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अनुशासनहीनता प्रस्ताव के बाद रविंद्र चौबे पहुंचे राजीव भवन, दीपक बैज से हुई बंद कमरे की मुलाकात

रायपुर  “छत्तीसगढ़ की जनता आज भी भूपेश बघेल का नेतृत्व चाहती है’ वाले बयान पर मचे बवाल के बीच पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से मुलाकात की. बैठक के बाद दोनों नेताओं ने तमाम असहमतियों को दरकिनार करते हुए कहा कि कांग्रेस को मजबूत करना हमारा मकसद है. आगामी चुनाव कलेक्टिव लीडरशिप में लड़ी जाएगी. छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से मुलाकात के बाद पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि दीपक बैज कांग्रेस के अध्यक्ष है, हमारा समर्थन उनके साथ है. दीपक बैज के नेतृत्व में मजबूती से कांग्रेस लड़ाई लड़ रही है. भूपेश बघेल के जन्मदिन पर भ्रमपूर्वक बातें कही गई. अगर कुछ बातें कही गई तो वह बात नहीं थी, जो प्रेस में आई. दीपक बैज बहुत ही मैच्योर अध्यक्ष हैं. वहीं दीपक बैज ने महंत के चमचे वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस की बैठक में बहुत सारे मुद्दे थे. बैठक में संगठन सृजन अभियान पर चर्चा की गई. कांग्रेस को मजबूत करना हमारा मकसद है. बैठक में जो बातें हुई, वह घर की बात है, पार्टी की बात है. पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे से मुलाकात का जिक्र पर कहा कि कलेक्टिव लीडरशिप में लड़ने का निर्णय हुआ है. आगे भी कलेक्टिव लीडरशिप से कांग्रेस लड़ाई लड़ेगी. वहीं प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन को चमचा भवन बताते हुए भाजपा के पोस्टर जारी किए जाने पर दीपक बैज ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को अपने भवन का नाम नमक हराम भवन रखना चाहिए.

वैवाहिक दूरी बनी तलाक की वजह, कोर्ट ने पत्नी के व्यवहार को माना अमानवीय

बिलासपुर हाईकोर्ट ने शादी से जुड़े एक मामले में पति की तलाक की अर्जी को स्वीकार करते हुए पत्नी को 15 लाख रुपए स्थायी गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि बिना पर्याप्त कारण वैवाहिक जीवन से दूरी बनाना पति के प्रति क्रूरता की श्रेणी में आता है. मामला कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र का है, जहां रहने वाले दंपती 2011 से अलग रह रहे थे. कोर्ट ने पति की अपील स्वीकार करते हुए फैमिली कोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया और पति को तलाक की डिक्री प्रदान की. मामले की सुनवाई जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की डिवीजन बेंच में हुई. कोर्ट ने कहा कि पत्नी वर्षों से अलग रह रही है, और उसने पति व ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना समेत कई मुकदमे दर्ज कराए थे. कोर्ट ने पत्नी और बेटी के भविष्य को देखते हुए पति को आदेश दिया कि वह 15 लाख रुपये का स्थायी गुजारा भत्ता अदा करे. दरअसल, एसईसीएल में माइनिंग सरदार के पद पर कार्यरत युवक की शादी 11 फरवरी 2010 को हुई थी. कुछ समय बाद उनके घर बेटी ने जन्म लिया. इसके बाद दंपती के बीच विवाद बढ़ने लगे. पति का आरोप था कि पत्नी ने वैवाहिक दायित्व निभाने से इनकार कर दिया और परिवार से अलग रहने का दबाव बनाया. वहीं पत्नी ने आरोप लगाया कि लड़की होने पर ससुरालवालों का व्यवहार बदल गया और उन्होंने पांच लाख रुपये की मांग करते हुए उत्पीड़न शुरू कर दिया. पत्नी ने पति और ससुरालवालों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना (498ए), घरेलू हिंसा और भरण-पोषण के मामले दर्ज कराए. उसने यह भी कहा कि पति और परिवार वालों ने मारपीट की और जान से मारने का प्रयास किया. वहीं पति ने पत्नी पर झूठे मामले दर्ज करने और कोर्ट परिसर में हमला करने तक के आरोप लगाए. सेशन कोर्ट ने 2019 में पति और उनके परिवार को सभी आपराधिक आरोपों से बरी कर दिया. इसके बावजूद पत्नी अलग ही रही. पति ने 2015 में तलाक की अर्जी लगाई थी, लेकिन 2017 में कटघोरा फैमिली कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा था कि पत्नी की ओर से की गई कथित क्रूरता को पति साबित नहीं कर सका. इसके बाद पति ने हाईकोर्ट में अपील दायर की. हाई कोर्ट में जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की डिवीजन बेंच में दोनों पक्षों ने दलील पेश की. कोर्ट ने कहा कि दंपति 2011 से अलग रह रहे हैं. पत्नी ने कई आपराधिक शिकायतें कीं, जिनसे पति को मानसिक यातना झेलनी पड़ी. अलग रहने का कोई वाजिब कारण पत्नी साबित नहीं कर सकी. कोर्ट ने माना कि अब दोनों के बीच पुनर्मिलन की संभावना पूरी तरह खत्म हो चुकी है. इसके साथ ही कोर्ट ने पति को आदेश दिया कि वह छह माह के भीतर पत्नी को 15 लाख रुपए स्थायी गुजारा भत्ता के रूप में अदा करे. इस फैसले के साथ ही 14 साल से लंबित यह विवादित रिश्ता कानूनी रूप से समाप्त हो गया.

