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परम् पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पर मानव सेवा का महाअभियान — रायपुर में 5 दिवसीय निःशुल्क मेगा हेल्थ कैम्प प्रारंभ

सेवा, समरसता और स्वास्थ्य का जीवंत संगम : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परम् पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर में मानव सेवा, सामाजिक समरसता और स्वास्थ्य जागरूकता के लिए आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में 18 से 22 दिसंबर तक आयोजित 5 दिवसीय निःशुल्क मेगा हेल्थ कैम्प 2025 का भव्य शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए अमन, चैन और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि यह 5 दिवसीय निःशुल्क मेगा हेल्थ कैम्प हजारों लोगों के लिए स्वास्थ्य संजीवनी सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने गठन के रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इन 25 वर्षों में स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित कर रही है। वहीं राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत गंभीर बीमारियों के उपचार हेतु ₹25 लाख तक की सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि “हेल्थ इज वेल्थ” केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन को बचाने और संवारने का संकल्प है। मुख्यमंत्री ने विधायक श्री राजेश मूणत एवं उनकी पूरी टीम को इस विशाल आयोजन के लिए बधाई दी और कैम्प परिसर में विभिन्न जांच स्टालों का अवलोकन भी किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह आयोजन मात्र एक स्वास्थ्य शिविर नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय करुणा की सशक्त अभिव्यक्ति है। बाबा गुरु घासीदास जी के “सत्य, अहिंसा और समानता” के संदेश से प्रेरित यह महाअभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने का अनुकरणीय प्रयास है। उन्होंने बताया कि 100 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों की सहभागिता से यह कैम्प केवल प्राथमिक जांच तक सीमित नहीं, बल्कि अंतिम निदान एवं उपचार तक का समग्र समाधान प्रदान कर रहा है। डॉ. सिंह ने आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्था और व्यापक प्रभाव की सराहना की। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पर आयोजित यह स्वास्थ्य महाकुम्भ समाज के हर वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग इस कैम्प में स्वास्थ्य लाभ लेने पहुँचे हैं। जिन रोगियों का उपचार कैम्प में संभव नहीं होगा, उन्हें आयुष्मान कार्ड के माध्यम से संबद्ध संस्थानों में निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर विस्तार की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम के आयोजक एवं विधायक राजेश मूणत ने बताया कि बाबा गुरु घासीदास जी के अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” से प्रेरित होकर इस मेगा हेल्थ कैम्प का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि एक ही छत के नीचे स्वास्थ्य की सभी प्रमुख विधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जहाँ एक्स-रे, ईको, सोनोग्राफी सहित विविध जांचें एवं आवश्यक दवाइयाँ पूर्णतः निःशुल्क दी जा रही हैं। महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर जांच हेतु अत्याधुनिक मशीनों की विशेष व्यवस्था की गई है। एम्स रायपुर, बालाजी, रावतपुरा, गंगा डायग्नोसिस सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थान और देशभर से आए विशेषज्ञ चिकित्सक इस सेवा कार्य में सहभागिता निभा रहे हैं। कार्यक्रम को विधायक किरण सिंह देव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा,  डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, महापौर मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, एम्स रायपुर के निदेशक डॉ. अशोक जिंदल, वरिष्ठ चिकित्सकगण, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

