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LPG सिलेंडर पर पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, बुकिंग करवाने वाले खपतकारों के लिए राहत

लुधियाना  सर्दियों के दस्तक देते ही जहां आम उपभोक्ताओं को बुकिंग करवाने के बाद भी एक गैस सिलैंडर की सप्लाई लेने के लिए 10 दिनों तक का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं गैस माफिया के अड्डों पर एक साथ कई गैस सिलैंडरों की डिलीवरी हो रही है, जो कि गैस कंपनियों और एजैंसी मालिकों की दोगली मानसिकता को दर्शाता है। चंडीगढ़ रोड स्थित जीवन नगर, छोटी मुंडिया, नीची मंगली, गुरु तेग बहादुर नगर, 33 फुटा रोड, त्रिशला नगर, फोकल प्वाइंट, परमजीत कॉलोनी, फॉर्टिस हॉस्पिटल की बैक साइड जच्चा-बच्चा केंद्र आदि इलाकों में सक्रिय गैस माफिया द्वारा धड़ल्ले से साइकिल रिपेयर, मनियारी की दुकान, करियाना स्टोर, बर्तन स्टोर, खाने-पीने का सामान बेचने वाली रेहड़ियों, यहां तक कि बुटीक आदि पर घरेलू गैस सिलैंडर के बड़े जखीरे उतारे जा रहे हैं। वर्णनीय है कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा गैस माफिया के सरगना संतोष गुप्ता के फोकल प्वाइंट स्थित एक फैक्ट्री में बनाए गए ठिकाने पर की गई एक छापेमारी दौरान वहां पर 125 के करीब घरेलू गैस सिलैंडर, सोनू गुर्जर के ठिकाने से गैस सिलैंडर सहित गैस की पलटी मारने वाली मशीन, इलैक्ट्रॉनिक टोल कांटा आदि बरामद किए गए हैं। लुधियाना एल.पी.जी. डीलर एसोसिएशन द्वारा डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन और पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा के साथ की गई एक विशेष बैठक के दौरान गैस माफिया के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई करने संबंधी मांग की गई है जिसके जवाब में डिप्टी पुलिस कमिश्नर रुपिंदर सिंह द्वारा गैस माफिया को सख्त चेतावनी दी गई है लेकिन ए.सी. पी. और एस.एच.ओ. स्तर के पुलिस अधिकारी पुलिस कमिश्नर के आदेशों को मानने के लिए तैयार नहीं है और सारी बात वह खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पाले में फैंक कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की फिराक में लगे हुए हैं।   उधर इस गंभीर मामले को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की कंट्रोलर मैडम शिफाली चोपड़ा ने दावा किया है कि उनके द्वारा गैस माफिया के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जा रही है और जिला परिषद / ब्लाक समिति चुनाव के बाद माफिया के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा जिसमें घरेलू गैस की कालाबाजारी और पलटी का काला कारोबार चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

खेलों को नई उड़ान: मान सरकार ने पंजाब में खेल विकास के लिए किए करीब ₹1,000 करोड़ आवंटित

