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दिल्ली में प्रदूषण चरम पर: AQI 497 के बीच एक्सपर्ट का वार— ग्रैप-4 नाकाफी, नीति पर उठे सवाल

नई दिल्ली दिल्ली में पलूशन लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार सुबह दिल्ली के बवाना में सबसे ज्यादा 497 AQI दर्ज किया गया। दिल्लीवासियों के साथ पर्यावरणप्रेमी भी चिंता में हैं। मशहूर पर्यावरणविद् भावरीन कंधारी ने दिल्ली-एनसीआर में लागू किए गए ग्रैप-4 की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे लंबे समाधान के बजाय एक रिएक्टिव कदम बताया। राजधानी में वायु गुणवत्ता बेहद खराब होने के बाद GRAP के स्टेज-4 को लागू किए जाने के संदर्भ में कंधारी ने कहा कि यह समस्या अचानक पैदा नहीं हुई, बल्कि वर्षों की नीतिगत विफलताओं का नतीजा है।   रविवार को एएनआई से बातचीत में भावरीन कंधारी ने कहा, “GRAP हम जानते हैं, यह एक प्रतिक्रियात्मक उपाय है। जब हालात बहुत खराब हो जाते हैं, तब GRAP-IV लागू किया जाता है। वर्षों से नीति निर्माताओं द्वारा लिए गए फैसलों का नतीजा आज हम देख रहे हैं। यह कोई रातों-रात पैदा हुई स्थिति नहीं है। कुछ दिनों बाद जब AQI के आंकड़े नीचे आएंगे, तो GRAP हटा लिया जाएगा। यह किसी भी तरह से समाधान नहीं है।” बता दें कि शनिवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘सीवियर प्लस’ यानी 450 के करीब पहुंचने के बाद GRAP के स्टेज-4 को लागू करने का फैसला लिया। आयोग के आदेश के मुताबिक, शनिवार शाम 4 बजे AQI 431 दर्ज किया गया था, जो बढ़कर शाम 6 बजे 446 तक पहुंच गया। पलूशन की ताजा वजह क्या बताई गई CAQM ने बताया कि हवा की रफ्तार कम होना, वातावरण का स्थिर रहना, प्रतिकूल मौसम और प्रदूषकों का फैलाव न हो पाना—इन सभी कारणों से वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। इसे देखते हुए आयोग की उप-समिति ने पूरे दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से GRAP स्टेज-4 लागू करने का निर्णय लिया। यह पहले से लागू स्टेज-1, 2 और 3 के अतिरिक्त है। आयोग ने NCR के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और संबंधित एजेंसियों को अतिरिक्त निवारक कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि वायु गुणवत्ता और अधिक खराब न हो। रविवार को भी पलूशन बहुत ज्यादा इस बीच, रविवार सुबह दिल्ली घने स्मॉग की चादर में लिपटी नजर आई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत AQI 461 दर्ज किया गया, जो ‘सीवियर’ श्रेणी में आता है। यह स्थिति तब है, जब GRAP-IV पहले से लागू है। शहर के कई इलाकों गाजीपुर, आईटीओ और आनंद विहार में घना धुंध छाया रहा, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। CPCB के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता अब भी ‘सीवियर’ श्रेणी में बनी हुई है। आज 497 पहुंचा एक्यूआई सुबह 7 बजे बवाना में सबसे खराब AQI 497 दर्ज किया गया। वहीं नरेला में AQI 492 और ओखला फेज-2 में 474 रिकॉर्ड किया गया। इसके मुकाबले एनएसआईटी द्वारका में AQI 411 रहा, जो शहर में सबसे कम दर्ज किया गया। कुल मिलाकर, राजधानी में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति बनी हुई है और विशेषज्ञ लगातार अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी और ठोस नीतिगत कदमों की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।  

एनसीआर को बड़ी सौगात की तैयारी: 7,000 फ्लैट्स के प्रोजेक्ट का खाका सुप्रीम कोर्ट में रखेगा यीडा

