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गर्मियों से राहत की खबर: पंजाब में बारिश और तेज हवाओं के साथ तापमान में गिरावट

चंडीगढ़   पंजाब और चंडीगढ़ में रविवार से मौसम का मिजाज बदल गया है। सुबह से तेज हवाएं चलने के साथ कई इलाकों में बादल छाए रहे। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 11 मई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए धूल भरी आंधी, गरज-चमक, बिजली गिरने और बारिश की संभावना जताई है। विभाग के मुताबिक 14 मई तक राज्य के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा। इस बदलाव से लोगों को तेज गर्मी और लू से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि कुछ जिलों में तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। फरीदकोट बना सबसे गर्म जिला पंजाब में पिछले कई दिनों बाद तापमान फिर 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। फरीदकोट सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा बठिंडा में 40.9 डिग्री, फाजिल्का में 39 डिग्री और फिरोजपुर में 37.1 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और चंडीगढ़ समेत कई शहरों में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, लेकिन दिन के समय गर्म हवाओं का असर महसूस किया गया। मौसम विभाग के अनुसार राज्य का औसत तापमान अभी भी सामान्य से करीब 2.8 डिग्री नीचे है। फरीदकोट में तापमान में सबसे ज्यादा 2.5 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं बठिंडा और एसबीएस नगर में भी तापमान बढ़ा है। दूसरी ओर रोपड़, पटियाला और चंडीगढ़ में हल्की गिरावट देखने को मिली। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा। माझा और दोआबा क्षेत्रों में तेज हवाओं का असर मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, लुधियाना, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मोहाली में तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। चंडीगढ़ और मोहाली एयरपोर्ट क्षेत्र में भी मौसम तेजी से बदलने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में अचानक तेज धूल भरी हवाएं चल सकती हैं, जिससे विजिबिलिटी भी प्रभावित हो सकती है। मालवा बेल्ट में बारिश के आसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बदला मौसम तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा और संगरूर समेत मालवा क्षेत्र के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश की गतिविधियों से खेतों और खुले इलाकों में धूल कम होगी और तापमान में राहत महसूस की जाएगी। हालांकि किसानों को तेज हवाओं और बिजली गिरने के दौरान सतर्क रहने को कहा गया है। कई जिलों में रविवार रात से ही बादल छाने शुरू हो गए थे। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसका असर पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। यह सिस्टम शनिवार रात पहाड़ी इलाकों तक पहुंचा, जिसके बाद पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम ने करवट ली। विशेषज्ञों के मुताबिक इसी सिस्टम के कारण 11 मई की रात और 12 मई की सुबह कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग का मानना है कि यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, जिससे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अस्थायी राहत मिलेगी। 14 मई तक जारी रहेगा बदला हुआ मौसम मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया कि 14 मई तक पंजाब के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद मौसम धीरे-धीरे शुष्क हो सकता है। अगले तीन से चार दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। 11 मई को कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 12 से 14 मई के बीच हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को मौसम अपडेट देखते रहने की सलाह दी गई है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बदलेगा मौसम विभाग की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 11 मई से मौसम करवट ले रहा है। इसके चलते कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है। जानें किस शहर में कैसा रहेगा मौसम- 11 मई- अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, रूपनगर, एसएएस नगर, लुधियाना, संगरूर, पटियाला, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा और फिरोजपुर सहित कई जिलों में ओरेंज व यलो अलर्ट जारी किया गया है। 12 मई- अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, मानसा, संगरूर, होशियारपुर और पठानकोट सहित कई जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। 13 मई-  गुरदासपुर, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, नवांशहर, एसएएस नगर और पटियाला जिलों में यलो अलर्ट रहेगा। 14 मई– गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, कपूरथला और जालंधर जिलों में खराब मौसम की संभावना जताई गई है। अलर्ट के दौरान बरतें सावधानियां सुरक्षित स्थानों पर रहें: तेज आंधी और बारिश के दौरान घरों से बाहर न निकलें, जब तूफान की तीव्रता अधिक हो। बिजली के खंभों/पेड़ों से बचें: पेड़, बिजली के खंभे, कच्चे मकान या कमजोर ढांचों (होर्डिंग) के नीचे आश्रय न लें, क्योंकि तेज हवा में इनके गिरने का खतरा है। यात्रा में सावधानी: खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा टालें, खासकर पहाड़ी इलाकों में, जहां भूस्खलन का जोखिम हो सकता है। बिजली के उपकरण बंद करें: तूफान और बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग (बंद) कर दें ताकि उन्हें नुकसान न पहुंचे।

