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‘युवराज’ नाम पड़ा था प्रेरणा से, अब खुद बन गया स्टार: टी20 वर्ल्ड कप में चमके युवराज सामरा

नई दिल्ली युवराज सामरा चर्चा में हैं। कनाडा का ये क्रिकेटर मंगलवार को न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की नाक में दम कर दिया। टी20 विश्व कप में सबसे कम उम्र में शतक जड़कर इतिहास रच दिया। कनाडा मैच नहीं जीत पाया लेकिन युवराज ने लाखों क्रिकेटप्रेमियों का दिल जीत लिया। उनके पिता ने भारत के दिग्गज क्रिकेटर युवराज सिंह के नाम पर उनका नाम रखा था। उस समय उन्हें क्या पता कि एक दिन उनका बेटा भी क्रिकेट के सबसे बड़े मंच में से एक टी20 विश्व कप में नाम करेगा। बल्ले का ऐसा जौहर दिखाएगा कि गेंदबाजों की शामत आ जाएगी। टी20 विश्व कप के इतिहास में सबसे कम उम्र में शतक न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए कनाडा की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 173 रन का स्कोर खड़ा किया। ओपनर युवराज सामरा ने सिर्फ 65 गेंदों में 110 रनों की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके और 6 छक्के जड़े। इसके साथ ही युवराज ने टी20 विश्व कप के इतिहास में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने ये शतक 19 वर्ष और 141 दिन की उम्र में पूरा किया। युवराज सामरा ने कप्तान दिलप्रीत बाजवा के साथ पहले विकेट के लिए 116 रन की शानदार साझेदारी निभाई। बाजवा ने 36 गेंदों में 39 रन बनाए। युवराज सामरा के शतक पर भारी पड़ी ग्लेन फिलिप्स की पारी जवाब में न्यूजीलैंड ने प्लेयर ऑफ द मैच ग्लेन फिलिप्स की 36 गेंदों में खेली गई 76 रनों की नाबाद तूफानी पारी की बदौलत 29 गेंद बाकी रहते ही 8 विकेट से मैच जीत लिया। युवराज सिंह के नाम पर पिता ने रखा नाम युवराज सामरा का पूरा नाम युवराज सिंह सामरा है। उनके पिता बलजीत सिंह भारत से जाकर कनाडा में बस गए थे। युवराज का वही पर जन्म हुआ और उनके पिता ने उनका नाम दिग्गज ऑलराउंडर और भारत की विश्व विजयी टीम के हीरो युवराज सिंह के नाम पर रखा था। सिर्फ 15 गेंद में फिफ्टी भी जड़ चुके हैं युवराज सामरा युवराज सामरा ने पिछले साल जून में बहामास के खिलाफ महज 15 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था। टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड भारत के युवराज सिंह के नाम है। उन्होंने सिर्फ 12 गेंद में अर्धशतक जड़ा था। युवराज सामरा ने भी अपनी उस पारी से टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज अर्धशतक बनाने वाले कनाडाई बल्लेबाज का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उस मैच में कनाडा को जीत के लिए सिर्फ 53 रन चाहिए थे और सामरा ने फिफ्टी जड़ दी थी। युवराज सामरा के अब तक के करियर की बात करें तो उन्होंने 8 ओडीआई खेले हैं। इसमें उनके नाम 24.57 की औसत से 172 रन है। ओडीआई में उनका सर्वोच्च स्कोर 53 रन है। युवराज सामरा ने अब तक 19 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इन मैचों में उन्होंने 37.93 की शानदार औसत से 569 रन बनाए हैं। टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम 3 अर्धशतक और 1 शतक दर्ज हैं। सामरा युवराज सिंह की तरह गेंदबाजी भी करते हैं। वह राइट ऑर्म मीडियम फास्ट बोलर हैं। टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम 2 विकेट भी दर्ज हैं।

दिल्ली AI समिट में एंथ्रोपिक CEO सहित बड़े नामों की शिरकत, गेस्ट लिस्ट और एजेंडा पर एक नजर

