेश दिया। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनका साहस और आत्मविश्वास सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को प्रदान किए गए पुरस्कार और ट्रॉफी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को पुरस्कार और ट्रॉफी प्रदान किए गए:     प्रथम स्थान: बोट क्रमांक 4 (रोमार निषाद तिरी एवं जीतु निषाद) – ₹1,00,000     द्वितीय स्थान: बोट क्रमांक 1 (सत्वंत मंडावी एवं मिथलेश मंडावी, कोलियारी) – ₹50,000     तृतीय स्थान: बोट क्रमांक 10 (कोमल निषाद एवं महेश्वर कुरेटरी, तिर्रा) – ₹25,000 इसके अतिरिक्त, बोट क्रमांक 6 (पवनबाई निषाद एवं देवनबती निषाद, तिर्रा) को वेशभूषा पुरस्कार दिया गया, जबकि बोट क्रमांक 8 (रामनारायण नेताम एवं रिशीराम निषाद, सटी यारा) को सजावट पुरस्कार के रूप में सम्मानित किया गया, और दोनों के लिए ₹11,000 का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं, जिला प्रशासन ने महिला प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए उनके लिए ₹15,000, ₹10,000 और ₹5,000 के सांत्वना पुरस्कार की घोषणा की। विधायक ओमकार साहू ने कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और जल पर्यटन को नई पहचान देगा। महापौर रामू रोहरा ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यह स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में खेल और साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मत्स्य विभाग ने 8 मछुआ समितियों को आइस बॉक्स वितरित किए, जिससे मत्स्य व्यवसाय में सहायता मिलेगी। इसके अलावा, वॉटर एंबुलेंस का शुभारंभ भी किया गया। पर्यटन और विकास को मिलेगी नई दिशा गौरतलब है कि ‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ धमतरी जिले में पर्यटन, संस्कृति और खेल गतिविधियों के समन्वय का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। यह आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि गंगरेल क्षेत्र को राज्य के प्रमुख पर्यटन और एडवेंचर स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

किराना दुकान के बाहर झगड़ा बना गोलीकांड: पामगढ़ में रिटायर्ड फौजी की पिस्टल से युवक जख्मी

जांजगीर-चांपा जांजगीर-चांपा जिले के थाना पामगढ़ क्षेत्र में सोमवार सुबह करीब 10 बजे एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। विकास नगर निवासी शैलेंद्र साहू अपने कुछ साथियों के साथ हिमांशु किराना स्टोर के पास पहुंचे और वहां कथित रूप से गाली-गलौज करने लगे। दुकान संचालक हिमांशु श्रीवास ने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और इसी दौरान हिमांशु श्रीवास के भाई रिटायर्ड फौजी गुलशन श्रीवास ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली पंकज कश्यप के जांघ के पास पैर में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल पंकज कश्यप को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पामगढ़ ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बिलासपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पामगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी गुलशन श्रीवास, जो रिटायर्ड आर्मी सिग्नल कोर का हवलदार बताया जा रहा है, उसके भाई के साथ हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।  

