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ठंड–कोहरे से बच्चों की सुरक्षा पर फोकस, पंजाब में स्कूल टाइमिंग बदलने की तैयारी

पंजाब  पंजाब सरकार द्वारा कड़ाके की इस ठंड और घने कोहरे के बावजूद स्कूल के समय में अब तक कोई राहत भरा बदलाव नहीं किया गया है।  वर्तमान स्कूल सुबह 9 बजे ही लग रहे हैं जो घने कोहरे का सबसे खतरनाक समय होता है। अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि स्कूलों का समय बदलकर सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक बजे किया जाना चाहिए।  अभिभावकों का तर्क है कि जब तक सूरज की थोड़ी तपिश नहीं आती, तब तक छोटे बच्चों को घर से बाहर निकालना उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ है। यदि प्रशासन जल्द ही समय सारिणी में बदलाव का फैसला नहीं लेता, तो कोहरे के कारण होने वाले सड़क हादसों का खतरा और बढ़ सकता है। बता दें कि  पूरा पंजाब इन दिनों बर्फीली हवाओं और 'व्हाइट आऊट' (घने कोहरे) की गिरफ्त में है। शहर की सड़कें जो कभी सुबह 7 बजे शोर से गुलजार रहती थीं, अब कोहरे की सफेद चादर में लिपटी खामोश नजर आती हैं। हिमालय की पहाड़ियों से आ रही बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने समूचे जिले को एक 'कोल्ड चैम्बर' में तबदील कर दिया है। सुबह के वक्त आलम यह होता है कि सूरज की किरणें घने कोहरे की मोटी दीवार को भेदने में नाकाम साबित हो रही हैं जिससे दृश्यता शून्य तक पहुंच गई है। शहर की व्यस्त सड़कों से लेकर ग्रामीण इलाकों के खुले मैदानों तक, हर तरफ केवल सफेद धुंध का राज है। इस भीषण शीत लहर का सबसे मार्मिक और चुनौतीपूर्ण प्रभाव शिक्षा क्षेत्र पर पड़ा है। जहां एक ओर मासूम बच्चे भारी बस्तों के साथ हाड़ कंपा देने वाली ठंड में स्कूल की दहलीज पर पहुंचने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर अपनी ड्यूटी के प्रति समर्पित अध्यापक जान जोखिम में डालकर कोहरे को चीरते हुए मंजिलों तक पहुंच रहे हैं। यह केवल एक मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और अध्यापकों के धैर्य की परीक्षा बन गया है।  

