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रेकी पूरी, वारदात से पहले दबोचे गए आरोपी—लुधियाना में KCF के 2 सदस्यों की गिरफ्तारी

पंजाब पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खालिस्तान कमांडो फोर्स के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) मोहाली ने लुधियाना की काउंटर इंटेलिजेंस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर एक टारगेट किलिंग की योजना बना रहे थे। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया पर साझा की है। गिरफ्तार किए गए लुधियाना निवासी आरोपियों के कब्जे से एक 9 MM पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी यूके और जर्मनी में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे, जिनका संबंध प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) और कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ा हुआ है। DGP गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘x’ पर बताया कि विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर आरोपियों ने लुधियाना में सरकारी और प्रमुख संस्थानों की रेकी की थी। इसके अलावा, उन्हें कुछ अन्य चिन्हित व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाने और ग्राउंडवर्क करने का भी जिम्मा सौंपा गया था। इस मामले में मोहाली में FIR दर्ज कर ली गई है और नेटवर्क की आगे-पीछे की कड़ियों को खंगालने के लिए जांच जारी है।   बता दें कि, लुधियाना में आतंकी हमले की धमकी मिलने के बाद जिला पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए थे। अगस्त महीने में सरकारी दफ्तरों को निशाना बनाए जाने से जुड़े इनपुट मिलने के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थीं। हालांकि उस समय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इसे नियमित सुरक्षा अभ्यास बता रहे थे। इसके बाद से अब तक लुधियाना के कई सरकारी दफ्तरों के बाहर इसी तरह के सुरक्षा प्रबंध लगातार बनाए रखे गए हैं।     गौरतलब है कि एक दिन पहले भी पंजाब पुलिस ने एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए अर्श डल्ला गैंग से जुड़े 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके पास से 4 अवैध पिस्टल, चार मैगजीन और 26 कारतूस बरामद किए थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह (निवासी गिल पट्टी, बठिंडा, वर्तमान में कनाडा), गुरविंदर सिंह (कोटशमीर, बठिंडा) और गगनदीप सिंह (गांव भोखरा, बठिंडा) के रूप में हुई है। जिनके पास से  एक ग्लॉक पिस्टल, एक जिगाना, एक .30 बोर और एक .32 बोर पिस्टल बरामद किए थे।

1.50 करोड़ का फ्रॉड: मोहाली के रियल एस्टेट कारोबारी के खिलाफ मामला दर्ज

पंजाब पंजाब में आए दिन ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। इसी बीच लुधियाना पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है। मिली जानकारी के अनुसार मोहाली के रियल एस्टेट कारोबारी पर धोखाधड़ी का आरोप लगा है, जिसे लेकर लुधियाना पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा के आदेशों पर एफआईआर दर्ज की गई है। जानकारी मुताबिक, कारोबारी समीर जुनेजा निवासी मोहाली जोकि गोल्ड स्टार प्रॉपर्टीज के मालिक हैं। उसने करीब 1.50 करोड़ रुपए की ठगी की है। शिकायतकर्ता गुरजोत सिंह निवासी पटियाला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता गुरजोत सिंह ने बताया कि आरोपी कारोबारी समीर जुनेजा ने उससे 1.50 करोड़ रुपए लेकर भी उसकी जमीन की रजिस्ट्री नहीं करवाई। गुरजोत ने आगे बताया कि लुधियाना में उसके जानकार सुमित सचदेवा, जिनका शराब और अहाते का कारोबार है, उसने ही मोहाली के प्रॉपर्टी कारोबारी समीर जुनेजा से मुलाकात करवाई थी। इस दौरान प्रॉपर्टी की डील 1.50 करोड़ रुपए में हुई। कारोबारी समीर जुनेजा ने 1.50 करोड़ रुपए लेकर भी रजिस्ट्री नहीं करवाई। जांच करने करने पर बाद में पता चला कि प्रॉप्रटी समीर जुनेजा की थी ही नहीं। पूरा मामला पुलिस के पास पहुंचा तो पता चला कि समीर जुनेजा ने करोड़ों रुपए की ठगी की है। इसके बाद लुधियाना पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने एक्शन लेते हुए कारोबारी समीर जुनेजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

