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धमतरी: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष पहल, ब्रेल पुस्तकें और 3000 से अधिक ऑडियो बुक्स से दिव्यांग महिलाओं का सशक्तिकरण

धमतरी प्रतिवर्ष 8 मार्च को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समाज में महिलाओं की उपलब्धियों, उनके अधिकारों और सशक्तिकरण को सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है। इसी भावना को साकार करते हुए छत्तीसगढ़ में दिव्यांग महिलाओं और बालिकाओं के शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल सामने आई है।   राजधानी रायपुर स्थित लोक भवन, सिविल लाइन में  पिछले माह जनवरी में आयोजित एक गरिमामय राज्य स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका के करकमलों से दो महत्वपूर्ण ब्रेल पुस्तकों—‘दिव्यांग महिलाओं की सफलता की कहानी’ और ‘छत्तीसगढ़ के वीर’—का विमोचन किया गया। साथ ही दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई 3000 से अधिक ऑडियो बुक्स का भी लोकार्पण किया गया। यह पहल विशेष रूप से उन दिव्यांग बालिकाओं और महिलाओं के लिए आशा की नई किरण बनकर सामने आई है, जिन्हें सामान्य परिस्थितियों में शैक्षणिक संसाधनों तक पहुँचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ब्रेल पुस्तकें और ऑडियो बुक्स अब उन्हें शिक्षा के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही हैं। कार्यक्रम में धमतरी जिला की समर्पित शिक्षिका श्रीमती प्रीति शांडिल्य को दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट और नवाचारी योगदान के लिए राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया। उनके प्रयासों से ब्रेल पुस्तकों और ऑडियो बुक्स के निर्माण का कार्य गति पकड़ सका, जिससे दृष्टिबाधित बच्चों विशेषकर बालिकाओं के लिए शिक्षा के नए द्वार खुले हैं।  लोकार्पित ऑडियो बुक्स में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के सभी विषयों के पाठ, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष सामग्री, सरगुजिया लोककथाएं, सामान्य ज्ञान, महिला सशक्तिकरण, तथा दिव्यांगजनों के लिए संचालित शासकीय योजनाओं से जुड़ी जानकारी शामिल की गई है। यह सभी सामग्री “वर्ल्ड ऑडियो बुक” यूट्यूब चैनल पर एक ही मंच पर उपलब्ध कराई गई है, जिससे दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को निःशुल्क और सरल शैक्षणिक संसाधन मिल सकें।      तब राज्यपाल रमेन डेका ने शिक्षकों के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सामान्य पुस्तकों को ब्रेल और ऑडियो स्वरूप में उपलब्ध कराना समावेशी शिक्षा की उत्कृष्ट मिसाल है। उन्होंने कहा कि इस पहल को अन्य राज्यों तक भी पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि यह राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श मॉडल बन सके।   इस अभियान की प्रेरणा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित दुर्ग की शिक्षिका के. शारदा को वर्ष 2024 में मिले सम्मान के बाद मिली। 25 अक्टूबर 2024 से शुरू हुए इस अभियान में उन्होंने स्वयं 800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कीं। बाद में विभिन्न जिलों के शिक्षकों के सहयोग से यह संख्या बढ़कर 3100 से अधिक हो गई। पूर्व में के. शारदा और प्रीति शांडिल्य द्वारा संयुक्त रूप से तैयार ब्रेल पुस्तकों को छत्तीसगढ़ के 20 ब्रेल विद्यालयों में 100-100 प्रतियों के रूप में निःशुल्क वितरित किया जा चुका है।  कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि जिले की शिक्षिका प्रीति शांडिल्य सहित सभी शिक्षक साथियों द्वारा दिव्यांगजनों के लिए किया जा रहा यह कार्य अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल शिक्षा को समावेशी बनाती है, बल्कि समाज में संवेदनशीलता, सेवा भावना और सकारात्मक सोच को भी मजबूत करती है।   इस ऑडियो बुक निर्माण अभियान में 30 शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही। राज्यपाल ने सभी योगदानकर्ता शिक्षकों को सम्मानित करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।    महिला दिवस के अवसर पर यह पहल इस बात का प्रमाण है कि जब महिलाएं शिक्षा और सेवा के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों के लिए कार्य करती हैं, तो परिवर्तन की नई संभावनाएं जन्म लेती हैं। ब्रेल पुस्तकों और ऑडियो बुक्स के माध्यम से दिव्यांग बालिकाओं और महिलाओं के लिए ज्ञान के द्वार खुल रहे हैं, जो उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की राह दिखा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ HC का बड़ा आदेश: हिंदू रीति से शादी करने वाले ST पर लागू होगा हिंदू मैरिज एक्ट