हरित ऊर्जा की पहल: पंजाब के इस जिले में छात्रों के घरों पर निःशुल्क सोलर सिस्टम

होशियारपुर  जिले के भविष्य को ऊर्जा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के मजबूत स्तंभों पर खड़ा करने की दिशा में जिला प्रशासन ने चढ़दा सूरज अभियान के तहत एक प्रेरक और दूरदर्शी पहल की है। इस अभियान के केंद्र में जहां 600 टॉपर विद्यार्थियों के घरों पर 1-1 किलोवाट का निःशुल्क रूफ टॉप सोलर सिस्टम है, वहीं इसके साथ-साथ विशेष बच्चों के लिए रोजगार और ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका से जुड़े दो अन्य प्रोजैक्ट भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। डी.सी. आशिका जैन की अध्यक्षता में जिले में कार्यरत विभिन्न एन.जी.ओज के साथ आयोजित बैठक में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि विकास तभी टिकाऊ होगा, जब प्रशासन और समाज मिलकर आगे बढ़ें। डी.सी. ने कहा कि यह पूरा अभियान जिला प्रशासन की ओर से रैडक्रास सोसायटी के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिसमें एन.जी.ओज को परिवर्तन का सशक्त माध्यम माना गया है। डी.सी. आशिका जैन ने कहा कि चढ़दा सूरज अभियान की सबसे प्रभावशाली कड़ी “गो सोलर अभियान” है। उन्होंने घोषणा की कि सी.एस.आर. सहयोग से वर्ष 2024-25 के 10वीं कक्षा के 600 टॉपर विद्यार्थियों के घरों पर 1 किलोवाट तक का रूफ टॉप सोलर सिस्टम पूरी तरह निःशुल्क लगाया जाएगा। यह पहल न केवल मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान का प्रतीक है, बल्कि उनके परिवारों के माध्यम से पूरे समाज को स्वच्छ और सस्ती सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करने का सशक्त संदेश भी देती है।   डी.सी. आशिका जैन ने एन.जी.ओज से अपील की कि वे इस योजना को जन-जन तक पहुंचाएं, ताकि लोग समझ सकें कि सोलर ऊर्जा बिजली बिल में राहत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी माध्यम है। इसी क्रम में यह भी घोषणा की गई कि जो एन.जी.ओ. 28 फरवरी 2026 तक 25 सोलर पैनल स्थापित करवाएगी, उसे जिला प्रशासन की ओर से 25 हजार रुपए का रिवार्ड दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चढ़दा सूरज अभियान के अंतर्गत “विंग्ज प्रोजेक्ट” समाज के उस वर्ग के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है, जिसे अक्सर मुख्यधारा से दूर समझा जाता है। इस परियोजना के तहत होशियारपुर में 7 स्थानों पर कैंटीन स्थापित कर 16 विशेष बच्चों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराया गया है। डी.सी. आशिका जैन ने एन.जी.ओज से आग्रह किया कि वे आगे आकर ऐसे बच्चों की पहचान करें और विंग्ज प्रोजैक्ट के विस्तार में भागीदार बनें। उन्होंने एन.जी.ओ. को प्रोजैक्ट के अंतर्गत अपने स्तर पर कैंटीन खोलने के लिए भी प्रेरित किया औ कहा कि कि जिला प्रशासन और रैडक्रास की ओर से हर तरह का पूरा सहयोग दिया जाएगा, जबकि संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी एन.जी.ओ. संभालेंगी। डी.सी. आशिका जैन ने कहा कि तीसरी महत्वपूर्ण पहल “सुई धागा” प्रोजैक्ट है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण जरूरतमंद महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से स्थायी आजीविका देना है। इस प्रोजैक्ट के तहत गांवों, तहसीलों और ब्लॉकों में सिलाई केंद्र खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि मशीनरी और उपकरण रैडक्रास सोसायटी उपलब्ध कराएगी, जबकि संचालन मनरेगा फ्रेमवर्क के तहत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एन.जी.ओज से अपेक्षा है कि वे उपयुक्त स्थानों और इच्छुक महिलाओं की पहचान कर सामुदायिक लामबंदी में सहयोग दें। डी.सी. आशिका जैन ने विश्वास जताया कि एन.जी.ओज की सक्रिय भागीदारी से चढ़दा सूरज अभियान सामाजिक सशक्तिकरण, स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भरता का मजबूत मॉडल बनेगा, जिसकी गूंज आने वाले वर्षों तक जिले की प्रगति में सुनाई देगी। बैठक में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) निकास कुमार, सहायक कमिश्नर ओएशी मंडल, सचिव जिला रैडक्रास सोसायटी मंगेश सूद व संयुक्त सचिव आदित्य राणा भी में मौजूद रहे।

पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, मंत्री बैंस ने किया बड़ा एलान

चंडीगढ़  पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और ‘आप’ पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने ‘हुनर शिक्षा स्कूल’ हैंडबुक का विमोचन किया। इस अवसर पर शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए 40 स्कूलों में शुरू किए जा रहे हुनर शिक्षा स्कूल कार्यक्रम हेतु उद्योग-केंद्रित पाठ्यक्रम तैयार करने में सहयोग देने वाले शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों और तकनीकी भागीदारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम चंडीगढ़ के एम.सी. भवन में आयोजित हुआ। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि लंबे समय से शिक्षा प्रणाली उद्योग की जरूरतों की अनदेखी करती रही है। उन्होंने बताया कि 2.8 लाख विद्यार्थियों पर किए गए सर्वे और राष्ट्रीय आंकड़ों से यह कड़वी सच्चाई सामने आई है कि स्कूल शिक्षा पूरी करने के बाद 45 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी रोजगार के लिए तैयार नहीं होते। इसका मुख्य कारण उचित कौशल प्रशिक्षण का अभाव और कमजोर सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि है। ‘हुनर शिक्षा स्कूल’ पहल सीनियर सेकेंडरी पाठ्यक्रम में तीन विषयों पर आधारित मॉडल के जरिए व्यावसायिक शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। यह कार्यक्रम पारंपरिक व्यावसायिक शिक्षा से अलग है, जिसके तहत विद्यार्थी वैश्विक और औद्योगिक विशेषज्ञों द्वारा तैयार व प्रमाणित पाठ्यक्रम के माध्यम से चार उच्च-मांग वाले क्षेत्रों में से किसी एक में विशेषज्ञता हासिल कर सकेंगे। बैंस ने कहा कि स्कूल शिक्षा में अग्रणी पंजाब, कक्षा-कक्षों में उद्योग की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम शामिल कर अपने शिक्षा मॉडल में बड़ा बदलाव कर रहा है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को एआई, डिजिटल डिजाइन और भविष्य-केंद्रित कार्यक्षेत्रों में दक्ष बनाएगा, जिससे वे पहले दिन से ही रोजगार के लिए तैयार होंगे। मनीष सिसोदिया ने रटने की बजाय व्यावहारिक कौशल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि व्यवहारिक ज्ञान और कौशल विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और विद्यार्थियों को दसवीं के बाद आईटी सहित अन्य क्षेत्रों में अवसरों की खोज के लिए सक्षम बनाना जरूरी है। इस मौके पर स्कूल शिक्षा विभाग की प्रशासनिक सचिव अनिंदिता मित्रा, मिशन डायरेक्टर पी.एस.डी.एम. अमृत सिंह, पंजाब विकास आयोग के सदस्य अनुराग कुंडू, अतिरिक्त सचिव स्कूल शिक्षा कल्पना के., माध्यमिक शिक्षा निदेशक गुरिंदर सिंह सोढ़ी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। 

