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नैंसी ग्रेवाल हत्याकांड में नया मोड़, कनाडाई जांच एजेंसियों ने खालिस्तान समर्थकों पर शक जताया

चण्डीगढ़ पंजाबी मूल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नैंसी ग्रेवाल की हत्या में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। कनाडाई जांच एजेंसियों ने पहली बार यह संकेत दिया है कि इस हत्याकांड के पीछे खालिस्तानी समर्थक तत्वों का हाथ हो सकता है।  पुलिस का मानना है कि नैंसी का सोशल मीडिया पर खालिस्तान समर्थकों का लगातार और तीखा विरोध ही इस हत्या का मुख्य कारण बन सकता है। पंजाब के लुधियाना-जालंधर क्षेत्र की 45 वर्षीय नैंसी की 3 मार्च को ओंटारियो के लासाले में एक क्लाइंट के घर के बाहर चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस इस वारदात को सुनियोजित टारगेट किलिंग मान रही है।  40 से अधिक बार मिल चुकी थी धमकियां परिवार के अनुसार, नैंसी को खालिस्तान विरोधी वीडियो पोस्ट करने के कारण 40 से अधिक बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी थीं। इस बारे में विंडसर पुलिस को सूचित किया गया था लेकिन सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पाई। जांच में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। पुलिस ओंटारियो में नैंसी के घर पर हुए पिछले साल के पेट्रोल बम हमले की भी जांच कर रही है, और शक जताया जा रहा है कि यह दोनों घटनाएं एक ही समूह के कृत्य हो सकती हैं। जांच में निजी रंजिश का भी एंगल पुलिस अब इस मामले में खालिस्तानी कट्टरपंथी लिंक की जांच कर रही है। हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन जांच में निजी रंजिश और अलगाववादी एंगल दोनों पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। सिख कल्चरल सोसाइटी विंडसर के पूर्व प्रधान हरजिंदर सिंह कंदोला ने जांच को निष्पक्ष और ठोस सबूतों के आधार पर करने की अपील की है, ताकि पूरे सिख समुदाय को बिना वजह बदनाम न किया जाए। नैंसी की मां और बहन ने आरोप लगाया है कि उनकी निडर आवाज को दबाने के लिए यह हत्या की गई। 

CM का बयान: पंजाब में पेट्रोल का 12, डीजल का 14 और सिलेंडर का 6 दिन का स्टॉक, स्टोर न करें

