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पंजाब चुनाव 2027, सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेगी नवजोत कौर की नई पार्टी

चंडीगढ़ नवजोत काैर ने पंजाब में चल रहे विकास कार्यों के दौरान ठेकेदारों की कार्य कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। सरकार बनती है तो स्वास्थ्य और शिक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा। सरकार बनती है तो स्वास्थ्य और शिक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा। नवजोत कौर सिद्धू ने चंडीगढ़ में अपने नए सियासी दल भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उन्हें आम आदमी पार्टी के नेताओं ने अपनी पार्टी जॉइन करने के लिए ऑफर दिया था, मगर उन्होंने पुरानी पार्टियों के बजाय नए प्लेटफार्म को तरजीह दी। नवजोत काैर ने दावा किया कि वे 117 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने पंजाब के प्रति अपना विजन भी पेश किया। उन्होंने नशे के खिलाफ जंग कैसे लड़ी जानी चाहिए, इसके बारे में भी विस्तार से बताया। नवजोत काैर सिद्धू ने कहा कि सरकार आने पर अफीम की खेती को भी वैध करेंगे ताकि इसकी तस्करी न की जा सके। नवजोत काैर ने पंजाब में चल रहे विकास कार्यों के दौरान ठेकेदारों की कार्य कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। सरकार बनती है तो स्वास्थ्य और शिक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा। सरकार बनती है तो स्वास्थ्य और शिक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा। उन्होंने कहा कि अभी पंजाब में लोगों का इलाज तो किया जा रहा लेकिन बीमारियों के कारणों पर कोई काम नहीं कर रहा।  

नशे के खिलाफ सख्त एक्शन: लुधियाना में 8 तस्कर दबोचे, हेरोइन-गांजा जब्त

लुधियाना. पुलिस ने बड़ी 8 नशा तस्करों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस कमिश्नरेट के अलग-अलग थानों की पुलिस ने नशों के विरुद्ध चलाई गई मुहिम के चलते नाकाबंदी कर अलग-अलग इलाकों से 8 नशा तस्करों को काबू कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 109 ग्राम हेरोइन, 2 किलोग्राम गांजा व 40 नशीली गोलियां बरामद की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। थाना माडल टाउन पुलिस  पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेकर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना माडल टाऊन की पुलिस ने इलाके में गश्त के दौरान हेरोइन सप्लाई करने जा रहे एक तस्कर को काबू कर लिया। पुलिस ने आरोपी से 70 ग्राम हेरोइन बरामद की है। आरोपी की पहचान बस्ती जोधेवाल पंचशील कालोनी के रहने वाले गुरविंदर सिंह के रूप में हुई है। इसी थाने की पुलिस ने एक अन्य तस्कर को काबू कर उसके कब्जे से 20 ग्राम हेरोइन, प्लास्टिक के लिफाफे व 5300 रुपए की नकदी बरामद की है। आरोपी की पहचान मनोहन नगर के रहने वाले बलविंदर सिंह के रूप में हुई है। इसी थाने की पुलिस ने तस्करों के खिलाफ चलाई गई मुहिम के चलते एक तस्कर को नशीली गोलियां सप्लाई करने के आरोप में धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी से 40 नशीली गोलियां बरामद की है। थाना दरेसी पुलिस  थाना दरेसी की पुलिस ने हेरोइन की सप्लाई करने जा रहे युवक को काबू कर लिया। पुलिस ने आरोपी से 4 ग्राम हेरोइन बरामद की है। पुलिस ने आरोपी की पहचान न्यू जय शक्ति नगर टिब्बा रोड़ के रहने वाले सतीश कुमार के रूप में की है। थाना सदर की पुलिस ने धांधरा रोड़ पर की गई नाकाबंदी के दौरान कार्रवाई करते हुए हेरोइन सप्लाई करने जा रहे युवक को काबू कर लिया। पुलिस ने आरोपी से 9 ग्राम हेरोइन बरामद की है।  थाना दुगरी व थाना डिवीजन नंबर 6 पुलिस  थाना दुगरी की पुलिस ने 200 फुट्टा रोड पर फ्लाई ओवर पुल के पास नाकाबंदी के दौरान चेकिंग करते हुए एक नशा तस्कर को काबू कर लिया। पुलिस ने आरोपी से 3 ग्राम हेरोइन बरामद की है। थाना डिवीजन नंबर 6 की पुलिस ने शेरपुर चौक के पास जीटी रोड़ पर मिल्ट्री कैंप के निकट नाकाबंदी के दौरान पैदल जा रहे युवक को हेरोइन तस्कर करने के आरोप में काबू कर लिया। पुलिस ने आरोपी से 3 ग्राम हेरोइन बरामद की है।

