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30 से अधिक हाथियों का दल गांव में घुसा, ग्रामीणों में मची भगदड़

सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के करंजवार गांव में हाथियों का विशाल झुंड देखा गया है. करीब 30 से 35 हाथियों का यह दल क्षेत्र में डेरा जमाए हुए है. हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों और किसानों में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों ने धान और मक्का की फसलों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है. बता दें, झुंड में बड़े दतैल हाथियों के साथ छोटे-छोटे शावक भी शामिल हैं. स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार मौके पर डटी हुई है. विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और हाथियों से दूर रहने की अपील की है.

हमर छत्तीसगढ़ की मिसाल: जहां गुरुजी पढ़ाते भी हैं और बच्चों के बाल भी संवारते हैं

कबीरधाम  छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों की बदहाली और शिक्षकों की लापरवाही की खबरें तो आपने बहुत देखी और सुनी होगी, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे सरकारी स्कूल के मास्टरजी यानी शिक्षक के बारे में बताने जा रहे हैं जो 'सैलून वाले गुरुजी' के नाम से मशहूर हैं। चौक गए न आप भी। दरअसल, कबीरधाम जिले के सरकारी मिडिल स्कूल में पदस्थ टीचर पूनाराम पनागर की पहल भी गजब है। यह शिक्षक स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के साथ विद्यार्थियों के बाल भी निःशुल्क कटिंग करते हैं। शिक्षक आखिर क्यों ऐसा करता है,नाई बनने के पीछे उनका क्या मकसद है? तो चलिए आपको इस मास्टरजी के बारे में बताते हैं। कौन हैं ये शिक्षक? कबीरधाम जिले में बोड़ला स्थित पूर्व माध्यमिक स्कूल में शिक्षक पूनाराम पनागर की पोस्टिंग हैं। वह बच्चों को पढ़ाने के उनके बाल भी मुफ्त में काटते हैं। बाल कटिंग में खर्च होने वाले पैसों को शिक्षक बच्चों से कॉपी, पेन या स्कूल से संबंधी जरूरी काम करने को कहते हैं। शिक्षक पूनाराम बताते हैं कि मैं पहले बोड़ला के महलीघाट गांव के प्राइमरी स्कूल में था। इस आदिवासी क्षेत्र में सेलून नहीं थे। ऐसे में स्कूल के बच्चों के बाल काफी बढ़ जाते थे। तब मैंने 2012 से खुद ही बच्चों के बाल काटना शुरू कर दिया। बाद में मेरा ट्रांसफर यहां बोड़ला के स्कूल में हो गया। यहां भी सरकारी हॉस्टल में रहने वाले बच्चे गरीब परिवारों से है। शिक्षक पूनाराम ने बताया कि सरकारी SC-ST हॉस्टल के बच्चों के बाल महीने में किसी एक रविवार को काटता हूं। इससे बच्चों के सेलून का खर्चा बच जाता है। इतना ही नहीं शिक्षक पूनाराम सरकारी स्कूल के पहली से दसवीं क्लास के बच्चों को 15 साल से स्कूल के अलावा फ्री कोचिंग भी दे रहे हैं। अपने पढ़ाए बच्चों के बीच यह स्पर्धा भी कराते हैं कि जो जिले में टॉप करेंगे या प्रदेश में टॉपर सूची में आएंगे तो उन्हें 10 से 15 हजार इनाम भी देंगे। वे हर साल पर्चा छपवाकर इलाके में बंटवाते हैं कि लोग अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में ही कराएं। शिक्षक के इस पहल की पूरे प्रदेश में जमकर चर्चा हो रही है।   घर पर बच्चों को निःशुल्क कोचिंग भी पढ़ाते हैं पूनाराम पनागर की इस पहल की सराहना न सिर्फ छात्र बल्कि अन्य शिक्षक और अभिभावक भी करते हैं। पूनाराम के काम को समाज सेवा की मिसाल मानते हैं। शिक्षक कृष्ण कुमार ध्रुवे बताते हैं कि पूनाराम सर… बच्चों के शैक्षणिक उत्थान को लेकर बहुत सजग हैं। उनकी सोच यह है कि बच्चे पैसों की बचत करके उसका उपयोग शैक्षणिक गतिविधियों में करें। वे गरीब और कमजोर बच्चों को निःशुल्क कोचिंग भी देते हैं, ताकि वे पीछे न रहे। अपने कोचिंग में पढ़ने वाले बच्चों के बीच प्रतिस्पर्धा भी करवाते हैं और यह भी कहते हैं कि 10वीं और 12वीं में टॉप करने वाले बच्चों को पुरस्कार भी अपनी जेब से देंगे। सरकारी स्कूलों में दाखिला कराने बांटते हैं पर्चा कबीरधाम जिले में एक सरकारी शिक्षक अपनी सेवा भावना से मिसाल बन गए हैं। सरकारी स्कूलों में हर साल बच्चों का दाखिला घट रहा है, लेकिन शिक्षक पूनाराम हर साल खुद पर्चा छपवाकर ग्रामीणों से अपील करते हैं कि वे अपने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों में कराएं। महंगी फीस से बचें और उन पैसों को बच्चों के आगे की पढ़ाई के लिए बचाएं…। गरीब और कमजोर बच्चों को शिक्षक अपने पैसों से पुस्तक-कापी भी खरीदकर देते हैं, ताकि उन्हें पढ़ने में कोई दिक्कत न हो। ऐसे शिक्षक की प्रतिबद्धता ने यह साबित कर दिया है कि एक शिक्षक अगर चाहे तो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।  