नई दिल्ली  ग्रेटर नोएडा में जेपी एसोसिएट्स लिमिटेड के अधूरे प्रोजेक्ट में फंसे 7 हजार से ज्यादा घर खरीदारों के लिए एक बार फिर उम्मीद की किरण जागी है। जो लोग लंबे समय से फ्लैट मिलने का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए यीडा नई योजना लेकर आया है। इसके तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) नई आवासीय स्कीम को सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश करेगा। उसके बाद इसपर काम शुरू हो जाएगा। यीडा अधिकारियों का कहना है कि हाल ही में आयोजित एक बैठक में इस प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति, पैसों से जुड़ी दिक्कत और आगे क्या किया जा सकता है जैसी बातों पर चर्चा की गई। यह बैठक लखनऊ में आयोजित की गई थी। लखनऊ में बैठक के दौरान बनाई स्ट्रैटजी जेपी स्पोर्ट्स सिटी मामले को लेकर हाईकोर्ट ने एक कमेटी बनाई थी, जिसकी पहली मीटिंग दो दिन पहले हुई। इस मीटिंग की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने की। मीटिंग में यीडा ने जेपी एसोसिएट्स की रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए की गई स्टडी रिपोर्ट अधिकारियों के सामने रखी। यह रिपोर्ट करी एंड ब्राउन कंपनी ने तैयार की थी। इसी मीटिंग के दौरान प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति, अब तक बिक चुके और खाली पड़े फ्लैट पर विचार किया गया। इसके अलावा विभिन्न बैंकों से लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का कर्ज जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की गई। साथ ही अधिकारियों ने यह भी देखा कि किन कारणों की वजह से प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया है और इसे पूरा करने में क्या क्या चुनौतियां सामने आ रही हैं?   सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट को ध्यान में रककर बनेगा प्लान मीटिंग में 19 मई 2025 को आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी ध्यान में रखा गया। कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा था कि प्राधिकरण प्रोजेक्ट रुका हुआ पूरा करने के लिए नया प्लान बना सकता है, लेकिन काम शुरू करने से पहले उसमें कोर्ट की अनुमति लेनी होगी। ताकि लोगों को उनके फ्लैट मिलने में किसी तरह की कोई दिक्कत दोबारा न आए। इसी को ध्यान में रखते हुए यीडा को आवासीय क्षेत्र का विस्तृत प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह प्लान हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार तैयार किया जाएगा और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाएगा। यीडा के सीईओ आरके सिंह ने भी स्पष्ट किया है कि जेपी एसोसिएट्स की परियोजना के लिए आवासीय क्षेत्र का प्लान तैयार किया जाएगा और उसे सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद ही किसी भी तरह का निर्माण कार्य या आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। कब शुरू हुआ था यह प्रोजेक्ट? जेपी एसोसिएट्स की सहयोगी कंपनी जेपी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स को साल 2009-10 में स्पोर्ट्स सिटी बनाने के लिए 1000 हेक्टेयर जमीन दी गई थी। यह जमीन विशेष विकास क्षेत्र (SDZ) योजना के तहत दी गई थी। इसी प्रोजेक्ट में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट भी शामिल था। बाद में यह कंपनी भारी कर्ज में डूब गई, जिसके कारण 2020 में जमीन का आवंटन रद कर दिया गया। आवंटन रद होने के बाद इस फैसले को इलाहबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। हाईकोर्ट ने इस फैसले को बरकरार रखा लेकिन प्राधिकरण को प्रोजेक्ट अपने हाथ में लेकर पूरे करने का निर्देश दिए। उसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा, लेकिन वहां भी हाईकोर्ट के फैसले को ही प्रभावी माना गया।  

यादें होंगी ताज़ा, सफर होगा स्मार्ट: 30 साल बाद दिल्ली में फिर दौड़ेगी डबल डेकर बस

