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पंजाब में हाई अलर्ट! बठिंडा कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी से मचा हड़कंप

बठिंडा. बठिंडा के जिला अदालत परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मंगलवार को पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। यह धमकी एक ईमेल के माध्यम से भेजी गई थी। सूचना मिलते ही बठिंडा पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं तथा अदालत परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस ने एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर के सभी प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए। इसके बाद बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वायड और पुलिस की विशेष टीमों ने पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया। अदालत परिसर में मौजूद लोगों की आवाजाही पर भी अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई, जबकि वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत तत्काल कार्रवाई की गई। कोर्ट परिसर के विभिन्न हिस्सों, पार्किंग क्षेत्र, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों की गहन जांच की गई। हालांकि प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु मिलने की सूचना नहीं है। धमकी भरे मेल की जांच शुरू अधिकारियों ने बताया कि धमकी भरे ईमेल की जांच शुरू कर दी गई है। साइबर सेल की टीम ईमेल भेजने वाले की पहचान करने और उसके स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच के सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। सर्च अभियान पूरा होने और स्थिति सामान्य होने के बाद ही अदालत की नियमित गतिविधियों को पूरी तरह बहाल किया जाएगा। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने की अपील की है।

ED का बड़ा एक्शन: 145 करोड़ फ्रॉड केस में कोटक महिंद्रा बैंक का पूर्व अफसर गिरफ्तार

पंचकूला नगर निगम पंचकूला के करीब 145 करोड़ रुपये के कथित घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिंदर सिंह को गिरफ्तार किया है। ईडी ने  धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत यह कार्रवाई की। ईडी की जांच हरियाणा के पंचकूला स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। एफआईआर में कोटक महिंद्रा बैंक के अज्ञात अधिकारियों और अन्य लोगों पर नगर निगम के 145 करोड़ रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोप लगाया गया था। बैंक अधिकारियों और नगर निगम कर्मचारी की मिलीभगत का आरोप ईडी के अनुसार जांच में नगर निगम के एक अधिकारी, बैंक अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के बीच कथित आपराधिक गठजोड़ का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि बैंक के कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव और तत्कालीन डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिंदर सिंह ने नगर निगम के पूर्व वरिष्ठ लेखा अधिकारी विकास कौशिक के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नगर निगम के नाम से दो बैंक खाते खुलवाए थे। आरोप है कि नगर निगम के वैध खातों से फर्जी फंड माइग्रेशन ऑथराइजेशन पत्रों के जरिए धनराशि इन अनधिकृत खातों में ट्रांसफर की गई। बाद में रकम विभिन्न फाइनेंसरों और अन्य व्यक्तियों के खातों में भेजी गई। फर्जी खातों से रकम निकासी की जांच ईडी का दावा है कि जांच में यह भी सामने आया है कि राजत दहरा, स्वाति तोमर, कपिल कुमार और विनोद कुमार नामक फाइनेंसर पुष्पिंदर सिंह के निर्देशों पर काम कर रहे थे। एजेंसी के अनुसार गबन में इस्तेमाल किए गए कुछ खातों का नियंत्रण भी पुष्पिंदर सिंह के पास था। जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि फर्जी खातों से निकाली गई रकम का एक हिस्सा पुष्पिंदर सिंह और उनकी पत्नी प्रीति ठाकुर तक पहुंचा। इसके अलावा धनराशि को रियल एस्टेट कंपनियों और अन्य निजी व्यक्तियों तक पहुंचाने के भी आरोप हैं। 9 जून तक ईडी रिमांड ईडी ने आरोपी को विशेष पीएमएलए अदालत, पंचकूला में पेश किया। अदालत ने उसे 9 जून तक नौ दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया। मामले में आगे की जांच जारी है।

तस्करी मामलों की सुनवाई में देरी पर हाईकोर्ट ने जताई चिंता, गवाहों की अनुपस्थिति पर उठाए सवाल