  नई दिल्ली  नई दिल्ली में आज आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को लेकर एक बड़ा इवेंट होने जा रहा है. इस इवेंट का नाम AI Impact Summit है. ये इवेंट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितना महत्वपूर्ण है, उसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इसमें करीब करीब 7 देशों के राष्ट्रपति, 9 देशों के प्रधानमंत्री, दुनियाभर की बड़ी AI टेक कंपनियों के CEO शामिल होने जा रहे हैं. इसमे एंथ्रॉपिक के सीईओ डारियो अमोडेई भी शामिल होंगे.  एंथ्रॉपिक के सीईओ डारियो अमोडेई के नाम आधुनिक AI सिस्टम के डेवलपमेंट और कंट्रोल के तरीके को चुपचाप प्रभावित किया है, जिसकी वजह से उन्होंने चर्चाएं बटौरी थी.  AI Impact Summit को लेकर नई दिल्ली में बड़े स्तर पर तैयारी और सिक्योरिटी के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. ग्लोबल लीडर्स और वीवीआईपी की सिक्योरिटी के लिए नई दिल्ली के कई रूट्स को डायवर्ड भी किया गया है.  AI Impact Summit के तहत किन मुद्दों पर चर्चा होगी  AI Impact Summit के दौरान का आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के बढ़ते प्रभाव के बीच में कई सवाल उठ रहे हैं. AI की वजह से नौकरियों से लेकर सिक्योरिटी तक का सवाल मौजूद है. साथ ही इस दौरान चर्चा होगी कि बड़े-बड़े डेटा सेंटर की वजह से पर्यावरण पर क्या असर पड़ेगा.  AI Impact Summit के मुख्य स्पीकर      नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री, भारत       इमैनुएल मैक्रों, राष्ट्रपति, फ्रांस     सुंदर पिचाई, CEO, गूगल     मुकेश अंबानी, चेयरमैन एवं MD, रिलायंस इंडस्ट्रीज     सैम ऑल्टमैन, CEO, ओपनएआई     शांतनु नारायण, CEO, एडोबी     क्रिस्टियानो एमोन, CEO, क्वालकॉम     डारियो अमोडेई, CEO, एंथ्रॉपिक     डेमिस हासाबिस, CEO, गूगल डीपमाइंड     आर्थर मेंश, CEO, मिस्ट्रल AI     अलेक्जेंडर वांग, चीफ AI ऑफिसर, मेटा     प्रत्युष कुमार और विवेक राघवन, सह-संस्थापक, सर्वम AI     विशाल सिक्का, संस्थापक एवं CEO, वियानाई सोमवार का सेशन  16 फरवरी की शुरुआत का सेशन 'AI के दौर में रोजगार का भविष्य' होगा. इस सेशन के स्पीकर देश के जाने-माने शख्स हैं. इसमें भारत सरकार में मुक्य आर्थिक सलाहकार वी अनंथा नागेश्वरन, इफोएज के संजीव भिकचंदानी शामिल हैं. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसन से अनुराग मैरान और AI4India के शशि शेखर वंपति है. AI युग में रोजगार का भविष्य, जो 19 फरवरी (सुबह 9:30 – 10:30) को होगा. इसमें बतौर स्पीकर वी. अनंथा नागेश्वरन, संजीव बिखचंदानी, अनुराग मैराल, शशि शेखर वेंपती जैसे लोग सामिल होंगे.  फायरसाइड चैट का सेशन 19 फरवरी (12:04 – 12:24 बजे) होगा, जिसको एंथ्रॉपिक के सीईओ डारियो अमोडेई शामिल होंगे.  आर्थिक विकास और सामाजिक भलाई के लिए AI का सेशन 20 फरवरी (सुबह 9:30 – 10:30 बजे) होगा.   AI Impact Summit में क्या खास होगा?  AI Impact Summit में काफी कुछ खास होने वाला है. इसमें 500 से ज्यादा AI स्टार्टअप हिस्सा लेंगे. 500 से ज्यादा सेशन आयोजित होंगे. यहां AI के फायदे और उनके नुकसान को कैसे कम किया जाएगा, उसको लेकर चर्चा और डेमो दिखाया जाएगा. 

