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पंजाब में बड़ा बदलाव: 102 नगर परिषदों के प्रधान और 9 नगर निगमों के मेयर हटाए गए

चंडीगढ़   चुनाव में देरी के चलते पंजाब सरकार ने 102 नगर परिषदों के प्रधान और नौ नगर निगमों के मेयर को हटा दिया है। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं। यह अधिकारी चुनाव होने तक कामकाज देखेंगे। आज से ही प्रशासनिक अधिकारी नगर परिषद और नगर निगम के कार्य संभालना शुरू कर देंगे। पंजाब सरकार ने राज्य के नगर परिषद और नगर निगमों के कार्यकाल संबंधी आदेश जारी किए हैं। जिसमें लिखा गया है कि पंजाब नगर पालिका अधिनियम, 1911 और पंजाब नगर निगम अधिनियम, 1976 के तहत राज्यपाल ने उपयुक्त अधिकारियों को अस्थायी रूप से नगर पालिकाओं और नगर निगमों की सभी शक्तियों और कर्तव्यों का पालन करने के लिए नियुक्त किया है। जारी आदेश के अनुसार, नगर पालिकाओं के कार्यकाल 5 अप्रैल से लेकर 17 जून तक के बीच में खत्म हो रहे हैं।  हालांकि, राज्यपाल की राय है कि इन नगर पालिकाओं और निगमों के चुनाव कार्यकाल की समाप्ति से पहले आयोजित नहीं किए जा सकते हैं। इसलिए पंजाब के राज्यपाल ने अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अधिकारियों को उनके पांच वर्ष के कार्यकाल की समाप्ति के अगले दिन से लेकर पुनर्गठित होने तक सभी प्रशासनिक शक्तियों और कर्तव्यों का प्रयोग करने का अधिकार दिया है। अबोहर निगम का कार्यकाल 8 अप्रैल, एसएएस नगर, होशियारपुर, बठिंडा का कार्यकाल 11 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। वहीं, बटाला नगर निगम का 18 अप्रैल, बरनाला 14 अप्रैल, पठानकोट 28 अप्रैल, मोगा 12 मई 2026, कपूरथला 6 जून को कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन सभी नगर निगम के लिए कमिश्नर नियुक्त किए गए हैं। अधिकारियों की यह नियुक्ति नगर पालिकाओं और नगर निगमों की सुचारू व प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि स्थानीय प्रशासनिक कार्य बाधित न हों। इस कदम से स्थानीय निकायों में संचालन की स्थिरता बनी रहेगी और नागरिकों को नियमित सेवाएं उपलब्ध होती रहेंगी।