रोजगार का मौका: पंजाब में नए राशन डिपो खोलने की प्रक्रिया शुरू, इच्छुक उम्मीदवार करें आवेदन

लुधियाना  खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा लुधियाना जिले से संबंधित ईस्ट और वेस्ट सर्कल में 755 परिवारों को नए राशन डिपो आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे न केवल 755 परिवारों को रोजगार के नए साधन मिलेंगे, बल्कि लाभार्थी परिवारों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा प्रत्येक राशन डिपो के साथ 200 राशन कार्ड भी अटैच किए जाएंगे। जानकारी के अनुसार, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से सामान्य श्रेणी, दिव्यांग वर्ग, पूर्व सैनिक, स्वतंत्रता सेनानी, एस.ई./सी.बी. वर्ग, आतंकवाद व दंगा पीड़ित परिवारों सहित महिलाओं के लिए नए राशन डिपो आवंटन का कोटा निर्धारित किया गया है। यदि राशन डिपो धारकों को गेहूं वितरण के बदले मिलने वाली मार्जिन मनी की बात करें, तो सरकार द्वारा डिपो होल्डरों को प्रति क्विंटल 90 रुपये की दर से कमीशन दिया जा रहा है।  

अजनाला थाने पर हमले का मामला: हाईकोर्ट सख्त, अमृतपाल समेत साथियों पर अहम आदेश

चंडीगढ़/अजनाला अजनाला थाने पर हमले के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कम से कम 5 जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 दिसंबर को होगी। इस मामले से जुड़ी हाईकोर्ट में दायर जमानत याचिकाओं में से एक पर टिप्पणी करते हुए जस्टिस सूरज प्रताप सिंह ने कहा कि याचिकाकर्ता सहित एक गैरकानूनी भीड़ ने अमृतपाल सिंह के प्रभाव में आकर अपने एक साथी को पुलिस हिरासत से छुड़वाने के गलत इरादे से पुलिस थाने पर हमला किया और कानून अपने हाथ में ले लिया, जबकि उन्हें कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए था। बेंच ने आगे कहा कि याचिकाकर्ता पर आरोप है कि वह घातक हथियारों से लैस भीड़ का हिस्सा था, जिसने न केवल पुलिस कर्मियों द्वारा जारी निर्देशों की अवहेलना की, बल्कि राज्य के अधिकार को भी इस हद तक चुनौती दी कि मौके पर ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मचारियों को चोट पहुंचाने से भी परहेज नहीं किया। जानिए क्या है पूरा मामला गौरतलब है कि 24 फरवरी 2023 को अमृतसर जिले के अजनाला पुलिस थाने में अपने एक साथी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के लिए अमृतपाल सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर थाने पर हमला कर दिया था। इसके बाद अमृतपाल सिंह और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। वर्तमान में अमृतपाल सिंह डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। 