अमृतसर  फगवाड़ा में आम जनता को लगभग सभी पैट्रोल पंपों पर सामान्य दिनों की भांति ही पैट्रोल और डीजल मिल रहा है।  आज जब शहर के प्रमुख पैट्रोल पंपों का दौरा किया गया तो सभी पंपों पर लोगों को सरलता के साथ पैट्रोल और डीजल वाहनों में भरवाते हुए पाया। लोगों ने भी पैट्रोल पंपों पर मिल रहे तेल पर संतोष जताया हैं। हालांकि कुछ लोगों ने कहा कि पैट्रोल पंपों पर जारी हालात के मध्य वाहनों की लंबी कतारें जरूर लग रही हैं लेकिन यह तो अनेक मौकों पर पहले भी लगती रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कल (27 मार्च) को हुई मीटिंग के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को चंडीगढ़ में मीडिया से बात की। उन्होंने मीटिंग के बारे में कहा कि देश में लॉकडाउन लगने की कोई संभावना नहीं है।  लोगों ने कहा कि सोशल मीडिया पर आए दिन पैट्रोल और डीजल को लेकर कई तरह की चर्चाओं का दौर सरगर्म रहने और भांति प्रकार की उठ रही अफवाहों के कारण हालात को कुछ का कुछ बनाया जा रहा है। ऐसे में जरूरत है कि हम सभी सजग और सर्तक रहे और सच्चाई पर पहरा देते हुए अफवाहों से बचें। जनता ने जिला कपूरथला पुलिस और प्रशासन से भी पुरजोर मांग की हैं कि वह सोशल मीडिया पर जनता के मुद्दों संबंधी बारीकी से फैक्ट चैक करें जिससे सही और सटीक सूचना आम लोगों तक पहुंच सके।  पंजाब के हालात के बारे में CM भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में पेट्रोल का 12 दिन और डीजल का 14 दिन का स्टॉक बचा हुआ है। LPG गैस का भी 6 दिन का स्टॉक है। सीएम ने स्पष्ट किया कि 2 महीने पहले भी यही स्थिति थी, इसलिए लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सीएम ने कहा कि अफवाहों की वजह से तेल की डिमांड ज्यादा बढ़ गई है। मैंने चीफ सेक्रेटरी को कहा है कि डीसी से संपर्क करो और जिस पेट्रोल पंप पर लाइनें लगी हैं, उसे चेक करो। ऐसे कोई हालात नहीं हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने 41 देशों के साथ समझौते किए हैं। देश में 60 दिन का तेल का स्टॉक है। अफवाहों से बचने की जरूरत है। हम पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। चीफ सेक्रेटरी और DC से बात कर रहे हैं। केंद्रीय गृह और पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ संपर्क में हैं। लॉकडाउन लगने की कोई संभावना नहीं है। कुछ भी स्टोर करनें की जरूरत नहीं हैं। हमने हर तरह की कंडीशन हटाने को कहा है ताकि फैक्ट्री को 2 दिन बंद करना पड़े, ऐसी नौबत न आए क्योंकि वहां कर्मचारियों का रोजगार चलता है। सीएम ने कहा कि कल प्रधानमंत्री के साथ मीटिंग हुई थी, जिसमें यह मांगें रखी गई हैं। मैंने कहा कि हमारी गेहूं की फसल आ रही है। ट्रैक्टर, कंबाइन और मंडियों में ट्रक भी चलेंगे। हमें डीजल-पेट्रोल की कमी नहीं होनी चाहिए। हमारी फसल मंडी में आए, तुलाई हो जाए और साथ के साथ गोदाम में जाए। हमें इसके लिए तेल की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। मैंने PM को यही विनती की कि आपके दूसरे देशों से अच्छे संबंध हैं। हमने विज्ञापन भी देखा कि आपने युद्ध रुकवा दिए। भारतीयों को सुरक्षित रखा। यह वक्त भारत के 140 करोड़ लोगों के लिए दोस्ती निभाने का वक्त है। लोगों के लिए पेट्रोलियम उत्पादों और दूसरी चीजों की दिक्कत न हो, इसका ध्यान रखिएगा। हमें व्हाइट हाउस से ऑर्डर आता है कि हम तुम्हें एक महीने के लिए रूस से कच्चा तेल खरीदने की इजाजत मिलती है। हम तो विश्वगुरू बनने चले थे, विश्वचेले कब से बन गए। वहीं ताजा हालात की बात करें तो अमेरिका-इजराइल और ईरान की जंग के बीच पंजाब में पेट्रोल-डीजल को लेकर मारामारी मची हुई है। कल जालंधर और लुधियाना के 2 पेट्रोल पंप ड्राई हो गए थे। आज, शनिवार को अमृतसर में भी रानी के बाग वाले पेट्रोल पंप पर पेट्रोल खत्म हो गया। जिसके बाद पंप मालिकों ने वहां नोटिस लगा दिया। वहीं जालंधर में कल बंद हुआ BMC चौक के पास वाले पंप में तेल आने के बाद इसो फिर खोल दिया गया है। लुधियाना में भारत नगर चौक वाला पंप अभी भी बंद है। इसी बीच मोगा में फूड एंड सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट ने पेट्रोल पंप मालिकों को एडवाइजरी जारी कर ड्रमों और कैनियों में डीजल भरने पर रोक लगाने को कहा है। डिपार्टमेंट का कहना है कि इससे स्टोरेज और ब्लैकमार्केटिंग पर रोक लगेगी। वहीं पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने इसका विरोध किया। एसोसिएशन ने साफ किया कि यह गलत है। डीजल का उपयोग मोटर, पंपों, जनरेटरों, आदि में होता है। इन्हें पेट्रोल पंप पर लाना संभव नहीं है। इससे लोगों में पैनिक बढ़ेगा और परेशानी भी बढ़ेगी। लुधियाना में भारत नगर चौक के पास पेट्रोल पंप में कल बंद कर दिया गया। लुधियाना में अब सिर्फ गाड़ियों में तेल मिलेगा। कैनी वगैरह में पेट्रोल-डीजल देना बंद कर दिया गया है। चंडीगढ़ में ड्रम में डीजल बेचना बंद कर दिया गया है। पठानकोट में हालात फिलहाल नॉर्मल हैं। मोहाली में भी पेट्रोल-डीजल को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। वहीं लुधियाना के आजाद पंप के मैनेजर अजय ने बताया कि अभी लोगों को तेल की दिक्कत नहीं है लेकिन हमें पहले जो 2 गाड़ियां क्रेडिट पर यानी उधार मिलती थीं, वह सरकार की तरफ से बंद कर दी गई हैं। अब हमें एडवांस पेमेंट देनी पड़ती है, तभी गाड़ी वहां से चलती है। मंत्री बोले- पैनिक क्रिएट न करें मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि लोगों से अनुरोध है कि पैनिक क्रिएट ना करें। पेट्रोल-डीजल को लेकर कोई कमी नहीं है। एलपीजी का रुट जरूर डिस्टर्ब हुआ है। अभी तक के हालात के मुताबिक कॉमर्शियल एलपीजी की कमी जरूर है। इस समय 20 प्रतिशत अवेलेबल है। हमारी कोशिश है की होस्टल, अस्पताल व अन्य जरूरी स्थानों पर इसका इस्तेमाल हो। पाइप गैस की कोई कमी नहीं है।