DU विवाद में मेघा ने तोड़ी चुप्पी, कहा- यह व्यक्तिगत समर्थन था, किसी संगठन से संबंध नहीं

नई दिल्ली डीयू में हुए विवादित घटनाक्रम के बाद वायरल वीडियो को लेकर यूट्यूबर मेघा ने अपना पक्ष रखा है। मेघा ने कहा कि उन्होंने 'ब्रह्मणवाद जिंदाबाद' का नारा अपनी पत्रकार मित्र रुचि तिवारी के समर्थन में लगाया था, जिसे निशाना बनाया गया। मेघा ने स्पष्ट किया कि उनका किसी छात्र संगठन से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने जातियों से ऊपर उठकर हिंदू एकता बनाए रखने की अपील की। मेघा के अनुसार पूरा मामला तब शुरू हुआ जब पेशे से पत्रकार उनकी मित्र रुचि तिवारी डीयू इलाके में मौजूद थीं। उसी दौरान जेएनयू के कुछ छात्र वहां यूजीसी के समर्थन में प्रदर्शन करने पहुंचे। मेघा ने कहा कि प्रदर्शन करना किसी का अधिकार है, लेकिन आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी मित्र से उनका सरनेम, जाति और गोत्र पूछे और ब्राह्मण होने के कारण उन्हें निशाना बनाया। मेघा का दावा है कि उनकी मित्र के साथ सड़क पर बदसलूकी की गई, जिसके बाद वे लोग मॉरिस नगर थाने पहुंचे। पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया, लेकिन मेघा का कहना है कि सभी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान उनके समूह पर भी दबाव बनाया गया और उन्हें किनारे करने की कोशिश की गई। मेघा ने कहा कि इसी स्थिति में उन्होंने ब्राह्मण समुदाय के समर्थन में नारे लगाए। उन्होंने बताया कि वे स्वयं ब्राह्मण नहीं हैं, लेकिन किसी भी समुदाय के साथ अन्याय होने पर उसके समर्थन में खड़े होना जरूरी है। मेघा ने लोगों से जाति के आधार पर विभाजन से बचने और धर्म के आधार पर एकजुट रहने की अपील की। मेघा ने अपने बयान में एबीवीपी और डीयू से किसी भी प्रकार के संबंध से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके खिलाफ यह प्रचार कर रहे हैं कि वे एबीवीपी से जुड़ी हैं या डीयू की छात्रा हैं, जबकि वे एक स्वतंत्र रिपोर्टर हैं और चाहें तो अपना प्रेस कार्ड दिखा सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आइसा के कुछ नेताओं द्वारा उनके खिलाफ गलत जानकारी फैलाई जा रही है। मेघा ने आरोप लगाया कि देश में जातियों के आधार पर समाज को बांटने का एक बड़ा एजेंडा चल रहा है। पिछले वर्षों में जो हिंदू एकता बनी थी, उसे तोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने ब्राह्मण, क्षत्रिय, शूद्र और वैश्य को 'चार भाई' बताते हुए एकजुट रहने का आह्वान किया। मेघा ने जेएनयू की विचारधारा पर भी तीखी टिप्पणी की और कहा कि कुछ नारे और गतिविधियां देशविरोधी मानसिकता को दर्शाती हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसी सोच देश के लिए हानिकारक है और समाज में विभाजन पैदा करती है। यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर बोलते हुए मेघा ने कहा कि यदि नई व्यवस्था लागू होती है तो जातिवाद बढ़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि सामाजिक विभाजन बढ़ने से समाज कमजोर होगा और बाहरी चुनौतियां मजबूत होंगी। मेघा ने सरकार से अन्य मुद्दों, जैसे जनसंख्या नियंत्रण, एंटी-कन्वर्जन कानून और अन्य नीतिगत मामलों पर भी ध्यान देने की बात कही। मेघा ने कहा कि लोगों को जाति के आधार पर नहीं, बल्कि एक बड़े सामाजिक और सांस्कृतिक ढांचे के रूप में एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी संगठन का समर्थन करना नहीं, बल्कि अपने मित्र के समर्थन में खड़ा होना और समाज में एकता का संदेश देना था।

