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संस्कृति एवं पुरातत्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने दिए सर्वेक्षण और विस्तृत जांच के निर्देश

रायपुर छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए संस्कृति एवं पुरातत्व मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कोंडागांव जिले के नवागढ़ क्षेत्र में प्राप्त प्राचीन पुरातात्विक अवशेषों के संबंध में त्वरित संज्ञान लिया है। मंत्री  अग्रवाल ने पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय को निर्देशित किया है कि नवागढ़ क्षेत्र में उपलब्ध प्राचीन प्रतिमाओं और अन्य पुरातात्विक अवशेषों का विशेषज्ञ दल के माध्यम से शीघ्र स्थल निरीक्षण एवं विस्तृत सर्वेक्षण कराया जाए। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि नवागढ़ क्षेत्र में 5वीं-6वीं शताब्दी ईस्वी से संबंधित प्राचीन प्रतिमाओं और अन्य अवशेषों की जानकारी सामने आने के बाद इस स्थल का वैज्ञानिक अध्ययन अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विशेषज्ञ दल द्वारा क्षेत्र में उपलब्ध सभी प्रतिमाओं, स्थापत्य अवशेषों, शिल्प कलाकृतियों और संभावित पुरातात्विक स्थलों का सूक्ष्म अध्ययन किया जाए तथा उनका विस्तृत दस्तावेजीकरण भी किया जाए, ताकि इन धरोहरों के ऐतिहासिक महत्व का समुचित आकलन किया जा सके। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि सर्वेक्षण और स्थल निरीक्षण से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर आवश्यकतानुसार इन पुरातात्विक अवशेषों के संरक्षण, संवर्धन और सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। यदि स्थल का ऐतिहासिक महत्व प्रमाणित होता है, तो उसे संरक्षित पुरातात्विक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती प्राचीन सभ्यताओं, स्थापत्य कला और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से परिपूर्ण रही है। प्रदेश के अनेक अंचलों में ऐसे महत्वपूर्ण स्थल हैं, जिनका व्यवस्थित अध्ययन और संरक्षण किए जाने की आवश्यकता है। राज्य सरकार इन धरोहरों की पहचान, संरक्षण और उनके वैज्ञानिक अध्ययन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि राज्य की ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और आम नागरिकों की सहभागिता भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इन धरोहरों का संरक्षण केवल अतीत को सुरक्षित रखने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और इतिहास से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि ऐतिहासिक स्थलों और पुरातात्विक धरोहरों को संरक्षण के साथ-साथ अध्ययन, शोध और सांस्कृतिक पर्यटन के दृष्टिकोण से भी विकसित किया जाए, जिससे प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान मिले और स्थानीय स्तर पर पर्यटन एवं रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सके।

प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ पक्के घर का सपना

रायपुर  प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से जिले के ग्रामीण परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित एवं पक्का आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँच रहा है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के ग्राम बंगुरकेला निवासी  ज्ञानु भगत को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ प्राप्त हुआ है।  ज्ञानु भगत ने बताया कि पहले वे अपने परिवार के साथ मिट्टी के छोटे से कच्चे मकान में निवास करते थे। बरसात के मौसम में घर की छत से पानी टपकता था तथा गर्मी के दिनों में दीवारें अत्यधिक तप जाती थीं। साथ ही जहरीले जीव-जंतुओं का भय बना रहता था। घर की बार-बार मरम्मत कराने से उन्हें आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें पक्के आवास की स्वीकृति मिली। शासन से प्राप्त राशि में अपनी बचत जोड़कर वे अपने सपनों का घर बना रहे हैं। वर्तमान में मकान का आंतरिक कार्य प्रगति पर है। ज्ञानु भगत ने पक्का आवास मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जिले के अनेक जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं स्थायी आवास मिल रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।

छत्तीसगढ़ में गैस संकट की चर्चा के बीच डिप्टी CM अरुण साव बोले— ‘घबराएं नहीं, अफवाहों से बचें’

