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दिल्लीवासियों के लिए राहत: ट्रैफिक चालान माफी, सरकार की नई एमनेस्टी स्कीम से जुर्माने होंगे माफ

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली के वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. दिल्ली सरकार बीते दस वर्षों में जारी हुए लंबित चालानों को माफ करने की एमनेस्टी स्कीम (Amnesty Scheme) लाने की तैयारी में है. परिवहन विभाग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए राज्य कैबिनेट को भेज दिया है. कैबिनेट बैठक में होगा फैसला आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बुधवार को सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी. यदि कैबिनेट से हरी झंडी मिल जाती है, तो वाहनों के करीब 2.46 करोड़ चालान माफ हो जाएंगे. हालांकि यह राहत केवल गैर-गंभीर (non-serious) चालानों पर ही लागू होगी, जो कुल लंबित चालानों का लगभग 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा हैं. किन चालानों को मिलेगी छूट जानकारी के मुताबिक सरकार ने इस योजना में सिर्फ कंपाउंडेबल चालानों को शामिल किया है, यानी वे चालान जिनका निपटारा कोर्ट के बाहर किया जा सकता है. वहीं, ड्रंकन ड्राइविंग, अनअथराइज्ड ड्राइविंग, बिना लाइसेंस वाहन चलाना, रैश ड्राइविंग और अन्य गंभीर उल्लंघनों को इसमें शामिल नहीं किया गया है. सरकार दे रही अंतिम मौका यह योजना 2015 से लेकर अक्टूबर 2025 तक के सभी गैर-गंभीर चालानों पर लागू होगी. सरकार चाहती है कि वाहन मालिक लंबित चालानों का निपटारा इस अंतिम मौके के तहत कर लें. योजना समाप्त होने के बाद अगर चालान लंबित पाए गए, तो भविष्य में किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी. लगातार चालान न भरने वालों के वाहन पंजीकरण (registration) तक रद्द किए जा सकते हैं. दिल्ली में लंबित चालानों का यह है ब्योरा दिल्ली परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल राजधानी में कुल 2,46,76,302 चालान लंबित हैं. इनमें सबसे ज्यादा 1.84 करोड़ चालान वर्चुअल कोर्ट (नोटिस ब्रांच) में हैं. इसके अलावा 58.68 लाख ऑन द स्पॉट,1.66 लाख डिजिटल कोर्ट, 43,633 इवनिंग कोर्ट और करीब एक लाख रेगुलर कोर्ट में लंबित हैं.  सबसे अधिक बिना हेलमेट चालान आंकड़ों के मुताबिक बिना लाइसेंस के 2 लाख से अधिक, बिना पीयूसी (PUC) के 3.73 लाख से अधिक और बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने के 2.59 लाख से अधिक चालान अभी भी लंबित हैं. क्या है एमनेस्टी स्कीम? एमनेस्टी योजना एक सरकारी पहल है जिसका उद्देश्य बकाया करों पर जुर्माना और ब्याज कम करके करदाताओं को राहत प्रदान करना है. इसका उद्देश्य करदाताओं को न्यूनतम जुर्माने के साथ अपना बकाया चुकाने का अवसर प्रदान करके कर नियमों के पालन करने को प्रोत्साहित करना है. 

क्यों बोले भावी चीफ जस्टिस- ‘यही सबसे बेहतर सुबह है’? जानें दिल्ली धमाके से कनेक्शन