पंजाब में ISI के इशारे पर ड्रोन से गिर रहे हथियार, एजीटीएफ ने किया बड़ा खुलासा, विदेशी नेटवर्क का कनेक्शन

चंडीगढ़ एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के डीआइजी गुरमीत सिंह चौहान ने कहा कि पंजाब में सीमापार से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर ड्रोन से भेजे जा रहे अत्याधुनिक हथियार चुनौती बनते रहे हैं। हाल ही में बरामद कई हथियारों की जांच में यह सामने आया है कि इनका संबंध पाकिस्तान आर्मी के स्रोतों से है। इससे साफ है कि गैंगस्टर नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिल रहा है। पुलिस ने 61 विदेशी ठिकानों से आपरेट कर रहे गैंगस्टरों की पहचान की है। इन्हें भारत लाने के लिए ओएफटीइसी (ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल) काम कर रहा है। शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि युवा गैंगस्टरों के निशाने पर हैं। इसलिए पुलिस अब इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय युवाओं की पहचान कर उनकी काउंसलिंग और निगरानी की रणनीति पर भी काम कर रही है। पुलिस ऐसे युवाओं पर नजर रखेगी जो गैंगस्टर या आपराधिक पेज फालो करते हैं। उनके कमेंट, एक्टिविटी और आइपी यूआइडी ट्रैक की जाएगी। इसके बाद अभिभावकों को शामिल कर उन्हें समझाने की कोशिश होगी। यदि कोई युवा इसके बावजूद आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। एजीटीएफ ने इंटरनेट मीडिया पर भी बड़ी कार्रवाई की है। अब तक 643 पेज ब्लाक किए जा चुके हैं। अभिभावक बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें। उन्होंने बताया कि एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 भी पुलिस के लिए मजबूत हथियार बनकर उभरी है। बीते दिनों चंडीगढ़ में हुए मर्डर के आरोपितों का इनपुट भी इसी हेल्पलाइन से मिला। जनवरी 2026 से अब तक 590 इनपुट मिले हैं, जिनके आधार पर 63 एफआइआर दर्ज की गईं और 26 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। नाबालिगों को बना रहे टूल गुरमीत चौहान ने बताया कि गैंगस्टर अब नाबालिगों और युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं। इंटरनेट मीडिया पर जो युवक गैंगस्टर पेज फालो करते हैं, उन्हें चिन्हित किया जाता है। युवाओं को पैसे, ड्रग्स और विदेश में बसाने का लालच देकर अपराध में इस्तेमाल किया जाता है।  

पंजाब में 100 नए मोहल्ला क्लिनिक, केजरीवाल और सीएम मान ने स्वास्थ्य क्षेत्र में की उपलब्धियों की घोषणा

फतेहगढ़ साहिब  फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिंद की नई अनाज मंडी में शनिवार को राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया, जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने शिरकत की। इस दौरान राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर बड़ा ऐलान किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में आज से 100 नए मोहल्ला क्लिनिक शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे पवित्र दिन बताते हुए कहा कि इन क्लिनिकों के जरिए लोगों को उनके घर के पास ही मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री की बेटी नियामत कौर के जन्मदिन का जिक्र करते हुए जनता से आशीर्वाद देने की अपील भी की। चार सालों मूें 881 मोहल्ला क्लिनिक खोले गए केजरीवाल ने बताया कि पिछले चार वर्षों में पंजाब में 881 मोहल्ला क्लिनिक बनाए जा चुके हैं। अब 109 और क्लिनिक शुरू होने से इनकी संख्या 990 हो जाएगी। आने वाले समय में 400 और क्लिनिक खोलने की योजना है, जिससे यह संख्या करीब 1500 तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि इन क्लिनिकों में दवाइयों की कमी नहीं होने दी जाती और इनकी निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाती है। अपने संबोधन में उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश में उनके खिलाफ कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला और सच हमेशा जीतता है। आम लोगों के मुद्दे पर काम कर रही सरकार मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस मौके पर कहा कि उनकी सरकार आम लोगों के मुद्दों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सभाओं में स्वास्थ्य, शिक्षा और किसानों के हकों की बात होती है, जबकि विरोधी दल केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में लगे रहते हैं। मान ने विपक्षी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वे केवल व्यक्तिगत हितों की राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता की भलाई के लिए लगातार काम कर रही है और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। समारोह में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और सरकार की योजनाओं को लेकर उत्साह देखने को मिला।  