नई दिल्ली  दिल्ली में 30 साल बाद डबल डेकर बसों का वापसी का ऐलान किया गया है। अब ये बसें केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि राजधानी का टूरिस्ट आकर्षण बनकर सामने आएंगी। नई डबल डेकर बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और पूरी तरह इलेक्ट्रिक हैं। इन्हें अशोक लेलैंड ने अपनी CSR पहल के तहत बनाया है। बस में 60 से ज्यादा यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है और इसकी ऊंचाई 4.75 मीटर है। बाहरी हिस्से पर दिल्ली के प्रमुख लैंडमार्क की खूबसूरत तस्वीरें बनी हैं। नई बस यात्रियों को दिल्ली के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सैर करवाएगी। इसका सफर प्रधानमंत्री म्यूजियम से शुरू होगा और भारत मंडपम, नेशनल वॉर मेमोरियल, नया संसद भवन, दिल्ली हाट जैसे महत्वपूर्ण स्थलों तक जारी रहेगा। बस में एक गाइड भी मौजूद रहेगा जो प्रत्येक इमारत और स्थल से जुड़ी रोचक जानकारियां बताएगा। डबल डेकर बसें कभी 'सुविधा बस' के नाम से दिल्ली की पहचान हुआ करती थीं। 1970 से 1989 तक लाल रंग की ये दो मंजिला बसें बच्चों और बड़ों के लिए रोमांच और यात्रा का अहम हिस्सा थीं। ऊपरी डेक से यात्रा का अनुभव खासतौर पर यादगार माना जाता था। समय के साथ इन बसों का मेंटेनेंस महंगा और मुश्किल हो गया, जिसके कारण ये धीरे-धीरे शहर की सड़कों से गायब हो गईं। अब नई डबल डेकर बसों के आने से राजधानी में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लोग आधुनिक, सुरक्षित और रोचक अनुभव के साथ दिल्ली दर्शन का आनंद ले सकेंगे। बड़ों के लिए किराया 500 रुपये और 6 से 12 साल के बच्चों के लिए 300 रुपये तय किया गया है।

दिल्लीवालों के लिए खुशखबरी: प्रगति मैदान अंडरपास का अंतिम चरण पूरा होने वाला, ट्रैफिक होगा आसान

नई दिल्ली  दिल्ली के व्यस्त भैरों मार्ग और रिंग रोड पर ट्रैफिक जाम से जूझ रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। प्रगति मैदान इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर का आखिरी अंडरपास (अंडरपास-5) जल्द पूरा होने की राह पर है। मुख्य टनल और पांच अंडरपास तो जून 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन कर दिया था, लेकिन ये छठा हिस्सा तकनीकी दिक्कतों और बाढ़ की वजह से रुका हुआ था। अब केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने से काम दोबारा शुरू हो सकता है। 2023 के मॉनसून में भारी बारिश और यमुना के करीब होने से कंक्रीट बॉक्स धंस गए। ऊपर तीन एक्टिव रेलवे ट्रैक होने से निर्माण सिर्फ रात के कुछ घंटों में ही संभव था। काम साल 2023 से ठप पड़ा था। PWD ने IIT दिल्ली और IIT बॉम्बे से सलाह ली। पहले 'कट एंड कवर' तरीका सुझाया गया, जिसमें ट्रैक हटाने पड़ते, लेकिन रेलवे ने लंबे ब्लॉक की इजाजत नहीं दी। नया प्लान क्या है? PWD ने संशोधित डिजाइन बनाया, जिसमें ऊंचाई 5.5 मीटर से घटाकर 3.9 मीटर और चौड़ाई 11.5 मीटर से 6.25 मीटर की गई। तीन लेन की जगह दो लेन, और सिर्फ हल्के वाहनों (कार, बाइक) के लिए। 'कास्ट इन-सिटू' तरीके से काम होगा, बिना धंसे बॉक्स को छेड़े। जून 2025 में MoHUA ने इसे मंजूरी दी। अब रेलवे से अंतिम क्लियरेंस का इंतजार है। ट्रैफिक को कितनी राहत मिलेगी? ये 110 मीटर का अंडरपास पूरा होने पर भैरों मार्ग से रिंग रोड की दिशा में सीधा ट्रैफिक चलेगा। फिलहाल एक तरफ का दो-लेन हिस्सा ही चल रहा है, दूसरी दिशा में वाहनों को यू-टर्न लेना पड़ता है। पूरा होने पर सराय काले खां से कश्मीरी गेट तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिलेगी। रोजाना लाखों वाहनों को फायदा होगा। बाकी 28 मीटर का काम पूरा करने में करीब 8 महीने लग सकते हैं।  

