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रिकॉर्ड छुपाने के मामले में देवेंद्र यादव की अर्जी नामंजूर

बिलासपुर छत्तीसगढ़ भिलाई से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने हाई कोर्ट में लंबित चुनावी याचिका को खारिज करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी (स्पेशल लीव पिटीशन) दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद उनकी विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी है। बता दें इससे पहले हाई कोर्ट ने भी उनकी याचिका खारिज करते हुए चुनावी याचिका को सुनवाई योग्य माना था। विधायक देवेंद्र पर चुनाव के दौरान गलत जानकारी देने और आपराधिक रिकार्ड छुपाने का आरोप है। भिलाई विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रहे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय चुनाव हार गए थे। इसके बाद देवेंद्र यादव के निर्वाचन को चुनौती देते हुए प्रेमप्रकाश पांडेय ने हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दायर की। इसमें कहा गया कि देवेंद्र यादव ने लोक प्रतिनिधित्व कानून का उल्लंघन किया है। चुनाव आयोग हर प्रत्याशी से शपथपत्र में आपराधिक और संपत्ति संबंधी मामलों की जानकारी मांगता है। लेकिन, आयोग से जानकारी छिपाना प्रविधानों का उल्लंघन है। छत्तीसगढ़ के 21 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले, दो साल में चार नए केस यदि कोई उम्मीदवार इस तरह की जानकारी छिपाता है, तो उसका निर्वाचन शून्य घोषित किया जा सकता है। याचिका में कहा है कि देवेंद्र यादव ने जनप्रतिनिधित्व कानून का उल्लंघन कर अपनी संपत्ति की जानकारी छिपाई है। साथ ही आपराधिक मामलों का भी शपथत्र में जिक्र नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट में लगाई थी स्पेशल लीव पिटीशन हाई कोर्ट ने भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम प्रकाश पांडेय की चुनाव याचिका स्वीकार कर लिया था। साथ ही निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका को कोर्ट ने सुनवाई योग्य माना। विधायक देवेंद्र यादव ने इस याचिका को खारिज करने की मांग की थी, जिसे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ देवेंद्र यादव ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। प्रारंभिक सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने देवेंद्र यादव को राहत दी थी। जिसमें चुनाव याचिका पर स्टे दे दिया था। याचिका को पूरी तरह से गलत बताया था सुप्रीम कोर्ट में विधायक देवेंद्र यादव ने याचिका को पूरी तरह से गलत बताया था। अधिवक्ता ने दलील दी थी कि हाई कोर्ट ने सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7 नियम 11 के तहत आवेदन को खारिज करने की गलती की है। जिससे प्रेम प्रकाश पाण्डेय की चुनाव याचिका की स्वीकार्यता पर सवाल उठता है। मामले में प्रेम प्रकाश पांडेय की तरफ से उनके वकील ने तर्क दिया। सभी पक्षों की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने विधायक देवेंद्र यादव की विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी है।  

निवेश, उद्योग और रोजगार पर फोकस, मजबूत होगी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था