स्कूल एडमिशन नियम बदले: पंजाब में 8वीं कक्षा के लिए अब बर्थ सर्टिफिकेट जरूरी

चंडीगढ़. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) और निजी स्कूल संचालकों के बीच नियमों को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने साफ कर दिया है कि आठवीं कक्षा और उससे ऊपर के छात्रों का दाखिला बिना जन्म प्रमाण पत्र के नहीं किया जाएगा। दरअसल, बोर्ड से एफिलिएटिड और एसोसिएटिड स्कूलों के संचालक इस नियम में ढील की मांग कर रहे थे। इसके साथ ही शिक्षकों के मोबाइल नंबर बोर्ड को देने की अनिवार्यता का भी विरोध किया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर स्कूल प्रतिनिधियों ने चेयरमैन के साथ बैठक भी की, लेकिन उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया गया। निजी स्कूल संचालकों में नाराजगी चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि नियमों में कोई बदलाव नहीं होगा और सभी स्कूलों को इनका पालन करना होगा। इसके चलते निजी स्कूल संचालकों में नाराजगी देखी जा रही है। स्कूल संगठनों का कहना है कि राज्य में हजारों स्कूल बोर्ड से जुड़े हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ते हैं। वहीं ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया के तहत सरकारी स्कूलों में भी आठवीं से बारहवीं तक के छात्रों के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य रहेगा। अब इस मुद्दे को लेकर स्कूल संगठनों ने आगे की रणनीति तय करने के लिए राज्य स्तर पर बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।

कुदरत का तांडव, अप्रैल में जनवरी जैसी ठंड और चंडीगढ़ में टूटा 5 साल का रिकॉर्ड

चंडीगढ़ उत्तर भारत में मौसम के बदले मिजाज ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। अप्रैल के महीने में, जब सूरज की तपिश महसूस होनी चाहिए थी, तब जनवरी जैसी कड़ाके की ठंड और बेमौसम बरसात ने दस्तक दी है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में पिछले 48 घंटों से जारी बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी ने भारी तबाही मचाई है। आलम यह है कि मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर गया है। पंजाब कृषि विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने अन्नदाता की कमर तोड़ दी है। राज्य के करीब 1.25 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। सबसे ज्यादा नुकसान मुक्तसर, फाजिल्का और बठिंडा जिलों में दर्ज किया गया है, जहां फसल कटाई के लिए तैयार थी। 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने पकी हुई फसल को खेतों में बिछा दिया है, जिससे उत्पादन में भारी कमी आने की आशंका है। हरियाणा : 6 जिलों में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट हरियाणा में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। मौसम विभाग ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूह, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी सहित दक्षिण-पूर्वी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी ओलावृष्टि की संभावना है। हिसार, सिरसा और फतेहाबाद के किसान पहले ही ओलावृष्टि की मार झेल रहे हैं, जहां गेहूं और सरसों की फसलों को व्यापक क्षति हुई है। किसान अब सरकार से विशेष गिरदावरी और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। चंडीगढ़: 5 साल में सबसे ठंडा रहा अप्रैल का यह दिन ट्राइसिटी (चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली) में मंगलवार और बुधवार को हुई बारिश ने पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान गिरकर 27.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से करीब 6 डिग्री कम है। पिछले 5 साल में 7-8 अप्रैल का दिन इतना ठंडा कभी दर्ज नहीं किया गया। सड़कों पर लोग एक बार फिर जैकेट और गर्म कपड़ों में नजर आ रहे हैं, जो अप्रैल के महीने में एक दुर्लभ दृश्य है। हिमाचल: अटल टनल और रोहतांग में बर्फबारी पहाड़ों पर कुदरत का सफेद तांडव जारी है। हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों जैसे रोहतांग दर्रा, अटल टनल, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में ताजा बर्फबारी हुई है। शिमला के खड़ापत्थर और नारकंडा में भारी बारिश के बाद भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। बर्फबारी और गिरते तापमान ने सेब बागवानों की नींद उड़ा दी है, क्योंकि यह समय सेब के पेड़ों में फ्लावरिंग (फूल आने) का है और अत्यधिक ठंड से फसल पूरी तरह खराब हो सकती है। विशेषज्ञों की चेतावनी और राहत की उम्मीद मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 घंटों तक उत्तर भारत के इन राज्यों में मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा। 9 अप्रैल के बाद ही आंशिक सुधार की उम्मीद है। जलवायु विशेषज्ञों ने बेमौसम की इस मार को 'क्लाइमेट चेंज' के बढ़ते खतरों से जोड़कर देखा है। फिलहाल, प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी का उचित प्रबंध करें और बिजली कड़कने के दौरान खुले क्षेत्रों में जाने से बचें।