रायपुर. गैस सिलेंडर को लेकर एजेंसियों में लगी लोगों की कतारों पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और अफवाह के कारण यह स्थिति बनी है. देश में पेट्रोल-गैस का कोई शॉर्टेज नहीं है. लोग थोड़ा धैर्य रखें और अफवाह पर ना जाएं. सरकार कालाबाजारी पर ठोस कार्रवाई कर रही है. उप मुख्यमंत्री अरुण साव शनिवार को मीडिया से रू-ब-रू हुए. इस दौरान उन्होंने जी रामजी जी और अफीम की खेती पर कांग्रेस के विधानसभा के घेराव को लेकर कहा कि कांग्रेस के समय में ही अफीम की खेती शुरू हुई थी. कांग्रेस सरकार में जो नशे का कारोबार हुआ, यह उसी का नतीजा है. मुखबिर से सूचना मिली, उस पर सरकार ने त्वरित और कठोर कार्रवाई की है. किसी को भी नशे का कारोबार करने नहीं दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य में सर्वे के लिए कहा है, जहां गड़बड़ी मिलेगी कठोर कार्रवाई होगी. कांग्रेस इसमें राजनीतिक करने की कोशिश ना करे. प्रदेश में आज से गौधाम योजना की शुरुआत को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस ने गौठान की शुरुआत जनता के पैसे को लूटने के लिए किया था. गौ माता की सेवा करना उनकी फितरत में नहीं थी. हमारी सरकार आज से गौधाम योजना शुरू कर रही है. प्रदेश में 1460 गौधाम बनेंगे, जिनमें से 26 को स्वीकृति मिल चुकी है. चरवाहे को मानदेय, पशुओं को चारा, सब व्यवस्था की गई है. यह बहुत सफल योजना होने जा रही है.

गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

राज्य में गोधन संरक्षण को नई दिशा : गोमाता की पूजा-अर्चना कर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ग्राम लाखासार में गौधाम का किया शुभारंभ गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री  साय पशुपालकों से संवाद कर सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” कहलाएंगे : मुख्यमंत्री ने दी स्वीकृति मुख्यमंत्री ने दी लाखासार को सौगात : महतारी सदन, मिनी स्टेडियम और गौरव पथ का होगा निर्माण लाखासार गौधाम के लिए 25 लाख का प्रशिक्षण भवन, काऊ कैचर और पशु एम्बुलेंस मिलेगी बिलासपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जिला बिलासपुर के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने गोमाता की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की। मुख्यमंत्री ने गौधाम परिसर का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।     मुख्यमंत्री  साय ने गौधाम में आश्रय प्राप्त बेसहारा एवं आवारा पशुओं की देखरेख, चारा, पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। लाखासार में गौधाम 25 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसमें 19 एकड़ में जानवरों को खिलाने के लिए हरा चारा की खेती की जा रही है। गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जाता है। मुख्यमंत्री ने चारागाह का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।     इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री  रामविचार नेताम, विधायक तखतपुर  धर्मजीत सिंह, विधायक बिलासपुर  अमर अग्रवाल, विधायक बिल्हा  धरमलाल कौशिक, विधायक बेलतरा  सुशांत शुक्ला तथा छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेषर पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।     मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर क्षेत्र के पशुपालकों और ग्रामीणों से संवाद कर गोधन संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली और इस सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी तरह सेवा कार्य जारी रखने की बात कही। उन्होंने सभी को गोधन संरक्षण तथा गौसेवा के लिए प्रेरित किया।     मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज बहुत सौभाग्य का दिन है कि लाखासार की पावन भूमि से गौधाम योजना का शुभारंभ किया जा रहा है। गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और बेसहारा मवेशियों की देखभाल के लिए गौधाम योजना को राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है, जिससे गौसेवा की परंपरा को मजबूती मिलने के साथ ही पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” कहलाएंगे।     मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गौसेवा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने लाखासार क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने लाखासार में महतारी सदन, मिनी स्टेडियम तथा 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने तथा एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की भी घोषणा की, जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी।     तखतपुर विधायक  धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुँमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो भी वादा करते हैं, उसे अवश्य पूरा करते हैं। विधायक  सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा तखतपुर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा अनेक कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में विकास को नई गति मिली है।छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेषर पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का अभिनंदन किया और गौधाम योजना के शुभारंभ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर कमिश्नर बिलासपुर  सुनील जैन, आईजी  रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, एसएसपी  रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा  चंद्रकांत वर्मा, संयुक्त संचालक पशु पालन विभाग  जी एस तंवर, गौ सेवा आयोग के जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष  धीरेन्द्र दुबे सहित बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।   

कलेक्टर त्रिपाठी का आह्वान, जनप्रतिनिधि जल संरक्षण में दें योगदान, कोरिया को मिले नई पहचान