मिट्टी डालकर एक्सप्रेसवे रोका गया, पटियाला में NHAI ने तुरंत खुलवाया दिल्ली-कटरा मार्ग

पटियाला  केंद्र सरकार द्वारा भारत माला परियोजना के तहत निर्मित दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे को नेश्नल हाईवे अथॉरटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा जेसीबी की मदद से आज रविवार को खुलवा दिया गया। इससे पहले यहां गांव गुलजारपुरा ठरुआ से घग्गा तक शरारती तत्वों द्वारा टिप्परों से मिट्टी डालकर यह एक्सप्रेसवे बंद कर दिया गया था। रात में अचानक बंद होने के कारण एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। शनिवार रात को बंद किए गए एक्सप्रेसवे को एनएचएआई अधिकारियों ने जेसीबी की मदद से फिर से खोल दिया। जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे पर मिट्टी फेंककर अवरुद्ध की गई सड़क को खोलने के लिए पहुंचे एनएचएआई के एसडीओ सलमान हकीम और चंद्र कुमार ने बताया कि जांच के बाद एक्सप्रेसवे पूरी तरह सुरक्षित है और इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे अवैध रूप से बंद करके यात्रियों के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एनएचएआई ने पंजाब के प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसी घटना के कई बार पत्र लिखे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विभाग केवल पत्र लिखकर ही उच्चाधिकारियों को सूचित कर सकता है, जबकि कार्रवाई पुलिस प्रशासन को करनी होती है। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के हलका प्रभारी नारायण सिंह नरसोत और उनकी पूरी टीम ने कुछ शरारती तत्वों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यों को अंजाम देने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने इस मामले को भाजपा नेता और पूर्व विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर के नोटिस में लाया है। सड़क संघर्ष समिति के अध्यक्ष जगजीत सिंह गलोली ने कहा कि सड़क बनकर तैयार है, लेकिन कुछ लोग निजी लाभ के लिए इसे बंद कर रहे हैं और आने-जाने वाले लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इलाके के लोगों ने खुद कई बार बंद एक्सप्रेसवे को खुलवाया है, लेकिन इसे बंद करने वाले लोग उनकी मदद के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। अंत में, उन्हें एनएचएआई से शिकायत करनी पड़ी। डीएसपी पातड़ां गुरदीप सिंह संधू ने बताया कि एक्सप्रेसवे बंद करने के मामले में एसडीएम पातड़ां काला राम कंसल से परामर्श करने के बाद एक्सप्रेसवे को खोलने के लिए तुरंत कर्मचारियों को भेजा गया। उन्होंने कहा कि अगर कोई फिर भी एक्सप्रेसवे को बंद करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर भाजपा मंडल अध्यक्ष निरंकार सिंह संधू, मंडल अध्यक्ष प्रेम चंद कंसल, जिला सचिव रमेश बत्रा, मन्ना राम, हरबंस लाल कलवाणु, केवल कृष्ण अतालां आदि मौजूद रहे।  