डीजीपी पद के लिए 14 नाम आगे: गौरव, गुरप्रीत और शशि प्रभा भी दौड़ में

चंडीगढ़. पंजाब में पिछले चार वर्षों से चल रही ‘कार्यकारी’ डीजीपी व्यवस्था को खत्म करते हुए अब नियमित डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य सरकार ने 14 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों का एक पैनल संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेज दिया है। सरकार द्वारा भेजी गई सूची में मौजूदा कार्यकारी डीजीपी गौरव यादव का नाम प्रमुखता से शामिल है। उनके साथ ही 1992 बैच के शरद सत्य चौहान, कुलदीप सिंह और हरप्रीत सिंह सिद्धू के नाम भी भेजे गए हैं। 1993 बैच से गुरप्रीत कौर दियो, जतिंदर कुमार जैन और शशि प्रभा द्विवेदी के नाम शामिल हैं, जबकि 1994 बैच के सुधांशु शेखर श्रीवास्तव समेत सात अन्य अधिकारियों के नाम भी इस सूची में हैं। दूसरी ओर, 1989 बैच के सामंत गोयल ने इस पद के लिए असमर्थता जताई है, जबकि अर्पित शुक्ला और ईश्वर सिंह सेवानिवृत्ति के करीब होने के कारण इस दौड़ से बाहर हैं। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद लिया गया फैसला सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी और मार्च 2026 में राज्यों में लंबे समय तक कार्यकारी डीजीपी रखने की परंपरा पर सख्त आपत्ति जताई थी। अदालत ने कहा था कि ऐसा करना योग्य और वरिष्ठ अधिकारियों को उनके अधिकार से वंचित करने के समान है। यूपीएससी ने भी पंजाब सरकार को 5 मार्च और 18 मार्च को रिमाइंडर भेजे थे, जिसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 30 मार्च को सार्वजनिक तौर पर पुष्टि की कि सरकार यूपीएससी के नियमों का पालन करेगी। UPSC तीन नामों का पैनल करेगी फाइनल नियमों के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा भेजे गए पैनल पर विचार करने के लिए यूपीएससी के चेयरमैन की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाती है। इस समिति में केंद्रीय गृह सचिव, राज्य के मुख्य सचिव और मौजूदा डीजीपी शामिल होते हैं। यह समिति वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर तीन अधिकारियों के नाम फाइनल कर राज्य सरकार को भेजेगी, जिनमें से सरकार एक को नियमित डीजीपी के रूप में नियुक्त करेगी।