गैस चैंबर बनी राजधानी: दिल्ली में AQI 430 के पार, फिलहाल प्रदूषण से राहत नहीं

नई दिल्ली दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक सबसे ज्यादा खराब स्थिति में पहुंच गई है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली का AQI 431 के अंक पर पहुंच गया है। यह इस साल का सबसे खराब AQI है। इससे पहले नवंबर महीने में तीन दिन ऐसे रहे थे जब सूचकांक 400 से ऊपर यानी गंभीर श्रेणी में रहा हो। अब गंभीर श्रेणी वाला यह चौथा दिन है। दिल्ली के ज्यादातर इलाकों का एक्यूआई 400 से ऊपर बना हुआ है। दिल्ली में AQI का यह सबसे खराब स्तर है। इससे पहले दिल्ली में 11 नवंबर को AQI 428 अंक पर था। यह इस साल का सबसे ज्यादा प्रदूषित दिन था लेकिन आज के आंकड़े ने इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। शनिवार को 431 AQI के साथ दिल्ली वालों को साल की सबसे ज्यादा जहरीली हवा का सामना करना पड़ा। दिल्ली में 12 नवंबर को सूचकांक 418 और 13 नवंबर को सूचकांक 404 के अंक पर रहा था। यानी गंभीर श्रेणी वाली हवा का यह इस साल में चौथा दिन है। 15 इलाकों में AQI 450 से ज्यादा केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली के अधिकांश इलाकों में AQI 400 अंकों के पार रिकॉर्ड किया गया। शाम को चार बजे दिल्ली के 15 इलाकों में तो एक्यूआई 450 से ज्यादा रहा। एक्यूआई 401 से 450 तक के AQI को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है जबकि 451 से 500 तक के सूचकांक को गंभीरतम श्रेणी में रखा जाता है। 24 घंटे के भीतर 82 अंकों की बढ़ोतरी एक दिन पहले शुक्रवार को दिल्ली में एक्यूआई 349 के अंक पर था। बीते 24 घंटों के भीतर इसमें 82 अंकों की तेज बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली के वायु मंडल पर धूल और धुएं की एक परत छाई हुई है। राहत के नहीं आसार दिल्ली में हवा की रफ्तार आमतौर पर दस किलोमीटर प्रति घंटे से कम है। साथ ही ठंड बढ़ने से पलूशन के कण ज्यादा देर तक वायु मंडल में बने हुए हैं। विशेषज्ञों की मानें तो अगले तीन-चार दिनों के बीच दिल्ली के लोगों को प्रदूषित हवा से राहत मिलने की संभावना नहीं है। इन वजहों से बढ़ा पलूशन विशेषज्ञों की मानें तो हवा की रफ्तार कम होने, धूल और धुएं के चलते प्रदूषण में तेजी से बढ़ोतरी है। वाहनों से होने वाला उत्सर्जन, सड़क और निर्माण से उड़ने वाली धूल, ठोस कचरा और बायोमास जलाने से भी पलूशन में बढ़ोतरी हुई है। बड़ा कारण यह कि हवा की स्पीड धीमी है। इससे पलूशन के कणों का बिखराव नहीं हो पा रहा है। सवा चार गुना ज्यादा पलूशन दिल्ली-एनसीआर में शनिवार को तीन बजे पीएम 10 का औसत स्तर 425 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 258 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। हवा में पीएम 10 का स्तर 100 से और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। इस तरह दिल्ली की हवा में मानकों से सवा चार गुना ज्यादा प्रदूषक कण मौजूद हैं।  