पंजाब में नशे की समस्या को लेकर सीएम भगवंत मान का बड़ा बयान: ‘नशा लहर से होगा समाधान’

चंडीगढ़  पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा है कि नशा लहर से खत्म होगा, कहर से खत्म नहीं होगा. पंजाबियों के सामने बड़ी-बड़ी मुसीबत भी बौनी साबित होती है. हमारे गुरुओं ने वरदान दिया है यहां कोई भूखा नहीं मर सकता. प्रदूषण को लेकर उन्होंने कहा कि अब पराली तो नहीं जल रही फिर दिल्ली में प्रदूषण क्यों है? पंजाब सरकार की नशे के विरुद्ध मुहिम पूरे सख्ती के साथ लगातार आगे बढ़ रही है। सरकार ने साफ कर दिया है कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई आधी-अधूरी नहीं होगी, बल्कि इसे अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। इसी कड़ी में आज बुधवार को जालंधर में इस अभियान के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद मौजूद रहेंगे। पहले चरण में सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई की। पुलिस और प्रशासन ने मिलकर राज्यभर में अभियान चलाया, जिसमें हजारों नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए और करोड़ों रुपये की ड्रग मनी भी जब्त की गई। सरकार का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में कार्रवाई और तेज होगी। आंकड़ों की बात करें तो पहले चरण में अब तक 1,859 किलो हेरोइन बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा 43 हजार से ज्यादा नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे अभियान के दौरान 29,978 एफआईआर दर्ज की गईं और करीब 15.32 करोड़ रुपये की ड्रग मनी जब्त की गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही यह मुहिम सिर्फ नशा तस्करों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है। सरकार का मकसद युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालना भी है। इसके लिए नशा मुक्ति केंद्रों को मजबूत किया जा रहा है, जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और युवाओं को रोजगार व सकारात्मक दिशा देने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि नशा पंजाब के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है और अगर इसे अभी नहीं रोका गया तो आने वाली पीढ़ियां इसकी भारी कीमत चुकाएंगी। इसलिए युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान को प्रदेश में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और संगठित कार्रवाई माना जा रहा है। वहीं आज जालंधर से शुरू होने वाला दूसरा चरण इस लड़ाई को और मजबूती देगा।

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कांग्रेस के समर्थन को आप ने ठुकराया