प्रॉपर्टी रजिस्ट्री से पहले KYC अनिवार्य: नए आदेश लागू

अमृतसर. रजिस्ट्री दफ्तरों में सरगर्म लैंड माफिया के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एफ.सी.आर. (फाइनांस कमिश्नर रैवेन्यू) अनुराग वर्मा के आदेशानुसार जहां डी.सी. दलविन्दरजीत सिंह की तरफ से 8 जाली रजिस्ट्रियां करवाने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की तैयारी की जा रही है। वहीं रजिस्ट्री दफ्तरों में हाल ही में तैनात किए गए सब-रजिस्ट्रारों ने जिसमें सब-रजिस्ट्रार वन जसबीर सिंह संधू, सब-रजिस्ट्रार टू अभिषेक वर्मा और सब-रजिस्ट्रार विकास गुप्ता सहित, सब-रजिस्ट्रार करनबीर ढिल्लों की तरफ से सभी वसीका नवीसों को निर्देश दिए गए हैं कि रजिस्ट्री करवाने से पहले खरीदार और बेचने वालों के दस्तावेजों की ‘के.वाई.सी.’ जरूर करवाई जाए। अधिकारियों ने कहा कि ईजी रजिस्ट्री के तहत माल विभाग की तरफ से ‘के.वाई.सी.’ को जल्द ही सबके लिए जरुरी कर दिया जाएगा, लेकिन फिर सभी वसीका नवीसों और रैवेन्यू से संबंधित वकीलों को दस्तावेजों की ‘के.वाई.सी.’ जरुर करवानी चाहिए, ताकि बार-बार सामने आने वाली जाली रजिस्ट्रियों पर लगाम लगाई जा सके। दूसरी तरफ वसीका नवीस यूनियन की तरफ से जिला प्रधान नरेश शर्मा ने भी आश्वासन दिया है कि यूनियन के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों की तरफ से ‘के.वाई.सी.’ को पहल के आधार पर किया जा रहा है, क्योंकि जब भी कोई जाली रजिस्ट्री का मामला पकड़ा जाता है तो इससे इमानदारी के साथ काम करने वाले वसीका नवीसों की भी बदनामी होती है। ‘के.वाई.सी.’ के पहले ही दिन पकड़ा गया था नकली अरमान जमीन जायदाद की रजिस्ट्री करवाते समय ‘के.वाई.सी.’ कितनी अहम बन जाती है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस समय सरकार की तरफ से रजिस्ट्रियों के दस्तावेजों में ‘के.वाई.सी.’ को शुरू करवाया गया तो पहले ही दिन एक नाबालिग लड़के की जमीन की जाली रजिस्ट्री होने से बच गई, जिसका नाम अरमान था संबंधित वसीका नवीस ने जब तथाकथित अरमान के दस्तावेजों की के.वाई.सी. करवाई तो अरमान नकली निकला। मामला थाने तक भी पहुंच गया, लेकिन लैंडमाफिया ने अपना दबाव बनाकर मामले को रफा- दफा कर दिया, जबकि प्रशासन की तरफ से इस मामले की गहराई के साथ जांच की जानी चाहिए थी और नकली दस्तावेज बनाने वाले आरोपियों पर सख्त एक्शन लेना चाहिए था। नकली दस्तावेज पेश करने वाले के खिलाफ 7 वर्ष की सजा का प्रावधान रजिस्ट्री दफ्तरों पर लागू रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत यदि रजिस्ट्री दफ्तरों में तैनात तहसीलदार या सब-रजिस्ट्रार आदि को कोई व्यक्ति नकली दस्तावेज पेश करता है या फिर जाली रजिस्ट्री करवाता है तो पांच लाख रुपये तक जुर्माना और 7 वर्ष की सजा का प्रावधान है रजिस्ट्री लिखते समय भी यह लिखा जाता है, लेकिन बड़े प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से इस बाबत कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं, जिससे लैंड माफिया का हौंसला बढ़ता जाता है।