करमजीत कौर ने कहा: महिलाओं को 50% आरक्षण, सशक्तीकरण की ओर ऐतिहासिक मोड़

होशियारपुर  पंजाब के होशियारपुर से आम आदमी पार्टी की लोकसभा प्रभारी चेयरमैन करमजीत कौर ने महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव का स्वागत किया है। उन्होंने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम बताया। करमजीत कौर ने समाचार एजेंसी  से बात करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी इस फैसले का पूरी तरह समर्थन करती है और लंबे समय से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की पक्षधर रही है। उनका मानना है कि यदि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलता है, तो इससे न केवल उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी बल्कि नीति निर्माण में भी महिलाओं की आवाज अधिक प्रभावी ढंग से सामने आएगी। उन्होंने यह भी बताया कि देश के कई राज्यों में पहले से ही पंचायत और स्थानीय निकाय स्तर पर लाखों महिलाएं आरक्षण के तहत काम कर रही हैं और बेहतरीन नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। ऐसे में इस व्यवस्था को संसद व विधानसभा तक विस्तारित करना स्वाभाविक और आवश्यक कदम है। उन्होंने कहा कि इससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा और महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में बराबरी का अधिकार मिलेगा। हालांकि, करमजीत कौर ने इस प्रस्ताव के भविष्य को लेकर कुछ आशंकाएं भी जताईं। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह बिल संसद में पास हो पाएगा या नहीं क्योंकि राजनीतिक परिस्थितियां अक्सर ऐसे महत्वपूर्ण फैसलों को प्रभावित करती हैं। फिर भी उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी दल इस मुद्दे पर एकजुट होकर इसे समर्थन देंगे। राजनीतिक असर के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी एक पार्टी, जैसे भारतीय जनता पार्टी के फायदे तक सीमित नहीं है। अगर यह बिल पास होता है, तो इसका लाभ सभी राजनीतिक दलों और उनके कार्यकर्ताओं को मिलेगा। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद की दौड़ से रोकने के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय को राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यह महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्तीकरण से जुड़ा मुद्दा है, जिसका सभी को समर्थन करना चाहिए। अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए करमजीत कौर ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने उन्हें एक वॉलंटियर के रूप में आगे बढ़ाकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं, जो पार्टी की महिला सशक्तीकरण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अटारी-वाघा बॉर्डर से श्रद्धालुओं का जत्था रवाना: खालसा साजना दिवस पर 1763 वीजा मंजूर

अमृतसर. खालसा साजना दिवस (बैसाखी) के पावन अवसर पर पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारों के दर्शन के लिए जाने वाले सिख श्रद्धालुओं के जत्थे की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने इस संबंध में जानकारी साझा की है। SGPC के सचिव बलविंदर सिंह काहलवा ने बताया कि इस वर्ष जत्थे के लिए कुल 1795 पासपोर्ट नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास को भेजे गए थे, जिनमें से 1763 श्रद्धालुओं को वीजा जारी किया गया है। वीजा लगे पासपोर्ट SGPC कार्यालय पहुंच चुके हैं और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे कार्यालय समय के दौरान अपने पासपोर्ट प्राप्त कर लें। उन्होंने बताया कि जत्था 10 अप्रैल को सुबह 8 बजे SGPC कार्यालय से पूरे सम्मान के साथ पाकिस्तान के लिए रवाना होगा। श्रद्धालुओं को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते विशेष बसों के जरिए भेजा जाएगा। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधकी कमेटी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि इस यात्रा को केवल धार्मिक भावना और आस्था के रूप में ही देखा जाए, इसे किसी भी तरह से पिकनिक न समझा जाए। यात्रा के दौरान अनुशासन, संयम और पंथक मर्यादा बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। बयानबाजी से बचा जाए इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान में किसी भी ऐसी गतिविधि या बयानबाजी से बचा जाए, जिससे सिख समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचे या भविष्य में वीजा प्रक्रिया प्रभावित हो। दूतावास द्वारा 32 वीजा रद्द किए जाने पर SGPC ने सुझाव दिया कि यदि किसी श्रद्धालु के दस्तावेजों में कोई कमी हो, तो उसे पत्र या फोन के माध्यम से सूचित किया जाए, ताकि त्रुटि को दूर कर अधिक से अधिक श्रद्धालु गुरुधामों के दर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि बिछड़े गुरुधामों के दर्शन की चाह हर सिख के मन में गहराई से जुड़ी होती है।

