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सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे का खौफनाक वीडियो आया सामने, पलभर में जमींदोज हुई 5 मंजिला इमारत

नई दिल्ली  दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत के ढहने से छह लोगों की मौत हो गई है, जबकि राहत एवं बचाव के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अब इस घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें इमारत अचानक भरभराकर गिरती हुई दिखाई दे रही है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित इस इमारत में लड़कों के लिए पीजी था। रविवार दोपहर करीब 1 बजकर 30 मिनट के आसपास इमारत अचानक ढह गई, इस दौरान वहां पर मरम्मत और निर्माण कार्य चल रहा है। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि कुछ ही पलों में पूरी इमारत अचानक जमींदोज हो जाती है और मलबा सड़क पर फैल जाता है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। चारों ओर छाया धूल का गुबार वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि बिल्डिंग के गिरते ही चारों ओर धूल का गुबार छा गया था। साथ ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि हादसे के तुरंत बाद ही स्थानीय लोगों और रेस्क्यू टीमों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों की तलाश की। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी सोमवार सुबह भी दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), दिल्ली अग्निशमन सेवा और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमें अभियान में जुटी हैं। मलबे उठाने का काम भी जारी है। अधिकारियों ने बताया कि मलबे में अभी भी कई लोगों, जिनमें अधिकतर छात्र हैं, के फंसे होने की आशंका है और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं। लगभग 40-50 साल पुरानी इस इमारत में एक तहखाना और पांच ऊपरी मंजिलें थीं। इसका इस्तेमाल छात्रों के लिए पीजी के तौर पर किया जा रहा था, जिनमें से कई छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस में पढ़ाई कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि परिसर में लगभग 40 लोगों के ठहरने के कमरे थे। सीएम रेखा गुप्ता ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश वहीं, रविवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बहुमंजिला इमारत के ढहने की घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इमारत गिरने के कारणों की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया और इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रेखा गुप्ता ने घटनास्थल पर स्थिति का जायजा लेने के बाद कहा, "इस गंभीर घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों को पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाएगा और कानून के कड़े प्रावधानों के तहत उनसे निपटा जाएगा।" पुलिस के अनुसार, कथित मालिक हरिराम और अन्य के खिलाफ साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम) अमित गोयल ने मामले के दर्ज होने की पुष्टि की।

कैंपस बैठकों और क्लास के दौरान छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें करने का आरोप

नई दिल्ली जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के एक प्रोफेसर पर 10 से अधिक छात्राओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। यूनिवर्सिटी की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) इन शिकायतों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, ये शिकायतें करीब एक महीने पहले दर्ज कराई गई थीं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के कैंपस में ही रहने वाले प्रोफेसर पर आरोप है कि उसने कुछ छात्रों को अपने घर पर ही आयोजित बैठकों में बुलाया और वहां कथित तौर पर यौन दुर्व्यवहार किया या प्रस्ताव किए। कुछ शिकायतों में क्लास के दौरान भी आपत्तिजनक और अश्लील टिप्पणियां किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। सीनियर छात्राओं ने भी लगाए आरोप अधिकारियों के अनुसार, प्रोफेसर के खिलाफ हाल में एक शिकायत सामने आने के बाद कुछ सीनियर छात्राएं भी सामने आईं और उन्होंने भी इस तरह के आरोप लगाए हैं। जानकारी के मुताबिक, ICC फिलहाल इन शिकायतों की जांच कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कमेटी जैसे-जैसे अपनी जांच का दायरा बढ़ाएगी अभी और शिकायतें सामने आ सकती हैं। ICC ने टिप्पणी से किया इनकार इस मामले की जांच कर रही JNU की आंतरिक शिकायत समिति ने मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। समिति का कहना है कि यह आंतरिक मामला है और फिलहाल इसकी जांच चल रही है। JNU की कुलपति शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित ने कहा कि यौन उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों पर ICC कार्रवाई करती है और कुलपति इस समिति की सदस्य नहीं होती हैं। प्रोफेसर ने आरोपों को बताया झूठा वहीं, आरोपों से घिरे प्रोफेसर ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी शिकायत की जानकारी नहीं है। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को गलत बताया। यह भी पूछे जाने पर कि क्या वह ICC के सामने पेश हुए हैं या उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया है, प्रोफेसर ने कहा कि उन्हें किसी शिकायत की जानकारी नहीं है।