रायपुर वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रस्तुत राज्य के वर्ष 2026-27 के बजट संकल्प 2026-27 को छत्तीसगढ़ को विकसित एवं आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक, संतुलित एवं दूरदर्शी बजट बताया है। उन्होंने इस जनोन्मुखी एवं विकासपरक बजट के लिए वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया है।  देवांगन ने कहा कि 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये के अनुमानित प्रावधान वाला यह बजट राज्य की आर्थिक संरचना को सुदृढ़ करते हुए निवेश, औद्योगिक विस्तार और व्यापक रोजगार सृजन की स्पष्ट कार्ययोजना प्रस्तुत करता है। प्रदेश की लगभग 60 प्रतिशत कार्यशील जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए उद्योग एवं सेवा क्षेत्र के विस्तार पर विशेष बल दिया गया है, जिससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 रोजगार केंद्रित है। विगत वर्ष लगभग 1,000 उद्योगों को उत्पादन प्रमाण पत्र जारी किए गए, जिनके माध्यम से 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ तथा 15 हजार से अधिक रोजगार के अवसर निर्मित हुए। यह राज्य में निवेश अनुकूल वातावरण एवं औद्योगिक विश्वास का सशक्त संकेत है। उद्योग मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना हेतु 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिनमें मटीया (कसडोल), बिरकोनी (महासमुंद), छाती (धमतरी), बनगांव-बी (पत्थलगांव) सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं। नवीन औद्योगिक क्षेत्रों के लिए लैंड बैंक तैयार करने हेतु 200 करोड़ रुपये तथा उद्योगों को अनुदान एवं प्रतिपूर्ति के लिए 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पूर्व की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि धमतरी जिले के कचना में 17 एकड़ क्षेत्र में प्रदेश की पहली चार मंजिला प्लग-एंड-प्ले फैक्ट्री विकसित की जा रही है, जो सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। ग्राम तूता, नवा रायपुर अटल नगर में कन्वेंशन सह एक्जिबिशन सेंटर के निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपये, भिलाई में व्यावसायिक परिसर हेतु 10 करोड़ रुपये, पटेवा (राजनांदगांव) में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 हेतु 10 करोड़ रुपये तथा नवा रायपुर अटल नगर एवं राजनांदगांव में इंडस्ट्रियल फैसिलिटेशन कॉम्प्लेक्स हेतु 20 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रदेश के औद्योगिक अधोसंरचना विकास को नई गति देगा।  देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा रायपुर, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद तथा जापान के ओसाका में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो छत्तीसगढ़ की औद्योगिक संभावनाओं और वैश्विक विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि Ease of Doing Business के अंतर्गत सिंगल विंडो सिस्टम एवं छत्तीसगढ़ जन विश्वास अधिनियम जैसे सुधारात्मक कदमों के माध्यम से शासन उद्योगों के लिए सुगम, पारदर्शी और प्रोत्साहनकारी वातावरण उपलब्ध करा रहा है। वर्ष 2024-25 में उद्योग विभाग का बजट 648 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2026-27 में बढ़कर 1,750 करोड़ रुपये हो गया है। यह वृद्धि राज्य सरकार की उद्योग, निवेश और रोजगार सृजन के प्रति स्पष्ट प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।  लखन लाल देवांगन ने कहा कि “संकल्प 2026-27” केवल बजट नहीं, बल्कि समावेशी विकास, औद्योगिक प्रगति और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण का ठोस संकल्प है, जो प्रदेश की विकास यात्रा को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

छत्तीसगढ़ में होली के दिन नहीं खुलेंगी शराब दुकानें, सरकार का बड़ा फैसला

रायपुर छत्तीसगढ़ में होली पर्व को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। होली के दिन प्रदेशभर में सभी शराब दुकानें बंद रहेंगी। इस संबंध में छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार 4 मार्च 2026 को होली त्योहार के अवसर पर पूरे राज्य में शुष्क दिवस (ड्राई डे) घोषित किया गया है। इस दिन देशी-विदेशी मदिरा की सभी फुटकर दुकानें, बार और शराब से संबंधित अन्य प्रतिष्ठान पूर्ण रूप से बंद रहेंगे। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। किसी भी दुकान के खुले पाए जाने या अवैध रूप से शराब बिक्री करने पर संबंधित संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने जिला आबकारी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाएं और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करें। होली के मद्देनजर यह कदम सामाजिक शांति और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि त्योहार सौहार्द और सुरक्षित वातावरण में मनाया जा सके। प्रदेशवासियों से भी अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण और जिम्मेदारी के साथ होली मनाएं।

राज्य के शासकीय कर्मचारियों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय ऐतिहासिक: स्वास्थ्य मंत्री