पंजाब में बड़ा बदलाव: 102 नगर परिषदों के प्रधान और 9 नगर निगमों के मेयर हटाए गए

चंडीगढ़   चुनाव में देरी के चलते पंजाब सरकार ने 102 नगर परिषदों के प्रधान और नौ नगर निगमों के मेयर को हटा दिया है। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं। यह अधिकारी चुनाव होने तक कामकाज देखेंगे। आज से ही प्रशासनिक अधिकारी नगर परिषद और नगर निगम के कार्य संभालना शुरू कर देंगे। पंजाब सरकार ने राज्य के नगर परिषद और नगर निगमों के कार्यकाल संबंधी आदेश जारी किए हैं। जिसमें लिखा गया है कि पंजाब नगर पालिका अधिनियम, 1911 और पंजाब नगर निगम अधिनियम, 1976 के तहत राज्यपाल ने उपयुक्त अधिकारियों को अस्थायी रूप से नगर पालिकाओं और नगर निगमों की सभी शक्तियों और कर्तव्यों का पालन करने के लिए नियुक्त किया है। जारी आदेश के अनुसार, नगर पालिकाओं के कार्यकाल 5 अप्रैल से लेकर 17 जून तक के बीच में खत्म हो रहे हैं।  हालांकि, राज्यपाल की राय है कि इन नगर पालिकाओं और निगमों के चुनाव कार्यकाल की समाप्ति से पहले आयोजित नहीं किए जा सकते हैं। इसलिए पंजाब के राज्यपाल ने अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अधिकारियों को उनके पांच वर्ष के कार्यकाल की समाप्ति के अगले दिन से लेकर पुनर्गठित होने तक सभी प्रशासनिक शक्तियों और कर्तव्यों का प्रयोग करने का अधिकार दिया है। अबोहर निगम का कार्यकाल 8 अप्रैल, एसएएस नगर, होशियारपुर, बठिंडा का कार्यकाल 11 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। वहीं, बटाला नगर निगम का 18 अप्रैल, बरनाला 14 अप्रैल, पठानकोट 28 अप्रैल, मोगा 12 मई 2026, कपूरथला 6 जून को कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन सभी नगर निगम के लिए कमिश्नर नियुक्त किए गए हैं। अधिकारियों की यह नियुक्ति नगर पालिकाओं और नगर निगमों की सुचारू व प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि स्थानीय प्रशासनिक कार्य बाधित न हों। इस कदम से स्थानीय निकायों में संचालन की स्थिरता बनी रहेगी और नागरिकों को नियमित सेवाएं उपलब्ध होती रहेंगी।

