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जालंधर के 105 साल पुराने जर्मन ट्रैक्टर की करोड़ों में डील

जालंधर. 105 साल पुराना ट्रैक्टर करोड़ों रुपए में बिक गया है। जालंधर के भगत सिंह चौक के पास एक खंडहरनुमा बिल्डिंग में पड़ा 105 साल पुराना ट्रैक्टर 1.25 करोड़ रुपये में बिक गया। यह दुर्लभ विंटेज ट्रैक्टर अब कैलिफोर्निया (अमेरिका) के एक म्यूजियम में प्रदर्शित किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, बिल्डिंग के साथ लगी दुकान के मालिक पुनीत बेदी ने बताया कि स्थानीय लोगों को अंदाजा भी नहीं था कि कबाड़ समझा जाने वाला यह ट्रैक्टर विंटेज दुनिया का अनमोल नमूना है। बताया जा रहा है कि, मुंबई की एक ट्रैक्टर कंपनी ने पहले 2 लाख से लेकर 28 लाख रुपये तक की पेशकश की थी, लेकिन बाद में एक विदेशी कंपनी ने इसे 1.25 करोड़ रुपये में खरीद लिया। अब ये ट्रैक्टर कैलिफोर्निया की म्यूजिम में रखा जाएगा। बता दें कि, यह ट्रैक्टर जर्मनी में 1921 में बना लेंज बुलडॉग एचएल-12 (Lanz Bulldog HL-12) मॉडल है, जो अपनी खास तकनीक के लिए विंटेज वाहनों की दुनिया में अलग पहचान रखता है। इसमें सिंगल सिलेंडर हॉट-बलब इंजन लगा है, जिसे स्टार्ट करने से पहले इंजन को गर्म करना पड़ता था, जिसके बाद कम गति पर भी यह अधिक ताकत देता था। अपने समय में इस ट्रैक्टर का उपयोग खेतों में हल चलाने, पानी के पंप और चक्की चलाने जैसे कार्यों के लिए व्यापक रूप से किया जाता था। अब यह ऐतिहासिक विरासत के रूप में विदेशी म्यूजियम की शोभा बढ़ाएगा।

पंजाब से होली पर बिहार जाने वालों के लिए चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

फिरोजपुर. रेल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे की ओर से फिरोजपुर छावनी–दानापुर तथा अमृतसर–कटिहार के बीच आरक्षित स्पेशल एक्सप्रेस रेलगाड़ियों का संचालन किया जा रहा है। इन विशेष ट्रेनों के चलने से यात्रियों को त्योहारों के दौरान आवागमन में काफी राहत मिलेगी। सीनियर डीसीएम परमदीप सिंह सैनी ने बताया कि ट्रेन संख्या 04616 फिरोजपुर छावनी–दानापुर आरक्षित स्पेशल एक्सप्रेस 26 फरवरी, दो मार्च एवं छह मार्च को फिरोजपुर कैंट से दोपहर 12 बजे चलकर 29 घंटे बाद शाम 5:30 बजे दानापुर पहुंचेगी। वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 04615 दानापुर–फिरोजपुर छावनी 27 फरवरी, तीन मार्च एवं सात मार्च को दानापुर से रात्रि 9:10 बजे रवाना होकर लगभग 26 घंटे बाद रात 11:55 बजे फिरोजपुर कैंट पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन मोगा, लुधियाना, अंबाला कैंट, यमुनानगर-जगाधरी, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, रायबरेली, मां बेल्हा देवी धाम (प्रतापगढ़), वाराणसी, पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर, रघुनाथपुर एवं आरा रेलवे स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी। उन्होंने बताया कि ट्रेन संख्या 04614 अमृतसर–कटिहार आरक्षित स्पेशल एक्सप्रेस 25 फरवरी, एक मार्च एवं पांच मार्च को अमृतसर से दोपहर 2:15 बजे प्रस्थान कर लगभग 34 घंटे बाद कटिहार पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 04613 कटिहार–अमृतसर 27 फरवरी, तीन मार्च एवं सात मार्च को सुबह चार बजे कटिहार से रवाना होकर अगले दिन दोपहर 2:40 बजे अमृतसर पहुंचेगी। मार्ग में यह रेलगाड़ी ब्यास, जालंधर शहर, ढंडारी कलां, अंबाला छावनी, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, सिवान, छपरा एवं नवगछिया रेलवे स्टेशनों पर ठहराव करेगी।