रायपुर छत्तीसगढ़ के बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली ऐतिहासिक प्राथमिकता पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय एवं वित्त मंत्री  ओ. पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह इस सरकार का तीसरा बजट है, जो प्रदेश की 3 करोड़ जनता के सामाजिक तथा आर्थिक विकास के लिए समर्पित है। पिछले दो वर्षो में हासिल विकास की गति को यह बजट और तेज करने तथा छत्तीसगढ़ अंजोर, 2047 के लक्ष्यो की दिशा में आगे बढने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। यह बजट छत्तीसगढ़ को समृद्ध एवं खुशहाल बनाने का SANKALP है।  स्वास्थ्य मंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह बजट प्रदेश के लिए लाभदायक और हर वर्ग के लिए बेहतर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री की वित्तीय प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप स्वास्थ्य विभाग को व्यापक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे आमजन को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि बजट में राज्य के शासकीय कर्मचारियों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय ऐतिहासिक है। मंत्री  जायसवाल ने बताया कि बजट में शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान भारत योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अंबिकापुर एवं धमतरी में जिला अस्पताल भवन निर्माण, रायपुर (कालीबाड़ी) में 200 बिस्तरों वाले एमसीएच की स्थापना तथा चिरमिरी में जिला अस्पताल निर्माण जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करेंगी। उन्होंने कहा कि दुर्ग, कोंडागांव, जशपुर और रायपुर में GNM प्रशिक्षण केंद्र, दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, कवर्धा, जांजगीर-चांपा एवं कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज तथा कांकेर, कोरबा, मनेन्द्रगढ़, सरिया और महासमुंद में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। राजनांदगांव में फिजियोथेरेपी कॉलेज और रायपुर में उन्नत कार्डियक इंस्टिट्यूट की स्थापना से विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। इसके साथ ही 25 डायलिसिस केंद्र, 50 जन औषधि केंद्र तथा 25 से अधिक PHC, SHC एवं CHC भवन निर्माण का प्रावधान ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और व्यापक बनाएगा। बिलासपुर में स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट तथा रायपुर में राज्य के पहले होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना को भी मंत्री ने ऐतिहासिक निर्णय बताया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में अधोसंरचना विस्तार हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। मंत्री  जायसवाल ने कहा, “यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के बेहतर स्वास्थ्य, समग्र विकास और सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री  ओ. पी. चौधरी के प्रति मैं प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बजट 2026-27 के ये प्रावधान छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

