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पेंटर शिवकुमार निराला ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भेंट किया विशिष्ट ‘राजनीतिक मानचित्र’

मुख्यमंत्री ने की सराहना, रचनात्मक प्रतिभा का किया सम्मान रायपुर, मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के ग्राम चकरदा निवासी पेंटर श्री शिवकुमार निराला ने अनूठा ‘राजनीतिक मानचित्र’ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भेंट किया। उनकी इस अद्वितीय कला प्रस्तुति ने कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बढ़ा दिया। श्री निराला द्वारा तैयार यह सचित्र मानचित्र छत्तीसगढ़ की सम्पूर्ण राजनीतिक यात्रा का विस्तृत और कलात्मक दस्तावेज है। इसमें राज्य के लोकसभा एवं विधानसभा सदस्यों, मंत्रिमंडल की रूपरेखा, संसदीय क्षेत्रवार विवरण तथा वर्ष 1998 से अब तक हुए सभी लोकसभा और विधानसभा चुनावों का तुलनात्मक विश्लेषण सुव्यवस्थित रूप से दर्शाया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जीत के अंतर, राजनीतिक दलवार जनप्रतिनिधियों का क्रम तथा सीटों के ऐतिहासिक बदलाव को भी कलात्मक शैली में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस रचनात्मक मानचित्र की सराहना करते हुए कहा कि “श्री शिवकुमार निराला ने आंकड़ों और तथ्यों को इतनी सहज, सुंदर और विश्लेषणात्मक शैली में प्रस्तुत किया है कि यह कला-कृति राजनीति के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों—सभी के लिए उपयोगी दस्तावेज बन जाती है।” मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिभा को सम्मानित करते हुए उन्हें पुरस्कृत भी किया।

छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता: सुरक्षाबलों ने 6 नक्सलियों को किया ढेर, एक पर था 8 लाख का इनाम

रायपुर बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिज़र्व गार्ड (DRG) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़ के दौरान छह नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए। इसमें ₹8 लाख का इनामी कन्ना ऊर्फ बुचन्ना भी शामिल है, जो लंबे समय से इस क्षेत्र में हिंसा, भय और नक्सल गतिविधियों को संचालित कर रहा था। सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरी सराहना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की इस सफलता की सराहना करते हुए एक्स पर लिखा – बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजी और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के दौरान छह माओवादी न्यूट्रलाइज हुए हैं। इसमें आठ लाख रुपये का इनामी कन्ना ऊर्फ बुचन्ना भी शामिल है। जिसके न्यूट्रलाइज होने से इस क्षेत्र में फैले माओवादी आतंक के एक लंबे अध्याय का अंत हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की इस सफलता की सराहना करते हुए एक्स पर लिखा – यह उपलब्धि पुलिस बलों के उत्कृष्ट समन्वय, साहस और सटीक रणनीति का परिणाम है। लाल आतंक के समूल नाश की दिशा में यह कार्रवाई एक निर्णायक पड़ाव है। उन्होंने कहा- छत्तीसगढ़ सरकार, यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में, 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के संकल्प के साथ इस मिशन को पूरे समर्पण और प्रतिबद्धता से आगे बढ़ा रही है। राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां एकजुट होकर इस लड़ाई को निर्णायक अंत तक ले जाएंगी।

बढ़ती ठिठुरन ने बढ़ाई चिंता: मौसम विभाग ने रायपुर सहित कई इलाकों में दी चेतावनी

रायपुर छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर, पेण्ड्रारोड, राजनांदगांव, दुर्ग शीत लहर की चपेट में है. उत्तर से आ रही ठंडी और शुष्क हवाओं से मौसम का मिजाज बदला हुआ है. मौसम विभाग ने आज उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में शीत लहर चलने की संभावना जताई है. पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान जगदलपुर में 30.02 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. इसी के साथ ही सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 7.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. इन इलाकों में शीतलहर की चेतावनी प्रदेश के जशपुर, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर और कोरबा में एक दो पॉकेट में शीत लहर चलने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि प्रदेश में उत्तर से ठंडी और शुष्क हवाओं का आगमन लगातार जारी है. इसके कारण प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट के साथ विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है. सरगुजा संभाग और उससे लगे जिले, राजनांदगांव और दुर्ग जिलों में एक दो पैकेट्स में शीत लहर की स्थिति बनी रहेगी. वहीं 17 नवंबर से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ में ठंड से कुछ राहत मिलने की सम्भावना बन रही है. प्रदेश में आज मौसम शुष्क रहने की संभावना है. इसके अलावा अगले एक सप्ताह तक वर्षा की सम्भावना नहीं है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम? राजधानी रायपुर मैं आज आकाश साफ रहने की संभावना बताई गई है. वही अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: कर्मचारी नगर विद्युत उपकेंद्र की क्षमता बढ़ी