दिल्ली-NCR का मौसम करवट पर: वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से बढ़ी बादल छाया, कोहरा छाने के आसार

नई दिल्ली  मौसम विभाग की मानें तो एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर पश्चिमी भारत के विभिन्न हिस्सों पर नजर आना शुरू हो गया है। यह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तरी पाकिस्तान और उसके आस-पास के इलाकों पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में दिख रहा है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंची चोटियों पर हल्की बारिश और हिमपात का अनुमान है। दिल्ली के साथ ही एनसीआर के इलाकों में भी छिटपुट बादल नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान दिल्ली के साथ ही एनसीआर के इलाकों में आंशिक रूप से हल्के बादलों की आवाजाही दिखने का अनुमान जताया है। शाम और सुबह के वक्त धुंध छाने का अनुमान है। मौसम विभाग की मानें तो कल यानी रविवार को भी आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। सुबह के समय अधिकांश जगहों पर हल्का कोहरा नजर आ सकता है। ठंड का असहास कम होगा क्योंकि न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। 15 दिसंबर के बाद से दिल्ली के साथ ही एनसीआर के इलाकों में आसमान साफ रहेगा। दिल्ली में 15 दिसंबर को सुबह के समय अधिकांश जगहों पर हल्का कोहरा रहने का अनुमान है। कुछ जबहों पर मध्यम कोहरा नजर आ सकता है। मौसम विभाग की मानें तो दिल्ली में 15 और 16 दिसंबर को न्यूनतम तापमान में कुछ कमी देखी जाएगी। 15 के बाद 19 दिसंबर तक दिन में आसमान साफ रहने का अनुमान है। सुबह के वक्त हल्का कोहरा देखा जा सकता है। दिल्ली में 15, 17, 18 और 19 दिसंबर को न्यूनतम तापमान के 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। दिल्ली के साथ ही एनसीआर में 15 दिसंबर तक हवा की रफ्तार धीमी रहने का अनुमान है। इससे दिल्ली और एनसीआर में पलूशन बढ़ने का अनुमान है। हालांकि 15 दिसंबर के बाद से हवा की स्पीड में मामूली तेजी देखी जाएगी इससे पलूशन के स्तर में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी। कुल मिलाकर अगले छह दिन के दौरान दिल्ली के मौसम उतार चढ़ाव देखा जा सकता है।  

NIA की बड़ी कार्रवाई: दिल्ली ब्लास्ट के चार आरोपी कोर्ट में पेश, 12 दिन की जेल हिरासत

नई दिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में हुए ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को चार आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। आरोपियों में डॉक्टर मुजम्मिल, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद और आदिल अहमद शामिल हैं। इन सभी चारों आरोपियों को पिछली कस्टडी पूरी होने के बाद अदालत में पेश किया गया। अदालत ने इन सभी चार आरोपियों को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। एनआईए ने कोर्ट को बताया कि आरोपी डॉ. मुजम्मिल, डॉ. उमर नबी, आदिल अहमद, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान और इरफान अहमद मिलकर एक बड़ी साजिश रच रहे थे। एजेंसी के अनुसार, इस मॉड्यूल का उद्देश्य राजधानी में बड़े स्तर पर अशांति फैलाना और संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाना था। जांच में यह भी सामने आया कि डॉ. उमर नबी ने ही कार में विस्फोट किया था। चारों मुख्य आरोपियों को एनआईए की हिरासत समाप्त होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां उनके खिलाफ जुटाए गए प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की गई। अदालत ने गंभीरता को देखते हुए सभी को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस मामले के पांचवें आरोपी बिलाल नासिर को भी अदालत लाया गया, लेकिन उसे पेश करने का उद्देश्य अलग था। एनआईए ने उससे वॉयस सैंपल लेने की अनुमति मांगी है, ताकि कथित साजिश से जुड़े इंटरसेप्टेड कॉल्स और डिजिटल सबूतों का मिलान किया जा सके। जांच एजेंसी की मानें तो यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और इससे जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। बता दें कि दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए आतंकी विस्फोट से पूरा देश सहम गया था। शाम करीब 6:52 बजे हाई ट्रैफिक सिग्नल पर खड़ी सफेद हुंडई आई20 कार में जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना भयानक था कि कई गाड़ियां जलकर राख हो गईं, पास की दुकानों के शीशे बिखर गए। इस विस्फोट में 11 लोगों की जान चली गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। इस पूरे मामले की जांच एनआईए कर रही है, जिसमें सुसाइड बॉम्बिंग का भी खुलासा हुआ। मुख्य आरोपी डॉ. उमर (अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा), पुलवामा का रहने वाला था, जो आईएसआईएस से प्रेरित बताया जा रहा है।