गणेश विसर्जन और ईद मिलादुन्नबी को लेकर कलेक्टर-एसपी की संयुक्त बैठक

गणेश विसर्जन और ईद मिलादुन्नबी को लेकर कलेक्टर-एसपी की संयुक्त बैठक त्योहारों में शांति और सौहार्द बनाए रखने दिए सख्त निर्देश मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में आगामी पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डी. राहुल वेंकट और पुलिस अधीक्षक चन्द्रमोहन सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गणेश विसर्जन, ईद मिलादुन्नबी, दशहरा और दीपावली की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने साफ कहा कि परंपरागत स्थलों पर होने वाले आयोजनों के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि गणेश विसर्जन के दौरान ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। जरूरत से अधिक डेसिबल पर डीजे बजाने वालों पर तुरंत कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि शांति समिति से मिले सुझावों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि साम्प्रदायिक सौहार्द और शांतिपूर्ण माहौल बना रहे। एसपी ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी पशु मालिक की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस दौरान नागपुर व बरबसपुर क्षेत्र में ‘गाय मित्र समूह’ बनाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने आरटीओ को आदेशित किया कि यातायात नियम उल्लंघन करने वालों पर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई में तेजी लाएं। बिना हेलमेट व बिना सीटबेल्ट वाहन चलाने वालों पर चालान के साथ-साथ लाइसेंस रद्द करने जैसे कठोर कदम उठाने पर जोर दिया गया। बैठक में खोंगापानी में नई पुलिस चौकी हेतु भूमि आवंटन पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर और एसपी ने सभी एसडीएम व तहसीलदारों को आपसी समन्वय बनाकर त्योहारों पर सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर विनायक शर्मा, श्रीमती नम्रता आनंद डोंगरे, चिरमिरी सीएसपी दीपिका मिंज, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती इंदिरा मिश्रा, एसडीएम लिंगराज सिदार, शशि शेखर मिश्रा, विजयेन्द्र सारथी, तहसीलदार, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