दुर्ग छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड दुर्ग क्षेत्र ने मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के तहत जवाहर नगर जोन के अंतर्गत 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेंद्र(सबस्टेशन) कर्मचारी नगर की क्षमता मंे महत्वपूर्ण वृद्धि की है। उपकेंद्र में 65.99 लाख रुपये की लागत से 3.15 एमवीए का एक अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है, जिसे 12 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया। इस अतिरिक्त ट्रांसफार्मर के लगने से उपकेंद्र की कुल क्षमता 10 एमवीए से बढ़कर 13.15 एमवीए हो गई है। उक्त कार्य उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले लगभग 4000 उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री संजय खंडेलवाल ने बताया कि पूर्व में सबस्टेशन में स्थापित 05 एमवीए के दोनों ट्रांसफार्मर अक्सर ओवरलोड हो जाते थे, जिसके कारण लो वोल्टेज और लोड षेडिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर लगने से अब इन समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी और विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ होगी। क्षमता वृद्धि से आईएचएसडीपी कॉलोनी, जयंती नगर, साईं नगर, सिकोला भाटा, सिकोला बस्ती, मुखर्जी नगर, प्रेम नगर, विजय नगर, मोहन नगर, करहीडीह एवं रांका के लगभग 4000 उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। श्री खंडेलवाल ने इस महत्वपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए अधीक्षण अभियंता षहर वृत्त श्री जे.जगन्नाथ प्रसाद, कार्यपालन अभियंता एस.के.रॉय एवं श्री आर.के.दानी सहित सहायक अभियंताओं श्रीमती मोनिका नायर, श्रीमती रुचि सैलेट, श्री राजेन्द्र गिरी गोस्वामी, श्री ढालेश्वर साहू एवं श्री महेन्द्र कुमार साहू तथा उनकी पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि पॉवर कंपनी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाने के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहें हैं।

नवीन तालाब बना गांव की जीवनधारा

राधारमण नगर के ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान रायपुर, ग्राम पंचायत सोनवर्षा के ग्राम राधारमणनगर के ग्रामीणों के लिए नया तालाब किसी वरदान से कम नहीं है। कभी जहां गर्मियों में बूंद-बूंद पानी के लिए लोगों को मीलों पैदल चलना पड़ता था, वहीं आज यह तालाब ग्रामीणों की प्यास बुझाने के साथ-साथ खेती और आजीविका का आधार बन चुका है। यह परिवर्तन संभव हुआ है महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत कराए गए नवीन तालाब निर्माण कार्य से, जिसकी लागत 12.80 लाख रुपए रही। जल संकट से जूझते गांव में जल जीवन का नया अध्याय राधारमणनगर गांव लंबे समय से पानी की गंभीर समस्या से गुजर रहा था। यहां का भूमिगत जल स्तर लगभग 450 फीट से नीचे चला गया था, जिससे हैंडपंप सूख जाते थे और गर्मियों में ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता था। ऐसे में ग्राम पंचायत सोनवर्षा द्वारा खदान के पास जल संरक्षण और संचयन के उद्देश्य से नया तालाब बनवाया गया। यह तालाब अब वर्षा जल को सुरक्षित रखता है और साल भर ग्रामीणों के उपयोग के लिए जल उपलब्ध कराता है। तकनीकी दृष्टि से मजबूत निर्माण – हर बूंद का संरक्षण तालाब निर्माण के दौरान तकनीकी पहलुओं का विशेष ध्यान रखा गया। इसके बांध की चौड़ाई और ऊंचाई को इस तरह मापा गया कि वर्षा का पानी सुरक्षित रूप से जमा रहे और बांध को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। साथ ही, तालाब की गहराई को अधिक रखा गया ताकि जल लंबे समय तक टिक सके। कार्य का क्रियान्वयन पूरी तरह महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत के मार्गदर्शन में किया गया, जिससे न केवल जल संरक्षण हुआ बल्कि निर्माण के दौरान ग्रामीणों को रोजगार भी मिला। परिवर्तन की दिशा में मील का पत्थर तालाब निर्माण के बाद गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पहले जहां खेत सूख जाते थे और फसलें मुरझा जाती थीं, वहीं अब तालाब के आसपास की जमीन में नमी बनी रहती है। इससे खेतों की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। किसानों के चेहरों पर अब संतोष की मुस्कान है क्योंकि उनकी मेहनत अब फसल के रूप में रंग ला रही है। आजीविका का नया साधन – मछली पालन से बढ़ी आय तालाब केवल जल संरक्षण का माध्यम नहीं रहा, बल्कि इसने ग्रामीणों को नई आय का स्रोत भी प्रदान किया है। ग्राम राधारमणनगर के ग्रामीण बाबू सिंह, जीत नारायण (जॉब कार्ड नं. 001/29) तथा श्री एक्का प्रसाद और रविशंकर (जॉब कार्ड नं. 001/79) ने मिलकर तालाब में 3000 मछली बीज छोड़े हैं। इन ग्रामीणों द्वारा तालाब का नियमित रूप से रखरखाव किया जा रहा है। मछली पालन से उन्हें अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है। साथ ही, तालाब का पानी अब सिंचाई के लिए भी उपयोग में लाया जा रहा है, जिससे खेतों में सालभर हरियाली बनी रहती है। ग्रामीणों की जुबान – अब पानी की नहीं कोई कमी ग्राम के निवासी श्री बाबू सिंह कहते हैं कि पहले गर्मियों में हमें पानी के लिए बहुत परेशानी होती थी। तालाब बनने से अब न केवल पीने और निस्तार का पानी मिलता है बल्कि खेतों की सिंचाई भी आसानी से हो जाती है। मछली पालन से हमें अतिरिक्त आमदनी का साधन मिला है। यह तालाब हमारे लिए अमृत सरोवर से कम नहीं। स्थायी विकास की मिसाल बना राधारमण नगर आज सोनवर्षा-राधारमण नगर गांव का यह तालाब जल संरक्षण, संचयन और आजीविका संवर्धन का प्रेरक उदाहरण बन गया है। इस कार्य ने यह साबित कर दिया है कि यदि सामूहिक प्रयास और तकनीकी समझदारी के साथ योजनाओं को क्रियान्वित किया जाए, तो किसी भी क्षेत्र में जल संकट जैसी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। ग्राम पंचायत सोनवर्षा का यह प्रयास मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में जल प्रबंधन का एक आदर्श मॉडल बन चुका है, जो अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। हर बूंद में समाई उम्मीद राधारमण नगर का यह नवीन तालाब सिर्फ पानी का भंडार नहीं, बल्कि गांव की खुशहाली का प्रतीक बन चुका है। इससे न केवल जल संरक्षण सुनिश्चित हुआ है, बल्कि रोजगार, कृषि और मछली पालन के माध्यम से ग्रामीणों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह कहानी बताती है कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो हर बूंद से बदलाव संभव है, और यही तालाब उस परिवर्तन का साक्षी है जिसने गांव को आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर किया है।