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने हिंदू मैरिज एक्ट को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि हिंदू रीति-रिवाजों और परंपराओं का पालन करने वाले अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय के लोगों को हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के दायरे से बाहर नहीं रखा जा सकता है। कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए जगदलपुर फैमिली कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया है। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या था। क्या था मामला जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच एक मामले की सुनवाई कर रही थी। इस मामले में एक आदिवासी (ST) पति और अनुसूचित जाति (SC) की पत्नी ने आपसी सहमति से तलाक की अर्जी दी थी। दोनों ने हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 13बी के तहत विवाह खत्म करने के लिए जगदलपुर की फैमिली कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन फैमिली कोर्ट ने उनकी अर्जी रद्द कर दी थी। कपल की शादी 15 अप्रैल 2009 को हुई थी और वे अप्रैल 2014 से अलग रह रहे थे। हालांकि, जगदलपुर फैमिली कोर्ट ने 12 अगस्त को उनकी अर्जी यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 2(2) के अनुसार यह कानून अनुसूचित जनजाति (ST) पर तब तक लागू नहीं होता, जब तक केंद्र सरकार इसकी अधिसूचना न जारी करे। हिंदू रीति-रिवाजों से हुई थी शादी हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि दोनों पक्षों ने साफ कहा था कि उनकी शादी हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था और इसमें ‘सप्तपदी’ जैसी पारंपरिक रस्में निभाई गई थीं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वे जनजातीय परंपराओं की बजाय हिंदू परंपराओं का पालन करते हैं। क्या बोला कोर्ट कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यदि किसी जनजाति के सदस्य स्वेच्छा से हिंदू रीति-रिवाज और परंपराएं अपनाते हैं, तो उन्हें 1955 के अधिनियम के प्रावधानों से बाहर नहीं रखा जा सकता। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 2(2) जनजातीय समुदायों की पारंपरिक प्रथाओं की रक्षा के लिए बनाई गई है, न कि उन लोगों को कानून के दायरे से बाहर रखने के लिए जो हिंदू रीति-रिवाज अपना चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का भी दिया हवाला अपने फैसले में कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पिछले निर्णयों का भी हवाला दिया और कहा कि यदि साक्ष्यों से यह साबित होता है कि जनजातीय समुदाय के लोग हिंदू परंपराओं का पालन कर रहे हैं, तो उनकी शादी और उत्तराधिकार जैसे मामलों में उन पर हिंदू कानून लागू होगा।

माओवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई, अमित शाह ने बताया कब तक खत्म होगा खतरा