कड़ाके की सर्दी का अलर्ट: चार दिन में 1–3 डिग्री लुढ़केगा पारा, सतर्क रहें

रायपुर  छत्तीसगढ़ के उत्तर और मध्य संभागों में ठंड और कोहरे का दौर जारी है. इसी बीच मौसम विभाग ने आगामी दिनों में प्रदेश में हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ने की चेतावनी जारी की है. अगले 3 से 4 दिनों में प्रदेश के तापमान में 1 से 3 डिग्री तक गिरावट होने की संभावना है. इसके साथ ही सरगुजा, बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर संभागों में शीतलहर चलने की भी आशंका जताई है. बता दें, गुरुवार सुबह राजधानी रायपुर, रायगढ़, अंबिकापुर, सरगुजा, मैनपाट और GPM समेत कई स्थानों में सुबह कोहरा छाया रहा. प्रदेश में दिन का सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं रात का सबसे कम तापमान अंबिकापुर में 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल कोई विशेष मौसमी प्रणाली (सिनोप्टिक सिस्टम) सक्रिय नहीं है, जिससे मौसम शुष्क बना रहेगा. राजधानी में आज का मौसम रायपुर शहर में आज को कोहरा छाए रहने की संभावना है. साथ ही अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री रहने की संभावना जताई गई है. वहीं शीतलहर के असर को देखते हुए रायपुर मेयर मीनल चौबे और कमिश्नर विश्वदीप ने सभी जोन कमिश्नरों और जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को रात के समय फील्ड में मौजूद रहकर अलाव व्यवस्था की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो. रायपुर नगर निगम ने आम नागरिकों को राहत पहुंचाने के लिए शहर के 12 अलग-अलग स्थानों पर अलाव की व्यवस्था शुरू कर दी है. इससे बेघर लोगों, राहगीरों और जरूरतमंदों को कड़ाके की ठंड से राहत मिल सकेगी. ऐसा रहा बीते दिन प्रमुख शहरों का तापमान शहर अधिकतम तापमान (∘C) न्यूनतम तापमान (∘C) दुर्ग 30.8 09.2 माना एयरपोर्ट 29.5 09.6 बिलासपुर 29.0 11.8 जगदलपुर 30.2 10.5 पेण्ड्रारोड 26.0 09.0

मंत्री राम विचार नेताम ने शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापना हेतु किया भूमिपूजन

जनजातीय समाज के विकास के लिए सरकार तत्पर किसानों को एकीकृत खेती के लिए प्रोत्साहित करें रायपुर, जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य पर आज 18 दिसम्बर को तहसील कार्यालय के समीप महासमुंद में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापित किए जाने हेतु भूमिपूजन कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। आदिवासी समाज के परंपरागत पूजा पाठ से भूमिपूजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम की अध्यक्षता महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने की। कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ जिला महासमुंद, 52 गढ़ गोंड समाज महासमुंद एवं आदिवासी समाज महासमुंद के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में चंद्रहास चंद्राकर, राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष,रूप सिंह मंडावी, अनुसूचित जनजाति आयोग उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में भीखम सिंह ठाकुर उपाध्यक्ष जिला पंचायत, दिशा रामस्वरूप दीवान अध्यक्ष जनपद पंचायत, आर.एन. ध्रुव प्रांताध्यक्ष छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ, कमलेश ध्रुव अध्यक्ष केन्द्रीय गोंड महासभा धमधागढ़, आर एन ध्रुव, ऐतराम साहू , देवीचंद राठी उपाध्यक्ष , थानसिंह दीवान, एस पी ध्रुव, श्रीमती राधेश्याम त्रिलोकी, इश्वरी भोई उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज गुरु घासी दास जयंती आज पूरे देश में मनाया जा रहा है और ऐसे विशेष अवसर में जनजातीय गौरव दिवस मना रहे हैं। यह गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि ये देश के लिए अमृत काल का समय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंशानुरूप यहां जनजातीय गौरव के लिए अनेक कार्य किया जा रहा है। नया रायपुर में 50 करोड़ रुपए की लागत से आदिवासी समाज के योगदान को अमिट बनाने भव्य म्यूजियम बनाया गया है। जिसे देश भर के लोग देखने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में 80 हजार करोड़ की लागत से जनजातीय उत्थान और विकास के लिए बजट दिया गया है। राज्य में धरती आबा और पी एम जनमन योजना संचालित किया जा रहा है।जिसमें आदिवासी गांवो में सड़क, बिजली, पानी और नौकरी की समुचित व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने में कृषि विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। किसानों को एकीकृत कृषि आधारित खेती करने प्रोत्साहित करें। गाय पालन भी करें। युवाओं को दिल्ली में निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है। प्रयास स्कूल के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ लेने कहा। उन्होंने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह केवल आदिवासी समाज ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध सबसे पहले संगठित संघर्ष कर देशभक्ति, साहस और त्याग का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी प्रतिमा की स्थापना आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास, संस्कृति और स्वाभिमान से जोड़ने का कार्य करेगी। राज्य शासन जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। अध्यक्षीय उद्बोधन में महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि महासमुंद की पावन धरती पर शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापित होना गर्व का विषय है। यह प्रतिमा जनजातीय समाज के संघर्ष, बलिदान और आत्मसम्मान की प्रतीक बनेगी। उन्होंने कहा कि समाज के महापुरुषों को सम्मान देना ही सच्ची श्रद्धांजलि है और ऐसे आयोजनों से समाज में एकता और जागरूकता बढ़ती है। उन्होंने अंचल में विकास को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय दुगुना करने संकल्पित है। इसी कड़ी में सिंचाई क्षमता को बढ़ाने जिले में 3200 करोड़ की लागत से सिकासेर बांध गरियाबंद से शहीद वीर नारायण सिंह जलाशय कोडार में पानी लाने की व्यवस्था कर रहे है। श्री सिन्हा ने बताया कि 650 करोड़ की लागत से सिरपुर बैराज भी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां के लोग स्वाभिमानी है और अन्याय के खिलाफ नहीं झुकते।आदिवासी समाज किसी से पीछे नहीं है।आज हमारे मुख्यमंत्री भी आदिवासी समाज से है। विकसित भारत के निर्माण में महासमुंद की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। समारोह को संबोधित करते हुए अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूप सिंह मंडावी ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस हमारे नायकों को स्मरण करने और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का दिन है। छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज एक अलग ही पहचान रखता है। उन्होंने समाज के क्रमिक विकास और विस्तार के संदर्भ में जानकारी दी। समाज के पदाधिकारी एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह ने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाकर समाज को दिशा दी। उनकी शहादत हमें सिखाती है कि अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर संघर्ष करना आवश्यक है। समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी श्री कमलेश ध्रुव एवं आर एन ध्रुव ने भी संबोधित किया। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा और शहीद वीर नारायण सिंह के शहादत पर अपने प्रेरक विचार रखे। इन्होंने कहा कि दोनों वीर अंग्रेजी हुकूमत और प्रतिकूल परिस्थिति के खिलाफ उठ खड़े हुए।कार्यक्रम के दौरान विधिवत पूजा-अर्चना के साथ भूमिपूजन सम्पन्न किया गया। इस अवसर पर समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, परिक्षेत्र एवं बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता के संदेश के साथ हुआ।