लुधियाना में ट्रक से 3100 किलो चूरा पोस्त बरामद, 3 लग्जरी गाड़ियां जब्त, आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार

लुधियाना  पंजाब के लुधियाना जिले में 27 मार्च को नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली। थाना जमालपुर की पुलिस टीम ने एक ट्रक से 3100 किलोग्राम चूरा पोस्त (भुक्की) बरामद किया। यह कार्रवाई जमालपुर चौक और थाना लाडोवाल क्षेत्र के एक सुनसान स्थान पर की गई। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने ट्रक के साथ तीन अन्य लग्जरी वाहनों को भी जब्त कर लिया है और अज्ञात तस्करों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। कैसे मिली पुलिस को सूचना पुलिस के अनुसार एसआई दलवीर सिंह अपनी टीम के साथ जमालपुर चौक पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान एक मुखबिर ने उन्हें ट्रक में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ होने की सूचना दी। मुखबिर ने ट्रक का नंबर HR64A-5376 बताया और कहा कि उसमें चूरा पोस्त लोड है। उसने यह भी बताया कि तस्करों ने सप्लाई के बाद ट्रक को लाडोवाल क्षेत्र में खड़ा किया हुआ है। ऐसे बिछाया गया जाल जानकारी के अनुसार 27 मार्च को एसआई (SI) दलवीर सिंह पुलिस पार्टी गश्त और संदिग्धों की चेकिंग के संबंध में जमालपुर चौक पर मौजूद थी। इसी दौरान एक खास मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि एक ट्रक जिसका नंबर HR64A-5376 है और जिस पर गिल कैच लिखा हुआ है उसमें भारी मात्रा में चूरा पोस्त लोड किया गया है। मुखबिर ने बताया कि तस्करों ने जमालपुर इलाके में सप्लाई देने के बाद ट्रक को थाना लाडोवाल के अंतर्गत आने वाले एक सुनसान इलाके में खड़ा किया हुआ है। छापेमारी और बरामदगी: ट्रक के साथ लग्जरी गाड़ियां भी जब्त पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए बताए गए ठिकाने पर रेड की। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी भागने में सफल रहे। जब पुलिस ने वहां खड़े सफेद रंग के ट्रक की तलाशी ली ट्रक के अंदर बोरियों में भर-भरकर चूरा पोस्त रखा गया था। इतना ही नहीं पुलिस ने मौके से तीन और गाड़ियां भी बरामद की हैं जिनका इस्तेमाल नशे की छोटी खेप को अलग-अलग जगहों पर पहुंचाने के लिए किया जाना था। जब्त किए गए वाहनों में महिंद्रा बोलेरो: नंबर PB10CC-3767 इसुजु (ISUZU): नंबर PB11CF-1759 महिंद्रा स्कॉर्पियो: नंबर PB13BS-2020 है NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने ट्रक और तीनों लग्जरी गाड़ियों सहित कुल 31 किलो चूरा पोस्त को कब्जे में लेकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 15-61-85 NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इन वाहनों के मालिकों का रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि मुख्य तस्करों तक पहुंचा जा सके। बड़ा नेटवर्क होने की आशंका इतनी बड़ी मात्रा में नशे की बरामदगी इस बात की ओर इशारा करती है कि इसके पीछे कोई बहुत बड़ा अंतर्राज्यीय गिरोह काम कर रहा है। पुलिस यह जांच कर रही है कि यह नशा कहां से लाया गया था और लुधियाना के किन-किन इलाकों में इसकी सप्लाई होनी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान लगभग हो चुकी है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। सुनसान इलाके में बिछाया गया जाल सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत बताए गए स्थान पर पहुंची। यह इलाका काफी सुनसान था, जहां ट्रक खड़ा मिला। पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। पुलिस को मौके पर कोई भी आरोपी नहीं मिला, लेकिन ट्रक वहीं खड़ा मिला। ट्रक से भारी मात्रा में नशा बरामद जब पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली तो उसमें बोरियों में भरा हुआ चूरा पोस्त मिला। जांच के दौरान कुल 3100 किलो नशीला पदार्थ बरामद हुआ। इतनी बड़ी मात्रा में बरामदगी ने पुलिस को भी चौंका दिया और इसे हाल के समय की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। तीन लग्जरी गाड़ियां भी जब्त पुलिस ने ट्रक के अलावा मौके से तीन अन्य वाहनों को भी कब्जे में लिया। इनमें महिंद्रा बोलेरो (PB10CC-3767), इसुजु (PB11CF-1759) और महिंद्रा स्कॉर्पियो (PB13BS-2020) शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इन गाड़ियों का इस्तेमाल छोटी-छोटी खेप को अलग-अलग जगहों पर पहुंचाने के लिए किया जाना था। NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने बरामद नशीले पदार्थ और वाहनों को जब्त कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 15, 61 और 85 के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही वाहन मालिकों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि मुख्य तस्करों तक पहुंचा जा सके। बड़े नेटवर्क की जांच शुरू पुलिस अधिकारियों के अनुसार इतनी बड़ी मात्रा में नशे की बरामदगी किसी बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह की ओर इशारा करती है। जांच की जा रही है कि यह चूरा पोस्त कहां से आया और लुधियाना के किन इलाकों में इसकी सप्लाई होनी थी। अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों की पहचान लगभग हो चुकी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