चंड़ीगढ़ पंजाब के युवाओं को नशे के दलदल से बचाने के लिए मान सरकार बड़े कदम उठा रही है। एक समय था जब गांवों में युवाओं का भविष्य नशे की गिरफ्त में फंसा नजर आता था, लेकिन अब सरकार पंजाब में ऐसा माहौल खड़ा कर रही है जिससे युवा अब नशे से नहीं, खेलों से पहचान बनाने की तैयारी कर रहे है। पंजाब की मान सरकार ने युवाओं के लिए गांव-गांव में खेल स्टेडियम बनाने का निर्णय किया हैं। सरकार पंजाब के युवाओं को मैदान दे रही है, दिशा दे रही है और सबसे अहम नशे से मुक्ति की ठोस जमीन भी दे रही है। जहां पर सूबे का युवा अब खेलों में उड़ान भरने के लिए तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इस बार अपने बजट में खेलों के विकास के लिए 979 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।  यह राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है, जिससे राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। मान सरकार की अब राज्य के क़रीब 13,000 गाँवों में आधुनिक खेल के मैदान बनाने की योजना है। इसके तहत ग्रामीण स्टेडियमों का पूर्ण नवीनीकरण किया जाएगा। पहले चरण में 3,083 गाँवों में निर्माण कार्य शुरू भी हो चुका है। यह खेल स्टेडियम अब गांवों की नई पहचान बनेंगे। सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई और भी बड़ी पहल की हैं, जैसे नई खेल नीति, 'खेडां वतन पंजाब दियां' टूर्नामेंट और स्पोर्ट्स नर्सरियों की स्थापना। नई खेल नीति 2023 का उद्देश्य खेल प्रतिभाओं का निष्पक्ष चयन और उन्हें बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करना है, इस नीति के तहत, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राज्य और देश स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर दिया जाता है 'खेडां वतन पंजाब दियां' एक वार्षिक खेल टूर्नामेंट है जिसकी शुरुआत मान सरकार ने की थी, इसके तीसरे संस्करण (2024) में 37 खेलों में लगभग 5 लाख एथलीटों ने भाग लिया था। इसमें पैरास्पोर्ट्स को भी शामिल किया गया। इसके साथ ही मान सरकार 1000 स्पोर्ट्स नर्सरियां स्थापित कर रही है, जिसमें विश्व स्तरीय कोचिंग, खेल सामग्री और सुविधाएं दी जाएंगी। हेरीटेज खेलों पर से प्रतिबंध हटाकर सरकार ने बैलगाड़ी दौड़, कुत्ते दौड़ और घुड़दौड़ जैसे पारंपरिक हेरीटेज खेलों की शुरुआत भी की है। इसका उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित करना और युवाओं को अपनी परंपरा से जोड़ना है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का पंजाब को रंगला पंजाब बनाने का वादा अब पूरा हो रहा है। बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ पंजाब में कानून-व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। जल्द ही पंजाब के हर गाँव में अत्याधुनिक स्टेडियम भी बनकर तैयार हो जाएँगे। पंजाब सरकार शहरों और गांवों में हर उम्र के लिए खेल और जिम की सुविधा उपलब्ध कराएगी जिससे पंजाब सेहतमंद भी बनेगा। ये सिर्फ खेल के लिए नहीं, बल्कि नशे से जूझते युवाओं के लिए जीवन की नई शुरुआत है। पंजाब की धरती आज बदलाव के सबसे निर्णायक दौर से गुजर रही है। और इसका श्रेय जाता है पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को। एक समय था जब गांवों में युवाओं का भविष्य नशे की गिरफ्त में फंसा नजर आता था, लेकिन अब भगवंत मान सरकार ने ऐसा माहौल खड़ा कर दिया है जहां युवा अब नशे से नहीं, खेलों से पहचान बनाने की तैयारी कर रहा है।  आम आदमी पार्टी की सरकार ने जो किया है वो केवल नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव में खेल स्टेडियम की शक्ल में दिखाई देगा। यह सरकार पंजाब के युवाओं को मैदान दे रही है, दिशा दे रही है और सबसे अहम नशे से मुक्ति की ठोस जमीन भी दे रही है। जहां पर राज्य का युवा अब खेलों में उड़ान भरने के लिए तैयारी कर रहा है। पंजाब की धरती ने देश को बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। हॉकी के क्षेत्र में राज्य को अंतरराष्ट्रीय ख्याति मिली है। अब मान सरकार रणनीतिक प्रयासों के माध्यम से एथलेटिक्स में राज्य के खोए हुए गौरव को पुनः स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। मान सरकार का यह कदम आधुनिक खेल सुविधाओं के विकास को बढ़ावा देगा, युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण वातावरण और उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसर प्रदान करेगा।