जशपुर के लिए मुख्यमंत्री का तोहफा: 4 प्रमुख सड़कों के लिए 12.69 करोड़ की मंजूरी

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के सर्वांगीण विकास को नई गति देने के लिए जिले की चार प्रमुख सड़कों के निर्माण के लिए कुल 12 करोड़ 69 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से ग्रामीण-शहरी संपर्क मजबूत होगा, आवागमन आसान बनेगा और क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को बल मिलेगा। जशपुरवासियों ने मुख्यमंत्री के इस जनहितकारी फैसले पर उत्साह व्यक्त करते हुए श्री साय के प्रति गहरा आभार जताया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा स्वीकृत सड़क परियोजनाओं में 3 किमी लंबी कंडोरा से आराकोना पहुंच मार्ग के लिए 3 करोड़ 86 लाख रुपये, 3 किमी लंबी माडो से ढेंगनी पहुंच मार्ग के लिए 3 करोड़ 77 लाख रुपये, 1.9 किमी लंबी चराईडांड के मलेरिया बस्ती से एनएच-43 तक पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 20 लाख रुपये तथा 2.86 किमी लंबी बेहराखार अटल चौक से कुरूमढ़ोड़ा तक पहुंच मार्ग के लिए 3 करोड़ 76 लाख रुपये शामिल हैं। इन सड़कों के निर्माण से दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में यातायात सुगम होगा, जिससे व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी। दो वर्षों में 1000 करोड़ से अधिक की सड़क सौगात, ग्रामीण तस्वीर बदली उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल में जशपुर जिले को सड़क निर्माण के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की है। इससे न केवल बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है, बल्कि ग्रामीण अंचलों की समग्र विकास की गति तेज हो गई है। राज्य शासन की इस विकासोन्मुखी नीति से जशपुर जैसे आदिवासी बहुल जिलों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, जो छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस सौगात पर जशपुर के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है। लोगों का मानना है कि इन सड़कों से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि क्षेत्र की पर्यटन क्षमता भी मजबूत होगी। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल राज्य के हर कोने तक विकास पहुंचाने के संकल्प को साकार कर रही है। विष्णुदेव साय सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ बुनियादी विकास के नए मानक गढ़ रहा है, जिससे लाखों नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं।