रायपुर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत के 31 मार्च तक माओवादियों से मुक्त हो जाने का दावा करते हुए शुक्रवार को कहा कि सुरक्षा बल आंध्र प्रदेश के तिरुपति से नेपाल के पशुपति तक लाल गलियारा बनाने का सपना देखने वालों को पराजित करेंगे। शाह ने कटक जिले के मुंडाली में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि सीआईएसएफ प्रमुख प्रतिष्ठानों को सुरक्षा प्रदान करके देश की आर्थिक वृद्धि में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा, 'आज, मैं राष्ट्र को आश्वस्त करना चाहता हूं कि देश 31 मार्च तक माओवादियों से मुक्त हो जाएगा। हमारी सेनाएं तिरुपति से पशुपति तक लाल गलियारा बनाने का सपना देखने वालों को पराजित करेंगी।' शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश से नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकना सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा, 'हमारे सुरक्षा बल अपेक्षाओं पर खरे उतरे हैं और देश अब लाल विद्रोहियों का सफाया करने के कगार पर है।' पांच लाख रुपये का इनामी नक्सली ढेर छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में पांच लाख रुपये का एक इनामी नक्सली मारा गया है। पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि मुठभेड़ बुधवार रात गीदम पुलिस थाना इलाके के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में हुई, जब जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और बस्तर फाइटर्स का एक संयुक्त दल नक्सल विरोधी अभियान पर निकला था। उन्होंने बताया कि मारे गए नक्सली की पहचान बीजापुर जिले के बुरजी गांव के निवासी राजेश पुनेम के रूप में हुई है, जो माओवादियों की भैरमगढ़ एरिया कमेटी का सदस्य था। उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। राय ने बताया कि सुरक्षाबलों को तीन मार्च को गीदम थाना क्षेत्र के गुमलनार, गिरसापारा और नेलगोड़ा के मध्य जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में नक्सली सामग्री और हथियार छिपाए जाने की जानकारी मिली थी। ओडिशा ने बलांगीर, बरगढ़ को नक्सल-मुक्त घोषित किया ओडिशा पुलिस ने माओवादियों के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए राज्य के दो पश्चिमी जिलों बलांगीर और बरगढ़ को नक्सल प्रभाव से मुक्त घोषित किया है। पुलिस महानिदेशक वाई बी खुरानिया ने आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा की कि बलांगीर और बरगढ़ जिले अब नक्सल-मुक्त हो गये हैं। यह घोषणा उस समय की गई जब बरगढ़ से सटे महासमुंद जिले के 15 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। बताया गया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली बरगढ़-बलांगीर-महासमुंद डिवीजन में सक्रिय थे। उनके मुख्यधारा में लौटने के साथ ही इन दोनों जिलों में नक्सली गतिविधियों के पूरी तरह समाप्त होने की पुष्टि की गई।

छत्तीसगढ़ ने धान खरीद में ‘डेटा-संचालित मॉडल’ से एआई तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल किया