ड्रग्स ने ली 20 जिंदगियां: पंजाब में मातम, एक ही परिवार के चार भाई भी शिकार

कपूरथला. सुल्तानपुर लोधी के मोहल्ला पंडोरी की एक मां के चार बेटों को नशे ने लील लिया और पांचवां भी जिंदगी और-मौत के बीच झूल रहा है। एक-एक करके मां-बाप की आंखों के सामने बेटे काल के गाल में समाते गए, लेकिन इस मां की चीखे अंत तक झकझोर रही हैं। केवल यही नहीं, माेहल्ले में नशे ने और भी युवाओं को मौत की नींद सुलाया है। अब तो मोहल्ले के लोग इतने दुखी हैं कि इस नशे के कोहड़ से बचाने कोई तो मदद को आगे आए। रविवार को मोहल्ले की महिलाओं के पिट स्यापे और रो-रोकर सुनाई आपबीती की गूंज सीएम दरबार तक पहुंची गई है। मीडिया के जरिये मामला तूल पकड़ने के बाद अब जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। मोहल्ले में सुबह से सर्च आपरेशन चल रहा है। बाबा नानक की नगरी में थाने की दीवार से सटे मोहल्ला पंडोरी की दर्दनाक तस्वीरे नशे के नाश के दावों पर जहां गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं माताओं की चीखें और उजड़े परिवारों की कहानियां इस बात की गवाही दे रही हैं कि नशे की जड़े बेहद गहरी हैं। अब लोगों का गुस्सा ऐसा फूटा कि उनको दर्द बयां करने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा। सरेआम पुड़ियां पकड़ा जाते हैं तस्कर मोहल्ले की महिलाओं ने आरोप लगाया है कि नशे का कारोबार न केवल खुलेआम जारी है, बल्कि अब यह पुलिस थानों के आसपास तक पहुंच चुका है। उनका कहना है कि तस्कर मुंह ढककर मोटरसाइकिलों पर आते हैं और खुलेआम ‘चिट्टे’ की पुड़िया देकर फरार हो जाते हैं। सबसे दिल दहला देने वाली कहानी एक मां की है, जिसने नशे के कारण अपने चार बेटों को खो दिया है। उसकी आंखों में आंसू और आवाज में दर्द साफ झलकता है। चार बेटे को खो चुकी मां रविवार के प्रदर्शन में शामिल इसी मोहल्ले के दंपति जोगिंदर पाल सिंह और उनकी पत्नी मनजीत कौर ने कहा कि नशे की वजह से मैं अपने चार बेटों जसविंदर सिंह, बलविंदर सिंह, मिथुन और रवि खो चुकी हूं। इनमें 2 शादीशुदा और 2 कुंवारे थे। अब 32 साल का 5वां बेटा सोनू भी बिस्तर पर पड़ा है। हमें डर है कि अब इसकी भी मौत हो जाएगी। रुद्धन भरे स्वर में उसने बताया कि “मैं पांच बेटों की मां हूं… चार को नशे ने मुझसे छीन लिया… और पांचवां भी बिस्तर पर पड़ा है… डॉक्टरों ने भी जवाब दे दिया है।” यह दर्द सिर्फ एक परिवार तक सीमित नहीं है। मोहल्ले की कई महिलाओं ने सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई हैं। किसी ने दो बेटों को खोया, किसी ने तीन तो किसी का इकलौता सहारा भी नशे की भेंट चढ़ चुका है। प्रदर्शन में शामिल दुखी महिलाओं के गंभीर आरोप मोहल्ले की महिलाओं ने प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इलाके में नशा आज भी सरेआम बिक रहा है। तस्कर बेखौफ होकर पुलिस स्टेशन के आसपास ही नशा बेच रहे हैं। सरकार द्वारा चलाए जा रहे “नशे के खिलाफ युद्ध” का जमीनी स्तर पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा। एक अन्य बेबस मां ने अपने छोटे-छोटे पोतों की ओर इशारा करते हुए प्रशासन से गुहार लगाई, “हमारे बेटे तो चले गए, अब कम से कम इन मासूमों को बचा लो।” महिलाओं का कहना है कि जब ‘बाबा नानक की नगरी’ में ही लोग सुरक्षित नहीं हैं और पुलिस थानों के नजदीक नशा बिक रहा है, तो आम जनता की सुरक्षा पर सवाल उठना लाजिमी है। एक ही गली में 20 से ज्यादा युवा गंवा चुके जान मोहल्ला पंडोरी की एक गली में पिछले कुछ सालों में 20 से ज्यादा युवा नशे की भेंट चढ़ चुके हैं। लेकिन नशे पर लगाम लगने की बजाय यह लगातार फल-फूल रहा है। एएसपी सुल्तानपुर लोधी ने क्या कहा? एएसपी सुल्तानपुर लोधी धीरेंद्र वर्मा ने कहा कि मोहल्ला पंडोरी में जिस महिला द्वारा अपने चार बेटों की मौत होने का दावा किया जा रहा है, उसने कभी इसकी रिपोर्ट थाने में नहीं दी। उसके सबसे बड़े बेटे की मौत आठ साल पहले नशे से हुई थी, उससे छोटे की मौत सात साल पहले जलने, तीसरे की पांच साल पहले जेल और चौथे बेटे की मौत तीन साल पहले अत्याधिक शराब के सेवन से हुई है। महिला का जो पांचवां बेटा भी गंभीर बीमारी से ग्रस्त है। करवाया जा रहा इलाज जिला प्रशासन के निर्देश पर पांचवें बेटे का इलाज करवाया जा रहा है। जरूरत पड़ी तो उसे नशा मुक्ति केंद्र भी भेजा जाएगा। मोहल्ले का सर्वे करवाकर नशे में लिप्त लोगों को नशामुक्ति केंद्र भेज पुलिस उनका ठीक होने तक उपचार करवाएगी। मोहल्ले में नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस लगातार मोहल्ले में छापेमारी करती रहेगी।

