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‘शहादत’ बयान पर बवाल: आतंकी उमर नबी को असदुद्दीन ओवैसी की दो-टूक

नई दिल्ली  दिल्ली में बम धमाका करके अपने साथ 15 लोगों की जिंदगी छीनने वाला आतंकी उमर नबी बम बांधकर इस तरह किए जाने वाले फिदायीन हमलों को मजहब का सबसे अच्छा काम मनता था। उमर के फोन से निकले एक वीडियो में वह इसे इस्लाम में जायज ठहराने की कोशिश करता दिखा। अब एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने आतंकी के कुतर्कों का जवाब देते हुए कहा कि यह इस्लाम में हराम है। उन्होंने कहा कि यह आतंकवाद के अलावा कुछ नहीं है।   दिल्ली में लाल किले के पास कार में धमाका करके मासूम लोगों की जान लेने वाले आतंकी का मोबाइल फोन कश्मीर से बरामद किया गया है। घटना से कुछ दिन पहले वह अपने घर गया था और अपने भाई को एक फोन यह कहकर दे आया था कि यदि उसके बारे में कोई जानकारी आए तो इसे पानी में फेंक देना। अब पुलिस ने उसके भाई को हिरासत में लेकर फोन बरामद किया तो उसमें यह वीडियो सामने आया। वीडियो में उमर नबी फिदायीन हमले को जायज ठहराते हुए कहता है कि इसे गलत समझा जा रहा है और इसके खिलाफ कई तर्क दिए जा रहे हैं, लेकिन सुसाइड बॉम्बिंग शहादत का अभियान है जिसे इस्लाम में भी इसी रूप में बताया गया है। ओवैसी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा कि दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी उमर नबी का एक बिना तारीख वाला वीडियो आया है जिसमें वह सुसाइड बॉम्बिंग को 'शहादत' और 'गलत समझा गया' बताते हुए उचित ठहरा रहा है। ओवैसी ने कहा, 'सुसाइड इस्लाम में हराम है और निर्दोष लोगों की हत्या बहुत बड़ा पाप है। इस तरह की हरकत कानून के भी खिलाफ है। इसे किसी भी तरह से 'गलत नहीं समझा गया' है। यह आतंकवाद के अलावा कुछ नहीं है।' गृहमंत्री अमित शाह से सवाल एआईएमआईएम नेता ने गृहमंत्री अमित शाह की ओर से किए गए दावे का जिक्र करते हुए पूछा कि इस समूह का पता नहीं लगा पाने के लिए जिम्मेदार कौन है। उन्होंने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव के दौरान अमित शाह ने संसद को भरोसा दिया कि पिछले छह महीने में कोई भी स्थानीय कश्मीरी आतंकवादी समूहों में शामिल नहीं हुआ। तब यह समूह कहां से आया? इस समूह का पता नहीं लगा पाए जाने के लिए कौन जिम्मेदार है?'

कैश में कार खरीद और दिल्ली धमाका—डॉ. शाहीन-मुजम्मिल की करतूत से उठे बड़े सवाल

नई दिल्ली  दिल्ली बम धमाके मामले में आरोपी शाहीन सईद और मुजम्मिल शकील को लेकर कुछ नए खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों नई मारुति सुजुकी ब्रेजा खरीदी थी, जो विस्फोटक सामग्री ले जाने या बम पहुंचाने के लिए तैयार की जा रही 32 कारों में से एक थी। जांचकर्ताओं से जुड़े सूत्रों ने मंगलवार को एनडीटीवी को यह जानकारी दी। हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े दोनों डॉक्टरों शाहीन सईद और मुजम्मिल शकील गिरफ्तार हो चुके हैं। इन्होंने 25 सितंबर को शोरूम में सिल्वर रंग की यह कार खरीदी थी। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि उन्होंने पेमेंट कैश में किया था। 30 कारों की जानकारी आई सामने बीते सोमवार को लाल किले के पास हुंडई i20 कार में धमाका हुआ, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, यह गाड़ी उन 30 कारों में शामिल थी जिन्हें सीरियल धमाकों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया जाना था। इन हमलों का निशाना कई जगहें थीं, जिनमें दिल्ली में 6 ठिकाने शामिल थे। ये हमले 6 दिसंबर को होने वाले थे। ये वही तारीख है जब 1992 में उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भीड़ ने 16वीं शताब्दी की बाबरी मस्जिद को गिरा दिया था। कई गाड़ियां हो चुकीं बरामद रिपोर्ट में बताया गया कि अब तक कई गाड़ियां बरामद हो चुकी हैं। इनमें वो ब्रेज़ा भी शामिल है जिसकी रजिस्ट्रेशन नंबर HR 87U 9988 है और यह हरियाणा में रजिस्टर्ड है। यह गाड़ी फरीदाबाद स्थित अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के कैंपस से बरामद हुई। यूनिवर्सिटी अब दिल्ली कार बम कांड की जांच के केंद्र में है। पिछले सोमवार को एक मारुति स्विफ्ट डिजायर जब्त की गई थी, जिसमें असॉल्ट राइफल और गोला-बारूद मिला था। बुधवार को फरीदाबाद में लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट भी मिली थी।  

