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ट्राईसिटी को राहत: 6-लेन स्पर प्रोजेक्ट को मंजूरी, रवनीत सिंह बिट्टू बोले- केंद्र का आभार

चंडीगढ़ केंद्र सरकार ने पंजाब के लिए एक बड़ी सौगात दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एनएच-205ए के अंबाला-चंडीगढ़ सेक्शन को जीरकपुर बाईपास से जोड़ने वाले 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड स्पर के निर्माण के लिए 1,463.95 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस योजना पर खुशी जाहिर की और केंद्र सरकार का आभार जताया। यह प्रोजेक्ट ट्राइसिटी रिंग रोड (चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला) का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो क्षेत्र की यातायात समस्याओं को काफी हद तक हल करने वाला साबित होगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके इस प्रोजेक्ट की जानकारी दी। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि यह कॉरिडोर मोहाली, चंडीगढ़ और पंचकूला के मुख्य शहरी चौराहों पर ट्रैफिक को डायवर्ट करके भीड़ कम करेगा। उन्होंने बताया कि इससे एनएच-44, एनएच-205ए और एनएच-152 पर भारी वाहनों का दबाव घटेगा। खास तौर पर हिमाचल प्रदेश, विशेषकर शिमला क्षेत्र की ओर जाने वाले यात्रियों को तेज और आसान कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे यात्रा का समय कम होगा और क्षेत्रीय आर्थिक जुड़ाव मजबूत होगा। यह प्रोजेक्ट सड़क सुरक्षा बढ़ाने, प्रदूषण कम करने और आर्थिक विकास को गति देने में मददगार साबित होगा। पंजाब से सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए नितिन गडकरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "पंजाब की तरक्की को प्राथमिकता देने के लिए गडकरी जी का शुक्रिया। यह 6-लेन ग्रीनफील्ड स्पर ट्राइसिटी रिंग रोड प्रोजेक्ट के तहत एक बड़ा बदलाव लाएगा। इससे चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में ट्रैफिक जाम कम होगा, हिमाचल तक पहुंच आसान बनेगी, सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और प्रदूषण घटेगा। पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह विश्व-स्तरीय कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर से विकास का वादा पूरा करने वाला कदम है।" ट्राइसिटी क्षेत्र लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है। चंडीगढ़ ट्राइसिटी रिंग रोड प्रोजेक्ट कुल मिलाकर 244 किलोमीटर लंबा है और इसकी अनुमानित लागत 12,000 करोड़ रुपए से अधिक है। यह परियोजना पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत चल रही है, जिसका उद्देश्य इंटरस्टेट मूवमेंट को सुगम बनाना और क्रॉनिक बॉटलनेक्स को दूर करना है।

CM भगवंत मान को चेतावनी: सुखबीर सिंह बादल बोले– पंजाब के हितों से कोई समझौता नहीं