IMD की बड़ी चेतावनी: 13-14 दिसंबर को मूसलाधार बारिश, इन राज्यों में रेडी रहें अलर्ट पर

नई दिल्ली  इस साल मानसून का सीजन बेहद शानदार रहा। देश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई और पिछले सालों की तुलना में इस बार बारिश का स्तर अधिक रहा। मानसून के बाद भी कुछ राज्यों में बारिश और ठंड का असर जारी है। मौसम विभाग ने 12 से 14 दिसंबर तक देश के विभिन्न हिस्सों के लिए चेतावनी जारी की है।  उत्तर प्रदेश: घना कोहरा, बारिश का कोई अलर्ट नहीं उत्तर प्रदेश में 13 और 14 दिसंबर को कई जिलों में घना कोहरा रहने की संभावना है। प्रभावित जिले है बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, मऊ, देवरिया और गाजीपुर। मौसम विभाग ने इस दौरान बारिश का कोई अलर्ट नहीं दिया है। सुबह-सुबह कोहरे के कारण दृश्यता कम रहने की संभावना है, इसलिए वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड: शुष्क मौसम और तेज धूप उत्तराखंड में 13 और 14 दिसंबर को मौसम शुष्क रहने की संभावना है। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में तेज धूप देखने को मिलेगी। दिन का तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा, लेकिन रात के समय न्यूनतम तापमान में गिरावट होने से ठंड बढ़ सकती है। दिल्ली: बढ़ती ठंड और शीतलहर का खतरा दिल्ली में ठंड बढ़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, 13 और 14 दिसंबर के बीच शीतलहर चल सकती है। इससे कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है। लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें और आवश्यक सावधानी बरतें।   बारिश और बर्फबारी का अलर्ट मौसम विभाग ने देश के कुछ हिस्सों में बारिश और बर्फबारी को लेकर चेतावनी जारी की है।      कर्नाटक के कुछ जिले, अंडमान-निकोबार, माहे, पुडुचेरी और कराईकल में 12 से 14 दिसंबर तक रुक-रुककर भारी बारिश की संभावना।     हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 13 दिसंबर से तेज बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू हो सकता है।     तमिलनाडु में 12 से 14 दिसंबर के बीच जमकर बादल बरसेंगे। इस दौरान बिजली गिरने और तेज हवा चलने का अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों की सलाह     सुबह और शाम को घने कोहरे और कम दृश्यता के समय वाहन चलाते समय सतर्क रहें।     पहाड़ों और नदियों के किनारे रहने वाले लोग अलर्ट रहें।     ठंड और बारिश से बचाव के लिए गर्म कपड़े और जरूरी इंतजाम रखें।     स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें। देश में 12 से 14 दिसंबर के बीच कोहरा, ठंड, बारिश और बर्फबारी के रूप में मौसम सक्रिय रहेगा। लोगों को मौसम की स्थितियों के अनुसार अपनी सुरक्षा और गतिविधियों की तैयारी करनी चाहिए।  

राजधानी में बड़ा बदलाव: दिल्ली में अब 13 जिले, सरकार ने नए भू-प्रस्ताव को दी हरी झंडी

