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रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से लुडेग क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से लुडेग क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात पूनापारा से लबनीपारा तक 5 किलोमीटर सड़क निर्माण को मिली मंजूरी ग्रामीण संपर्क मार्ग हेतु 5 करोड़ 41 लाख रुपए की मिली प्रशासकीय स्वीकृति रायपुर मुख्यमंत्री के पहल से ग्राम पंचायत लुडेग के पूनापारा से लबनीपारा मुख्य बस्ती तक लगभग 5 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल इस कार्य के लिए  पाँच करोड़ इकतालीस लाख तेरह हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। वित्त विभाग ने इस पर प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।            जिले के ग्रामीण अंचलों में सड़क सुविधा को सुदृढ़ करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए लुड़ेग क्षेत्रवासियों को सौगात दी है।  ग्रामीणों को कई स्तरों पर मिलेगा लाभ        लुडेग क्षेत्र की यह सड़क लंबे समय से कच्ची होने के कारण ग्रामीणों के दैनिक जीवन में कई बाधाएँ पैदा करती थी। वर्षा ऋतु में रास्ता खराब होने से आवागमन अत्यंत कठिन हो जाता था। कृषि उपज को बाजार या मंडी तक पहुँचाने में अतिरिक्त समय और श्रम लगता था, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता था। विद्यालय और महाविद्यालय जाने वाले विद्यार्थियों को भी प्रतिदिन असुविधा का सामना करना पड़ता था। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाएँ समय पर ग्रामीणों तक नहीं पहुँच पाती थीं और आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने में भी विलंब होता था। सड़क निर्माण पूर्ण होने पर इन सभी समस्याओं का समाधान होगा तथा ग्रामीणों के जीवन में व्यापक सुधार आएगा। क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, जबकि सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देगा। मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशील पहल          ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदृष्टि और संवेदनशीलता लगातार सामने आ रही है। राज्य सरकार द्वारा सुदूर अंचलों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए योजनाबद्ध रूप से कार्य किया जा रहा है। लुडेग क्षेत्र के लिए स्वीकृत यह सड़क राज्य शासन की प्राथमिकता में ग्रामीण विकास को दिए जा रहे महत्व को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। ग्रामीणों में उत्साह, मुख्यमंत्री के प्रति आभार-         पूनापारा, लबनीपारा और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने पर खुशी व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस निर्णय से उनके लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष और प्रतीक्षा का अंत हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सड़क न केवल आवागमन को सुगम बनाएगी बल्कि क्षेत्र की समग्र प्रगति का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की सौजन्य मुलाकात

छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार और नए प्रोजेक्ट्स पर हुई विस्तृत चर्चा रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से सौजन्य मुलाकात की। बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ में रेलवे से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों रेल सुविधाओं के विस्तार, नए रेल प्रोजेक्ट्स की प्रगति, तथा प्रगतिरत परियोजनाओं की पूर्णता के संबंध में  विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई।मुख्यमंत्री श्री साय ने आग्रह किया कि   स्वीकृत परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए, ताकि नागरिकों, उद्योगों और व्यापारियों को बेहतर परिवहन सुविधाएँ मिल सकें। केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे मंत्रालय छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील पहल से दिव्यांगजनों को तत्काल मिल रही ट्रायसायकल एवं बैसाखी

छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील पहल से दिव्यांगजनों को तत्काल मिल रही ट्रायसायकल एवं बैसाखी रायपुर समाज कल्याण विभाग की सहायक उपकरण वितरण योजना के तहत जनपद पंचायत गौरेला के गांगपुर निवासी श्री हेमलाल भानु को उनके आवेदन पर तत्काल ट्रायसायकल और बैसाखी प्राप्त होने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हेमलाल ने कहा कि उन्होंने सोचा था कि केवल ट्रायसायकल मिलेगा, लेकिन साथ में बैसाखी भी मिलने से वे बहुत खुश हैं।     उन्होंने कहा कि कई बार वे अन्य विभागों में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जाते थे, पर उन्हें केवल आवेदन लेने की जानकारी ही मिलती थी और कोई त्वरित कार्रवाई नहीं होती थी, लेकिन 21 नवंबर 2025 को दिए गए आवेदन का समाज कल्याण विभाग ने तत्परता से जवाब देते हुए उन्हें तुरंत सहायक उपकरण उपलब्ध कराए। हेमलाल ने समाज कल्याण विभाग और सरकार को इसके लिए धन्यवाद दिया।     मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने विकलांगजन सहायता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सहायक उपकरण वितरण की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी बनाया है। इस योजना से हेमलाल जैसे कई विकलांग जनों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है, जो समाज में उनकी भागीदारी को आगे बढ़ाने में सहायक है।

डिजिटल सुविधाओं से धान खरीदी प्रक्रिया हुई आसान

डिजिटल सुविधाओं से धान खरीदी प्रक्रिया हुई आसान ऑनलाईन टोकन व्यवस्था से किसानों को धान बेचने में हो रही सुविधा रायपुर प्रदेश में धान खरीदी ने रफ्तार पकड़ ली है धान विक्रय होने के बाद त्वरित रूप से किसानों के खाते में भुगतान भी किया जा रहा है, जिससे किसान काफी खुश हैं। बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखण्ड के धान उपार्जन केंद्र सेंदरी पहुंचे ग्राम अमतरा के किसान धनीराम देवांगन को धान बेचने के बाद त्वरित रूप से 1 लाख 91 हजार रूपए की राशि खाते में आ गई। उन्होंने बताया कि टोकन कटाने से लेकर भुगतान प्राप्त करने में उन्हें किसी तरह की समस्या नहीं हुई। इस त्वरित व्यवस्था से वे काफी खुश है, उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से किसानों का जीवन अब संवर रहा है।   5 दिन के भीतर उनके खाते में राशि का हस्तांतरण      बिल्हा विकासखंड के सेंदरी धान उपार्जन केंद्र पहुंचे ग्राम अमतरा के किसान श्री धनीराम देवांगन ने बताया कि वे 6 एकड़ में खेती करते हैं और इस वर्ष उन्होंने 140 क्विंटल धान बेचा। धान बेचने की पूरी प्रक्रिया में उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि धान बेचने के बाद 5 दिन के भीतर उनके खाते में राशि का हस्तांतरण कर दिया गया है। बोनस राशि का भुगतान भी कुछ समय बाद मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा किसानों के हित में लाई गई अनेक योजनों से किसानों को काफी लाभ मिल रहा है, खेती करना अब लाभदायक बन चुका है। उन्होंने बताया कि उन्हें किसान सम्मान निधि का लाभ भी मिल रहा है। सरकार की यह मदद छोटे किसानों के लिए बड़ा सहारा है। खेती किसानी के बहुत से खर्च इस राशि से पूरे हो जाते है।

छत्तीसगढ़ को मिले 6800 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव, उद्योग और पर्यटन को मिलेगा बूस्ट

