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धमतरी का महा-परिवर्तन, 60 करोड़ रुपए की ऐतिहासिक खरीदी के साथ तैयार होगा आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब

धमतरी का 'महा-परिवर्तन': 60 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड खरीदी और 30 हजार मीट्रिक टन का नया 'लॉजिस्टिक्स हब' ​अब नहीं भटकेगा किसान, ब्रॉडगेज रेल और आधुनिक गोदामों से बदलेगी धमतरी की तकदीर ​धान का कटोरा अब बनेगा 'वेयरहाउसिंग हब': धमतरी की नई आर्थिक उड़ान रायपुर     ​​छत्तीसगढ़ का कृषि प्रधान जिला धमतरी आज विकास और आत्मनिर्भरता के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। कभी रबी फसलों के रिकॉर्ड उपार्जन के बाद भंडारण की कमी से जूझने वाला यह जिला, आज अपनी मजबूत इच्छाशक्ति और प्रशासनिक दूरदर्शिता के कारण प्रदेश के एक प्रमुख 'वेयरहाउसिंग एवं कृषि लॉजिस्टिक्स हब' के रूप में उभर रहा है।       ​राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और छत्तीसगढ़ राज्य भंडारण गृह निगम (SWC) के संयुक्त प्रयासों से जिले में 30 हजार मीट्रिक टन की अतिरिक्त वैज्ञानिक भंडारण क्षमता विकसित की जा रही है, जो धमतरी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि परिदृश्य को पूरी तरह बदलने के लिए तैयार है।     ​अतीत की चुनौती से लिया सबक               ​विगत वर्षों में धमतरी ने रबी फसलों, विशेषकर चने के रिकॉर्ड उत्पादन और उपार्जन का गवाह बना। लेकिन इस खुशी के साथ एक बड़ी चुनौती भी सामने आई।जिले में पर्याप्त भंडारण क्षमता का न होना। मजबूरी में उपज को दूसरे जिलों के गोदामों में भेजना पड़ा, जिससे न केवल परिवहन का खर्च बढ़ा, बल्कि प्रशासनिक और सहकारी संस्थाओं पर भी भारी दबाव पड़ा।     ​इसी चुनौती को अवसर में बदलते हुए धमतरी प्रशासन ने जिले में ही स्थायी और आधुनिक भंडारण अधोसंरचना विकसित करने की एक व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू किया। ​'विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना' का मिला संबल      ​केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना” धमतरी के लिए वरदान साबित हो रही है। इसके तहत जिले की चार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का चयन किया गया है। जिसमे ​अंवरी,​कोसमर्रा,पोटियाडीह-आमदी और ​कोलियारी शामिल है। ​इन चारों समितियों में 2,500-2,500 मीट्रिक टन क्षमता के आधुनिक गोदामों का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है। इनके पूरा होते ही ग्रामीण स्तर पर ही 10 हजार मीट्रिक टन की अतिरिक्त भंडारण सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, जिससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने के लिए दूर नहीं भटकना पड़ेगा। ​इसके साथ ही, राज्य भंडारण गृह निगम (SWC) द्वारा धमतरी और कुरूद में 10-10 हजार मीट्रिक टन क्षमता के दो बड़े गोदाम विकसित किए जा रहे हैं। केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) के पास पहले से उपलब्ध 1 लाख मीट्रिक टन से अधिक की क्षमता के साथ अब धमतरी का नेटवर्क बेहद मजबूत होने जा रहा है। रिकॉर्ड खरीदी और आर्थिक समृद्धि(रबी विपणन वर्ष 2026)        ​भंडारण क्षमता में यह विस्तार हवा में नहीं, बल्कि जमीन पर बढ़ती कृषि समृद्धि को देखकर किया जा रहा है। रबी विपणन वर्ष 2026 में जिले के 9,103 किसानों से 1 लाख 16 हजार 162 क्विंटल चने की रिकॉर्ड खरीदी की गई है, जिसके एवज में 60.54 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में भुगतान करने की प्रक्रिया जारी है। चने के साथ-साथ सरसों और मसूर का भी सफल उपार्जन किया गया है। ​राइस मिलर्स और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार     ​धान मिलिंग के क्षेत्र में धमतरी हमेशा से अग्रणी रहा है, लेकिन अक्सर तैयार चावल और धान के सुरक्षित रख-रखाव की समस्या आती थी। इस नई क्षमता विस्तार से ​मिलिंग गतिविधियों में तेजी आएगी,​भंडारण का दबाव कम होगा और ​परिवहन और लॉजिस्टिक्स की लागत में भारी कमी आएगी। ​इसके साथ ही, धमतरी में ब्रॉडगेज रेल लाइन पर जल्द शुरू होने वाला रैक संचालन जिले के विकास में चार चांद लगाने वाला है। रेल मार्ग जुड़ने से यहां का चावल और कृषि उत्पाद देश के बड़े बाजारों तक बेहद कम लागत में पहुंच सकेंगे। ​     धमतरी में विकसित हो रही वेयरहाउसिंग अधोसंरचना और जल्द प्रारंभ होने वाली ब्रॉडगेज रेल सेवाएं जिले को प्रदेश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स एवं व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी। यह पहल रोजगार सृजन, व्यापार विस्तार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। भंडारण क्षमता बढ़ने से कृषि उपज का बेहतर प्रबंधन, परिवहन लागत में कमी और विपणन व्यवस्था में सुधार होगा। यह नई अधोसंरचना किसानों, सहकारी संस्थाओं, व्यापारियों और उद्योगों के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी। ​     ​धमतरी की यह सफलता की कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि कैसे सही समय पर सही बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का निर्माण करके एक पूरे क्षेत्र की तकदीर बदली जा सकती है। आने वाले वर्षों में, भंडारण की यह सुदृढ़ व्यवस्था और रेल कनेक्टिविटी न केवल किसानों की आय में वृद्धि करेगी, बल्कि धमतरी को छत्तीसगढ़ के नक्शे पर एक बड़े 'कृषि-व्यापार और लॉजिस्टिक्स हब' के रूप में नई पहचान दिलाएगी।