रेलवे अलर्ट: छत्तीसगढ़ में कई ट्रेनों के रूट में बदलाव, 3 रद्द और 2 प्रभावित — जारी हुई सूची

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ में एक बार फिर रेल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल अंतर्गत बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य जारी है. इसके चलते सारागांव स्टेशन में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा, जिसकी वजह से 13 से 17 नवंबर तक कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा. रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और प्रभावित ट्रेनों की सूची जारी की है. प्रभावित रहने वाली ट्रेनें:     68738/68737 बिलासपुर–रायगढ़–बिलासपुर मेमू पैसेंजर 14 से 17 नवंबर तक रद्द रहेगी.     68736 बिलासपुर–रायगढ़ मेमू पैसेंजर 13 से 16 नवंबर तक रद्द रहेगी.     68735 रायगढ़–बिलासपुर मेमू पैसेंजर 14 से 17 नवंबर तक रद्द रहेगी.     68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू अब केवल बिलासपुर तक ही चलेगी.     68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया मेमू का परिचालन बिलासपुर से शुरू होगा. रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा से पहले समय सारिणी और ट्रेन की स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें.

5 वर्ष तक के बच्चों के आधार पंजीकरण हेतु बैठक 14 नवंबर को

जगदलपुर जिले में 5 वर्ष तक आयु वर्ग के सभी बच्चों के आधार पंजीयन के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए एक आवश्यक बैठक का आयोजन शुक्रवार 14 नवम्बर को दोपहर 2 बजे प्रेरणा हॉल में होगी, जहाँ पंजीकरण की वर्तमान स्थिति और भावी रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों और ऑपरेटरों की उपस्थिति को अनिवार्य किया गया है। इसमें सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी, ई-डिस्ट्रिक्ट के जिला प्रबंधक साथ ही सभी आधार ऑपरेटर और डाक विभाग के आधार ऑपरेटर शामिल होंगे।