मामूली विवाद से मर्डर तक: रोहिणी में टोपी को लेकर युवक की हत्या, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने किया चौंकाने वाला खुलासा

नई दिल्ली मुख्य आरोपी ने इस दौरान दूसरे लड़के से कहा कि वह पीड़ित को पकड़कर रखने के लिए कहा और चाकू से गोद दिया। इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित को धमकाया कि वह इसबारे में अपने परिवारवालों को कुछ न बताए। उत्तर-पश्चिम दिल्ली के रोहिणी इलाके में टोपी को लेकर हुए झगड़े के दौरान एक लड़के को कथित तौर पर चाकू मारा दिया गया। अस्पताल में ईलाज के दौरान दो दिन बाह ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है जबकि मुख्य आरोपी परिवार संग फरार है। आरोपियों ने पीड़ित को धमकाया था कि वह अपने ऊपर हमले के बारे में किसी को न बताए। दरअसल मामला 11 फरवरी का जब तीनों छत पर बैठे थे। इस दौरान एक लड़के ने पीड़ित की टोपी छीन ली और साथ ही उसे वापस करने से भी इनकार किया जिससे बहस शुरू हो गई। इस दौरान बहस ने हिंसक रूप ले लिया। मुख्य आरोपी ने इस दौरान दूसरे लड़के से कहा कि वह पीड़ित को पकड़कर रखने के लिए कहा और चाकू से गोद दिया। इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित को धमकाया कि वह इसबारे में अपने परिवारवालों को कुछ न बताए और यह कहे कि लोहे की रॉड पर गिरने से उसे चोट लगी है। उन्होंने उसे इलाज कराने का आश्वासन भी दिया। डर के मारे पीड़ित ने शुरू में अपने परिवार से यही झूठ बोला। पीड़ित और मुख्य आरोपी परिवार संग विजय विहार में एक ही बिल्डिंग में रहते हैं। पीड़ित को धमकाया था कि वह अपने ऊपर हमले के बारे में किसी को न बताए। पोस्टमार्टम में ऐसे खुली पोल पुलिस के मुताबिक पीड़ित बेहद डर गया था। यह मामला तब सामने आया जब घायल लड़के को 11 फरवरी को बीएसए अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआत में उसने डॉक्टरों को बताया कि वह अपने घर की छत से लोहे की रॉड पर गिर गया था। इसके बाद 13 जनवरी को ईलाज के दौरान पीड़ित ने दम तोड़ दिया। 14 फरवरी को पोस्टमार्टम किया गया तो सामने आया कि घाव किसी धारदार हथियार से किया गया है। मुख्य आरोपी अब भी फरार हत्या की आशंका होने पर विजय विहार थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया तो मुख्य आरोपी अब भी फरार है जिसकी तलाश जारी है। क्राइम और फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सबूत इकट्ठा कर लिए हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।  

नोएडा में सनसनी: प्रेमी ने वैलेंटाइन डे पर प्रेमिका की हत्या कर खुद को मारी गोली

नई दिल्ली नोएडा के सेक्टर 39 छात्रा क्षेत्र से खौफनाक घटना सामने आई है। वैलेंटाइन डे पर यहां एक कार से एक लड़का और लड़की के शव बरामद हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर दोनों शवों को बाहर निकाला। पुलिस को कार से एक पिस्टल भी बरामद हुई । अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक मामला हत्या और आत्महत्या का है। पहले लड़के ने लड़की को गोली मारी और फिर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। कार के अंदर से दो खोखे और पिस्टल मिले हैं। स्थानीय लोगों मे पुलिस को मामले की सूचना दी थी जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कार का शीशा तोड़कर दोनों शवों को बाहर निकाला। मृतकों की पहचान त्रिलोकपुरी के सुमित और सलारपुर की रेखा देवी के रूप में हुई है।

डॉ. हेडगेवार को श्रद्धांजलि: सीएम रेखा गुप्ता ने किया प्रतिमा अनावरण, स्वास्थ्य सेवाओं में होगा विस्तार