रायपुर  छत्तीसगढ़ में धान खरीद व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) द्वारा अपनाई गई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि तकनीक का सही दिशा में उपयोग किया जाए, तो न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाएं सुदृढ़ होती हैं, बल्कि सरकारी खजाने को भी बड़े पैमाने पर होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विजन और मार्कफेड के चेयरमैन जितेंद्र कुमार शुक्ल (IAS) के नेतृत्व में इस तकनीकी पहल के माध्यम से राज्य ने बिना किसी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में कटौती किए, सिस्टम की कमियों को दूर कर लगभग ₹2,780 करोड़ की प्रत्यक्ष बचत सुनिश्चित की है। वित्तीय वर्ष 2025–26 की धान खरीद प्रक्रिया के समापन के बाद आए आंकड़े चौंकाने वाले और सुखद हैं। इस अवधि के दौरान राज्य में कुल 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई, जिस पर सरकार का कुल व्यय ₹43,720 करोड़ रहा। इसके विपरीत, यदि पिछले वित्तीय वर्ष 2024–25 के आंकड़ों पर नज़र डालें, तो 149.24 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद पर लगभग ₹46,500 करोड़ खर्च हुए थे। आंकड़ों का तुलनात्मक अध्ययन करने पर पता चलता है कि इस बार खरीद की मात्रा में करीब आठ लाख मीट्रिक टन की कमी आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कमी उत्पादन घटने के कारण नहीं, बल्कि गैर-प्रामाणिक प्रविष्टियों, फर्जी पंजीकरण और अन्य सीमावर्ती राज्यों से लाये जाने वाले धान की अवैध रूप से ख़रीदारी पर कड़ाई से लगाए गए नियंत्रण का प्रत्यक्ष परिणाम है। चुनौतियां और तकनीकी समाधान: विगत वर्षों में धान खरीदी के दौरान फर्जी किसान पंजीकरण, रिकॉर्ड में हेराफेरी और भंडारण केंद्रों से धान की चोरी जैसी गंभीर चुनौतियां सामने आती रही थीं। विशेषज्ञों के विश्लेषण के अनुसार, इस विशाल प्रक्रिया में यदि मात्र एक प्रतिशत की भी लीकेज या गड़बड़ी होती है, तो सरकारी खजाने को सालाना कई सौ करोड़ की चपत लगती है। इन्हीं गंभीर चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए मार्कफेड ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम 'आईटीआई लिमिटेड' के साथ हाथ मिलाया। आईटीआई लिमिटेड ने इस परियोजना के लिए आवश्यक नेटवर्क प्रबंधन, अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना और निरंतर तकनीकी सहायता प्रदान कर इस मॉडल को धरातल पर उतारा। ये कैमरे संदिग्ध गतिविधियों को स्वतः पहचानने में सक्षम हैं। रायपुर में एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष के रूप में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) स्थापित किया गया है, जहां लाइव फीड के जरिए पूरे प्रदेश की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर यहीं से तत्काल आवश्यक निर्देश जारी किए जाते हैं। मार्कफेड के प्रबंध निदेशक जितेंद्र कुमार शुक्ल ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि, “इस प्रणाली ने न केवल वित्तीय अनुशासन को मजबूत किया है, बल्कि वास्तविक किसानों के हक को भी सुरक्षित किया है। अब बिचौलियों के लिए व्यवस्था में सेंध लगाना लगभग मुश्किल हो गया है।” महज़ ₹48.92 करोड़ की कुल लागत से तैयार इस परियोजना ने निवेश के अनुपात में कई गुना अधिक प्रतिफल (Return on Investment) सुनिश्चित किया है। आईटीआई लिमिटेड के अनुसार, “यह परियोजना 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस (Minimum government, maximum governance)' का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। आज छत्तीसगढ़ का यह डेटा-संचालित मॉडल न केवल देश के अन्य राज्यों के लिए एक अनुकरणीय मानक बन गया है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि डिजिटल क्रांति कैसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकती है।” छत्तीसगढ़ का यह मॉडल यह स्पष्ट करता है कि पारदर्शी सुशासन के लिए तकनीक का अपनाना अनिवार्य है। ₹2,780 करोड़ की यह बचत न केवल वित्तीय सफलता है, बल्कि यह उन हजारों किसानों की जीत है जिन्हें अब बिना किसी बिचौलिए या परेशानी के उनकी फसल का सही दाम मिल रहा है। यह सफलता 'डिजिटल इंडिया' के सपने को ग्रामीण स्तर पर हकीकत में बदल रही है।