चंडीगढ़  पंजाब में नशा तस्करी से जुड़े मामलों की सुनवाई में हो रही देरी पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चिंता जताई है। कोर्ट ने राज्य सरकार को पुलिस बल की जनशक्ति की उच्चस्तरीय समीक्षा करने और भर्ती प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए हैं।  अदालत ने कहा कि पंजाब सरकार युद्ध नशे विरुद्ध अभियान चला रही है लेकिन पुलिसकर्मियों की कमी के कारण सरकारी गवाह समय पर अदालतों में पेश नहीं हो पा रहे हैं। इसका सीधा असर एनडीपीएस मामलों के ट्रायल पर पड़ रहा है। जस्टिस संजय वशिष्ठ की पीठ के समक्ष हेरोइन बरामदगी से जुड़े एक मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान यह मुद्दा सामने आया। पंजाब सरकार की ओर से विशेष डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रवीण कुमार सिन्हा के हलफनामे और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स से जुटाए गए आंकड़े अदालत के समक्ष पेश किए गए।  अदालत ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है जबकि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है। राज्य स्तर पर इस समस्या पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है ताकि अदालतों में गवाही देने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी उपलब्ध कराए जा सकें।  अदालत ने टिप्पणी की कि नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के बावजूद वास्तविक स्थिति यह है कि कई मामलों में पुलिस गवाहों की अनुपस्थिति के कारण ट्रायल लंबित हो रहे हैं और आरोपियों को जमानत मिलने का आधार बन रहा है।   

तेज आंधी और बारिश को लेकर पंजाब में चेतावनी जारी, बठिंडा में गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड

अमृतसर. पंजाब में अभी बारिशों का दौर थमा नहीं है। 3 जून से मौसम में बदलाव शुरू होने की संभावना है, जबकि पांच जून तक राज्य के कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार चार जून को सबसे अधिक जिलों में चेतावनी जारी की गई है। सोमवार को प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में लगभग 2.9 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बावजूद तापमान सामान्य से करीब 4.2 डिग्री सेल्सियस नीचे बना रहा। राज्य का सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और निचले स्तर की हवाओं के प्रभाव से आगामी दिनों में मौसम सक्रिय रहेगा। इससे गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है। बठिंडा को छोड़ सभी शहरों का तापमान 40 से नीचे सोमवार को राज्य का सबसे अधिक तापमान बठिंडा क्षेत्र में 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा पठानकोट में 37.4, बठिंडा शहर में 37.0, फरीदकोट में 37.0, फिरोजपुर में 36.7, अमृतसर में 36.3, चंडीगढ़ में 36.0, पटियाला में 35.8, लुधियाना में 35.6, गुरदासपुर में 34.5, मोहाली में 34.8, रूपनगर में 33.9 और नवांशहर में 32.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में बादल, तेज हवाएं और हल्की बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। जानें कैसा रहेगा पंजाब का मौसम 2 जून : पूरे पंजाब में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की संभावना है। अधिकांश जिलों के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं है। हालांकि कुछ स्थानों पर बादल छाए रह सकते हैं और शाम के समय मौसम में हल्का बदलाव महसूस हो सकता है। 3 जून : अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, लुधियाना, मोगा, फिरोजपुर, फरीदकोट, मुक्तसर, फाजिल्का, बठिंडा, मानसा, बरनाला और संगरूर सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 4 जून : मौसम विभाग ने अधिकांश जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, फिरोजपुर, फरीदकोट, मुक्तसर, फाजिल्का, बठिंडा, मानसा, मोगा, बरनाला, संगरूर और लुधियाना सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हो सकती है। जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब जिलों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। 5 जून : मौसम की गतिविधियां कुछ कम हो जाएंगी। गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, फाजिल्का, मुक्तसर और बठिंडा के कुछ हिस्सों में गरज-चमक तथा तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी। बाकी अधिकांश जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है।