शीतलहर के साथ कोहरे का साया, सड़कों से लेकर रेल तक थमी चाल

जलालाबाद उत्तरी भारत में दिन-ब-दिन बढ़ रही ठंड ने सीमावर्ती क्षेत्र में भी अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है और आज इलाके में ठंड के साथ-साथ घने कोहरे ने भी अपना असर दिखाया, जिससे आम ज़िंदगी पर काफी असर पड़ा और जिंदगी की रफतार थमी-थमी प्रतीत हुई। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में लगातार ठंड पड़ रही है। हालांकि आसमान में धूप निकलने से लोगों को कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिलती रही है। लेकिन आज सुबह इलाके में आसमान पर छाई घने कोहरे की सफेद चादर ने दोपहर तक सूर्य को ढके रखा। वहीं, घने कोहरे की वजह से आम ज़िंदगी पर काफी असर पड़ा और वाहन चालक वाले अपनी गाड़ियों की लाइट जलाकर धीमी रफ़्तार से अपनी मंज़िल की ओर बढ़ते दिखे। आज के घने कोहरे ने ज़िंदगी की रफ़्तार धीमी कर दी और लोगों को घर से बाहर निकलने से पहले कई बार सोचने के लिए मजबूर कर दिया। जहां कुछ लोगों को कोहरे की वजह से अपने काम टालने पड़े तथा कुछ लोगों का ज़रूरी सफ़र का विचार भी बदलना पड़ा। जो लोग घरों से बाहर निकले, वह भी गाड़ियों में सफ़र करते समय प्रमात्मा को याद करते ही दिखाई दिए। हालांकि, दोपहर में सूरज निकलने से लोगों को कोहरे से राहत मिली और लोगों को घरों से बाहर निकलने का मौका मिला जिससे दोपहर बाद शहर के बाजारों में कुछ चहल-पहल देखी गई।  स्थानीय फिरोजपुर-फाजिल्का मुख्य मार्ग पर यात्रियों को लाने-ले जाने का जिम्मा संभालने वाली रोडवेज बसों में भी आज सुबह आम दिनों के मुकाबले यात्रियों की संख्या कम देखी गई। गौरतलब है कि एफ.एफ रोड पर चलने वाली रोडवेज बसें अक्सर यात्रियों से खचाखच भरी रहती हैं। लेकिन आज कोहरे के कारण आम दिनों के मुकाबले ज्यादातर लोगों ने बसों में सफर करना पसंद नहीं किया। इसका मुख्य कारण कोहरा और ठंड तो है ही, लेकिन दूसरा कारण रविवार को छुट्टी का दिन और जिला परिषद, ब्लॉक समिति के चुनाव भी माने जा रहे हैं। इसका कारण जो भी हो, यात्रियों की भीड़ से तंग आ चुके ड्राइवरों और कंडक्टरों को आज यात्रियों की भारी भीड़ से कुछ राहत जरूर मिली है। लेकिन इसके बावजूद कोहरे में बस चलाना और यात्रियों को उनकी मंज़िल तक पहुंचाना बस ड्राइवरों के लिए एक बड़ी चुनौती है और बस ड्राइवर और कंडक्टर इस ज़िम्मेदारी को बखूबी निभाते भी हैं। 

पंजाब के इस गांव में नहीं लगा कांग्रेस का बूथ, पूरे इलाके में छिड़ी चर्चा

जलालाबाद  जलालाबाद हलके के गांवों में सुबह 8 बजे से वोटिंग शुरू हो चुकी है। चुनाव को लेकर अलग-अलग पार्टियों के उम्मीदवारों की तरफ से अपने वर्करों की जीत पक्की करने के लिए पोलिंग बूथ लगाए गए हैं। गौरतलब है कि लोकसभा हलका फिरोजपुर से MP शेर सिंह घुबाया और फाजिल्का से पूर्व MLA दविंदर सिंह घुबाया के पैतृक गांव में कांग्रेस पार्टी के बूथ के अलावा शिरोमणि अकाली दल का बूथ न होना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। पोलिंग बूथ पर पहुंचे जलालाबाद के MLA जगदीप कंबोज गोल्डी ने कहा कि अगर लोग विकास के साथ खड़े हों, अगर लोग अच्छे सिस्टम के साथ हों और अगर लोग ईमानदार सरकार के साथ हों, तो लोग विरोधी पार्टियों के बूथ तक नहीं लगाते MLA जगदीप कंबोज गोल्डी ने कहा कि AAP उम्मीदवार अच्छे मार्जिन से जीतेंगे। MLA गोल्डी ने कहा कि लोग विकास, अच्छे काम, नहर का पानी, सड़क और बच्चों के लिए नौकरी के लिए वोट करेंगे और सबसे जरूरी बात यह है कि वे आपसी तालमेल के लिए वोट करेंगे। 