खेमकरण शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को पंजाब का पानी राजस्थान में जाने से रोकने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि अगली एसएडी सरकार राजस्थान की सहायक नहर में बहने वाले पानी को पंजाब के खेतों की सिंचाई के लिए मोड़ देगी। अमरकोट के अनाज मंडी में पंजाब बचाओ, सुखबीर सिंह बादल ल्याओ अभियान के तहत रैली को संबोधित करते हुए एसएडी अध्यक्ष ने कहा कि हम कांग्रेस पार्टी द्वारा राज्य के साथ किए गए भेदभाव को खत्म करेंगे, जिसने नदी के आधे पानी को राजस्थान को दे दिया। सुखबीर बादल ने यह भी स्पष्ट किया कि एसएडी मुख्यमंत्री भगवंत मान को राज्य के हितों से समझौता नहीं करने देगी, क्योंकि केंद्र के पास ऑस्ट्रेलिया में उनकी 2500 एकड़ जमीन की खरीद से संबंधित फाइल है, जिसके चलते एसवाईएल नहर के माध्यम से हरियाणा को पानी दिया जा रहा है। यही कारण है कि भगवंत मान ने अब इस मुद्दे पर अपना रुख नरम कर लिया है और सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि वे पंजाब के पानी को हरियाणा को सौंपने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने घोषणा की कि 2027 में एसएडी की सरकार बनने पर वह गैंगस्टरों की संस्कृति और ड्रग माफिया राज को हमेशा के लिए खत्म कर देगी। उन्होंने कहा कि हम ऐसे तत्वों को दस साल तक जमानत देने से इनकार करने के लिए कानून बदलेंगे और उनकी संपत्तियों की नीलामी भी करेंगे। एसएडी अध्यक्ष ने पंजाबियों से हर चुनाव में नई राजनीतिक पार्टियों के साथ प्रयोग बंद करने की भावुक अपील की। ​​उन्होंने कहा कि अगर हमें पंजाब को बचाना है तो हमें एसएडी को सत्ता में वापस लाना होगा। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि अपने पिता एस प्रकाश सिंह बादल की तरह मैं पंजाब को तेजी से आगे ले जाऊंगा। उन्होंने यह भी उदाहरण दिया कि कैसे आम आदमी पार्टी ने राज्य को इस हद तक खोखला कर दिया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान नाममात्र के रह गए हैं और पूरा मुख्यमंत्री कार्यालय अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक बिभव कुमार के नियंत्रण में है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे उद्योगपति राजिंदर गुप्ता को राज्यसभा नामांकन के लिए 75 करोड़ रुपए देने पड़े और लवली यूनिवर्सिटी के मालिक अशोक मित्तल ने नामांकन के लिए 50 करोड़ रुपए दिए। बादल ने पंजाब के लोगों के लिए समाज के सभी वर्गों को शामिल करते हुए कई प्रतिबद्धताओं की घोषणा की। किसानों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगली एसएडी सरकार के गठन के एक सप्ताह के भीतर उन सभी किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन दिए जाएंगे जिनके पास अभी तक कनेक्शन नहीं है। उन्होंने बाढ़ से निपटने के लिए नदियों पर पक्के बांध बनाने की भी घोषणा की, अब तक जिन लोगों को भूमि अधिकार से वंचित रखा गया था, उन्हें भूमि अधिकार देने का आश्वासन दिया और भूमि के संयुक्त स्वामित्व का मुफ्त विभाजन सुनिश्चित किया। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी द्वारा पहले वंचितों को दी जाने वाली सामाजिक कल्याण सुविधाओं को कम करने और अब उन्हें पूरी तरह से नकारने के बारे में बोलते हुए बादल ने कहा कि हम एस प्रकाश सिंह बादल द्वारा शुरू की गई सभी सामाजिक कल्याण योजनाओं को बढ़ाने के साथ-साथ कमजोर वर्गों के लिए और भी नई योजनाएं बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आटा-दाल योजना को फिर से शुरू किया जाएगा, जिसमें आटा 4 रुपए प्रति किलो और दाल 20 रुपए प्रति किलो दी जाएगी। गरीब वर्गों को एक लाख रुपए की विवाह सहायता दी जाएगी और वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाकर 3100 रुपए प्रति माह की जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि गांवों में ‘लाल डोरा’ के अंतर्गत आने वाली सभी जमीनों को उनके मालिकों के नाम पर पंजीकृत किया जाएगा, सभी कच्चे मकानों का आधुनिक तरीके से पुनर्निर्माण किया जाएगा और सभी ग्रामीण सड़कों को कंक्रीट से पक्का किया जाएगा।

2 लाख बिजली खपतकारों की मीटर किराया राशि लौटाई

चंडीगढ़. चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने शहर के करीब 2 लाख बिजली खपतकारों को राहत देते हुए मीटर किराय के रूप में वसूली गई राशि वापस कर दी है। जॉइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन और बिजली लोकपाल के निर्देशों की पालना करते हुए कंपनी ने ये रिफंड सीधा खपतकारों के बिजली खातों में जमा कर दिया है। यह फैसला रेगुलेटरी अथॉरिटीज द्वारा मीटर किराया खत्म किए जाने के बावजूद लंबे समय तक की गई वसूली के विरोध में आया है। उन्होंने कहा कि कंपनी खपतकारों के हितों की रक्षा करने और बिलिंग प्रणाली में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वचनबद्ध है। इस कदम से शहर के लाखों लोगों को आर्थिक राहत मिली है, जिससे बिजली विभाग और नई कंपनी की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का भी निपटारा हो गया है।