पंजाब में गेहूं की फसल पर मंडराया खतरा

होशियारपुर. फरवरी 2026 के दूसरे हफ्ते में पिछले साल के मुकाबले तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। चंडीगढ़ के मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, अगले पांच दिनों तक मौसम सूखा रहेगा। इसलिए, मौसम की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए, लुधियाना की पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में एक्सटेंशन एजुकेशन के डायरेक्टर डॉ. मक्खन सिंह भुल्लर ने किसानों को गेहूं की फसल में हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है। सिंचाई करते समय हवा की गति पर ध्यान दें, ताकि फसल को नुकसान न हो। पंजाब में मौजूदा रबी सीजन के दौरान, लगभग 95 परसेंट गेहूं के एरिया में 25 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच बुवाई हुई थी, जिसे बुवाई के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। गेहूं की फसल में दाने भरते समय ज्यादा तापमान का खास तौर पर असर होता है। इस दौरान बढ़े हुए तापमान से दाने के वज़न पर बुरा असर पड़ता है, जिससे पैदावार और क्वालिटी में कमी आती है। ज्यादा तापमान के कारण, हल्की से मीडियम मिट्टी में बोई गई गेहूं की शुरुआती फसलों में बालियां आ जाती हैं और वे जल्दी पक जाती हैं, जिससे दाने कमज़ोर रह जाते हैं। क्रॉप साइंस डिपार्टमेंट के डॉ. हरि राम मुखी ने बताया कि अभी फ्लैग लीफ स्टेज में गेहूं को बढ़ते तापमान से बचाने के लिए 2% पोटैशियम नाइट्रेट (13:0:45) का स्प्रे किया जा सकता है। 200 लीटर पानी में 4 किलोग्राम पोटैशियम नाइट्रेट घोलें। पहला स्प्रे तब करें जब फ्लैग लीफ निकले और दूसरा स्प्रे तब करें जब कलियां निकलें। यह घोल 200 लीटर में तैयार करें, और शाम को स्प्रे करना सबसे अच्छा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, हल्की सिंचाई और पोटैशियम नाइट्रेट (13:0:45) का स्प्रे करने से फसल को ज़्यादा तापमान के बुरे असर से काफी हद तक बचाया जा सकता है। डॉ. चरणजीत कौर, चीफ एक्सटेंशन साइंटिस्ट और फार्म एडवाइजरी सर्विस सेंटर, गंगियां ने किसानों से कहा कि वे अपनी गेहूं की फसलों को बढ़ते तापमान के बुरे असर से असरदार तरीके से बचाने के लिए यूनिवर्सिटी की इन सलाहों को अपनाएं। किसानों को इन सलाहों को मानना चाहिए ताकि उनकी फसलें सुरक्षित रहें और प्रोडक्शन कम न हो।