सीएम भगवंत मान ने डाला वोट, परिवार के साथ निभाई लोकतांत्रिक जिम्मेदारी

पंजाब  पंजाब में आज जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों के लिए मतदान सुबह 8 बजे से शांतिपूर्ण ढंग से जारी है, जो शाम 4 बजे तक चलेगा। राज्यभर में मतदाता पूरे उत्साह के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। हालांकि कुछ जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, फिर भी लोगों के जोश में कोई कमी नहीं दिखी। इसी बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपनी पत्नी और परिवार के साथ गांव मंगवाल पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वोट डालने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वोट देने का अधिकार हमें बड़ी कुर्बानियों के बाद मिला है, इसलिए हर नागरिक को इसका अवश्य उपयोग करना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिस उम्मीदवार को वे अपने क्षेत्र के लिए बेहतर समझते हैं, उसी को वोट दें। चूंकि ये चुनाव स्थानीय मुद्दों से जुड़े हुए हैं, इसलिए ऐसे उम्मीदवार का चयन करें जो आपके क्षेत्र की समस्याओं को समझता हो और उन्हें हल करने की क्षमता रखता हो। इससे क्षेत्र के विकास का मार्ग मजबूत होगा। गौरतलब है कि पूरे पंजाब में 347 जिला परिषद और 2,838 ब्लॉक समिति सदस्यों का चुनाव किया जाना है। राज्य के 23 जिलों में कुल 9,775 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। निष्पक्ष और सुचारू मतदान के लिए लगभग 90,000 कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

हिमाचल में भारी बर्फबारी से पंजाब में ठंड का कहर, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

जालंधर हिमाचल के ऊपरी इलाकों में शुरू हुई बर्फबारी का असर पंजाब के मौसम पर पड़ रहा है। इस वजह से धूप न निकलने के कारण ठंड का असर और बढ़ता नजर आ रहा है। शनिवार को पंजाब के तापमान में 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने 14-15 दिसंबर के लिए पंजाब में कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पंजाब में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री तक पहुंच गया, जो आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने का संकेत है। अमृतसर में 24 घंटे में तापमान में 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को दिनभर बादलों और सूरज के बीच लुकाछिपी का सिलसिला जारी रहा। घने बादलों के कारण धूप का असर न के बराबर रहा, जिससे ठंड बढ़ गई और ठंडी हवाओं के कारण राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इस बीच, हिमाचल के लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी जारी रही। मौसम विभाग के अनुसार 14 दिसंबर को भी यह जारी रहेगा। लाहौल-स्पीति में तापमान -6.2 डिग्री, कुकुमसेरी में -3.5 और शिमला में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पंजाब में बदलेगा मौसम का मिज़ाज! 13 जिलों के लिए येलो अलर्ट, 16 दिसंबर तक रहेगा असर

जालंधर  पंजाब में ठंड ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने लेटेस्ट अपडेट शेयर की है। आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में घना कोहरा पड़ना शुरू हो जाएगा। मौसम विभाग ने आज से 16 दिसंबर तक की जानकारी दी है। इसके साथ ही 13 जिलों के लिए कोल्ड वेव और घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, अमृतसर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला, मोहाली, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर और लुधियाना समेत 13 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि इन जिलों के कुछ इलाकों में घना कोहरा छाया रहेगा। मौसम विभाग ने बारिश को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। पंजाब में अगले 5 दिनों तक मौसम सूखा रहेगा और घने कोहरे के साथ-साथ कोल्ड वेव भी बढ़ेगी। वहीं, अगर पंजाब में पिछले 24 घंटों के दौरान तापमान की बात करें तो गुरुवार को आदमपुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4 डिग्री रहा, जबकि फरीदकोट में 4.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में 0.4 डिग्री की कमी आई, जिससे लुधियाना और पटियाला का तापमान सामान्य से कम हो गया। जबकि अधिकतम तापमान में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में घने कोहरे के कारण लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है और वाहन चालकों से कम स्पीड में वाहन चलाने की भी अपील की है। 

खेती का बदलता भविष्य: स्मार्ट एग्रीकल्चर में शिक्षा क्यों बनेगी सबसे बड़ा आधार

लुधियाना  भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा हाल ही में सभी राज्य और केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालयों को जारी एक परिपत्र इस बात को रेखांकित करता है कि आने वाले समय में प्राकृतिक खेती के अध्ययन और उसके प्रचार-प्रसार पर जोर देना क्यों आवश्यक है। कुलपतियों को भेजे गए पत्र में आईसीएआर ने प्राकृतिक खेती से जुड़े स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों तथा शोध कार्यक्रमों को शुरू करने का आग्रह किया है। पत्र में कहा गया है कि प्राकृतिक खेती और सतत कृषि पद्धतियां रासायनिक प्रदूषण, किसानों के कर्ज, जल संरक्षण जैसी गंभीर समस्याओं से निपटने में सहायक हो सकती हैं। साथ ही, यह जैव विविधता बढ़ाने और स्वस्थ भोजन के उत्पादन में भी मददगार साबित होंगी। पीएयू की पहल लुधियाना स्थित पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) में वर्ष 2017 में जैविक एवं प्राकृतिक खेती का स्कूल स्थापित किया गया था। इसका उद्देश्य जैविक और प्राकृतिक कृषि से संबंधित वैज्ञानिक ज्ञान के विकास और प्रसार के लिए बहुविषयक शोध, प्रशिक्षण और विस्तार गतिविधियों को अंजाम देना है। इस स्कूल के पास एक हेक्टेयर का एकीकृत कृषि प्रणाली मॉडल फार्म है, जिसमें फसल उत्पादन, डेयरी, बागवानी, मत्स्य पालन और कृषि-वनिकी शामिल हैं। इसके अलावा, यहां वर्मी कम्पोस्टिंग और वर्मीकल्चर यूनिट भी स्थापित है। बढ़ती रुचि कोविड महामारी के बाद जैविक और प्राकृतिक खेती के पाठ्यक्रमों में दाखिले को लेकर पूछताछ में कई गुना वृद्धि हुई है। स्कूल ऑफ ऑर्गेनिक एंड नेचुरल फार्मिंग, पीएयू के निदेशक डॉ. सोहन सिंह वालिया कहते हैं, “हमें रोजाना दो-तीन पूछताछ प्राकृतिक और जैविक खेती को लेकर मिलती हैं। कोविड के बाद लोग भोजन उत्पादन के तरीकों को लेकर कहीं अधिक जागरूक हो गए हैं। अब प्राकृतिक खेती को केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह स्वास्थ्य की रक्षा करती है, मिट्टी को पुनर्जीवित करती है और अनिश्चित समय में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती है।” खेती की पढ़ाई पर जोर पीएयू के छात्रों ने पंजाब सरकार से मांग की है कि कक्षा 9 से 12 तक सरकारी स्कूलों में कृषि को अनिवार्य विषय बनाया जाए। अंग्रेज सिंह, एग्रीकल्चर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ पंजाब (ASAP) के संस्थापक सदस्य, कहते हैं, “हम चाहते हैं कि स्कूलों में कृषि पढ़ाई जाए, क्योंकि यह शिक्षा को वास्तविक कृषि विकास से जोड़ती है और कम उम्र से ही जीवन कौशल तथा सामाजिक जिम्मेदारी सिखाती है। बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर खेती के बारे में शिक्षित करने से वे प्राकृतिक खेती का महत्व समझेंगे और रसायनों के बिना प्रकृति के साथ तालमेल में अपना भोजन उगाना सीखेंगे। इससे सभी के लिए स्वास्थ्य और संतुलन सुनिश्चित होगा।”   पाठ्यक्रमों में शामिल प्राकृतिक खेती पीएयू में बीएससी (कृषि) पाठ्यक्रम में जैविक खेती शामिल है। इसके अलावा, ‘प्राकृतिक खेती के सिद्धांत’ विषय बीएससी (कृषि) और बीएससी (बागवानी) के छात्रों को पढ़ाया जाता है। इसी तरह, कृषि विज्ञान विभाग द्वारा स्नातकोत्तर छात्रों के लिए भी जैविक और प्राकृतिक खेती के पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। साथ ही, घरों में किचन गार्डन विकसित करने के इच्छुक लोगों के लिए समय-समय पर अल्पकालिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। बदलता फोकस पीएयू के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल कहते हैं, “हमने हरित क्रांति का नेतृत्व किया और अब समय आ गया है कि ध्यान प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर मोड़ा जाए। छोटे कदमों से भी इस क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। हालांकि प्राकृतिक खेती अपनाने से शुरुआती दौर में पैदावार प्रभावित हो सकती है, लेकिन किचन गार्डन जैसे छोटे स्तर से शुरुआत करना एक बेहतर रास्ता हो सकता है।” प्राकृतिक खेती बनाम जैविक खेती     प्राकृतिक खेती में खेती के तरीकों में प्रकृति के नियमों को अपनाया जाता है। इसमें बीज समेत सभी संसाधन खेत से ही लिए जाते हैं।     जैविक खेती मिट्टी और पर्यावरण के स्वास्थ्य के सिद्धांत पर आधारित एक पर्यावरण-अनुकूल प्रणाली है।     प्राकृतिक खेती में किसी भी बाहरी इनपुट, यहां तक कि जैविक खाद का भी उपयोग नहीं किया जाता और यह पूरी तरह प्राकृतिक चक्रों पर निर्भर होती है।     जैविक खेती में रासायनिक पदार्थों पर रोक होती है, लेकिन कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट और गोबर खाद जैसे अनुमोदित जैविक इनपुट्स की अनुमति होती है।     प्राकृतिक खेती में मिट्टी को कम से कम छेड़ने, बिना जुताई और निराई-गुड़ाई पर जोर दिया जाता है, जबकि जैविक खेती में ये प्रक्रियाएं अपनाई जा सकती हैं।