फूड प्रोसेसिंग में भारत की बड़ी छलांग, 2030-47 तक 30% स्तर हासिल करने का लक्ष्य

 नई दिल्ली  वैश्विक खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) के नक्शे पर भारत एक बड़ी शक्ति बनकर उभरने की राह पर है। मूल्य-संवर्धन (वैल्यू एडिशन), अत्याधुनिक तकनीक और मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के बूते भारतीय खाद्य व पेय उद्योग दुनिया भर में अपनी धक जमाने के लिए पूरी तरह तैयार है। दिल्ली में एक कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के उप कृषि विपणन सलाहकार डॉ. जेपी डोंगरे ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 500 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 41 लाख करोड़ रुपये) के विशाल अनुमानित मूल्य के साथ यह क्षेत्र न केवल देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दे रहा है, बल्कि वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में भारत का दबदबा भी कायम कर रहा है। डॉ. जेपी डोंगरे के अनुसार, एक दशक पहले देश में खाद्य प्रसंस्करण का स्तर महज तीन से चार प्रतिशत था, जो आज बढ़कर 16–17 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। जबकि, सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 से 2047 तक खाद्य प्रसंस्करण स्तर को बढ़ाकर 25–30 प्रतिशत तक पहुंचाना है। फसल कटाई के बाद के नुकसान पर लग रहा लगाम देश में हर साल होने वाले लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये के फसल कटाई के बाद नुकसान को आधुनिक भंडारण और कोल्ड-चेन अवसंरचना के माध्यम से आर्थिक मूल्य में बदलने की योजना है। इसी तरह, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना' (पीएमएफएमई) के तहत पिछले पांच वर्षों में करीब दो लाख सूक्ष्म उद्यमियों को औपचारिक क्षेत्र से जोड़ा गया है। आर्गेनिक निर्यात में तेजी वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का आर्गेनिक निर्यात 665.97 मिलियन डालर (लगभग 5,500 करोड़ रुपये) के स्तर को पार कर गया है। उत्तर भारत खाद्य व उद्योग के लिए विकास का महत्वपूर्ण केंद्र कार्यक्रम के आयोजक व कोइलमेस्से प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक मिलिंद दीक्षित ने कहा कि उत्तर भारत खाद्य एवं उद्योग के लिए विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। मजबूत कृषि आधार और विविध प्रसंस्करण क्षमता के कारण यह क्षेत्र घरेलू के साथ-साथ वैश्विक बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण है। मुंबई में सजेगा वैश्विक महाकुंभ: 'अनुगा 2026' भारतीय खाद्य क्षेत्र की इस बढ़ती हनक के बीच 29 सितंबर से एक अक्टूबर तक मुंबई के बाम्बे एग्जिबिशन सेंटर में 'अनुगा सिलेक्ट इंडिया' और 'अनुगा फूडटेक इंडिया 2026' का 19वां संस्करण आयोजित होने जा रहा है। नई दिल्ली में आयोजित इसके कर्टेन-रेजर कार्यक्रम में डा. जे.पी. डोंगरे ने कहा कि सरकार आधुनिक मशीनरी, पैकेजिंग और कोल्ड-चेन नेटवर्क के लिए वित्तीय सहायता देकर निर्यात बढ़ाने पर जोर दे रही है। विदेशी ब्रांड्स की पहली पसंद बना मेड इन इंडिया भारतीय उपभोक्ताओं के बदलते मिजाज और खाद्य आयात पर बात करते हुए फोरम ऑफ इंडियन फूड इंपोर्टर्स के संस्थापक अमित लोहानी ने बताया कि लगभग 30 प्रतिशत सदस्य कंपनियां अब ज्वाइंट वेंचर के जरिए भारत में ही इतालवी पास्ता, फ्रेंच बटर और बेल्जियन बिस्कुट जैसे अंतरराष्ट्रीय उत्पाद तैयार कर निर्यात कर रही हैं। ब्राजीलियाई कॉफी और इक्वाडोरियन क्विनोआ की बढ़ती मांग भारत में 100 से 500 मिलियन डालर तक के वैश्विक निवेश को आकर्षित करने के संकेत दे रही है। आगामी भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से आयात-निर्यात को और गति मिलेगी। एआई और स्मार्ट पैकेजिंग से मिलेगी वैश्विक बढ़त ऑल इंडिया फूड प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राघव जाडली के अनुसार, कच्चे माल की पर्याप्त उपलब्धता और प्रतिस्पर्धी उत्पादन लागत भारत की सबसे बड़ी ताकत है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), आटोमेशन और स्मार्ट पैकेजिंग तकनीक से भारतीय खाद्य निर्माता उत्पादन लागत घटाकर वैश्विक बाजार में सीधी चुनौती दे सकेंगे।  