पंजाब में लश्कर का बड़ा आतंकी गिरफ्तार, 16 साल पहले की थी घुसपैठ, ऐसे बिछाया था जाल

मालेरकोटला जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक बड़े अंतर-राज्यीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से कई राज्यों में चलाए गए इस व्यापक अभियान में पुलिस ने लश्कर के एक शीर्ष कमांडर सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में दो पाकिस्तानी नागरिक और उनके तीन स्थानीय मददगार शामिल हैं। ऑपरेशन और गिरफ्तारी यह खुफिया ऑपरेशन 15 दिनों से अधिक समय तक चला और इसमें केंद्रीय एजेंसियों की भी मदद ली गई। जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की एक टीम ने 10 दिन से अधिक समय पहले पंजाब के मालेरकोटला से लश्कर कमांडर अबू हुरैरा और उसके सहयोगी उस्मान को गिरफ्तार किया। पुलिस ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी निगरानी के जरिए पंजाब में स्थित इस आतंकी ठिकाने तक पहुंचने में कामयाब रही। इन दोनों पाकिस्तानी नागरिकों के अलावा, कश्मीर घाटी से तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। ये तीनों श्रीनगर शहर के रहने वाले हैं और इन पर हुरैरा और उसके सहयोगी की मदद करने का आरोप है। कौन है अबू हुरैरा? इंडियन एक्सप्रेस ने पुलिस सूत्रों के हवाले से लिखा है कि अबू हुरैरा लश्कर-ए-तैयबा का एक शीर्ष कमांडर है। उसने करीब 16 साल पहले 2010 में कश्मीर घाटी में घुसपैठ की थी। कई वर्षों तक घाटी में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के बाद, वह सुरक्षाबलों के रडार से गायब हो गया। इसके बाद उसने पंजाब में अपना नया ठिकाना बनाया, जहां वह अपनी असली पहचान छिपाकर (अंडरकवर) रह रहा था। कई राज्यों में छापेमारी इन मुख्य गिरफ्तारियों के बाद, जम्मू-कश्मीर पुलिस की SOG टीमों ने इस नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने के लिए कई राज्यों में छापेमारी की। पुलिस ने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के कई ठिकानों पर दबिश दी और पूछताछ के लिए कई लोगों को हिरासत में भी लिया। मॉड्यूल का काम और नेटवर्क इस मॉड्यूल ने 40 से अधिक आतंकियों की मदद की। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह अंतर-राज्यीय मॉड्यूल पाकिस्तानी आतंकवादियों को भारत में रिसीव करने और उन्हें सुरक्षित तरीके से जम्मू-कश्मीर तक पहुंचाने का काम करता था। सूत्रों के मुताबिक, इस ग्रुप ने अब तक 40 से अधिक आतंकवादियों की घुसपैठ और ट्रांजिट (आवाजाही) को हैंडल किया था और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को जिंदा रखने में यह मॉड्यूल बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। फर्जी दस्तावेजों की जांच पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या इस मॉड्यूल के किसी सदस्य ने फर्जी भारतीय यात्रा दस्तावेज (पासपोर्ट आदि) बनवाए थे और क्या कोई वैध वीजा पर देश से बाहर भी गया था। पुलिस फिलहाल इस आतंकी नेटवर्क के आगे और पीछे के कनेक्शन खंगाल रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