बिलासपुर में पुलिस टीम पर भीड़ का हमला, महिला सिपाही की वर्दी फाड़ी, सात आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम निपनिया में पुलिस कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपितों ने पुलिस जवानों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। इस घटना में एक आरक्षक की वर्दी फाड़ दी गई, जबकि कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं। पुलिस ने मामले में सात आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश जारी है। मारपीट की शिकायत पर गांव पहुंची थी पुलिस जानकारी के अनुसार बिल्हा पुलिस को होली के दिन सूचना मिली कि पेंडरवा निवासी जलेश्वर साहू के साथ गांव के कुछ युवकों ने मारपीट की है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस की टीम गांव पहुंची और जलेश्वर साहू को अपने साथ थाने ले आई। वह मारपीट के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया कर रहा था। इसी दौरान जलेश्वर साहू की बेटी ने पुलिस को फोन कर बताया कि जिन लोगों ने उसके पिता से मारपीट की थी, वही लोग उसके घर के सामने हंगामा कर रहे हैं। आरोपितों की कार मिली क्षतिग्रस्त सूचना मिलने पर बिल्हा थाना प्रभारी अवनीश पासवान अपनी टीम के साथ गांव के लिए रवाना हुए। रास्ते में निपनिया के पास आरोपित युवकों की कार क्षतिग्रस्त हालत में मिली। पुलिस टीम कार चालक को पकड़कर थाने ले जा रही थी। पुलिस कार्रवाई का विरोध, जवानों से धक्का-मुक्की इसी दौरान गांव में रहने वाले जावेद, अजीम, कार्तिक श्रीवास, पप्पू और अन्य लोग वहां पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई का विरोध करने लगे। आरोपितों ने कार चालक को पुलिस के कब्जे से छुड़ाने की कोशिश की। बताया गया कि जावेद और अजीम ने गांव के श्याम बंसल, राहुल बंसल और अन्य लोगों को भी मौके पर बुला लिया। इसके बाद युवकों ने महिला आरक्षक चंदा यादव से धक्का-मुक्की की। साथ ही दूसरी आरक्षक मौसम साहू की वर्दी फाड़ दी और उनके साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचे आरक्षक संतोष मरकाम के साथ भी आरोपितों ने मारपीट की। स्थिति को संभालने के दौरान थाना प्रभारी अवनीश पासवान को भी चोटें आईं। अतिरिक्त बल पहुंचते ही भीड़ हुई तितर-बितर घटना की सूचना मिलने पर थाने से अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। पुलिस बल को देखते ही वहां मौजूद भीड़ तितर-बितर हो गई। इसके बाद पुलिस टीम किसी तरह कार चालक को पकड़कर थाने ले आई। थाना प्रभारी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। घटना में शामिल सात आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य लोगों की तलाश जारी है। जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, 4 मार्च को होली ड्यूटी के दौरान पेंडरवा का रहने वाला जलेश्वर साहू शिकायत लेकर थाने पहुंचा था। इसी दौरान उनकी बेटी ने सूचना दी कि कुछ लोग शराब के नशे में उनके घर के पास आकर गाली-गलौज कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अवनीश पासवान पेट्रोलिंग टीम के साथ ग्राम पेंडरवा के लिए रवाना हुए। रास्ते में ग्राम निपनिया पीपल चौक के पास एक स्विफ्ट डिजायर कार (CG 10 N 2288) डिवाइडर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। पुलिस ने आसपास के लोगों की मदद से कार को सड़क से हटवाया। इसके बाद ड्राइवर और गाड़ी को थाने ले जाने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान जावेद, अजिम, कार्तिक श्रीवास और पप्पू वहां पहुंचे और पुलिसकर्मियों से विवाद करने लगे। दोस्तों को बुलाकर पुलिस टीम को घेरा विवाद के दौरान आरोपियों ने अपने अन्य साथियों श्याम बंसल, राहुल बंसल और यश बंसल को भी मौके पर बुला लिया। इसके बाद सभी ने मिलकर पुलिसकर्मियों से बदतमीजी की, अश्लील गाली-गलौज की और सरकारी काम में बाधा डालते हुए मारपीट शुरू कर दी। समझाइश देने पर TI से भी की झूमाझटकी बदमाशों की संख्या अधिक होने के कारण टीआई अवनीश पासवान उन्हें समझाकर शांत कराने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन शराब के नशे में आरोपियों ने उन्हें भी घेर लिया और झूमाझटकी शुरू कर दी। जिससे उनकी कलाई में चोट आ गई। कॉन्स्टेबल की वर्दी फाड़ी, लेडी कॉन्स्टेबल से धक्का-मुक्की हंगामे के दौरान आरोपियों ने कॉन्स्टेबल मौसम साहू की वर्दी फाड़ दी। वहीं लेडी कॉन्स्टेबल चंदा यादव के साथ धक्का-मुक्की की गई। मारपीट में कॉन्स्टेबल संतोष मरकाम घायल हो गए। बाद में किसी तरह पुलिस टीम मौके से निकल पाई। 8 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज इस मामले में TI अवनीश पासवान ने बताया कि जावेद, अजिम, श्याम बंसल, राहुल बंसल, यश बंसल, कार्तिक श्रीवास और पप्पू सहित अन्य साथियों के खिलाफ BNS की धारा 115(2), 121(1), 132, 191(2), 221, 296 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस सभी आरोपियों की तलाश कर रही है।

दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर मुठभेड़: ₹5 लाख का इनामी माओवादी ढेर, बरामद हुए बड़े पैमाने पर हथियार

दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों की सीमा से लगे जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ (Dantewada Maoist encounter) में एक इनामी माओवादी मारा गया। पुलिस ने मौके से हथियार और बड़ी मात्रा में माओवादी सामग्री बरामद की है। घटना के बाद इलाके में सर्चिंग अभियान तेज कर दिया गया है। सर्चिंग अभियान के दौरान हुई मुठभेड़ पुलिस के अनुसार दंतेवाड़ा जिले के थाना गीदम क्षेत्र के अंतर्गत गुमलनार, गिरसापारा और नेलगोड़ा के बीच स्थित जंगल-पहाड़ इलाके में माओवादियों द्वारा हथियार और सामग्री डम्प किए जाने की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और बस्तर फाइटर्स के जवानों की संयुक्त टीम को सर्चिंग अभियान के लिए रवाना किया गया। सुरक्षा बल इलाके में तलाशी अभियान चला रहे थे, इसी दौरान माओवादियों के साथ उनका आमना-सामना हो गया। माओवादियों ने अचानक शुरू की फायरिंग जानकारी के मुताबिक अभियान के दौरान रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच पहले से घात लगाए बैठे भैरमगढ़ एरिया कमेटी के लगभग 8 से 10 सशस्त्र माओवादियों ने अचानक जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी के बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। कुछ समय तक दोनों ओर से गोलीबारी चलती रही। हालांकि सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान माओवादी घने जंगल का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल हो गए। मुठभेड़ के बाद तलाशी में मिला माओवादी का शव मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्चिंग अभियान चलाया। तलाशी के दौरान घटनास्थल से एक पुरुष माओवादी का शव बरामद किया गया। इसके अलावा वहां से हथियार और बड़ी मात्रा में माओवादी सामग्री भी जब्त की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद सामग्री से माओवादी गतिविधियों से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की संभावना है। राजेश पुनेम के रूप में हुई पहचान पुलिस ने मृत माओवादी की पहचान राजेश पुनेम के रूप में की है। वह भैरमगढ़ एरिया कमेटी (एसीएम) का सक्रिय सदस्य बताया गया है। राजेश पुनेम बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के बुरजी गांव का निवासी था। उस पर शासन की ओर से 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। जंगलों में सर्चिंग अभियान जारी पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुठभेड़ के बाद आसपास के जंगलों में अन्य माओवादियों की तलाश के लिए सर्चिंग अभियान जारी है। सुरक्षा बल लगातार क्षेत्र में अभियान चलाकर माओवादी नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में कार्रवाई कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है और जवानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

राय जगदलपुर में बजट 2026-27 की योजना, नगर निगम ने सड़क, नाली-पानी और सफाई पर मांगी जनता की राय