जनप्रतिनिधि जल संरक्षण में दें योगदान ताकि कोरिया को मिले नई पहचान – कलेक्टर  चंदन त्रिपाठी पानी के एक-एक बूंद को संरक्षित किया जाए-सीईओ डॉ आशुतोष चतुर्वेदी जनभागीदारी से जलसंचय पर केंद्रीय भूमिजल बोर्ड की कार्यशाला सम्पन्न कोरिया कोरिया जिले में जल संरक्षण के अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। जिला पंचायत कोरिया के मंथन कक्ष में कलेक्टर चंदन त्रिपाठी की उपस्थिति में जनभागीदारी से जलसंचय अभियान पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। वैज्ञानिकों ने बताया जल संरक्षण का महत्व कार्यशाला में केंद्रीय भूमिजल बोर्ड से आए वैज्ञानिकों ने जिले के जनप्रतिनिधियों को जल संरक्षण के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी और सरल संरचनाओं के माध्यम से जल संचय को बढ़ाने के उपाय बताए। कार्यशाला में केंद्रीय भूमिजल बोर्ड के तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि जल संरक्षण के लिए सबसे महत्वपूर्ण कार्य रिचार्ज जोन की पहचान करना है। उन्होंने बताया कि जमीन के भीतर चट्टानों के बीच बने गैप में पानी का संग्रह आसानी से किया जा सकता है, जिससे भूजल स्तर को तेजी से बढ़ाया जा सकता है। कोरिया जिले में जल संचय की असीम संभावनाएं केंद्रीय भूमिजल बोर्ड की विशेषज्ञ महिमा अवस्थी और शिप्रा ने बताया कि कोरिया जिले का अधिकांश क्षेत्र रिचार्ज जोन में आता है। जिले की लगभग सभी ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण की संरचनाएं बनाकर भूजल संसाधनों को मजबूत किया जा सकता है। इस अभियान के सफल होने से जिले के साथ-साथ पूरे प्रदेश को भी लाभ मिलेगा। जनप्रतिनिधियों को निभानी होगी जिम्मेदारी कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने कहा कि जल संरक्षण को तेजी से आगे बढ़ाकर जन आंदोलन बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जल संरक्षण के लिए प्रयास नहीं किए गए तो आने वाला भविष्य चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को इस अभियान में नेतृत्व की भूमिका निभाने की अपील की। पानी के एक-एक बूंद को संरक्षित किया जाए जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा आज पानी की किल्लत एक वैश्विक समस्या बन रही है। ऐसे में हम सबकी जिम्मेदारी है कि पानी के एक-एक बूंद को संरक्षित किया जाए। बारिश की पानी को बेवजह बहने की बजाय धरती के अंदर समाहित की जाए ताकि भूजल स्तर बढ़ सके। कैसे होता है भूमिगत जल रिचार्ज वैज्ञानिकों ने बताया कि जमीन के नीचे चट्टानों की परतों के आधार पर रिचार्ज और डिस्चार्ज जोन बनते हैं। जहां पानी जमीन के अंदर समा जाता है उसे रिचार्ज जोन कहा जाता है, जबकि जहां पानी बाहर निकल जाता है उसे डिस्चार्ज जोन कहा जाता है। जनप्रतिनिधियों ने जताई प्रतिबद्धता कार्यशाला में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मोहित पैकरा, उपाध्यक्ष श्रीमती वंदना राजवाड़े, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नविता शिवहरे, शिवपुर अध्यक्ष श्री अरुण जायसवाल, पटना नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में एसडीएम बैकुंठपुर सहित जल संसाधन, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधिकारी तथा राजस्व विभाग के मैदानी कर्मचारी शामिल हुए।

छात्रावास में 11वीं के छात्र ने की आत्महत्या, कारण अज्ञात

कोरिया  जिले के सोनहत जनपद पंचायत अंतर्गत कटगोड़ी पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में बीती रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 11वीं कक्षा में अध्ययनरत एक रहवासी छात्र ने आत्महत्या कर ली।  प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र का नाम सुरेश बताया जा रहा है, जो कक्षा 11वीं में अध्ययनरत था। सुरेश ने बीती रात छात्रावास के भीतर ऐसा आत्मघाती कदम उठा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। अब सवाल यह है कि आखिर ऐसा कौन सा कारण या दबाव था, जिसकी वजह से छात्र सुरेश ने इतना बड़ा और आत्मघाती कदम उठा लिया। हालांकि आत्महत्या के पीछे का वास्तविक कारण अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। घटना की सूचना मिलते ही सोनहत प्रशासन और पुलिस विभाग हरकत में आया। सोनहत एसडीएम अंशुल वर्मा, तहसीलदार संजय सिंह राठौर, थाना प्रभारी विनोद पासवान सहित पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की एक टीम तत्काल कटगोड़ी छात्रावास पहुंची। टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और मृतक छात्र के साथियों व छात्रावास प्रबंधन से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने फिलहाल छात्र के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की गहनता से आगे की जांच में जुटी हुई है, उम्मीद है कि जल्द ही आत्महत्या के पीछे के कारणों का खुलासा हो पाएगा।