विचार नेताम कमजोर वर्गों के विकास को समर्पित है ‘संकल्प’ बजट – राम विचार नेताम

रायपुर कृषि और आदिम जाति विकास मंत्री  राम विचार नेताम ने वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी द्वारा सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट ‘संकल्प’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट संकल्प राज्य के किसानों गरीबों और कमजोर वर्गों के विकास के लिए मील का पत्थर का साबित होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य की चहुमुखी विकास हो रहा है। विगत वर्षो में प्रस्तुत बजट, ज्ञान, गति के बाद अब संकल्प राज्य के उत्तरोतर विकास के लिए राह आसान करेगी। इसके साथ ही यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत /2047 की संकल्पों को पूरा करने में भी सहायक होगी।  मंत्री  नेताम ने कहा कि यह बजट राज्य की संस्कृति और अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ कृषि को मजबूत करने वाला है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो आदिवासी बहुल क्षेत्रों में समग्र विकास सुनिश्चित करेगा। जनजातीय सुरगुड़ी स्टूडियो के लिए बजट प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की राशि को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ किया गया है। अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के लिए 80 करोड़ का प्रावधान है। पिछड़ा वर्ग के हित में विभागाध्यक्ष भवन के लिए बजट प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत 500 करोड़ रुपये तथा आवास निर्माण के लिए 200 करोड़ का प्रावधान है। अनुसूचित जनजाति बहुल ग्राम पंचायतों में बैगा एवं पुजारी के लिए 3 करोड़ का प्रावधान किया गया है। निश्चित ही यह बजट राज्य के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त करने में अहम भूमिका निभाएगी।  मंत्री  नेताम ने प्रतिक्रिया में कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि हमारी संस्कृति है। किसानों के खाते में विगत इन तीन वर्षों में एक लाख 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान हो चुका है। कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो आधुनिक तकनीक और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देगी। मार्कफेड को धान उपार्जन के लिए 6 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान है। कृषि पंपों को निःशुल्क बिजली के लिए 5500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आलू प्रदर्शन विकास योजना की शुरुआत होगी। आईजीकेव्ही में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना होगी। डेयरी समग्र विकास योजना के लिए 90 करोड़ रुपये का प्रावधान है। किसानों और मजदूरों के दुर्घटना बीमा के लिए बजट प्रावधान किया गया है।  भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत 600 करोड़ रुपये का प्रावधान है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम के लिए 170 करोड़ रुपये, कृषक समग्र विकास योजना के लिए 150 करोड़ रुपये, पीएम कृषि सिंचाई योजना के लिए 130 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 130 करोड़ रुपये, पीएम मत्स्य संपदा योजना के लिए 200 करोड़ रुपये, डेयरी विकास के लिए 90 करोड़ रुपये समग्र पशु संवर्धन योजना के लिए 8 करोड़ रुपये तथा पशुओं को साल भर हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए हरा चारा उत्पादन हेतु 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह बजट किसानों की आय बढ़ाने सिंचाई बीमा और पशुपालन को मजबूत करने पर केंद्रित है जो राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। आदिवासी और पिछड़े वर्गों के उत्थान से समावेशी विकास सुनिश्चित होगा। कृषि और आदिम जाति विकास मंत्री  राम विचार नेताम ने वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी द्वारा सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट ‘संकल्प’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट संकल्प राज्य के किसानों गरीबों और कमजोर वर्गों के विकास के लिए मील का पत्थर का साबित होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य की चहुमुखी विकास हो रहा है। विगत वर्षो में प्रस्तुत बजट, ज्ञान, गति के बाद अब संकल्प राज्य के उत्तरोतर विकास के लिए राह आसान करेगी। इसके साथ ही यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत /2047 की संकल्पों को पूरा करने में भी सहायक होगी।  मंत्री  नेताम ने कहा कि यह बजट राज्य की संस्कृति और अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ कृषि को मजबूत करने वाला है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो आदिवासी बहुल क्षेत्रों में समग्र विकास सुनिश्चित करेगा। जनजातीय सुरगुड़ी स्टूडियो के लिए बजट प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की राशि को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ किया गया है। अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के लिए 80 करोड़ का प्रावधान है। पिछड़ा वर्ग के हित में विभागाध्यक्ष भवन के लिए बजट प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत 500 करोड़ रुपये तथा आवास निर्माण के लिए 200 करोड़ का प्रावधान है। अनुसूचित जनजाति बहुल ग्राम पंचायतों में बैगा एवं पुजारी के लिए 3 करोड़ का प्रावधान किया गया है। निश्चित ही यह बजट राज्य के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त करने में अहम भूमिका निभाएगी।  मंत्री  नेताम ने प्रतिक्रिया में कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि हमारी संस्कृति है। किसानों के खाते में विगत इन तीन वर्षों में एक लाख 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान हो चुका है। कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो आधुनिक तकनीक और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देगी। मार्कफेड को धान उपार्जन के लिए 6 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान है। कृषि पंपों को निःशुल्क बिजली के लिए 5500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आलू प्रदर्शन विकास योजना की शुरुआत होगी। आईजीकेव्ही में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना होगी। डेयरी समग्र विकास योजना के लिए 90 करोड़ रुपये का प्रावधान है। किसानों और मजदूरों के दुर्घटना बीमा के लिए बजट प्रावधान किया गया है।  भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत 600 करोड़ रुपये का प्रावधान है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम के लिए 170 करोड़ रुपये, कृषक समग्र विकास योजना के लिए 150 करोड़ रुपये, पीएम कृषि सिंचाई योजना के लिए 130 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय … Read more

चुनावी सुधारों पर मंथन: राष्ट्रीय राउंड टेबल बैठक में जुटे देशभर के निर्वाचन आयुक्त