जल संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम, 10 स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट बनाएगा निगम

रायपुर राजधानी में लगातार गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए नगर निगम ने जल संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाया है. शहर में भू-जल स्तर बढ़ाने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा 10 स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट बनाए जाने की योजना तैयार की गई है. इस योजना के लिए लगभग 50 लाख रुपये का प्रस्ताव केंद्रीय जल आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजा गया है. नगर निगम के जल विभाग के अनुसार, प्रत्येक रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट पर करीब 5 लाख रुपये की लागत आएगी. इन पिटों के जरिए वर्षा जल को संग्रहित कर सीधे जमीन में पहुंचाया जाएगा, जिससे भू-जल का पुनर्भरण हो सके. फिलहाल शहर में उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन किया जा रहा है. कई इलाकों में काफी नीचे चला गया है जल स्तर नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक रायपुर में भू-जल स्तर तेजी से गिर रहा है. कचना, सड्डू और सेजबहार जैसे क्षेत्रों में जल स्तर 800 से 1000 फीट तक पहुंच गया है. इससे बोरवेल की गहराई बढ़ रही है और जल आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव भी लगातार बढ़ रहा है. 62 एकड़ क्षेत्र में पहले से विकसित है रेन वाटर हार्वेस्टिंग इससे पहले भी नगर निगम द्वारा दलदल सिवनी क्षेत्र में लगभग 62 एकड़ में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली विकसित की जा चुकी है. इंदिरा स्मृति वन के पास बनाए गए परकोलेशन टैंकों में मानसून के दौरान वर्षा जल को एकत्र कर जमीन में समाहित किया जाएगा. विशेषज्ञों के अनुसार इस व्यवस्था से करीब 21 करोड़ लीटर पानी का भंडारण संभव है. नगर निगम का मानना है कि वर्षा जल संरक्षण से भविष्य में जल संकट को काफी हद तक रोका जा सकता है. निगम आयुक्त विश्वदीप ने बताया कि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू किया जाएगा. साथ ही आने वाले समय में सरकारी भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं विकसित करने की योजना है.

सीएम साय बोले- दो सालों में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुआ जबरदस्त विकास, मेगा हेल्थ कैंप हुआ शुरू