लापरवाही का शिकार ग्रामीण: लाखों खर्च के बाद भी सड़क बेहाल, ठेकेदार को नोटिस

बीजापुर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करोड़ों की योजनाएं गांवों तक बेहतर आवागमन की सुविधा देने के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन उसूर तहसील की बासागुड़ा-कुम्हारपारा सड़क इसका बिल्कुल उल्टा उदाहरण बन गई है। साल 2020 में ठेकेदार आकाश चांडक ने 60 लाख की लागत से 1.60 किमी लंबी मिट्टी-मुरुम सड़क बनाई थी। पांच साल बीतने को हैं लेकिन ठेकेदार ने इस सड़क की एक बार भी मरम्मत नहीं की। नतीजा यह हुआ कि आज यह सड़क पूरी तरह से उबड़-खाबड़ और गड्ढों से भरी खाई में तब्दील हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर चलना किसी नदी को पार करने से कम नहीं है। जगह-जगह गड्ढे, कटे किनारे और झाड़ियों ने इसे मौत का जाल बना दिया है। आलम यह है कि धरमापुर, मल्लेपल्ली और डल्ला गांव के करीब 1000 ग्रामीण रोजाना इसी सड़क से गुजरने को मजबूर हैं। पैदल यात्री, बाइक सवार और ट्रैक्टर चालकों के लिए यह सफर किसी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क निर्माण में शुरुआत से ही लापरवाही बरती और काम अधूरा छोड़ दिया। अब मरम्मत न होने से हालात बदतर हो गए हैं। उनका कहना है कि सड़क पर चलने से ज़्यादा आसान तो खेतों में चलना है। इस मामले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता नवीन कुमार टोंडे और उप अभियंता परमानंद रामटेके ने बताया कि ठेकेदार को 5 अगस्त 2025 को मरम्मत करने के लिए नोटिस भेजा गया है। लेकिन ठेकेदार ने मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया तो विभाग 18 लाख रुपये की वसूली ठेकेदार से करेगा। लेकिन सवाल यह है कि आखिर ग्रामीणों की पांच साल से चली आ रही परेशानी का जिम्मेदार कौन है? और कब तक ऐसी योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही टिकाऊ साबित होंगी?

प्रधानमंत्री मोदी से मिले महेश कश्यप, बस्तर के सांस्कृतिक उत्सव में आने का अनुरोध

नई दिल्ली/रायपुर छत्तीसगढ़ में हर साल आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरे का न्योता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच चुका है. बस्तर सांसद महेश कश्यप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य मुलाकात की और उन्हें विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरे में शामिल होने का निमंत्रण दिया. पीएम मोदी ने इस आमंत्रण को स्नेहपूर्वक स्वीकार करते हुए भरोसा दिलाया कि वे समय निकालकर इस ऐतिहासिक पर्व का हिस्सा बनेंगे. सांसद महेश कश्यप अपनी धर्मपत्नी चंपा कश्यप और सुपुत्री क्षमता कश्यप के साथ प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे थे. मुलाक़ात के दौरान क्षमता कश्यप ने पीएम मोदी को सादर नमस्कार किया, जिस पर प्रसन्न होकर प्रधानमंत्री ने उसे टॉफी भेंट की. इस अवसर पर सांसद ने प्रधानमंत्री को बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक स्मृति चिन्ह भी भेंट किया. उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले ग्यारह वर्षों में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं.