अमेरिका में होगी चंडीगढ़ की विरासत की नीलामी, हस्तक्षेप की मांग लेकर आगे आए लोग

चंडीगढ़. चंडीगढ़ की ऐतिहासिक विरासत से जुड़े फर्नीचर की विदेशों में हो रही नीलामी का मामला एक बार फिर गरमा गया है। हेरिटेज आइटम्स प्रोटेक्शन कमेटी (HIPC) के सदस्य एवं एडवोकेट अजय जग्गा ने केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर अमेरिका में 4 जून को प्रस्तावित नीलामी को रुकवाने के लिए तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप की मांग की है। अजय जग्गा ने अपने पत्र में कहा कि अमेरिका की प्रसिद्ध नीलामी संस्था राइट ऑक्शन हाउस (Wright Auction House) द्वारा चंडीगढ़ कैपिटल प्रोजेक्ट के दौरान प्रसिद्ध वास्तुकार पियरे जेनरे द्वारा डिजाइन किए गए फर्नीचर की नीलामी की जा रही है। इनमें पंजाब यूनिवर्सिटी, सेंट्रल लाइब्रेरी, एमएलए फ्लैट्स और अन्य सरकारी संस्थानों से जुड़े फर्नीचर शामिल हैं। नीलामी सूची में डाइनिंग सेट, डाइनिंग चेयर, लाउंज चेयर, लो स्टूल और क्यूब स्टूल जैसी वस्तुएं शामिल हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 68.80 लाख रुपये से 95.46 लाख रुपये के बीच आंकी गई है। सरकारी संस्थानों से जुड़े हैं फर्नीचर जग्गा ने कहा कि ये फर्नीचर केवल पुरानी वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि चंडीगढ़ की स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हें देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की परिकल्पना के तहत विकसित किए गए चंडीगढ़ कैपिटल प्रोजेक्ट के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया था। उन्होंने चिंता जताई कि विदेशी नीलामी घरों में बार-बार चंडीगढ़ की विरासत से जुड़े फर्नीचर का सामने आना इस बात का संकेत है कि सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और निगरानी व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं। दूतावासों को सतर्क करने की मांग अजय जग्गा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि दुनिया भर में स्थित भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों को ऐसे मामलों में सतर्क किया जाए। साथ ही विदेश मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के बीच समन्वित तंत्र विकसित कर विदेशी नीलामियों की निगरानी की जाए और भारतीय विरासत से जुड़ी वस्तुओं की वापसी के प्रयास किए जाएं। पत्र में कहा गया है कि विदेशों में लगातार हो रही ऐसी नीलामियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भी, विरासत भी’ के विजन के विपरीत हैं। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो चंडीगढ़ और भारत की अमूल्य विरासत दुनिया भर के निजी संग्रहों में बिखर जाएगी। जग्गा ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 49 और नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय महत्व की ऐतिहासिक और कलात्मक वस्तुओं की रक्षा करना राज्य और नागरिकों दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र सरकार से अमेरिका में होने वाली नीलामी पर तत्काल आपत्ति दर्ज कर चंडीगढ़ की विरासत को बचाने की अपील की है।

पंजाब ने GST संग्रह में दिखाई रफ्तार, मई महीने में 14.59 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी

चंडीगढ. पंजाब ने जीएसटी संग्रह के क्षेत्र में राष्ट्रीय औसत को पीछे छोड़ते हुए मई 2026 में 14.59 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को बताया कि राज्य का सकल जीएसटी संग्रह बढ़कर 2,400.52 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जबकि मई 2025 में यह आंकड़ा 2,094.81 करोड़ रुपये था। इस प्रकार, एक वर्ष में जीएसटी संग्रह में 305.71 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। चीमा ने कहा कि राज्य की यह उपलब्धि आर्थिक गतिविधियों में तेजी, कर अनुपालन में सुधार और कराधान विभाग की सख्त प्रवर्तन कार्रवाई का परिणाम है। उन्होंने बताया कि जहां देशभर में सकल जीएसटी राजस्व वृद्धि करीब 3.2 प्रतिशत रही, वहीं पंजाब ने 14.59 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। राज्य की नकद संग्रह वृद्धि 6.57 प्रतिशत रही, जबकि कुल जीएसटी संग्रह में कहीं अधिक बढ़ोतरी हुई है, जो मजबूत राजस्व आधार और बेहतर कर प्रशासन का संकेत है। वित्त मंत्री ने बताया कि कर चोरी रोकने के लिए गठित स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स (एसआईपीयू) ने मई महीने में बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए 182.69 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया और 178.76 करोड़ रुपये की वसूली की। यह सफलता डेटा एनालिटिक्स, खुफिया सूचनाओं, सत्यापन अभियानों और फील्ड स्तर पर चलाए गए विशेष ऑपरेशनों के कारण मिली है। वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार सार्वजनिक राजस्व की सुरक्षा और ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि फर्जी बिलिंग और संगठित कर चोरी के नेटवर्क के खिलाफ सरकार की जीरो टालरेंस नीति आगे भी जारी रहेगी। 85 करोड़ के फर्जी बिलिंग रैकेट पकड़ा चीमा ने बताया कि कर चोरी के खिलाफ अभियान के दौरान विभाग ने 85.4 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग रैकेट का भी पर्दाफाश किया है। इस मामले में लुधियाना स्थित एक फर्म के निदेशक को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने फर्जी लेन-देन के जरिए 15.56 करोड़ रुपये का गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल किया था। जांच में सामने आया कि कर चोरी के लिए कागजों पर मौजूद फर्जी फर्मों, नकली बिलों, फर्जी डेबिट नोट और मनगढ़ंत परिवहन रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस धोखाधड़ी से जुड़े लाभार्थियों से करीब तीन करोड़ रुपये की वसूली भी की गई।

बेरोजगारी और नशे के मुद्दे पर युवाओं को साधने में जुटी कांग्रेस, 2027 चुनाव की तैयारी तेज

 चंडीगढ़  पंजाब निकाय चुनाव में इस बार कांग्रेस ने आप के कड़ी टक्कर देते हुए सीटों के मामले में दूसरा स्थान हासिल किया है। इन चुनावों को सभी पार्टी विधानसभा-2027 का सेमीफाइनल के तौर पर लेते हुए तैयारी में जुटी थी। पंजाब में युवाओं का वोट जीत-हार में काफी अहम भूमिका अदा करेगा। सूबे में इस समय युवाओं के बीच बेरोजगारी, नशा, पेपर लीक और क्वालिटी एजुकेशन जैसे अहम मुद्दे हैं। ऐसे में कांग्रेस ने युवाओं की नब्ज को टटोलते हुए युवा वोटर को लेकर खास मेनीफेस्ट तैयार करना शुरु कर दिया है। कांग्रेस की चुनावी टीम इस बार पहली बार वोटर और यूथ प्रोफेशनल पर खास तौर पर फोकस कर रही है। विधानसभा चुनावों में जेन-जी का वोट हार जीत का फैसला करने में अहम भूमिका निभाएगा। पंजाब में इस समय युवाओं से जुड़े मुद्दे सबसे अधिक चर्चा में हैं। विदेश भाग रहा पंजाब का यूथ पंजाब का यूथ लगातार विदेश की ओर भाग रहा है, लेकिन वहां भी अब पंजाब के युवाओं को पहले जैसे मौके नहीं मिल पा रहे हैं। कांग्रेस की ओर से जेन-जी को लेकर जल्द ही खास जागरुकता अभियान चलाया जाएगा,जिसे लेकर पार्टी की ओर से जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरु कर दी गई हैं। युवाओं को पार्टी के साथ जोड़ने के लिए कांग्रेस का यूथ विंग खास तौर से अब कालेज और यूनिवर्सिटी स्तर के वोटर पर फोकस कर रहा है। 2022 चुनावों से ली सीख 2022 पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी ने भी यूथ वोटर के दम पर सरकार बनाई थी। पंजाब में इस समय बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है। जिसे कांग्रेस आगामी चुनाव में भुनाने की कोशिश में है। मोहाली में आयोजित एक क्रिकेट टूर्नामेंट में पहुंचा पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि कांग्रेस की ओर से एक प्रोग्राम तैयार किया जा रहा है जिसमें युवाओं की भागदारी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से भी युवाओं की समस्याओं को उठाने के साथ ही उनके समाधान को लेकर काम करने के लिए कहा गया है ,इसी दिशा में अब पंजाब कांग्रेस युवाओं तक पहुंचकर उनके सुझाव लेगी और उन्हें सरकार आने पर लागू करेगी। वडिंग ने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में युवाओं की भागेदारी ही सबसे महत्वपूर्ण होगी और कांग्रेस हमेश से ही युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबध है। पंजाब में बेरोजगारी राष्ट्रीय औसत से दोगुणा पंजाब में बेरोजगारी का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से करीब दोगुणा है।15 से 29 वर्ष की उम्र में पंजाब में बेरोजगारी 17 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। जबिक राष्ट्रीय बेरोजगारी औसत का आंकड़ा 9.9 प्रतिशत है। प्रदेश में शिक्षित युवाओं को भे रोजगार नहीं मिल पा रहा है। जिसके कारण युवाओं को प्रदेश से बाहर ही नहीं विदेशों की तरफ बेहतर करियर के लिए जाना पड़ रहा है। लेकिन वहां भी पंजाब के युवाओं को बेहतर रोजगार नहीं मिल पा रहे हैं। दूसरी तरफ पंजाब में लोगों के खर्च देश में औसत खर्च से अधिक हैं। सेकेंडरी एजुकेशन का ग्राफ पंजाब में 49 प्रतिशत है,जबिक देश में यह ग्राफ 42.4 प्रतिशत है। ग्रेजुएट का प्रतिशत पंजाब में 8.7 प्रतिशत जबकि राष्ट्रीय औसत 10.8 प्रतिशत है। पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर पर पंजाब में औसत 2.8 प्रतिशत जबकि राष्ट्रीय औसत 3.3 प्रतिशत है।