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाल किला के पास हुए कार धमाके के अगले ही दिन यानी मंगलवार को जब सुप्रीम कोर्ट में गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत जेल में बंद एक आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई की बारी आई तो उस मामले की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने कोर्ट से गुजारिश की कि आज इस मामले की सुनवाई नहीं की जाए।उन्होंने जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ से अनुरोध करते हुए कहा कि "कल की घटनाओं के बाद इस मामले में बहस करने के लिए यह सबसे अच्छी सुबह नहीं है।" इस पर भावी CJI जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा, "सख्त संदेश देने के लिए यही सबसे अच्छी सुबह है।" इसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हो गई। जब अदालत ने इस बात की ओर इशारा किया कि आरोपी के पास से भड़काऊ सामग्री बरामद हुई है, तो बचाव पक्ष के वकील दवे ने कहा कि केवल इस्लामी साहित्य ही बरामद हुआ है। इसके बाद जस्टिस मेहता ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि आरोपी ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया था, जिस पर लगभग ISIS जैसा ही एक झंडा दिखाई दे रहा था। दवे की सारी दलीलें दरकिनार, जमानत अर्जी खारिज इस पर दवे ने दलील दी कि आरोपी दो साल से ज़्यादा समय से जेल में बंद है, लेकिन अदालत ने उनके इस तर्क को काटते हुए कहा कि उसके खिलाफ आरोप भी तो गंभीर हैं। दवे ने जोर देकर कहा कि कोई आरडीएक्स या विस्फोटक सामग्री उसके पास से बरामद नहीं हुई है और आरोपी 70 फीसदी विकलांग है। इसके बाद पीठ ने जमानत याचिका खारिज कर दी। दो साल के अंदर सुनवाई पूरी करने का निर्देश हालांकि,अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि ट्रायल कोर्ट दो साल के अंदर इस मुकदमे की सुनवाई पूरी कर ले। पीठ ने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है, तो अभियुक्त जमानत के लिए फिर से आवेदन दे सकता है, बशर्ते कि मुकदमे में देरी उसके कारण न हुई हो। बता दें कि जस्टिस सूर्यकांत के रिटायर होने के बाद फरवरी 2027 में जस्टिस विक्रम नाथ देश के CJI होंगे। जस्टिस सूर्यकांत इसी महीने CJI बनने जा रहे हैं क्योंकि जस्टिस बीआर गवई 23 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं।  

सुप्रिया श्रीनेत ने उठाए सवाल: आखिर लाल किला जैसी सुरक्षित जगह पर हमला कैसे?

नई दिल्ली लाल किले के पास हुए बम ब्लास्ट के बाद कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने मंगलवार को घटना को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी। सरकार इससे बच नहीं सकती। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को यह तय करना होगा कि आखिर यह सब क्यों और कैसे हो रहा है? आखिर कोई कैसे हमारे देश में दाखिल होकर इन हमलों को अंजाम दे रहा है? सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में लगातार इस तरह के हमले हो रहे हैं। सात महीने पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। फरीदाबाद में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी। निसंदेह यह चिंता का विषय है। सरकार को इस संबंध में जवाब देना होगा। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि मंगलवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के लोगों से वोट देने की अपील की। इसके बाद भूटान चले गए। भूटान जाने के बाद उन्होंने कहा कि मैं बहुत भारी मन से यहां आया हूं, तो आपको वहां जाने के लिए किसने बाध्य किया था? आप नहीं जाते। आप भारत में ही रहते। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कहां पर हैं? आखिर सरकार क्या कर रही है? जांच एजेंसियां क्या कर रही हैं? सरकार को इस संबंध में जवाब देना होगा। अब इस संबंध में बात होना इसलिए जरूरी हो जाता है क्योंकि देश को सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है और सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि मैं बार-बार कहता हूं कि इसी तरह से भारतीयों को अपनी जान गंवानी पड़ेगी, तो हम निश्चित तौर पर सरकार से इस संबंध में सवाल करेंगे, क्योंकि इस समय यह देश सुरक्षित हाथों में बिल्कुल भी नहीं लग रहा है। लोगों को हमेशा इस बात का डर लगा रहता है कि पता नहीं कब क्या हो जाए। उन्होंने कहा कि पूरा देश मौजूदा समय में यह चाहता है कि बम ब्लास्ट मामले की जांच की जाए और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले।