विवादित बयान पर एक्शन: कांग्रेस नेता विनोद तिवारी दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में

रायपुर/नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित विवादित टिप्पणी करने के मामले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पीसीसी संयुक्त महामंत्री विनोद तिवारी को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की टीम ने उन्हें उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से हिरासत में लिया। जानकारी के अनुसार विनोद तिवारी कौशांबी में एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान दिल्ली पुलिस की टीम वहां पहुंची और उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई 3 फरवरी को सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट से जुड़े मामले में की गई है। सूत्रों के मुताबिक उक्त पोस्ट को लेकर पहले भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू की थी। जांच के बाद पुलिस टीम ने कौशांबी पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार किया। फिलहाल दिल्ली पुलिस ने विनोद तिवारी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है और मामले को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

राजनांदगांव को बनाएंगे मॉडल सिटी, CM साय ने कहा- आधुनिक सुविधाओं से होगा सुसज्जित

राजनांदगांव को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मॉडल सिटी के रूप में विकसित करेंगे : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय राजनांदगांव के विकास को नई गति: 2 हजार सीटर अत्याधुनिक ऑडिटोरियम सहित 226 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से नगर पालिक निगम राजनांदगांव के विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 226 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने  राजनांदगांववासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह भूमिपूजन केवल विकास कार्यों की शुरुआत नहीं, बल्कि शहर के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ प्रदेश के संतुलित और समावेशी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में राजनांदगांव की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी के अनुरूप नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इन परियोजनाओं के माध्यम से शहर के हर वार्ड तक विकास की किरण पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अमृत मिशन 2.0 के तहत शहर में घरेलू अपशिष्ट जल के वैज्ञानिक उपचार के लिए दो नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इससे गंदे पानी को सीधे नदियों और नालों में जाने से रोका जा सकेगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों के स्वास्थ्य की भी रक्षा होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नगरोउत्थान योजना के अंतर्गत सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जिससे यातायात अधिक सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राजनांदगांव में 2 हजार सीटर का विशाल अत्याधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा, जो संस्कारधानी की कला, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को नया मंच प्रदान करेगा। इससे स्थानीय कलाकारों, साहित्यकारों और युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के व्यापक अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह ऑडिटोरियम शहर की एक नई पहचान बनेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर के उन्नयन, नाली निर्माण, पाइपलाइन विस्तार तथा शहर के 51 वार्डों में मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष बजट प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए नए संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि राजनांदगांव केवल स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेने वाला शहर न रहे, बल्कि देश के अग्रणी स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि संसाधनों का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से विकास कार्यों की गति तेज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से राजनांदगांव तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके विजन और जनसहभागिता से शहर को छत्तीसगढ़ की एक मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने जिले के विकास से संबंधित लंबित अधोसंरचना प्रस्तावों को भी शीघ्र स्वीकृत करने का आश्वासन दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजनांदगांव उनके दिल के बेहद करीब है और आज का दिन शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि संकल्प बजट 2026-27 में राजनांदगांव जिले के समग्र विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डॉ. सिंह ने बताया कि शिवनाथ नदी के संरक्षण, संवर्द्धन और विकास के लिए 250 करोड़ रुपये की योजनाएँ स्वीकृत की गई हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों के माध्यम से अनेक विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत 60 करोड़ रुपये, तथा लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लगभग 200 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि खेल सुविधाओं के विकास के लिए हॉकी स्टेडियम में टर्फ सहित अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु 8 करोड़ 80 लाख रुपये तथा दिग्विजय स्टेडियम में खेल अधोसंरचना सुदृढ़ करने के लिए 6 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है, जिससे युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री  गजेंद्र यादव, सांसद  संतोष पांडेय, छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह तथा महापौर  मधुसूदन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि भूमिपूजन के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण, सड़क चौड़ीकरण एवं उन्नयन, 2 हजार सीटर ऑडिटोरियम निर्माण, नाला निर्माण, पाइपलाइन विस्तार, ट्रांसपोर्ट नगर उन्नयन, कचरा प्रबंधन संयंत्र स्थापना तथा स्वच्छता संबंधी कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से राजनांदगांव के 51 वार्डों में बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा और शहर के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