दिल्ली से अमृतसर के बीच दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

चंडीगढ़. पंजाब के लोगों को एक और सौगात मिलने वाली है। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने यात्रियों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अगली सर्दियों तक रेलवे दिल्ली से अमृतसर के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है। यह जानकारी उन्होंने लुधियाना जिले के दोराहा में रेलवे ओवरब्रिज के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान दी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित ट्रेन चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर होते हुए चलेगी, जिससे पंजाब के प्रमुख शहरों और राष्ट्रीय राजधानी के बीच यात्रा और अधिक आसान हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस ट्रेन के संचालन के लिए अंतिम स्टेशनों पर लोको शेड की जरूरत होती है और इसके लिए लाडोवाल क्षेत्र में जमीन चिन्हित कर ली गई है, जहां यह सुविधा बनाई जाएगी। रेलवे द्वारा शुरू की जा रही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी के यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक सफर देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें सोने की सुविधा वाली बर्थ, सेंसर आधारित लाइटिंग, बायो-वैक्यूम टॉयलेट, स्वचालित दरवाजे, चार्जिंग प्वाइंट और अन्य आधुनिक सुविधाएं होंगी। ट्रेन को लगभग 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने के लिए डिजाइन किया गया है और यह उन्नत सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ से भी लैस होगी। बताया गया कि भविष्य में ऐसी ट्रेनें देश के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी चलाई जाएंगी, जिनमें दिल्ली से श्रीनगर और अन्य व्यस्त रूट शामिल हो सकते हैं। मंत्री दोराहा रेलवे स्टेशन के पास लेवल क्रॉसिंग नंबर 164-एबी पर बनने वाले रोड ओवरब्रिज की आधारशिला रखने पहुंचे थे। यह पुल बनने के बाद दोराहा और नीलोन के बीच संपर्क बेहतर होगा तथा लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कारणों से परियोजना लंबे समय से लंबित थी, लेकिन अब इसके निर्माण से क्षेत्र में सड़क और रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। समारोह में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