जगदलपुर जगदलपुर नगर निगम ने बजट वर्ष 2026-27 की तैयारी शुरू कर दी है। शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए निगम प्रशासन ने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारी वर्ग, युवाओं और मीडिया से सुझाव मांगे हैं। निगम का कहना है कि सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, उद्यान, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला-बाल सुरक्षा, पर्यावरण और जल संरक्षण जैसे विषयों पर व्यवहारिक सुझाव दिए जा सकते हैं, ताकि शहर की जरूरतों के अनुसार बजट तैयार किया जा सके। विकास कामों से जुड़े सुझाव को देंगे प्राथमिकता नगर निगम के मेयर संजय पांडेय ने कहा कि बजट बनाने से पहले शहर के अलग-अलग वर्गों से सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत शहर के विकास से जुड़े कामों को प्राथमिकता दी जाएगी। नागरिक अपने वार्ड और क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार प्रस्ताव भेज सकते हैं, जिससे बजट में जरूरी कार्यों को शामिल किया जा सके। महापौर ने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं होता, बल्कि इससे शहर के विकास की दिशा तय होती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र की जरूरतों और समस्याओं के आधार पर सुझाव जरूर दें, ताकि शहर के लिए बेहतर और जनहित से जुड़ा बजट तैयार किया जा सके। सुझाव पसंद आया तो बजट में लाएंगे निगम प्रशासन के अनुसार, प्राप्त सभी सुझावों का परीक्षण किया जाएगा और उपयोगी प्रस्तावों को बजट निर्माण प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इसके बाद बजट को सामान्य सभा में प्रस्तुत कर स्वीकृति के लिए रखा जाएगा और राशि के आबंटन के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा। राशि उपलब्ध होने के आधार पर शहर में विकास कार्य किए जाएंगे। नागरिक अपने सुझाव ई-मेल कर सकते हैं नागरिक अपने सुझाव jagdalpurnagarnigam@yahoo.com, व्हाट्सएप नंबर 8839522213 या सीधे महापौर कार्यालय, नगर निगम जगदलपुर में जमा कर सकते हैं। निगम प्रशासन ने शहरवासियों से इस प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की है, ताकि सामूहिक सुझावों के आधार पर शहर के विकास की योजना तैयार की जा सके। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने  भाजपा जिला कार्यालय में आहूत पत्र वार्ता में बजट के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डालते कहा कि हमारी सरकार का पहला बजट ज्ञान पर आधारित था और दूसरा गति पर, इस वर्ष का बजट संकल्प की थीम पर आधारित है, यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से साकार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। श्री देव ने कहा कि बजट में राज्य के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए सरकार ने 5 विशेष मिशनों की घोषणा की है, जो भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं- सड़कों, पुलों और भवनों के आधुनिक निर्माण के लिए मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन, प्रदेश को तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी बनाने हेतु मुख्यमंत्री एआई (AI) मिशन, छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, युवाओं को 'जॉब सीकर' के बजाय 'जॉब क्रिएटर' बनाने हेतु मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिश और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएँ प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन। श्री देव ने मजबूत अर्थव्यवस्था के प्रामाणिक आँकड़ों को रेखांकित कर कहा कि छत्तीसगढ़ की जीएसडीपी 12 प्रतिशत की दर से बढ़कर 7,09,553 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, पूंजीगत व्यय में 63 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्शाती है कि सरकार राज्य में संपत्ति निर्माण पर निवेश कर रही है। राज्य का स्वयं का कर राजस्व 14 प्रतिशत बढ़कर 52,000 करोड़ रुपए होने का अनुमान है।  

बिलासपुर के 3 दोस्त 9 दिन से दुबई में फंसे, फ्लाइट कैंसिल होने से वापसी में देरी, परिजनों ने भारत सरकार से सहायता की अपील

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के 3 युवक दुबई में फंसे हुए हैं। तीनों दोस्त घूमने के लिए दुबई गए थे, लेकिन सुरक्षा को लेकर स्थिति साफ नहीं होने के कारण उनकी वापसी में देरी हो रही है। जानकारी के मुताबिक, युवकों का नाम शिवम मिश्रा, आकाश अग्रवाल और आयुष अग्रवाल है, जो कोटा के रहने वाले हैं। लगातार फ्लाइट रद्द होने से तीनों दुबई में फंसे हुए हैं। हालांकि, तीनों युवक होटल में सुरक्षित हैं। वहीं, परिजनों ने भारत सरकार से मदद मांगी है। तीनों युवक वीडियो कॉल के जरिए परिजनों से संपर्क बनाए हुए हैं। बताया गया कि पहले उनकी टिकट 28 फरवरी की थी, लेकिन उड़ान कैंसिल हो गई। इसके बाद तीन मार्च की नई टिकट मिली, वह भी रद्द हो गई।  केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से फोन पर बात की शिमव मिश्रा ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से फोन पर बात की। जिस पर उन्होंने मदद का आश्वासन दिया। इधर, इस मामले में कलेक्टर संजय अग्रवाल का कहना है कि अब तक प्रशासनिक स्तर पर जानकारी नहीं मिली है। जानकारी के मुताबिक, युवकों का नाम शिवम मिश्रा, आकाश अग्रवाल और आयुष अग्रवाल है, जो कोटा के रहने वाले हैं। लगातार फ्लाइट रद्द होने से तीनों दुबई में फंसे हुए हैं। हालांकि, तीनों युवक होटल में सुरक्षित हैं। वहीं, परिजनों ने भारत सरकार से मदद मांगी है। तीनों युवक वीडियो कॉल के जरिए परिजनों से संपर्क बनाए हुए हैं। बताया गया कि पहले उनकी टिकट 28 फरवरी की थी, लेकिन उड़ान कैंसिल हो गई। इसके बाद 3 मार्च और 5 मार्च की फ्लाइट भी रद्द हो गई थी। अब आज (6 मार्च) वापसी के कयास लगाए जा रहे हैं। शिमव मिश्रा ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से फोन पर बात की थी। जिस पर उन्होंने मदद का आश्वासन दिया था।