चेहरे पर नहीं थी कोई शिकन: दिल्ली धमाके के आरोपी से मुलाकात के बाद वकील का बड़ा बयान

नई दिल्ली दिल्ली कार ब्लास्ट के मामले में एनआईए ने आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी के सहयोगी आमिर राशिद अली को गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में है। इस बीच उसकी सरकारी वकील का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया है कि उन्होंने राशिद से बात की थी और उसके चेहरे पर ना तो कोई पछतावा था और ना ही कोई अपराध बोध। एडवोकेट स्मृति चतुर्वेदी ने बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आगे की जांच के लिए आमिर राशिद अली की रिमांड (पुलिस हिरासत) मांगी और कहा कि यह बहुत ज़रूरी है। उन्होंने आगे बताया कि जब उन्होंने ने आमिर से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह धमाके में इस्तेमाल की गई गाड़ी का रजिस्टर्ड मालिक है। एडवोकेट स्मृति चतुर्वेदी ने कहा,आमिर राशिद अली के चेहरे पर कोई अपराध बोध नहीं था, पछतावे की कोई भावना नहीं थी और ना ही चेहरे पर कोई शिकन थी।  

उमर का धमाके से पहले का वीडियो सामने आया, फर्राटेदार अंग्रेज़ी में आत्मघाती हमले को सही ठहराया

नई दिल्ली  दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम देने वाले आतंकी मोहम्मद उमर नबी का एक नया वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में उमर नबी अंग्रेजी में तकरीर दे रहा है और इस वीडियो में वो सुसाइड बॉम्बिंग को सही ठहरा रहा है. इस वीडियो में आतंकी उमर नबी अकेले है और कैमरे के सामने बैठ कर वीडियो बना रहा है.  इस वीडियो में आतंकी उमर कहता है कि सुसाइड बॉम्बिंग को ठीक से समझा नहीं गया है.  वीडियो में अपने टी शर्ट में लैपल लगाया हुआ उमर कहता है, "लोग जो सबसे बड़ी गलती करते हैं, वह यह समझने में नाकाम रहना है कि बम विस्फोट या आत्मघाती बम विस्फोट का विचार असल में क्या है. इसके खिलाफ कई विरोधाभास और अनगिनत तर्क हैं." वह आगे कहता है, "आत्मघाती हमलों की मुख्य समस्या यह है कि जब कोई व्यक्ति यह मान लेता है कि उसकी मृत्यु एक निश्चित समय और स्थान पर होगी, तो वह एक खतरनाक मानसिक स्थिति में चला जाता है. वह यह मानने लगता है कि मृत्यु ही उसकी एकमात्र मंज़िल है." आगे वह कहता है कि, 'लेकिन सच्चाई यह है कि ऐसी सोच, या ऐसी परिस्थितिया,  किसी भी लोकतांत्रिक या इंसानी व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हो सकतीं, क्योंकि वे जीवन, समाज और कानून के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन करती हैं.' ये वीडियो यही तक है. इसलिए सुसाइड बॉम्बिंग पर उसके आगे के विचार सामने नहीं आ पाए हैं. लेकिन इस वीडियो में आतंकी उमर काफी इत्मीनान सा मालूम होता है और वह सिर हिला-हिलाकर बात कर रहा है.  ये वीडियो आतंकियों का मनोविज्ञान पढ़ने वाले वैज्ञानिकों के लिए बड़े काम की चीज हो सकती है. बता दें कि लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है. ये धमाका तब हुआ जब कार में बैठे एक शख्स ने मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के बाहर खुद को उड़ा लिया था.  जांच एजेंसियों ने आतंकी उमर की मां का डीएनए सैंपल लेकर पुष्टि की है कि कार चलाने वाला शख्स आतंकी उमर ही था. और इस धमाके में उसके चिथड़े उड़ गए हैं. इस केस की जांच अभी जारी ही है. पुलिस ने इस मामले में दिल्ली हरियाणा जम्मू-कश्मीर से कई लोगों को गिरफ्तार किया है.  इस केस का लिंक फरीदाबाद में बरामद हुए 2900 किलो विस्फोटक से जुड़ा है.  डॉ उमर कौन हैं? आतंकी डॉ उमर मूल रूप से पुलवामा के कोइल गांव का रहने वाले था. भारत विरोधी गतिविधियों में उसकी काफी दिलचस्पी थी.  पुलिस सूत्रों का कहना है कि हाल के महीनों में उमर का व्यवहार बदल गया था. 30 अक्टूबर से उन्होंने फरीदाबाद में स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय की ड्यूटी छोड़ दी थी और फरीदाबाद और दिल्ली का चक्कर लगाने लगता था. वो अक्सर रामलीला मैदान और सुनहरी मस्जिद के पास की मस्जिदों में रुकता था.  पुलिस के अनुसार वह 9 नवंबर को फरीदाबाद में छापेमारी के बाद लापता हो गया था, जिसके बाद एक गोदाम से लगभग 2,900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद हुआ था और उसके कुछ साथियों की गिरफ्तारी हुई थी. 