शिरोमणि अकाली दल ने किया बुढ़ापा पेंशन बढ़ाने का एलान

चंडीगढ. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने तमिलनाडु के एक केस में मुफ्त की योजनाओं को लेकर कड़ी टिप्पणी की है। पीठ ने कहा कि अगर लोगों को राज्य मुफ्त में ही सब कुछ देने लगे तो वे काम क्यों करेंगे। पीठ ने यह भी कहा है कि यह हालात केवल किसी एक राज्य के नहीं है, बल्कि सभी राज्यों में इसी तरह हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी से पंजाब भी अछूता नहीं है। पंजाब में समय-समय की सरकारों की ओर से वोट बैंक को साधने के लिए शुरू की गई सब्सिडी की प्रथा को किसी भी सरकार ने रोकने की हिम्मत नहीं की, बल्कि हर सरकार ने इसमें बढ़ोतरी ही की है। पंजाब में चुनाव से पहले एक बार फिर मतदाताओं को रिझाने के लिए मुफ्त की रेवड़ियां देने की घोषणाएं होने लगी हैं। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने दो दिन पहले सत्ता में आने पर बुढ़ापा पेंशन 1,500 से बढ़ाकर 3,100 रुपये करने और शगुन योजना के तहत एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। इसी तरह आम आदमी पार्टी ने अपनी सरकार के कार्यकाल के अंतिम साल में महिलाओं को 1000-1000 रुपये देने की तैयारी की हुई है, जिसका मार्च महीने में पेश होने वाले बजट में प्रावधान किया जा सकता है। कहां-कहां कितनी खर्च हो रही है सब्सिडी 22,000 करोड़ रुपये इस समय किसानों, घरेलू और इंडस्ट्री सेक्टर को निशुल्क व सस्ती बिजली देने पर खर्च हो रहे। 4,800 करोड़ रुपये बुढ़ापा पेंशन आदि के लिए दी जा रही है। 750 करोड़ रुपये महिलाओं को बसों में निशुल्क सफर के तहत दिया जा रहा है। इसी तरह जो लोग मुफ्ट राशन जिसके तहत गेहूं और चावल दिए जा रहे हैं में नहीं आते उन्हें सरकार अपनी ओर से राशन मुहैया करवा रही है। इस पर सब्सिडी दी जा रही है। पंजाब में 1997 से शुरू हुआ सब्सिडी कल्चर पंजाब में 1997 में शुरू हुआ सब्सिडी कल्चर आज तक चलता जा रहा है। हर साल इसमें कोई कमी होने के बजाय बढ़ोतरी ही हो रही है और आज हालात यह है कि पंजाब की आमदनी के प्रमुख स्रोत जीएसटी से सरकार को केवल 24 से 25 हजार करोड़ ही मिल पा रहे हैं, जबकि सब्सिडी पर खर्च की बात करें तो यह लगभग 28 हजार करोड़ रुपये है। यह भी उस समय है जब मौजूदा सरकार ने अभी महिलाओं को एक-एक हजार रुपये देना शुरू नहीं किया है। अगर यह योजना शुरू होती है तो राज्य के खजाने पर 12 हजार करोड़ रुपये का और बोझ पड़ेगा। (राज्य में एक करोड़ वोटर महिलाएं हैं)। सब्सिडी के इस बोझ के कारण जहां पंजाब में कैपिटल एक्सपेंडिचर नहीं हो रहा है, वहीं विभागों में कर्मचारियों को भर्ती करने में दिक्कत आ रही है, क्योंकि उन पर खर्च होने वाले वेतन का बोझ पहले से ही काफी ज्यादा है।

पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: 4 मार्च (बुधवार) को प्रदेशभर में अवकाश, सब संस्थान बंद

पंजाब पंजाब सरकार ने होली के पर्व के अवसर पर 4 मार्च (बुधवार) को राज्य में सरकारी छुट्टी घोषित कर दी है। इस आदेश के तहत पूरे पंजाब में स्कूल, कॉलेज और सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। बता दें कि इस वर्ष होलिका दहन 3 मार्च की शाम को किया जाएगा, जबकि होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने 4 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया है।  