पंजाब में चुनावी माहौल, नगर निगम व काउंसिल चुनाव महीने के अंत तक हो सकते हैं

चंडीगढ़  पंजाब में नगर निगम और नगर काउंसिल चुनाव को लेकर आज आधिकारिक घोषणा की जाएगी। राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जो दोपहर 3:30 बजे चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में आयोजित होगी। माना जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव कार्यक्रम, नामांकन प्रक्रिया और मतदान की संभावित तारीखों की जानकारी साझा की जाएगी। राज्य में लंबे समय से स्थानीय निकाय चुनावों का इंतजार किया जा रहा था और अब प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। राजनीतिक दलों ने भी चुनावी रणनीति पर काम तेज कर दिया है। पंजाब में इस बार नौ नगर निगमों और 102 नगर काउंसिलों में चुनाव कराए जाने हैं। राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से वार्डबंदी समेत जरूरी प्रक्रियाएं पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। जिन शहरों में चुनाव होने हैं वहां राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला और मोहाली जैसे प्रमुख शहरी इलाकों में राजनीतिक दल लगातार बैठकें कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर संभावित उम्मीदवारों ने भी जनता के बीच सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टियों ने शुरू की चुनावी तैयारी नगर निकाय चुनाव को देखते हुए सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने ऑब्जर्वर तैनात कर दिए हैं। कई इलाकों में संभावित उम्मीदवारों ने पोस्टर और बैनर लगाने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों के चयन पर मंथन कर रहे हैं। राजनीतिक दलों का फोकस खासतौर पर शहरी वोट बैंक पर बना हुआ है क्योंकि इन चुनावों का असर आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी पड़ सकता है। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अलग-अलग जिलों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है और संवेदनशील इलाकों की पहचान की जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को चुनाव संबंधी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। चंडीगढ़ और मोहाली सहित कई शहरों में चुनावी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें भी बनाई गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार सभी तैयारियां पूरी की जाएंगी। स्थानीय निकाय मंत्री की गिरफ्तारी के बीच चुनाव यह चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री को हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद विभाग का अतिरिक्त प्रभार अब तक किसी अन्य मंत्री या अधिकारी को नहीं सौंपा गया है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि सरकार आगे इस विभाग की जिम्मेदारी किसे देगी। विपक्षी दल इस मुद्दे को चुनाव प्रचार में उठाने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि सरकार प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न होने का दावा कर रही है। 2027 विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माने जा रहे चुनाव राजनीतिक जानकार इन नगर निकाय चुनावों को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संकेत मान रहे हैं। चूंकि चुनाव शहरी क्षेत्रों में हो रहे हैं, इसलिए इन्हें सरकार के प्रदर्शन की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान पिछले दो महीनों में उन अधिकांश शहरों का दौरा कर चुके हैं जहां चुनाव प्रस्तावित हैं। आम आदमी पार्टी इन चुनावों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है, जबकि विपक्ष इसे सरकार के खिलाफ माहौल बनाने का अवसर मान रहा है। पिछले चुनावों में सत्ताधारी दल को फायदा मिलता रहा है, लेकिन इस बार मुकाबला कड़ा होने की संभावना जताई जा रही है।

शहीद नायक विजय कुमार को नम आंखों से विदाई, अंतिम दर्शन में उमड़ी भीड़

मानसा. मानसा जिले के सरदूलगढ़ क्षेत्र के गांव खैरा खुर्द में रविवार को नायक विजय कुमार का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गांव के श्मशान घाट में हजारों लोगों की नम आंखों के बीच नायक को अंतिम विदाई दी गई। जैसे ही तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरा माहौल भावुक हो गया। गांव के लोगों ने फूलों की वर्षा कर अपने वीर बेटे को श्रद्धांजलि दी और “नायक विजय कुमार अमर रहे” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। सेना की ओर से पहुंचे अधिकारियों ने पार्थिव शरीर को सलामी दी। इस दौरान सेना अधिकारियों ने नायक वियज कुमार के पिता हिम्मत सिंह को सम्मानपूर्वक तिरंगा सौंपा। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। अंतिम संस्कार के दौरान शहीद की पत्नी ने भी अपने पति को सेल्यूट किया, जिसने पूरे माहौल को और भावुक बना दिया।  इलाज के दौरान तोड़ा दम जानकारी के अनुसार गांव खैरा खुर्द निवासी हिम्मत सिंह के बेटे नायक विजय कुमार वर्ष 2014 में 66 इंजीनियर रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। सेना में भर्ती होने के बाद उन्होंने बीईजी सेंटर रुड़की में प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्तमान में उनकी तैनाती राजस्थान के जोधपुर में थी। यूनिट के नायब सूबेदार मेजर प्रेम प्रकाश ने बताया कि नायक विजय कुमार आर्मी की खेल टीम से जुड़े हुए थे और उन्हें कबड्डी खेलने का काफी शौक था। करीब चार महीने पहले उन्हें पेट संबंधी बीमारी की शिकायत हुई थी, जिसके बाद उन्हें एचआरआर आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। परिवार का इकलौता बेटा थे नायक विजय नायक विजय कुमार अपने परिवार का सबसे बड़ा सहारा थे। मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखने वाले हिम्मत सिंह के तीन बेटों में विजय कुमार सबसे जिम्मेदार सदस्य माने जाते थे। उनके दोनों छोटे भाई अभी अविवाहित हैं, इसलिए परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। शहीद अपने पीछे पत्नी और तीन छोटी बेटियों को छोड़ गए हैं। प्रशासन से डीएसपी मंजीत सिंह और थाना सरदूलगढ़ प्रभारी पुष्पिंदर कौर मौजूद रहे। इसके अलावा कांग्रेस के पूर्व विधायक अजीतइंद्र सिंह मोफर, प्रेम गर्ग, पंकज गर्ग, पार्षद विरसा सिंह और गांव के सरपंच राजेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। बेटियों के लिए सरकार से मदद की मांग गांव के सरपंच राजेश कुमार और अन्य ग्रामीणों ने पंजाब तथा केंद्र सरकार से शहीद परिवार के लिए विशेष वित्तीय सहायता पैकेज देने की मांग की। उन्होंने कहा कि छोटे से गांव से निकलकर नायक विजय कुमार ने देश सेवा कर पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार को शहीद परिवार की आर्थिक सहायता और बेटियों के भविष्य की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।