पंजाब के तरनतारन में AAP सरपंच की गोली मारकर हत्या

तरनतारन. नेशनल हाईवे पर स्थित सिद्धू फार्म मैरिज पैलेस में विवाह समागम के दौरान तीन शूटर मात्र डेढ़ मिनट में गांव ठट्ठियां महंता के आप समर्थित सरपंच हरबरिंदर सिंह संधू की गोलियां मारकर हत्या कर फरार हो गए। हमलावरों ने चचेरे भाई को बचाने के लिए आगे बढ़े जर्मनजीत सिंह को भी गोली मारकर गंभीर रूप से घायल दिया। बाइक पर सवार होकर पैलेस पहुंचे तीनों आरोपितों में से दो के पास पिस्टल और एक के पास एक-47 थी। हमलावरों में से एक पगड़ीधारी था। इसी बीच डीजीपी गौरव यादव ने सब डिवीजन पट्टी के डीएसपी जगबीर सिंह और थाना सरहाली के प्रभारी सब इंस्पेक्टर गुरिंदर सिंह को क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने पर निलंबित कर दिया है। इसी बीच गैंगस्टर सत्ता नौशहरिया ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालकर इस घटना की जिम्मेदारी ली है। थाना सरहाली के अधीन गांव ठट्ठियां महंतां निवासी किसान सेवा सिंह के बेटे गुरसेवक सिंह की अमृतसर जिले के गांव रईया निवासी मेजर सिंह की बेटी गगनदीप कौर की शादी के लिए कार्यक्रम गांव शेरों स्थित मैरिज पैलेस में रखा गया था। दोपहर डेढ़ बजे आनंद कारज की रस्म के बाद दूल्हा-दुल्हन पैलेस में पहुंचे। दूल्हा-दुल्हन मंच पर चढ़ रहे थे जबकि गांव ढट्ठिायां महंतां के सरपंच हरबरिंदर सिंह संधू अपने साथियों सहित खाना खा रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार होकर तीन हमलावर पैलेस में दाखिल हुए। दो हमलावरों ने पिस्टल से सरपंच हरबरिंदर सिंह पर पीछे से गोलियां मारीं, इससे सरपंच वहीं गिर गए। चचेरा भाई हुआ घायल बचाव में चचेरा भाई जर्मनजीत सिंह आगे आया तो एक हमलावर ने उसे भी गोली मारकर घायल कर दिया। करीब पांच से सात राउंड गोलियों की आवाज सुनकर पूरे पैलेस में अफरा-तफरी मच गई जबकि तीसरे हमलावर ने एके-47 राइफल तानते हुए मेहमानों को एक तरफ भागने को कहा। करीब डेढ़ मिनट के दौरान गोलीकांड को अंजाम देकर हमलावर मौके से भाग गए। एसएसपी लांबा ने बताया कि सरपंच संधू को किसी भी प्रकार की कोई धमकी आदि नहीं मिली थी। फिर भी पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। काम न आया लाइसेंसी पिस्टल आम आदमी पार्टी से संबंधित हरबरिंदर सिंह संधू गांव के नंबरदार भी थे। वे पट्टी के विधायक और कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के करीबियों में माने जाते थे। जब वारदात हुई, उस समय सरपंच संधू के पास अपना लाइसेंसी पिस्टल भी था, लेकिन हमलावरों की ओर से पीछे से गोलियां चलाने के कारण उनको अपना बचाव करने का मौका ही नहीं मिल पाया। कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर मौके पर पहुंचे और घटना पर दुख जताते हुए कहा कि हमलावरों का जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने डीजीपी से ली घटना की जानकारी इस घटना का पता चलते ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने डीजीपी से इस मामले की विस्तृत जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षा में चूक के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के आदेश दिए। डीआइजी-एसएसपी करेंगे जांच डीजीपी गौरव यादव ने फिरोजपुर रेंज के डीआइजी स्नेहदीप शर्मा और तरनतारन के एसएसपी सुरिंदर लांबा को इस मामले की जांच सौंपी है। एसएसपी सुरिंदर लांबा ने बताया कि आरोपितों की गिरफ्तार और पहचान के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। फारेंसिक टीम ने भी घटना स्थल का दौरा किया है। उन्होंने दावा किया कि आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मैरिज पैलेस के कैमरे खराब, चार संदिग्ध लिए हिरासत में बता दें कि मैरिज पैलेस में लगे सीसीटीवी खराब होने के बाद मालिक ने नए सीसीटीवी तो खरीद रखे थे लेकिन अभी इन्हें इंस्टाल नहीं किया गया था। पुलिस आरोपितों का पता लगाने के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने इस मामले में चार संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। चार जनवरी को अमृतसर में भी ऐसे ही हुई थी सरपंच की हत्या उल्लेखनीय है कि बुधवार को जिस ढंग से सरपंच हरबरिंदर सिंह संधू की हत्या की गई, इसी तरह की एक घटना चार जनवरी को अमृतसर के एक मैरिज पैलेस में भी हुई थी। दो हमलावरों ने गांव वल्टोहा संधुआं के आम आदमी पार्टी समर्थक सरपंच जरमल सिंह की विवाह समारोह के दौरान पीछे से उनके सिर पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने शूटरों को पनाह देने वाले को तरनतारन में एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया था जबकि दो शूटरों सहित तीन आरोपितों को अमृतसर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