SIR पर मंगोलपुरी में मचा हड़कंप, किसी को ‘मृत’ तो किसी को ‘शिफ्टेड’ बताकर हटाया नाम

नई दिल्ली  आपको कब पता चला कि आप मर चुके हैं? 'जन सरोकार' के एक प्रतिनिधि ने 51 साल के कामता प्रसाद से यह सवाल तब पूछा, जब शहर की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उनके नाम के आगे "मृत" लिखा हुआ मिला। यह एक अजीब नजारा था कि एक मरा हुआ आदमी उन लोगों के बीच घूम रहा था जिन्हें शिफ्टेड या एब्सेंट मार्क किया गया था। मंगोलपुरी के लोग 'जन सुनवाई' में यह जानने के लिए जमा हुए थे कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) ड्राइव के तहत ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद उनके नामों का क्या हुआ। कई लोगों ने, जिन्होंने बूथ-लेवल ऑफिसर्स (BLOs) को अपने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा किए थे, बताया कि वे यह देखकर हैरान रह गए कि उनके नाम लिस्ट से गायब थे या उनका स्टेटस बदल दिया गया था। 47.7 लाख वोटरों के नाम ड्राफ्ट लिस्ट से हटाए गए मौजूदा वोटर लिस्ट में शामिल लगभग 1.45 करोड़ वोटरों में से करीब 47.7 लाख वोटरों के नाम ड्राफ्ट लिस्ट से हटा दिए गए थे। इसके पांच दिन बाद, 4 सितंबर तक दिल्ली में 'फॉर्म 6' के तहत 2,28,764 आवेदन मिले हैं। इनमें से सबसे ज्यादा, यानी 23,268 आवेदन नॉर्थ-वेस्ट जिले से आए हैं, क्योंकि लोगों को दोबारा रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ा। दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी के दफ्तर ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे ड्राफ्ट लिस्ट में अपना नाम चेक करें। अगर नाम नहीं है, तो फाइनल लिस्ट में नाम शामिल करवाने के लिए तय घोषणा-पत्र और जरूरी दस्तावेजों के साथ 'फॉर्म 6' जमा करें। प्रसाद के लिए, नाम हटाए जाने की बात समझना बहुत मुश्किल था। उन्होंने कहा कि मैं 35 साल से इसी इलाके में रह रहा हूं और दर्जी का काम करता हूं। फिर भी, मेरे चार लोगों के परिवार में सिर्फ़ मेरा ही नाम वोटर लिस्ट से हटाया गया है। ये चिंताएं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस और यूनाइटेड नेशंस इंटरनल जस्टिस काउंसिल के चेयरमैन मदन बी. लोकुर की बात से मेल खाती हैं। उन्होंने कहा था कि असली वोटरों के नाम हटाने से पहले BLOs आसानी से ऐसे मामलों की जांच कर सकते हैं। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि आखिर कौन सा दस्तावेज किसी व्यक्ति की चुनावी पहचान तय करता है। "ये सभी दस्तावेज-चाहे आधार हो, PAN हो या EPIC कार्ड – सरकार और भारत के चुनाव आयोग द्वारा जारी किए जाते हैं, और इनके होने के बावजूद नाम हटाए जा रहे हैं। अपने आधार और EC-जारी EPIC कार्ड लिए खड़े थे कई परेशान निवासी अपने आधार और EC-जारी EPIC कार्ड लिए खड़े थे और सोच रहे थे कि इन दस्तावेजों का क्या फायदा, जब उन्हें यह साबित करने में ही मुश्किल हो रही थी कि वे दशकों से उसी इलाके में रह रहे हैं। "अनुपस्थित" (absent) मार्क की गईं 49 साल की लक्ष्मी देवी ने बताया कि BLO उनके घर सिर्फ एक बार आई थीं, जब न तो वह और न ही उनके फायरफाइटर पति घर पर थे। जब हमने BLO को फ़ोन किया, तो उन्होंने कहा कि कोई और रास्ता नहीं है और हमें नए वोटर के तौर पर रजिस्टर करना होगा। लेकिन मैं ऐसा क्यों करूं? मैंने पिछले 27 सालों से वोट दिया है। AV बालिगा मेमोरियल ट्रस्ट की वॉलंटियर राम जानकी, जो मंगलवार से घर-घर जा रही हैं, ने बताया कि नाम हटाने के कारणों में "शिफ़्टेड" (दूसरी जगह चले जाना) सबसे आम वजह थी। उन्होंने कहा कि प्रवासी मज़दूर और शादी के बाद दूसरी जगह चली गईं महिलाएँ ज़्यादा मुश्किल में थीं; कुछ को "डुप्लिकेट" बता दिया गया क्योंकि एक दूसरी एंट्री में उनके पिता का नाम और उनके मायके का पता दर्ज था। विधवा गुड्डी देवी के लिए फॉर्म भरना ही मुश्किल अकेले रहने वाली 71 साल की विधवा गुड्डी देवी के लिए, फॉर्म भरना ही एक मुश्किल काम साबित हुआ। उन्होंने कहा कि फॉर्म की भाषा समझना मुश्किल था, जबकि अधिकारी लोगों से इसे जल्दी भरने के लिए कह रहे थे। अब उन्हें उस घर से "हमेशा के लिए दूसरी जगह शिफ्ट" हुआ दिखाया गया है, जिसे उन्होंने पिछले 35 सालों से नहीं छोड़ा है। बीएलओ को ठीक से जानकारी नहीं दी गई थी 'वोटर अधिकार मंच' की प्रतिनिधि कैरिना ने कहा कि कन्फ्यूजन इसलिए और बढ़ गया क्योंकि BLOs को ठीक से जानकारी नहीं दी गई थी और उन्हें बहुत कम समय में काम पूरा करना था। "जब भी कोई वोटर तय शर्तों पर खरा नहीं उतरता — जैसे उनका नाम 2002 की वोटर लिस्ट से मेल नहीं खाता, वे घर पर नहीं मिलते, या फ़ॉर्म में कोई गलती होती है — तो समय की कमी के कारण BLOs उनके नाम लिस्ट से काट देते हैं।" जब मंगोलपुरी नागरिकों के लिए अपना नाम लिस्ट से हटाए जाने पर सवाल उठाने का पहला सामूहिक मंच बना, तो 'मज़दूर' संगठन के निखिल डे ने चुनाव आयोग से बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाने की मांग की। "यह पूरी प्रक्रिया इतनी ज़्यादा नागरिक-केंद्रित हो गई है कि इस बात का ध्यान ही नहीं रखा गया कि हर कोई इस प्रक्रिया को नहीं समझ सकता; इसलिए लोगों की मदद की जानी चाहिए ताकि कोई भी नागरिक अपने अधिकारों से वंचित न रहे।