समर सीजन में रेलवे का तोहफा, चंडीगढ़ से वाराणसी के लिए शुरू होगी स्पेशल ट्रेन

चंडीगढ़. गर्मी के मौसम के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए अंबाला मंडल ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से एक और स्पैशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। इस प्रकार समर स्पैशल ट्रेन के रूप में चंडीगढ़ को यह तीसरी ट्रेन मिली है। अंबाला मंडल के सीनियर डी. सी. एम. यशनजीत सिंह ने बताया कि ट्रेन संख्या 04227-28 चंडीगढ़ से वाराणसी के लिए सप्ताह में दो दिन चलेगी और यह 18 फेरे लगाएगी, यह ट्रेन 14 मई से 13 जुलाई तक चलाई जाएगी। जिसमें 19 कोच सहित, ए.सी., स्लिपर व जनरल कोच शामिल है। ट्रेन संख्या 04227 वाराणसी से दोपहर 11.05 बजे हर वीरवार व रविवार को चलेगी, यह ट्रेन चंडीगढ़ अगले दिन सुबह 4.20 बजे चंडीगढ़ पंहुच जाएगी। जबकि चंडीगढ़ से वाराणासी के लिए गाड़ी संख्या 04228 हर शुक्रवार व सोमवार को सुबह 6 बजे चलेगी और रात को 12.55 बजे वाराणसी पहुंच जाएगी। यह ट्रेन वाराणसी, रायबरेली, लखनऊ, आलमनगर, शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन, बरेली, मुरादाबाद, रूड़की, अंबाला होते हुए चंडीगढ़ आएगी।

IPL मुकाबले से पहले Preity Zinta ने टेका माथा, Golden Temple में मांगी PBKS की जीत की दुआ

अमृतसर. बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा आज श्री हरमंदिर साहिब  में माथा टेकने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने गुरु घर में नतमस्तक होकर सरबत के भले की अरदास की और वाहेगुरु का शुक्राना अदा किया। प्रीटी जिंटा को देखने के लिए श्रद्धालुओं में भी काफी उत्साह देखने को मिला। माथा टेकने के बाद प्रीटी जिंटा ने लंगर हॉल में सेवा भी निभाई। उन्होंने संगत को लंगर वितरित किया और सेवा भाव से गुरु घर के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।  मीडिया से बातचीत करते हुए प्रीटी जिंटा ने कहा, “बस बाबा जी का बुलावा आया था, हम आ गए।” उन्होंने बताया कि 11 तारीख को टीम का अहम मैच है और वह पंजाब की जीत के लिए अरदास करने पहुंची हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि वाहेगुरु की कृपा से टीम शानदार प्रदर्शन करेगी और सभी मैच जीतने की कोशिश करेगी। इस मौके पर उन्होंने पंजाब टीम के कप्तान Shreyas Iyer की भी तारीफ की। प्रीटी जिंटा ने कहा कि पंजाब के लोग उन्हें प्यार से “सरपंच” कहकर बुलाते हैं, जो टीम के लिए गर्व की बात है। उन्होंने पंजाब के युवाओं और फैंस द्वारा मिल रहे प्यार और समर्थन के लिए सभी का धन्यवाद किया।