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को अभूतपूर्व निवेश प्रस्ताव मिले। स्टील, ऊर्जा और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों ने राज्य में उद्योग स्थापित करने, क्षमता विस्तार, होटल निर्माण और वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए रुचि दिखाई। कार्यक्रम में शामिल कंपनियों ने कुल 6321.25 करोड़ के औद्योगिक निवेश और 505 करोड़ का पर्यटन निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन परियोजनाओं से आगामी वर्षों में 3,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इस निवेश प्रस्ताव के साथ अब तक छत्तीसगढ़ को कुल 7.90 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। दिल्ली स्थित होटल द ललित में आज आयोजित कार्यक्रम में स्टील और टूरिज़्म सेक्टर को केंद्र में रखते हुए नए निवेश अवसरों पर फोकस किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उद्योग जगत के प्रमुख निवेशकों, विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की एवं स्टील और टूरिज़्म सेक्टर की कई कंपनियों को निवेश प्रस्ताव पत्र सौंपे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, भारत सरकार के केमिकल और उर्वरक मंत्रालय के सचिव अमित अग्रवाल, इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंडरिक भी उपस्थित रहे।  मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश के सबसे भरोसेमंद, स्थिर और तेज़ी से उभरते हुए औद्योगिक गंतव्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऊर्जा, खनिज, सक्षम मानव संसाधन और निवेशक-हितैषी नीति का ऐसा संयोजन मौजूद है, जो किसी भी उद्योग के लिए अत्यंत उपयुक्त वातावरण तैयार करता है। उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत अनुमतियाँ अब पहले की तुलना में अधिक तेज़ी और पारदर्शिता के साथ जारी हो रही हैं। छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाना आज पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन, लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की उपस्थिति बड़े औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित 'एनर्जी समिट' में राज्य को साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और कई परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ भी हो चुका है। मुख्यमंत्री साय ने स्टील सेक्टर का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश का स्टील हब है, जहां भिलाई स्टील प्लांट, नगरनार स्टील प्लांट और एमएसएमई आधारित स्टील इकाइयां राज्य की औद्योगिक पहचान को मजबूती प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा भिलाई स्टील प्लांट पिछले 70 वर्षों से देश की औद्योगिक प्रगति का स्तंभ रहा है और इसकी उपस्थिति ने स्टील आधारित उद्योगों का प्राकृतिक इकोसिस्टम तैयार किया है। ग्रीन स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य राज्य के लिए नए अवसर लेकर आया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। टूरिज़्म सेक्टर पर बात करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर आज बहुत बदल रहा है। नक्सल हिंसा में कमी आई है, सड़कें, इंटरनेट और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब निवेश और पर्यटन दोनों का नया केंद्र बन रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 26 मार्च 2026 तक बस्तर पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और राज्य सरकार होम-स्टे नीति, ट्राइबल टूरिज्म व सस्टेनेबल टूरिज्म पर फोकस कर रही है।  इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक श्री प्रभात मलिक, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक श्री विश्वेश कुमार, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर श्रीमती ऋतु सेन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ को मिले प्रमुख निवेश प्रस्ताव –    ग्रीन एनर्जी इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने कचरे से बिजली उत्पादन करने वाले 50 मेगावॉट के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की स्थापना के लिए ₹3,769 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 150 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ में कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। –    आरती कोटेड स्टील द्वारा 315 करोड़ निवेश प्रस्ताव दिया गया है, एवं 550 रोजगार सृजन की संभावना है।  –    एसडीआरएम मेटैलिक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्टील प्लांट एवं पावर यूनिट के लिए ₹195.75 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, जिससे रोजगार 492 रोजगार सृजन की संभावना है।  –    आरएसएलडी बायोफ्यूल प्राइवेट लिमिटेड, चंडीगढ़ द्वारा इथेनॉल प्लांट हेतु ₹200 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, एवं 213 रोजगार सृजन की संभावना है।  –    जे.के. लक्ष्मी सीमेंट, राजस्थान द्वारा क्षमता विस्तार हेतु 1816.5 करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव, 110 रोजगार सृजन  –    अरमानी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज़, रायपुर द्वारा मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण हेतु ₹25 करोड़ का प्रस्ताव, जिससे 200 युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा।          पर्यटन क्षेत्र में मिले 505 करोड़ के निवेश प्रस्ताव –    मार्स विवान प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर द्वारा 217 कमरों वाले होटल के लिए ₹220 करोड़ निवेश इससे 522 लोगों को रोजगार प्राप्त होगी।   