रायपुर राजधानी रायपुर स्थित आयुर्वेदिक कॉलेज के परिसर में आज मेगा हेल्थ कैंप का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुभारंभ किया. पांच दिनों तक चलने वाले इस मेगा कैंप में 45 से अधिक अस्पताल और देशभर के सुपरस्पेशलिस्ट कैंप से जुड़े हैं. मेगा कैंप का आयोजन कर रहे विधायक राजेश मूणत ने कहा कि यह स्वास्थ्य शिविर राजधानी रायपुर को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से जोड़ने वाला ऐतिहासिक आयोजन होगा. उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के सभी संबंधित विभाग इस सेवा अभियान में मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान कर रहे हैं, तथा रायपुर की अनेक सामाजिक संस्थाएं भी सक्रिय रूप से सहभागी हैं. भाजपा के सेवाभावी कार्यकर्ता शिविर में मरीजों की देखभाल की जिम्मेदारी संभालेंगे. उन्होंने कहा कि दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद सहित देशभर के सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर इस शिविर में सेवाएं देंगे, ताकि किसी भी व्यक्ति को बड़े महानगरों की यात्रा किए बिना उच्चस्तरीय परामर्श और उपचार मिल सके. उन्होंने यह भी बताया कि मेगा हेल्थ कैंप में श्री विनय मित्र मंडल के माध्यम से दिव्यांगों को कृत्रिम जयपुर पैर, हाथ कटे विकलांगों को कृत्रिम हाथ बनाकर दिए जाएंगे, साथ ही श्रवण यंत्र, ट्राइसिकल, वैशाखी भी प्रदान की जाएगी. मूणत ने 45 से अधिक सहयोगी अस्पतालों की सूची प्रस्तुत करते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर अस्पतालों का एक मंच पर आना अपने आप में एक अनूठी मिसाल है. कैंप में कैंसर, हृदय रोग, नेत्र रोग, स्त्री रोग, अस्थि रोग, बांझपन उपचार, आयुर्वेद और अन्य विधाओं से जुड़े डॉक्टरों की विस्तृत टीम निःशुल्क जांच, परामर्श, उपचार और दवाइयों का वितरण करेगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ने कहा कि मेघा हेल्थ कैंप के लिए राजेश मूणत और पूरी टीम को बधाई देता हूं. छठवीं बार ये कैंप हमने किया है, छत्तीसगढ़ को बने 25 साल हुआ है. छत्तीसगढ़ ने हर क्षेत्र में विकास किया है. हर क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने काम किया है. छत्तीसगढ़ में 15 मेडिकल कॉलेज हो गए हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में 2 वर्ष में बहुत विकास हुआ है. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विधायक राजेश मूणत की पहचान पूरे छत्तीसगढ़ में बन गई है. इसे मैं राष्ट्रीय स्तर का हेल्थ कैंप कह सकता हूं. करीब 100 से ज्यादा चिकित्सक लगे हैं. ये शिविर इलाज से निदान तक पहुंचाने के लिए है. इस शिविर की खासियत है कि 40 से 50 समाजसेवी संगठनों के साथ डाक्टरों की टीम, छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ चिकित्सक यहां मौजूद हैं. इससे पहले मैने कभी नहीं देखा था. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रायपुर और पूरे प्रदेश के लिए आज का पवित्र है. एक तरफ बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती है, तो दूसरी ओर स्वास्थ्य का महाकुंभ लग रहा है. यहां 300 मीटर तक हॉस्पिटल ही हॉस्पिटल नजर आ रहा है. हमारा उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ में लोग स्वस्थ हों. मैं राजेश मूणत और उनकी टीम की प्रशंसा करता हूं. जांच के बाद इलाज की भी व्यवस्था होगी. आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराएंगे. मुख्यमंत्री स्वास्थ्य के प्रति सजग है. आयुर्वेदिक कॉलेज में आयोजित मेगा हेल्थ कैंप के उद्घघाटन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के अलावा मंत्री केदार कश्यप, मंत्री गुरु खुशवंत साहब सहित कई विधायक और जनप्रतिनिधि शामिल हुए.