पंजाब निकाय चुनाव में BJP को बढ़त, लेकिन शहरों में मजबूत पकड़ अब भी दूर

चंडीगढ़. पंजाब के हालिया निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। हालांकि सीटों और वार्डों की संख्या में बढ़ोतरी के बावजूद पार्टी शहरी क्षेत्रों में वह राजनीतिक सफलता हासिल नहीं कर सकी जिसकी उससे अपेक्षा की जा रही थी। चुनाव परिणामों ने यह संकेत जरूर दिया है कि पार्टी का जनाधार बढ़ रहा है, लेकिन अभी उसे राज्य के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में मजबूत पकड़ बनाने के लिए लंबा सफर तय करना होगा। निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने 103 निकायों के कुल 1977 वार्डों में से 172 वार्डों पर जीत दर्ज की। वर्ष 2021 के निकाय चुनावों में पार्टी को केवल 49 वार्डों में सफलता मिली थी। इस लिहाज से पार्टी ने अपने प्रदर्शन में बड़ा सुधार किया है। इसके बावजूद वह कुल वार्डों के आंकड़े में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, निर्दलीय उम्मीदवारों और शिरोमणि अकाली दल से पीछे रही। चुनाव परिणामों के अनुसार भाजपा केवल दो स्थानीय निकायों पर नियंत्रण स्थापित कर सकी। इनमें अबोहर नगर निगम और नया गांव नगर परिषद शामिल हैं। पार्टी का सबसे मजबूत प्रदर्शन नगर निगम चुनावों में देखने को मिला, जहां उसने 400 में से 69 वार्डों में जीत हासिल की। अबोहर में 28 और पठानकोट में 22 वार्ड जीतकर भाजपा इन दोनों शहरों में प्रमुख राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरी। हालांकि अन्य प्रमुख शहरों में पार्टी का प्रदर्शन सीमित रहा। बठिंडा में उसे केवल एक सीट मिली, जबकि बटाला में दो सीटों पर सफलता मिली। मोहाली, कपूरथला और मोगा में पार्टी तीन-तीन वार्डों तक ही सिमट गई। इससे स्पष्ट है कि कुछ चुनिंदा शहरी क्षेत्रों को छोड़कर भाजपा अभी भी व्यापक स्तर पर मतदाताओं का विश्वास हासिल नहीं कर सकी है। नगर परिषद में 103 वार्डें जीतीं नगर परिषद चुनावों में भी भाजपा को 1331 वार्डों में से 103 वार्डों पर जीत मिली। वहीं 20 नगर पंचायतों के 246 वार्डों में पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम भाजपा की उन चुनौतियों को उजागर करता है, जिनका सामना उसे राज्य में अपना जनाधार बढ़ाने के लिए करना पड़ रहा है। पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी की सफलता का मूल्यांकन पिछले चुनावों के मुकाबले किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने वार्डों की संख्या 49 से बढ़ाकर 172 कर ली है। उनके अनुसार वास्तविक राजनीतिक तस्वीर आगामी विधानसभा चुनाव में स्पष्ट होगी।