नई दिल्ली  दिल्ली की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। राजधानी में अब तक 11 राजस्व जिले थे, लेकिन सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत इन्हें बढ़ाकर 13 जिले कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी दी गई। सरकार का दावा है कि इस कदम से प्रशासनिक सेवाएं लोगों तक तेजी से पहुंचेंगी और वर्षों से चला आ रहा विभागों के बीच तालमेल का संकट खत्म होगा। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह मसला कई सरकारों के दौरान लंबित रहा, लेकिन उनकी टीम ने इसे सिर्फ 10 महीनों में सुलझा दिया। उनका कहना है कि यह बदलाव राजधानी के लिए आवश्यक था क्योंकि दिल्ली की आबादी लगातार बढ़ रही है और पुरानी व्यवस्था पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा था। नए 13 जिले और उनसे जुड़े सब-डिविजन सरकार द्वारा घोषित नए जिलों और उप-विभागों की सूची इस प्रकार है:      जंगपुरा     कालकाजी     बदरपुर Old Delhi (पुरानी दिल्ली)     सदर बाजार     चांदनी चौक North (उत्तर)     बुराड़ी     आदर्श नगर     बड़ली New Delhi (नई दिल्ली)     दिल्ली छावनी     नई दिल्ली Central (केंद्रीय दिल्ली)     पटेल नगर     करोल बाग Central North (केंद्रीय-उत्तर)     शकरपुर बस्ती     शालीमार बाग     मॉडल टाउन South West (दक्षिण-पश्चिम)     नजफगढ़     मटीयाला     द्वारका     बिजवासन Outer North (बाहरी उत्तर)     मुंडका     नरेला     बवाना North West (उत्तर-पश्चिम)     किराड़ी     नांगलोई जाट     रोहिणी North East (उत्तर-पूर्व)     करावल नगर     गोकुलपुरी     यमुना विहार     शाहदरा East (पूर्वी दिल्ली)     गांधी नगर     विश्वास नगर     पटपड़गंज South (दक्षिण)     छतरपुर     मालवीय नगर     देवली     महरौली West (पश्चिम)     विकासपुरी     जनकपुरी     राजौरी गार्डन सीमाएं अब एक जैसी होंगी—MCD, NDMC और कैंट बोर्ड का तालमेल सुधरेगा मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक दिल्ली की सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि राजस्व जिलों की सीमाएं,     MCD     NDMC     दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड की सीमाओं से मेल नहीं खाती थीं। ऐसे में यह साफ नहीं होता था कि किसी शिकायत पर कार्रवाई कौन करेगा। फाइलें एक विभाग से दूसरे में घूमती रहती थीं, जिससे लोगों को समय पर सेवा नहीं मिलती थी। नई व्यवस्था में सभी सीमाएं एकसमान होंगी, जिससे भ्रम खत्म होगा और काम की रफ्तार बढ़ेगी। हर जिले में बनेगा मिनी सचिवालय सरकार के अनुसार, 13 जिलों के साथ अब कुल 39 सब-डिविजन होंगे। हर जिला मुख्यालय पर एक मिनी सचिवालय बनाया जाएगा, जिसमें:    SDM कार्यालय     ADM     तहसील     सब-रजिस्ट्रार ऑफिस     राजस्व से जुड़ी सभी सेवाएं एक ही इमारत में उपलब्ध होंगी। इससे लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। संपत्ति रजिस्ट्रेशन होगा आसान नए ढांचे के तहत सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों की संख्या बढ़ेगी और इन्हें सीधे सब-डिविजन से जोड़ा जाएगा। इससे:     मकानों और जमीन के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तेज होगी     रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन बेहतर होगा     नागरिकों को दूर-दूर जाकर कागज जमा नहीं कराने होंगे सरकार का दावा: सेवाएं होंगी तेज, जवाबदेही होगी मजबूत दिल्ली सरकार का कहना है कि इस कदम से:     विभागों में तालमेल बढ़ेगा     शिकायतों का निस्तारण तेजी से होगा     अधिकारियों पर कार्यभार संतुलित रहेगा     शहर की शहरी योजना और आपदा प्रबंधन बेहतर होगा     भूमि रिकॉर्ड में पारदर्शिता आएगी सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से प्रशासन और नागरिकों के बीच दूरी कम होगी और सेवा वितरण पहले से अधिक सरल और विश्वसनीय बन जाएगा। 2012 के बाद सबसे बड़ा बदलाव दिल्ली में इससे पहले वर्ष 2012 में बड़ा प्रशासनिक पुनर्गठन हुआ था, जब जिलों की संख्या 9 से बढ़ाकर 11 की गई थी। लंबे समय से विशेषज्ञ और विभिन्न समितियां यह सुझाव दे रही थीं कि लगातार बढ़ती आबादी के चलते ज्यादा और छोटे जिलों की जरूरत है। अब 13 जिलों का यह नया मॉडल राजधानी की प्रशासनिक प्रणाली को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।  