नक्सलियों का खौफनाक खेल: तिरंगा फहराने पर दी मौत की सजा, युवक की हत्या का पर्दाफाश

कांकेर नक्सली हिंसा का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. दो दिन पहले नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर आदिवासी युवक की हत्या की थी. इस घटना की असली वजह अब उजागर हुई है. जानकारी के अनुसार, युवक मनेश नरेटी ने (स्वतंत्रता दिवस) 15 अगस्त को नक्सलियों के स्मारक में तिरंगा फहराया था और भारत माता के जयकारे लगाए थे. इससे बौखलाकर नक्सलियों ने मनेश की हत्या की थी. पूरा मामला कांकेर जिले के बिनागुंडा गांव का है. इस घटना से क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है. छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के बिनागुंडा गांव में सोमवार की रात हथियारबंद नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर आदिवासी युवक मनेश नुरुटी को मौत की सजा सुनाई और बेरहमी से उसकी हत्या की थी. साथ ही माओवादियों ने कई ग्रामीण नेताओं और पुलिस अधिकारियों को भी खुली धमकी दी थी. बताया जा रहा है कि बिनागुंडा गांव के मनेश नुरुटी पर नक्सलियों ने पुलिस के लिए मुखबिरी करने का आरोप लगाया. उसे सोमवार की रात उसके घर से उठाकर गांव के बीच ले गए, जहां ग्रामीणों को मीटिंग के नाम पर पहले से ही इकट्ठा किया गया था. इस कथित जन अदालत में माओवादियों ने दो आदिवासी युवकों की पिटाई की. उन पर पुलिस को जानकारी देने और माओवादी गतिविधियों के बारे में सूचना देने का आरोप लगाया. इसके बाद माओवादियों ने मनेश नुरुटी को मौत के घाट उतार दिया. नक्सलियों ने परतापुर थाना इलाके में बैनर लगाकर इस घटना की जानकारी दी थी. माओवादियों की परतापुर एरिया कमेटी ने ली है हत्या की जिम्मेदारी माओवादियों की परतापुर एरिया कमेटी ने इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लेते हुए पखांजूर थाना के प्रभारी लक्षण केंवट और अन्य पुलिस अधिकारियों पर आदिवासियों को गोपनीय सैनिक के रूप में काम कराने का आरोप लगाया था. साथ ही नक्सलियों ने कोंगे पंचायत के सरपंच रामजी धुर्वा, डीआरजी के जोयो, बुद्धु, आयतू, टुब्बा कोरेटी, धनी और अर्जून ताती को चेतावनी देते हुए उन्हें भी मौत की सजा देने की धमकी दी थी.

झूम तराना महोत्सव: नन्हीं आशिका की चमक, छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य में मिली प्रथम उपाधि

रायपुर नरेंद्र मोदी विचार मंच, कृष्णा पब्लिक स्कूल सरोना और भारत विकास परिषद द्वारा संयुक्त रूप से “झूम तराना महोत्सव” कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में किया गया था. इस कार्यक्रम में रायपुर की 7 वर्षीय बेटी आशिका सिंघल ने सब-जूनियर केटेगरी में छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य में प्रथम स्थान हासिल किया है. बता दें कि आशिका सिंघल महज 7 साल की हैं, लेकिन उन्हें कथक का अच्छा खासा अनुभव है. आशिका ने पहले भी कई बड़े मंचो में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है. वहीं, अब “झूम तराना महोत्सव” कार्यक्रम में उन्होंने छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य में प्रथम स्थान हासिल किया है. “झूम तराना महोत्सव” कार्यक्रम में पूरे राज्य से 300 प्रतिभागी शाम्मिल हुए थे. वही, छत्तीसगढ़ के राज्य गठन 1 नवंबर को राज्योत्सव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना दी आशिका सिंघल के परिवार का उद्देश्य है.

स्कूल प्रार्थना के समय गिरी छात्रा, डॉक्टरों की जांच में ज़हर खाने का खुलासा

बलरामपुर जिले के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां छात्रा जहर खाकर स्कूल पहुंच गई. प्रार्थना के दौरान बेहोश होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसके जहर खाने की बात सामने आई. घटना वाड्रफनगर स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल की है, जहां अध्ययनरत छात्रा प्रार्थना के दौरान बेहोश हो गई. स्कूल स्टॉफ उसे आनन-फानन अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टरों की जांच में कीटनाशक का सेवन करने की बात सामने आई. इस बात से स्कूल स्टॉफ के साथ पालक भी अवाक रह गए. फिलहाल, छात्रा ने किस कारण से कीटनाशक का सेवन किया था, इस बात का खुलासा नहीं हुआ है. मामले की रघुनाथनगर पुलिस जांच में जुटी है.