प्रॉपर्टी रजिस्ट्री से पहले KYC अनिवार्य: नए आदेश लागू

अमृतसर. रजिस्ट्री दफ्तरों में सरगर्म लैंड माफिया के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एफ.सी.आर. (फाइनांस कमिश्नर रैवेन्यू) अनुराग वर्मा के आदेशानुसार जहां डी.सी. दलविन्दरजीत सिंह की तरफ से 8 जाली रजिस्ट्रियां करवाने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की तैयारी की जा रही है। वहीं रजिस्ट्री दफ्तरों में हाल ही में तैनात किए गए सब-रजिस्ट्रारों ने जिसमें सब-रजिस्ट्रार वन जसबीर सिंह संधू, सब-रजिस्ट्रार टू अभिषेक वर्मा और सब-रजिस्ट्रार विकास गुप्ता सहित, सब-रजिस्ट्रार करनबीर ढिल्लों की तरफ से सभी वसीका नवीसों को निर्देश दिए गए हैं कि रजिस्ट्री करवाने से पहले खरीदार और बेचने वालों के दस्तावेजों की ‘के.वाई.सी.’ जरूर करवाई जाए। अधिकारियों ने कहा कि ईजी रजिस्ट्री के तहत माल विभाग की तरफ से ‘के.वाई.सी.’ को जल्द ही सबके लिए जरुरी कर दिया जाएगा, लेकिन फिर सभी वसीका नवीसों और रैवेन्यू से संबंधित वकीलों को दस्तावेजों की ‘के.वाई.सी.’ जरुर करवानी चाहिए, ताकि बार-बार सामने आने वाली जाली रजिस्ट्रियों पर लगाम लगाई जा सके। दूसरी तरफ वसीका नवीस यूनियन की तरफ से जिला प्रधान नरेश शर्मा ने भी आश्वासन दिया है कि यूनियन के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों की तरफ से ‘के.वाई.सी.’ को पहल के आधार पर किया जा रहा है, क्योंकि जब भी कोई जाली रजिस्ट्री का मामला पकड़ा जाता है तो इससे इमानदारी के साथ काम करने वाले वसीका नवीसों की भी बदनामी होती है। ‘के.वाई.सी.’ के पहले ही दिन पकड़ा गया था नकली अरमान जमीन जायदाद की रजिस्ट्री करवाते समय ‘के.वाई.सी.’ कितनी अहम बन जाती है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस समय सरकार की तरफ से रजिस्ट्रियों के दस्तावेजों में ‘के.वाई.सी.’ को शुरू करवाया गया तो पहले ही दिन एक नाबालिग लड़के की जमीन की जाली रजिस्ट्री होने से बच गई, जिसका नाम अरमान था संबंधित वसीका नवीस ने जब तथाकथित अरमान के दस्तावेजों की के.वाई.सी. करवाई तो अरमान नकली निकला। मामला थाने तक भी पहुंच गया, लेकिन लैंडमाफिया ने अपना दबाव बनाकर मामले को रफा- दफा कर दिया, जबकि प्रशासन की तरफ से इस मामले की गहराई के साथ जांच की जानी चाहिए थी और नकली दस्तावेज बनाने वाले आरोपियों पर सख्त एक्शन लेना चाहिए था। नकली दस्तावेज पेश करने वाले के खिलाफ 7 वर्ष की सजा का प्रावधान रजिस्ट्री दफ्तरों पर लागू रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत यदि रजिस्ट्री दफ्तरों में तैनात तहसीलदार या सब-रजिस्ट्रार आदि को कोई व्यक्ति नकली दस्तावेज पेश करता है या फिर जाली रजिस्ट्री करवाता है तो पांच लाख रुपये तक जुर्माना और 7 वर्ष की सजा का प्रावधान है रजिस्ट्री लिखते समय भी यह लिखा जाता है, लेकिन बड़े प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से इस बाबत कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं, जिससे लैंड माफिया का हौंसला बढ़ता जाता है।