सत्य निकेतन में बड़ा हादसा, अचानक ढही बिल्डिंग; 2 छात्रों को सुरक्षित निकाला, NDRF का रेस्क्यू जारी

नई दिल्ली दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में रव‍िवार को बड़ा हादसा हो गया. तीन मंज‍िला बिल्डिंग गिरने से बड़ी संख्या छात्र मलबे में दब गए. दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं. पुल‍िस और प्रशासन के अधि‍कारी भी मौके पर पहुंच रहे हैं. बताया जा रहा है कि हादसा करीब 1 बजकर 30 मिनट पर हुआ है. रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन जारी है।  सत्य निकेतन में बिल्डिंग का मलबा हटाने का काम जारी, मौके पर दमकल की 12 गाड़ियां मौजूद सत्य निकेतन इलाके में एक हॉस्टल की इमारत के गिरने के बाद अब मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया जा रहा है. मौके पर जेसीबी के साथ-साथ दमकल की भी 12 गाड़िया मौके पर मौजूद हैं. अंदर फंसे लोगों को जल्द से जल्द निकालने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।  सीएम रेखा गुप्‍ता ने घटना पर जताया दुख सीएम रेखा गुप्‍ता ने घटना पर दुख जताया है. उन्‍होंने एक्‍स पर जानकारी दी क‍ि, ''RK पुरम के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना से बहुत चिंता है. DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव कार्य कर रही हैं. एहतियात के तौर पर बगल की इमारत को खाली करा लिया गया है। फँसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद पहुँचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है. हालात पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियाँ आपसी तालमेल के साथ काम कर रही हैं। हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।  सीएम बोलीं- हर संभव कोशिश जारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सत्य निकेतन में हुए हादसे पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें राहत-बचाव अभियान चला रही हैं।  उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर हादसे से सटी इमारत को खाली करा लिया गया है. रेखा गुप्ता ने कहा कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद देने की हर संभव कोशिश की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी एजेंसियां आपसी तालमेल से काम कर रही हैं. नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।  फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. मलबा पूरी तरह हटने के बाद ही पता चलेगा कि हादसे में कितने लोग फंसे थे और कितने लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।    दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस हादसे पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि जल्द से जल्द लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है. राहत और बचाव कार्य जारी है।  दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी इस हादसे पर दुख जताया है. उनका कहना है कि NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, DDMA, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की बचाव टीमें मौके पर मौजूद हैं और जो लोग फंसे हैं उन्हें निकालने की हर संभव कोशिश की जा रही है।  ये हादसा मोती बाग के सत्य निकेतन स्थित शिव मंदिर के पास की है, जहां एक बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं।  दोपहर 1 बजकर 33 मिनट पर मिली हादसे की जानकारी फायर डिपार्टमेंट को 1 बजकर 33 मिनिट पर इस हादसे की जानकारी मिली. फायर डिपार्टमेंट की 12 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं. राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है और टीमें लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं. 3 से 4 लोगों को मलबे से निकाला भी जा चुका है और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।  जानकारी के मुताबिक, इस बिल्डिंग में एक पीजी चल रहा था जिसकी वजह से मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका है. रेस्क्यू टीमों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी मलबा हटाने और लोगों को निकालने में जुटे हैं।  विधायक ने लिया हालात का जायजा आरके पुरम के विधायक अनिल शर्मा ने दुर्घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'ये बहुत दुखद घटना है. इससे ज्यादा दिल दहला देने वाली कोई बात नहीं हो सकती. स्टूडेंट्स अलग-अलग जगहों से इस बिल्डिंग में PGs में पढ़ने और रहने आते हैं, बिल्डिंग गिर गई है. हालांकि ये बताना मुश्किल है कि कितने स्टूडेंट्स हैं. चाहे वो पांच हों, दस हों, या बीस. लेकिन हमें पक्का पता है कि स्टूडेंट्स अंदर फंसे हुए हैं।   चश्‍मदीद ने कहा- बच्चे चिल्ला रहे हैं, हमें बचाओ, हमें बचाओ चश्मदीद युवक ने कहा, "मेरी दुकान पास ही है. हम अंदर बैठे थे तभी अचानक हमें भूकंप जैसी गड़गड़ाहट की आवाज़ सुनाई दी. हम तुरंत बाहर भागे, वहां बहुत धुआं और धूल थी. पूरी इमारत गिर चुकी थी. कुछ शव निकाले गए और चार ऐसे बच्चों को भी बचाया गया जिनकी सांसें चल रही थीं. मलबे के अंदर से अभी भी आवाज़ें आ रही हैं. बच्चे चिल्ला रहे हैं, 'हमें बचाओ, हमें बचाओ!'… वहां कम से कम 25-30 बच्चे थे. पास ही लड़कों और लड़कियों का PG था. 4-5 लोगों को बचाया गया है; 2-3 शव निकाले गए हैं और और भी शव मिलने की आशंका है. वे बेसमेंट बना रहे थे।  'बिल्डिंग गिरते ही हम भागकर निकले' हादसे के वक्त मौके पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया कि इमारत अचानक गिर गई. लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले चारों तरफ धूल का गुबार फैल गया. आसपास मौजूद लोग तुरंत वहां से भागे. चश्मदीद के मुताबिक, मलबे में 20 से 30 लोग दबे हो सकते हैं. एक अन्य चश्मदीद ने भी बताया कि मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि हादसे के वक्त इमारत के अंदर कितने लोग मौजूद थे।  मलबे के नीचे से फोन कर रहे लोग मौके पर पहुंचे आरके पुरम के विधायक अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि कुछ लोग मलबे के नीचे से फोन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कई लोग अभी अंदर फंसे हो सकते हैं. बचाव अभियान लगातार जारी है।  स्थानीय … Read more

शिक्षक दिवस पर दिल्ली के 118 शिक्षकों का सम्मान, 10,417 शिक्षकों की भर्ती का ऐलान