सुरक्षा एजेंसियों की तगड़ी पकड़: ऑपरेशन सिंदूर के बाद 22 आतंकवादी साज़िशें नाकाम

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दावा किया है कि पिछले छह महीने में 22 आतंकी हमले नाकाम किए गए हैं। पार्टी ने कहा कि प्रत्येक सफलता 140 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए भाजपा ने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट से किए पोस्ट में लिखा, "मोदी सरकार के तहत भारत का सुरक्षा कवच। कश्मीर से कन्याकुमारी तक, दिल्ली से हैदराबाद तक, 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू होने के बाद से 22 आतंकी हमले नाकाम किए गए। प्रत्येक सफलता 140 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।" भाजपा ने 11 मई से 10 नवंबर तक के घटनाक्रमों की एक पूरी लिस्ट जारी की है। इसमें फरीदाबाद में सोमवार को पकड़ी गई 2900 किलो विस्फोटक सामग्री का भी उल्लेख किया गया है। पार्टी ने पोस्ट में लिखा, "आतंकी मॉड्यूल ध्वस्त और सीमा पार नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। आईएसआईएस, जैश, बीकेआई और अलकायदा के गुर्गों को निष्क्रिय किया गया। नुकसान होने से पहले ही विस्फोटक जब्त कर लिए गए।" भाजपा ने कहा, "यह नए भारत का सुरक्षा सिद्धांत है: आतंक के प्रति शून्य सहिष्णुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति 100 प्रतिशत प्रतिबद्धता।" भारतीय जनता पार्टी ने यह लिस्ट उस समय जारी की है, जब फरीदाबाद में आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ और उसके कुछ घंटे बाद दिल्ली में कार ब्लास्ट हुआ। फरीदाबाद में सोमवार को कार्रवाई की गई और 7 संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा गया। इनके पास से करीब 2900 किलो विस्फोटक सामग्री के अलावा हथियार भी बरामद किए गए। इस आतंकी मॉड्यूल में दो डॉक्टरों के भी नाम जुड़े हैं। सोमवार को दिन में यह कार्रवाई हुई, जबकि शाम को दिल्ली में कार ब्लास्ट हुआ। इसमें कम से कम 10 लोग मारे गए। फिलहाल, एजेंसियां दोनों घटनाओं के कनेक्शन की जांच करते हुए हर कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही हैं।

‘भ्रामक दावे’ पर रोक: बाबा रामदेव की कंपनी को कोर्ट से झटका

नई दिल्ली  योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने तीन दिनों के अंदर पतंजलि च्यवनप्राश के उस विज्ञापन को प्रसारित करने से रोकने का आदेश दिया है, जिसमें अन्य सभी च्यवनप्राश ब्रांडों को 'धोखा' (धोखाधड़ी या छल) कहा गया है। जस्टिस तेजस करिया ने डाबर इंडिया लिमिटेड बनाम पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और अन्य के मामले की सुनवाई करते हुए मंगलवार को सोशल मीडिया कंपनियों, ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म और अनेय प्रसारकों को तीन दिनों के अंदर इस विज्ञापन को रोकने का आदेश दिया। जस्टिस करिया ने अपने फैसले में कहा, “प्रतिवादी राष्ट्रीय टेलीविजन चैनलों, ओवर द टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म या किसी भी प्रकार की स्ट्रीमिंग प्रणाली, और प्रिंट माध्यमों और वर्ल्ड वाइड वेब/इंटरनेट पर प्लेटफॉर्म, समाचार पत्रों और अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से विवादित विज्ञापन को तीन दिनों के अंदर हटाएं, ब्लॉक करें या उसे निष्क्रिय कर दें।” डाबर इंडिया के क्या आरोप? हाई कोर्ट की एकल पीठ ने यह आदेश डाबर इंडिया की उस याचिका पर दिया, जिसमें पतंजलि स्पेशल च्यवनप्राश के हालिया टेलीविजन विज्ञापन को अपमानजनक और अनुचित बताया गया था। डाबर की याचिका के अनुसार, विज्ञापन में बाबा रामदेव उपभोक्ताओं को चेतावनी देते हुए दिखाई दे रहे थे कि च्यवनप्राश के नाम पर ज़्यादातर लोगों को ठगा जा रहा है। विज्ञापन में अन्य च्यवनप्राश ब्रांडों को'धोखा' (धोखाधड़ी या छल) बताया गया था और पतंजलि के उत्पाद को 'आयुर्वेद की असली शक्ति' देने वाला एकमात्र असली च्यवनप्राश बताया गया था। बाजार के 61% हिस्सेदारी पर डाबर हावी बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, डाबर ने आरोप लगाया कि यह विज्ञापन जानबूझकर उसके प्रमुख उत्पाद, डाबर च्यवनप्राश को बदनाम करता है, जो 1949 से बाजार में 61% से अधिक की हिस्सेदारी पर हावी रहा है। डाबर ने अपनी याचिका में यह भी तर्क दिया कि पतंजलि का यह विज्ञापन और संदेश संपूर्ण च्यवनप्राश श्रेणी का अपमान है, जिससे आयुर्वेद-आधारित हेल्छ सप्लीमेंट पर लोगों का विश्वास कम होता है। इन तर्कों पर विचार करने के बाद, हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि विज्ञापन संपूर्ण च्यवनप्राश उत्पादों की श्रेणी का अपमान करने का प्रयास है। 'धोखा' का क्या अर्थ बताया पतंजलि ने? इससे पहले पिछली सुनवाई पर गुरुवार (6 नवंबर) को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और पतंजलि आयुर्वेद से पूछा था कि वह अन्य च्यवनप्राश उत्पादों को ‘धोखा’ कैसे कह सकता है? कोर्ट ने तब कहा था कि योग गुरु रामदेव की पतंजलि को अपने विज्ञापनों में किसी अन्य शब्द के इस्तेमाल पर विचार करना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि पतंजलि को अपने उत्पाद और अन्य उत्पादों की तुलना की अनुमति तो है, लेकिन अन्य उत्पादों का अपमान करने की अनुमति नहीं है। जस्टिस करिया ने तब कहा था, ‘‘आप दावा कर सकते हैं कि आप सर्वश्रेष्ठ हैं, लेकिन आप दूसरों को ‘धोखा’ नहीं कह सकते, जिसका अंग्रेजी शब्दकोश में अर्थ धोखाधड़ी और छल है।’’ पतंजलि के वकील ने दावा किया था कि ‘धोखा’ शब्द से रामदेव का मतलब ‘साधारण’ है, जिसे कोर्ट ने नहीं माना था।  