राज्य में प्रशासनिक हलचल तेज: सरकार ने 15 अधिकारियों की नई पोस्टिंग की

रायपुर  छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जी हां, सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य के 16 अधिकारियों की तबादला किया गया है। सचिवालय सेवा के 16 अनुभाग अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक अलग पदों पर पदस्थ किया गया है। इस सूची के अनुसार, जेल विभाग में पोस्टेड अनुभाग अधिकारी अभिलाषा दास को सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-9) में भेजा गया है। आइए देखते है पूरी सूची… अनुभाग अधिकारी का नाम : वर्तमान पदस्थापना : नवीन पदस्थापना अभिलाषा दास : जेल विभाग : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-9) मुकेश तांडी : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-3) : कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग अंजू शर्मा : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-6) : ऊर्जा विभाग आशीष कुमार अग्रवाल : महिला एवं बाल विकास : आदिम जाति विकास विभाग शबीहा परवीन खान : खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग : उच्च शिक्षा विभाग ज्याति पटेल : वित्त विभाग : महिला एवं बाल विकास विभाग स्नेहा यादव : पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग : गृह विभाग मुकेश शाकार : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-8) : यथावत। सुनील गिरड़कर : ऊर्जा विभाग : वित्त विभाग सीमा साहू : आदिम जाति विकास विभाग : सामान्य प्रशासन विभाग (लेखा शाखा) महेन्द्र कुमार माण्डले : धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग : राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग राधेश्याम भोई : जनसंपर्क विभाग : महिला एवं बाल विकास विभाग प्रफुल्ल टोप्पो : विमानन विभाग : वित्त विभाग प्रवीण रिछारिया : जेल विभाग : वर्तमान कर्तव्यों के साथ साथ जल संसाधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार विजय लाल जाटवर : महिला एवं बाल विकास विभाग : धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग सतीश सिंह राजपूत : राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग : सामान्य 

महासमुंद : सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने जन चौपाल में सुनी लोगों की मांग एवं समस्याएं

महासमुंद जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित होने वाले जन चौपाल में आज जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने जिले के आमजनों की मांगों एवं समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुनी और संबंधित विभाग के अधिकारियों को नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिए। जन चौपाल में 63 आवेदन प्राप्त हुए। जन चौपाल में आवेदकों ने एग्रीस्टैक पंजीयन, लंबित भुगतान, पीएम आवास, धान बिक्री, सीमांकन, अवैध कब्जा तथा अन्य समस्याओं व मांगो को लेकर आवेदन सौंपे। ग्राम लाफिनखुर्द निवासी हेमिनबाई ने सीलिंग भूमि हटाने हेतु आवेदन दिया। इसी तरह पिरदा निवासी रेशमलाल पटेल ने नॉमिनी जोड़कर धान खरीदी के संबंध में, ग्राम हरनादादर निवासी ढेलीबाई निराला ने धान बिक्री पंजीयन हेतु, ग्राम झारा दशरी बाई दीवान ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि के संबंध में, ग्राम बावनकेरा निवासी पीलाराम कुर्रे ने शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के संबंध में आवेदन सौंपा। सीईओ श्री नंदनवार ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदकों की समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करने कहा। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि कुमार साहू सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