नई दिल्ली शिक्षक दिवस पर 118 टीचर्स को 'दिल्ली स्टेट टीचर अवॉर्ड 2026' से सम्मानित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में खास योगदान देने वाले इन टीचर्स को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को त्यागराज स्टेडियम मैं अवॉर्ड दिए। इन 118 टीचर्स में 20 स्कूल हेड, शिक्षा निदेशालय और एमसीडी स्कूलों के 69 शिक्षक, 3 सीएम श्री स्कूलों समेत लाइब्रेरियन, स्पेशल एजुकेटर, स्पोर्ट्स टीचर सहित शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले टीचर्स भी हैं। कार्यक्रम में क्या बोलीं सीएम रेखा गुप्ता कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि यह सम्मान शिक्षकों की उपलब्धियों का ही सम्मान नहीं, बल्कि उस समर्पण, धैर्य और विश्वास का सम्मान है, जिसके माध्यम से वे हमारे बच्चों के भविष्य को आकार देते है। वहीं, शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि 10,417 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई है। 613 विशेष शिक्षकों की भर्ती भी की जाएगी। VSPK इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल को मिला अवॉर्ड रोहिणी के VSPK इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. संचिता गुप्ता को भी राज्य शिक्षक पुरस्कार मिला। प्रिंसिपल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशें लागू होने के बाद स्कूलों पर सकारात्मक असर पड़ा है। स्कूल के चेयरमैन एसके गुप्ता ने प्रिंसिपल संचिता गुप्ता को बधाई देते हुए कहा है कि उनके नेतृत्व में स्कूल ने अकैडमिक, स्पोर्ट्स समेत हर क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है। MCD शुरू करेगी 24 निगम श्री स्कूल शिक्षक दिवस पर केंद्रीय मंत्री और दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने MCD स्कूलों के 4 प्रिसिपल और 83 टीचर्स को सम्मानित किया। इस दौरान मेयर प्रवेश वाही ने बताया कि निगम में 24 निगम श्री स्कूल तैयार किए जा रहे है। दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही, डिप्टी मेयर डॉ मोनिका पंत्, नेता सदन जय भगवान यादव, स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा और एमसीडी कमिश्नर संजीव खिरवार मौके पर मौजूद रहे।

सिराज के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने मचाई तबाही, 44 रन बनाकर हुए आउट

नई दिल्ली दलीप ट्रॉफी 2026-27 के फाइनल में ईस्ट जोन का सामना साउथ जोन से है. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में सबकी निगाहें वैभव सूर्यवंशी पर हैं, जो ईस्ट जोन की टीम का हिस्सा हैं. ईस्ट जोन की ओर से वैभव ने पहली पारी में 5 चौके और एक छक्के की मदद से 37 बॉल पर 44 रन बनाए l   वैभव सूर्यवंशी को तेज गेंदबाज चामा मिलिंद ने सब्स्टीट्यूट प्लेयर तनय त्यागराजन के हाथों कैच आउट किया. वैभव शॉर्ट पिच गेंद पर छक्का लगाकार अर्धशतक पूरा करना चाहते थे. वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन के बीच पहले विकेट के लिए 100 रनों की साझेदारी हुई l वैभव सूर्यवंशी ने नजरें जमाने में देर नहीं लगाई. पारी के तीसरे ओवर में मोहम्मद सिराज की पहली गेंद पर उन्होंने शानदार चौका लगाया. वहीं छठे ओवर में एमडी निधीश को दो चौके जड़े. अगले ओवर में वैभव ने सिराज के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार किया और कुल 14 रन (2 छक्का और एक चौका) बटोरे l खिताबी मुकाबले में टॉस ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने जीता और पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया. ईस्ट जोन ने अपनी प्लेइंग-11 में सिर्फ एक बदलाव किया. जबकि साउथ जोन ने चार परिवर्तन किए. तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और युवा बैटर देवदत्त पडिक्कल भी साउथ जोन की प्लेइंग-11 का हिस्सा हैं l वैभव सूर्यवंशी नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 8 रन बना पाए थे. हालांकि उन्होंने तब गेंदबाजी में जरूर दो विकेट झटके. इसके बाद सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल में वैभव का बल्ला जमकर गरजा. वैभव ने पहली पारी में 92 और दूसरी पारी में 40 रन बनाए. वैभव ने इस दौरान एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया. वैभव दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक जड़ने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए थे l ईस्ट जोन की प्लेइंग-11: अभिमन्यु ईश्वरन, वैभव सूर्यवंशी, कुमार कुशाग्र, सुदीप कुमार घरामी, ईशान किशन (विकेटकीपर/कप्तान), शिखर मोहन, अनुकूल रॉय, मोहम्मद कौनैन कुरैशी, मोहम्मद शमी, अभिजीत के सरकार और मुकेश कुमार l साउथ जोन की प्लेइंग-11: रिकी भुई, नारायण जगदीशन (विकेटकीपर), देवदत्त पडिक्कल, शेख रशीद, तिलक वर्मा (कप्तान), स्मरण रविचंद्रन, श्रेयस गोपाल, त्रिपुराना विजय, मोहम्मद सिराज, चामा मिलिंद और एमडी निधीश l

POCSO केस में FIR होते ही फरार हुआ स्वतंत्र भारद्वाज, पुलिस से बचने के लिए UP में छिपा