करोड़ों की हेरोइन सहित नशा तस्कर गिरफ्तार

फिरोजपुर. सीआईए स्टाफ फिरोजपुर की पुलिस ने पंजाब सरकार की नशा विरोधी मुहिम तहत कार्रवाई करते हुए एसएसपी फिरोजपुर भूपिन्द्र सिंह के दिशा निर्देशानुसार नशा तस्करों के खिलाफ चलाई मुहिम तहत गश्त व चैकिंग के दौरान मिली सूचना के अधार पर करोड़ों रुपए की डिलीवरी देने के लिए आए नशा तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद करने में सफलता हासिल की है। उक्त मामलें में पुलिस ने गिरफ्तार किए नशा तस्कर के खिलाफ थाना आरफके में एनडीपीएस एक्ट तहत मामला दर्ज किया है। जानकारी देते हुए एसएसपी फिरोजपुर भूपिन्द्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने नशा बेचने वाले लोगों को गिरफ्तार करने के लिए उच्चाधिकारियों व पंजाब सरकार के निर्देशानुसार मुहिम चलाई हुई है। उन्होंने बताया कि उक्त मुहिम तहत थाना सीआईए स्टाफ फिरोजपुर के इंस्पैक्टर मोहित धवन को बीते दिन गश्त व चैकिंग के दौरान फिरोजपुर से मल्लांवाला रोड परगांव अटारी के नजदीक सूचना मिली थी कि सोनू सिंह पुत्र महिन्द्र सिंह वासी गांव किलचे हालवासी गांव भंबा सिंह वाला उर्फ मतड़ हेरोइन बेचने का आदि है और आज भी वह हेरोइन लेकर आगे डिलीवरी देने के लिए कच्चा बांध गांव अक्कू वाला में खड़ा किसी का इंतजार कर रहा है। जिस पर पुलिस ने छापेमारी करके सोनू को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 6 किलो 38 ग्राम हेरोइन बरामद की है। एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने गिरफ्तार नशा तस्कर सोनू से पूछताछ कर रही है कि वह हेरोइन की डिलीवरी किसे देने के लिए आया था और अभी इस मामलें में ओर भी अहम सुराग हाथ लगने की संभावना है, जिसका खुलासा आने वाले समय में किया जाएगा। 

पंजाब सरकार से कैदियों की माफी पर विधानसभा कमेटी से रखी मांग

लुधियाना. पंजाब विधानसभा की शेड्यूल्ड कास्ट,शेड्यूल्ड ट्राइब्स व बैकवर्ड क्लास के वेलफेयर के लिए बनी कमेटी ने ताजपुर रोड की सैट्रल जेल, ब्रौस्टल जेल व महिला जेल, का निरीक्षण किया। और कैदियों/हवालातियों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। कैदियों ने कमेटी को बताया कि उन्हें लंबे समय से माफी नहीं मिली है। इसलिए माफी दी जानी चाहिए। जेलों की बैरको, किचन,खाने की सर्विस, टॉयलेट,साफ-सफाई व दूसरी सुविधाओं का अच्छी तरह से निरीक्षण किया। उन्होंने जेलों के अंदर किचन के खाने का स्वाद भी चखा। शऔर कैदियों से बातचीत की। उन्होंने साफ़-सफ़ाई बनाए रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।खासकर किचन में,जहाँ उन्होंने खुद कैदियों/हवालातियों को दिए जाने वाले खाने की क्वालिटी और सफ़ाई की जाँच की।उन्होंने जेल हॉस्पिटल का दौरा किया। ओएटी क्लिनिक,एच आई वी, टीबी के इलाज के लिए एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी आर्ट व काउंसलिंग प्रोग्राम जैसी मेडिकल सर्विस के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित की। उन्होंने कैदियों के लिए काफ़ी वॉशरूम और उनकी रेगुलर सफ़ाई और मेंटेनेंस की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।जेल के आस-पास के इंडस्ट्रियल एरिया को ध्यान में रखते हुए, चेयरपर्सन ने उस इंडस्ट्री में इस्तेमाल हो रहे कैमिकल की पहचान करने और डिज़ास्टर की तैयारी के हिस्से के तौर पर उनके एंटीडोट्स आदि जैसे इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्लान का पता लगाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।उन्होंने बेकरी, बढ़ईगीरी,वेल्डिंग, पावरलूम, बुनाई लकड़ी का काम और टेलरिंग वर्कशॉप जैसे वोकेशनल सेक्शन का भी दौरा किया। उन्होंने सीसीटीवी कंट्रोल रूम और दूसरी मनोरंजन की जगहों का भी इंस्पेक्शन किया। जेल अधिकारियों ने उन्हें कैदियों के स्किल डेवलपमेंट के लिए उपलब्ध अलग-अलग इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (आईटीआई) कोर्स के बारे में बताया।जेल अधिकारियों के साथ कमेटी सदस्यों ने एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसीजर का रिव्यू किया।और प्रोसेस को आसान बनाने के लिए निर्देश दिए।ताकि यह पक्का हो सके। कि कैदी/हवालाती तय प्रोटोकॉल के मुताबिक अपने परिवार वालों से मिल सकें।कमेटी के दूसरे सदस्यों ने महिला जेल की कैदियों से बातचीत की। और उनसे जेल हॉस्पिटल में दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं,परोसे जा रहे खाने और उनकी कोर्ट में चल रहे केस के बारे में जानकारी ली।उन्होंने जेल के कैदियों को बताया कि जो कैदी अपने केस के लिए खुद वकील नहीं रख सकते, वह जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी,से निशुलक कानूनी सहायता ले सकते हैं। उन्होंने जेल के कैदियों से कहा कि निशुलक लीगल एड लेने के लिए वह जेल में खुले लीगल एड क्लिनिक में जाकर लीगल एड फॉर्म भर सकते हैं। विधानसभा कमेटी ने आगे बताया कि महिला जेल की कैदियों/हवालातियां के अधिकारों का ध्यान रखा जाए।चेयरपर्सन व कमेटी मेंबर्स ने महिला जेल में महिला कैदियों के साथ रह रहे छोटे बच्चों से भी मुलाकात की। उन्हें पढ़ाई के लिए मोटिवेट किया।चेयरपर्सन व कमेटी मेंबर्स ने जाने से पहले जेल के विजिटर्स रजिस्टर में अपने सुझाव भी लिखे।इस अवसर पर असिस्टेंट कमिश्नर (जनरल) और सब डिविजनल मजिस्ट्रेट श्रीमती पायल गोयल, एडीजीपी (जेल) श्री अरुण पाल सिंह, डीआईजी पटियाला सर्कल (जेल)एसएस मंड,सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट कुलवंत सिंह सिद्धू,डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट हरबंस सिंह, ब्रौस्टल जेल के सुपरिटेंडेंट गुरप्रीत सिंह, महिला जेल के सुपरिटेंडेंट दलबीर सिंह काहलो,डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट रवनीत कौर के अतिरिक्त जिले के सिविल व पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन के दूसरे अधिकारी भी मौजूद थे।