यमुना सिटी में 7 सेक्टरों के किनारे विकसित होगा नया रिवरफ्रंट: जानें YEIDA की पूरी मास्टर प्लानिंग

नई दिल्ली यमुना सिटी में सात सेक्टरों के पास यमुना नदी के किनारे कई किलोमीटर लंबा रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। इस परियोजना को शहर को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए विशेष परियोजना के रूप में शामिल किया गया है और इसका विकास तेजी से आगे बढ़ रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में यह रिवर फ्रंट यमुना नदी के आसपास बसे सेक्टर-26बी, 27, 26, 25, 24, 24ए, 23डी और अन्य क्षेत्रों में विकसित किया जाएगा। इन सेक्टरों के आसपास इस परियोजना के तहत सुंदर और व्यवस्थित नदी किनारे का निर्माण किया जाएगा। रिवर फ्रंट परियोजना के तहत नदी और आसपास के सेक्टरों के बीच एक लंबा व चौड़ा रास्ता विकसित किया जाएगा। इस मार्ग पर घास के टीले, शेड, फूलों की क्यारियां, रंग-बिरंगी रोशनी वाले फव्वारे, जॉगिंग और साइकिल ट्रैक, आकर्षक लैंडस्केपिंग, साथ ही खानपान कियोस्क, नदी देखने और बैठने के व्यू पॉइंट बनाए जाएंगे। यह सुविधाएं न केवल नदी तट से सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी, बल्कि जल गुणवत्ता में सुधार में भी मदद करेंगी। परियोजना में तटबंध का निर्माण किया जाएगा, जो मानसून के दौरान बाढ़ से क्षेत्र की सुरक्षा करेगा। साथ ही, क्षेत्र की उन्नत जल निकासी प्रणाली और रियल-टाइम मॉनिटरिंग बाढ़ से सुरक्षा को और प्रभावी बनाएगी। तालाबों-नहरों के आसपास 30 मीटर में ग्रीन बेल्ट होगा फेज-1 में कुल 10 प्रमुख झीले, नहरें और 135 तालाब शामिल हैं। ये तालाब और नहरें भूजल पुनर्भरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। वर्तमान में 38 तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। मास्टर प्लान के अनुसार, इन तालाबों और नहरों को हरित संरक्षण क्षेत्र के रूप में रखा गया है और इसके आसपास खुले हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। नहरों के दोनों किनारों पर 30 मीटर और प्राकृतिक जलधाराओं के दोनों किनारों पर 15 मीटर की ग्रीन बेल्ट बनाई जाएगी। शैलेंद्र भाटिया, ओएसडी यीडा, ने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी को ध्यान में रखते हुए, फेज-1 में 15 प्रतिशत हरित क्षेत्र निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि यह पहल शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने और यहां आने वाले लोगों को अलग और आकर्षक अनुभव प्रदान करने में मदद करेगी। पर्यटकों को बोटिंग की सुविधा मिलेगी नए आगरा शहर में 823.7 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रीन रिवर बफर जोन विकसित किया जाएगा। इस क्षेत्र में रंग-बिरंगे फूल, दुर्लभ पेड़-पौधे और जलस्रोत तैयार किए जाएंगे। पर्यटकों के लिए यहां बोटिंग, वॉकवे और फूड स्टॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, वेलनैस टूरिज्म एक्टिविटी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें योग और आयुर्वेदिक मसाज जैसी गतिविधियों के माध्यम से लोग अपने शरीर और मन को स्वस्थ कर सकेंगे। धनौरी वेटलैंड पर्यटन स्थल बनेगा धनौरी वेटलैंड क्षेत्र, जो लगभग 100 एकड़ में फैला है, का उत्तर-पूर्वी भाग दलदली और जलभराव वाला है, जिसका कुल क्षेत्रफल 46.35 हेक्टेयर है। इस क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के विदेशी जलीय जीव और सारस पाए जाते हैं। फिलहाल पर्यटकों के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं है। इस वेटलैंड के संरक्षण के लिए 112.89 हेक्टेयर का प्रभाव क्षेत्र (जोन ऑफ इन्फ्लुएंस) चिन्हित किया गया है, जिसके चारों ओर 100 मीटर का हरित बफर जोन तैयार होगा। इस जोन में हरे-भरे घास के टीले, वॉकवे, रंग-बिरंगे फव्वारे आदि बनाए जाएंगे, ताकि लोग प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकें। साथ ही, इस क्षेत्र के पास 10 हेक्टेयर में पशु बचाव और पुनर्वास केंद्र विकसित किया जा रहा है, जो काले हिरण और अन्य वन्य जीवों का आश्रय बनेगा।