विष्णुदेव साय का बड़ा कदम : विदेशी उद्यमियों को देंगे छत्तीसगढ़ में निवेश का न्योता

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दिल्ली से देर शाम विदेश दौरे पर जाएंगे। दौरे को लेकर CM साय ने कहा, जापान और साउथ कोरिया का प्रवास रहेगा। बतौर मुख्यमंत्री यह पहला विदेश दौरा होगा। जापान वर्ल्ड एक्सपो का आयोजन है, जिसमें शामिल होंगे। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल्स तीनों क्षेत्र में अच्छा काम हो रहा है। प्रदेश में भी इन क्षेत्रों में अपार संभावनाएं है। प्रदेश की नई उद्योग नीति को लेकर जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए उद्यमियों को आमंत्रित करेंगे। दिल्ली में सीएम साय वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ उनकी पत्नी कौशल्या देवी साय और अधिकारी भी विदेश दौरे पर जा रहे हैं। मंत्री रामविचार नेताम, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल भी सीएम के साथ दिल्ली रवाना हुए। मंत्री गजेंद्र यादव, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सीएम को सीऑफ किया। उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे सीएम साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जापान की ओसाका में वर्ल्ड एक्सपो में उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। सीएम का पहला विदेश दौरा काफी मायनों में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल छत्तसीगढ़ में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ की सरकार इस पर प्रयास कर रही है।

रिश्तेदारी में खून का खेल! 60 हजार में कराई चचेरे भाई की हत्या, साजिश का खुलासा

कोंडागांव जमीन विवाद में चचेरे भाई की हत्या की साजिश रचने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. चचेरे भाई ने षड्यंत्र रचकर 60 हजार रुपए में हत्या की सुपारी दी थी. पूरा मामला कोंडागांव का है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी मो. मजहर अली खान पूर्व में भी जिला दुर्ग एवं थाना कोतवाली कोण्डागांव से कई मामलों में जेल जा चुका है. एसपी वाय. अक्षय कुमार के निर्देशन में व अति. पुलिस अधीक्षक कौशलेन्द्र देव पटेल के मार्गदर्शन में पुलिस की टीम ने हत्या की साजिश रचने वाले 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दरअसल 20 अगस्त 2025 को चोरी संबंधी मामलों में संदेही मो. मजहर अली खान को अभिरक्षा में लेकर थाना कोण्डागांव एवं सायबर की संयुक्त टीम पूछताछ कर रही थी. संदेही का मोबाइल चेक किया गया. संदेही मो. मजहर अली खान के मोबाइल में दहिकोंगा निवासी राजकुमार बघेल के साथ मोबाइल चैट में इनके चचेरा भाई कंवल सिंह बघेल पेसे से वकील की षड़यंत्र पूर्वक हत्या की साजिश रचने की जानकारी प्राप्त हुई. राज कुमार बघेल एवं मो. मजहर अली खान को तलब कर बारिकी से पूछताछ की गई. इस पर राज कुमार बघेल ने बताया कि इसके चचेरा भाई कंवल सिंह बघेल के साथ सन 2021 से जमीन संबंधी विवाद चल रहा है एवं प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है. आरोपी राजकुमार बघेल जमीन संबंधी मामले को लेकर अपने चचेरा भाई कंवल सिंह बघेल का हत्या कराना चाहता था. इसके लिए आरोपी मो. अजहर अली खान को 60 हजार रुपए दिए थे. षड़यंत्र पूर्वक हत्या करने के लिए दोनों मिलकर साजिश रच रहे थे. प्रार्थी कंवल सिंह बघेल पिता स्व. सुकदास बघेल निवासी मिची पारा दहिकोंगा की रिपोर्ट पर थाना कोण्डागांव में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया. दोनों आरोपियों के विरूद्व पर्याप्त साक्ष्य सबूत पाए जाने एवं अपराध करना स्वीकारने पर आज दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया. पकड़े गए आरोपी 1. मो. मजहर अली खान पिता मो. खलील उम्र 42 वर्ष निवासी ग्राम दहिकोंगा, स्थाई पता केलाबाड़ी दुर्ग 2. राज कुमार बघेल पिता दासु राम बघेल उम्र 41 वर्ष निवासी ग्राम दहिकोंगा