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को शाहदरा के डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पहले सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने जो विचार और लक्ष्य शुरू किया था, वह आज मजबूत और विशाल संगठन के रूप में देश सेवा कर रहा है। व्यक्ति निर्माण के जरिए समाज को संगठित करने का उनका मार्ग आज भारत के सांस्कृतिक जागरण की मजबूत नींव बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान में लगी यह प्रतिमा केवल स्मारक नहीं है, बल्कि यह सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना की प्रेरणा देती रहेगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री पंकज कुमार सिंह, विश्वास नगर के विधायक ओम प्रकाश शर्मा, लक्ष्मी नगर के विधायक अभय वर्मा, शाहदरा के विधायक संजय गोयल, कृष्णा नगर के विधायक अनिल गोयल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने अस्पताल की बढ़ती जरूरत को देखते हुए इसके विस्तार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जल्द ही यहां नई मंजिल बनाई जाएगी और आधुनिक चिकित्सा मशीनें लगाई जाएंगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि संस्थान में जो भी कमियां हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विस्तार के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर काम जल्द शुरू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनापार की बड़ी आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, इसके लिए मजबूत और व्यवस्थित हेल्थ नेटवर्क बनाना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के एक साल के कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया गया है। 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों के लिए ‘वय वंदन योजना’ की शुरुआत की गई है। अब तक 7 लाख से अधिक नागरिक इस योजना में पंजीकृत हो चुके हैं और लगभग 30,000 लोगों को उपचार का लाभ मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में अब तक 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जा चुके हैं और 1100 केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार के सभी अस्पतालों को पूर्ण रूप से डिजिटल किया जा चुका है। अब प्रत्येक मरीज का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड उपलब्ध है, ऑनलाइन ओपीडी अपॉइंटमेंट की सुविधा शुरू कर दी गई है और किसी भी अस्पताल में उपचार का पूरा इतिहास एक क्लिक में देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि उपचार प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित होगी। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा के कारण कई अस्पतालों में आवश्यक मशीनों का अभाव था, लेकिन वर्तमान सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। जी. बी. पंत अस्पताल में अत्याधुनिक सीटी स्कैनर, न्यूरो लैब और न्यूरो आईसीयू जैसी सुविधाएं स्थापित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्षों से निष्क्रिय पड़े यमुनापार विकास बोर्ड को पुनर्जीवित कर 700 करोड़ रुपये का विशेष फंड प्रदान किया गया है। इस बजट के माध्यम से यमुनापार क्षेत्र में सड़कों, ड्रेनेज और अन्य आधारभूत ढांचे का तेजी से विकास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति और नियत दोनों ही जनसेवा के लिए समर्पित हैं। जनता का धन जनता की सेवा में ही लगाया जा रहा है।