संजीव अरोड़ा केस में नया मोड़, पत्नी और बेटी ED दफ्तर पहुंचीं

चंडीगढ़. पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है। वहीं गुरुग्राम कोर्ट ने उन्हें 7 दिनों की प्रवर्तन निदेशालय (ED) रिमांड पर भेज दिया है। इसी बीच खबर सामने आई है कि आज यानि रविवार को पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के परिजन दिल्ली में ED मुख्यालय पहुंचे। संजीव अरोड़ा की पत्नी और बेटी उनसे मुलाकात करने के लिए यहां पहुंची है। आपको बता दें कि ई.डी. ने शनिवार को संजीव अरोड़ा के चंडीगढ़ के सैक्टर-2 स्थित सरकारी निवास के साथ-साथ दिल्ली, गुरुग्राम सहित उनसे जुड़े कई ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। ई.डी. की यह कार्रवाई कथित तथाकथित मनी लॉन्ड्रिंग, फर्जी जी.एस.टी., लेन-देन से जुड़े मामले, बिलिंग, विदेशों से धन के लेन-देन और रियल एस्टेट कारोबार में अनियमितताओं को लेकर की गई। ई.डी. की टीमों ने 15 गाड़ियों में भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ सुबह 5 बजे मंत्री संजीव अरोड़ा के सरकार नियम में दबीश दी। करीब 12 घंटे की गहन पूछताछ के बाद ई.डी. अधिकारियों की टीम ने कई दस्तावेजों को कब्जे में लेने के बाद विभिन्न बैंक खातों को सीज किया और कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली के लिए रवाना हो गई।

ED एक्शन पर गरमाई सियासत, AAP नेताओं ने भाजपा महासचिव के निवास के बाहर किया विरोध

अमृतसर. पंजाब के अमृतसर में केंद्र सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के विरोध में रविवार को आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग के निवास स्थान के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में पंजाब सरकार के मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, विधायक जसबीर सिंह, आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रभबीर सिंह बराड़, विधायक डाॅ. इंदर बीर सिंह निज्जर, विधायक डाॅ. अजय गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्षी दलों की आवाज दबाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। आप नेताओं ने आरोप लगाया कि बीते दिनों पंजाब मंत्रिमंडल के मंत्री संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी पूरी तरह राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी लगातार जनहित के मुद्दे उठा रही है और इसी कारण पार्टी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। लोकतंत्र के लिए बताया खतरा मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि आम आदमी पार्टी डरने वाली नहीं है और पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता की आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार यह सोचती है कि गिरफ्तारियों और दबाव की राजनीति से विपक्ष को चुप कराया जा सकता है तो यह उसकी गलतफहमी है। विधायक डाॅ. इंदर बीर सिंह निज्जर ने कहा कि पंजाब की जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। वहीं विधायक डाॅ. अजय गुप्ता ने कहा कि जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को निशाना बनाना लोकतंत्र के लिए ठीक संकेत नहीं है। चुग के घर के बाहर बनाया सुरक्षा घेरा प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल भी बड़ी संख्या में तैनात रहा। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए इलाके में निगरानी बढ़ाई हुई थी। प्रदर्शन के दौरान आप कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी वापस लेने की मांग की। आम आदमी पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि इसी तरह विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई जारी रही तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