जल जीवन मिशन के तहत मोहनटोला में जल उत्सव, एमसीबी ने जल संरक्षण का संकल्प लिया

एमसीबी : जल संरक्षण का संकल्प: जल जीवन मिशन के तहत मोहनटोला में भव्य जल उत्सव, लोगों ने लिया जिम्मेदारी निभाने का संकल्प एमसीबी जिले के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहनटोला में 22 मार्च 2026 को विश्व जल दिवस, जल अर्पण दिवस एवं जल उत्सव पखवाड़ा का आयोजन अत्यंत गरिमामय एवं जनजागरूकता से परिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने ग्रामीणों को जल संरक्षण और स्वच्छ पेयजल के महत्व के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक सशक्त पहल प्रस्तुत की। पंचायत भवन के समीप आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन कार्यपालन अभियंता  आकाश पोद्दार के निर्देशन में तथा सहायक अभियंता जयंत कुमार चंदेल एवं उप अभियंता मनमोहन सिंह के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। जनपद अध्यक्ष  माया प्रताप सिंह, जनपद उपाध्यक्ष हीरा लाल मौर्य, जिला महामंत्री हिरा लाल यादव, जनपद सदस्य  रविन्द्र कुमार बैगा एवं देवेन्द्र कुमार सिंह सहित ग्राम पंचायत मोहनटोला के सरपंच  अमरबहादुर सिंह, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्य, जल बहिनियां, पंप ऑपरेटर एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों द्वारा जल जीवन मिशन विषय पर रंगोली बनाकर जल संरक्षण का संदेश दिया गया। पूरे गांव में जागरूकता रैली निकालकर लोगों को पानी के महत्व के प्रति सचेत किया गया। सोलर सिस्टम एवं नल कनेक्शन पर मौली धागा बांधकर उनके संरक्षण एवं जिम्मेदारी का प्रतीकात्मक संदेश दिया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत, जल एवं स्वच्छता समिति, जल बहिनियों तथा पंप ऑपरेटरों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनके कार्यों के प्रति सम्मान और प्रेरणा दोनों का संचार हुआ। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल जीवन मिशन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करते हुए स्वच्छ पेयजल के महत्व, जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता बनाए रखने की आवश्यकता एवं नल-जल योजना के सफल संचालन में जनसहभागिता की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही पंचायती राज अधिनियम की अधिसूचना 6 दिसंबर 2024 के अनुसार न्यूनतम 60 रुपये जल शुल्क के नियमित भुगतान की अनिवार्यता को भी समझाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि ग्रामवासी सामूहिक जिम्मेदारी निभाते हुए जल स्रोतों का संरक्षण एवं रखरखाव सुनिश्चित करें, तो हर घर तक शुद्ध और सुरक्षित पेयजल की निरंतर आपूर्ति संभव है। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित जनों ने जल संरक्षण की शपथ ली और यह संकल्प लिया कि वे पानी की प्रत्येक बूंद का महत्व समझेंगे, उसका संरक्षण करेंगे तथा समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाएंगे। ग्रामवासियों, जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय टीम के समन्वित प्रयासों से यह आयोजन उत्साह, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ ।

मंत्री केदार कश्यप का बयान: राज्य में वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए हो रहे निरंतर प्रयास

रायपुर : जीवन प्रकृति पर आधारित,राज्य में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास-मंत्री केदार कश्यप विश्व वानिकी दिवस पर कार्यशाला आयोजित वैज्ञानिक तकनीक, वनीकरण के महत्व और भविष्य के लिए वनों के प्रबंधन पर विशेषज्ञों की चर्चा  विश्व वानिकी दिवस पर कार्यशाला आयोजित रायपुर विश्व वानिकी दिवस 21 मार्च के अवसर पर, वन विभाग और विभिन्न संगठनों द्वारा वन संरक्षण, वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं। इन कार्यक्रमों में वैज्ञानिक तकनीक, वनीकरण के महत्व और सतत भविष्य के लिए वनों के प्रबंधन पर विशेषज्ञ चर्चा करते हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों का जीवन प्रकृति पर आधारित है और राज्य में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने वन क्षेत्र में वृद्धि, वन्यजीवों की संख्या में बढ़ोतरी और राज्य की पहली रामसर साइट की उपलब्धि की सराहना की। साथ ही विभागीय योजनाओं को लक्ष्य आधारित और चरणबद्ध तरीके से लागू करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में टीईआरआई नई दिल्ली द्वारा वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन, जलवायु परिवर्तन और पारंपरिक ज्ञान से संबंधित पुस्तकों का विमोचन किया गया।                विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा अरण्य भवन, नया रायपुर स्थित दण्डकारण्य सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।  कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड विकास मरकाम ने की। उन्होंने कहा कि वनों को न काटे न कटने दे ये सरकार और हम सभी समाज के लोगों का कर्तव्य भी है। अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।            अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि वनों की भूमिका को स्थानीय अर्थव्यवस्था और आजीविका से जोड़ते हुए जैव विविधता संरक्षण के साथ आर्थिक लाभ सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से जुड़े वित्तीय संसाधनों जैसे जीसीएफ, जीईएफ और अन्य योजनाओं के तहत परियोजनाएं तैयार करने पर जोर दिया।            कार्यशाला में तकनीकी सत्र और पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। तकनीकी सत्र में वनों से मिलने वाली पारिस्थितिकी सेवाओं पर प्रस्तुतीकरण, ग्रीन क्लाइमेट फंड परियोजनाओं की जानकारी तथा नाबार्ड द्वारा उपलब्ध वित्तीय सहायता के विकल्पों पर चर्चा की गई। वहीं, पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने वानिकी और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में हो रही प्रगति पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर राष्ट्रीय अनुकूलन कोष परियोजना से जुड़े हितग्राहियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।           उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रत्येक वर्ष 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम “वन और अर्थव्यवस्थाएँ” है, जिसका उद्देश्य वनों के आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व को उजागर करना है। यह कार्यशाला राज्य में वन आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का ऐलान: महतारी वंदन योजना के लिए पोर्टल फिर खोला जाएगा, छूटी महिलाओं को मिलेगा मौका