20 फरवरी डेडलाइन: दिल्ली विधानसभा ने पंजाब अधिकारियों को आखिरी चेतावनी दी

नई दिल्ली दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) नेता आतिशी मार्लेना की टिप्पणी से जुड़े मामले में दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार कमेटी ने पंजाब सरकार के अफसरों से अपना जवाब देने को 20 फरवरी तक अंतिम मौका दिया है।   दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) नेता आतिशी मार्लेना की टिप्पणी से जुड़े मामले में दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार कमेटी ने पंजाब सरकार के अफसरों से अपना जवाब देने को 20 फरवरी तक अंतिम मौका दिया है। कमेटी ने शिकायत की कॉपी, एफआईआर और फोरेंसिक रिपोर्ट भी तलब की है। किन-किन अफसरों कों भेजा पत्र दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार कमेटी ने पत्र लिखकर पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और जालंधर के पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि वे विपक्ष की नेता आतिशी से संबंधित कथित टिप्पणियों के मामले में अपना लिखित उत्तर 20 फरवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। पत्र में कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यह तिथि अंतिम अवसर के रूप में मानी जाएगी और इसके बाद कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। कमेटी ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), पंजाब सरकार से इस प्रकरण से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मांगे हैं। इनमें शिकायत की कॉपी एवं उसके संलग्नक, जिनके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई, एफआईआर की कमेटी, पंजाब पुलिस के सोशल मीडिया विशेषज्ञ (टेक्निकल सेल) की रिपोर्ट तथा पंजाब की फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट शामिल हैं। जानकारी नहीं देने को अवमानना माना जाएगा कमेटी ने निर्देश दिया है कि सभी जवाब और दस्तावेज निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत किए जाएं, ताकि प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों के अनुसार उन पर विचार किया जा सके। समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में इसे विशेषाधिकार हनन एवं अवमानना के रूप में देखा जा सकता है। पंजाब सरकार ने क्या कहा था यह भी उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी 2026 को पंजाब सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), कार्यालय द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 5 फरवरी 2026 को दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा भेजे गए पत्र से पूर्व इस मामले में कोई डायरेक्ट कम्युनिकेशन प्राप्त नहीं हुआ था। पत्र में यह भी बताया गया है कि डीजीपी पंजाब, पुलिस कमिश्नर जालंधर तथा डायरेक्टर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, पंजाब की टिप्पणियां दिल्ली के संबंधित कार्यालयों को भेज दी गई हैं। साथ ही, एक विस्तृत और समेकित औपचारिक उत्तर तैयार किया जा रहा है, जिसे सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया गया है। यह मामला सदन के पटल पर दिए गए वक्तव्यों तथा उसके पश्चात पंजाब पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के संदर्भ में विशेषाधिकार हनन और अवमानना की शिकायतों से संबंधित है। विशेषाधिकार कमेटी वर्तमान में इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है, जिसमें संबंधित अधिकारियों के आचरण तथा दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा मांगी गई सूचनाओं और पत्राचार के निपटान की प्रक्रिया भी शामिल है।  

‘नाम बदलकर श्रेय लूट रही सरकार’—मोहल्ला क्लीनिक विवाद पर सौरभ भारद्वाज के गंभीर आरोप

नई दिल्ली दिल्ली की राजनीति में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मोहल्ला क्लीनिकों और पुरानी डिस्पेंसरियों का नाम बदलकर ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ रख रही है और इसे नई उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली सरकार 370 आरोग्य मंदिर खोलने का दावा कर रही है, लेकिन मुख्यमंत्री को जनता को यह बताना चाहिए कि इनमें से कितने केंद्र नई इमारतों में संचालित हो रहे हैं और कितने पहले से चल रही स्वास्थ्य सुविधाओं में ही नाम बदलकर शुरू किए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन 370 में से कितने पहले मोहल्ला क्लीनिक थे, कितने दिल्ली सरकार की डिस्पेंसरियां थीं और कितने एमसीडी की स्वास्थ्य इकाइयां थीं। आप नेता ने आरोप लगाया कि सरकार जमीन पर कोई नई स्वास्थ्य संरचना खड़ी करने के बजाय पूर्ववर्ती अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान शुरू किए गए मोहल्ला क्लीनिकों का नाम बदलकर वाहवाही लूटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अधिकांश आरोग्य मंदिर उन्हीं भवनों में चल रहे हैं जहां पहले से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध थीं और वहां तैनात डॉक्टर, फार्मासिस्ट व अन्य स्टाफ भी वही हैं। सौरभ भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि सीएम रेखा गुप्ता ने मोहल्ला क्लीनिकों के स्टाफ से वादा किया था कि किसी की नौकरी नहीं जाएगी, लेकिन बाद में कई कर्मचारियों को हटाया गया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल कर्मचारियों के परिवारों पर आर्थिक संकट आया है, बल्कि सरकार की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हुए हैं। आप नेता ने कहा कि दिल्ली की जनता सच्चाई जानती है और केवल नाम बदलने से स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति नहीं सुधरती। उन्होंने मुख्यमंत्री से पारदर्शिता बरतते हुए विस्तृत आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि स्पष्ट हो सके कि वास्तव में कितने नए आरोग्य मंदिर बनाए गए हैं और कितने पुराने ढांचे को ही नया नाम दिया गया है।