झमाझम बारिश का असर: गुरदासपुर में तापमान लुढ़का, अब गर्मी की वापसी तय

गुरदासपुर. शहर और आस-पास के इलाकों में मंगलवार सुबह हुई हल्की वर्षा ने एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल दिया। हालांकि वर्षा बहुत हल्की थी, लेकिन इसके असर से अधिकतम तापमान में अचानक पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को जहां अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, वहीं मंगलवार को यह गिरकर 21 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं न्यूनतम तापमान फिलहाल 15 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर बना हुआ है, जिससे पूरे दिन मौसम में सुहावनी ठंडक बनी रही। सुबह-सुबह हुई इस वर्षा ने लोगों को एक बार फिर ठंड का अहसास कराया। दिनभर बादल छाए रहे और छह किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चली। पिछले कुछ दिनों से जहां दिन का तापमान बढ़ने लगा था और गर्मी का अहसास होने लगा था, वहीं इस वर्षा ने एक बार फिर से लोगों को गर्म कपड़ों की याद दिला दी। मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसके कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। विभाग का पूर्वानुमान है कि बुधवार को एक बार फिर से हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। बुधवार को भी अधिकतम तापमान 20 से 22 डिग्री के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 14 से 15 डिग्री के आसपास रहेगा। बुधवार को बादल छाए रहने तथा कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। विभाग के अनुसार बुधवार को वर्षा के बाद एक बार फिर मौसम साफ हो जाएगा। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का दौर शुरू होगा। वीरवार से अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे दिन का पारा फिर से 25 डिग्री के आसपास पहुंच जाएगा। फिलहाल भारी वर्षा की चेतावनी नहीं है, लेकिन बुधवार सुबह वर्षा की संभावना है। इस मौसमी बदलाव का असर शहर के जनजीवन पर भी साफ देखने को मिला। सुबह के समय सड़कों पर नमी और कीचड़ होने के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ा। डाक्टरों ने भी मौसम में इस बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अचानक तापमान गिरने से सर्दी-जुकाम, बुखार और अस्थमा के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचने की सलाह दी गई है। फिलहाल लोग इस अचानक आए मौसमी बदलाव का भरपूर आनंद ले रहे हैं। हालांकि मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि यह ठंड कुछ ही दिनों की मेहमान है। वीरवार के बाद एक बार फिर से मौसम शुष्क हो जाएगा और तापमान में बढ़ोतरी होनी शुरू हो जाएगी। आने वाले दिनों के पूर्वानुमान की बात करें तो वीरवार को अधिकतम तापमान 24 से 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 से 16 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। शुक्रवार और शनिवार को तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे मौसम फिर से सामान्य हो जाएगा। फिलहाल लोग इस बदलते मौसम की हर बूंद और हर ठंडी हवा का आनंद ले रहे हैं, क्योंकि यह मौसम जल्द ही गर्मी का रास्ता साफ कर देगा।