आम की छांव में सजी मुख्यमंत्री की चौपाल, खाट पर बैठकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं; मौके पर दिए समाधान

आम की छांव में मुख्यमंत्री की चौपाल: खाट पर बैठे, ग्रामीणों की सुनी बात, मौके पर दिए समाधान निमधा में नर्सिंग कॉलेज, मिनी स्टेडियम और मंगल भवन की घोषणा लापरवाह अधिकारियों को सख्त चेतावनी : महिलाओं को दिया ‘करोड़पति दीदी’ बनने का मंत्र स्व-सहायता समूहों की सफलता को मिली नई पहचान, मुख्यमंत्री ने किया ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन रायपुर  सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आज मरवाही विकासखंड के ग्राम निमधा में एक अनूठा और आत्मीय जनसंवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव  साय गांव के बीच आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से रूबरू हुए, उनकी समस्याएं सुनीं और शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बिजली, पानी, राशन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून तक पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल निराकरण संभव है, उनका मौके पर ही समाधान किया जा रहा है, जबकि अन्य मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों और मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले में नर्सिंग कॉलेज, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम तथा सर्वसमाज के लिए विशाल मंगल भवन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए तीनों मांगों को तत्काल स्वीकृति प्रदान करते हुए उनकी घोषणा की। ग्रामीणों द्वारा बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याएं उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों से जानकारी ली और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे। जनसंवाद के दौरान राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायत सामने आने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित राजस्व निरीक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर निराकरण करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री के इस स्पष्ट संदेश से सुशासन और जवाबदेही के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता एक बार फिर सामने आई। मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से संवाद करते हुए उन्हें आर्थिक प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल लखपति बनना नहीं, बल्कि करोड़पति दीदी बनना होना चाहिए। महिलाओं ने उन्हें बताया कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त होने वाली राशि उनके परिवार, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है, जिसका लाभ ग्राम निमधा सहित पूरे जिले की महिलाओं को मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का व्यापक विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा की कि प्रदेश में शीघ्र ही सीएम हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के त्वरित और समयबद्ध निराकरण के लिए विशेष व्यवस्था विकसित की जा रही है। जनचौपाल के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। महिलाओं ने विष्णु भोग चावल, ब्लैक राइस, शहद, पापड़ और लड्डू जैसे स्थानीय उत्पादों की आकर्षक टोकरी मुख्यमंत्री को भेंट की। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए स्थानीय व्यंजनों – जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की प्रेरणादायक सफलता कहानियों पर आधारित ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, आत्मविश्वास, परिश्रम और सफलता का जीवंत दस्तावेज है, जो हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि लोगों के बीच बैठकर उनकी वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और राज्य सरकार इसी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुसमीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चतुर्भुज विष्णु मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की खुशहाली की कामना