भरतपुर में सड़क सुरक्षा वाद-विवाद प्रतियोगिता संपन्न, विजेताओं को चेक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा की महत्ता पर जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 23 अगस्त 2025 को स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश स्कूल भरतपुर के ऑडिटोरियम हॉल में विकासखंड स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में भरतपुर विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों से आए कुल 24 प्रतिभागियों ने “सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा” विषय पर पक्ष एवं विपक्ष में अपने प्रभावशाली विचार रखे। निर्णायक मंडल द्वारा घोषित परिणामों में सेजेस भरतपुर के शिवेन्द्र तिवारी ने प्रथम स्थान, न्यू लाइफ इंग्लिश स्कूल जनकपुर के आर्जव जैन ने द्वितीय तथा वंदना शिक्षा निकेतन जनकपुर की कु. नव्या गुप्ता ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं सांत्वना पुरस्कार के लिए सेजेस भरतपुर के हंसल शर्मा, कन्या उ.मा.वि. जनकपुर की कु. अर्पिता तिग्गा तथा उ.मा.वि. कंजिया के अरविन्द कुमार वर्मा का चयन किया गया। प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त छात्र को ₹2500, द्वितीय को ₹2000, तृतीय को ₹1500 तथा सांत्वना पुरस्कार पाने वाले तीनों विद्यार्थियों को ₹1000-₹1000 के चेक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी मो. इस्माइल खान, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक देवेंद्र गुप्ता, नगर पंचायत जनकपुर उपाध्यक्ष नीलेश मिश्रा, सी.ए.सी. भरतपुर अभिषेक दुबे, सेजेस भरतपुर के प्राचार्य दीपक सिंह बघेल सहित शिक्षकगण एवं स्टाफ मौजूद रहे। निर्णायक मंडल में सुशील कुमार सिंह, देवानीश टोप्पो और श्रीमती शिल्पी सिंह परिहार शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन अतुल कुमार सिंह ने किया। वक्ताओं ने अपने संदेश में कहा कि सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा का मूल मंत्र है। विद्यार्थियों के विचार निश्चित रूप से समाज को जागरूक बनाने में सार्थक सिद्ध होंगे।

जश्नें ईद मिलादुन्नबी क्यों मनाई जाती है?

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी ईद मिलादुन्नबी मुसलमानों का एक बहुत ही पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार है। यह दिन हमारे प्यारे नबी हज़रत मोहम्मद ﷺ की पैदाइश (आमद) की खुशी में मनाया जाता है। हज़रत मोहम्मद ﷺ का जन्म 12 रबीउल अव्वल को मक्का शरीफ़ में हुआ था। इसीलिए इस दिन को बड़ी अकीदत और मोहब्बत के साथ पूरी दुनिया के मुसलमान मनाते हैं। इस दिन लोग नबी ﷺ की महान शिक्षाओं और उपदेशों को याद करते हैं। आपने इंसानियत को बराबरी, भाईचारा, इंसाफ और सच्चाई का रास्ता दिखाया। अंधकार और बुराइयों से निकालकर लोगों को रोशनी और हिदायत का पैग़ाम दिया। इसलिए आपको रहमतुल्लिल आलमीन यानी सारी दुनिया के लिए रहमत कहा गया। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर मस्जिदों को सजाया जाता है, जुलूस निकाले जाते हैं, दरूद और सलाम पढ़े जाते हैं तथा सीरत-ए-नबी ﷺ के जलसे आयोजित किए जाते हैं। लोग गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करते हैं और खैरात बाँटते हैं। ईद मिलादुन्नबी हमें यह संदेश देती है कि हम सिर्फ जश्न न मनाएँ बल्कि नबी ﷺ की बताई हुई राह पर चलें। उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारें, तभी सच्ची मोहब्बत और अकीदत साबित होगी। ईद मिलादुन्नबी का असली मकसद यह है कि हम नबी ﷺ की पैदाइश की खुशी मनाते हुए उनके बताए रास्ते पर चलें और दुनिया में अमन, भाईचारा और इंसाफ का पैग़ाम फैलाएँ।

सोशल मीडिया साज़िश के खिलाफ भाजयुमो आक्रामक, मनेंद्रगढ़ कोतवाली में दी बड़ी चुनौती