एसआईआर की बड़ी प्रगति: दूसरे चरण की तैयारी पूरी, EPF में 50.97 करोड़ का प्रावधान

नई दिल्ली भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण के तहत मतदाता पर्चियों (ईपीएफ) की छपाई और वितरण की स्थिति पर रविवार को अपडेट जारी किया। छपाई में राजस्थान को छोड़कर सभी राज्यों ने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया, जबकि वितरण में गोवा और लक्षद्वीप ने शत-प्रतिशत सफलता पाई। सबसे कम वितरण केरल (93.72 प्रतिशत) और पुडुचेरी (94.10 प्रतिशत) में रहा। चुनाव आयोग ने रविवार दोपहर 3 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 50 करोड़ 99 लाख 72 हजार 687 मतदाताओं के लिए 50 करोड़ 97 लाख 43 हजार 180 पर्चियां (99.95 प्रतिशत) छप चुकी हैं, जबकि 49 करोड़ 73 लाख 39 हजार 480 पर्चियां (97.52 प्रतिशत) मतदाताओं तक वितरित की जा चुकी हैं। यह प्रक्रिया 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगी, जिसमें मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन और ईपीएफ वितरण शामिल है। आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने का अनुरोध किया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे। अंडमान-निकोबार में 3 लाख 10 हजार 404 पर्चियां (100 प्रतिशत) छपीं और 3 लाख 10 हजार 204 (99.94 प्रतिशत) वितरित हुईं। छत्तीसगढ़ में 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 पर्चियां पूरी छपीं, जिनमें से 2 करोड़ 5 लाख 8 हजार 57 (96.60 प्रतिशत) पहुंचाई गईं। गोवा में 11 लाख 85 हजार 34 पर्चियां (100 प्रतिशत) छपीं और सभी वितरित हुईं। गुजरात में 5 करोड़ 8 लाख 43 हजार 436 में से 5 करोड़ 4 लाख 15 हजार 497 (99.16 प्रतिशत) वितरित हुईं। केरल में 2 करोड़ 78 लाख 50 हजार 855 में से 2 करोड़ 61 लाख 1 हजार 675 (93.72 प्रतिशत) पर्चियां पहुंचीं। लक्षद्वीप में सभी 57 हजार 813 पर्चियां छपीं और पूरी वितरित हुईं। मध्य प्रदेश में 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 में से 5 करोड़ 70 लाख 89 हजार 80 (99.45 प्रतिशत) पर्चियां वितरित हुईं। राजस्थान में 5 करोड़ 46 लाख 56 हजार 215 (99.58 प्रतिशत) छपीं और 5 करोड़ 38 लाख 69 हजार 336 (98.15 प्रतिशत) पर्चियां वितरित हुईं। तमिलनाडु में 6 करोड़ 41 लाख 14 हजार 583 छपीं और 6 करोड़ 54 हजार 300 (93.67 प्रतिशत) पर्चियां वितरित हुईं। उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 में से 15 करोड़ 7 लाख 92 हजार 212 (97.64 प्रतिशत) पर्चियां पहुंचीं। पश्चिम बंगाल में 7 करोड़ 66 लाख 36 हजार 294 में से 7 करोड़ 59 लाख 94 हजार 997 (99.16 प्रतिशत) वितरित हुईं। आयोग ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) की मंजूरी से बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) नियुक्त करते हैं। आयोग के अनुसार कुल 5 लाख 33 हजार 93 बीएलओ और 10 लाख 41 हजार 291 बीएलए कार्यरत हैं। निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि 4 दिसंबर तक शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करें। मतदाता पर्ची में नाम, फोटो, पता और पोलिंग बूथ की जानकारी होती है, जो मतदान में सहायक है। राजनीतिक दलों से अपील की गई है कि अधिक से अधिक बीएलए नियुक्त करें ताकि किसी भी अनियमितता पर नजर रखी जा सके। यह प्रक्रिया लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आयोग ने मतदाताओं से अपील की कि अपनी पर्ची जांचें और यदि नहीं मिली तो निकटतम बीएलओ से संपर्क करें।

जम्मू का फोन नंबर बना गिरफ्तारी की कड़ी, दिल्ली ब्लास्ट के मास्टरमाइंड Dr. आरिफ की पूरी कहानी

नई दिल्ली दिल्ली धमाके के बाद पकड़ा गया डॉ. आरिफ मीर जम्मू के मोबाइल नंबर के सहारे हत्थे चढ़ा। सूत्रों के अनुसार वह इस नंबर का इस्तेमाल डॉ. शाहीन और फिदायीन डॉ. उमर से बात करने में करता था। डॉ. शाहीन के साथ चैटिंग और कॉल डिटेल मिलने पर दिल्ली की स्पेशल टीम ने उसे दबोचा। एजेंसियों के पास आरिफ का कोई फोटो नहीं था।   डॉ. आरिफ का पुराना नंबर जम्मू का है। इसी नंबर से वह अपने पुराने दोस्तों के भी संपर्क में था। सूत्रों के मुताबिक कानपुर आने के बाद उसने यहां एक नया नंबर लिया जो कॉर्डियोलॉजी के डॉक्टरों से बातचीत के लिए प्रयोग करता था। जम्मू से लाए मोबाइल नंबर का वह कभी-कभी ही इस्तेमाल करता था। इस नंबर वाले मोबाइल को वह अपने साथ नहीं रखता था। सूत्र बताते हैं कि यह मोबाइल नंबर कुछ समय के लिए खुलता था फिर बंद हो जाता था। दिल्ली की स्पेशल सेल भी इसी नंबर की तलाश करने कानपुर आई थी। मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे उसे उठाने के लिए जब जम्मू वाले मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लिया गया तो वह बंद निकला। सुबह आठ बजे के आसपास नंबर खुला और कुछ देर बाद फिर बंद हो गया। हालांकि एजेंसियों को उसकी अंतिम लोकेशन मिल चुकी थी। इसी लोकेशन के आधार पर उसे हिरासत में लिया गया। धमाके के दो दिन पहले उमर से की थी बात पुलिस और जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्र बताते हैं कि डॉ. आरिफ दिल्ली धमाके से एक-दो दिन पहले उसके डॉ. उमर से बातचीत करने के साक्ष्य मिलने की बात सूत्र बता रहे हैं। डॉ. शाहीन के सीडीआर में चैट और कॉल मिलने के बाद दिल्ली स्पेशल सेल उसे उठाने कानपुर पहुंची थी।  इनको महानगर, देवबंद और शामली से उठाया गया है, जिनसे गोपनीय स्थान पर रखकर पूछताछ की जा रही है। स्थानीय अधिकारी किसी भी कार्रवाई की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। टीमें लगातार डॉ. अदील के कनेक्शन तलाशने में जुटी हुई है। अब तक जितने भी संदिग्ध व्यक्तियों को उठाया गया, उनके मोबाइल, लैपटॉप, कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों की बारीकी से जांच चल रही है। जानकारी के अनुसार, इनपुट था कि सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों में डॉ. अदील के संपर्क में रहने वाले लोग सक्रिय हैं।  