रायपुर भारत निर्वाचन आयोग भारत निर्वाचन आयोग एवं राज्य निर्वाचन आयुक्तों का एक दिवसीय राष्ट्रीय राउंड टेबल सम्मेलन "भारत मंडपम" नई दिल्ली में मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को आयोजित हुआ .  उक्त सम्मेलन भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में हुआ। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के राज्य निर्वाचन आयुक्त  अजय सिंह सहित देश के सभी राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्त ,  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एवं राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारी उपस्थित रहे। सम्मेलन मुख्य रूप से राज्यों में स्थानीय निकाय के निर्वाचन कराये जाने हेतु भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग के मध्य समन्वय बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया। सम्मेलन में  अजय सिंह राज्य निर्वाचन आयुक्त ने अपने सम्बोधन में कहा कि स्थानीय चुनाव हेतु निर्वाचक नामावली तैयार करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग क़ी विधान सभा क़ी निर्वाचक नामावली का डाटा शीघ्रातिशीघ्र एवं यथासंभव 7 दिवस के भीतर प्राप्त होना चाहिए ताकि राज्य निर्वाचन आयोग  नगरीय एवं पंचायत चुनाव के लिए निर्वाचक नामावली निर्धारित समय में तैयार कराकर चुनाव संपन्न करा सके . उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संसाधनों के सदुपयोग की दृष्टि से राज्यों की आवश्यकता अनुसार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ई वी एम ) उपलब्ध कराया जाना चाहिए .  अजय सिंह ने यह भी बताया कि जनवरी -फरवरी 2025 में छत्तीसगढ़ के नागरीय एवं पंचायतों के लिए चुनाव एक साथ 36 दिनों में सफलतापूर्वक संपन्न कराये गए। भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ज्ञानेश कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि राज्यों के निर्वाचन आयोगों द्वारा उठाये गए सभी बिंदुओं पर विचार उपरांत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा शीघ्र निर्णय लिए जाने हेतु भी आश्वस्त किया गया. सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  यशवन्त कुमार राज्य निर्वाचन आयोग के उप सचिव  आलोक कुमार वास्तव एवं आई टी विशेषज्ञ डॉ सत्यकाम बेहार उपस्थित रहे।

महिलाओं की सुरक्षा, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को मिला सशक्त आधार

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत होने के बाद महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने इसे ‘महतारी गौरव वर्ष’ के संकल्पों को साकार करने वाला ऐतिहासिक और दूरदर्शी बजट बताया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री  ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत यह बजट मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को समर्पित है। मंत्री  राजवाड़े ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की माताओं, बहनों और बेटियों के आत्मविश्वास को सशक्त करने का ठोस खाका है। सरकार ने महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को नीति के केंद्र में रखकर समावेशी विकास का स्पष्ट संदेश दिया है। महिला उद्यमिता को नया आयाम मंत्री  राजवाड़े ने बताया कि मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को राज्य एवं देश के सफल आजीविका मॉडलों का अध्ययन, प्रशिक्षण और कौशल उन्नयन का अवसर मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और महिला उद्यमिता को नई दिशा प्राप्त होगी। सुरक्षित और सशक्त सामाजिक ढांचा महिलाओं के लिए सुरक्षित, सहयोगात्मक और प्रेरक वातावरण तैयार करने हेतु 250 महतारी सदनों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये सदन महिला संवाद, प्रशिक्षण, परामर्श और सामाजिक सहयोग के केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त मंच मिलेगा। पोषण और प्रारंभिक शिक्षा को मजबूती प्रदेश में 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण हेतु 42 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे बच्चों, किशोरियों एवं गर्भवती माताओं को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और प्रारंभिक शिक्षा सुविधाएं मिलेंगी। सरकार का लक्ष्य कुपोषण के विरुद्ध अभियान को और अधिक प्रभावी बनाना है। बेटियों के भविष्य को आर्थिक संबल मंत्री  राजवाड़े ने विशेष रूप से रानी दुर्गावती योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि 18 वर्ष पूर्ण करने पर पात्र बालिकाओं को 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता उच्च शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह पहल बेटियों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य का मजबूत आधार बनेगी। सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में ठोस कदम मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा, “महतारी गौरव वर्ष केवल उत्सव नहीं, बल्कि माताओं और बेटियों के स्वाभिमान, अधिकार और सशक्तिकरण का संकल्प है। यह बजट सामाजिक न्याय, समान अवसर और संवेदनशील शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट छत्तीसगढ़ को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा तथा आने वाले वर्षों में लाखों महिलाओं और बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा।

तीरंदाजी में दम दिखाएगी देशभर की पुलिस: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया आगाज़