ट्राईसिटी में 1463 करोड़ रुपये के रिंग रोड को केंद्र की मंजूरी

चंडीगढ़. ट्राईसिटी को ट्रैफिक की समस्या से राहत मिलने जा रही है। केंद्र की ओर से ट्राईसिटी रिंग रोड परियोजना को मंजूरी दे दी गई। योजना के तहत 1,463.95 करोड़ की लागत से 6-लेन, एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड स्पर बनाया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इस की जानकारी दी। भारतीय जनता पार्टी के महासचिव तरुण चुग ने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री गडकरी का आभार व्यक्त किया है। चुग ने कहा कि यह निर्णय पंजाब के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम है। चुग ने कहा कि इस परियोजना से मोहाली, चंडीगढ़ और पंचकूला के प्रमुख जंक्शनों पर वर्षों से बनी ट्रैफिक समस्या में ठोस राहत मिलेगी। एनएच-44, एनएच-205A और एनएच-152 पर दबाव कम होगा और हिमाचल प्रदेश, विशेषकर शिमला क्षेत्र की ओर जाने वाली आवाजाही तेज और सुगम बनेगी। उन्होंने कहा कि यह केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने की व्यापक सोच का हिस्सा है। चुग ने बताया की इस कारिडोर से उद्योग, व्यापार, पर्यटन और लाजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा लाभ होगा। किसानों, व्यापारियों, उद्यमियों और युवाओं को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिलेंगी, जिससे समय और ईंधन की बचत के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