महिला आतंकी मॉड्यूल का खुलासा! लखनऊ की डॉक्टर शाहीन पर चौंकाने वाले आरोप

नई दिल्ली फरीदाबाद में भारी मात्रा में मिले विस्फोटक ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। सोमवार को सुबह ही यह बरामदगी हुई थी और शाम ढलते-ढलते दिल्ली में कार धमाका हो गया। अब इस मामले की जांच तेज हो गई और इस बीच लखनऊ स्थित एक महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद को अरेस्ट किया गया है। जानकारी मिल रही है कि वह जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी थी और उसे महिला आतंकियों की भर्ती की जिम्मेदारी मिली थी। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से एनडीटीवी ने एक रिपोर्ट में यह दावा किया है। यह जानकारी पहले ही आ गई थी कि जैश-ए-मोहम्मद महिलाओं को आतंक की राह में लाने की कोशिशों में जुटा है।   इसके लिए जैश ने बाकायदा एक अलग विंग ही बनाई है, जिसका नाम जमात उल-मोमिनात रखा गया है। इसका नेतृत्व पाकिस्तान में बैठकर खूंखार आतंकी मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर करती है। सादिया अजहर के पति युसूफ अजहर को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी पंजाब के अंदर किए हमले में मार डाला था। युसूफ अजहर के बारे में कहा जाता है कि वह कंधार विमान अपहरण कांड में भी शामिल था। अब उसकी पत्नी दुनिया में आतंक की पौध खड़ी करने में जुटी है। अब बात करते हैं फरीदाबाद मॉड्यूल में पकड़ी गई शाहीन शाहिद की। शाहीन शाहिद की कार से एक एके-47 रायफल भी बरामद हुई है। वह लखनऊ के लाल बाग की रहने वाली है। शाहीन कथित तौर पर अल-फ़लाह यूनिवर्सिटी की मेंबर है। उसका कश्मीरी डॉक्टर मुज़म्मिल गनई उर्फ़ मुसैब से करीबी रिश्ता माना जाता है। मुज़म्मिल को फरीदाबाद में उसके दो किराए के कमरों से 2,900 किलोग्राम विस्फोटक और ज्वलनशील पदार्थ बरामद होने के बाद गिरफ्तार किया गया था। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के कोइल का मूल निवासी मुज़म्मिल दिल्ली से लगभग 45 किलोमीटर दूर धौज स्थित अल-फ़लाह विश्वविद्यालय में एक डॉक्टर के रूप में कार्यरत था। मुज़म्मिल को जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाने के एक मामले में वांछित व्यक्ति घोषित किए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। जांच में पाया गया है कि रायफल, पिस्तौल और गोला-बारूद रखने के लिए इस्तेमाल की गई कार शाहीन शाहिद की है। पुलिस द्वारा मुज़म्मिल से पूछताछ के बाद मारुति सुजुकी स्विफ्ट की तलाशी ली गई। जिसका नंबर फरीदाबाद के कोड HR 51 से शुरू होता है। शाहीन शाहिद कितनी खतरनाक है। इसे ऐसे समझा जा सकता है कि उसे जैश ने भारत में महिलाओं की आतंकी फौज खड़ी करने के लिए चुना है। पाकिस्तान के बहावलपुर में 8 अक्तूबर को महिलाओं की भर्ती का ऐलान किया गया था और कमान शाहीन शाहिद को मिली।  