धान खरीदी पर ब्रेक के हालात, बफर से ज्यादा स्टॉक, मिलर नहीं उठा रहे धान

गरियाबंद देवभोग के 10 और गोहरापदर ब्रांच के 17 समेत कुल 27 खरीदी केंद्रों में बफर लिमिट से ढाई गुना ज्यादा धान खरीदी हो गई. वहीं दूसरी ओर मिलरों भी धान उठाने से कतरा रहे हैं. स्थिति को देखते हुए शाखा प्रबंधकों ने उच्च कार्यालय को पत्र लिखकर उठाव की मांग करते हुए धान खरीदी बंद होने की आशंकाओं से अवगत करा दिया है. धान उठाव के लिए जिला विपणन अधिकारी को भेजे गए मांग पत्र के मुताबिक देवभोग के 10 खरीदी केंद्र में खरीदी की बफर लिमिट 1 लाख 2000 तय थी, पर यहां 2 लाख 41546 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है. इसी तरह गोहरापदर ब्रांच के 17 खरीदी केंद्र की बफर लिमिट 1 लाख 69200 क्विंटल की है, लेकिन यहां 3 लाख 45214 क्विंटल धान की खरीदी हो गई है. केंद्रों में अब रखरखाव की समस्या आ रही है. देवभोग केंद्र के प्राधिकृत अधिकारी कुंज बिहारी बेहरा ने कहा कि तय लिमिट से कई गुना ज्यादा खरीदी होने से धान की रख-रखाव में समस्या आ रही है. खरीदी सुचारु रूप से चलता रहे उसके लिए उठाव की नितान्त आवश्यकता है. इस हफ्ते उठाव नहीं हुआ तो आने वाले सप्ताह से कई केंद्रों में खरीदी बंद करने की नौबत आ जाएगी. देवभोग बीएम अमरसिंह ठाकुर और गोहरापदर बीएम दुष्यन्त इंग्ले ने धान की मात्रा बफर लिमिट से पार होने की पुष्टि किया है. दोनों ब्रांच अफसरों ने बताया कि जिला विपणन और अपने नोडल को पत्र लिख कर समस्या से अवगत कराने की बात कही है. करोड़ों का भुगतान अटका, मिलर भी पीछे हट रहे संग्रहण केंद्र के अलावा डीओ के जरिए मिलरों से उठाव होता था. जिले में लगभग 60 मिलर थे, इनमें से अब तक 24 ने अनुबंध कराया. 22 ऐसे हैं, जिन्हें अपात्र श्रेणी में रख मॉड्यूल से ही लॉक कर दिया गया है. इसके अलावा फोर्टीफाइड चावल की राशि, पिछले साल हुए परिवहन चार्ज, कस्टम मिलिंग की बिलिंग का करोड़ों रुपए का भुगतान शासन से लंबित है, इसलिए कई मिलर धान उठाव के लिए अनुबंध करने में रुचि नहीं ले रहे हैं. सोमवार से शुरू होगी उठाव – डीएमओ जिला विपणन अधिकारी किशोर चंद्रा ने कहा कि ट्रांसपोर्टर से अनुबंध के बाद राज्य कमेटी के एप्रूवल की प्रकिया हो रही थी, लेकिन अब पूरी हो गई है. कुछ जगहों पर उठाव शुरू हो चुकी थी. सोमवार से देवभोग क्षेत्र से उठाव करेंगे. मिलरो की संख्या कम है. मौजूद 56 में से 24 ने ही अनुबंध कराया है. ऐसे में पड़ोसी जिले के मिलर से भी जल्द अनुबंध कराया जाएगा, ताकि उठाव प्रकिया तेजी से बढ़ सके. गरियाबंद में कुछ मिलर्स के भौतिक सत्यापन के दौरान कस्टम मिलिंग के लिए दिए गए धान की मात्रा में कमी पाई गई थी, ऐसे में वे अपात्र की श्रेणी में हैं.

राज्यपाल डेका ने संत बाबा गुरु घासीदास जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने संत बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती के अवसर पर लोकभवन में गुरु घासीदास जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। राज्यपाल डेका ने कहा कि गुरु घासीदास जी ने मानव समाज को प्रेम और सद्भावना का संदेश दिया और समाज में व्याप्त भेदभाव एवं असमानता को दूर कर समतामूलक समाज स्थापित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाज को एकता और सद्भावना का मार्ग दिखाते हैं। इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी संत बाबा गुरु घासीदास के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