भारतीय सेना ने खराब गुणवत्ता के कारण वेरका दूध पाउडर की खेप वापस की, 125 टन पाउडर रद

लुधियाना भारतीय सेना को भेजे वेरका ब्रांड के दूध पाउडर की गुणवत्ता खराब मिलने पर पंजाब मिल्कफेड ने कड़ी कार्रवाई की है। मिल्कफेड के लुधियाना वेरका प्लांट के जनरल मैनेजर (जीएम) दलजीत सिंह, मैनेजर क्वालिटी कंट्रोल गुरइकबाल सिंह और मैनेजर प्रोडक्शन परितोष मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मिल्कफेड के एमडी राहुल गुप्ता ने कहा कि यह गंभीर चूक है, जिससे संगठन की साख को नुकसान पहुंचा है। बता दें कि वेरका की लुधियाना यूनिट द्वारा सप्लाई किया गया करीब 125 टन दूध पाउडर का ऑर्डर सेना ने रद किया था। इसे दो बैच (एक 58.338 टन का और दूसरा 66.654 टन) में सप्लाई किया गया था। गुणवत्ता खराब मिलने के बाद सेना ने दूध पाउडर को वापस कर दिया था। मिल्कफेड के एम डी बताया कि मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सेना को दो अलग-अलग लॉट (58.338 MT और 66.654 MT) में दूध पाउडर की आपूर्ति की गई थी. जांच के बाद सेना के कमांडिंग अधिकारी ने लुधियाना जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ को पत्र भेजकर खेप को अस्वीकार करने की सूचना दी. इसकी प्रति रक्षा मंत्रालय के मुख्य खरीद निदेशक को भी भेजी गई है।  मिल्कफेड के प्रबंध निदेशक (MD) राहुल गुप्ता ने बचाव करते हुए कहा कि वेरका उत्पादों की क्वालिटी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि प्रोडक्ट्स को सेना के पास भेजने से पहले NABL-अप्रूव्ड लैब में जांचा गया था।  अब इन नमूनों को दोबारा जांच के लिए गुजरात स्थित NDDB की प्रतिष्ठित लैब 'CALF' भेजा जाएगा. यह पता लगाने के लिए एक 'फैक्ट फाइंडिंग कमेटी' बनाई गई है कि सेना ने इसे आखिर किस आधार पर रिजेक्ट किया।  विपक्ष का तीखा हमला इस बीच, विपक्षी दलों के नेताओं ने दूध पाउडर की खेप को अस्वीकार किए जाने के मुद्दे पर AAP सरकार पर जमकर निशाना साधा. शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस मुद्दे पर भगवंत मान सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सशस्त्र बलों की ओर से इतनी बड़ी मात्रा में खेप को अस्वीकार किया जाना, किसी राज्य-संचालित संस्था में क्वालिटी कंट्रोल की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।  उन्होंने एक बयान में दावा किया, "यह न सिर्फ करोड़ों रुपये का नुकसान है, बल्कि पंजाब की साख और विश्वसनीयता को भी एक गहरा आघात है।  मजीठिया ने आरोप लगाया, "इस घटनाक्रम ने सरकार की नाकामी को उजागर कर दिया है, खासकर तब जब वही दूध के उत्पाद पंजाब में उपभोक्ताओं को बेचे जा रहे हैं. जरा सोचिए, जो चीज हमारे सैनिकों के लिए अस्वीकार कर दी गई, वही पंजाब के लोग इस्तेमाल कर रहे हैं. यह पूरी तरह से जवाबदेही की कमी और जन-स्वास्थ्य के प्रति घोर लापरवाही को दर्शाता है।  कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी इसे मान सरकार के लिए बड़ी शर्मिंदगी बताया. रंधावा ने X पर एक पोस्ट में पूछा, ''यह कोई छोटी-मोटी चूक नहीं है; यह क्वालिटी कंट्रोल और जवाबदेही की पूरी तरह से विफलता को दर्शाता है. जब हमारे सशस्त्र बलों के लिए आपूर्ति की बात आती है, तो इसमें जरा भी समझौता नहीं किया जा सकता. पंजाब सरकार को जवाब देना होगा कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है और क्या कार्रवाई की जाएगी?"    

पंजाब में 292 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज को मिली मंजूरी, 3 महीने में 1.77 लाख मरीजों को हुआ फायदा

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत बड़े स्तर पर जनस्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। गत आठ जनवरी को योजना की शुरुआत के बाद तीन महीनों के भीतर ही 30.51 लाख से अधिक परिवारों का पंजीकरण किया गया है। इस योजना के तहत 292 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज को मंजूरी दी गई है। पंजाब भवन में  पत्रकार वार्ता में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि अब तक 1,77,097 लोगों के मुफ्त उपचार की मंजूरी दी गई है। 71,000 दावों का निपटारा कर दिया गया है। सूचीबद्ध अस्पतालों को 60 करोड़ का भुगतान भी किया जा चुका है। अस्पतालों को समय पर भुगतान का आश्वासन देते हुए डॉ. बलबीर ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने बकाया भुगतान के लिए एक मजबूत प्रणाली विकसित की है। अस्पतालों को 31 मार्च तक के सभी बकाया 15 अप्रैल तक चुका दिए जाएंगे। CM स्वास्थ्य योजना के तहत 3 महीनों से कम समय में 30.51 लाख से अधिक परिवारों का पंजीकरण मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत बड़े स्तर पर जनस्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर एक नया मानक स्थापित किया है और 8 जनवरी 2026 को योजना की शुरुआत के बाद तीन महीनों के भीतर ही 30.51 लाख से अधिक परिवारों का पंजीकरण किया गया है और 292 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज को मंजूरी देकर पूरे देश में एक उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। इस योजना के क्रियान्वयन के पैमाने और गति के बारे में जानकारी देते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना तेजी से पंजाब के लाखों परिवारों को वास्तविक वित्तीय राहत और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है। पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया, “इस योजना के तहत अब तक 30,51,325 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है और 1,77,097 मुफ्त उपचारों को मंजूरी दी गई है। इलाज की कुल स्वीकृत लागत 292 करोड़ रुपये है, जिसमें से 267 करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं। हमने 71,000 दावों का निपटारा कर दिया है और सूचीबद्ध अस्पतालों को 60 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।” इस उपलब्धि के महत्व को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने हर मानक पर अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा, “यह पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। चाहे पंजीकरण की बात हो, कवर किए गए परिवारों की संख्या हो या उपचार प्राप्त करने वाले मरीजों की संख्या—हर मामले में पंजाब पहले स्थान पर है।” अस्पतालों को समय पर भुगतान का भरोसा दिलाते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने बकाया भुगतान के लिए एक मजबूत प्रणाली विकसित की है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक के सभी बकाया 15 अप्रैल तक चुका दिए जाएंगे, जिससे किसी भी अस्पताल का एक भी रुपया बकाया नहीं रहेगा। उन्होंने 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए भुगतान ढांचे की जानकारी देते हुए बताया कि 1 लाख रुपये तक के दावों का निपटारा 15 दिनों के भीतर किया जाएगा, जबकि 1 लाख रुपये से अधिक के बिल एक सप्ताह के भीतर निपटाए जाएंगे। विवादित या सत्यापन की आवश्यकता वाले मामलों में यह प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी। योजना के वास्तविक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना पहले ही हर आयु वर्ग के लोगों को लाभ पहुंचा रही है। इसके लाभार्थियों में एक वर्ष के बच्चे से लेकर 99 वर्ष की बुजुर्ग महिला तक शामिल हैं, जिन्होंने इस योजना के तहत कैंसर का इलाज करवाया है। उन्होंने बताया कि इस योजना में दिल से जुड़ी 100 से अधिक गंभीर बीमारियों सहित जटिल प्रक्रियाओं को भी कवर किया गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि योजना के तहत पटियाला मेडिकल कॉलेज में “रप्चर्ड साइनस” जैसी गंभीर स्थिति वाले मरीज का सफल इलाज किया गया है। डॉ. बलबीर सिंह ने आगे कहा कि जब सरकार मुफ्त इलाज सेवाओं पर 292 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, तो इसका सीधा अर्थ है कि आम जनता का पैसा बच रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के सहयोग से पूरे पंजाब में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की निर्बाध सुविधा सुनिश्चित कर रही है।

डॉ. रवजोत सिंह ने पंजाब के जेल मंत्री के तौर पर कार्यभार संभाला, जेलों को सुधार केंद्र बनाने की योजना

चंडीगढ़ पंजाब सरकार में नए जेल मंत्री के रूप में डॉ. रवजोत सिंह ने आज पंजाब सिविल सचिवालय में अपने पद का कार्यभार संभाल लिया। इसके अलावा वे एनआरआई और संसदीय मामलों जैसे विभागों की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। कार्यभार संभालने के बाद डॉ. रवजोत जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें विभाग के चल रहे कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि जेल विभाग को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा तथा कैदियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और सुधारात्मक प्रणाली को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जेलों को केवल सजा के केंद्र नहीं, बल्कि सुधार के केंद्र के रूप में विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैठक के दौरान जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा एक प्रस्तुति के माध्यम से विभाग के चल रहे प्रोजेक्ट्स, पहल और चुनौतियों के बारे में नए मंत्री को विस्तृत जानकारी दी गई। नए जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने अधिकारियों को विभाग में पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवाधिकारों का पालन सुनिश्चित करने तथा जेल प्रणाली को आधुनिक और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर जेल विभाग की प्रमुख सचिव भावना गर्ग, सचिव मोहम्मद तैयब और एडीजीपी जेल अरुणपाल सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। 

Punjab Health Update: 292 करोड़ से मुफ्त इलाज, लाखों मरीजों को 3 महीने में राहत

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत बड़े स्तर पर जनस्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। गत आठ जनवरी को योजना की शुरुआत के बाद तीन महीनों के भीतर ही 30.51 लाख से अधिक परिवारों का पंजीकरण किया गया है। इस योजना के तहत 292 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज को मंजूरी दी गई है। पंजाब भवन में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि अब तक 1,77,097 लोगों के मुफ्त उपचार की मंजूरी दी गई है। 71,000 दावों का निपटारा कर दिया गया है। सूचीबद्ध अस्पतालों को 60 करोड़ का भुगतान भी किया जा चुका है। अस्पतालों को समय पर भुगतान का आश्वासन देते हुए डॉ. बलबीर ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने बकाया भुगतान के लिए एक मजबूत प्रणाली विकसित की है। अस्पतालों को 31 मार्च तक के सभी बकाया 15 अप्रैल तक चुका दिए जाएंगे। इस योजना के क्रियान्वयन के पैमाने और गति के बारे में जानकारी देते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना तेजी से पंजाब के लाखों परिवारों को वास्तविक वित्तीय राहत और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है। पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया, “इस योजना के तहत अब तक 30,51,325 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है और 1,77,097 मुफ्त उपचारों को मंजूरी दी गई है। इलाज की कुल स्वीकृत लागत 292 करोड़ रुपये है, जिसमें से 267 करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं। हमने 71,000 दावों का निपटारा कर दिया है और सूचीबद्ध अस्पतालों को 60 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।” इस उपलब्धि के महत्व को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने हर मानक पर अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा, “यह पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। चाहे पंजीकरण की बात हो, कवर किए गए परिवारों की संख्या हो या उपचार प्राप्त करने वाले मरीजों की संख्या—हर मामले में पंजाब पहले स्थान पर है।” अस्पतालों को समय पर भुगतान का भरोसा दिलाते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने बकाया भुगतान के लिए एक मजबूत प्रणाली विकसित की है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक के सभी बकाया 15 अप्रैल तक चुका दिए जाएंगे, जिससे किसी भी अस्पताल का एक भी रुपया बकाया नहीं रहेगा। उन्होंने 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए भुगतान ढांचे की जानकारी देते हुए बताया कि 1 लाख रुपये तक के दावों का निपटारा 15 दिनों के भीतर किया जाएगा, जबकि 1 लाख रुपये से अधिक के बिल एक सप्ताह के भीतर निपटाए जाएंगे। विवादित या सत्यापन की आवश्यकता वाले मामलों में यह प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी। योजना के वास्तविक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना पहले ही हर आयु वर्ग के लोगों को लाभ पहुंचा रही है। इसके लाभार्थियों में एक वर्ष के बच्चे से लेकर 99 वर्ष की बुजुर्ग महिला तक शामिल हैं, जिन्होंने इस योजना के तहत कैंसर का इलाज करवाया है। उन्होंने बताया कि इस योजना में दिल से जुड़ी 100 से अधिक गंभीर बीमारियों सहित जटिल प्रक्रियाओं को भी कवर किया गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि योजना के तहत पटियाला मेडिकल कॉलेज में “रप्चर्ड साइनस” जैसी गंभीर स्थिति वाले मरीज का सफल इलाज किया गया है। डॉ. बलबीर सिंह ने आगे कहा कि जब सरकार मुफ्त इलाज सेवाओं पर 292 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, तो इसका सीधा अर्थ है कि आम जनता का पैसा बच रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के सहयोग से पूरे पंजाब में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की निर्बाध सुविधा सुनिश्चित कर रही है।