पंजाब वासियों सावधान! जारी हुई अहम एडवाइजरी, लापरवाही पड़ सकती है भारी

बरनाला   स्वास्थ्य विभाग बरनाला द्वारा डिप्टी कमिश्नर बरनाला टी. बेनिथ आईएएस तथा डायरेक्टर स्वास्थ्य विभाग पंजाब के दिशा-निर्देशों के अनुसार शीत लहर और घने कोहरे से बचाव के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है। यह जानकारी इंचार्ज सिविल सर्जन बरनाला डॉ. गुरमिंदर कौर औजला ने दी। डॉ. गुरमिंदर कौर औजला ने बताया कि सर्दी के मौसम में शीत लहर के कारण बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और लंबे समय से बीमार व्यक्ति अधिक प्रभावित होते हैं। ठंड लगने की स्थिति में यदि समय रहते इलाज न कराया जाए, तो यह कई बार गंभीर और जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसलिए इन वर्गों का विशेष ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. मुनीश कुमार ने बताया कि घनी धुंध और अत्यधिक ठंड के कारण सुबह और देर शाम या रात के समय घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। घने कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है, जो काफी खतरनाक हो सकती हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि घरों में बंद कमरे के अंदर अंगीठी जलाकर कभी भी ताप नहीं लेना चाहिए, क्योंकि अंगीठी से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बंद कमरे में ऑक्सीजन की कमी पैदा कर देती है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक और जानलेवा हो सकती है। यदि किसी व्यक्ति को चक्कर, घबराहट या सांस लेने में तकलीफ महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जिला मास मीडिया एवं सूचना अधिकारी कुलदीप सिंह मान तथा जिला बीसीसी कोऑर्डिनेटर हरजीत सिंह ने बताया कि इस मौसम में छोटे बच्चे अधिक बीमार पड़ते हैं, इसलिए उन्हें गर्म कपड़े पहनाना बेहद जरूरी है। बच्चों को स्वेटर, जैकेट, मोजे, जूते और सिर पर टोपी जरूर पहनाई जानी चाहिए। बुजुर्गों, दमा और सांस संबंधी रोगों से पीड़ित मरीजों को अत्यधिक ठंड के दौरान घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सर्दियों में खान-पान पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। आहार में गर्म चीजें जैसे सूप, चाय, कॉफी और संतुलित भोजन शामिल करें। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए थोड़े-थोड़े समय बाद गुनगुना या हल्का गर्म पानी पीते रहें। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि ठंड के मौसम में सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।

पंजाब में योजना पर संकट! ताज़ा रिपोर्ट ने खोली चौंकाने वाली सच्चाई

पंजाब  पंजाब में चल रही योजना को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी AMRUT योजना के तहत पंजाब में पेयजल और सीवेज प्रबंधन से जुड़े प्रोजेक्ट्स की रफ्तार बेहद धीमी पाई गई है। संसद की स्थायी समिति ने अपनी ताजा समीक्षा रिपोर्ट में कहा है कि राज्य जल शोधन अवसंरचना के निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने में पिछड़ रहा है, खासकर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट्स के निर्माण और संचालन के मोर्चे पर।   रिपोर्ट के मुताबिक, AMRUT फेज-2 के तहत पंजाब में करीब 14.8 एमएलडी क्षमता वाले 3 वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट्स को मंजूरी दी गई थी, लेकिन अब तक इनमें से एक भी परियोजना पूरी नहीं हो सकी है। वहीं तुलना करें तो हरियाणा ने स्वीकृत तीन में से एक परियोजना को चालू कर दिया है, जबकि हिमाचल प्रदेश में मंजूर दो परियोजनाएं भी अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। योजना और हकीकत में भारी अंतर संसदीय समिति ने बताया कि पंजाब ने AMRUT योजना के तहत कुल 518.9 एमएलडी क्षमता के नए वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना बनाई थी, लेकिन अब तक महज 113 एमएलडी क्षमता ही चालू हो पाई है। इससे साफ है कि राज्य में लगभग 405.9 एमएलडी क्षमता का बड़ा अंतर बना हुआ है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि पंजाब में प्रतिदिन करीब 2,111 एमएलडी सीवेज उत्पन्न होता है, जबकि मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की कुल स्थापित क्षमता लगभग 1,628.5 एमएलडी है। इनमें से भी औसतन केवल 80 प्रतिशत क्षमता का उपयोग किया जा रहा है, जिससे लगभग 482.5 एमएलडी सीवेज बिना पर्याप्त ट्रीटमेंट के रह जाता है।   दूसरे राज्यों की तुलना में स्थिति कमजोर समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि हरियाणा, गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने AMRUT योजना के तहत वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट्स के कमीशनिंग लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। इसके विपरीत पंजाब के साथ-साथ महाराष्ट्र, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में भी परियोजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। समिति का कहना है कि भले ही पंजाब में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की उपयोग दर कुछ हद तक बेहतर नजर आती हो, लेकिन सीवेज उत्पादन की तुलना में ट्रीटमेंट क्षमता कम होने के कारण कुल अंतर अभी भी चिंताजनक स्तर पर बना हुआ है।