नई दिल्ली दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग छात्रा कार्यकर्ता के पिता पर हमला करने के आरोपी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया है। यह कार्रवाई CJP के सह-संयोजक सौरव दास, आशुतोष रांका और समर्थकों की ओर से दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने का घेराव करने और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग के बाद हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो (POCSO Act) और SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी हैं। "सिर फोड़ दिया था और कुछ नहीं बिगड़ा", डींगें हांकना पड़ा भारी सोशल मीडिया पर खुद को 'सनातनी योद्धा' बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज (उम्र लगभग 20 वर्ष) ने खुलेआम एक वीडियो में शेखी बघारी थी कि उसने प्रदर्शन के दौरान नाबालिग लड़की के पिता का "सिर फोड़ दिया" था और अपने 'राजनीतिक रसूख' के दम पर वह जेल जाने से बचता रहा है। पीड़िता ने बताया कि पिता पर हमले की एफआईआर दर्ज कराने के बाद उसे सोशल मीडिया पर गालियां और बलात्कार की धमकियां मिल रही थीं, जिसके कारण उसका स्कूल जाना तक छूट गया था। प्रदर्शनकारियों के दबाव के बाद दिल्ली पुलिस ने CJP प्रतिनिधियों को आरोपी को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था। बुलंदशहर के गांव में छिपा था आरोपी, क्राइम ब्रांच ने दबोचा पुलिस की पकड़ से बचने के लिए मूल रूप से बिहार का रहने वाला भारद्वाज शुक्रवार तड़के बुलंदशहर के नैथला गांव पहुंचा। वहां वह हरिशंकर शर्मा नाम के एक कैब ड्राइवर के घर ठहरा था, जिससे उसकी मुलाकात पहले एक सफर के दौरान हुई थी। हरिशंकर शर्मा ने बताया कि भारद्वाज सुबह अपने एक साथी के साथ उनके घर आया। दोपहर में जब गांव में मीडियाकर्मी पहुंचने लगे, तो भारद्वाज ने बाइक मांगी और 5 मिनट में लौटने की बात कहकर निकल गया। दोपहर करीब 2 बजे दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम सादे कपड़ों में पहुंची और भारद्वाज को धमेड़ा नारा गांव से हिरासत में ले लिया। केस में जुड़ीं POCSO) और SC/ST की धाराएं सिकंदराबाद के सीओ दीपक कुमार के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने स्थानीय थाने में बिना कोई अग्रिम सूचना दर्ज कराए यह त्वरित कार्रवाई की। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने पुष्टि की है कि आरोपी के खिलाफ दर्ज मूल FIR में SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं जोड़ दी गई हैं, जबकि नाबालिग को मिली धमकियों और उत्पीड़न के सिलसिले में पोक्सो एक्ट के तहत एक नई एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब आरोपी से हिरासत में पूछताछ कर रही है।

11 सितंबर से BRICS समिट, विदेशी मेहमानों के स्वागत में सजेगा नई दिल्ली क्षेत्र; 15 हजार गमले लगेंगे