पुलिस महकमे में फेरबदल: चंडीगढ़ में इंस्पेक्टर स्तर पर ट्रांसफर की लहर

चंडीगढ़. चंडीगढ़ पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार कई इंस्पेक्टरों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती दी गई है। यह फेरबदल जनहित में किया गया बताया गया है।आदेश चंडीगढ़ पुलिस के सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (मुख्यालय एवं पीईबी) कार्यालय से जारी किया गया है। सूची के अनुसार, इंस्पेक्टर राम दयाल को SHO सेक्टर-39 से इंस्पेक्टर एडमिन/IRBn, कुलविंदर कौर को AHTU, शादीलाल को SHO सेक्टर-34 और आशा शर्मा को PCC (हाईकोर्ट मॉनिटरिंग सेल अतिरिक्त प्रभार) में तैनात किया गया है। इसी तरह इंस्पेक्टर राम रतन को SHO सेक्टर-26, राजीव कुमार को SHO सेक्टर-39, उषा रानी को पुलिस लाइन, मिनी को आईटी पार्क थाना, और हरि ओम शर्मा को सेक्टर-31 थाना भेजा गया है। इसके अलावा रोहित कुमार को ट्रैफिक विंग, अशोक कुमार को SHO सेक्टर-SRP, एरम रिजवी को SHO सेक्टर-17, ज्ञान सिंह को CID और दया राम को RTC के साथ RI लाइंस का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। प्रमोशन पर लगे अधिकारियों की नई तैनाती हाल ही में लोकल रैंक पर प्रमोट किए गए अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें इंस्पेक्टर तीरथ सिंह को PS-MM में A/SHO, सुधीर कुमार को PS-Crime, सुदेश कुमार को SHO सेक्टर-17, और बलजीत सिंह को PHQ में तैनात किया गया है। विशेष रूप से इंस्पेक्टर जसकरण सिंह को PP-ISBT-17 से SHO सेक्टर-MJ (मनीमाजरा) नियुक्त किया गया है, जबकि हरभजन सिंह को MOB ब्रांच के साथ अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। तुरंत प्रभाव से लागू आदेश पुलिस विभाग के अनुसार, यह सभी तबादले तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद जारी किया गया है। इस फेरबदल को प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने और पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से अहम कदम माना जा रहा है।

रातों-रात बदली जिंदगी: ढोलक वादक को लगी 1.5 करोड़ की लॉटरी, बना करोड़पति

नवांशहर/चंडीगढ़. नवांशहर (SBS नगर) के रहने वाले गुरचरण सिंह की जिंदगी में अचानक बड़ा बदलाव आया है। मंथली ड्रॉ में डेढ़ करोड़ रुपये की लॉटरी लगने के बाद वह रातोंरात करोड़पति बन गए। खास बात यह है कि यह टिकट उन्होंने अपने बेटे मान सिंह के नाम से खरीदा था। लॉटरी का ड्रॉ 4 अप्रैल 2026 को निकाला गया था। जीत की पुष्टि होने के बाद मंगलवार को गुरचरण सिंह अपने परिवार के साथ लुधियाना पहुंचे, जहां अधिकृत विक्रेता के पास जीत का दावा पेश किया गया और सभी जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी की गई। इसके बाद वह इनाम की औपचारिक प्रक्रिया के लिए चंडीगढ़ स्थित लॉटरी कार्यालय रवाना हुए। गुरचरण सिंह पेशे से पेंटिंग कलाकार हैं और धार्मिक कार्यक्रमों से भी उनका पुराना नाता रहा है। वह वर्षों से देवी जागरणों में ढोलक बजाते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह करीब चार दशकों से लगातार लॉटरी टिकट खरीदते आ रहे थे, लेकिन कभी इतनी बड़ी जीत नहीं मिली।

स्टूडेंट्स के लिए अहम खबर: पंजाब में छुट्टी घोषित, पंजाब यूनिवर्सिटी की सभी परीक्षाएं टलीं

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी (पी.यू.) ने 8 अप्रैल को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। यह फैसला श्री गुरु नाभा दास जी के जन्मदिन पर पंजाब सरकार द्वारा घोषित की गई जनतक छुट्टी के कारण लिया गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार 8 अप्रैल को होने वाली सभी परीक्षाओं अब 16 अप्रैल को होंगी। विद्यार्थियों को सलाह की गई है कि वह नई तारीख के अनुसार अपनी तैयारियों को पक्का करें और किसी भी अपडेट के लिए यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट पर नजर रखें।     8 अप्रैल को जनतक छुट्टी का ऐलान दरअसल श्री गुरु नाभा दास जी का जन्मदिवस 8 अप्रैल को मनाया जा रहा है। संगत की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस दिन पंजाब में सरकारी छुट्टी घोषित की गई है। इस दौरान सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। इसके साथ ही इस दिन सरकारी संस्थानों में भी छुट्टी रहेगी। 

प्रशासन का कड़ा फैसला: फिरोजपुर में उत्खनन पर समय सीमा, दवा दुकानों में कैमरे लगाना जरूरी