मॉडर्न जेल के ऊपर तंबाकू और सिगरेट लेकर उड़ते ड्रोन को पत्थर मारकर गिराया

कपूरथला. पंजाब के कपूरथला में देर रात मॉडर्न जेल परिसर के ऊपर एक ड्रोन उड़ता हुआ देखा गया। हालांकि, जेल अधिकारियों ने ड्रोन को गिरा दिया। अगली सुबह सर्च करने पर एक सिक्योरिटी टावर के पास भूरे रंग का ड्रोन मिला, और उससे तंबाकू, सिगरेट, रोलिंग पेपर और एक लाइटर बरामद हुआ। पंजाब की जेल में ड्रोन से सामान पहुंचाने का यह पहला मामला है, जिससे जेल प्रशासन की चिंताए बढ़ गई है। बेशक जेल प्रशासन की मुस्तैदी ने ड्रोन से सामान अंदर पहुंचाने के मंसूबे को नाकाम कर दिया है, लेकिन यह जेल प्रशासन के लिए खतरे की घंटी है। एसपी जेल के अनुसार, ड्रोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और अज्ञात के खिलाफ प्रीजन एक्ट, बीएनएस और एयरक्राफ्ट एक्ट के तहत केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है। सुभानपुर रोड पर थेह कांजला स्थित मॉडर्न जेल कपूरथला के सहायक सुपरिटेंडेंट धीरज कुमार ने थाना कोतवाली की पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 17/18 की दरमियानी रात को वह ड्यूटी पर तैनात थे। रात करीब 11:30 बजे गश्त के दौरान जेल की सीमा के ऊपर एक ड्रोन मंडराता देखा। उन्होंने तुरंत तत्परता दिखाते हुए ड्रोन को गिरा दिया। फिर जेल गार्ड के साथ मिलकर पूरे जेल परिसर की तलाशी शुरू कर दी, लेकिन अंधेरा होने के कारण ड्रोन नहीं मिला। अगली सुबह होने पर उन्होंने जेल गार्ड के साथ फिर से पूरे जेल परिसर की तलाशी ली शुरू कर दी। सुबह करीब आठ बजे सुरक्षा टावर नं.9 के पीछे बैरक नं.3 के पास मिनी 255 कंपनी का एक भूरे रंग का ड्रोन पड़ा मिला। उसके साथ टेप से कुछ सामान लिपटा हुआ था, जिसे खोलने पर उसमें से तंबाकू, सिगरेट, रोलिंग पेपर और पांच लाइटर बरामद हुए। एसपी जेल श्यामल ज्योति ने बताया कि ड्रोन के आपरेटिंग कंट्रोल का पता लगाने के लिए उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। वहां से रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कि ड्रोन कहां से आया है। इसके अलावा उन्होंने जेल के अंदर चौकसी बढ़ा दी है। इस तरह की गतिविधियां कतई बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