रायपुर : धान खरीदी के लिए किसानों को टोकन जारी विशेष व्यवस्था

रायपुर : धान खरीदी के लिए किसानों को टोकन जारी विशेष व्यवस्था धान खरीदी के लिए किसानों को टोकन जारी विशेष व्यवस्था खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 31 जनवरी तक होगा धान खरीदी रायपुर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदेश में धान उपार्जन प्रक्रिया को सुचारू एवं पारदर्शी रूप से संचालित करने के लिए राज्य शासन द्वारा धान खरीदी 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। लगभग 50 कार्य दिवसों में खरीदी कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों की सुविधा के लिए पूर्व की भांति इस वर्ष भी टोकन जारी कर धान खरीदी की जा रही है। टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन उपलब्ध राज्य शासन के निर्देशों के अनुसार किसानों की भूमि धारिता के आधार पर टोकन जारी किए जा रहे हैं। 2 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को एक टोकन, 2 से 10 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को अधिकतम  2 टोकन और 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को अधिकतम 3 टोकन जारी किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि किसान टोकन उपार्जन केंद्र से सीधे प्राप्त कर सकते हैं अथवा टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं भी टोकन ले सकते हैं। यह मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध है। शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर इसके अलावा धान खरीदी से संबंधित शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर दर्ज कराए जा सकते हैं। इसके साथ ही जिले में अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा कॉल सेंटर का गठन किया गया है, जो धान की रीसाइक्लिंग पर रोक, कोचियों/बिचौलियों की गतिविधियों की निगरानी और धान के उठाव एवं परिवहन की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित कर रहा है।  प्रशासन ने अपील की है कि उपार्जन केंद्र में धान लाते समय किसान-धान को अच्छी तरह सुखाकर लाएं, जिसमें नमी 17 प्रतिशत से अधिक न हो, धान साफ-सुथरा एवं अशुद्धियों से मुक्त हो। साथ में टोकन, ऋण पुस्तिका एवं आधार कार्ड अवश्य रखें। जिला प्रशासन ने किसानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि निर्धारित निर्देशों का पालन करते हुए समय पर धान विक्रय करें, जिससे खरीदी कार्य सुचारू एवं बाधारहित पूर्ण किया जा सके।

रायपुर : प्रदेश के सभी किसानों को धान खरीदी केंद्र में दी जा रही है सभी बुनियादी सुविधाएं

रायपुर : प्रदेश के सभी किसानों को धान खरीदी केंद्र में दी जा रही है सभी बुनियादी सुविधाएं रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश भर में चल रहा धान खरीदी अभियान पूरी तरह सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ रहा है। जशपुर जिले के सभी 46 धान खरीदी केंद्रों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि प्रत्येक पंजीकृत किसान बिना किसी परेशानी के अपने धान की बिक्री कर सके। धान खरीदी केंद्र में व्यवस्था अत्यंत संतोषजनक       प्रशासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसानों का धान प्राथमिकता के आधार पर खरीदा जाए और किसी भी स्तर पर देरी या असुविधा न हो। इसी व्यवस्था के अंतर्गत पत्थलगांव विकासखण्ड के बागबहार धान खरीदी केंद्र में ग्राम मयूरनांचा के किसान सुशांत कुमार साहू ने आज अपना धान बेचा। उन्होंने बताया कि खरीदी केंद्र में व्यवस्था अत्यंत संतोषजनक थी। कर्मचारियों ने सहयोगपूर्ण व्यवहार किया और धान तौलने से लेकर रसीद प्राप्त करने तक पूरे प्रक्रिया में उन्हें कहीं भी कोई दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि सोसायटी में उनके नाम से पंजीयन पहले से ही सही तरीके से दर्ज था, जिसके कारण खरीदी प्रक्रिया और भी सरल हो गई। धान खरीदी की व्यवस्था को मजबूत             किसान सुशांत कुमार ने प्रशासन व सोसायटी की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र में पानी, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध थीं, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। जिले में इस वर्ष धान खरीदी की व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए गए प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव किसानों तक सीधे रूप से पहुंच रहा है।

रायपुर : दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 7.48 करोड़ रूपए स्वीकृत

रायपुर : दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 7.48 करोड़ रूपए स्वीकृत रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा दो सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 7 करोड़ 48 लाख 58 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। स्वीकृत सिंचाई योजना के कार्यों में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखण्ड शंकरगढ़ की खर्रानाला स्टापडेम निर्माण कार्य हेतु तीन करोड़ 74 लाख 19 हजार रूपए स्वीकृत किए गए हैं। योजना से निस्तारी, भूजल संवर्धन, पेयजल, आवागमन एवं किसानों द्वारा स्वयं के साधन से 58 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा होगी। सरगुजा जिले के विकासखण्ड-उदयपुर की पण्डरीडांड जलाशय के बांध एवं नहर जीर्णोद्धार कार्य हेतु तीन करोड़ 74 लाख 39 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत रूपांकित सिंचाई क्षमता 445 हेक्टेयर के विरूद्ध 233 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्व रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। सिंचाई योजनाओं के कार्यों को पूर्ण कराने मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।