मरीजों के लिए राहतभरी खबर, बठिंडा अस्पताल में लगी आधुनिक एक्स-रे और OPG मशीनें

बठिंडा. शहीद भाई मनी सिंह सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने बड़ा कदम उठाया गया है। अस्पताल प्रशासन ने करीब 50 लाख की लागत से अत्याधुनिक डिजिटल रेडियोग्राफी (डीआर) एक्स-रे मशीन और आर्थोपेंटोमोग्राम (ओपीजी) मशीन खरीदी है। दोनों मशीनें अस्पताल पहुंच चुकी हैं और इन्हें स्थापित कर शुरू कर दिया गया है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 1800 से 2000 मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें से लगभग 400 से 500 मरीजों को एक्स-रे जांच की आवश्यकता होती है। मौजूदा समय में अस्पताल में उपलब्ध एकमात्र डिजिटल एक्स-रे मशीन पर अत्यधिक दबाव होने के कारण प्रतिदिन केवल 350 मरीजों की ही जांच हो पाती है। इसके चलते कई मरीजों को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है, जबकि कई बार उन्हें अगले दिन आने की सलाह भी दी जाती है। सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. अरूण बांसल का कहना है कि नई डीआर मशीन लगने के बाद अस्पताल में दो डिजिटल एक्स-रे मशीनें उपलब्ध होगी है। इससे जांच क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और मरीजों को समय पर जांच सुविधा मिल सकेगी। नई मशीन अत्याधुनिक तकनीक से लैस है, जिससे शरीर के अंदरूनी हिस्सों की उच्च गुणवत्ता वाली और स्पष्ट तस्वीरें प्राप्त होंगी। इससे हड्डियों के सूक्ष्म फ्रैक्चर समेत कई अन्य बीमारियों की पहचान पहले से अधिक सटीकता के साथ की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि नई डीआर मशीन की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी है कि इसमें रेडिएशन का स्तर अपेक्षाकृत कम होता है। इससे मरीजों की सुरक्षा बढ़ेगी और जांच प्रक्रिया अधिक भरोसेमंद बनेगी। साथ ही डिजिटल तकनीक के कारण रिपोर्ट तैयार होने में भी कम समय लगेगा। पहली बार मिलेगी ओपीजी जांच की सुविधा अस्पताल में पहली बार ओपीजी मशीन की स्थापना की गई है। दंत चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यह सुविधा दांतों और जबड़ों से संबंधित बीमारियों के निदान में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। अब तक सरकारी अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों का सहारा लेना पड़ता था। निजी संस्थानों में ओपीजी जांच के लिए मरीजों को 800 से 1000 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे। नई मशीन शुरू होने के बाद यह सुविधा सरकारी अस्पताल में ही उपलब्ध होगी, जिससे मरीजों का आर्थिक बोझ कम होगा। साथ ही जांच रिपोर्ट भी महज पांच से दस मिनट में प्राप्त हो सकेगी। ओपीजी मशीन के माध्यम से दांतों की सड़न, संक्रमण, जबड़े की हड्डियों की स्थिति, ट्यूमर, अक्ल दाढ़ की समस्या, टेढ़े-मेढ़े दांतों तथा रूट कैनाल ट्रीटमेंट (आरसीटी) से जुड़ी जटिलताओं का सटीक आकलन किया जा सकेगा। इससे दंत रोगों के उपचार में तेजी आएगी और चिकित्सकों को बेहतर उपचार योजना बनाने में मदद मिलेगी। रोजाना 120 तक मरीजों को होगा लाभ अस्पताल के डेंटल विभाग में प्रतिदिन 100 से 120 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ओपीजी मशीन शुरू होने के बाद इन मरीजों को जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। समय और धन दोनों की बचत होगी तथा एक ही परिसर में जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार नई मशीनों के संचालन से रेडियोलॉजी और डेंटल विभाग की सेवाओं में गुणात्मक सुधार आएगा। मरीजों की लंबी कतारें कम होंगी, जांच रिपोर्ट जल्दी उपलब्ध होगी और गंभीर रोगों की पहचान समय रहते संभव हो सकेगी। इससे सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों का भरोसा दोनों मजबूत होंगे।

शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब का बड़ा कमाल, स्कूल रैंकिंग में केरल को पछाड़कर बना देश का नंबर-1 राज्य

 नई दिल्ली एक समय था जब पंजाब के सरकारी स्कूलों का नाम आते ही अभिभावकों के मन में अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता घर कर जाती है. जर्जर इमारतें, संसाधनों की कमी और गिरती शैक्षणिक गुणवत्ता के बीच लाखों परिवार अपने बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना देखते थे. हालात ऐसे थे कि शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की रैंकिंग लगातार नीचे खिसकती जा रही थी और राज्य देश के पिछड़े राज्यों में गिना जाने लगा था. लेकिन कुछ ही सालों में पंजाब के स्कूलों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई।  आज वही पंजाब सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन के दम पर देश में नंबर-1 बनकर उभरा है. यह सिर्फ रैंकिंग में सुधार की कहानी नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की मेहनत और उम्मीदों की जीत की कहानी है, जिन्होंने बदलाव पर भरोसा किया।    2016-17 में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में 22वें स्थान पर रहा, वहीं, 2018-19 में 26वें और 2020 में 27वें स्थान तक फिसल गया था. लेकिन साल 2022 में पंजाब की जनता ने बदलाव का फैसला किया और आम आदमी पार्टी की सरकार को जिम्मेदारी सौंपी. आज सिर्फ चार सालों के अंदर पंजाब ने वह कर दिखाया जिसकी कल्पना भी मुश्किल मानी जाती थी. नीति आयोग की शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 के ताजा आंकड़ों के अनुसार पंजाब ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान हासिल कर लिया है।  ऐसे बना नंबर वन यह सिर्फ एक रैंकिंग नहीं है. यह लाखों पंजाबी परिवारों के सपनों की जीत है. यह उन माता-पिता की जीत है जो चाहते थे कि उनका बच्चा गरीब हो या अमीर, उसे भी विश्वस्तरीय शिक्षा मिले. यह उन शिक्षकों की मेहनत की जीत है जिन्हें नई सोच और नए संसाधनों के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिला. नीति आयोग की रिपोर्ट बताती है कि तीसरी कक्षा के भाषा स्तर में पंजाब के बच्चों ने 82 प्रतिशत दक्षता हासिल की है, जबकि केरल 75 प्रतिशत पर रहा. गणित में पंजाब ने 78 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जबकि केरल 70 प्रतिशत पर रहा. नौवीं कक्षा के गणित में पंजाब का प्रदर्शन 52 प्रतिशत रहा, जबकि केरल केवल 45 प्रतिशत तक पहुंच पाया. ये आंकड़े साफ बताते हैं कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में बच्चों की बुनियादी शिक्षा पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है।  99.9 प्रतिशत रहा परिणाम  आज पंजाब के 99.9 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में बिजली उपलब्ध है. 99 प्रतिशत स्कूलों में चालू कंप्यूटर मौजूद हैं. 80 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम बनाए जा चुके हैं. स्मार्ट क्लासरूम की उपलब्धता में पंजाब 80.1 प्रतिशत पर है जबकि हरियाणा 50.3 प्रतिशत पर है. इंटरनेट सुविधा के मामले में पंजाब 88.9 प्रतिशत पर है जबकि हरियाणा 78.9 प्रतिशत पर है. यह अंतर सिर्फ आंकड़ों का नहीं बल्कि सोच और प्राथमिकताओं का अंतर है।  