मनेंद्रगढ़/एमसीबी भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा के खिलाफ सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही झूठी, भ्रामक और सुनियोजित अफवाहों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजयुमो पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सिटी कोतवाली मनेंद्रगढ़ में पहुंचकर थाना प्रभारी सुनील तिवारी को एफआईआर हेतु आवेदन सौंपते हुए अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। भाजयुमो का कहना है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाकर प्रदेश अध्यक्ष की छवि धूमिल करने की साज़िश किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि दोषियों पर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो युवा मोर्चा उग्र आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा। इस दौरान प्रदेश पदाधिकारी कोमल पटेल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अंकित शर्मा, जिला महामंत्री हिमांशू श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष जलील शाह, मंडल अध्यक्ष आदित्य अग्रवाल, महेश चक्रधारी, रोहित यादव, अजय पटेल, दिनेश सिंह, शिवेंद्र केवट सहित बड़ी संख्या में भाजयुमो कार्यकर्ता मौजूद रहे।

नई लेदरी वार्ड 9 में गणेश पूजा पर धूमधाम

नई लेदरी वार्ड 9 में गणेश पूजा पर धूमधाम जागरण, बच्चों का डांस और फैंसी ड्रेस कार्यक्रम बना आकर्षण मनेन्द्रगढ़/एमसीबी नगर पंचायत नई लेदरी वार्ड नंबर 9 में गणेश पूजा के अवसर पर भव्य जागरण का आयोजन किया गया। इस मौके पर बच्चों ने डांस और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। नन्हें-मुन्नों ने देवी-देवताओं का रूप धारण कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान मनेन्द्रगढ़ के मंजीत सिंह और वार्ड पार्षद विकाश दिवान (जूडो) ने अपनी प्रस्तुति से भक्तिमय माहौल बना दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों पर वार्डवासियों ने जमकर तालियां बजाईं और आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की। समापन अवसर पर अध्यक्ष, पार्षद और वार्ड के वरिष्ठ नागरिकों के हाथों से बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इस पहल से पार्षद की सराहना करते हुए वार्डवासियों ने उन्हें धन्यवाद दिया।