चंडीगढ़ के 11 पुलिसकर्मियों ने किया नामचीन डॉक्टर का किडनैप

चंडीगढ़. शहर के नामी डेंटिस्ट डॉ. मोहित धवन की किडनैपिंग के मामले में चंडीगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों समेत नौ पुलिसकर्मी बुरी तरह फंस गए हैं। इस मामले में पिछले साल सीबीआई ने सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी। करीब एक साल तक चली जांच के बाद सीबीआई ने जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। दो अन्य पुलिसकर्मियों के नाम भी जोड़ दिए। चार्जशीट में सीबीआई ने पुलिसकर्मियों की साजिश का पर्दाफाश किया है। सात जनवरी 2022 को डॉ.धवन का कथित तौर पर पर अपहरण किया गया था। सीबीआई जांच में सामने आया है कि डॉ. धवन का अपहरण करने के लिए पुलिसकर्मियों ने एक वॉट्सएप ग्रुप में साजिश रची थी। यह ग्रुप वारदात से कुछ घंटे पहले ही बना था जिसमें 11 पुलिसकर्मी जुड़े थे। इनमें इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों भी शामिल थे। ग्रुप में डॉ.धवन की कपड़ों से पहचान करने के बारे में बात चल रही थी। जैसे ही एक पुलिसकर्मी की उन पर नजर पड़ी, उसने तुरंत वॉट्स एप ग्रुप में उनकी तस्वीर शेयर कर दीं। इसके बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और जिला अदालत के गेट से डॉ. धवन को अगवा कर लिया। उन्हें एक प्राइवेट गाड़ी में बिठाकर शहर में घुमाते रहे। उन्हें कई घंटों तक गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया। सीबीआई जांच में सामने आया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें अदालत में पेश होने से रोकने के लिए उनका अपहरण किया था। सीबीआई के मुताबिक डॉ.धवन को किसी आपराधिक मामले में कोर्ट में पेश होना था, लेकिन अपहरण के कारण वह पेश नहीं हो सके। उनके खिलाफ पुलिस की एक फर्जी रेड के सबूत भी थे। इसलिए भी पुलिस उन्हें अदालत में पेश होने से रोकना चाहती थी। वॉट्सएप ग्रुप में ऐसी रची गई साजिश – सात जनवरी 2022 को उन्हें अगवा किया गया। उससे कुछ घंटे पहले एसआइ सुरेश कुमार ने वॉट्स एप ग्रुप बनाया। नाम दिया गया ''धवन" हेड कॉन्स्टेबल रिंकू राम के मोबाइल की जांच में मिले इस ग्रुप के सबूत सुबह 9.44 बजे से 10.26 बजे तक डॉ.धवन की पुरानी तस्वीरें शेयर की गईं एसआइ सुरेश ने ग्रुप में लिखा "जो भी डॉ.धवन की पहचान करे, वह उनके कपड़ों की डिटेल ग्रुप में शेयर करे।" 10.29 बजे कॉन्स्टेबल विकास हुड्‌डा ने डॉ.धवन की कोर्ट में पहुंचने की तस्वीर शेयर कर दी। 11.01 बजे एएसआइ अजमेर ने मैसेज किया गया कि सभी आफिशियल लोकल बस स्टैंड साइड के गेट पर मिलें। इसके बाद सभी पुलिसकर्मी एक-एक ग्रुप से निकल गए ताकि सबूत छिपाए जा सकें। सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद मामला CBI को ट्रांसफर डॉ.मोहित धवन ने एक आपराधिक मामले में अग्रिम जमानत के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उस याचिका पर हाईकोर्ट ने डॉ.धवन को जिला अदालत में पेश होने के आदेश दिए थे। सात जनवरी 2022 को डॉ.मोहित धवन अदालत में पेश होने पहुंचे, लेकिन एंट्री गेट पर ही क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें अगवा कर लिया। क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें अवैध तरीके से हिरासत में लिया। अगले दिन पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश कर उनका सात दिन का रिमांड भी ले लिया। डॉ.मोहित धवन बिना किसी अपराध के करीब दो महीने जेल में रहे। जमानत पर बाहर आने के बाद उन्होंने इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकाेर्ट ने जांच के लिए पंजाब पुलिस को विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट के इस फैसले को चंडीगढ़ प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने फिर अगस्त 2024 को हाईकोर्ट के फैसले को बदल दिया और मामले की जांच पंजाब पुलिस की बजाय सीबीआई को सौंप दी थी। इन पुलिसकर्मियों पर चलेगा केस इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों एसआइ सुरेश कुमार एएसआइ अजमेर सिंह उर्फ अमितोज सिंह हेड कॉन्स्टेबल अनिल कुमार कॉन्स्टेबल विकास हुड्‌डा कॉन्स्टेबल सुभाष एएसआइ बलवंत हेड कॉन्स्टेबल रिंकू राम कॉन्स्टेबल प्रदीप