गुरुग्राम का स्तर रहा सबसे खराब  सबसे दिलचस्प तथ्य यह है कि हरियाणा के सबसे समृद्ध और साइबर सिटी शहर गुरुग्राम के सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन भी पंजाब के सबसे निचले पायदान वाले जिलों से बहुत पीछे है. यह उस मॉडल की ताकत दिखाता है जिसने सरकारी स्कूलों को राजनीति का विषय नहीं बल्कि भविष्य निर्माण का मिशन बनाया. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब ने शिक्षा को सरकारी फाइलों से निकालकर जन आंदोलन बनाया है. शिक्षकों को फिनलैंड और सिंगापुर जैसे देशों में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया ताकि पंजाब के बच्चे भी दुनिया के बेस्ट एजुकेशन मॉडल का लाभ उठा सकें. यही कारण है कि सरकारी स्कूलों के 786 छात्रों ने जेईई मेन और 1284 छात्रों ने नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं पास की है. यह उपलब्धि बताती है कि प्रतिभा सिर्फ निजी स्कूलों की संपत्ति नहीं होती, अवसर मिलने पर सरकारी स्कूलों के बच्चे भी देश का भविष्य बन सकते हैं।  भर्त‍ियों का ग्राफ भी बढ़ा  राज्य सरकार 13 हजार से अधिक नए शिक्षकों और स्टाफ की भर्ती कर चुकी है. 3 लाख छात्रों के लिए इंग्लिश एज कार्यक्रम चलाया जा रहा है ताकि पंजाब का बच्चा दुनिया के किसी भी मंच पर आत्मविश्वास के साथ खड़ा हो सके. राज्य में 118 अत्याधुनिक स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं जो आने वाले वर्षों में पंजाब की नई पहचान बनने जा रहे हैं. आज पंजाब के सरकारी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चे सिर्फ किताबें नहीं पढ़ रहे, बल्कि आधुनिक लैब, डिजिटल तकनीक, स्मार्ट क्लासरूम और वैश्विक स्तर की शिक्षा का अनुभव प्राप्त कर रहे हैं. यह वही सपना है जो विकसित देशों जैसे अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और जापान में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाता है. पंजाब उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।  इन जगहों पर अब भी हो रहा है बदलाव का इंतजार दूसरी तरफ कई ऐसे राज्य हैं जहां वर्षों से एक ही सरकारें चल रही हैं, लेकिन सरकारी शिक्षा व्यवस्था अब भी अपेक्षित बदलाव का इंतजार कर रही है. हरियाणा में पिछले 12 वर्षों से बीजेपी सरकार है, लेकिन शिक्षा के कई मानकों पर पंजाब उससे काफी आगे निकल चुका है. पंजाब के गांवों में अब माता-पिता गर्व से कहते हैं कि उनका बच्चा सरकारी स्कूल में पढ़ता है. यह बदलाव किसी विज्ञापन या नारे से नहीं आया. यह बदलाव स्कूलों की नई इमारतों, स्मार्ट क्लासरूम, प्रशिक्षित शिक्षकों, बेहतर परिणामों और बच्चों के उज्जवल भविष्य के रूप में दिखाई दे रहा है. पंजाब ने साबित कर दिया है कि जब सरकार की प्राथमिकता शिक्षा होती है तो कुछ ही वर्षों में इतिहास बदला जा सकता है. जो राज्य कभी देश में 27वें स्थान पर था, वही आज देश में नंबर-1 बनकर खड़ा है. यह सिर्फ शिक्षा की कहानी नहीं, बल्कि नए पंजाब की कहानी है।