दुर्ग छत्तीसगढ़ की महिला बाल विकास विभाग की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि लोगों को हर चीज मंहगाई के हिसाब से नहीं देखनी चाहिए। मंत्री दुर्ग जिले के भिलाई में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सहकारिता सम्मेलन में शामिल होने के लिए पहुंची थीं। मीडिया के सवालों का जबाव देते हुए उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई, गैस सिलेंडर के संकट को वैश्निक चुनौती के कारण हो रहा है। मंत्री ने कहा- लोगों को हर चीज केवल महंगाई के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश इस समय वैश्विक चुनौतियों से गुजर रहा है लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूती से खड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने महतारी वंदन योजना के लिए भी खुशशबरी दी। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं छूट गई हैं उन्हें इस योजना में शामिल किया जाएगा। तारीख तय नहीं पर नोम जोड़े जाएंगे मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा- सरकार महिलाओं के लिए विशेष योजना चला रही है। उन्होंने कहा कि यहां महिला आबादी को फोकस किया जा रहा है। अभी महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है। जिन महिलाओं के नाम छूट गए हैं, उन्हें भी जल्द जोड़ा जाएगा। पोर्टल दोबारा खोला जाएगा और सभी पात्र महिलाओं को लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तारीख अभी तय नहीं है, लेकिन नाम जोड़ने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। गैस सिलेंडर के दामों पर क्या बोलीं गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए कठिनाइयां सभी के जीवन में आती हैं। अंतरराष्ट्रीय हालात का जिक्र करते हुए बताया कि गैस सिलेंडर बाहर से आने के कारण ऐसी स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि महिलाएं हर परिस्थिति को संभालने में सक्षम हैं। थोड़ी दिक्कत जरूर है, लेकिन देश सुरक्षित है, यह सबसे बड़ी बात है। गैस के कीमत में वृद्धि अस्थाई है मंत्री ने कहा कि इन्हीं कठिन परिस्थितियों से आगे चलकर जीवन आसान बनता है और सिलेंडर के दाम में वृद्धि अस्थायी है। वहीं, धर्म स्वतंत्रता विधेयक पर उन्होंने कहा कि यह कानून सर्वसम्मति से पारित हुआ है।  

रायपुर: विभागों से डेटा समन्वय हेतु कार्यशाला सम्पन्न, डाटा में एकरूपता होना जरूरी

रायपुर आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव  भुवनेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में कार्यशाला सह बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य स्तर पर विभागीय आंकड़ों के मानकीकरण एवं प्रशासनिक डेटा लिंकिंग के विषय पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार के प्रशासनिक सांख्यिकी एवं नीति प्रभाग राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय दिल्ली ने सूचित किया है कि प्रशासनिक डेटा लिंकिंग के विषय पर राष्ट्रीय विचार-विमर्श हेतु शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। जिसमें राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन में डेटा सामंजस्य की प्रगति एवं उससे जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।     बैठक में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव  भुवनेश यादव ने विभागों से अपेक्षा की है कि वे शीघ्र ही अपने विभाग की जानकारी उपलब्ध कराऐंगे जिससे डेटा समन्वय की प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। कार्यशाला में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव ने बताया कि विभागों में डाटा के आदान प्रदान से डाटा सिस्टम को मजबूत व्यवस्थित होने के साथ नीति निर्माण में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि डाटा में एकरूपता होने से दोहराव नहीं होगा। जिससे नीतियों, योजनाओं और निर्णयों को सटिक डेटा विश्लेषण के आधार पर लागू किया जा सकेगा। बैठक में विभागवार डेटा समेकन की संभावनायें, वर्तमान विभागों के पास उपलब्ध डेटा सहित सेवा वितरण, निगरानी एवं प्रशासनिक डेटा समेकन हेतु कार्ययोजना के संबंध में अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। बैठक में राज्य शासन के सभी विभागों के अधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस से भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए।

रायगढ़ में अफीम की अवैध खेती पकड़ी गई, दो किसान गिरफ्तार, इस महीने का पांचवां मामला