सीमा हैदर का असर भारी, गुलाम को पीछे हटना पड़ा एक मोर्चे पर

ग्रेटर नोएडा चार बच्चों को लेकर पाकिस्तान से भागकर भारत आई सीमा हैदर ने अपने पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर के खिलाफ एक जंग में जीत हासिल करती दिख रही है। दोनों के बीच कानूनी लड़ाई भले ही अभी जारी है, लेकिन सोशल मीडिया पर दोनों के बीच लंबे समय तक चली कुश्ती में गुलाम हैदर अब हांफ गया है।   चार बच्चों को लेकर पाकिस्तान से भागकर भारत आई सीमा हैदर ने अपने पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर के खिलाफ एक जंग में जीत हासिल करती दिख रही है। दोनों के बीच कानूनी लड़ाई भले ही अभी जारी है, लेकिन सोशल मीडिया पर दोनों के बीच लंबे समय तक चली कुश्ती में गुलाम हैदर अब हांफ गया है। एक तरफ जहां सीमा हैदर यूट्यूब से होने वाली कमाई से सचिन का ना सिर्फ घर चला रही है, बल्कि नया मकान भी बनवा दिया है तो दूसरी तरफ गुलाम उसे गाली दे-देकर थक चुका है। हैदर ने सोशल मीडिया से दूरी बना ली है। दरअसल, सीमा हैदर के भारत आने के बाद जब वह पकड़ी गई तो मीडिया और सोशल मीडिया में वह बहुत चर्चित हो गई। इस बीच सीमा हैदर के पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर ने भी सोशल मीडिया पर एंट्री मारी। सीमा की तरह वह भी फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर मशहूर हो गया। एक तरफ लोग सीमा की प्रेम कहानी सुनते तो दूसरी तरफ गुलाम हैदर की झुंझलाहट को देखते थे। लाइक्स, कॉमेंट और व्यूज के जरिए होने वाली कमाई ने हैदर को भी एक नया रोजगार दे दिया था। गुलाम हर दिन वीडियो बनाने लगा। कभी लाइव आकर तो कभी लंबे-लंबे वीडियो बनाकर व्यूज बटोरने लगा। वह कभी सीमा हैदर को गालियां देता, कभी उसका नाम लेकर थूकता, कभी अपने बच्चों को वापस पाने की तड़प दिखाता, कभी भारत सरकार से बच्चों की वापसी के लिए गुहार लागाता था। इधर से सीमा कुछ कहती तो अगले दिन गुलाम उसका जवाब लेकर हाजिर होता था। सीमा के डांस वीडियो, सचिन के संग रोमांस, सचिन के बच्चे की मां बनने आदि से जुड़े वीडियो पर गुलाम हर दिन यूट्यूब लाइव करने लगा। शांत पड़ चुका है गुलाम हैदर एक तरफ सीमा के व्यूज बढ़ते चले गए तो दूसरी तरफ एक ही बात को हर दिन दोहराने की वजह से गुलाम हैदर के व्यूज घटने लगे। धीरे-धीरे वह कम वीडियो बनाने लगा और अब पिछले एक महीने से पूरी तरह शांत पड़ चुका है। इंस्टाग्राम, फेसबुक के साथ ही उसने यूट्यूब पर भी आना बंद कर दिया है। गुलाम हैदर आखिरी बार करीब एक महीने पहले यूट्यूब पर लाइव हुआ था और तब उसने सीमा की बजाय बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर अपनी भड़ास निकाली थी। डॉ. नुसरत का हिजाब हटाए जाने से वह बौखलाया हुआ था। इधर यूट्यूब की कमाई से सीमा की बल्ले-बल्ले एक तरफ जहां गुलाम हैदर शांत पड़ चुका है तो दूसरी तरफ सीमा हैदर पूरी तरह एक व्लॉगर बन चुकी है। बच्चों को पालने से लेकर बाहर जाने, घर के कामकाज से जुड़े वीडियो बनाकर वह यूट्यूब से अच्छी कमाई कर रही है। सीमा ने कभी अपनी कमाई का खुलासा तो नहीं किया लेकिन हाल हमें उसने एक बार फिर कहा कि यूट्यूब की कमाई से ही सचिन का घर चल रहा है और उन्होंने नया मकान भी बनवा लिया है। सचिन दूसरी बार पिता बनने जा रहा है तो सीमा छठे बच्चे को जन्म देने वाली है।