रातों-रात ऑपरेशन! दिल्ली ब्लास्ट के सुराग पर कश्मीर पुलिस की ताबड़तोड़ रेड

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली में लालकिले के पास फिदायीन हमला होने के तुरंत बाद रातों रात दक्षिण कश्मीर में पुलिस ने 6 संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। इसमें हमले के मुख्य संदिग्ध डॉक्टर उमर के परिवार के तीन लोग शामिल थे। आरोपी डॉक्टर उमर दो अन्य डॉक्टरों के संपर्क में था जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि जिस ह्युंडई आई20 कार से हमले को अंजाम दिया गया, उसे डॉ. उमर ने ही खरीदा था। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज में भी कार में बैठा जो शख्स दिखाई दे रहा है, उसकी शक्ल भी उमर से मिलती जुलती है। फरीदाबाद में डॉ. मुजाम्मिल के पास भारी मात्रा में आरडीएक्स मामले में जांच शुरू होने के बाद से ही उमर गायब हो गया था। पुलवामा में उसके गांव से उसके परिवार के तीन लोगों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने कहा कि फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़ा ही एक शख्स कार में सवार था। हालांकि डीएनए टेस्ट के बाद ही सारा मामला खुलकर सामने आएगा। कश्मीर में जिन 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें आमिर राशिद मीर, उमर राशिद मीर और तारिक मलिक शामिल हैं। आमिर प्लंबर है, उमर पावर डिवेलपमेंट डिपार्टमेंट में काम करता है और तारिक मलिक बैंक में सिक्योरिटी गार्ड है। एक स्पेशल पुलिस टीम उनकी जांच कर रही है। 19 अक्टूबर को नौगाम में जैश का पोस्टर मिलने के बाद से ही इस मॉड्यूल की जांच शुरू हो गई थी। इस मामले में पहले भी कई लोगों को हिरासत में लिया गया था और पूछताछ भी की गई थी। हालांकि इतनी बड़ी साजिश का अंदेशा नहीं था। दो दिन पहले ही फरीदाबाद से एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया जिसके पास से 350 किलोग्राम आरडीएक्स और दो एके-47 राइफल मिलीं। सोमवार को डॉ. मुजाम्मिल से जुड़े सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें आरिफ निसार डार उर्फ साहिल, यासिर उल अशराफ और मकसूद अहमद डार शामिल थे। इसके अलावा नौगाम से मौलवी इरफान अहमद, जमीर अहमद अहंगर और मुसैब को गिरफ्तार किया गया था। कुलगाम से डॉ. आदिल को पकड़ा गया था। पुलिस का कहना है कि जांच में पता चला है कि डॉ. उमर डॉ. मुजाम्मिल के गांव भी गया था। हालांकि दोनों डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद से वह लापता हो गया। पुलिस ने लाल किले के पास विस्फोट में इस्तेमाल कार चलाने के संदिग्ध व्यक्ति की मां को मंगलवार को डीएनए जांच के लिए जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में बुलाया। यहां अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘हमने विस्फोट स्थल पर मिले अंगों से मिलान करने के लिए संदिग्ध की मां को डीएनए नमूने लेने के लिए बुलाया है।’’  

दिल्ली धमाका केस में अहम सुराग: गुरुग्राम में बिकी कार आखिर जम्मू-कश्मीर कैसे पहुंची?