रायपुर: दीर्घकालिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा राज्य नीति आयोग: मुख्यमंत्री साय

रायपुर : दीर्घकालिक विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा राज्य नीति आयोग : मुख्यमंत्री  साय राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में गणेश शंकर मिश्रा ने संभाला पदभार, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएँ रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय नवा रायपुर स्थित नीति भवन में छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष  गणेश शंकर मिश्रा के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने उन्हें इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य नीति आयोग प्रदेश के दीर्घकालिक विकास विज़न, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय के माध्यम से छत्तीसगढ़ के विकास को नई दिशा और गति देने वाला एक महत्वपूर्ण संस्थान है। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विकास की योजनाएँ और रणनीतियाँ तैयार करने में आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी दृष्टि को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में भी छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्युमेंट 2047 तैयार किया गया है, जिससे प्रदेश के समग्र और दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा तय की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग के गठन का निर्णय दूरदर्शी सोच का परिणाम था। आज नीति आयोग द्वारा संचालित आकांक्षी जिलों का कार्यक्रम देश के पिछड़े क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिलों में भी देखने को मिला है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नीति आयोग की विशेषता यह है कि यह क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नीति और योजना निर्माण को बढ़ावा देता है। इसी सोच के साथ राज्यों में भी राज्य नीति आयोग का गठन किया गया है, जो विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ प्रदेश में विकास को नई गति देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि  गणेश शंकर मिश्रा के प्रशासनिक अनुभव से राज्य नीति आयोग को नई दिशा और गति मिलेगी। आयोग की ओर से प्राप्त अच्छे सुझावों को राज्य सरकार गंभीरता से लेकर प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रयास करेगी। राज्य नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष  गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री  साय के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर और भविष्योन्मुखी नीतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को अधिक समृद्ध और विकसित बनाने की दिशा में सभी के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वन मंत्री  केदार कश्यप, विधायक सु लता उसेंडी, विधायक  अमर अग्रवाल, महापौर धमतरी  रामू रोहरा, राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रह्मण्यम, सदस्य सचिव  आशीष भट्ट, सचिव  भुवनेश यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

राजनांदगांव में 38°C तक पारा चढ़ा, उत्तर छत्तीसगढ़ की रातें अभी भी ठंडी, बारिश के आसार नहीं

राजनांदगांव   छत्तीसगढ़ में मार्च के साथ ही गर्मी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है. मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है और कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई है. मौसम की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है, जिसके कारण आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई जा रही है। राजनांदगांव में सबसे ज्यादा तापमान प्रदेश के अलग-अलग जिलों में तापमान में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 38.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो अंबिकापुर में सबसे कम 12.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. इसके कारण वहां सुबह और रात के समय हल्की ठंड का अहसास बना हुआ है। इन इलाकों के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी ओडिशा और उससे सटे गंगा क्षेत्रीय पश्चिम बंगाल के ऊपर समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ ही उत्तरी उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़ और दक्षिणी झारखंड होते हुए उत्तरी ओडिशा तक द्रोणिका बनी हुई है. हालांकि फिलहाल इसका प्रदेश के मौसम पर कोई बड़ा असर देखने को नहीं मिल रहा है। अगले 7 दिनों तक मौसम में बड़ा बदलाव नहीं मौसम विभाग का कहना है कि छत्तीसगढ़ में आने वाले 7 दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. प्रदेश में मौसम शुष्क ही बना रहेगा और दिन के समय हल्की गर्मी का असर महसूस किया जाएगा। रायपुर में साफ रहेगा आसमान राजधानी रायपुर में 6 मार्च को आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार यहां अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. दिन के समय तेज धूप के कारण गर्मी का असर महसूस हो सकता है।