‘जिनकी लंगोटियां फटी, वो हमारी पगड़ी उछाल रहे’: नवजोत सिद्धू

चंडीगढ़. पंजाब की सियासत के दिग्गज और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर अपनी 'शायराना स्ट्राइक' को लेकर चर्चा में हैं। सिद्धू ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक फोटो शेयर करते हुए अपने विरोधियों पर कड़ा तंज कसा है। उन्होंने साफ कर दिया है कि जो लोग उनकी कमियां ढूंढ रहे हैं, उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने स्टोरी पर लिखा… वो एक समंदर खंगालने में लगे हुए हैं, हमारी कमियां निकालने में लगे हुए हैं…. जिनकी अपनी लंगोटियां तक फटी हुई हैं, वो हमारी पगड़ी उछालने में लगे हुए हैं, ओ जाओ यार…. क्या कहना चाहते हैं सिद्धू? सिद्धू की इस शायरी के गहरे राजनीतिक और व्यक्तिगत मायने हैं। उन्होंने अपनी शायरी के जरिए उन लोगों पर निशाना साधा है जो बीते समय या वर्तमान में उनके कामों या उनमें कमियां तलाश रहे हैं। लंगोट्टियां फटे होना एक ठेठ मुहावरा है जिसका मतबल है कि सामने वाले की अपनी हालत खराब है, उसका खुद का दामन साफ नहीं है। लेकिन बावजूद इसके वह दूसरों की छवि को ठेस पहुंचाकर नैतिकता का पाठ सिखा रहे हैं। नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से निकाला बता दें कि सिद्धू का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वे अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं और विपक्षी दलों के निशाने पर रहे हैं। कुछ दिन पहले सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू को कांग्रेस ने पार्टी से निकाल दिया है। इस फैसले की पुष्टि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अमृतसर में मीडिया से बातचीत के दौरान की थी। वहीं, विवादों के कारण सिद्धू पहले ही कांग्रेस छोड़ चुके हैं।

बम धमकी से हड़कंप: पंजाब सचिवालय में ईमेल आते ही सुरक्षाबलों ने लिया अलर्ट

चंडीगढ़  पंजाब सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया. एहतियातन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और पूरे परिसर की जांच शुरू कर दी गई है. धमकी ईमेल के जरिए भेजी गई थी. इस में ईमेल सचिवालय परिसर में विस्फोट करने की बात लिखी गई थी. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन तुरंत हरकत में आ गए. एहतियातन पूरे सचिवालय परिसर को खाली कराया गया और कर्मचारियों तथा आम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया. सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेरकर हाई अलर्ट घोषित कर दिया. जानकारी के मुताबिक संबंधित विभाग को एक ईमेल प्राप्त हुआ इसमें सचिवालय में बम धमाके की चेतावनी दी गई थी. ईमेल में समय का भी बताया गया था, इससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई. पुलिस ने तुरंत बैरिकेडिंग कर इलाके की घेराबंदी कर दी और सभी एंट्री और एग्जिट गेटों पर सख्त निगरानी शुरू कर दी. अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है. पूरे परिसर में सर्च ऑपरेशन जारी     धमकी के बाद पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीमें मौके पर पहुंच गईं. सुरक्षा एजेंसियों ने सचिवालय के हर हिस्से की गहन जांच शुरू कर दी. पार्किंग एरिया, दफ्तरों, गलियारों और सार्वजनिक स्थानों को विशेष उपकरणों की मदद से खंगाला जा रहा है. संदिग्ध वस्तुओं की पहचान के लिए तकनीकी जांच भी की जा रही है. फिलहाल किसी विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है.     पुलिस सूत्रों के अनुसार धमकी भरे ईमेल में दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर पंजाब सचिवालय और 3 बजकर 11 मिनट पर चंडीगढ़ कोर्ट परिसर में ब्लास्ट होने की बात लिखी गई थी. इसी कारण कोर्ट परिसर में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. साइबर सेल की टीम ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है. अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही सामान्य कामकाज बहाल किया जाएगा. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें. क्या है अब तक की जांच की स्थिति? जांच एजेंसियां ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए तकनीकी और डिजिटल ट्रैकिंग का सहारा ले रही हैं. शुरुआती जांच में ईमेल के स्रोत और सर्वर की जानकारी जुटाई जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की धमकियों को बेहद गंभीरता से लिया जाता है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने तुरंत क्या कदम उठाए? सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड को मौके पर भेजा गया. सचिवालय परिसर को खाली कराया गया, बैरिकेडिंग की गई और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई. साथ ही चंडीगढ़ कोर्ट परिसर में भी अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की गई. क्या कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु मिली? अब तक की जांच में किसी भी विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि सुरक्षा एजेंसियां पूरे परिसर की बारीकी से जांच कर रही हैं और जांच पूरी होने तक हाई अलर्ट जारी रहेगा.