नई दिल्ली  दिल्ली में लाल किले के पास जिस i10 कार में धमाका हुआ था, उसके पहले मालिक गुरुग्राम के सलमान थे। फिर यह कार बिकते-बिकते जम्मू-कश्मीर के पुलवामा तक जा पहुंची और अंत में दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास इसमें धमाका हुआ। अब तक पुलिस ने इसे आतंकी हमला करार नहीं दिया है, लेकिन इसकी जांच कुछ ऐसे ही संकेत दे रही है। फिलहाल पुलिस ने गुरुग्राम से रजिस्टर्ड इस कार के पहले खरीददार के मकान मालिक से पूछताछ की है। इस कार के पहले मालिक सलमान थे, जो गुरुग्राम में रहते थे। वह जिन दिनेश में मकान में रहते थे, पुलिस ने उनसे आज पूछताछ की है।   दिनेश की मां वीरवती ने बताया कि पुलिस उनके बेटे को पूछताछ के लिए ले गई है। दिनेश के परिवार का दावा है कि सलमान उनके घर में 2016 से 2020 के दौरान रहा था। इस बीच जानकारी मिली है कि दिल्ली धमाके में मरने वालों की संख्या 12 पहुंच गई है। दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार की शाम को ही कार के पहले मालिक मोहम्मद सलमान को हिरासत में ले लिया था। सलमान ने बताया कि उन्होंने अपनी कार दिल्ली के ओखला निवासी देवेंद्र को डेढ़ साल पहले बेची थी। फिर देवेंद्र ने इस कार को अंबाला में किसी को बेच दिया था। अंबाला के उस शख्स ने पुलवामा के तारिक को गाड़ी बेच दी थी। फिलहाल पुलिस कड़ियां जोड़ते हुए सभी तक पहुंचने में जुटी है। इस बीच दिनेश के परिवार ने बताया कि सलमान उनके शांति नगर स्थित आवास में 4 साल तक रहा था और फिर गुरुग्राम में ही फ्लैट ले लिया था। वीरवती ने कहा कि रात को कुछ पुलिस वाले आए थे और मेरे बेटे को ले गए। हमने अपना मकान 2015 में बनाया था और 2016 में सलमान रहने आया था। वह ऊपरी मंजिल पर रहता था और 4 साल बाद अपने ही फ्लैट में शिफ्ट हो गया, जिसे उसने खरीदा था। वीरवती ने कहा कि अब घर में दूसरे किरायेदार रहते हैं। दिनेश के भाई महेश ने कहा कि हम लोगों का सलमान से कोई संपर्क नहीं रहा है। महेश ने कहा कि पुलिस यह कहकर ले गई है कि इनसे पूछताछ करनी है। उसने कहा कि सलमान हमारे यहां अपनी पत्नी, दो बच्चों और मां के साथ रहता था। सलमान एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। फिलहाल इस मामले में पुलिस कड़ियां तलाश रही है। यह हैरान करने वाली बात है कि एक कार इतने लोगों के पास बिकते हुए पहुंची और अंत में उसे आतंकी साजिश के लिए इस्तेमाल किया गया। माना यह भी जा रहा है कि जानबूझकर ऐसी कार को चुना गया, जो कई बार बिकी हो ताकि उसके मालिक की तलाश करना आसान ना रहे।  

गंभीर वायु गुणवत्ता को देखते हुए दिल्ली स्कूलों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड लागू

नई दिल्ली दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बहुत खराब (‘गंभीर’ श्रेणी) होने के बाद, दिल्ली सरकार ने फैसला किया है कि अब क्लास 5 तक के बच्चों की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में होगी.  यानी स्कूल चाहें तो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से क्लासेज चला सकते हैं. यह आदेश दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के बाद जारी किया है. आयोग ने “ग्रैप” (GRAP- वायु प्रदूषण से निपटने की कार्य योजना) के स्टेज-II को लागू करने का आदेश दिया है. अब सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, और निजी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे यह सूचना तुरंत अभिभावकों तक पहुंचाएं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें. दिल्ली-NCR में तुरंत सुरक्षा कदम उठाए जा रहे वायु गुणवत्ता बिगड़ने के कारण दिल्ली-NCR में तुरंत सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं. इसी क्रम में, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (GRAP) ने निर्देश दिया है कि दिल्ली में लागू चरण-II (गंभीर वायु गुणवत्ता) की सभी व्यवस्थाएं तुरंत प्रभाव से लागू की जाएं. यह निर्णय वायु-गुणवत्ता में और गिरावट आने से बच्चों की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए लिया गया है. स्कूलों के लिए निर्देश  सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों और निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों को कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए कक्षाएं हाइब्रिड मोड में चलाने का आदेश है. हाइब्रिड मोड का मतलब है, जहां संभव हो, बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन और जहां जरूरी हो फिजिकल क्लास. यह व्यवस्था तुरंत लागू होगी और अगले आदेश तक जारी रहेगी. सभी स्कूल प्राचार्यों को कह दिया गया है कि वे यह जानकारी फौरन विद्यार्थियों के अभिभावकों/गृहस्थों तक पहुंचा दें. अभिभावक अपने-अपने स्कूल से संपर्क कर सकती/सकते हैं कि उनकी कक्षा के लिए ऑनलाइन व्यवस्था कैसे होगी और किस समय क्लास होगी. दिल्ली-एनसीआर में सांस लेना मुश्किल दिल्ली-एनसीआर की हवा अब बहुत ज्यादा जहरीली हो गई है. आज सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 425 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है. यानी अब हवा सांस लेने लायक नहीं रह गई है. प्रदूषण बढ़ने की वजह से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने तुरंत ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया है. कल (10 नवंबर) को AQI 362 था, लेकिन हवा के रुकने और ठंड बढ़ने से प्रदूषण अचानक बहुत तेजी से बढ़ गया. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हवा की रफ्तार में सुधार नहीं हुआ, तो AQI 500 तक भी पहुंच सकता है. डॉक्टरों ने लोगों को मास्क पहनने और बच्चों व बुजुर्गों को घर के अंदर रहने की सलाह दी है, क्योंकि प्रदूषण से सांस और अस्थमा जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.CAQM लगातार हालात की निगरानी कर रहा है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके.  