रायगढ़  छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में फिर से अफीम की खेती का मामला सामने आया है। जिले में दूसरी बार अवैध रुप से अफीम की खेती की जानकारी सामने आई है। अफीम की खेती की जानकारी मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और खेत को सील कर दिया। करीब 50 डिसमिल में अफीम की खेती की जा रही है थी। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने अफीम की खेती का वीडियो सोशल मीडिया में शेयर किया है। जानकारी के अनुसार, लैलूंगा थाना क्षेत्र में 50 डिसमिल में अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि तीसरा मौके से फरार हो गया। पुलिस के खेत में पहुंचते ही मौके से भागने की कोशिश कर रहे थे लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर जगतराम नाग और मनोज नाग को गिरफ्तार किया है। जबकि साधराम नाग मौके से फरार हो गया। लोकल व्यापारी से लिए थे बीज सोमवार पुलिस को सूचना मिली थी कि लैलूंगा थाना क्षेत्र के पास अफीम की खेती हो रही है। जिसके बाद पुलिस की टीम यहां पहुंची थी। पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अफीम की खेती करने के लिए बीज पत्थलगांव के एक लोकल कारोबारी से लिए थे। पुलिस अधिकारियों ने उस कारोबारी के तलाश की बात कही है। 23 मार्च को तमनार में पकड़ी गई थी खेती दो दिन पहले तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी अफीम की खेती का मामला सामने आया था। जानकारी के अनुसार, झारखंड का रहने वाला मार्शल सांगा यहां 10-12 साल से खेती कर रहा था। उसने आमाघाट के किसान से तरबूज, ककड़ी उगाने के लिए खेत लिया था। तमनार में भी पकड़ी गई थी अफीम की खेती इससे पहले तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी अफीम की खेती का मामला सामने आया था। जानकारी के मुताबिक, झारखंड का रहने वाला एक व्यक्ति, मार्शल सांगा, पिछले 10–12 वर्षों से यहां अफीम की खेती कर रहा था। उसने एक किसान से तरबूज और ककड़ी उगाने के लिए खेत लिया था, लेकिन उसकी देखरेख में अफीम की खेती शुरू हुई। मार्शल सांगा, जो पहले झारखंड में भी अफीम की खेती करता था, ने उसी मॉडल को रायगढ़ में अपनाया। गांववालों में आक्रोश घटना के बाद घटगांव क्षेत्र के लोग हैरान और परेशान हैं, क्योंकि अफीम की खेती जिस इलाके में की जा रही थी, वहां से एक सशक्त सब्जी की बाड़ी का प्रचार हुआ था। लोग इस अवैध गतिविधि के खिलाफ अपनी आवाज उठाते हुए पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। भूपेश बघेल ने बोला हमला इस मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा- "रायगढ़ ज़िले के लैलूंगा ब्लॉक के नवीन घट गांव में एक या दो नहीं बल्कि तीन अलग-अलग खेतों में अफीम पाई गई है। अब तो ऐसा लग रहा है कि भाजपा को अपना चुनाव निशान बदलकर “कमल के फूल” की जगह पर “अफ़ीम का फूल” कर लेना चाहिए।' मार्च के महीने में 5वां मामला छत्तीसगढ़ में मार्च के महीने में अफीम की खेती का यह 5वां मामला है। सबसे पहले दुर्ग जिले के सिमोदा गांव में अफीम की खेती का मामला सामने आया था। यह खेती बीजेपी नेता ताम्रकार कर रहा था। उसके बाद बलरामपुर जिले के दो थाना क्षेत्रों में अफीम की फसल मिली थी। अब रायगढ़ के आमाघाट क्षेत्र के बाद लैलूंगा थाना क्षेत्र में अफीम की खेती का मामला सामने आया है।

अम्बिकापुर : बजटीय देयक जमा करने की अंतिम तिथि 25 मार्च निर्धारित तथा SNA SPARSH से संबंधित भुगतान के लिए 30 मार्च तक का समय

अम्बिकापुर   छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर के निर्देशानुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु कोषालय/उप कोषालय में देयक प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 25 मार्च 2026 तथा SNA SPARSH से संबंधित समस्त भुगतान के लिए कोषालय में देयक प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 30 मर्च 2026 निर्धारित की गई है। उक्त प्रतिबंध भारत से प्राप्त राशि, राजभवन राज्यपाल, विधानसभा सचिवालय/निवास कार्यालय से संबंधित देयकों/उच्च न्यायालय एवं अधीनस्थ न्यायालयों एवं विधायकों के स्वत्वों से संबंधित देयकों पर लागू नहीं होगा। जिले के वरिष्ठ कोषालय अधिकारी ने इस निर्देश के परिपालन में सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को सूचित है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 अंतर्गत केवल बजटीय देयक 25 मार्च 2026 तक एवं SNA SPARSHसे संबंधित देयक 30 मार्च 2026 कोषालय/उप कोषालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करेंगे। ताकि शासन के निर्देशानुसार कार्य किया जा सके। निर्देशों का यथासमय पालन हो इस हेतु कोषालय/उप कोषालय में केवल बजटीय देयक ही निर्धारित तिथि स्वीकार किये जायेंगे।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत, खिलाड़ी छत्तीसगढ़ पहुंचने लगे