आत्मसमर्पित माओवादियों की वापसी: छत्तीसगढ़ की नीति ने लौटाई उम्मीदें

रायपुर   छत्तीसगढ़ शासन की संवेदनशील और दूरदर्शी नक्सल पुनर्वास नीति ज़मीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव का सशक्त उदाहरण बन रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट निर्देशों एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में सुकमा जिले के नक्सल पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित माओवादियों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। आत्मसमर्पण करने वाल 25 युवाओं को रोजगारोन्मुख मेसन (राजमिस्त्री) किट इस क्रम में 75 आत्मसमर्पित नक्सलियों को अत्याधुनिक 5G स्मार्टफोन तथा 25 युवाओं को रोजगारोन्मुख मेसन (राजमिस्त्री) किट वितरित की गई। यह कार्यक्रम कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव एवं पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। 75 आत्मसमर्पित नक्सलियों को अत्याधुनिक 5G स्मार्टफोन कार्यक्रम के दौरान 75 पुनर्वासित युवाओं को सैमसंग गैलेक्सी M06 5G स्मार्टफोन प्रदान किए गए, जिनमें 50 मेगापिक्सल डुअल कैमरा तथा 5000 mAh फास्ट-चार्जिंग बैटरी जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन स्मार्टफोनों के माध्यम से युवा अब डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास कार्यक्रमों, सरकारी योजनाओं तथा देश-दुनिया की जानकारी से सहजता से जुड़ सकेंगे। इसके साथ ही 25 पुनर्वासित युवाओं को मेसन किट प्रदान कर निर्माण क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया गया। यह पहल प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण सहित अन्य विकास कार्यों के लिए कुशल श्रमशक्ति तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आत्मसमर्पण करने वाले लोगों स्वरोजगार के नए अवसरों उपलब्ध कराने संकल्पित जिला प्रशासन ने बताया कि नक्सल पुनर्वास को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित न रखते हुए इसे आत्मनिर्भरता, सम्मान और सामाजिक समावेशन से जोड़ा जा रहा है। 5G स्मार्टफोन के माध्यम से पुनर्वासित युवा अब ऑनलाइन प्रशिक्षण, आधुनिक कृषि तकनीकों, छोटे व्यवसायों और स्वरोजगार के नए अवसरों को समझने और अपनाने में सक्षम होंगे। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी लोगों स्वरोजगार के नए अवसरों उपलब्ध कराने सरकार संकल्पित है। पुनर्वासित युवाओं ने साझा किए अनुभव पोलमपल्ली निवासी पुनर्वासित पोड़ियम भीमा ने बताया कि वे लगभग 30 वर्षों तक डीवीसी सदस्य के रूप में संगठन से जुड़े रहे। पुनर्वास के बाद उन्हें बेहतर आवास, भोजन और प्रशिक्षण की सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि वे राजमिस्त्री के साथ-साथ इलेक्ट्रीशियन और मैकेनिक का प्रशिक्षण भी प्राप्त कर चुके हैं। पुवर्ती निवासी मुचाकी रनवती ने बताया कि वे 24 वर्षों तक एसीएम सदस्य के रूप में नक्सल संगठन से जुड़ी रहीं। पुनर्वास के बाद उन्होंने सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त किया और वर्तमान में राजमिस्त्री प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने परिजनों से मिलने का अवसर मिला तथा बस्तर ओलंपिक की संभागस्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेकर प्रथम पुरस्कार भी प्राप्त किया। डब्बमरका, सुकमा निवासी गंगा वेट्टी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा मोबाइल और मेसन किट मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जंगल के जीवन की तुलना में वर्तमान जीवन सुरक्षित और सम्मानजनक है। शिविर लगाकर उनका आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड एवं जॉब कार्ड बनाया गया तथा शासन की सभी योजनाओं का लाभ उन्हें मिल रहा है। सुकमा में की गई यह पहल इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ शासन की नीति केवल नक्सलवाद से मुकाबले तक सीमित नहीं है, बल्कि भटके हुए युवाओं को विश्वास, अवसर और सम्मान के साथ नया जीवन देने की ठोस कोशिश भी है। यह मॉडल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और सामाजिक समरसता की मजबूत नींव रख रहा है। इस अवसर पर जिले के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरु घासीदास जयंती पर दी बधाई, सामाजिक समरसता के संदेश को बताया कालजयी

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महान समाज सुधारक और आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक बाबा गुरु घासीदास की 18 दिसम्बर को जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने अपने दिव्य उपदेशों और आचरण से समाज को सत्य, अहिंसा, समानता और सामाजिक सद्भाव के मार्ग पर अग्रसर किया. उनका अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” केवल एक विचार नहीं, बल्कि मानवता को जोड़ने वाला ऐसा जीवन-दर्शन है, जो भेदभाव रहित, न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज की मजबूत नींव रखता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने छत्तीसगढ़ की धरती पर सामाजिक एवं आध्यात्मिक जागरण की सुदृढ़ आधारशिला रखी. उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों, असमानताओं और अंधविश्वासों के विरुद्ध चेतना जगाते हुए नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की और जनमानस को आत्मसम्मान एवं मानवीय गरिमा का बोध कराया. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा का जीवन-दर्शन करुणा, सहिष्णुता, प्रेम, सत्यनिष्ठा और परस्पर सम्मान जैसे मानवीय गुणों के विकास का मार्गदर्शक है. उनके विचार और आदर्श समय की कसौटी पर खरे उतरते हुए आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और वर्तमान समाज के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत बने हुए हैं. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे बाबा गुरु घासीदास के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा सामाजिक समरसता, शांति और सौहार्द के साथ एक समृद्ध एवं समावेशी छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं.