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कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा हुए गिरफ्तार, ED ने लिया सख्त एक्शन

चंडीगढ़  पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को शनिवार को बड़ा झटका लगा है। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया। 100 करोड़ से ज्यादा के कथित फर्जी जीएसटी खरीद बिल और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शनिवार को करीब 7 घंटे लंबी चली रेड के बाद ईडी ने संजीव अरोड़ा की यह गिरफ्तारी की है। चंडीगढ़ में उनके सरकारी आवास से उम्हें गिरफ्तार किया गया है। उनके बेटे की भी गिरफ्तारी की सूचना है। अरोड़ा के चंडीगढ़ समेत कई ठिकानों पर ईडी ने आज सुबह रेड की थी। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी की कार्रवाई पांच परिसरों में की गई, जिनमें आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरोड़ा का चंडीगढ़ स्थित आधिकारिक आवास भी शामिल है। छापेमारी दिल्ली और हरियाणा के गुरुग्राम स्थित परिसरों में भी की गई। इनमें 'हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड' नामक कंपनी का परिसर भी शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत नया मामला दर्ज किए जाने के बाद ये छापेमारी की गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में यह तीसरी बार है जब ईडी संजीव अरोड़ा के घर पहुंची है, लेकिन एजेंसी को अब तक कुछ नहीं मिला. उन्‍होंने कहा कि पंजाब गुरुओं और शहीदों की धरती है, जिसे दबाया नहीं जा सकता. भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए कर रही है.  आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने ईडी को भाजपा का ‘सुपारी किलर’ बताते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को बदनाम करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्‍होंने कहा कि कुछ दिनों तक कार्रवाई और खबरों का दौर चलेगा, लेकिन बाद में एजेंसी खाली हाथ लौट जाएगी.  पंजाब सरकार में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी ईडी की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया. उन्होंने कहा कि चुनावों से पहले भाजपा इस तरह की कार्रवाई कर विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने की कोशिश करती है. चीमा ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार के नेताओं को डराने और कामकाज प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. ईडी ने अप्रैल में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के दीवानी प्रावधानों के तहत अरोड़ा और उनसे जुड़ी इकाइयों के परिसरों पर छापे मारे थे। अरोड़ा (62) लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट से विधायक हैं। भगवंत मान ने साधा केंद्र पर निशाना वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा शनिवार को छापेमारी किए जाने के बाद केंद्र सरकार पर निशाना साधा। मान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-नीत केंद्र सरकार पर अपने राजनीतिक मकसद पूरे करने के लिए ईडी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी एजेंसियों को 'हथियार' के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री मान ने संगरूर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी एजेंसियां भाजपा के पास मौजूद वे चार-पांच हथियार हैं, जिनका राजनीतिकरण कर दिया गया है। मान ने कहा, ''वे लंबे समय से अपनी राजनीति के लिए इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। चाहे महाराष्ट्र हो या ओडिशा, बिहार हो या कर्नाटक अथवा पश्चिम बंगाल। अब पंजाब उनके निशाने पर है।''

650वीं जयंती पर श्रद्धा का महासंगम: धार्मिक समागम और नगर कीर्तन की तैयारियां तेज

अमृतसर. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की ओर से भक्त रविदास जी की 650वीं जयंती को बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस संबंध में मुख्य कार्यालय में एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने की। बैठक में आगामी धार्मिक समागमों, नगर कीर्तन, सेमिनार और अन्य कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। एडवोकेट धामी ने बताया कि 20 फरवरी 2027 को आने वाली भक्त रविदास जी की 650वीं जयंती को ऐतिहासिक तरीके से मनाया जाएगा। इसके तहत भक्त रविदास जी के जीवन, उनके दर्शन, सामाजिक संदेश और गुरबाणी से संबंधित छह बड़े सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर आठ कीर्तन दरबार भी सजाए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि भक्त रविदास जी के जन्म स्थान गोवर्धनपुर से एक विशाल नगर कीर्तन निकाला जाएगा। यह नगर कीर्तन अलग-अलग राज्यों से होता हुआ पंजाब पहुंचेगा। नगर कीर्तन के दौरान भक्त रविदास जी के उपदेशों और समाज सुधार के संदेश को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। भक्त रविदास जी से संबंधित पुस्तकें होंगी प्रकाशित एसजीपीसी प्रधान ने कहा कि भक्त रविदास जी के जीवन और इतिहास से संबंधित पुस्तकें भी विभिन्न भाषाओं में प्रकाशित की जाएंगी, ताकि देश और विदेश में रहने वाले लोग उनके विचारों और शिक्षाओं से जुड़ सकें। उन्होंने बताया कि कार्यक्रमों के सफल आयोजन और संत-महापुरुषों के साथ बेहतर तालमेल के लिए एसजीपीसी सदस्यों की अलग-अलग उप समितियां बनाई हैं। ये समितियां विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों से संपर्क करेंगी। इस संबंध में 25 मई को एक और बैठक कर सुझाव लिए जाएंगे। बैठक के दौरान परीक्षाओं में सिख विद्यार्थियों के कक्कार उतरवाने के मामले पर भी चर्चा हुई। एडवोकेट धामी ने कहा कि एसजीपीसी के विरोध के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी घटनाएं न होने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिख भावनाओं से जुड़ा हुआ है और एजेंसी को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए। बेअदबी कानून को लेकर पूछे गए सवाल पर धामी ने कहा कि एसजीपीसी हमेशा दोषियों को कड़ी सजा दिए जाने के पक्ष में रही है, लेकिन नए कानून में शामिल कुछ प्रावधानों को लेकर संगतों में आशंकाएं हैं। उन्होंने कहा कि धर्म लोगों को प्रेम, भाईचारे और निर्मलता का संदेश देता है। सरकार को सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए लोगों की चिंताओं को दूर करना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अकाल तख्त साहिब जो भी आदेश देगा, एसजीपीसी उसका पूरी तरह पालन करेगी।

CM भगवंत मान का बड़ा बयान: ‘किसी भी कीमत पर लागू रहेगा बेअदबी विरोधी कानून’

पटियाला. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल-2026 को मंजूारी मिलने के बाद शुरू की गई शुकराना यात्रा आज फतेहगढ़ साहिब में समाप्त हो गई। पटियाला से होते हुए सीएम का काफिला फतेहगढ़ साहिब पहुंचा। सीएम मान ने पटियाला व फतेहगढ़ साहिब में आयोजित शुकराना यात्रा के दौरान बेअदबी कानून को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा बनाए गए बेअदबी विरोधी कानून से आम लोग खुश हैं, लेकिन अकाली दल और कांग्रेस इस कानून का लगातार विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने अदालत का दरवाजा खटखटाकर इस कानून को रद्द करवाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाई कोर्ट ने संबंधित याचिका खारिज कर दी है और अब यह कानून वापस नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस कानून को राज्यपाल की मंजूरी और अदालत की मुहर मिल चुकी है, इसलिए इसे रोकने के सभी प्रयास विफल हो चुके हैं। बादल परिवार को कानून मंजूर नहीं भगवंत मान ने कहा कि कुछ लोग यह प्रचार कर रहे हैं कि यह कानून पंथ को मंजूर नहीं है, जबकि सच्चाई यह है कि केवल बादल परिवार और उनके समर्थक ही इसका विरोध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अकाली दल के नेता सुखबीर बादल पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि वह कहते हैं कि उनकी बारी आने दो, लेकिन अब उनकी बारी सत्ता में आने की नहीं, बल्कि जेल जाने की है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। भगवंत मान ने कहा कि कुछ ताकतें पंजाब के लोगों को आपस में लड़ाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लगातार ऐसी घटनाएं और बयान सामने लाए जा रहे हैं जिनसे पंजाब की शांति और भाईचारे को नुकसान पहुंचे। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील कर कहा कि पंजाबियों को शांत रहना चाहिए और किसी भी उकसावे में नहीं आना चाहिए। पंजाब विकास की और बढ़ रहा उन्होंने कहा कि पंजाब ने लंबे समय तक अशांति का दौर देखा है और अब राज्य दोबारा विकास और अमन के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। ऐसे में कुछ राजनीतिक दल अपने हितों के लिए माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार धार्मिक भावनाओं के सम्मान और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शुकराना यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और फैसलों का भी जिक्र किया और कहा कि उनकी सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है।

बिल्डरों पर ED का शिकंजा: चंडीगढ़ और मोहाली में लंबी कार्रवाई से मचा हड़कंप

चंडीगढ़. मोहाली, न्यू चंडीगढ़ और चंडीगढ़ में रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े कथित सीएलयू (चेंज आफ लैंड यूज) घोटाले और मनी लांड्रिंग मामले में एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) की कार्रवाई करीब 40 घंटे बाद खत्म हुई। गुरुवार सुबह शुरू हुई रेड शुक्रवार देर रात तक चली। लगातार दो दिन चली इस कार्रवाई से रियल एस्टेट कारोबारियों और प्रॉपर्टी नेटवर्क से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा रहा। सूत्रों के अनुसार ईडी की टीमें दूसरे दिन भी अलग-अलग स्थानों पर पहुंचीं और बिल्डरों, कंपनियों तथा कथित लायजनरों से जुड़े दफ्तरों और आवासों की तलाशी ली। मोहाली, न्यू चंडीगढ़ और चंडीगढ़ में कुल मिलाकर कई ठिकानों पर दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूत खंगाले गए। जांच के घेरे में सनटेक सिटी प्रोजेक्ट, आल्टस स्पेस बिल्डर्स, डीआर कंस्ट्रक्शन और कुछ अन्य रियल एस्टेट कंपनियां हैं। ईडी सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान करीब 21 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं। इसमें नकदी, प्रॉपर्टी दस्तावेज, बैंक रिकार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। एजेंसी अब इन दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि मनी ट्रेल और निवेशकों से जुड़े लेनदेन की पूरी कड़ी सामने लाई जा सके। जांच में सामने आया है कि न्यू चंडीगढ़ में बड़े रिहायशी और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सीएलयू मंजूरियां हासिल की गईं। आरोप है कि जमीन मालिकों की सहमति के लिए फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे लगाए गए। इसी आधार पर बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दिलाकर करोड़ों रुपये का निवेश जुटाया गया। पंजाब पुलिस ने इस मामले में 2022 और 2024 में एफआईआर दर्ज की थीं, जिनके आधार पर ईडी ने मनी लांड्रिंग जांच शुरू की। सूत्रों का दावा है कि जांच एजेंसियां अब उन लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं जो कथित तौर पर बिल्डरों और सरकारी दफ्तरों के बीच संपर्क का काम करते थे। कुछ लायजनरों से जुड़े परिसरों में भी लंबी पूछताछ हुई। कार्रवाई के दौरान कई अहम फाइलें और डिजिटल डेटा कब्जे में लिया गया है। उधर, जांच के बीच पंजाब सरकार ने खरड़ नगर काउंसिल के कार्यकारी अधिकारी सुखदेव सिंह का तबादला फिरोजपुर कर दिया। हालांकि सरकार ने इसे सामान्य प्रशासनिक फैसला बताया है, लेकिन रेड के दौरान हुए इस तबादले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। ईडी अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में कुछ और लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। मामले में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

एंटी बेअदबी कानून पर पंजाब सरकार अडिग: CM मान बोले- फैसला नहीं बदलेगा

चंडीगढ़. पंजाब सरकार द्वारा बेअदली के खिलाफ कानून लाया गया है। वहीं इस कानून के लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने 15 दिन अल्टीमेटम दिया था कि पंजाब सरकार इस कानून से उन प्रावधानों को हटाए जो गुरु ग्रंथ साहिब, खालसा पंथ और सिख समुदाय की भावनाओं के खिलाफ है।   इसे लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर इस कानून को वापस नहीं लेगी और न ही इसमें कोई बदलाव किया जाएगा। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि पूरे पंथ को ये सख्त कानून मंजूर है पर सिर्फ एक खास परिवार को ये पसंद नहीं आया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में लंबे समय से शरारती तत्व धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं, लेकिन उचित और सख्त कानून नहीं होने के कारण वे बच निकलते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। अब आम आदमी पार्टी की सरकार ने ऐसा मजबूत कानून तैयार किया है जिसके तहत गुरु साहिब की बेअदबी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री हरमिंदर साहिब में नतमस्तक होकर जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट-2026 को लागू करने की समझ और शक्ति प्रदान करने के लिए परमात्मा का धन्यवाद किया। उन्होंने इस कानून को बेअदबी करने की कोशिश करने वालों के लिए सख्त सजा सुनिश्चित करने तथा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मान-मर्यादा की रक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। श्री हरमिंदर साहिब में नतमस्तक होने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की सेवा सौंपने के लिए उनका दिल परमात्मा के प्रति शुक्राने से भरा हुआ है। हमारी सरकार सौभाग्यशाली है कि हमें यह ऐतिहासिक कानून पारित करने का अवसर मिला है, जो भविष्य में ऐसी घिनौनी घटनाओं को रोकने में अहम साबित होगा। हाईकोर्ट में रद्द हुई याचिका संबोधन के दौरान सीएम ने एक महत्वपूर्ण कानूनी जीत का भी जिक्र किया और बताया कि कांग्रेस और अकाली दल के बहकावे में आकर एक व्यक्ति ने इस सख्त कानून के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।हाईकोर्ट ने न केवल उस याचिका को रद्द किया, बल्कि याचिकाकर्ता पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कानून को अब कोई भी चुनौती देकर रद्द नहीं करवा सकता, क्योंकि इसे सरकार द्वारा लागू करने के बाद राज्यपाल ने भी अपनी मंजूरी दे दी है।

खाताधारकों के अधिकारों पर हाई कोर्ट सख्त: छोटे लेनदेन पर अकाउंट फ्रीज करना गलत

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बैंक खातों को फ्रीज करने की मनमानी प्रवृत्ति पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि केवल संदिग्ध लेनदेन की छोटी राशि के आधार पर पूरे खाते को सील करना कानूनसम्मत नहीं है, खासकर तब जब खाताधारक किसी एफआईआर में नामजद न हो और मजिस्ट्रेट का वैधानिक आदेश भी मौजूद न हो। जस्टिस जगमोहन बंसल की पीठ ने त्रिपत जीत सिंह की याचिका स्वीकार करते हुए एचडीएफसी बैंक को उनका बैंक खाता एक सप्ताह के भीतर डी-फ्रीज करने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि उनका बैंक खाता बिना किसी पूर्व सूचना के फ्रीज कर दिया गया। बैंक ने यह कार्रवाई कथित तौर पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों के निर्देश पर की थी। उनके खाते में मात्र 5,000 रुपये की एक संदिग्ध एंट्री आई थी, लेकिन न तो उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज था और न ही किसी वित्तीय धोखाधड़ी में उनकी संलिप्तता का आरोप था। सबसे महत्वपूर्ण यह कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के तहत किसी मजिस्ट्रेट का खाता अटैचमेंट आदेश भी नहीं था। बैंक का पक्ष- एजेंसियों के निर्देश पर हुई कार्रवाई सुनवाई में बैंक की ओर से भी स्वीकार किया गया कि बैंक ने केवल एजेंसियों के निर्देशों पर कार्रवाई की और उसके पास मजिस्ट्रेट का कोई आदेश नहीं है। बैंक ने यह भी माना कि उसे याचिकाकर्ता की किसी आपराधिक भूमिका की जानकारी नहीं है। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में हालिया निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि बीएनएनएस की धारा 106 के तहत सीधे बैंक खाता अटैच या डेबिट फ्रीज नहीं किया जा सकता। ऐसा कदम केवल धारा 107 के तहत सक्षम मजिस्ट्रेट के आदेश से ही संभव है। अदालत ने कहा कि किसी निर्दोष व्यक्ति का पूरा बैंक खाता फ्रीज कर देना अनुपातहीन, मनमाना और आजीविका के अधिकार पर सीधा प्रहार है। अब सिर्फ 5 हजार की राशि रहेगी फ्रीज कोर्ट ने विशेष रूप से कहा कि किया कि साइबर फ्राॅड या संदिग्ध ट्रांजैक्शन की राशि यदि सीमित और पहचान योग्य हो, तो केवल उतनी राशि सुरक्षित रखी जा सकती है, पूरे खाते को बंद करना उचित नहीं। इसी आधार पर अदालत ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता का पूरा खाता तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए, हालांकि विवादित 5,000 रुपये की राशि फिलहाल फ्रीज रहेगी और उसका उपयोग नहीं किया जाएगा। हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में जांच में याचिकाकर्ता की संलिप्तता सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन मौजूदा स्थिति में बैंक और एजेंसियां वैधानिक प्रक्रिया से बाहर जाकर नागरिक अधिकारों का हनन नहीं कर सकतीं। यह फैसला हजारों खाताधारकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जिनके खाते मामूली संदिग्ध लेनदेन पर अचानक फ्रीज कर दिए जाते हैं।

नशे की समस्या पर चिंता जताई, सांसद ने मरीजों के बेहतर इलाज और नशा केंद्रों पर दिया जोर

चंडीगढ़  दिल का दौरा पड़ने की स्थिति में हर सेकंड कीमती होता है। कुछ मिनटों की देरी जीवन और मृत्यु के बीच अंतर पैदा कर सकती है। पंजाब में अब समय के साथ चल रही यह जंग लगातार जीती जा रही है, क्योंकि भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत तेज और कैशलेस एंजियोप्लास्टी सेवाएं मरीजों को जरूरत पड़ने पर समय पर यह आपातकालीन इलाज उपलब्ध करवा रही हैं। हार्ट अटैक केवल एक चिकित्सीय आपातकालीन स्थिति ही नहीं होता, बल्कि यह परिवारों पर आर्थिक बोझ भी डालता है। पहले इलाज के लिए पैसों का प्रबंध करने, जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने और अस्पताल से मंजूरी लेने में परिवारों का कीमती समय बर्बाद हो जाता था। अब यह स्थिति तेजी से बदल रही है। स्वास्थ्य कार्ड सिस्टम के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों की जांच और आपातकालीन एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया, इलाज से पहले भुगतान में होने वाली देरी के बिना, तेजी से पूरी की जा रही है। यह बदलाव विशेष रूप से ‘गोल्डन ऑवर’ — अर्थात हार्ट अटैक के बाद के पहले 60 मिनट — के दौरान कीमती जानें बचाने में निर्णायक साबित हो रहा है। विश्व स्तर पर हृदय संबंधी बीमारियां मृत्यु का सबसे बड़ा कारण बनी हुई हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हर साल लगभग 17.9 मिलियन लोगों की मौत हृदय रोगों के कारण होती है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मामलों की होती है, जहां इलाज में हुई देरी जानलेवा साबित होती है। पंजाब की स्वास्थ्य प्रणाली अब इस चुनौती से सक्रिय रूप से निपट रही है। राजभर के डॉक्टरों के अनुसार, दिल की बीमारियों के मामले अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। आरामदायक जीवनशैली, तनाव, अस्वास्थ्यकर खानपान और डायबिटीज के बढ़ते मामले इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं। हालांकि, इसके साथ-साथ हृदय संबंधी बीमारियों के आपातकालीन इलाज तक पहुंच भी पहले से बेहतर हुई है। नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताई बैठक में तिवारी ने शहर में बढ़ती नशे की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि खासकर रिहायशी कॉलोनियों और शहरी गांवों में युवाओं में नशे का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। कई महिलाओं ने भी उनसे बच्चों में बढ़ते नशे को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सेक्टर-18 के नशा मुक्ति केंद्र समेत शहर के सभी डी-एडिक्शन सेंटर पूरी तरह सक्षम होने चाहिए, ताकि नशे की लत छोड़ना चाहने वाले लोगों को सही इलाज और मदद मिल सके। साथ ही इलाज का खर्च भी कम रखा जाए। फंड से अस्पतालों में स्थायी सुविधाएं बेहतर करे तिवारी ने कहा कि चंडीगढ़ के सरकारी अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीजों को मुफ्त इलाज, जांच और इमरजेंसी सेवाएं मिल रही हैं। इससे लोगों खासकर गरीब और जरूरतमंद वर्ग को काफी राहत मिल रही है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का मकसद हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ता इलाज पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने रोगी कल्याण समिति के सदस्यों को निर्देश देते हुए कहा कि समिति के फंड का उपयोग मुख्य रूप से अस्पतालों में स्थायी सुविधाएं विकसित करने पर किया जाए। इसमें नए मेडिकल उपकरण खरीदना, अस्पतालों में अतिरिक्त बेड बढ़ाना, मरीजों के बैठने की बेहतर व्यवस्था करना, भवनों की मरम्मत, नई स्वास्थ्य सुविधाएं तैयार करना और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना शामिल होना चाहिए। विकास कार्यों में इस्तेमाल हो फंड तिवारी ने कहा कि अस्पतालों के रोजमर्रा के खर्च जैसे बिजली-पानी के बिल, सामान्य रखरखाव, स्टाफ वेतन, अन्य प्रशासनिक खर्च चंडीगढ़ प्रशासन और केंद्र सरकार के नियमित बजट से पूरे किए जाने चाहिए, ताकि रोगी कल्याण समिति का फंड विकास कार्यों में इस्तेमाल हो सके। स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के सुझाव बैठक में मौजूद समिति के अन्य सदस्यों ने भी स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए कई सुझाव दिए। सदस्यों ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को कम खर्च में अच्छी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरी में डॉक्टरों, दवाइयों और मेडिकल जांच सुविधाओं को बढ़ाया जाना चाहिए। स्टेट हेल्थ एजेंसी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों के दौरान स्वास्थ्य योजना के तहत कुल 5,054 हृदय संबंधी सर्जरियां की गई हैं। इनमें 5,000 परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (पीटीसीए) प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिनमें डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम भी शामिल हैं, जबकि 54 मामलों में पेरिफेरल एंजियोप्लास्टी की गई। इन इलाजों की कुल लागत लगभग 49.6 करोड़ रुपये रही, जिसमें पीटीसीए प्रक्रियाएं संख्या और कुल खर्च दोनों मामलों में सबसे अधिक रहीं। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इस योजना का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा, “अब अधिक मरीज उन स्थितियों से भी बच रहे हैं, जिन्हें पहले लगभग जानलेवा माना जाता था। ऐसे नाजुक समय में स्वास्थ्य कार्ड सिस्टम के कारण इलाज की तेजी ही राज्य के लिए जीवनरक्षक बन रही है।” अस्पतालों के कार्डियोलॉजी विभाग को तेजी से नई जरूरतों के अनुरूप ढाला जा रहा है। आपातकालीन प्रोटोकॉल इस प्रकार सुव्यवस्थित बनाए जा रहे हैं कि हार्ट अटैक के संभावित मरीजों की तुरंत जांच हो सके और प्रशासनिक कार्रवाई में फंसे बिना उन्हें आवश्यक इलाज उपलब्ध कराया जा सके। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और राजिंदरा अस्पताल, पटियाला के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सौरभ शर्मा ने कहा, “स्वास्थ्य कार्ड लोगों को समय पर इलाज दिलाने में मदद कर रहा है। इलाज के खर्च को लेकर जो हिचकिचाहट पहले होती थी, वह अब काफी हद तक कम हो गई है। पहले कई परिवार इलाज की लागत को लेकर असमंजस में रहते थे, जिसके कारण प्रक्रिया के लिए मंजूरी देने में देरी होती थी।” डॉ. शर्मा ने आगे कहा कि कैशलेस सुविधा उपलब्ध होने से यह रुकावट लगभग समाप्त हो चुकी है। यह बदलाव जिलों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पहले मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों में रेफर किए जाने के कारण खतरनाक देरी का सामना करना पड़ता था। अब योजना के तहत अधिक अस्पतालों के सूचीबद्ध होने और बेहतर सुविधाओं से लैस होने के कारण कई केंद्र लंबी दूरी तक रेफर किए बिना ही एंजियोप्लास्टी शुरू करने में सक्षम हो गए हैं। 5 हजार हृदय संबंधी सर्जरियां हुईं पंजाब में स्टेट हेल्थ एजेंसी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों … Read more