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ पहुंचना शुरू  अरुणाचल के वेटलिफ्टरों का विमानतल पर रंगारंग स्वागत  रायपुर  खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में भागीदारी के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ पहुंचना शुरू हो गया है। आज सवेरे अरुणाचल प्रदेश के वेटलिफ्टरों का 14 सदस्यीय दल रायपुर पहुंचा। इनमें 13 खिलाड़ी और एक सपोर्टिंग स्टॉफ शामिल है। खिलाड़ियों के छत्तीसगढ़ आगमन पर रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर राऊत नाचा दल की रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा साई (SAI) के अधिकारियों ने गुलाब भेंटकर सभी खिलाड़ियों का हार्दिक स्वागत किया। 23 मार्च को कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खिलाड़ी बड़ी संख्या में रायपुर पहुंचेंगे। देश में पहली बार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ के तीन शहरों – रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में किया गया है। इसमें देशभर के करीब तीन हजार जनजातीय खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक छत्तीसगढ़वासियों को सात खेलों में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। इस दौरान पुरूष और महिला वर्गों में हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग की प्रतियोगिताएं होंगी।

रायपुर-कोरबा सहित कई मेमू ट्रेनें 30 मार्च से 11 अप्रैल तक कैंसिल, जानें पूरी लिस्ट

 रायपुर  रेल मंडल रायपुर से बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ की ओर रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों के लिए आने वाले दिन कष्टकारी हो सकते हैं। हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर स्थित अकलतरा स्टेशन में चौथी लाइन कनेक्टिविटी और यार्ड रिमाडलिंग का काम शुरू होने जा रहा है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा लिए गए इस ट्रैफिक ब्लॉक के कारण 30 मार्च से 11 अप्रैल तक रायपुर से छूटने वाली और रायपुर आने वाली कई महत्वपूर्ण मेमू व पैसेंजर ट्रेनें रद्द रहेंगी। रेलवे प्रशासन के इस निर्णय का सबसे बड़ा असर उन नौकरीपेशा और व्यापारियों पर पड़ेगा जो रायपुर से कोरबा और गेवरा रोड के बीच प्रतिदिन सफर करते हैं। मेमू ट्रेनों के पहिये भी 11 दिनों तक थमे रहेंगे रायपुर-कोरबा और रायपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर 30 मार्च से 11 अप्रैल तक पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा बिलासपुर-रायगढ़ और बिलासपुर-कोरबा के बीच चलने वाली मेमू ट्रेनों के पहिये भी 11 दिनों तक थमे रहेंगे। पैसेंजर ट्रेन की तरह चलेगी हसदेव एक्सप्रेस बड़ी संख्या में रद हो रही ट्रेनों को देखते हुए रेलवे ने रायपुर और कोरबा के बीच चलने वाली हसदेव एक्सप्रेस को लेकर विशेष व्यवस्था की है। गाड़ी संख्या 18250/18249 और 18252/18251 कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस को 31 मार्च से 11 अप्रैल तक कोरबा और बिलासपुर के बीच पैसेंजर ट्रेन की तरह चलाया जाएगा। इससे रास्ते के छोटे स्टेशनों के यात्रियों को आवागमन में कुछ सहूलियत मिल सकेगी। रायपुर मंडल से जुड़ी प्रमुख रद गाड़ियां     रायपुर-कोरबा पैसेंजर (58204): 30 मार्च से 10 अप्रैल तक रद्द।     कोरबा-रायपुर पैसेंजर (58203): 31 मार्च से 11 अप्रैल तक रद्द।     रायपुर-गेवरा रोड मेमू (68746): 30 मार्च से 10 अप्रैल तक रद्द।     गेवरा रोड-रायपुर मेमू (68745): 31 मार्च से 11 अप्रैल तक रद्द।     गोंदिया-झारसुगुड़ा पैसेंजर (68861): 31 मार्च से 11 अप्रैल तक बिलासपुर में समाप्त होगी (बिलासपुर-झारसुगुड़ा के बीच रद्द)।