सीएम विष्णु देव साय ने सूरजपुर में 211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले के तिलसिवां में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव कार्यक्रम का वर्चुअल रूप से शुभारंभ किया और 211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने सूरजपुर के नए बस स्टैंड स्थित अटल परिसर में भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया तथा किसान मेला सह जैविक मेला का वर्चुअली शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हम सभी रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। यह अवसर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली यात्रा का प्रतीक है। बीते 25 वर्षों में राज्य ने विकास के अनेक आयामों को स्पर्श किया है और अब हमें नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने सभी नागरिकों से एकजुट होकर प्रदेश को प्रगति की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का आह्वान किया।  मुख्यमंत्री साय ने स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटल जी को नमन करता हूँ। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर यहां के लोगों को नई पहचान दी। वे देश और प्रदेश के युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे। मुख्यमंत्री ने वाजपेयी जी के राजनीतिक जीवन, काव्य प्रतिभा और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों का भी स्मरण किया। मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विगत 20 महीनों में मोदी की गारंटी के तहत अनेक जनकल्याणकारी कदम उठाए गए हैं। इनमें धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से, 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता, तेंदूपत्ता संग्राहकों को पुनः चरण पादुका वितरण, किसानों को धान बोनस, 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद, श्रद्धालुओं के लिए रामलला दर्शन योजना, बुजुर्गों के लिए 19 तीर्थ स्थलों की यात्रा और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की स्थापना शामिल है।  मुख्यमंत्री साय ने नक्सल उन्मूलन पर बोलते हुए कहा कि देश के गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त करने के प्रयास तेज गति से चल रहे हैं और मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि कुख्यात नक्सली बसवराजू का सफाया किया गया है तथा बड़ी संख्या में सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने वर्चुअल माध्यम से सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य ने स्थापना के 25 वर्षों में विकास की नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण पर उपस्थित सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की ही देन है। उन्हीं के द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की गई, जिससे गांव-गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ा गया और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि  छत्तीसगढ़ सरकार निरंतर जनहित एवं बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, पुल-पुलियों, पेयजल आपूर्ति और शहरी विकास के क्षेत्र में हुए कार्यों से न केवल ग्रामीण अंचलों में कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि नगरीय निकायों में भी आधारभूत संरचना का तेजी से विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने सूरजपुर जिले को 211 करोड़ 33 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 78 करोड़ 78 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 37 कार्यों का लोकार्पण किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग के 04, लोक निर्माण विभाग (सेतु) के 03, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 20, नगरीय निकाय विभाग के 04, आदिवासी विकास विभाग के 03 तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 03 कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही 132 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से होने वाले 55 कार्यों का भूमि पूजन किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग के 14, लोक निर्माण विभाग (सेतु) के 04, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 22, जल संसाधन विभाग सूरजपुर के 07, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 04, पुलिस विभाग का 01 तथा आदिवासी विकास विभाग के 03 कार्य सम्मिलित हैं। समारोह में मुख्यमंत्री साय ने किसान मेला सह जैविक मेला सह प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण का भी शुभारंभ किया। आयोजित मेले में कृषि यंत्रों, जैविक खाद, कीटनाशक एवं बीज की नवीनतम किस्मों के साथ-साथ विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों को फसल चक्र परिवर्तन, फसल विविधीकरण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने रोजगार से जुड़े ऐसे आयोजनों को युवाओं के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण बताते हुए सभी हितग्राहियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर विभिन्न विभागों की योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। मछली पालन विभाग से आइस बॉक्स व नाव-जाल, समाज कल्याण विभाग से मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, स्वास्थ्य विभाग से वयवंदन, आयुष्मान एवं सिकल सेल कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबी और चेक, महिला एवं बाल विकास विभाग से एलआईसी बॉण्ड, महिला समूहों को ऋण चेक व बकरी पालन हेतु ऋण, कृषि विभाग से सिंचाई पंप, रामतिल बीज और नलकूप-पंप अनुदान प्रदान किए गए। साथ ही एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के 25 हितग्राहियों को रोजगार स्वीकृति आदेश भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रमणी पैकरा, श्रीमती रेखा राजवाड़े, लवकेश पैकरा, सूरजपुर जिले के रेडक्रॉस सोसाइटी अध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।