नई दिल्ली  भारत मंडपम् में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले ब्रिक्स समिट के लिए एनडीएमसी ने समिट की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण हिस्से को सजाने-संवारने का काम तेज कर दिया है। विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए सम्मेलन स्थल, वीआईपी रूट, प्रमुख सड़कों, बाजारों और होटल क्षेत्रों में स्वच्छता से लेकर सजावटी रोशनी और सौंदर्याकरण तक तैयारियां की जा रही है। एनडीएमसी के डिप्टी चेयरमैन कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि सारे काम 9 सितंबर तक पूरे हो जाएंगे। रोशनी से जगमग होंगे नई दिल्ली क्षेत्र गोलचक्कर पटेल चौक, विंडसर प्लेस, मंडी हाउस, तीन मूर्ति, क्यू-पॉइंट, शांतिपथ के प्रमुख चौराहों, अशोका होटल, सम्राट होटल, मान सिंह और पीएम गोलचक्कर सहित 17 प्रमुख गोलचक्करों पर सजावटी रोशनी लगाई जाएगी। 11 प्रमुख होटल परिसरों और आसपास के पेड़ों को भी सजाया जाएगा। एनडीएमसी की 10 प्रमुख इमारतों और स्थलों पर भी सजावटी लाइटिंग होगी। विदेश मंत्रालय के डिजाइन के मुताबिक, एनडीएमसी क्षेत्र में 309 ब्रैडिंग साइट्स तैयार की गई हैं। इनमें 154 डिजिटल मीडिया स्क्रीन, S3 सीटीयू और पीटीयू फ्लेक्स साइट्स और 72 बस क्यू शेल्टर शामिल हैं। 41 प्रमुख सड़कों पर खास निगरानी डेलिगेट्स और वीआईपी रूट की 41 प्रमुख सड़को की सर्कलवार निगरानी की जा रही है। सड़क, फुटपाथ और बस शेल्टर की मरम्मत पूरी हो चुकी है। 32 सड़कों की पेंटिंग पूरी हो गई है, जबकि नौ सड़कों पर काम जारी है। हरित सौदर्शीकरण के लिए 15 हजार से अधिक गमले प्रमुख मार्गों और चौराहों पर लगाए जाएंगे। 15 जगहों पर फूलों से तैयार किए गए बोर्ड और नौ स्थानों पर फूलों के आकार वाले फव्वारे लगाए जाएंगे। पांच जगह मिस्ट स्प्रे की व्यवस्था की गई धूल और प्रदूषण नियंत्रण के लिए लोदी रोड, तिलक मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू, शातिपथ और जाकिर हुसैन मार्ग पर पांच जगह मिस्ट स्प्रे की व्यवस्था की गई है। जलभराव वाले हॉटस्पॉट का 100 प्रतिशत सत्यापन और स्टॉर्म वाटर ड्रेनों की 100 प्रतिशत डीसिल्टिंग पूरी हो चुकी है। वीवीआईपी मार्गों पर अतिरिक्त पंपिंग सेट लगाए गए है। बरसात से निपटने के लिए अतिरिक्त पंप 14 स्वच्छता सर्कलों को 14 निरीक्षण सर्कलों से मैप किया गया है। प्रमुख सड़कों पर 24×7 सफाई की व्यवस्था रहेगी। रात में 7 मिकैनिकल रोड स्वीपर्स लगाए जाएंगे। डीप क्लीनिंग के लिए 10 प्रेशर जेटिंग मशीनें लगेंगी। प्रमुख मार्गों की डीप वॉशिंग की जा रही है। कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। बरसात में प्रभावित बाबा खड़क सिंह मार्ग पर मौजूदा 80 HP पंप के अलावा एक और 80 HP पंप तथा 24 IIP क्षमता की मोबाइल पंपिंग वैन लगाई गई है।

दिल्ली वोटर लिस्ट पर SIR का असर, तीन दिन में 5.40 लाख आवेदन; तुगलकाबाद में सबसे ज्यादा नाम हटे

नई दिल्ली दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद महज तीन दिनों में 5.40 लाख क्लेम और आब्जेक्शन और आवेदन प्राप्त हुए हैं। 31 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित होने के बाद 2 सितंबर तक नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 के 2,21,806 आवेदन मिले हैं। वहीं वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के तहत 51,556 आवेदन आए हैं। वोटर लिस्ट में संशोधन के लिए फॉर्म -S के 2,65,396 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा विदेश में रहने वाले इंडियन वोटर्स के लिए फॉर्म-6ए के 1,372 आवेदन मिले हैं। नाम जोड़ने के सबसे ज्यादा आवेदन आए साउथ वेस्ट जिले से मुख्य निर्वाचन अधिकारी दिल्ली के अनुसार, सबसे ज्यादा फॉर्म-6 आवेदन साउथ वेस्ट जिले में 25,3 25,332 प्राप्त हुए हैं। इसके बाद साउथ-ईस्ट में 25,795 और साउथ जिले में 22,522 आवेदन आए है। नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के सबसे ज्यादा 11,626 आवेदन साउथ ईस्ट जिले में मिले हैं। 3,275 आवेदन ईस्ट जिले से हुए प्राप्त वहीं, फॉर्म-S के जरिए वोटर लिस्ट में सुधार के सबसे अधिक 33,275 आवेदन ईस्ट जिले से प्राप्त हुए हैं। SIR के तहत 31 अगस्त से 30 सितंबर तक क्लेम और ऑब्जेक्शन दाखिल किए जा सकते हैं। तुगलकाबाद विधानसभा सीट में सबसे ज्यादा नाम हटे बता दें कि दिल्ली की तुगलकाबाद विधानसभा सीट में सर्वाधिक नाम हटे हैं। यहां 1,92,419 वोटर्स हैं। इनमें 1,00,345 वोटर्स के नाम ड्राफ्ट रोल में हैं, जबकि 92,074 वोटर्स के नाम लिस्ट में नहीं हैं। अगर 2025 विधानसभा चुनाव पर नजर डालें तो 2,04,802 वोटर्स में से 1,14,402 ने मतदान किया था। यहां पिछले साल वोट डालने वालों की संख्या के बराबर लोगों के नाम तक नहीं जुड़े हैं। इसी तरह ओखला में 3,62,813 वोटर्स में से 1,96,362 के नाम लिस्ट में हैं, जबकि 1,64,451 के नाम कट गए हैं।