उत्तर भारत में ठंड का कहर: हरियाणा-पंजाब और चंडीगढ़ कोहरे की चादर में लिपटे

चंडीगढ़ पंजाब एवं हरियाणा व चंडीगढ़ में कड़ाके की ठंड जारी है और दोनों राज्यों के कई इलाकों में शनिवार को घने कोहरे की चादर छाई रही। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को पंजाब में फरीदकोट सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। स्थानीय मौसम विभाग के मुताबिक, अमृतसर में न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक है। लुधियाना और पटियाला में क्रमशः 9.6 और 9.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है। पठानकोट में न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि बठिंडा में यह 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुरदासपुर का न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस रहा। पंजाब एवं हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। पड़ोसी राज्य हरियाणा के जींद में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अंबाला में न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से चार डिग्री अधिक है जबकि हिसार में 6.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है। करनाल में न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस और नारनौल में 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रोहतक, भिवानी और सिरसा में क्रमशः 6.8, सात और सात डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।

पंजाब में ‘जी राम जी विधेयक’ पर सियासी हलचल तेज, सरकार बुलाएगी विधानसभा का विशेष सत्र

चंडीगढ़  मनरेगा के स्थान पर ‘विकसित भारत- जी राम जी विधेयक' लाए जाने के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शनों के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार जनवरी के दूसरे सप्ताह में इस मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करेगी। मान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ‘मनरेगा' योजना में बदलाव करके गरीबों की आजीविका को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है… इस मनमानी के खिलाफ पंजाबियों की आवाज उठाने के लिए जनवरी के दूसरे सप्ताह में पंजाब विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा।'

विशेष सत्र जनवरी में, सीएम भगवंत मान मनरेगा नाम बदलने के खिलाफ करेंगे कार्रवाई

चंडीगढ़   जनवरी के दूसरे सप्ताह में पंजाब विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया गया है। सीएम भगवंत मान ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा स्कीम में बदलाव करके गरीबों और मजदूरों की रोजी-रोटी छीनने की कोशिश कर रही है, जिससे गरीबों के घरों का चूल्हा बुझने की कोशिश हो रही है। इस मनमानी के खिलाफ पंजाबियों की आवाज उठाने के लिए जनवरी के दूसरे हफ्ते में पंजाब विधानसभा का स्पेशल सेशन बुलाया जाएगा। सीएम भगवंत मान ने चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम में आज 505 मिनी बस परमिट बांटे। स्व-रोजगार के तहत युवाओं को ये परमिट बांटे गए। चार साल में मान सरकार 1165 परमिट बांट चुकी है।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया के जरिए इस स्पेशल सेशन का ऐलान किया है। उन्होंने ट्वीट किया, "केंद्र की BJP सरकार गरीबों और मजदूरों की रोजी-रोटी का जरिया 'MGNREGA' स्कीम में बदलाव करके गरीबों के घरों का चूल्हा ठंडा करने की कोशिश कर रही है। इस ज़ुल्म के खिलाफ पंजाबियों की आवाज़ उठाने के लिए जनवरी के दूसरे हफ्ते में पंजाब विधानसभा का स्पेशल सेशन बुलाया जाएगा।"  विपक्ष का धरना प्रदर्शन जारी इस बिल का विपक्ष ने एकजुट होकर विरोध किया है. टीएमसी ने संसद के बाहर 12 घंटे तक धरना देकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की. कांग्रेस ने इसे महात्मा गांधी का अपमान बताया और कहा कि रोजगार गारंटी कानून की आत्मा को खत्म किया जा रहा है. आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि MNREGA दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार योजना थी. दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार देने वाली स्कीम MNREGA थी- संजय सिंह आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आगे कहा कि जो लोग गांधी को बर्दाश्त नहीं कर सकते वही इस कानून को खत्म कर रहे हैं और महात्मा गांधी भगवान राम के भक्त थे. विपक्ष का आरोप है कि VB-G RAM G Bill ग्रामीण गरीबों को नौकरी की कानूनी गारंटी से वंचित करता है. सरकार के फैसले के खिलाफ संसद के भीतर और बाहर विरोध जारी है और आने वाले दिनों में सियासी टकराव बढ़ने के संकेत हैं.  विपक्ष के जोरदार विरोध के बावजूद संसद ने बृहस्पतिवार को ‘विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘वीबी–जी राम जी’ विधेयक पारित कर दिया। यह विधेयक 20 वर्ष पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का स्थान लेगा और इसमें प्रति वर्ष 125 दिनों के ग्रामीण मजदूरी रोजगार की गारंटी दी गई है। लोकसभा में ‘वीबी-जी राम जी’ विधेयक के पारित होने के कुछ घंटों बाद ही इसे बृहस्पतिवार देर रात राज्यसभा ने भी ध्वनि मत से पारित कर दिया। इस दौरान विपक्ष ने मौजूदा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने को लेकर कड़ा विरोध जताया और केंद्र सरकार पर राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालने का आरोप लगाया।