पंजाब में ED रेड पर सियासत तेज: केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

चंडीगढ़. पंजाब में लगातार हो रही प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारियों को लेकर आम आदमी पार्टी और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केजरीवाल ने इंटरनेट मीडिया पोस्ट में कहा- जैसे ही बंगाल चुनाव खत्म हुए, मोदी ने पंजाब में रोज ईडी की रेड करना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ सालों में मोदी जी ने पंजाब के साथ बहुत धक्का किया है। पंजाबियों को तरह तरह से प्रताड़ित किया है। केजरीवाल ने आरोप लगाए कि पंजाब के पानी पर हमला किया, पंजाब यूनिवर्सिटी को लेने की कोशिश की, ग्रामीण विकास का पैसा रोक लिया और अब ईडी की ताबड़ तोड़ रेड शुरू कर दी। अशोक मित्तल के यहां रेड हुई, अगले दिन उनको बीजेपी में शामिल करवा लिया। रेड करवा मित्तल को पार्टी से तोड़ने के आरोप केजरीवाल ने कहा कि इसका मतलब ईडी की रेड का मकसद चोरी का पैसा ढूंढना नहीं था। केवल अशोक मित्तल को तोड़कर उन्हें बीजेपी में शामिल करवाना था। कुछ दिन पहले संजीव अरोड़ा के यहां भी रेड हुई। वो बीजेपी में शामिल नहीं हुए तो उनके यहां फिर से रेड करवा दी। पंजाब गुरुओं की धरती है। कई सौ साल पहले औरंगजेब ने जुर्म और अत्याचार के जरिए देश के कई भागों पर कब्जा कर लिया। प्रधानमंत्री ने भी बेईमानी से देश के कई हिस्सों पर कब्जा कर लिया है। उसके बाद औरंगजेब पंजाब पहुंचा। मोदी भी अब पंजाब पहुंचे हैं। पंजाबियों पर अत्याचार कर रहे मोदी केजरीवाल ने कहा कि औरंगजेब ने गुरुओं पर बहुत अत्याचार किए। प्रधानमंत्री भी पंजाबियों पर अत्याचार कर रहे हैं। पर गुरुओं ने कुर्बानी देकर औरंगजेब का सामना किया और लोगों को बचाया। आज गुरुओं की कुर्बानी से प्रेरणा लेकर पंजाब पीएम मोदी के अत्याचार का सामना करेगा और पूरे देश को उनके अत्याचार से बचाएगा। कुछ वर्ष पहले पीएम मोदी ने पंजाब के किसानों को ललकारा था और उन्हें किसानों के आगे झुकना पड़ा। आज मोदी जी ने पूरे पंजाब को ललकारा है।

10 मई से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, 11 मई से पंजाब में आएंगी तेज बारिश और आंधी

चंडीगढ़  पंजाब में 11 मई से मौसम के मिजाज फिर बदलेंगे। मौसम विभाग के मुताबिक 10 मई से पंजाब में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके असर से पंजाब में 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और कई जगहों पर बारिश होगी। मौसम विभाग ने 11 मई सेे चार दिन के लिए पंजाब में यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान पंजाब के तापमान में 4 से 5 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। फिलहाल पंजाब में मौसम शुष्क बना हुआ है। शुक्रवार को तापमान में 0.8 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। फिलहाल तापमान सामान्य से 5 डिग्री नीचे बना है। सबसे अधिक 38.1 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज किया गया। वहीं पंजाब के न्यूनतम तापमान में कोई बदलाव दर्ज नहीं हुआ। यह सामान्य के नजदीक बना हुआ है। सबसे कम 16.5 डिग्री का न्यूनतम पारा रूपनगर का दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों का तापमान अमृतसर का अधिकतम पारा 33.6 डिग्री, लुधियाना का 33.5 डिग्री, पटियाला का 33.6 डिग्री, पठानकोट का 35.8 डिग्री, एसबीएस नगर का 33.2 डिग्री, फरीदकोट का 36.0 डिग्री, फाजिल्का का 36.3 डिग्री, फिरोजपुर का 35.4 डिग्री, होशियारपुर का 32.5 डिग्री और रूपनगर का 34.3 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर का न्यूनतम पारा 21.3 डिग्री, लुधियाना का 20.4 डिग्री, पटियाला का 20.0 डिग्री, पठानकोट का 22.4 डिग्री, बठिंडा का 23.0 डिग्री, फाजिल्का का 21.5 डिग्री, फिरोजपुर का 21.9 डिग्री और होशियारपुर का 19.4 डिग्री दर्ज किया गया।   

धमाके से दो दिन पहले रेकी करने वाला संदिग्ध दिल्ली से पकड़ा गया, जालंधर में थ्री-लेयर चेकिंग

जालंधर पंजाब के जालंधर में BSF पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर 5 मई को हुए धमाके मामले में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है, जिससे CIA और दिल्ली पुलिस की टीमें पूछताछ कर रही हैं। शुरुआती जांच में दावा किया गया है कि आरोपी वारदात से पहले दो दिन तक BSF चौक और आसपास के इलाके की रेकी करता रहा। जांच एजेंसियों के मुताबिक संदिग्ध जालंधर से बस में बैठकर दिल्ली पहुंचा था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोट आरोपी ने खुद किया या उसे किसी अन्य व्यक्ति ने विस्फोटक डिलीवर किया था। हालांकि, पुलिस ने आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार आरोपी को जालंधर लाकर पूछताछ की जा रही है। CCTV फुटेज से मिला बड़ा सुराग धमाके के तुरंत बाद जालंधर पुलिस को इलाके में लगे CCTV कैमरों से अहम सुराग मिले थे। जांच के दौरान एक युवक धमाके के बाद तेजी से बस स्टैंड की ओर जाते हुए दिखाई दिया था। पुलिस ने बस स्टैंड और रास्ते में लगे कैमरों की फुटेज खंगालकर उसकी मूवमेंट ट्रैक की। दिल्ली में पकड़े गए संदिग्ध से पूछताछ में भी यही जानकारी सामने आई कि वह वारदात के बाद बस से दूसरे शहर गया और फिर दिल्ली में छिप गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा है या नहीं। आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद जालंधर बस स्टैंड पहुंचा था और वहां से दूसरे शहर के लिए बस पकड़ी। बाद में दिल्ली जाकर छिप गया। इस मामले में पुलिस ने भी कोई पुष्टि नहीं की, लेकिन बताया जा रहा है कि आरोपी को जालंधर पुलिस कस्टडी में ले आई है। सूत्रों के हवाले से ये भी बताया गया कि सीआईए स्टाफ जालंधर और दिल्ली पुलिस की टीम ने संयुक्त आपरेशन चलाकर संदिग्ध को पकड़ा। ब्लास्ट में इसकी कितनी भूमिका है, इसके बारे में कुछ भी शेयर नहीं किया गया है। बता दें कि 5 मई को जालंधर के बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर रात 8 बजे विस्फोट हुआ था। इसमें बीएसएफ से पार्सल लेने आए गढ़ा निवासी गुरप्रीत (21) की स्कूटी जल गई थी। शुरूआती जांच में स्कूटी में विस्फोटक का शक जताया गया था। गुरप्रीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। अगले दिन रात को उसे छोड़ दिया गया। जालंधर में धमाके के बाद अमृतसर के आर्मी एरिया खासा में विस्फोट हुआ। इस मामले में अभी तक कोई नहीं पकड़ा जा सका है। 2 दिन तक BSF चौक के आसपास रेकी की थी धमाके के बाद ही जालंधर पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से क्लू मिले थे। हालांकि पुलिस ने जांच प्रभावित होने का हवाला देकर कुछ भी जानकारी शेयर करने से मना कर दिया था, लेकिन इतना जरूर पता चला था कि धमाके के बाद एक युवक बस स्टैंड की तरफ भागकर जाता दिखा था। दिल्ली में पकड़े गए संदिग्ध से हुई पूछताछ में भी कुछ ऐसी ही बातें समाने आई है। जांच में पता चला है कि आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से पहले 2 दिन तक इलाके की रेकी की थी। धमाके के तुरंत बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने बस स्टैंड और रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस की है। 5 मई को BSF मुख्यालय के बाहर हुआ था धमाका 5 मई की रात करीब 8 बजे जालंधर स्थित BSF पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर धमाका हुआ था। घटना के दौरान गढ़ा निवासी 21 वर्षीय गुरप्रीत अपनी स्कूटी पर पार्सल लेने पहुंचा था। विस्फोट में उसकी स्कूटी जलकर क्षतिग्रस्त हो गई थी। शुरुआती जांच में पुलिस को स्कूटी में विस्फोटक होने का संदेह हुआ था, जिसके बाद गुरप्रीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। हालांकि, अगले दिन पुलिस ने जांच के बाद उसे छोड़ दिया और बाद में क्लीन चिट दे दी। गुरप्रीत ने बयान में कहा था कि वह केवल पार्सल लेने गया था और उसी दौरान धमाका हो गया। पंजाब के कैंट इलाकों में सुरक्षा कड़ी जालंधर धमाके और अमृतसर के खासा आर्मी एरिया में हुए दूसरे विस्फोट के बाद पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पाकिस्तान सीमा से करीब 550 किलोमीटर लगने वाले पंजाब के सभी कैंटोनमेंट क्षेत्रों में थ्री-लेयर चेकिंग लागू की गई है। जालंधर कैंट, पठानकोट और अन्य सैन्य इलाकों में अब हर वाहन और व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है। आर्मी, पंजाब पुलिस और डिफेंस सिक्योरिटी स्टाफ संयुक्त रूप से निगरानी कर रहे हैं। बिना पहचान पत्र किसी भी नागरिक को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही। संसारपुर, कुक्कड़ पिंड और धोगड़ी जैसे इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। राज्यसभा सांसद साहनी ने पीड़ित युवक की मदद का ऐलान किया धमाके में स्कूटी खोने वाले डिलीवरी बॉय गुरप्रीत की मदद के लिए राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी आगे आए हैं। उन्होंने गुरप्रीत के पिता कश्मीर सिंह से फोन पर बातचीत कर नई स्कूटी देने का भरोसा दिलाया। सांसद ने कहा कि गुरप्रीत जिस मॉडल की स्कूटी चाहता है, उसकी जानकारी उनके कार्यालय को भेज दी जाए। साहनी ने यह भी कहा कि अगर गुरप्रीत डिलीवरी का काम जारी रखना चाहता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। वहीं अगर वह कोई नया कौशल सीखना चाहता है तो उनकी सन फाउंडेशन उसे स्किल ट्रेनिंग भी देगी। इस घोषणा के बाद परिवार ने सांसद का आभार जताया है। पार्सल देने आए युवक को पुलिस ने क्लीन चिट दी घटना के बाद पुलिस ने धमाके में डैमेज स्कूटी मालिक गुरप्रीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। एक दिन बाद गुरप्रीत को छोड़ दिया गया था। गुरप्रीत ने पुलिस को बताया था कि वह केवल पार्सल लेने के लिए वहां आया था। इसी दौरान धमाका हो गया। पुलिस ने युवक की गतिविधियों और बयान की जांच के बाद उसे क्लीन चिट दी है। पंजाब के सभी कैंट में थ्री लेयर चेकिंग साढ़े 500 किलोमीटर बॉर्डर शेयर करने वाले पंजाब में अचानक धमाकों के बाद सभी कैंटोनमेंट में सिविलियन की एंट्री पर जांच कड़ी हो गई है। जालंधर, पठानकोट सहित सभी कैंटोनमेंट एरिया … Read more