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना सुशासन तिहार के दौरान सक्ती जिले के ठठारी गांव पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज सक्ती जिले के जैजैपुर विकासखंड स्थित ग्राम ठठारी पहुंचकर ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।  मुख्यमंत्री साय ने भगवान विष्णु से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हुए छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए आशीर्वाद मांगा। यह प्राचीन मंदिर क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार यहां स्थापित भगवान विष्णु की प्रतिमा चौथी शताब्दी की मानी जाती है, जो इस स्थल की ऐतिहासिक महत्ता को और अधिक विशेष बनाती है। उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। वे गांवों में पहुंचकर आमजन से सीधे संवाद स्थापित कर शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन, जनसमस्याओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक ले रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री साय ग्राम ठठारी में आयोजित जनचौपाल में भी शामिल हुए, जहां उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की योजनाओं के लाभांवितों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित और संवेदनशील निराकरण के निर्देश दिए। इस अवसर पर जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

दूषित पानी से बिगड़ी लोगों की सेहत, राजनांदगांव में जांच के लिए जुटे निगम अधिकारी

राजनांदगांव. शहर में इन दिनों टंकी से गंदे पानी की सप्लाई होने के चलते बसंतपुर वार्ड के करीब 15 से अधिक बच्चे बीमार हो गए। है। इन सभी मरीजों का जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। इसमें पीलिया और डायरिया के मरीज बढ़ी संख्या में मिले है। संक्रमण की घटना के बाद नगरनिगम के अधिकारी पानी का सैंपल जांच के लिए ले गए है। संक्रमण के चलते वार्डवासियों के सप्ताहभर पहले ही बसंतपुर वार्ड 43 बीच दहशत फैली हुई है। राजीव नगर में पीलिया के मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हांलाकि इलाज के बाद कई मरीजों को छुट्टी दे दी गई। राजीव नगर वार्ड में शुक्रवार को ही दो नए डायरिया के मरीज सामने आए है, जिनका इलाज जिला अस्पताल में किया जा रहा है। वार्डवासियों ने बताया कि पानी गंदा आने के कारण वे परेशान है। रहवासियों की माने तो वे पानी में फिटकारी डालकर इस्तेमाल कर रहे है। इसके बाद भी संक्रमण फैला हुआ है। इससे पहले भी बारिश के दिनों में बसंतपुर इलाके में डायरिया की शिकायत आ चुकी है।

सरकारी योजनाओं का मिला सहारा, प्रीति गुप्ता ने आत्मनिर्भर बनकर हासिल की नई पहचान

मुद्रा लोन और बिहान योजना ने बदली प्रीति गुप्ता की जिंदगी, बनीं ‘लखपति दीदी’ महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल, सालाना 2.50 लाख रुपये तक की कर रही हैं आय अर्जित रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित योजनाएं जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इन योजनाओं का लाभ लेकर जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के ग्राम बुढाडांड की प्रीति गुप्ता आज सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। अपने परिश्रम, लगन और शासन की सहायता से उन्होंने ‘लखपति दीदी’ बनने का सपना साकार किया है। लक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़ी प्रीति गुप्ता को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग का उपयोग उन्होंने अपने व्यवसाय की शुरुआत करने में किया। उन्होंने गांव में ‘दुर्गा श्रृंगार एवं किराना दुकान’ की स्थापना की, जहां सौंदर्य प्रसाधनों से लेकर दैनिक उपयोग की विभिन्न वस्तुएं उपलब्ध कराई जाती हैं। प्रारंभ में छोटे स्तर पर शुरू किए गए इस व्यवसाय को प्रीति ने ग्राहकों की आवश्यकताओं को समझते हुए लगातार विस्तार दिया। आज उनकी दुकान गांव की प्रमुख दुकानों में शामिल है और आसपास के ग्रामीणों के लिए आवश्यक वस्तुओं का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। मुद्रा लोन से मिली आर्थिक सहायता और उनके निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि आज वे अपने व्यवसाय से प्रतिवर्ष लगभग 2.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर रही हैं। इस आय से न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि वे आत्मनिर्भरता और महिला उद्यमिता की प्रेरक मिसाल भी बन गई हैं। प्रीति गुप्ता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं शासन की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि बिहान और मुद्रा योजना के सहयोग से उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास मिला और आज वे सम्मानजनक आय अर्जित कर अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। प्रीति की कहानी इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण महिलाएं भी स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर सकती हैं और समाज में परिवर्तन की वाहक बन सकती हैं।

कॉमन एरिया हस्तांतरण में लापरवाही पर CGRERA का बड़ा एक्शन, 595 प्रमोटर्स को जारी नोटिस

कॉमन एरिया हस्तांतरण में लापरवाही पर सीजी रेरा सख्त, 595 प्रमोटर्स को नोटिस 989 पूर्ण परियोजनाओं में सोसायटी गठन और कॉमन एरिया हस्तांतरण नहीं होने पर कार्रवाई रायपुर,  छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण ने रेरा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और आवंटितियों के हितों की सुरक्षा के लिए बड़ी कार्रवाई करते हुए 595 प्रमोटर्स के 989 पूर्ण हो चुके प्रोजेक्ट्स को नोटिस जारी किए हैं। इन परियोजनाओं को पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुका है, लेकिन अब तक कॉमन एरिया, सुविधाओं और संबंधित दस्तावेजों का हस्तांतरण आवंटितियों की सोसायटी या एसोसिएशन को नहीं किया गया है। प्राधिकरण की समीक्षा में पाया गया कि अनेक परियोजनाओं में प्रोजेक्ट पूर्णता अथवा अधिभोग के बाद भी प्रमोटर्स ने आवंटितियों की सोसायटी या एसोसिएशन का गठन सुनिश्चित नहीं किया तथा कॉमन एरिया और परियोजना प्रबंधन का विधिवत हस्तांतरण भी नहीं किया गया। इसके मद्देनजर रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 11(4)(e) एवं धारा 17 के तहत संबंधित प्रमोटर्स को नोटिस जारी किए गए हैं। सीजीरेरा ने स्पष्ट किया है कि अधिनियम के अनुसार प्रमोटर का दायित्व है कि वह आवंटितियों की सोसायटी अथवा एसोसिएशन का गठन सुनिश्चित करे और परियोजना के सामान्य क्षेत्रों, सुविधाओं तथा अभिलेखों का समयबद्ध हस्तांतरण संबंधित संस्था को करे। प्राधिकरण ने यह भी बताया कि रेरा अधिनियम केवल प्रमोटर्स पर ही नहीं, बल्कि आवंटितियों पर भी कुछ वैधानिक दायित्व निर्धारित करता है। अधिनियम की धारा 19(9) के अनुसार प्रत्येक आवंटी का कर्तव्य है कि वह सोसायटी, एसोसिएशन या सहकारी समिति के गठन की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाए। सीजीरेरा ने सभी आवंटितियों से अपील की है कि वे अपने अधिकारों के साथ-साथ कानूनी दायित्वों के प्रति भी जागरूक रहें और सोसायटी गठन एवं परियोजना प्रबंधन हस्तांतरण की प्रक्रिया में सहयोग करें। प्राधिकरण द्वारा जारी नोटिस में संबंधित प्रमोटर्स को 15 दिनों के भीतर यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं कि अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई अब तक क्यों नहीं की गई। निर्धारित समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने अथवा संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित प्रमोटर्स के विरुद्ध रेरा अधिनियम, 2016 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। सीजीरेरा ने कहा है कि रेरा का उद्देश्य केवल परियोजनाओं का पंजीयन करना नहीं, बल्कि परियोजना पूर्ण होने के बाद आवंटितियों के अधिकारों की रक्षा, पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासित रियल एस्टेट व्यवस्था सुनिश्चित करना भी है। कॉमन एरिया और परियोजना प्रबंधन का समयबद्ध हस्तांतरण उपभोक्ता हितों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

नक्सल प्रभाव वाले इलाके में बड़ा अभियान, नारायणपुर में बुलडोजर से हटाए गए नक्सली स्मारक

नारायणपुर. नारायणपुर जिले के माड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने नक्सली प्रभाव के प्रतीक माने जाने वाले दो स्मारकों को ध्वस्त कर बड़ा संदेश दिया है। आईटीबीपी की 41वीं वाहिनी और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम उसेबेड़ा और कस्तूरमेटा-2 में स्थित स्मारकों को जेसीबी की मदद से जमींदोज कर दिया। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ये स्मारक नक्सली हिंसा और प्रभाव के प्रतीक थे। कार्रवाई के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी सहयोग किया और इसे क्षेत्र के हित में उठाया गया कदम बताया। माड़ क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं के विस्तार से लोगों का रुझान विकास की ओर बढ़ा है। स्थानीय युवाओं में रोजगार और शिक्षा को लेकर नई सोच दिखाई दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। यह कार्रवाई केवल स्मारकों के ध्वस्तीकरण तक सीमित नहीं, बल्कि बदलते माड़ और घटते नक्सली प्रभाव की नई तस्वीर भी पेश करती है।

नई तकनीक और प्रभावी कार्यशैली से करें समस्याओं का त्वरित समाधान: अरुण साव

प्रभावी कार्यशैली और नई तकनीकों को अपनाकर समस्याओं का करें त्वरित समाधान – अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की रायपुर.  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कोण्डागांव जिला मुख्यालय में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिले के तीनों नगरीय निकायों कोंडागांव , केशकाल और फरसगांव में वर्षा ऋतु के पहले आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने, नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तथा स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क, पुल एवं पुलिया निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया। उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में कहा कि कोण्डागांव जिला विकास की असीम संभावनाओं से परिपूर्ण है। केशकाल घाट बायपास के निर्माण से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी, इसलिए भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों से समय के साथ प्रभावी कार्यशैली अपनाने, नई तकनीकों का उपयोग करने तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साव ने कहा कि नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र लंबे समय तक विकास की प्रतीक्षा करता रहा है, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी पूरी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए टीम भावना के साथ कार्य करना आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा के दौरान सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को वर्षा ऋतु से पूर्व नालियों की सफाई पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने तथा अधिकारियों को अनिवार्यतः प्रातः भ्रमण करने के निर्देश दिए। द्वारा नियमित मॉर्निंग विजिट करने पर भी बल दिया। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों को मिशन मोड में पूर्ण करने तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने को कहा। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधायुक्त बनाने पर विशेष जोर दिया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण एवं पेयजल योजनाओं का नियमित फील्ड निरीक्षण करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों, पुलों एवं भवनों के निर्माण कार्यों की प्रगति का आकलन करते हुए कार्यों में तेजी लाने तथा उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल विभाग की समीक्षा के दौरान खेल गतिविधियों के समन्वित एवं प्रभावी आयोजन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जल प्रदाय परियोजनाओं, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), आकांक्षी शौचालय निर्माण, राजस्व वसूली, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। कोंडागांव की कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी और चारों विभागों के विभागाध्यक्ष कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।

बरसात के स्वागत को तैयार बस्तर, किसानों ने खरीफ सीजन के लिए संभाली कमान

जगदलपुर. बस्तर में खरीफ सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है और खेतों में धान बोआई का काम तेज हो गया है। किसान मानसून के आगमन से पहले खेती की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल पहुंचने के बाद अब बस्तर में भी 15 से 18 जून के बीच इसकी दस्तक की उम्मीद जताई जा रही है। खेतों में बोआई का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि इन दिनों गभार खेतों में धान बीज डाले जा रहे हैं। किसानों की सबसे बड़ी चिंता मौसम की अनिश्चितता बनी हुई है। तेज धूप और हल्की बारिश के कारण बोए गए बीजों के खराब होने का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग द्वारा सामान्य से कम वर्षा की संभावना जताए जाने के बाद किसान कम अवधि वाली धान किस्मों की ओर रुख कर रहे हैं। कई किसान देशी धान को भी प्राथमिकता दे रहे हैं ताकि खाद पर निर्भरता कम हो। कृषि विभाग ने इस वर्ष जिले में 1 लाख 15 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान उत्पादन का लक्ष्य रखा है। वहीं मिलेट मिशन के तहत कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलों का रकबा बढ़ाने की भी तैयारी है। फिलहाल खेतों में मेहनत शुरू हो चुकी है, लेकिन अच्छी फसल की उम्मीद अब मानसून की समय पर दस्तक पर टिकी हुई है। पौधरोपण से दिया हरियाली का संदेश विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जगदलपुर में प्रकृति संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश देने के लिए विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनजातीय गौरव वाटिका के सामने स्थित सिंदूर वाटिका में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम में सांसद महेश कश्यप, कलेक्टर आकाश छिकारा, एसपी शलभ सिन्हा और जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन सहित कई अधिकारियों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट के बीच वृक्षारोपण केवल औपचारिकता नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संदेश दिया गया। पर्यावरण दिवस पर हुआ यह आयोजन शहर को हरित और स्वच्छ बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

सरकारी नौकरी का बड़ा मौका, राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 के जरिए भरे जाएंगे 265 पद

रायपुर. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य शासन के विभिन्न विभागों में 265 पदों पर भर्ती के लिए राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा 2025 शनिवार से शुरू हुई. यह परीक्षा 9 जून के बीच तक निर्धारित है. इस दौरान परीक्षा केंद्रों पर कड़ी व्यवस्था रखी गयी है. मुख्य परीक्षा के लिए अंबिकापुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर और रायपुर जिले में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. सभी सेंटरों पर सुबह से परीक्षा देने आने वालों की कतारें देखी गईं. परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी. प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9 से 12 बजे के बीच, दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 से शाम 5 बजे के बीच निर्धारित है. 6 जून को लैंग्वेज और निबंध, दूसरे दिन 7 जून को जनरल स्टडीस-1 और 2, इसी तरह 8 जून को जनरल स्टडीस 3 और 4 के अलावा 9 जून को जनरल स्टडीस 5 के पेपर होंगे. मुख्य परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है. पीएससी के परीक्षा नियंत्रक ने सूचना जारी कर कहा कि मुख्य परीक्षा के लिए आयोग ने किसी भी अभ्यर्थी को अलग से प्रवेश पत्र जारी नहीं किया है.  बता दें कि राज्य सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2025 गत 22 फरवरी को आयोजित की गई थी. प्रारंभिक परीक्षा के बाद 265 पदों के लिए तीन गुना अभ्यर्थियों का मुख्य परीक्षा के लिए चयन किया गया और मेरिट सूची जारी की गई. मुख्य परीक्षा के बाद साक्षात्कार होगा. संभवतः साक्षात्कार समाप्त होने के साथ ही नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे.