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36 खिलाड़ियों के दल ने बढ़ाया प्रदेश का मान, नेशनल यूथ म्यूथाई में जीते 17 मेडल

रायपुर. उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित नेशनल यूथ म्यू थाई चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ के 36 सदस्यीय दल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया. देश के 26 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों से आए करीब 900 खिलाड़ियों के बीच हुए कड़े मुकाबलों में छत्तीसगढ़ ने 7 स्वर्ण, 4 रजत और 6 कांस्य सहित कुल 17 पदक जीतकर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई. प्रतियोगिता में मेघालय ओवरऑल चैंपियन रहा, जबकि असम दूसरे स्थान पर रहा.चैंपियनशिप के अंतिम दिन फाइनल मुकाबलों में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया. रायपुर की समिधा अग्रवाल ने मिजोरम की प्रतिद्वंद्वी को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, वहीं संजीत मोहंती को मुकाबला ‘नो कॉन्टेस्ट’ घोषित होने के बाद गोल्ड मेडल मिला. बालोद (दल्लीराजहरा) की काप्सा गुप्ता ने बिहार की खिलाड़ी को मात देकर स्वर्ण पदक जीता. इसके अलावा बालोद की साधिका दुबे और हिमानी दरसेना ने ‘वाई क्रू’ एकल स्पर्धा के अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल कर राज्य के स्वर्ण पदकों की संख्या सात तक पहुंचा दी.

308 करोड़ के केशकाल घाट बायपास का उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने किया निरीक्षण, कार्यों की प्रगति परखी

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 308 करोड़ की लागत से बन रहे केशकाल घाट बायपास रुट का किया निरीक्षण कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश रायपुर  उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर बहुप्रतीक्षित केशकाल घाट फोरलेन बायपास रुट का निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के साथ बायपास के दोनों छोरों का निरीक्षण कर बायपास के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। साव ने अधिकारियों से कहा कि बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए यह बायपास अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका तेजी से निर्माण कर आवाजाही शुरू करना सरकार की प्राथमिकता में है। 11.38 किमी का है बायपास, 2 वृहद और 2 मध्यम पुल भी बनेंगे लोक निर्माण विभाग द्वारा 308 करोड़ रुपए की लागत से 11.38 किमी लंबे केशकाल घाट बायपास का निर्माण किया जा रहा है। इस बायपास में दो वृहद और दो मध्यम पुल भी बनाए जाएंगे। केशकाल-सलना सड़क मजबूतीकरण कार्य का भी किया निरीक्षण उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कोंडागांव जिले के केशकाल शहर में केशकाल से सलना तक सड़क मजबूतीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए। साव नजदीक के बेड़मा गांव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। विधायक नीलकंठ टेकाम और कलेक्टर श्रीमती नुपुर राशि पन्ना भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।

विकास कार्यों की प्रगति पर सीएम साय की नजर, पांच जिलों के अधिकारियों संग करेंगे अहम बैठक

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज गरियाबंद में पांच जिलों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक करेंगे. जिला पंचायत के सभा कक्ष में दोपहर 3:30 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित होगी. जिला पंचायत के सभा कक्ष में दोपहर 3:30 बजे से होने वाली इस बैठक में गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, धमतरी और रायपुर जिले में संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी. बैठक में संबंधित जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. साथ ही क्षेत्र के सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे, जिनके साथ मुख्यमंत्री योजनाओं के क्रियान्वयन और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे.

पेड़ लगाकर मनाया पर्यावरण दिवस, जिंदल स्टील मशीनरी डिवीजन रायपुर ने दिखाई हरियाली के प्रति प्रतिबद्धता

जिंदल स्टील लिमिटेड, मशीनरी डिवीजन, रायपुर ने वृक्षारोपण अभियान के साथ विश्व पर्यावरण दिवस मनाया रायपुर,  विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिंदल स्टील लिमिटेड, मशीनरी डिवीजन, रायपुर द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए परिसर में पौधारोपण किया। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा प्रकृति की रक्षा और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री निलेश शाह, प्रमुख – मशीनरी डिवीजन ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कर्मचारियों से अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार अपनाने का आह्वान किया। श्री सूर्योदय दुबे, प्रमुख – मानव संसाधन (एचआर), रायपुर ने कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए संगठन की सतत विकास एवं सामुदायिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान देती है, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की संस्कृति को भी बढ़ावा देती है। वृक्षारोपण अभियान में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम का समापन स्वच्छ, स्वस्थ एवं हरित पर्यावरण के निर्माण हेतु निरंतर हरित पहलों का समर्थन करने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान देने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

पति की जिम्मेदारी बरकरार: पत्नी ज्यादा कमाती हो तब भी कानूनी और यात्रा खर्च देना होगा

 बिलासपुर  हाई कोर्ट ने वैवाहिक विवादों में अंतरिम भरण-पोषण और मुकदमे के खर्च को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि पत्नी सरकारी नौकरी में हो और उसकी आय पति से अधिक हो, तब भी उसे अदालती कार्यवाही में शामिल होने के लिए आवश्यक यात्रा, भोजन और मुकदमे का खर्च पाने का अधिकार है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभू दत्त गुरु की खंडपीठ ने सूरजपुर कुटुंब न्यायालय के आदेश को सही ठहराते हुए पति आशीष राय की अपील खारिज कर दी। क्या है पूरा मामला? मामले के अनुसार अंबिकापुर निवासी आशीष राय और विश्रामपुर निवासी अंजलि राय के बीच वैवाहिक विवाद चल रहा है। पति ने सूरजपुर कुटुंब न्यायालय में तलाक की याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान पत्नी ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 के तहत अंतरिम भरण-पोषण और मुकदमे के खर्च की मांग की।  

मिलेट से बढ़ी आय, किसानों के जीवन में आई खुशहाली श्री अन्न की खेती बन रही लाभ का नया माध्यम

रायपुर  छत्तीसगढ़ और पूरे भारत में मिलेट्स (मोटा अनाज) की खेती किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। कम लागत, कम पानी और बंजर भूमि में भी बेहतरीन पैदावार देने के कारण मिलेट्स किसानों की आय बढ़ा रहे हैं और उनके जीवन में खुशहाली ला रहे हैं । कभी पारंपरिक भोजन का हिस्सा रहे रागी (मड़िया), कोदो और कुटकी जैसे मोटे अनाज आज पूरी दुनिया में ‘सुपर फूड’ के रूप में पहचान बना चुके हैं। पौष्टिक गुणों से भरपूर ये अनाज अब घरों के साथ-साथ होटलों और रेस्टोरेंटों में भी पसंद किए जा रहे हैं। बढ़ती मांग और बेहतर बाजार मूल्य ने किसानों के लिए मिलेट (श्री अन्न) की खेती को लाभकारी बना दिया है। शासन की पहल से बढ़ा श्री अन्न का महत्व         केंद्र और राज्य सरकार द्वारा मिलेट फसलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता प्रदान की जा रही है। समर्थन मूल्य में वृद्धि और बाजार उपलब्धता के कारण अब अधिक किसान श्री अन्न की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। कृषि उन्नति योजना से मिली नई दिशा          जिले के ग्राम पोटाली और नहाड़ी के दो युवा किसानों ने कृषक उन्नति योजना का लाभ लेकर मिलेट उत्पादन में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उनकी मेहनत और योजना से मिली सहायता ने उनकी आय में बड़ा बदलाव लाया है। दिलीप मरकाम ने कोदो-कुटकी से कमाए डेढ़ लाख रुपये          ग्राम पोटाली के धुरवा पारा निवासी किसान दिलीप मरकाम ने इस वर्ष अपने खेत में कोदो-कुटकी की खेती कर लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये का लाभ अर्जित किया। वे अपने 17 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में कोदो-कुटकी के साथ धान और सब्जियों का उत्पादन भी करते हैं। दिलीप ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष 88 क्विंटल धान बेचकर लगभग 2 लाख 72 हजार रुपये की आय प्राप्त की। खेती को आधुनिक बनाने के लिए उनके पास पावर टिलर जैसे कृषि यंत्र भी उपलब्ध हैं। वे अपनी आय का एक हिस्सा खेती के विकास और नई तकनीकों को अपनाने में निवेश करना चाहते हैं। हलदर हेमला की मेहनत भी लाई रंग          ग्राम नहाड़ी के किसान हलदर हेमला ने भी कोदो-कुटकी की खेती से उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। उन्होंने इस फसल से लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये का लाभ कमाया। उनका कहना है कि मिलेट की खेती कम लागत में बेहतर आय देने वाली फसल साबित हो रही है। किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही योजना         दिलीप मरकाम और हलदर हेमला का मानना है कि कृषक उन्नति योजना मोटे अनाज उत्पादक किसानों के लिए बेहद लाभकारी है। योजना के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहन मिलने से श्री अन्न की खेती का रकबा बढ़ रहा है और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। स्वास्थ्य और समृद्धि का संगम है श्री अन्न कोदो, कुटकी और रागी जैसे मोटे अनाज कैल्शियम, आयरन और फाइबर से भरपूर होते हैं। ये ग्लूटेन मुक्त होने के कारण आसानी से पच जाते हैं तथा स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हैं। यही कारण है कि इनकी मांग लगातार बढ़ रही है और किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है। सफलता की सीख      पारंपरिक फसलों को आधुनिक बाजार से जोड़कर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। दिलीप मरकाम और हलदर हेमला की सफलता यह साबित करती है कि शासन की योजनाओं और मेहनत के साथ श्री अन्न की खेती ग्रामीण समृद्धि का मजबूत आधार बन सकती है।

सुकमा के किसान पुत्र ने रचा इतिहास JEE एडवांस में 634वीं रैंक हासिल कर बारसे रोशन ने बढ़ाया जिले का गौरव

रायपुर  सुदूर वनांचल और नक्सल प्रभावित क्षेत्र सुकमा के एक किसान परिवार के बेटे ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी सफलता हासिल कर पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। झापरा क्षेत्र के निवासी बारसे रोशन ने देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE एडवांस 2026 में कैटेगरी रैंक 634 प्राप्त कर यह साबित कर दिया कि संसाधनों की कमी कभी भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती। सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने      बारसे रोशन एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके माता-पिता खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद रोशन ने पढ़ाई को अपना लक्ष्य बनाया और कठिन परिश्रम के बल पर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। जिला प्रशासन बना मजबूत सहारा      रोशन की उपलब्धि पर जिला प्रशासन ने उनका सम्मान किया। तुंगल डेम में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर  अमित कुमार ने शाल एवं फल भेंटकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर कलेक्टर ने घोषणा की कि रोशन की उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक संसाधनों की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। जिला प्रशासन उनकी आगे की पढ़ाई की पूरी फीस का वहन करेगा, जिससे वे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में बिना किसी आर्थिक चिंता के अध्ययन कर सकें। ‘क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूट’ से मिला सफलता का मार्ग          सुकमा जिले में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा ‘क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूट’ का संचालन किया जा रहा है। कलेक्टर  अमित कुमार और मुख्य कार्यपालन अधिकारी  मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में संचालित यह पहल ग्रामीण और आदिवासी विद्यार्थियों के लिए नई उम्मीद बन रही है। जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन तथा नोडल अधिकारी के सतत पर्यवेक्षण में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। शिक्षकों और टीम के समर्पण का परिणाम          बारसे रोशन की सफलता के पीछे संस्थान के शिक्षकों और प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संस्थान के प्रबंधक  सूरज सिंह ने विद्यार्थियों के लिए अनुशासित और प्रतिस्पर्धात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार किया। वहीं, शिक्षकों ने विद्यार्थियों को विषयगत ज्ञान के साथ परीक्षा रणनीति और निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया। उनके प्रयासों ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास जगाया और सफलता की राह आसान बनाई। शासन की शिक्षा उन्मुख पहल का सकारात्मक परिणाम           यह सफलता दर्शाती है कि शासन और जिला प्रशासन की शिक्षा केंद्रित योजनाएं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग जैसी सुविधाएं ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद कर रही हैं। सुकमा के युवाओं के लिए प्रेरणा बने बारसे रोशन  बारसे रोशन की उपलब्धि आज सुकमा के हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। वन एवं प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप ने भी रोशन को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। जिला प्रशासन ने विश्वास जताया है कि आने वाले वर्षों में सुकमा से ऐसे अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थी निकलेंगे, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

सभी 194 निकायों में एक ही दिन होगी बैठक, नोडल अधिकारी निकायों के कार्यों की करेंगे समीक्षा

रायपुर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव  शंगीता आर. ने गुरुवार को राज्य के सभी 194 नगरीय निकायों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) सहित पांच प्रमुख शहरी विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन, वित्तीय प्रगति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तथा निर्धारित समय-सीमा के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान आवास निर्माण की प्रगति, आधिपत्य की स्थिति तथा हितग्राहियों के साथ समन्वय जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सचिव  शंगीता आर. ने स्पष्ट किया कि पीएम आवास योजना (शहरी) 1.0 के अंतर्गत सितंबर 2026 अंतिम समय-सीमा है और इसके बाद किसी प्रकार की समयवृद्धि नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा के पश्चात केंद्र अथवा राज्य शासन से कोई अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं होगी। ऐसे में परियोजनाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक वित्तीय भार संबंधित नगरीय निकायों को स्वयं वहन करना होगा। सचिव ने सभी नगरीय निकायों को निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण करने तथा पात्र हितग्राहियों तक योजना का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी लाने, हितग्राहियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने तथा हितग्राही अंश की वसूली को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। साथ ही योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, नियमित समीक्षा और लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कमजोर प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों को कार्यों में तेजी लाने तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि लगातार खराब प्रदर्शन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन, मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना तथा अन्य शहरी विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। इस दौरान भूमि उपलब्धता, परियोजनाओं की प्रगति तथा निर्माण गुणवत्ता से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई। सचिव ने सभी बाधाओं के त्वरित निराकरण, प्रक्रियाओं के मानकीकरण तथा जलापूर्ति, स्वच्छता और अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। योजनाओं की जमीनी स्तर पर निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए सभी राज्य स्तरीय नोडल अधिकारियों को अपने-अपने आवंटित जिलों के नगरीय निकायों का नियमित भ्रमण करने के निर्देश दिए गए हैं। पहली बार 6 जून को सभी नोडल अधिकारी अपने जिलों में पहुंचकर योजनाओं की प्रगति, चुनौतियों और क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगे। इस पहल का उद्देश्य योजनाओं की प्रभावी निगरानी, समस्याओं के त्वरित समाधान तथा मैदानी स्तर पर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। बैठक में वार्ड-स्तरीय डेटा मॉनिटरिंग को मजबूत करने, स्वीकृत परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा जिला प्रशासन और नगरीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष बल दिया गया। सचिव  शंगीता आर. ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शहरी विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, निर्मित परिसंपत्तियों के अधिकतम उपयोग और परिणाम-आधारित कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

नवा रायपुर में 20 हजार से अधिक पीपल के पेड़ लगाने का लक्ष्य, बनेगी ‘पीपल सिटी’

रायपुर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा राजधानी रायपुर में आयोजित संगोष्ठी एवं पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी शामिल हुए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव मती आर. संगीता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा विकसित सीजी निगरानी पोर्टल, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन विषयक फिल्म, मंडल की 25 वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म, मंडल की नवीन वेबसाइट तथा ईको क्लब गतिविधियों पर आधारित स्मारिका का लोकार्पण किया गया। भारतीय संस्कृति प्रकृति के संरक्षण और सह-अस्तित्व पर आधारित             मंत्री  ओपी चौधरी ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। इन समस्याओं का मूल कारण प्रकृति के साथ असंतुलित विकास मॉडल है। भारतीय संस्कृति सदैव प्रकृति के संरक्षण और उसके साथ सह-अस्तित्व की भावना पर आधारित रही है। यहां नदियों, पर्वतों, वृक्षों और जीव-जंतुओं तक को पूजनीय माना गया है। हमारी परंपरा प्रकृति के उपयोग की बात करती है, शोषण की नहीं।          मंत्री  चौधरी ने कहा कि भारत हजारों वर्षों तक विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था रहा, लेकिन उस दौर में पर्यावरण संकट, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसे विषयों पर चर्चा की आवश्यकता नहीं पड़ी, क्योंकि विकास का आधार प्रकृति के साथ संतुलन था। औद्योगिक क्रांति के बाद दुनिया ने जिस विकास मॉडल को अपनाया, वह प्रकृति के अत्यधिक दोहन पर आधारित रहा और आज उसके दुष्परिणाम पूरी मानवता भुगत रही है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य की नहीं, वर्तमान की चुनौती बन चुका है। असामान्य वर्षा, बढ़ती गर्मी, सूखा और बाढ़ जैसी घटनाएं इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। प्रकृति के साथ अन्याय का परिणाम अंततः मानव समाज को ही भुगतना पड़ता है। पर्यावरण संरक्षण में तकनीक का उपयोग बढ़ाया           मंत्री  चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने पर्यावरणीय निगरानी और प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। औद्योगिक इकाइयों की चिमनियों से निकलने वाले उत्सर्जन की ऑनलाइन निगरानी के लिए आधुनिक प्रणाली विकसित की गई है, जिससे प्रदूषण स्तर बढ़ते ही विभाग को तत्काल जानकारी मिलती है और त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है। उन्होंने बताया कि फ्लाई ऐश के सुरक्षित परिवहन और निपटान के लिए जीपीएस आधारित ट्रैकिंग प्रणाली लागू की गई है। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया है कि अन्य राज्यों का फ्लाई ऐश छत्तीसगढ़ में डंप न किया जाए। खतरनाक अपशिष्टों के प्रबंधन को लेकर भी राज्य सरकार ने सख्त और नैतिक निर्णय लिए हैं, ताकि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। नवा रायपुर बनेगा ‘पीपल सिटी           चौधरी ने वृक्षारोपण की वर्तमान पद्धतियों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिकता के लिए पौधे लगाने के बजाय स्थानीय और पर्यावरण की दृष्टि से उपयोगी वृक्षों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पीपल, नीम, आम और अन्य देशी वृक्ष पर्यावरण संरक्षण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि रायपुर कलेक्टर रहते हुए उन्होंने “पीपल फॉर पीपल” अभियान प्रारंभ किया था। अब नवा रायपुर में 20 हजार से अधिक पीपल के वृक्ष लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां किसी भी दिशा में देखने पर पीपल का वृक्ष दिखाई देगा। बच्चों में विकसित करनी होगी पर्यावरणीय संवेदनशीलता       आवास एवं पर्यावरण मंत्री  चौधरी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल बड़े अभियानों से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी आदतों से           आवास एवं पर्यावरण मंत्री  चौधरी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल बड़े अभियानों से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी आदतों से शुरू होता है। अनावश्यक बिजली की बचत, प्लास्टिक के उपयोग में कमी, पौधों की सही देखभाल और स्थानीय प्रजातियों के पौधों का वृक्षारोपण जैसी आदतें समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं। उन्होंने शिक्षकों और ईको क्लब समन्वयकों से आग्रह किया कि वे बच्चों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करें। आने वाली पीढ़ी की सोच बदलकर ही पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में स्थायी परिवर्तन लाया जा सकता है। सस्टेनेबिलिटी में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं           मंत्री  चौधरी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सर्कुलर इकोनॉमी, अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक रिसाइक्लिंग, हरित प्रौद्योगिकी और सतत विकास आधारित स्टार्टअप भविष्य के सबसे बड़े अवसरों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि रोजगार, नवाचार और उद्यमिता का भी बड़ा क्षेत्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने करियर और उद्यमों को सस्टेनेबिलिटी के सिद्धांतों से जोड़ें और पर्यावरणीय चुनौतियों को अवसर में बदलने का प्रयास करें। विविध कार्यक्रमों का हुआ आयोजन             कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण विषयक प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा तुलसी पौधे को जल अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मिशन लाइफ की शपथ दिलाई गई तथा विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक “किस्सा लकड़ी का” ने पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में ईको क्लब समन्वयकों एवं मास्टर ट्रेनर्स को मिशन लाइफ, ठोस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा पर्यावरणीय गतिविधियों के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के दौरान पोस्टर प्रतियोगिता एवं विभिन्न पर्यावरणीय गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, विद्यालयों और ईको क्लबों को सम्मानित भी किया गया।            समारोह में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के सदस्य सचिव   राजु अगसिमनि, प्रदेशभर से आए शिक्षकों, ईको क्लब समन्वयकों, विद्यार्थियों, विभागीय अधिकारी कर्मचारी एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि  सिन्हा का संपूर्ण जीवन समाजसेवा, संगठन निर्माण और योग के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहा। उनका निधन न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री  साय ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा एक कुशल संगठनकर्ता, सरल, सौम्य और मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपने व्यवहार, कार्यशैली और समर्पण से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विशेष पहचान बनाई थी। योग के प्रति उनकी निष्ठा और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें विशिष्ट बनाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद  सिन्हा ने पूरे समर्पण और ऊर्जा के साथ योग आंदोलन को नई दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने योग को केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए अनेक नवाचार किए। उनके प्रयासों से प्रदेश में योग गतिविधियों को नई पहचान और व्यापक जनस्वीकृति मिली। मुख्यमंत्री  साय ने स्वर्गीय  सिन्हा के साथ बिताए गए क्षणों को स्मरण करते हुए कहा कि उनसे नियमित मुलाकात होती थी और हर मुलाकात में वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए योग आधारित नए विचार साझा करते थे। उनकी सोच सदैव रचनात्मक और जनहितकारी होती थी। वे योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर सक्रिय रहते थे और इसी उद्देश्य को अपने जीवन का मिशन बना चुके थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष जशपुर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम की सफलता में  सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। सीमित समय में उन्होंने जिस कुशलता और प्रतिबद्धता के साथ उस आयोजन को भव्य स्वरूप दिया, वह उनकी संगठन क्षमता और कार्यकुशलता कावो उत्कृष्ट उदाहरण है। उस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने योग के प्रति जनजागरूकता को नई ऊंचाई प्रदान की थी। उनका जीवन समाज के प्रति समर्पण, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक था, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देता रहेगा। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। श्रद्धांजलि सभा में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री  केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव, विधायक  अमर अग्रवाल, विधायक  धरमलाल कौशिक, विधायक  अजय चंद्राकर, महापौर मती मीनल चौबे,  रमेश बैस,  राम प्रताप,  पवन साय, डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना,  राम दत्त,  राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, योग साधक एवं योग जगत से जुड़े लोगों ने उपस्थित होकर स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धासुमन अर्पित किया।