रेस्क्यू में बहादुरी दिखाने वाले युवाओं का कलेक्टर-एसएसपी ने किया सम्मान

मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन टावर में मौजूद सभी  लोगों को सुरक्षित निकाला गया कलेक्टर ने कहा कि ऐसे जाबांज युवा समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत रायपुर राजधानी के बेबीलॉन टावर में बीते रात अचानक आग लगने की घटना पर जिला प्रशासन-पुलिस और विशेष कर कुछ साहसी युवाओं के प्रयासों और सूझबूझ से बिना जनहानि के काबू पा लिया गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरोस् को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने आज सम्मानित किया। गौरतलब है कि बेबीलॉन टावर में आग लगने की घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को त्वरित रूप से राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को यह विशेष रूप से हिदायत दी थी कि इस अग्नि दुर्घटना में जनहानि न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। बेबीलॉन टावर में आग लगने की सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ-साथ अग्निशमन का अमला तेजी से मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य जुट गया। बेबीलॉन टावर में फसे लोगों को समय रहते ही सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते इस दुर्घटना में जनहानि नहीं हुई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री और सीएम सचिवालय के अधिकारी पल-पल की जानकारी लेते रहे।     इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरो को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने शॉल और किताब देकर सम्मानित किया और कहा कि यह सारे लोग समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत है। हमारे शहर के गौरव हैं, जिन्होंने अपने जान की परवाह किए बिना फंसे लोगों को बचाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया। इनमें श्री सोमेश साव, श्री देवाशीष बरिहा, श्री आकाश साहू, श्री विशाल यादव, श्री अभिषेक सिन्हा श्री ए.वेनूगोपाल शामिल थे। जिला सेनानी अधिकारी श्री पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने भी इस दुर्घटना की रोकथाम और बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।          कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि इन जांबाज़ बच्चों ने अपने समाज की संस्कृति और परिवार के संस्कारों को प्रदर्शित किया है कि कठिन परिस्थितियों में अपनी चिंता न कर दूसरों की चिंता करें एवं इनके माता-पिता वंदनीय हैं जिन्होंने अपनी संतानों की इतनी अच्छी परवरिश की, जो अपने समाज के समक्ष उदाहरण बनकर उभरें हैं। कलेक्टर ने कहा कि कल रात घटना की जानकारी मिली तो एसएसपी और मैं एयरपोर्ट में थे। चूंकि मुख्यमंत्री श्री साय का आगमन होना था। मुख्यमंत्री ने हमें तुरंत घटना स्थल पर जा कर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुड़ जाने का निर्देश दिए। इसके तुरंत बाद घटना स्थल पर पहुंच गए। उस दौरान नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे, जिला सेनानी अधिकारी श्री पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई और सहित प्रशासनिक अमला और एसडीआरएफ की टीम आग बुझााने के काम में डटे थे। रेस्क्यू टीम ने आग लगे स्थल से एक दिव्यांग व्यक्ति को गोद में लेकर बाहर निकाला।     घटना की सूचना मिलते ही पहले एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे और जिला सेनानी श्री पुष्पराज सिंह घटना स्थल पहंुच गए। परिस्थियों को देखते हुए वे दोनो टीम के साथ 7वे माले पर पहुंच गए और उपस्थित लोंगो को समझाया कि घबराएं नही और सावधानी बरते हुए सीढ़ियों से बाहर निकलने का रास्ता बताया, जिससे सभी लोग सुरक्षित तरीके से बाहर निकल आए।   श्री सोमेश सहित युवाओं ने अपनी जान की नही की परवाह, बचाई जानें श्री सोमेश साव ने बताया कि उनके मित्र ने फोन कर आगजनी की सूचना देकर सहायता करने को कहा वे 10 मिनट के भीतर घटनास्थल पहुंच गए। वहां पहंुच कर बेसमेंट में मौजूद फायर एक्यूपमेंट को इकठ्ठा किया और सीढ़ियों से उपर चढते हुए सभी फ्लोर पर लगे आग बुझाते चले गए। उन्होंने नगर निगम कर्मचारी श्री ए. वेनूगोपाल, जो फायर ब्रिगेड में थे, उन्होंने उन युवाओं को गीले कपड़े के मास्क के रूप में उपयोग करने को कहा। कुछ देर बाद श्री सोमेश, श्री ए. वेनूगोपाल आग लगी जगह पर पहुंच गए और टीम के साथ फसें लोगों को बाहर निकालने में मदद की।

महिलाएँ हर क्षेत्र में कर रही प्रदेश का नाम रोशन: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

रायपुर : लोकपरंपराएं एवं संस्कृति समाज को जोड़ने का बेहतर माध्यम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय महिलाएँ हर क्षेत्र में कर रही प्रदेश का नाम रोशन: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तीजा महिलाओं का मायका से जुड़ी यादों को तरोताजा करने का पर्व – राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा राजस्व मंत्री निवास में तीजा मिलन, गीत-संगीत और लोकनृत्य से गूंजा वातावरण रायपुर सावन-भादो में छत्तीसगढ़ की धरती पर पारंपरिक उत्सवों का विशेष महत्व रहता है। इसी क्रम में आज राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के निवास में तीजा मिलन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा, गीत-संगीत और लोकनृत्य की अनूठी छटा देखने को मिली। महिलाएँ पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर लोकगीतों की मधुर धुनों से वातावरण को उल्लासमय बना रही थीं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीजा मिलन को समाज की एकता और संस्कृति की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए आस्था और विश्वास का पर्व है। महिलाएँ इस दिन पति की लंबी आयु और परिवार की समृद्धि के लिए व्रत करती हैं। हमारी लोकपरंपराएँ समाज को जोड़ती हैं और यही हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कजली एकादशी जैसे पर्व केवल धार्मिक महत्व नहीं रखते, बल्कि समाज में भाईचारे और एकता का संदेश भी देते हैं। उन्होंने राज्य के विकास की दिशा में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास की भावना को मार्गदर्शक बताया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान लोक संस्कृति एवं त्योहारों से होती है। यहाँ की महिलाएँ न केवल परिवार और समाज को संवार रही हैं, बल्कि शिक्षा, राजनीति, सेवा और हर क्षेत्र में योगदान देकर प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं को संस्कृति की संरक्षक बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि आज तीजा मिलन समारोह में प्रदेश की संस्कृति और परंपरा के रंगों का संगम देखने को मिला। पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएं मायका में उपवास करती है। महिलाओं को मायका से जुड़ी यादों को तरोताजा करने का पर्व होता है। तीजा मिलन कार्यक्रम में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन परोसे गए। लोकनृत्य और गीतों ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया। महिलाएँ एक-दूसरे को तीजा की बधाइयाँ देती रहीं। यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएँ आज भी समाज के ताने-बाने को मजबूती प्रदान कर रही हैं। तीजा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि महिलाओं की शक्ति, सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है। कार्यक्रम में मंत्रिमंडल के सदस्य आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री राम विचार नेताम, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल, वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव,पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, श्रीमती कमलेश जांगड़े और विधायक अनुज शर्मा, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने महिलाओं को तीजा की शुभकामनाएँ दीं और उन्हें समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

पशुहानि व फसल क्षति के लिए 02 लाख 57 हजार रुपये की सहायता राशि की प्रदान

रायपुर बलरामपुर जिले में लुत्ती डैम टूटने से हुए हादसे के बाद कृषि मंत्री रामविचार नेताम स्वयं घटना स्थल पहुंचे। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। मंत्री नेताम ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में शासन-प्रशासन उनके साथ खड़ा है। मौके पर ही उन्होंने अधिकारियों से चर्चा कर पशुहानि व फसल क्षति की जानकारी ली और तत्काल मुआवजा राशि का चेक प्रदान किया। इस दौरान कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे। मंत्री नेताम ने प्रभावित परिवारों से संवाद कर घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस आपदा से हुए क्षति की भरपाई भले ही पूरी तरह संभव नहीं है, लेकिन राज्य सरकार हर संभव मदद सुनिश्चित करेगी। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि मकान क्षति, फसल हानि और पशु हानि का विस्तृत सर्वे कर नियमानुसार शीघ्र मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य में लगातार जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीम लगी हुई हैं। साथ ही घायलों के बेहतर ईलाज का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को अस्थायी आवास, भोजन, पानी, चिकित्सकीय सुविधा प्राथमिकता से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं इस घटनाक्रम की जानकारी ली है और स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि पीड़ि़त परिवार को हर संभव सहयोग व सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में आपके साथ खड़ी है। इस दौरान मंत्री नेताम के द्वारा प्रभावित परिवार देवंती, संदीप, फुलमतिया को सहयोग राशि प्रदान किया गया। साथ ही उन्होंने पशुहानि के लिए गांगरेल को 64 हजार रुपये, कन्हाई को 37,500 हजार रुपये, खिलबानुस को 32 हजार एवं फसल क्षति के लिए राजेश्वर सिंह को 8,500 रुपये, सुखदेव को 7,520 रुपये, सुरेश को 7,520 रुपये संदीप को 01 लाख रुपये, कुल 02 लाख 57 हजार 40 रुपये का मुआवजा राशि प्रदान किया। आवागमन बहाल करने शुरू हुआ कार्य हादसे से न केवल ग्रामीणों की फसल और पशुधन को नुकसान पहुंचा, बल्कि आधारभूत संरचना भी प्रभावित हुई है। बांध का पानी बहने से बांध के नीचे डाउनस्ट्रीम साइड में वर्ष 2014 में निर्मित मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बने दो पुल एवं सड़क को भारी क्षति पहुंची है। दोनों पुल बह जाने से क्षेत्र के आवागमन को सुचारू बनाए रखने कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के आदेशानुसार दोनों पुलों के स्थान पर अस्थायी डायवर्सन निर्माण का कार्य  प्रारंभ कर दिया गया है। वर्तमान में यह कार्य तेजी से प्रगतिरत है और प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द आवागमन को सुचारू किया जा सके ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।