ड्रग्स ने ली 20 जिंदगियां: पंजाब में मातम, एक ही परिवार के चार भाई भी शिकार

कपूरथला. सुल्तानपुर लोधी के मोहल्ला पंडोरी की एक मां के चार बेटों को नशे ने लील लिया और पांचवां भी जिंदगी और-मौत के बीच झूल रहा है। एक-एक करके मां-बाप की आंखों के सामने बेटे काल के गाल में समाते गए, लेकिन इस मां की चीखे अंत तक झकझोर रही हैं। केवल यही नहीं, माेहल्ले में नशे ने और भी युवाओं को मौत की नींद सुलाया है। अब तो मोहल्ले के लोग इतने दुखी हैं कि इस नशे के कोहड़ से बचाने कोई तो मदद को आगे आए। रविवार को मोहल्ले की महिलाओं के पिट स्यापे और रो-रोकर सुनाई आपबीती की गूंज सीएम दरबार तक पहुंची गई है। मीडिया के जरिये मामला तूल पकड़ने के बाद अब जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। मोहल्ले में सुबह से सर्च आपरेशन चल रहा है। बाबा नानक की नगरी में थाने की दीवार से सटे मोहल्ला पंडोरी की दर्दनाक तस्वीरे नशे के नाश के दावों पर जहां गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं माताओं की चीखें और उजड़े परिवारों की कहानियां इस बात की गवाही दे रही हैं कि नशे की जड़े बेहद गहरी हैं। अब लोगों का गुस्सा ऐसा फूटा कि उनको दर्द बयां करने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा। सरेआम पुड़ियां पकड़ा जाते हैं तस्कर मोहल्ले की महिलाओं ने आरोप लगाया है कि नशे का कारोबार न केवल खुलेआम जारी है, बल्कि अब यह पुलिस थानों के आसपास तक पहुंच चुका है। उनका कहना है कि तस्कर मुंह ढककर मोटरसाइकिलों पर आते हैं और खुलेआम ‘चिट्टे’ की पुड़िया देकर फरार हो जाते हैं। सबसे दिल दहला देने वाली कहानी एक मां की है, जिसने नशे के कारण अपने चार बेटों को खो दिया है। उसकी आंखों में आंसू और आवाज में दर्द साफ झलकता है। चार बेटे को खो चुकी मां रविवार के प्रदर्शन में शामिल इसी मोहल्ले के दंपति जोगिंदर पाल सिंह और उनकी पत्नी मनजीत कौर ने कहा कि नशे की वजह से मैं अपने चार बेटों जसविंदर सिंह, बलविंदर सिंह, मिथुन और रवि खो चुकी हूं। इनमें 2 शादीशुदा और 2 कुंवारे थे। अब 32 साल का 5वां बेटा सोनू भी बिस्तर पर पड़ा है। हमें डर है कि अब इसकी भी मौत हो जाएगी। रुद्धन भरे स्वर में उसने बताया कि “मैं पांच बेटों की मां हूं… चार को नशे ने मुझसे छीन लिया… और पांचवां भी बिस्तर पर पड़ा है… डॉक्टरों ने भी जवाब दे दिया है।” यह दर्द सिर्फ एक परिवार तक सीमित नहीं है। मोहल्ले की कई महिलाओं ने सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई हैं। किसी ने दो बेटों को खोया, किसी ने तीन तो किसी का इकलौता सहारा भी नशे की भेंट चढ़ चुका है। प्रदर्शन में शामिल दुखी महिलाओं के गंभीर आरोप मोहल्ले की महिलाओं ने प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इलाके में नशा आज भी सरेआम बिक रहा है। तस्कर बेखौफ होकर पुलिस स्टेशन के आसपास ही नशा बेच रहे हैं। सरकार द्वारा चलाए जा रहे “नशे के खिलाफ युद्ध” का जमीनी स्तर पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा। एक अन्य बेबस मां ने अपने छोटे-छोटे पोतों की ओर इशारा करते हुए प्रशासन से गुहार लगाई, “हमारे बेटे तो चले गए, अब कम से कम इन मासूमों को बचा लो।” महिलाओं का कहना है कि जब ‘बाबा नानक की नगरी’ में ही लोग सुरक्षित नहीं हैं और पुलिस थानों के नजदीक नशा बिक रहा है, तो आम जनता की सुरक्षा पर सवाल उठना लाजिमी है। एक ही गली में 20 से ज्यादा युवा गंवा चुके जान मोहल्ला पंडोरी की एक गली में पिछले कुछ सालों में 20 से ज्यादा युवा नशे की भेंट चढ़ चुके हैं। लेकिन नशे पर लगाम लगने की बजाय यह लगातार फल-फूल रहा है। एएसपी सुल्तानपुर लोधी ने क्या कहा? एएसपी सुल्तानपुर लोधी धीरेंद्र वर्मा ने कहा कि मोहल्ला पंडोरी में जिस महिला द्वारा अपने चार बेटों की मौत होने का दावा किया जा रहा है, उसने कभी इसकी रिपोर्ट थाने में नहीं दी। उसके सबसे बड़े बेटे की मौत आठ साल पहले नशे से हुई थी, उससे छोटे की मौत सात साल पहले जलने, तीसरे की पांच साल पहले जेल और चौथे बेटे की मौत तीन साल पहले अत्याधिक शराब के सेवन से हुई है। महिला का जो पांचवां बेटा भी गंभीर बीमारी से ग्रस्त है। करवाया जा रहा इलाज जिला प्रशासन के निर्देश पर पांचवें बेटे का इलाज करवाया जा रहा है। जरूरत पड़ी तो उसे नशा मुक्ति केंद्र भी भेजा जाएगा। मोहल्ले का सर्वे करवाकर नशे में लिप्त लोगों को नशामुक्ति केंद्र भेज पुलिस उनका ठीक होने तक उपचार करवाएगी। मोहल्ले में नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस लगातार मोहल्ले में छापेमारी करती रहेगी।