चंडीगढ़ एयर-शो: एयरफोर्स की सूर्यकिरन टीम ने किया डायमंड-Y फॉर्मेशन, पंजाब और हरियाणा के CMs ने भी लिया हिस्सा

चंडीगढ़  चंडीगढ़ में सुखना लेक पर सूर्यकिरण एयर शो का आज दूसरा दिन है। दूसरे दिन शो में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के सीएम नायब सैनी भी पहुंचे। वहीं दोनों प्रदेशों के गवर्नर भी पहुंचे।   पहले दिन के शो ने पूरे शहर को रोमांच से भर दिया, वहीं इस आयोजन ने बेटियों के सपनों को भी नई दिशा दे दी। आसमान में जांबाज पायलटों के हैरतअंगेज करतब देखकर कई छात्राओं के मन में देशसेवा का जज्बा जगा और उन्होंने पायलट बनने का संकल्प लिया। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से इस एयर शो में स्कूली बच्चों को भी शामिल होने का मौका दिया गया। चार सरकारी स्कूलों के 50-50 बच्चों को विशेष अनुमति देकर लाया गया। स्नेहालय के बच्चों ने भी इस आयोजन में भाग लिया। छोटे-छोटे बच्चों से लेकर किशोर छात्राओं तक, हर किसी के चेहरे पर उत्साह और गर्व दिखा। स्नेहालय के छोटे बच्चों ने भी पायलट बनने की इच्छा जताई। शिक्षकों ने प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के भविष्य को नई दिशा देते हैं। इस तरह के कार्यक्रमों से आत्मविश्वास बढ़ता है और बच्चे देश सेवा के लिए प्रेरित होते हैं। चंडीगढ़ में सुखना लेक पर चल रहे एयर शो का आज दूसरा और आखिरी दिन है। करीब एक घंटे चले एयर-शो में एयरफोर्स की टीम सूर्यकिरन ने आसमान में कई करतब दिखाए। टीम ने हवा में डायमंड, Y, तेजस, DNA जैसे फॉर्मेशन बनाकर लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर किया। साथ ही कभी 360 तो कभी 90 डिग्री पर घूमकर हैरतअंगेज कारनामे किए। अंत में टीम के 2 फाइटर जेट ने हवा में धुएं से हार्ट बनाकर दर्शकों को धन्यवाद कहा। इसी के साथ एयर-शो संपन्न हुआ। इसे देखने के लिए हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी और पंजाब के CM भगवंत मान भी पहुंचे। उनके साथ चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया और हरियाणा के गवर्नर अशीम घोष मौजूद रहे। एयर-शो संपन्न होने के बाद सुखना लेक को आम जनता के लिए दोपहर 2 बजे खोल दिया जाएगा। इस एयर शो के चलते 26 मार्च से आम जनता के लिए सुखना लेक बंद है। एयर शो के दौरान जैसे ही सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम ने आसमान में कलाबाजियां दिखाईं, पूरा माहौल तालियों और जयकारों से गूंज उठा। इस रोमांच ने खासतौर पर बेटियों के दिलों में एक नई ऊर्जा भर दी। कई छात्राओं ने कहा कि अब वे भी पायलट बनकर देश का नाम रोशन करना चाहती हैं। अब सपना नहीं, लक्ष्य बन गया सरकारी स्कूल की छात्रा तराना ने कहा कि वह पहले से ही डिफेंस में जाना चाहती थी लेकिन इस शो को देखने के बाद उसका हौसला और मजबूत हो गया है। अब पूरी मेहनत से तैयारी करूंगी और पायलट बनकर देश का नाम रोशन करूंगी। इस क्षेत्र में लड़कियों की भागीदारी और बढ़नी चाहिए। डर पर जीत, सपनों को मिली उड़ान छात्रा सादिया ने बताया कि एयर शो ने उसके सपने को और मजबूत बना दिया है। पहले मुझे ऊंचाई से डर लगता था लेकिन आज का शो देखने के बाद मेरा डर खत्म हो गया। अब देश सेवा के अपने लक्ष्य को जरूर पूरा करूंगी। वर्दी पहनने का सपना और मजबूत हुआ भारती ने कहा कि वह भारतीय सेना में जाकर आगे चलकर कर्नल बनना चाहती है। अगर मौका मिला तो वायुसेना में जरूर जाऊंगी। इस एयर शो ने मुझे पायलट बनने के लिए प्रेरित किया है।