संपत्तिकर नहीं चुकाने वाले बड़े बकायेदारों के परिसर किए सील

रायपुर. नगर निगम रायपुर के जोन क्रमांक-8 में संपत्तिकर (टैक्स) के बड़े बकायादारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। आयुक्त, अपर आयुक्त, उपायुक्त और जोन आयुक्त के निर्देश पर शुक्रवार 13 मार्च को कई वर्षों से टैक्स जमा नहीं करने वाले व्यावसायिक परिसरों को सील किया गया। निगम की ओर से पहले डिमांड बिल, डिमांड नोटिस और अंतिम नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन इसके बाद भी बकाया राशि जमा नहीं करने पर कार्रवाई करते हुए परिसरों में ताला लगाकर सीलबंद किया गया। निगम प्रशासन के अनुसार इस कार्रवाई में वीर सावरकर नगर वार्ड-01 और पं. जवाहर लाल नेहरू वार्ड-02 क्षेत्र के कई संपत्ति मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें प्रीतम सिंह पिता जीत सिंह पर 5,29,434 रुपये, अशोक कुमार, विजय कुमार और विनोद कुमार (पिता टेकचंद नवानी) पर 2,25,857 रुपये, हरवंश सिंह, महेंद्र सिंह और सुरजीत कौर पर 4,52,317 रुपये, राहुल धारीवाल पिता राजेंद्र धारीवाल पर 1,83,697 रुपये, सुरेंद्र सिंह और गुरविंदर सिंह पिता प्रीतम सिंह पर 1,17,410 रुपये, आदिल खान पर 1,41,022 रुपये और संतोषी देवी पति रामनिवास पर 8,36,874 रुपये का बकाया होने के कारण उनकी व्यावसायिक संपत्तियों को सील किया गया। इसके अलावा पं. जवाहर लाल नेहरू वार्ड-02 में हैदर रज़ा के भवन पर भी कार्रवाई की गई। निगम के अनुसार भवन स्वामी द्वारा अब तक संपत्ति का टैक्स अधिरोपित नहीं कराया गया था, जिसके कारण परिसर को ताला लगाकर सील कर दिया गया। नगर निगम अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जिन संपत्ति मालिकों ने अब तक बकाया संपत्तिकर जमा नहीं किया है, वे जल्द से जल्द राशि जमा करें, अन्यथा इसी तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

परीक्षा की तैयारी तेज: 5वीं और 8वीं की गोपनीय सामग्री बांटी गई, सुरक्षा के लिए थाने में जमा

दुर्ग. सत्र 2025-26 में छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कक्षा 5वीं एवं 8वीं की केन्द्रीकृत परीक्षा आयोजित की जाएगी। पांचवी की परीक्षा 16 मार्च ( सुबह 9 से 11 बजे ) तथा आठवीं की परीक्षा 17 मार्च ( सुबह 9 से 12 बजे ) से शुरू होंगे। इन परीक्षाओं के लिए गोपनीय सामग्रियों का वितरण सेजस जेआरडी दुर्ग से किया गया। धमधा तथा पाटन ब्लॉक के विद्यालयों के संकुल प्राचार्यों को प्रश्न पत्र के सील बंद पैकेट वितरित किए गए। संकुल प्राचार्यों ने पेटी में को गोपनीय सामग्रियों को रखकर सील किया, जिसे स्कूल बस के जरिए निकट के थाने में जमा कराया गया। जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा द्वारा बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। पांचवीं की परीक्षा में 23151 तथा आठवीं में 22700 विद्यार्थी शामिल होंगे। पांचवीं की परीक्षा के लिए 1077 तथा आठवीं के लिए परीक्षा केंद्र बनाए गए है। गोपनीय सामग्री वितरण के दौरान सहायक संचालक सीमा नायक व समृद्धि जोशी, एबीईओ संध्या ढीढी, आकांक्षा अग्रवाल व संगीता देवांगन तथा परीक्षा कक्ष प्रभारी नवनीत मौजूद थे। पांचवी-आठवीं की समय सारणी इस प्रकार :  पांचवी गणित 16 मार्च, अंग्रेजी 19 मार्च, हिंदी 23 मार्च, पर्यावरण 25 मार्च | आठवीं गणित 17 मार्च, हिंदी 20 मार्च, अंग्रेजी 24 मार्च, सामाजिक विज्ञान 30 मार्च, विज्ञान 2 अप्रैल तथा संस्कृत/ उर्दू 6 अप्रैल।