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सूरजपुर में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की उपस्थिति में भव्य राज्यस्तरीय दिव्यांगजन दिवस समारोह

रायपुर, अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर 03 दिसंबर को सूरजपुर जिले में भव्य राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े शामिल होंगी। सुरजपुर नगर पालिका परिषद कार्यालय के समीप स्थित रंगमंच में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों के अधिकारों, सम्मान, समान अवसर और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। कार्यक्रम की अध्यक्षता खाद्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा, सरगुजा सांसद चिन्तामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मराबी, प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणी पैकरा, जनपद अध्यक्ष सूरजपुर  स्वाति सिंह सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे। राज्यस्तरीय इस समारोह में दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता कार्यक्रम, जानकारीपरक गतिविधियाँ, जागरूकता सत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शामिल की जाएंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों की सामाजिक भागीदारी को सुदृढ़ करना और उनके लिए संवेदनशील तथा समावेशी वातावरण को बढ़ावा देना है।

नंदनवन-नंदन पक्षी विहार पहुंचे वन मंत्री, संरक्षण कार्यों की समीक्षा की

बायोडायवर्सिटी थीम पार्क के रूप में विकसित करने दिए निर्देश रायपुर, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप आज रायपुर स्थित नंदनवन-नंदन पक्षी विहार के निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर का अवलोकन करते हुए वहां की व्यवस्थाओं और विकास कार्यों की जानकारी ली। मंत्री श्री कश्यप ने नंदनवन को बायोडायवर्सिटी थीम पार्क के रूप में विकसित करने के लिए चरणबद्ध डीपीआर तैयार कर शीघ्र कार्य प्रारंभ करने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नंदनवन को ऐसा केंद्र बनाया जाए, जहां जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। कई विदेशी पक्षी देखे जा सकते हैं नंदनवन पक्षी विहार में मंत्री कश्यप ने कहा कि नंदनवनपक्षी विहार रायपुर में स्थित एक चिड़ियाघर और पिकनिक स्थल है। यहां विदेशी पक्षियों सहित कई प्रकार के पक्षी रखे गए हैं और यह शहर के लोगों के लिए एक प्रमुख पर्यटन और पिकनिक स्पॉट है। यहां अफ्रीकन ग्रे पेलिकन, ब्लैक श्वान, मकाऊ और शुतुरमुर्ग जैसे कई विदेशी पक्षी देखे जा सकते हैं। पक्षियों को उनकी नस्ल के अनुसार विशिष्ट आहार दें ध्यान अधिकारियों एवं स्थानीय ग्रामीणों के साथ चर्चा कर पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और क्षेत्र को अधिक आकर्षक तथा सुरक्षित बनाने संबंधी सुझाव भी लिए। उन्होंने कहा कि नंदनवन की टीम सभी पक्षियों को उनकी नस्ल के अनुसार विशिष्ट आहार के साथ जरूरत पड़ने पर दवाईयां व खाद्य पदार्थ देते हैं,ताकि पक्षी स्वस्थ रहें। यहां रखे गए विदेशी पक्षी प्रजनन भी कर रहे हैं, उसका सतत मानिटरिंग कराएं। नंदनवन पक्षी विहार के अंदर पर्यटकों को बैठने के लिए पेड़ों के तरह कुर्सियां बनाई गई है। इसके अलावा सेल्फी जोन का भी निर्माण किया गया है।           इस अवसर पर विधायक राजेश मूणत, वन बल प्रमुख एवं पीसीसीएफ  व्ही श्रीनिवास राव, पीसीसीएफ  अरुण कुमार पांडे, रायपुर सीसीएफ मनिवासगन एस., सीसीएफ (वन्यजीव) सतोविषा समाजदार, रायपुर डीएफओ लोकनाथ पटेल, जंगल सफारी संचालक थेझस शेखर सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

प्राथमिक शाला सागबाड़ी में दो शिक्षकों की पदस्थापना से शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार

रायपुर, वर्षों तक केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित होने वाले इस विद्यालय में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशों के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया लागू की गई, जिसके तहत यहां दूसरे शिक्षक की पदस्थापना की गई।  इस पहल ने विद्यालय की व्यवस्था को मजबूत किया है और विद्यार्थियों के सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में सकारात्मक बदलाव लाया है। वनांचल क्षेत्र के ग्राम सागबाड़ी स्थित प्राथमिक शाला में शिक्षा की गुणवत्ता अब नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। एक शिक्षक के भरोसे चल रहा था पूरा विद्यालय           सालों से इस विद्यालय में मात्र एक शिक्षक, प्रधान पाठक श्री राम सिंह, ही कार्यरत थे। अकेले सभी कक्षाओं को संभालना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। सभी विद्यार्थियों को एक ही कक्ष में बैठकर पढ़ना पड़ता था और अलग-अलग कक्षाओं के लिए बच्चों को शिक्षक की उपलब्धता का इंतजार करना पड़ता था। इससे शिक्षा की गति प्रभावित होती थी। युक्तियुक्तकरण से मिली राहत-दूसरे शिक्षक की नियुक्ति           अतिशेष शिक्षकों को रिक्त पदों वाले विद्यालयों में भेजने की राज्य स्तरीय पहल के तहत 5 जून 2025 को श्री मनोज चंद्रा को सागबाड़ी प्राथमिक शाला में सहायक शिक्षक के रूप में पदस्थ किया गया। उनकी नियमित उपस्थिति और समर्पित शिक्षण से विद्यालय की गतिविधियों में नई ऊर्जा आई है। विद्यार्थियों ने महसूस किया बदलाव महसूस किया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी इस सुधार को खुलकर सराहा है। कक्षा पाँचवीं के छात्र बुधवार सिंह ने बताया कि पहले एक शिक्षक होने से पढ़ाई में कई कठिनाइयाँ आती थीं, लेकिन अब दो शिक्षक होने से पढ़ाई सुचारू रूप से चल रही है।  गाँव में शिक्षा सुदृढ़ीकरण की मिसाल         दो शिक्षकों की उपलब्धता से सागबाड़ी प्राथमिक शाला में शैक्षणिक गतिविधियों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वनांचल क्षेत्र के इस छोटे से विद्यालय में आया यह बदलाव शिक्षा सुदृढ़ीकरण की एक प्रेरक मिसाल बन गया है। कक्षा चौथी की प्रिया, दूसरी की रोशनी और तीसरी के सतीश यादव ने भी खुशी जताते हुए कहा कि अब कोई भी कक्षा खाली नहीं रहती और गुरुजी समय पर पहुंचते हैं। विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि उन्हें नियमित रूप से सुबह का नाश्ता और मध्यान्ह भोजन मिलता है।