मनी ट्रेल से खुली साजिश! दिल्ली विस्फोट में जैश की टेरर फंडिंग और सीमापार नेटवर्क के सबूत

नई दिल्ली दिल्ली में लाल किले के बाहर कार विस्फोट मामले में खुफिया एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है। खुफिया एजेंसियों ने तीन डॉक्टरों, उमर, मुजम्मिल और शाहीन से जुड़े 20 लाख रुपये के मनी ट्रेल का खुलासा किया है। सूत्रों ने रविवार को बताया कि यह रकम जैश-ए-मोहम्मद के एक हैंडलर द्वारा हवाला नेटवर्क के जरिये भेजी गई होने का शक है।   ऐसा माना जा रहा है कि इस रकम में से करीब 3 लाख रुपये 26 क्विंटल एनपीके उर्वरक खरीदने पर खर्च किए गए, जो खेतीबाड़ी में इस्तेमाल होने वाला नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम बेस्ड केमिकल मिश्रण है, जिससे विस्फोट में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक भी बनाए जा सकते हैं। अधिकारियों ने आगे बताया कि पैसों को लेकर डॉ. उमर और डॉ. शाहीन के बीच कथित तौर पर मनमुटाव हो गया था। सूत्रों ने बताया कि मुजम्मिल से एक महत्वपूर्ण सुराग मिला है, जिससे जांचकर्ताओं को साजिश के पीछे के फाइनेंशियल लिंक को समझने में मदद मिली। इस बीच, दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने धमाके वाली जगह से 9 एमएम कैलिबर के 3 कारतूस बरामद होने की रविवार को पुष्टि की है। इनमें से दो जिंदा और एक खाली कारतूस था। 9 एमएम कैलिबर पिस्टल का इस्तेमाल सुरक्षा बलों द्वारा किया जाता है और आम नागरिकों द्वारा इसके इस्तेमाल पर रोक है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कारतूस बरामद होने के बावजूद घटनास्थल पर कोई पिस्टल या उसका कोई पुर्जा नहीं मिला। पुलिस ने कहा, "ये कारतूस आमतौर पर सिर्फ सशस्त्र बलों या विशेष अनुमति प्राप्त लोगों के पास ही होते हैं।" सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल पर कोई पिस्तौल या उसका कोई पुर्जा नहीं मिला, मतलब कारतूस तो मिले, लेकिन उन्हें चलाने वाला हथियार अभी तक नहीं मिला है। अधिकारी ने कहा कि वे अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये कारतूस वहां कैसे पहुंचे, क्या संदिग्ध के पास ये थे। गौरतलब है कि, 10 नवंबर को राजधानी में लाल किला परिसर के पास एक कार में हुए विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए थे। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को दिल्ली पुलिस ने विस्फोट की जांच में आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत एक नई एफआईआर दर्ज की है।  