पंजाब में जल संकट के बीच चार दोस्तों ने लगाए 1500 वर्षा जल संचयन प्लांट

जालंधर. ‘बिन पानी सब सून’, ‘पवन गुरु पानी पिता, माता धरत महत्त’ सरीखे श्लोक। जिनका जिक्र धार्मिक ग्रंथों में किया गया है। यहीं प्रेरणा अध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर जी ने अपने अनुयायियों को देते है। जिसके तहत श्री श्री रवि शंकर जी ने अपने प्रवचनों में बताया है कि ‘प्रकृति का सम्मान करना और उसकी रक्षा करना ही सच्ची भक्ति है’। उनकी इस सोच को शहर के चार कारोबारियों ने ना केवल जीवन में अपनाया है, बल्कि इसे मिशन बनाकर इस दिशा में कार्य कर रहे है। इसके लिए उन्होंने द वरुण मित्रा कंपनी की शुरूआत की। जिसके बैनर तले वैज्ञानिक तरीके से वर्षा जल संचयन प्रणालियों को डिजाइन तथा इंस्टाल किया जा रहा है। कंपनी के हर प्रोजेक्ट में पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी को प्राथमिकता दी जाती है। यह सफर 2012 में शुरू हुआ था। जिसके तहत 14 वर्षों में अभी तक देश भर में 1500 से अधिक वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाए जा चुके है। यह मिशन केवल वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगवाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि श्री श्री रविशंकर जी द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर दी जा रही प्रेरणा के तहत समाज को भी इन चार दोस्तों द्वारा जागरूक किया जा रहा है। 2012 में हुई थी कंपनी की शुरुआत द वरुण मित्रा लेबर एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी की शुरुआत 2012 में हुई थी, बाद में इसे द वरुण मित्रा कंपनी के रूप में विकसित किया गया। संस्था द्वारा लगवाए जा रहे प्लांट्स की 1500 से लेकर तीन लाख लीटर तक है, जो वर्षा के पानी को स्टोर करने और भू-जल स्तर को रिचार्ज करने में मदद करते हैं। इन प्लांट्स के जरिए अब तक करोडो़ं लीटर पानी रिचार्ज किया जा चुका है। कंपनी के संचालक रमन कुमार बठला, गुरमीत सिंह गोल्डी, राजेश शर्मा व परमवीर सिंह के मुताबिक वर्षा के पानी को जमीन के नीचे आरसीसी टैंक्स में स्टोर किया जाता है, जो 3 से 4 दिनों में स्थापित हो जाते हैं। सामाजिक जिम्मेदारी का कर रहे निर्वाह रमन कुमार बठला ने कहा कि उनका मकसद आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध करवाना है। जिस रफ्तार के साथ जल स्तर गिर रहा है, समाज में चेतना ना आई तो परिणाम गंभीर होने तय है। उनके सहित चारों दोस्तों का अपना-अपना कारोबार है। ऐसे में वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगवाना व्यावसायिक पहल नहीं सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वाह किया जा रहा है। पर्यावरणीय जागरूकता फैलाने के बीच बिना किसी लाभ के इस प्रोजैक्ट को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घरेलू प्रोजैक्ट में 50 हजार से लेकर एक लाख लीटर पानी की क्षमता वाले प्लांट लगाए जा रहे है। इसी तरह कमर्शियल प्रोजैक्ट में एक से तीन लाख लीटर पानी क्षमता वाले प्लांट लगाए जा रहे है। देश के कई नामी संस्थानों में लगा चुके है प्लांट द वरुणा मित्रा द्वारा देश के कई नामी संस्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाए जा चुके है। जिसमें विश्व विख्यात पवित्र धार्मिक स्थल श्री दरबार साहिब अमृतसर, पंजाब के एकमात्र सिद्ध शक्तिपीठ श्री, आदमपुर एयरपोर्ट, टाटा कैंसर अस्पताल मोहाली, सोनालिका कंपनी, बस स्टैंड पटियाला, जिला प्रशासकीय परिसर जालंधर, गोरखनाथ मंदिर बठिंडा सहित कई नामी जगहों पर प्लांट लगाकर ना केवल जल संरक्षण की पहल की गई है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। विशेष नीति बनाए जाने की जरूरत इस बारे में रमन कुमार बठला बताते है कि जल संरक्षण परियोजनाओं के लिए विशेष नीति बनाए जाने की जरूरत है। जिसमें सब्सिडी, टैक्स में छूट के साथ प्लांट लगवाने का प्रोत्साहन जरूरी है। जबकि, इस समय इस सामाजिक प्रोजैक्ट पर 18 प्रतिशत टैक्स लगाया गया है। जिसमें राहत की जरूरत है। इसके अलावा नए निर्माणों, खासकर शहरी क्षेत्रों में, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य करने, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) माडल के तहत सहयोग देना चाहिए। इसी तरह डमी प्लांट लगाकर औपचारिकता पूरी करने वाले संस्थानों की तलाश करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार को एक मानिटरिंग एजेंसी बनानी चाहिए, जो प्लांट लगाने को सार्टिफाइट तो करे ही साथ ही इमारतों में लगाए जा रहे प्लांटस को सुनिश्चित किए जाने का काम भी करे। इसके अलावा सोलर की तर्ज पर वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाने पर सब्सिडी तथा एनजीओ या कम्यूनिटी स्तर पर प्लांट लगवाने के लिए पहल किए जाने की अहम जरूरत है।