फिरोजपुर. अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अमनदीप कौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 और 152 के तहत अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिले में विभिन्न प्रतिबंध लागू किए हैं। ये आदेश जारी होने की तारीख से अगले 2 महीनों तक प्रभावी रहेंगे। बोरवेल खोदने या उसकी गहराई बढ़ाने पर रोक जारी आदेशों के अनुसार अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए शाम 5 बजे से सुबह 7 बजे तक छोटे खनिजों के खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा, शेड्यूल-एच, एच-1 और एक्स श्रेणी की दवाइयां बेचने वाली सभी फार्मेसी और केमिस्ट दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। बोरवेल और ट्यूबवेल को लेकर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। बिना अनुमति बोरवेल खोदने या उसकी गहराई बढ़ाने पर रोक लगा दी गई है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से पहले अनुमति लेना जरूरी होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई  आदेश के मुताबिक, बोरवेल खोदने से कम से कम 15 दिन पहले जिला प्रशासन, बीडीपीओ, ग्राम पंचायत/नगर परिषद, जन स्वास्थ्य विभाग और ग्राउंड वाटर विभाग को सूचित करना अनिवार्य होगा। साथ ही ड्रिलिंग एजेंसी का नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर और जमीन मालिक की पूरी जानकारी मौके पर उपलब्ध होनी चाहिए। सुरक्षा के मद्देनजर बोरवेल के चारों ओर कांटेदार तार लगाना, स्टील प्लेट से ढक्कन बंद करना और कंक्रीट प्लेटफॉर्म बनाना भी अनिवार्य किया गया है। कार्य पूरा होने के बाद खाली जगह को मिट्टी से भरकर जमीन को पहले जैसा करना होगा। किसी भी हालत में बोरवेल या कुएं को खुला छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियम उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कोर्ट की अहम टिप्पणी: AI आधारित जानकारी पर फैसले नहीं, पंजाब हाईकोर्ट ने दिए निर्देश

चंडीगढ़. पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने न्यायिक अधिकारियों से कहा है कि वे फैसले लिखने और कानूनी शोध करने के लिए चैटजीपीटी, जेमिनी और कोपायलट जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरणों का उपयोग न करें । पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को सोमवार (6 अप्रैल, 2026) को उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार-जनरल द्वारा जारी एक पत्र में कहा गया है कि मुख्य न्यायाधीश ने उनसे कहा है कि वे अपने अधीन कार्यरत न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दें कि वे निर्णय लिखने और कानूनी शोध के लिए चैटजीपीटी, जेमिनी, कोपायलट, मेटा इत्यादि सहित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरणों का उपयोग न करें। इन निर्देशों का उल्लंघन गंभीर रूप से देखा जाएगा। इससे पहले, गुजरात उच्च न्यायालय ने किसी भी प्रकार के निर्णय लेने, न्यायिक तर्क, आदेश तैयार करने, निर्णय तैयार करने, जमानत संबंधी सजा पर विचार करने या किसी भी महत्वपूर्ण न्यायिक प्रक्रिया के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर रोक लगा दी थी । शनिवार (4 अप्रैल, 2026) को जिला न्यायिक न्यायाधीशों के एक सम्मेलन में अनावरण की गई गुजरात उच्च न्यायालय की एआई नीति के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग न्यायिक तर्क के प्रतिस्थापन के रूप में नहीं, बल्कि न्याय वितरण की गति और गुणवत्ता में सुधार के लिए किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि चीफ जस्टिस ने विनती की है कि अपने अधीन काम कर रहे न्यायिक अधिकारियों को यह आदेश दिया जाए कि वह फैसले लिखने और कानूनी खोज के लिए Chat GPT, Gemini, Copilot, Meta आदि सहित किसी भी AI टूल्स का इस्तेमाल न करें। इन आदेशों का उल्लंघन गंभीरता से लिया जाएगा।