दिलजीत दोसांझ: राजनीति नहीं, लेकिन सुर्खियों में हमेशा

चंडीगढ़ पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) ने हाल के समय में कई संवेदनशील सिख मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। चाहे अलगाववादी राजनीति से दूरी बनाने की बात हो या विदेशों में बसे पंजाबी सिख प्रवासियों की संघर्षपूर्ण सफलता को पहचान देने की, दिलजीत ने अपनी अलग पहचान बनाई है। हालांकि, अब तक उन्होंने राजनीति में आने का कोई संकेत नहीं दिया है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में दोसांझ ने लिखा कि वह कभी भी राजनीति में नहीं आएंगे। दिलजीत दोसांझ ने लिखा, राजनीति में कभी नहीं… मेरा काम एंटरटेनमेंट करना है। मैं अपने क्षेत्र में बहुत खुश हूं। इसके बावजूद पंजाब में एक वर्ग ऐसा है जो उन्हें मौजूदा समय में राज्य के लिए संभावित राजनीतिक विकल्प के रूप में देख रहा है। आर्थिक चुनौतियों और नशे की समस्या से जूझ रहे पंजाब में कुछ सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों का मानना है कि दिलजीत जैसे चेहरे की राजनीति में जरूरत है। ‘जागो पंजाब मंच’ नामक एक समूह, जिसमें पूर्व सैन्य अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं, ने सार्वजनिक रूप से दिलजीत दोसांझ से राजनीति में आने की अपील की है। सेवानिवृत्त नौकरशाह एस.एस. बोपाराय के नेतृत्व वाले इस समूह का मानना है कि दिलजीत मौजूदा राजनीतिक नेतृत्व से अलग हैं, क्योंकि उन्होंने कभी सत्ता की इच्छा जाहिर नहीं की। दिलजीत आज सिर्फ एक वैश्विक कलाकार नहीं, बल्कि पंजाबी अस्मिता के प्रतीक बन चुके हैं। उनकी पहचान किसी राजनीतिक विचारधारा से नहीं, बल्कि “पंजाबी पहचान” से जुड़ी मानी जाती है। वह अपने देसी अंदाज को खुलकर अपनाते और प्रदर्शित करते हैं। हाल ही में मेट गाला में महाराजा शैली के हार और पंजाबी लिपि से सजी पोशाक पहनकर पहुंचे दिलजीत ने वैश्विक मंच पर पंजाबी संस्कृति को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। वहीं सोशल मीडिया पर भी वह खुद को एक साधारण ‘देसी बॉय’ के रूप में पेश करते हैं, जो उनके प्रशंसकों को उनसे जोड़ता है। साल 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान दिलजीत ने खुलकर किसानों का समर्थन किया था। हालांकि, उस समय भी उन्होंने साफ किया था कि वह किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में नहीं हैं। पिछले वर्ष उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) से मुलाकात की थी, जिसे राजनीतिक रूप से संतुलित रुख के तौर पर देखा गया। हाल के दिनों में कनाडा में अपने कार्यक्रम के दौरान खालिस्तानी झंडे लहराए जाने पर आपत्ति जताकर दिलजीत ने खुद को अलगाववादी राजनीति से भी अलग दिखाने की कोशिश की। उन्होंने कनाडा में पंजाबी प्रवासियों की यात्रा कोमागाटा मारू घटना से लेकर आज वहां प्रभावशाली समुदाय बनने तक को गर्व के साथ प्रस्तुत किया। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दिलजीत दोसांझ कभी राजनीति में कदम रखेंगे? और अगर ऐसा होता है, तो क्या पंजाब की जनता उन्हें एक राजनीतिक नेता के रूप में स्वीकार करेगी? इसका जवाब आने वाला समय ही देगा।

वार्डबंदी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: अकाली दल की चुनौती नहीं हुई स्वीकार

बठिंडा. बठिंडा नगर निगम चुनावों को लेकर शिरोमणि अकाली दल द्वारा दायर की गई याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस याचिका में नगर निगम की वार्डबंदी, वार्डों की सीमाओं और मतदाताओं की संख्या को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे। यह याचिका शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज इकबाल सिंह बबली ढिल्लों की ओर से दाखिल की गई थी। अकाली दल ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि बठिंडा नगर निगम की वार्डबंदी प्रक्रिया के दौरान कई तरह की अनियमितताएं की गई हैं। पार्टी का कहना था कि कुछ वार्डों में मतदाताओं की संख्या असमान रूप से तय की गई है, जबकि कई इलाकों की सीमाएं भी गलत तरीके से निर्धारित की गई हैं। अकाली दल ने दलील दी थी कि यह सब सत्ताधारी पक्ष को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है। याचिका में पारदर्शिता पर उठे थे सवाल याचिका में यह भी कहा गया था कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वार्डबंदी और मतदाता सूचियों की दोबारा समीक्षा की जानी चाहिए। पार्टी नेताओं का मानना था कि यदि इस प्रकार की गड़बड़ियों को नहीं रोका गया तो नगर निगम चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होंगे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद बठिंडा नगर निगम चुनावों को लेकर चल रही कानूनी अनिश्चितता काफी हद तक समाप्त हो गई है। इस फैसले के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। सत्ताधारी पक्ष ने फैसले का किया स्वागत सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने कहा कि पार्टी ने जनता की आवाज और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से यह मामला अदालत के समक्ष रखा था। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि वार्डबंदी को लेकर लोगों में अब भी नाराजगी है और पार्टी इस मुद्दे को राजनीतिक स्तर पर उठाती रहेगी। वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी दल के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि विपक्ष की ओर से चुनाव प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से विवादित बनाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पूरी प्रक्रिया कानूनी नियमों और निर्धारित प्रावधानों के तहत पूरी की गई है।