16 से 29 दिसंबर तक उमर खालिद को इंटरिम बेल, अदालत का बड़ा फैसला

नई दिल्ली  दिल्ली दंगा मामले में जेल में बंद जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को कड़कड़डूमा कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने गुरुवार को उनकी ओर से दायर उस याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उन्होंने अपनी बहन के निकाह में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी। सुनवाई के बाद, अदालत ने खालिद को 16 दिसंबर से 29 दिसंबर तक अंतरिम जमानत प्रदान की है। खालिद की बहन का निकाह 27 दिसंबर को होना है और याचिका में 14 दिसंबर से 29 दिसंबर तक की जमानत अवधि मांगी गई थी। हालांकि, अदालत ने खालिद को 16 दिसंबर से 29 दिसंबर तक की अंतरिम जमानत मंजूर की है।  अदालत ने अंतरिम रिहाई के साथ कुछ सख्त शर्तें भी लागू की हैं, जिनमें उमर खालिद सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करेंगे, किसी भी गवाह से संपर्क नहीं करेंगे और केवल परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, और करीबी दोस्तों से ही मिल सकेंगे। रिहाई के दौरान खालिद अपने घर पर ही रहेंगे या केवल उन स्थानों पर जा सकेंगे जहां शादी की रस्में और कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अलावा, उन्हें 29 दिसंबर की शाम तक सरेंडर करना होगा। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने सितंबर 2020 में उमर खालिद को गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप है कि उसने फरवरी 2020 में दिल्ली में बड़े पैमाने पर हिंसा की साजिश रची थी। इस मामले में यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत केस दर्ज किया गया है। खालिद के साथ शरजील इमाम और कई अन्य लोगों पर भी इसी मामले में साजिशकर्ता होने का आरोप है। दिल्ली दंगे में कई लोगों की मौत हुई थी, जबकि करीब 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। हिंसा की शुरुआत सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई थी, जहां कई स्थानों पर हालात बेकाबू हो गए थे। पिछली सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (जो दिल्ली पुलिस का पक्ष रख रहे हैं) ने कहा था कि 2020 की हिंसा कोई अचानक हुई सांप्रदायिक झड़प नहीं थी, बल्कि राष्ट्रीय संप्रभुता पर हमला करने के लिए सुविचारित, सुनियोजित और योजनाबद्ध षड्यंत्र था। उन्होंने कहा था कि हमारे सामने यह कहानी रखी गई कि एक विरोध प्रदर्शन हुआ और उससे दंगे भड़क गए। मैं इस मिथक को तोड़ना चाहता हूं। यह स्वतःस्फूर्त दंगा नहीं था, बल्कि पहले से रचा गया था, जो सबूतों से सामने आएगा। मेहता ने दावा किया था कि जुटाए गए सबूत (जैसे भाषण और व्हाट्सएप चैट) दिखाते हैं कि समाज को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की स्पष्ट कोशिश की गई थी। उन्होंने विशेष रूप से शरजील इमाम के कथित भाषण का जिक्र करते हुए कहा था कि इमाम कहते हैं कि उनकी इच्छा है कि हर उस शहर में चक्का जाम हो जहां मुसलमान रहते हैं।