600 किलोमीटर की चुनौती पूरी: रायपुर को मिले दो नए सुपर रैंडोन्यूर्स

रायपुर शहर के साइक्लिंग प्रेमियों के लिए गर्व का मौका आया है. रायपुर रैंडोन्यूर्स से 2 साइकिलिस्ट- सीए दल्लू जैन और जगन मोहन रेड्डी ने 600 किलोमीटर की साइक्लिंग पूरी कर सुपर रैंडोन्यूर्स (एसआर) का खिताब हासिल किया है. रायपुर रैंडोन्यूर्स के संचालक दीपांशु जैन (‘द बाइसिकल हब’) ने बताया कि 8 नवंबर को आयोजित “बीआरएम 600” राइड में दोनों साइकिलिस्टों ने 39 घंटे में यात्रा पूरी की, जबकि अधिकतम समय सीमा 40 घंटे थी. यह आयोजन ‘ब्रेवेट डी रैंडोन्यूर्स मोंडियाक्स’ के अंतर्गत हुआ, जिसमें 200, 300, 400 और 600 किमी की राइड एक ही कैलेंडर वर्ष में निर्धारित समय में पूरी करने पर साइक्लिस्ट को सुपर रैंडोन्यूर्स का दर्जा मिलता है. 600 किमी की इस साहसिक राइड का मार्ग रायपुर–सोहेला–रायपुर (400 किमी) और रायपुर–राजनांदगांव–रायपुर (200 किमी) तक फैला था. रातभर घने जंगलों, ठंडी हवाओं और अंधेरी सड़कों से गुजरते हुए दोनों साइकिल सवारों ने गजब का धैर्य और जज्बा दिखाया. राइड पूरी होने के बाद रायपुर मरीन ड्राइव पर शहर के सैकड़ों साइक्लिस्टों और परिजनों ने दोनों सुपर रैंडोन्यूर्स का फूलमाला और पुष्पगुच्छ से स्वागत किया. आयोजकों ने कहा कि उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ व्यक्तिगत संकल्प का उदाहरण है, बल्कि प्रदेश में एंड्योरेंस साइक्लिंग संस्कृति को भी नई ऊर्जा देगी.

प्रार्थना सभा से मचा हंगामा: धर्मांतरण के शक में SECL कर्मचारी को पुलिस ने लिया हिरासत में

बिलासपुर बिलासपुर में धर्मांतरण को लेकर फिर हंगामा मचा है. प्रार्थना सभा की आड़ में चल रहे धर्मांतरण के खेल का हिंदू संगठनों ने बुधवार रात भंडाफोड़ किया. पुलिस ने केस दर्ज कर प्रार्थना सभा आयोजित करने वाले एसईसीएल कर्मचारी को हिरासत में ले लिया है. दरअसल, हिंदू संगठनों को सूचना मिली कि सरकंडा क्षेत्र के बसंत विहार कॉलोनी के एक घर में प्रार्थना सभा के आड़ में लोगों को कनवर्ट करने का प्रयास किया जा रहा है. पुलिस को सूचना देते हुए हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे. यहां एसईसीएल कर्मचारी राजेंद्र खरे के मकान में प्रार्थना सभा चल रही थी, जिसमें हिन्दू समाज के लोग मौजूद थे. आरोप है कि सभा में हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ भ्रामक जानकारी देते हुए मौजूद लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था. वहीं मौके से ईसाई धर्म की किताबें व अन्य प्रचार सामग्रियां भी मिली हैं. हिन्दू संगठनों ने प्रार्थना सभा का विरोध करते हुए मकान के बाहर जमकर नारेबाजी की. जिसके बाद मामले की लिखित शिकायत थाने में दर्ज कराई गई. हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना था वे बिलासपुर में बिल्कुल भी धर्मांतरण के खेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे. जहां से भी इसकी जानकारी मिलेगी, वहां जाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा. पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर एसईसीएल कर्मचारी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है.

पैरों से चित्र उकेरने वाली पूनम बिटिया के जीवन में मुख्यमंत्री ने भरी नई उम्मीद- अब विशेष विद्यालय में मिलेगा शिक्षण और छात्रवृत्ति

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जनदर्शन में दूर-दूर से मुख्यमंत्री निवास पहुँच रहे लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान भी कर रहे हैं। आज जनदर्शन की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री ने रायपुर के तेलीबांधा की रहने वाली 11 वर्षीय बिटिया पूनम से भेंट की।बिटिया पूनम की माता ने मुख्यमंत्री साय को बताया कि वह सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रही है और बातचीत करने में भी असमर्थ है। उन्होंने बताया कि इस चुनौती के बावजूद पूनम अपने पैरों से बहुत सुंदर चित्र बनाती है। मुख्यमंत्री साय ने अत्यंत आत्मीयता से बिटिया पूनम से बात की और उसे स्नेहपूर्वक दुलार किया। मुख्यमंत्री साय ने पूनम की माता को आश्वस्त करते हुए कहा कि “हम आपके साथ हैं, आपको बिटिया के लिए किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।” मुख्यमंत्री ने पूनम बिटिया की पढ़ाई की उचित व्यवस्था के लिए उसे विशेष विद्यालय में भर्ती कराने और छात्रवृत्ति प्रदान करने के निर्देश दिए।