सुरक्षा व्यवस्था होगी और तेज़: दिल्ली पुलिस को मिली 55 पीसीआर वैन व 156 नई ओम्नी

नई दिल्ली दिल्ली में लोगों तक पुलिस सहायता को और तेज़ी तथा प्रभावी तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोल्चा ने 55 नई PCR मोबाइल वैन और 156 रिफर्बिश्ड ओम्नी मोटरसाइकिलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नई PCR वैन और मोटरसाइकिलों के शामिल होने से राजधानी में आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और गश्त व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन वाहनों के माध्यम से भीड़भाड़ वाले इलाकों, संकरी गलियों और ट्रैफिक प्रभावित क्षेत्रों में भी पुलिस जल्द पहुंच सकेगी, जिससे अपराध नियंत्रण और आम जनता की सुरक्षा व्यवस्था में और सुधार होगा। इस मौके पर डीसीपी पीसीआर पवन कुमार ने बताया कि नए वाहनों के शामिल होने से PCR यूनिट की कुल क्षमता 802 से बढ़कर 857 हो गई है। उन्होंने कहा कि नई PCR वैन को द्वारका, आउटर नॉर्थ, साउथ, साउथ-वेस्ट, रोहिणी, आउटर और साउथ-ईस्ट जिलों में तैनात किया जाएगा, जिससे इन इलाकों में रहने वाले लोगों को आपात स्थिति में तेज़ और समय पर पुलिस सहायता मिल सके। अधिकारियों ने बताया कि ये विशेष रूप से तैयार की गई मोटरसाइकिलें भीड़भाड़ वाले इलाकों और संकरी गलियों में तेजी से पहुंचने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं। संकरी सड़कों पर बड़े वाहनों की सीमित पहुंच को देखते हुए, ये बाइकें स्ट्रीट लेवल अपराधों पर त्वरित प्रतिक्रिया, फास्ट इंटरवेंशन और संवेदनशील स्थानों पर तुरंत कार्रवाई में अहम भूमिका निभाएंगी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, नई वैन और बाइकें मिलने से फोर्स की मोबिलिटी और गश्त क्षमता में तेज़ बढ़ोतरी होगी। इससे न केवल क्षेत्रों में पुलिस की उपस्थिति मजबूत होगी, बल्कि अपराध पर समय रहते नियंत्रण भी अधिक प्रभावी तरीके से लगाया जा सकेगा। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह आधुनिकता और कुशलता की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। PCR टीमें हर वक्त मैदान में सक्रिय रहती हैं और राजधानी में कानून व्यवस्था बनाए रखने में अग्रणी भूमिका निभाती हैं। अधिकारियों का कहना है कि नई वैन और तेज़-चलन वाली बाइकें पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और गश्त क्षमता को कई गुना बढ़ा देंगी।

धमाके से कांपा लाल किला क्षेत्र, CCTV में कैद हुआ पूरा मंजर

नई दिल्ली  दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण कार ब्लास्ट से पहले और बाद के पलों की एक नई CCTV फुटेज सामने आई है, जिसने धमाके की तीव्रता और उसके प्रभाव को बेहद स्पष्ट कर दिया है। यह फुटेज लाल किला मेट्रो स्टेशन के अंदर लगे सर्विलांस कैमरों से प्राप्त हुई है। फुटेज में शुरू में यात्रियों की सामान्य आवाजाही दिखती है। कुछ ही सेकंड बाद एक तेज कंपन और झटके के साथ पूरा स्टेशन हिलता दिखाई देता है।  यह वही क्षण था जब मेट्रो स्टेशन के बाहर ट्रैफिक सिग्नल के पास खड़ी कार में विस्फोट हुआ। स्टेशन के अंदर रखी वस्तुएं हिलने लगीं और कई यात्री अचानक घबराकर पीछे की ओर भागते दिखाई दिए। एक अधिकारी के अनुसार, “यह फुटेज धमाके की तीव्रता, संरचनाओं पर उसके असर और ब्लास्ट वेव की दिशा समझने में अहम भूमिका निभा रही है।” धमाके के तुरंत बाद से लाल किला मेट्रो स्टेशन बंद है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) रोजाना अपडेट जारी कर रहा है और गुरुवार को कहा कि स्टेशन अगली सूचना तक बंद रहेगा, क्योंकि सुरक्षा समीक्षा और जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां इस नए CCTV फुटेज सहित कई अन्य कैमरों ब्लास्ट साइट, आस-पास की सड़कों और स्टेशन की रिकॉर्डिंग का विश्लेषण कर रही हैं। इन विज़ुअल्स से धमाके के ठीक पहले और बाद की पूर्ण घटनाक्रम श्रृंखला तैयार की जा रही है। 13 लोगों की जान लेने वाले इस विस्फोट की जांच अब कई सुरक्षा एजेंसियां मिलकर तेजी से आगे बढ़ा रही हैं।