मुख्यमंत्री साय ने किया साहित्य उत्सव के लोगो का अनावरण

रायपुर, नए वर्ष की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ एक बार फिर साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर होने को तैयार है। आगामी महीने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा, जिसमें देश भर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे। राज्य स्थापना के रजत वर्ष पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा इस आयोजन की परिकल्पना की गई थी। उनकी यह परिकल्पना अब साकार रूप लेने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शंशाक शर्मा, जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वरिष्ठ साहित्यकार सुशील त्रिवेदी, डॉ. चितरंजन कर, गिरीश पंकज, डॉ. संजीव बक्शी, प्रदीप श्रीवास्तव और शकुंतला तरार उपस्थित थे। लोगो अनावरण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर पूरा प्रदेश रजत महोत्सव मना रहा है, और रायपुर साहित्य उत्सव उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव न केवल छत्तीसगढ़ को, बल्कि पूरे देश के मूर्धन्य साहित्यकारों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहाँ उनके अनुभव, विचार और रचनात्मक धारा से अवगत होने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ को साहित्यिक जगत में एक नई पहचान प्रदान करेगा तथा जनसमुदाय को साहित्य, लेखन और पठन-पाठन की ओर प्रेरित करेगा। साथ ही यह उत्सव राज्य की विकास योजनाओं के लिए भी सकारात्मक सामाजिक चेतना और विमर्श का मंच बनेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संकल्पना पर आधारित इस आयोजन की व्यापक कार्ययोजना मात्र दो माह में तैयार की गई है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को जनजातीय संग्रहालय के समीप आयोजित होगा। इस उत्सव में कुल 11 सत्र शामिल होंगे। इनमें 5 समानांतर सत्र, 4 सामूहिक सत्र, और 3 संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के बीच सीधा संवाद और विचार-विमर्श होगा। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक-साहित्यिक विरासत का प्रतीक उत्सव का लोगो अगले महीने आयोजित होने जा रहे रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को एक प्रभावशाली प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है। यह लोगो न सिर्फ राज्य की पहचान को दर्शाता है, बल्कि बस्तर की जैव-विविधता, जनजातीय परंपराओं, और छत्तीसगढ़ की आत्मा माने जाने वाले सल्फी पेड़ की सांस्कृतिक महत्ता को भी सशक्त रूप में उजागर करता है। लोगो में सल्फी के पेड़ को छत्तीसगढ़ राज्य के नक्शे का रूप देकर यह संदेश दिया गया है कि राज्य की सभ्यता, संस्कृति और साहित्य सदियों से इसी भूमि की जड़ों से पोषित होते आए हैं। सल्फी का यह पेड़ आदिकाल से चली आ रही पौराणिक परंपराओं, भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक माना जाता है। जनजातीय समाज के जीवन में गहराई से रचे-बसे इस पेड़ को साहित्य उत्सव के लोगो में शामिल करने से यह संदेश भी मिलता है कि छत्तीसगढ़ का जनजातीय साहित्य, लोकविश्वास और पारंपरिक ज्ञान-धारा आज भी समकालीन साहित्यिक प्रवाह के केंद्र में है। लोगो में अंकित ‘आदि से अनादि तक’ वाक्य साहित्य की उस अटूट यात्रा को दर्शाता है, जिसमें आदिकालीन रचनाओं से लेकर निरंतर विकसित हो रहे आधुनिक साहित्य तक सभी रूप समाहित हैं। यह संदेश स्पष्ट रूप से प्रकट होता है कि साहित्य कालातीत है, वह समय, समाज, भाषा और पीढ़ियों को जोड़कर चलने वाली निरंतर धारा है। इसी प्रकार लोगो में शामिल ‘सुरसरि सम सबके हित होई’ वाक्य साहित्य को गंगा की तरह मुक्त, समावेशी और सर्वहितकारी शक्ति के रूप में स्थापित करता है। साहित्य सभी जाति, वर्ग, परंपरा और जीवन-रीतियों को अपनी व्यापकता में समाहित कर समाज को दिशा देता है और सबके हित का मार्ग प्रशस्त करता है। रायपुर साहित्य उत्सव का यह लोगो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सांस्कृतिक गर्व का विषय है, क्योंकि इसमें राज्य की हजारों वर्षों पुरानी साहित्यिक जड़ें, जनजातीय परंपराएँ, सामाजिक समरसता और आधुनिक रचनात्मक दृष्टि-सभी का सुंदर, सार्थक और कलात्मक संगम दिखाई देता है। यह लोगो जनमानस तक यह सशक्त संदेश पहुँचाता है कि छत्तीसगढ़ की साहित्यिक यात्रा ‘आदि से अनादि’ तक अविचल, जीवंत और समृद्ध रही है और आगे भी इसी धारा में निरंतर विकास की नई कहानियाँ लिखती रहेगी। रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो से छत्तीसगढ़ में आदि-अनादि काल से मजबूत साहित्य की जड़ों और उनसे जुड़ाव का सशक्त संदेश जनमानस तक पहुंचेगा।

तलाक की अपील खारिज: हाईकोर्ट बोला– क्षमा के बाद क्रूरता आधार नहीं बन सकती

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक दंपती के बीच विवाद में अहम फैसला सुनाया है. जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि सबूतों के अभाव में क्रूरता साबित नहीं होती और यदि कोई घटना हुई भी थी, तो पति ने उसे बाद में माफ कर दिया था. हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 23(1) (b) के अनुसार यदि क्रूरता माफ कर दी जाए तो तलाक का आधार नहीं बनता. जांजगीर निवासी व्यक्ति की शादी 11 दिसंबर 2020 को सरगांव निवासी महिला के साथ हुई थी. अक्टूबर 2022 को बेटी के जन्म के बाद दोनों के बीच तनाव बढ़ने लगा. पति का आरोप था कि तीन अज्ञात नंबरों से उसे गालियां दी गईं और पत्नी के कथित अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई. आरोप है कि 29 मार्च 2023 को पत्नी घर छोड़कर चली गईं. इसके बाद 4 अप्रैल 2023 को पति ने हिंदू मैरिज एक्ट के प्रावधानों के तहत तलाक की मांग करते हुए फैमिली कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया. जांजगीर के फैमिली कोर्ट ने 20 अगस्त 2024 को याचिका खारिज करते हुए कहा था कि क्रूरता साबित नहीं हुई. इस फैसले के खिलाफ पति ने हाई कोर्ट में अपील की थी.

कफ सिरप फर्जीवाड़ा: देर से कार्रवाई ने बढ़ाई शंकाएं, अब जाकर जब्त हुआ डिजिटल सबूत

गरियाबंद राजिम के कुलेश्वर मेडिकल में मिले नकली कफ सिरप पर 30 दिन बाद जाकर कार्रवाई हुई है. सिरप सप्लाई करने वाले नवापारा के नवकार मेडिकल में खाद्य एवं औषधीय प्रशासन टीम ने दबिश देकर डिजिटल साक्ष्य जब्त किए. लेकिन पुख्ता प्रमाण के बाद भी कार्रवाई में हुए विलंब से विभाग पर कई सवाल उठ रहे हैं. चर्चा यह भी है कि इस प्रकरण की बड़ी वजह व्यापारिक प्रतिस्पर्धा है. गरियाबंद खाद्य एवं औषधीय प्रशासन के निरीक्षक धरमवीर सिंह ध्रुव के नेतृत्व में आज रायपुर की टीम के साथ नवापारा सदर रोड स्थित नवकार मेडिकल स्टोर में टीम ने दबिश देकर साक्ष्य जप्त किया है. कार्रवाई के संबंध में निरीक्षक ध्रुव ने बताया कि पिछले बार निरीक्षण में राजिम के कुलेश्वर मेडिकल में मिले नकली कफ सिरप के मामले में नवकार मेडिकल का लिंक स्थापित हुआ है. इसी सिलसिले में यहां दबिश देकर डिजिटल एवं अन्य साक्ष्यों जब्त किया गया है. आगे पूछताछ कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. कार्रवाई पर उठ रहे सवाल विभाग ने लाइफ थ्रेटनिंग बता कर महीनेभर पहले विभिन्न धाराओं के तहत कुलेश्वर मेडिकल संचालक सीताराम साहू के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. कोर्ट में पेश चालान में भी जोखिम कारोबार बताया था, लेकिन मामले में विभाग की जितनी सक्रियता दिखनी चाहिए दिखी नहीं. बताया जाता है कि कई दौर के उच्चस्तरीय मैत्री पूर्ण वार्तालाप सकारात्मक परिणाम नहीं आने के बाद आखिरकार नवम्बर में मेडिकल सील और संचालक को गिरफ्तार करने की कार्रवाई हुई है.

स्कूल में दुर्व्यवहार का मामला उजागर, DEO के निर्देश पर शिक्षक सस्पेंड

तखतपुर बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के बेलसरी प्राथमिक शाला में बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार और छात्राओं से बैड टच करने के मामले में शिक्षक संदीप कुमार घृतलहरे पर निलंबन की गांज गिरी है. दरअसल, शिकायत पर डीईओ विजय तांडे ने मामले में तत्काल जांच के आदेश दिए थे. जांच में शिक्षक पर लगे आरोप सत्या पाए गए. रिपोर्ट में शिक्षक के व्यवहार को निंदनीय, शिक्षकीय गरिमा के विपरीत तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कठोर कार्रवाई की अनुशंसा की गई. वहीं घटना के बाद बेलसरी और आसपास क्षेत्रों में अभिभावकों में आक्रोश है. ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से कड़ी कार्रवाई और स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है. जांच रिपोर्ट के आधार पर डीईओ ने आरोपी शिक्षक संदीप कुमार घृतलहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

छत्तीसगढ़ की पोलो टीम ने रचा इतिहास: अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमके खिलाड़ी, CM साय ने की मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में शामिल छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने टीम के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी इसी उत्साह और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवाओं में खेल की अपार प्रतिभा है और राज्य सरकार के सहयोग से घुड़सवारी एवं पोलो खेल को नई दिशा मिली है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पहली बार इतिहास रचते हुए 22 से 29 नवम्बर 2025 तक इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि देश के इतिहास में पहली बार किसी राज्य को अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आमंत्रित किया गया। छत्तीसगढ़ टीम ने अमेरिका, कोलंबिया, इंडियन पोलो एसोसिएशन और अन्य अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा कर यह गौरव अर्जित किया। यह उपलब्धि आदिवासी युवाओं की खेल जगत में बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है। गौरतलब है कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे कई संस्थानों का संयुक्त योगदान रहा जिसमे छत्तीसगढ़ शासन, भारतीय सेना (एनसीसी), दंतेवाड़ा जिला प्रशासन, कांकेर जिला प्रशासन, ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी, रायपुर मुख्य रूप से शामिल रहे। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम के सदस्यों में लेफ्टिनेंट कर्नल अमन सिंह, एनसीसी, लांस नदिम अली (सेवानिवृत्त), वेदिका शरण, चित्रभानु सिंह, सैमुअल विश्वकर्मा, गोलू राम कश्यप, सुभाष लेकामि, देवकी कड़ती शामिल रहे। इससे पूर्व भी कु. वेदिका शरण ने सितंबर 2025 में बेंगलुरु में आयोजित घुड़सवारी की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने आयु वर्ग में भारत में दूसरा तथा विश्व स्तर पर 15 वां स्थान प्राप्त कर प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है l उल्लेखनीय है कि “खेल से शक्ति” पहल के अंतर्गत दंतेवाड़ा और कांकेर जिले के प्रतिभाशाली छात्रों को घुड़सवारी और पोलो का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी द्वारा भारतीय सेना के अनुभवी पोलो खिलाड़ियों के सहयोग से संचालित किया गया। यह पहल आदिवासी युवाओं को खेल, शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अवनीश शरण और घुड़सवारी प्रशिक्षक गीता दहिया उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 5-6 दिसंबर को थाई बॉक्सिंग का आगाज़, जिला प्रशासन तैयारी में जुटा

छत्तीसगढ़ दंतेवाड़ा में 5_6 दिसंबर को थाई बॉक्सिंग का आगाज़ :जिला प्रशासन कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटी  छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 5-6 दिसंबर को थाई बॉक्सिंग का आगाज़, जिला प्रशासन तैयारी में जुटा 5-6 दिसंबर को छत्तीसगढ़ में थाई बॉक्सिंग, प्रशासन कार्यक्रम को बनाएगा सफल  छत्तीसगढ़  दंतेवाड़ा जिलें में खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। दंतेवाड़ा में 5 एवं 6 दिसंबर को "इंडोर स्टेडियम पुराना मार्केट" में थाई बॉक्सिंग खेल  शुभारंभ होने जा रहा है। इस मार्शल आर्ट के आगमन से खेल के नए अवसर खुलेंगे,बल्कि युवाओं में फिटनेस, अनुशासन और आत्मरक्षा के आधुनिक कौशल भी सीखने का मौका मिलेगा। छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय थाई बॉक्सिंग प्रतियोगिता 2025 खेल का आयोजन दंतेवाड़ा जिला एवं युवा कल्याण विभाग  एवं छत्तीसगढ़ थाई बॉक्सिंग एसोशिएशन के तत्वाधान में खेल को सफल बनाने के लिए सभी एकजुट होकर कार्य कर रही है। स्थानीय खेल अधिकारियों का कहना है कि थाई बॉक्सिंग की इस पहल से दंतेवाड़ा के साथ_ साथ पूरे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को एक नया मंच मिलेगा। दूरस्थ क्षेत्रों  में रहने वाले युवाओं के लिए यह सुनहरा अवसर है कि वे अपने हुनर को तराशें और बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ाए। थाई बॉक्सिंग के आगाज़ के साथ दंतेवाड़ा (बस्तर) अब उन चुनिंदा जिलों में शामिल हो गया है,जो आधुनिक कॉम्बैट स्पोर्ट्स को बढ़ावा दे रहे है। उम्मीद है कि आने वाले समय में यहां से उभरने वाले खिलाड़ी, प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ 5 दिसंबर को मुख्य अतिथि   भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष माननीय किरणदेव जी के हाथों से होने जा रहा है। थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के प्रतिभावान खिलाड़ी राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे। प्रशिक्षकों ने बताया कि यह खेल शरीर को मजबूत बनाने के साथ_ साथ मानसिक एकाग्रता,आत्मविश्वास और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करता है। युवाओं में इसकी लोकप्रियता तेज़ी से बढ़ रही है और शुरुआती में ही बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने नामांकन  कराया है। कैडेट्स,सब जूनियर जूनियर,एवं सीनियर सभी प्रतिभागी इसमें भाग ले रहे है।

स्वदेशी मेला 2025–26: भूमि पूजन पूरा, 18–25 दिसंबर तक साइंस कॉलेज ग्राउंड में होगा आयोजन

स्वदेशी मेला 2025-26 : भूमि पूजन संपन्न, 18 से 25 दिसंबर तक साइंस कॉलेज ग्राउंड में लगेगा भव्य मेला रायपुर  भारतीय विपणन विकास केन्द्र द्वारा आयोजित होने वाला प्रतिष्ठित स्वदेशी मेला 2025-26 इस वर्ष 18 से 25 दिसंबर तक साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित होगा। मेले के आयोजन से पूर्व 1 दिसंबर की सुबह 9:30 बजे भूमि पूजन कार्यक्रम विधिवत सम्पन्न हुआ। भूमि पूजन में गणमान्यजनों की उपस्थिति कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय कैबिनेट मंत्री गुरु ख़ुशवंत सिंह साहब तथा महापौर मती मीनल चौबे उपस्थित रहीं। मेला संयोजक  केदारनाथ गुप्ता अपनी धर्मपत्नी के साथ भूमि पूजन में उपस्थित हुए। इसके अलावा सहसंयोजक  जसप्रीत सिंह सलूजा, स्वागत समिति अध्यक्ष आनंद सिंघानिया, स्वागत समिति सचिव अमरजीत सिंह छाबड़ा, प्रांत संयोजक स्वदेशी जागरण मंच जगदीश पटेल, प्रांत मेला प्रमुख अमर बंसल, प्रबंधक भारतीय विपणन विकास केंद्र सुब्रत चाकी, महिला मेला प्रमुख आरती दुबे, सह महिला प्रमुख सीमा शर्मा, एवं सामाजिक–सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्यजन सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित अन्य सदस्य एवं समाजसेवी— उमेश अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, युगबोध अग्रवाल, प्रवीण मैशेरी, डॉ. सलीम राज, शताब्दी पांडे, डॉ. इला गुप्ता, शीला शर्मा, इंदिरा जैन, विवेक बर्धन, सुधीर फौजदार, विनय शर्मा, बिहारी होतवानी, अश्विन प्रभाकर, दिग्विजय भाकरे, सुचित्रा बर्धन, निधि झा, शकुंतला वास, अर्चना भाकरे, उमा शुक्ला, रैहाना खान, सुनीता चंसोरिया, सुनीता पाठक, निशा संमदुलकर, अर्चना वोरा, सीमा कटंककार, खुशबू शर्मा, लक्ष्मी जीलहरे, सविता मौर्या, अंजलि देशपांडे, राजमोहन बाग, राहुल देव पंत देवेंद्र गुप्ता सहित कई प्रतिनिधि मौजूद रहे। 350 से अधिक स्टॉल, अनेक प्रतियोगिताएँ प्रबंधक सुब्रत चाकी ने बताया कि स्वदेशी मेला हर वर्ष की तरह इस बार भी भव्य स्वरूप में आयोजित होगा। मेले में 350 से अधिक स्वदेशी उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे सुई से लेकर बड़े मशीनरी स्तर तक की वस्तुएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगी प्रतिदिन मेहंदी, रंगोली, चित्रकला, समूह नृत्य सहित विभिन्न प्रतियोगिताएँ होंगी हजारों प्रतिभागियों को मंच प्रदान किया जाएगा विभिन्न राज्यों की संस्कृति और खान-पान होगा आकर्षण मेले में छत्तीसगढ़ के साथ गुजरात, राजस्थान, पंजाब, ओडिशा, आंध्रप्रदेश तथा अन्य राज्यों की संस्कृति, लोक नृत्य और पारंपरिक भोजन के विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। प्रतिदिन मंच पर लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ मेले की विशेष आकर्षण होंगी। संगोष्ठियाँ भी होंगी आयोजित मेले के दौरान समसामयिक विषयों पर विशेषज्ञों की संगोष्ठियाँ भी आयोजित की जाएंगी, जिनमें विषय विशेषज्ञ अपनी बातें रखेंगे।