दिल्ली शराब नीति मामला: केजरीवाल और सिसोदिया की बढ़ीं मुश्किलें? आरोप तय करने पर फैसला सुरक्षित

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली शराब घोटाला मामले में आरोप तय करने पर आदेश सुरक्षित रख लिया। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने सीबीआई और अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों की दलीलें सुनने के बाद अपना ऑर्डर सुरक्षित रख लिया। अब इस नजरें अदालत के फैसले पर टिकी हैं। देखना होगा कि कोर्ट अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर आरोप तय करने के आदेश देती है या नहीं… क्या आरोप? अदालत 27 फरवरी को अपना फैसला सुना सकती है। सीबीआई ने सबसे पहले 2022 में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद उसकी ओर से पूरक आरोप पत्र पेश किए गए थे। आरोप है कि दिल्ली आबकारी नीति को अपने पक्ष में करवाने के लिए शराब कारोबारियों की साउथ लॉबी की ओर से 100 करोड़ रुपये दिए गए थे। 23 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट इस मामले में सीबीआई की ओर से 23 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। इन आरोपियों में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, के. कविता, कुलदीप सिंह, नरेंद्र सिंह, विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, अरुण रामचंद्र पिल्लई, मुथा गौतम, समीर महेंद्रू, अमनदीप सिंह ढल, अर्जुन पांडे, बुच्चीबाबू गोरंटला, राकेश जोशी, दामोदर प्रसाद शर्मा, प्रिंस कुमार, चनप्रीत सिंह रायत, अरविंद कुमार सिंह, दुर्गेश पाठक, अमित अरोड़ा, विनोद चौहान, आशीष माथुर और पी सरथ चंद्र रेड्डी शामिल हैं। आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत- सीबीआई सीबीआई ने कहा कि साजिश के अपराध को पूरी तरह से देखा जाना चाहिए। आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है। सीबीआई की तरफ से एएसजी डीपी सिंह और वकील मनु मिश्रा पेश ने अपनी दलीलों में कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए काफी सबूत और आधार मौजूद हैं। केजरीवाल के खिलाफ ठोस सबूत नहीं- बचाव पक्ष वरिष्ठ वकील एन हरिहरन ने अपनी दलील में कहा कि अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आरोप तय करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है। केजरीवाल के खिलाफ कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला है। केजरीवाल के खिलाफ चार्जशीट पिछली चार्जशीट की बस एक कट-पेस्ट कॉपी है। वह उस समय मुख्यमंत्री के रूप में केवल अपना आधिकारिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। केजरीवाल के खिलाफ आरोप कट-पेस्ट वरिष्ठ वकील एन हरिहरन ने यह भी कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जो उनके साउथ लॉबी से पैसे लेने के अनुरोध से जोड़ता हो। केजरीवाल का नाम पहली चार्जशीट या उसके बाद की 3 पूरक चार्जशीट में नहीं था। उनका नाम चौथी पूरक चार्जशीट में आया। यह भी कहा गया कि चौथी चार्जशीट का विषय वही है जो पिछली चार्जशीट का था। केजरीवाल के खिलाफ लगाए आरोप कट पेस्ट ही हैं। पैसे लेने के लिए कहने के कोई सबूत नहीं अदालत ने वरिष्ठ वकील से मगुंटा के बयान के बारे में विस्तार से जानकारी मांगी है जो अब सरकारी गवाह बन गया है। आरोप है कि किसी ने मगुंटा को केजरीवाल की ओर से पैसे देने के लिए कहा था। यह भी बताया गया कि राघव मगुंटा पहले आरोपी था लेकिन बाद में उसे सरकारी गवाह बना दिया गया। वरिष्ठ वकील एन हरिहरन ने अपनी दलील में कहा कि ऐसा कोई सबूत या लिंक नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि केजरीवाल ने किसी से भी साउथ लॉबी से पैसे लेने के लिए कहा था।