CM भगवंत मान चार दिन बाद अस्पताल से डिस्चार्ज

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान को मोहाली के एक निजी अस्पताल से गुरुवार सुबह छुट्टी दे दी गई। वे रविवार से अस्पताल में भर्ती थे। स्वास्थ्य में सुधार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया। अस्पताल से छुट्टी के बाद मुख्यमंत्री किला रायपुर में आयोजित ग्रामीण ओलंपिक में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 3 बजे किला रायपुर पहुंचेंगे। आम आदमी पार्टी (आप) के एक प्रवक्ता ने बताया, “मुख्यमंत्री अब पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। उन्हें अत्यधिक थकावट की शिकायत थी। अस्पताल में भर्ती होने से उन्हें काफी लाभ हुआ है। मनीष सिसोदिया से की थी मुलाकात बुधवार को आम आदमी पार्टी के राज्य मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने अस्पताल पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की। वे लगभग 20 मिनट तक उनके साथ रहे। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में सिसोदिया ने कहा था, “मुख्यमंत्री अब बेहतर हैं। संभावना है कि उन्हें कल छुट्टी मिल जाएगी।” जब पत्रकारों ने मुख्यमंत्री की बीमारी के बारे में सवाल किया तो सिसोदिया ने स्पष्ट जानकारी देने से परहेज किया। उन्होंने कहा, “इस बारे में आधिकारिक रूप से केवल डाक्टर ही बता सकते हैं। आज मेरी किसी डॉक्टर से मुलाकात नहीं हो सकी। संभव है कि उन्हें कल डिस्चार्ज कर दिया जाए।” कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल मुख्यमंत्री के अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी का माहौल है। किला रायपुर में आयोजित ग्रामीण ओलंपिक में उनकी उपस्थिति को लेकर भी उत्साह देखा जा रहा है। सरकार की ओर से कहा गया है कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था और स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद वे उसमें शामिल होंगे।

8 करोड़ कैश उड़ाने का वीडियो वायरल, पंजाबी शादी में दूल्हे-दुल्हन पर उठा सवाल

चंडीगढ़  शादियों में पैसा उड़ाना बेहद आम बात है. लेकिन आप सोचिए अगर किसी ने अपनी शादी में 8 करोड़ रुपये से कैश उड़ा दिया हो तो… जी हां, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन दिनों पंजाबी शादी का एक वीडियो आग की तरह वायरल हो रहा है, जिसमें कपल के ऊपर नोटों की बारिश की जा रही है. इसमें दावा किया जा रहा है कि दुल्हे ने दुल्हन पर करीब 8 करोड़ रुपये से ज्यादा कैश उड़ा दिए हैं. लेकिन इसके पीछे की सच्चाई क्या है आइए जानते हैं… हकीकत है कुछ और… इसी बीच कई सोशल मीडिया अकाउंट्स ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च किए गए, जिससे यह आयोजन कई लोगों के अनुसार कैश पार्टी में बदल गया. हालांकि, दूल्हे के भाई सिकंदर सिंह ने साफ किया है कि शादी के दौरान पैसों की बारिश तो हुई, लेकिन ऑनलाइन हो रहे दावों का आसपास नहीं. उन्होंने बताया कि मेरा भाई ऑस्ट्रेलिया में ट्रक का कारोबार करता है. शादी 14 फरवरी को हुई थी. हमने जमकर पैसे लुटाए लेकिन खर्च लगभग 2 लाख रुपये ही हुए थे. सोशल मीडिया ने इसे करोड़ों में बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया, जो गलत है. कार्यक्रम का आयोजन करने वाले इवेंट मैनेजर और डीजे ने भी वायरल हो रहे 8 करोड़ रुपये के दावे को खारिज कर दिया. उनके अनुसार, कुल कैश लगभग 4 लाख रुपये थी, जिसमें कुछ डॉलर के नोट भी शामिल थे. उन्होंने कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि करोड़ रुपये का आंकड़ा कैसे सामने आया और इतना वायरल हो गया.  वीडियो में क्या दिख रहा? वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा रहा है कि पंजाबी शादी में दुल्हे ने दुल्हन पर नोटों की बारिश कर रहे हैं. ऐसे में दावा यह किया जा रहा है कि इस शादी में कम से कम 8 करोड़ रुपये से अधिक कैश उड़ाए गए हैं, जो बिल्कुल गलत है. दुल्हे के भाई ने साफ कर दिया है कि यह 8 करोड़ रुपये नहीं बल्कि 2 लाख रुपये हैं. इस वीडियो को देख सोशल मीडिया यूजर्स हैरान हो गए हैं. कपल के ऊपर नोटों की ऐसी बारिश की गई जिसे देखकर आपकी आंखें फटी रह जाएगी.