Punjab में सर्दी का सितम: आने वाले दिनों में और गिरेगा तापमान, IMD का अलर्ट जारी

पंजाब  पंजाब में सीजन की पहली घनी धुंध ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कई इलाकों में सुबह के समय विजिबिलिटी काफी कम दर्ज की गई, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार 15–16 दिसंबर के आसपास प्रदेश में एक बार फिर कड़ाके की ठंड लौट सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि शनिवार को पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी के आसार हैं, हालांकि पंजाब के मैदानी क्षेत्रों में अगले सात दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा। इस दौरान बठिंडा, फिरोजपुर और फरीदकोट सहित साउथ-वेस्ट जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जहां विजिबिलिटी घटकर 100 से 200 मीटर तक रह सकती है। विभाग के अनुसार प्रदेश में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हुआ है, जिसके प्रभाव से आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। तापमान की बात करें तो आदमपुर में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा, जबकि फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक धुंध बने रहने के आसार हैं, जिससे कई इलाकों में विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम हो सकती है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 

शराब प्रेमियों के लिए अलर्ट! पंजाब में लागू हुई शराब खरीदने की नई Guidelines

लुधियाना  एक्साइज विभाग लुधियाना ने शुक्रवार को मिनी सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जिसकी अध्यक्षता असिस्टैंट कमिश्नर एक्साइज (लुधियाना वैस्ट रेंज) इंद्रजीत सिंह नागपाल और असिस्टैंट कमिश्नर एक्साइज (लुधियाना ईस्ट रेंज) शिवानी गुप्ता ने की। बैठक में शहर के सभी मैरिज पैलेसों और बीयर बारों के मालिकों व प्रबंधकों को बुलाया गया था। अधिकारियों ने पंजाब के माननीय एक्साइज कमिश्नर द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी। असिस्टैंट कमिश्नरों ने साफ निर्देश दिए कि अब कोई भी मैरिज पैलेस या बीयर बार शादी या किसी भी आयोजन के लिए ग्राहकों की ओर से शराब नहीं खरीदेगा। ग्राहक शराब केवल अधिकृत शराब ठेकों से ही नियमों का पालन करते हुए स्वयं खरीदेंगे। अधिकारियों ने यह भी बताया कि सभी प्रतिष्ठानों को विभागीय नियमों और कानूनी शर्तों का कड़ाई से पालन करना होगा। इसमें सही रिकॉर्ड रखना, जरूरी वैरिफिकेशन करवाना, और शराब के सुरक्षित उपयोग, सर्विस व स्टोरेज को सुनिश्चित करना शामिल है। बैठक में मैरिज पैलेस एसोसिएशन के प्रधान अमरजीत सिंह संत सहित कई मैरिज पैलेस व बीयर बार मालिकों ने भाग लिया। एक्साइज विभाग की ओर से एक्साइज अधिकारी तनुल गोयल, नवदीप सिंह, विकास भातेजा, गोपाल गेरा और एक्साइज इंस्पैक्टर भी मौजूद रहे। अंत में असिस्टैंट कमिश्नरों ने सभी से विभाग का सहयोग करने की अपील की, ताकि शहर में होने वाले सभी आयोजनों में पारदर्शिता और कानून के अनुरूप कार्य सुनिश्चित किया जा सके।