रायपुर खेल से सुदृढ़ होता है राष्ट्र निर्माण – उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, भिलाई में चौदहवीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2025-26 का सोमवार को विधिवत शुभारंभ उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ खेल और संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला। यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता 24 से 27 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में देशभर की पुलिस एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कुल 30 टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें लगभग 450 खिलाड़ी शामिल हैं। विशेष बात यह है कि 10 राज्यों के 30 से अधिक ओलंपिक, वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स और साउथ एशियन गेम्स जैसी प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी हिस्सा ले रहे हैं। जिसमें अर्जुन पुरस्कार विजेता असम के डीएसपी  जनता तालुकार एवं राजस्थान के डीएसपी  रजत चौहान भी प्रतियोगी के रूप में शामिल हुए। अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि पुलिस बल केवल कानून – व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल और अनुशासन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय स्तर की इस प्रतियोगिता से पुलिस बलों के बीच समन्वय, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना को मजबूती मिलेगी। छत्तीसगढ़ को इसकी मेजबानी मिलना राज्य के लिए गर्व का विषय है। पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने कहा कि खेल गतिविधियां पुलिस बलों में शारीरिक दक्षता, मानसिक संतुलन और अनुशासन को मजबूत करती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को निष्पक्षता एवं खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं और आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की। इस कार्यक्रम में दुर्ग नगर की महापौर मती अलका बाघमार, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, एडीजी  एस.आर.पी. कल्लूरी, एडीजी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल  विवेकानंद सिन्हा, आईजी  ओ.पी. पाल, आईजी  अजय यादव, आईजी  अभिषेक शांडिल्य, आईजी  बी.एस. ध्रुव, डीआईजी  कमलोचन कश्यप, डीआईजी  एम.आर. आहिरे, डीआईजी मध्य रेंज एवं आयोजन सचिव  सदानंद कुमार, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग  विजय अग्रवाल, कलेक्टर  अभिजीत सिंह, नगर निगम आयुक्त  राठौर तथा प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के डीआईजी कमांडेंट एवं पुलिस खेल अधिकारी  राजेश कुकरेजा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही पद्म सम्मानित समसाद बेगम,  भारती बंधू,  आलोक निरंजन एवं पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सबा अंजुम भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत का बयान: संकल्पहीन और भ्रष्टाचार से भरा है यह बजट

रायपुर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए SANKALP थीम पर आधारित 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट पेश होते ही राजनेताओं की प्रतिक्रिया भी आनी शुरू हो गई है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने बजट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर जमकर निशाना साधा है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि यह बजट ‘गति’ का नहीं, बल्कि ‘दुर्गति’ का बजट है। उन्होंने कहा कि यह संकल्प का नहीं, भ्रष्टाचार का बजट है। नई-नई योजनाएं भ्रष्टाचार करने के लिए लाई गई हैं। उन्होंने कहा कि शब्दों का मायाजाल बुना गया है। इस बजट में प्रदेश के युवाओं के लिए कुछ नहीं है। प्रदेश की महिलाओं के लिए कुछ नहीं है। नौकरी के नाम पर झुनझुना पकड़ा दिया गया है। जो हड़ताल कर रहे हैं, उनकी छोटी-छोटी मांगें हैं, लेकिन सरकार उन्हें भी पूरा नहीं कर पा रही है।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल बोले—यह बजट नहीं, बल्कि किसानों-महिलाओं-युवाओं की अनदेखी का प्रतीक

रायपुर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए SANKALP थीम पर आधारित 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट को लेकर विपक्षी दलों के नेता सरकार पर हमला बोल रहे हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट को लेकर ने कहा कि यह अज्ञान और दुर्गति विनाश का बजट है। भूपेश बघेल ने कहा कि इस बजट में किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए कुछ भी नहीं है। दो घंटे सिर्फ शब्दों का जाल बुना गया। मैं भी पांच साल बजट पेश किया हूं। एक-एक सड़क, चौक-चौराहों के नाम गिनाए जा रहे थे। धान खरीदी के नाम पर धोखा हुआ है। किसान का रकबा बढ़ा है, उत्पादन बढ़ा है, लेकिन खरीदी कम हुई है। बजट में कुछ नहीं है, सिर्फ शब्दों का खेल खेला गया है। मंत्रियों के बोलने के लिए कुछ नहीं है। मान्य परंपरा के विपरीत जा रहे हैं, परंपराओं को तोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे समय की घोषणाओं को बार-बार पढ़ा जा रहा है। रेलवे ट्रैक सिर्फ यहां के खनिज को लूटने के लिए है। कोई स्टॉपेज नहीं होगा। यह सरकार का तीसरा बजट है, लेकिन मोदी की गारंटी का कोई जिक्र नहीं है। भूपेश बघेल ने कहा कि आज क्या एक लाख बीस हजार में घर बन सकता है? जिसने बनाया है, वह साहूकार के कर्ज में लद गया है।