दिल्ली में अमोनियम नाइट्रेट और फ्यूल का मिलान: पुलिस को किन बातों पर है शक?

नई दिल्ली  दिल्ली में लाल किले के पास कार में हुए भीषण विस्फोट ने पूरी राजधानी को हिला कर रख दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने जो देखा वो जल्दी भुला पाना मुश्किल है। चंद मिनटों में जो हुआ उसने जांच एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। इस बीच दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को जांच के बाद शक है कि कार में हुए धमाके की वजह अमोनियम नाइट्रेट, ईंधन तेल (फ्यूल ऑयल) और डेटोनेटर थे। शुरुआती जांच के अनुसार, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से क्षतिग्रस्त वाहनों, जिनमें आई20 कार भी शामिल है, के सबूत उठा लिए गए हैं और उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने उत्तरी दिल्ली के कोतवाली पुलिस स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 16 और 18 और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। यह जांच उत्तरी जिला पुलिस से स्पेशल सेल को ट्रान्सफर कर दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'स्पेशल सेल जांच का नेतृत्व करेगा, जरूरत के अनुसार केंद्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल बैठाई जाएगी। जांच का प्रमुख बनाए गए अधिकारी, स्पेशल सीपी (विशेष प्रकोष्ठ) अनिल शुक्ला, वही अधिकारी हैं जिन्होंने 2019 के पुलवामा आतंकी हमले की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच टीम का नेतृत्व किया था। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय उच्च जोखिम वाले मामलों में अनुभवी नेतृत्व की आवश्यकता को दर्शाता है।' पुलिस ने कहा कि वे जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा दो डॉक्टरों की गिरफ्तारी और i20 कार चला रहे व्यक्ति के बीच के संभावित संबंधों की जांच कर रहे हैं। पिछले दो हफ्तों में चलाए गए एक बड़े सुरक्षा अभियान में, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा था कि उन्होंने हरियाणा और उत्तर प्रदेश से दो डॉक्टरों — पुलवामा के डॉ. मुजम्मिल अहमद गनाई और काजीगुंड के डॉ. अदील मजीद राथर को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि वे आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवतुल हिंद (AGH) से जुड़े 'अंतर-राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल' का हिस्सा थे।" दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज बरामद की है और यह संदेह है कि विस्फोट के समय कार चालक अकेला था। हालांकि, सोमवार को पुलिस सूत्रों ने कहा कि कार में तीन लोग होने का संदेह है। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बांठिया ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और इलाके के चारों ओर कई सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। उन्होंने कहा, 'NSG, दिल्ली पुलिस और FSL की टीमें मौके पर मौजूद हैं और पूरे अपराध स्थल की जांच कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा, 'कार में (जिसमें विस्फोट हुआ) मानव शरीर के अंग हैं। FSL टीम उन्हें इकट्ठा कर रही है, इसलिए देखते हैं कि यह कैसे मामले से जुड़ता है। हम घटनाओं के सटीक क्रम का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।'"