चंडीगढ़. मेयर चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा किए कांग्रेस को 24 घंटे भी नहीं गुजरे हैं। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच इंटरनेट मीडिया पर वार शुरू हो गई है। आप ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए उसकी भाजपा के साथ साठगांठ बता दी है। एक तरह से कांग्रेस के समर्थन को भी आप ने ठोकर मार दी है। शहर पहुंचे आप चंडीगढ़ प्रभारी जरनैल सिंह ने एक्स पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे की हाथ मिलाते फोटो साझा कर हमला बोला। जरनैल सिंह ने लिखा कि एक तरफ कट्टर विरोधी बनने का दिखावा, दूसरी ओर सत्ता में साझेदारी। चंडीगढ़ में भाजपा का मेयर होना और कांग्रेस के पास सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के पद होना दोनों की अंदरूनी मिलीभगत का साफ और मजबूत सुबूत है। सरदार जरनैल सिंह ने लिखा कि दोनों की यह नूरा कुश्ती सब देख रहे हैं। देश अब इस फर्जी लड़ाई और नाटक को समझ चुका है। यह खेल अब ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाला। कांग्रेस का पलटवार आप प्रभारी के बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की ने पलटवार करते हुए लिखा कि जब 2024 में मेयर आप का और सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर भाजपा के बने थे तब कौन सी कुश्ती खेली जा रही थी। कांग्रेस नहीं आप भाजपा की बी टीम है। उनके पार्षदों ने ही भाजपा मेयर बनवाए। आप का जवाब आप ने एक्स पर कांग्रेस अध्यक्ष से पूछा उनका 2022 और 2023 में मेयर चुनाव का बायकाट करने का क्या कारण था जिससे भाजपा के मेयर दोनों साल लगातार बने। क्या दोनों के बीच कोई गोपनीय डील हुई थी। चंडीगढ़ की जनता यह जानना चाहती है। मेयर नहीं आप ने शुरू की निगम चुनाव की लड़ाई कांग्रेस के बिना शर्त समर्थन के अगले ही दिन आप प्रभारी का इस तरह से एक्स पर हमला करना सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। उनकी नजर मेयर की कुर्सी पर इस बार नहीं है। नंबर भी पर्याप्त नहीं हैं उन्हें पता है कि भाजपा मेयर तो बना ही लेगी फिर चाहे कांग्रेस का साथ क्यों न हो। इसलिए उन्होंने मेयर कुर्सी दांव पर लगाकर साल के आखिर में होने वाले निगम चुनाव के लिए ग्राउंड तैयार करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने मेयर चुनाव में भले समर्थन किया साथ ही निगम चुनाव में अलग मैदान में उतरने की घोषणा की थी। इस वजह से अगर कांग्रेस के समर्थन से आप मेयर बनाती है तो भाजपा दोनों को एक ही बताएगी। आप कमजोर होगी। अब मेयर पद नहीं भी मिलता है तो आप कांग्रेस पर निशाना साधती रहेगी। बिना मांगे दिया जा रहा समर्थन – राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस आप के आगे घुटने टेक चुकी है। बिना मांगे ही समर्थन दिया जा रहा है। पंजाब में दोनों एक दूसरे को गाली दे रहे हैं। भाजपा को नीचा दिखाने के चक्कर में चंडीगढ़ के नेताओं ने कांग्रेस को बहुत नीचे गिरा दिया है। वह यह भूल गए के कांग्रेस बड़ा दल है। भाजपा मेयर ने एक वर्ष में इतने विकास कार्य कराए कि अब यह बौखला गए हैं। दोनों मिलकर भी भाजपा को नहीं हरा सकते तो अब निगम चुनाव के लिए नौटंकी शुरू कर दी है। जनता जानती है यह दोनों एक ही हैं। -देवेंद्र सिंह बबला, उपाध्यक्ष, भाजपा।

डल्लेवाल के किसान मोर्चे में दो फाड़, जानें किसने ली कमान

पटियाला पंजाब की राजनीति और किसान आंदोलनों में सक्रिय रहने वाली 'भारतीय किसान यूनियन (एकता-सिद्धूपुर)'  दो गुटों में बंट गई। संगठन के आठ जिलों के अध्यक्षों और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मौजूदा अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल के खिलाफ बगावत कर दी है। नाराज गुट ने संगठन के संस्थापक पिशोरा सिंह सिद्धूपुर के बेटे दलबीर सिंह सिद्धूपुर को अपना नया संयोजक घोषित कर दिया है। पटियाला के पास बहादरगढ़ में हुई एक बड़ी बैठक के बाद बागी गुट ने डल्लेवाल पर कई गंभीर आरोप लगाए। पदाधिकारियों का आरोप है कि डल्लेवाल तानाशाह की तरह संगठन चला रहे थे। पिछले छह साल से संगठन के चुनाव नहीं कराए गए, जबकि नियम के अनुसार हर तीन साल में चुनाव होने चाहिए। दलबीर सिंह सिद्धूपुर ने आरोप लगाया कि संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) से अलग होकर शंभू और खनौरी बॉर्डर पर मोर्चा लगाना एक गलत फैसला था। उन्होंने दावा किया कि साल भर चले इस विरोध प्रदर्शन में किसानों की जान गई और कई किसानों के ट्रैक्टर व सामान चोरी हो गए, जिनका अब तक पता नहीं चला। आरोप है कि जिन सदस्यों ने डल्लेवाल के फैसलों पर सवाल उठाए, उन्हें संगठन से बाहर कर दिया गया। कौन हैं जगजीत सिंह डल्लेवाल? डल्लेवाल किसान आंदोलन 2.0 का सबसे प्रमुख चेहरा रहे हैं। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी जैसी मांगों को लेकर पिछले साल 26 नवंबर से 9 अप्रैल तक (131 दिन) लंबा अनशन किया था। खनौरी बॉर्डर पर हुए प्रदर्शन का नेतृत्व भी उन्होंने ही किया था। बागी गुट ने संगठन के नए चुनाव कराने के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बना दी है। दूसरी ओर डल्लेवाल गुट ने फिलहाल चुप्पी साधी हुई है, लेकिन उनके करीबी नेता काका सिंह कोटरा ने संगठन में किसी भी तरह की फूट से इनकार किया है। डल्लेवाल गुट बुधवार को जालंधर में एक कॉन्फ्रेंस कर इन आरोपों का जवाब दे सकता है।

एयरपोर्ट से घर जाते समय ट्रक और पेड़ से टकराई कार

चंडीगढ़. दुबई से लौटकर आपने घर शाहकोट जा रहे युवक की रास्ते में लोहियां-मलसियां मार्ग पर हादसे में मौत हो गई, जबकि उसके एक दोस्त को इलाज के लिए जालंधर रैफर किया गया है तथा दूसरा दोस्त भी घायल है। जानकारी के अनुसार दीपक शर्मा पुत्र जगजीत राय निवासी कोटला सूरज मल्ल शाहकोट जो आज दुबई से लौटने के बाद कार से घर आ रहा था। इस दौरान तेज गति से चल रही कार गांव निहालुवाल के सरकारी सीनियर सैकेंडरी स्कूल के सामने से आ रही स्विफ्ट कार से टकराने के बाद ट्रक से जा टकराई, जिसके बाद कार बेकाबू होकर पेड़ से टकरा गई जिससे दीपक शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त वंश अरोड़ा गंभीर घायल हो गया जिसे उपचार के लिए जालंधर भेजा गया है। मृतक दीपक शर्मा के जीजा ने बताया कि अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उसने कहा कि वह खुद ही बस से गांव पहुंच जाएगा। इसके बाद दीपक शर्मा ने शाहकोट में रहते अपने दोस्तों वंश अरोड़ा और साहिल अरोड़ा को इंडिया आने की जानकारी दी। जिस पर दोनों दोस्त आई-20 कार में उसे लेने अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंच गए। मृतक दीपक जो दुबई में ड्राइवरी करता था, खुद कार चलाने लगा। वह कार इतनी तेज गति से चला रहा था कि विपरीत दिशा से आ रही स्विफ्ट कार से टकराने के बाद ट्रक से टकराकर पेड़ से जा टकराई। आसपास के लोगों ने कार में से सभी को बाहर निकालने की कोशिश की तो दीपक शर्मा मौके पर ही दम तोड़ गया था, जबकि उसका एक दोस्त वंश अरोड़ा गंभीर रूप से ज़ख़्मी हो गया। उसके अन्य दोस्त साहिल अरोड़ा को मामूली चोटें ही लगी हैं। दीपक की लाश को नकोदर मोर्चरी में रखा गया है। थाना लोहियां के ए.एस.आई. हरविंदर सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और हादसे की जांच की जा रही है। मृतक दीपक अपने पीछे पत्नी और 2 बच्चों को छोड़ गया है।

CBSE देगा बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों को मुफ्त मेंटल हेल्थ काउंसलिंग सेवा

चंडीगढ़. बोर्ड परीक्षाओं के दबाव और छात्रों की मानसिक सेहत को प्राथमिकता देते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त साइको-सोशल काउंसलिंग सेवा की शुरुआत कर दी है। यह सेवा वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है और 1 जून 2026 तक जारी रहेगी। CBSE द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह काउंसलिंग सुविधा बोर्ड की वार्षिक पहल का पहला चरण है, जिसका उद्देश्य छात्रों और अभिभावकों को परीक्षा से जुड़े तनाव, डर और भावनात्मक समस्याओं से उभरने में मदद करना है। टेली-काउंसलिंग सेवा के तहत विद्यार्थी और माता-पिता सोमवार से शुक्रवार सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक विशेषज्ञों से बात कर सकते हैं। इस कार्यक्रम के तहत कुल 73 अनुभवी प्रशिक्षित विशेषज्ञ छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे। इनमें CBSE से जुड़े स्कूलों के प्रिंसिपल, प्रशिक्षित काउंसलर, स्पेशल एजुकेटर और मनोवैज्ञानिक शामिल हैं। इनमें से 61 विशेषज्ञ भारत में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि 12 काउंसलर नेपाल, जापान, कतर, ओमान और यूएई जैसे देशों से जुड़े हुए हैं। यह सेवा शनिवार और रविवार को उपलब्ध नहीं रहेगी। CBSE का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे फरवरी में शुरू होने वाली बोर्ड की थ्योरी परीक्षाओं का सामना बिना तनाव और घबराहट के कर सकें। बोर्ड के अनुसार, मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच परीक्षा प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, छात्र और अभिभावक टोल-फ्री नंबर 1800-11-8004 पर कॉल कर 24×7 आईवीआरएस सुविधा का लाभ भी उठा सकते हैं। यह सेवा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिसमें परीक्षा तैयारी, समय प्रबंधन, तनाव नियंत्रण और CBSE से जुड़ी जरूरी जानकारियां दी जाती हैं। CBSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि तनाव प्रबंधन और प्रभावी पढ़ाई से जुड़े कई उपयोगी संसाधन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर उपलब्ध हैं, जिन्हें छात्र किसी भी समय एक्सेस कर सकते हैं।

डॉ. बलबीर सिंह ने बताया: पंजाब में सिर्फ 4 महीनों में 10,000+ महिलाओं को मिली मुफ्त अल्ट्रासाउंड सुविधा

पंजाबः मात्र 4 महीनों में 10,000 से अधिक गर्भवती महिलाओं ने करवाए मुफ्त अल्ट्रासाउंड- डॉ. बलबीर सिंह चंडीगढ़  आने वाली पीढ़ियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने प्रसूति स्वास्थ्य देखभाल को सफलतापूर्वक विकेंद्रित किया है और आम आदमी क्लीनिक (ए.ए.सी.) गर्भवती महिलाओं के लिए नई जीवन रेखा के रूप में उभर रहे हैं। एक विशेष प्रोटोकॉल-आधारित गर्भावस्था देखभाल मॉडल शुरू करने के मात्र चार महीनों के अंदर सेवाएं हासिल करने वालों की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है और हर महीने लगभग 20,000 गर्भवती महिलाएं इन क्लीनिकों में पहुंच रही हैं। इस पहल की सफलता को साझा करते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत पहले ही एक यूनिक रैफरल सिस्टम के माध्यम से 10,000 से अधिक महिलाओं को मुफ्त अल्ट्रासाउंड सेवाएं प्रदान की गई हैं। इसके साथ ही लगभग 500 निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों को सूचीबद्ध करके राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि महिलाओं को विभिन्न स्कैन: जिनकी कीमत आम तौर पर 800 रुपये से 2,000 रुपये के बीच होती है – की सुविधा पूरी तरह मुफ्त दी जा रही है। इस सुविधा से मात्र 120 दिनों के छोटे समय में पंजाबी परिवारों को अनुमानित 1 करोड़ रुपये की बचत हुई है। आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि पंजाब में 70 प्रतिशत से कम गर्भवती महिलाओं ने अपना पहला एंटे-नेटल चेक-अप करवाया है और लगभग 60 प्रतिशत से कम ने सिफारिश अनुसार पूरे चार चेक-अप करवा लिए हैं, जबकि राज्य में माताओं की मृत्यु दर प्रति एक लाख जीवित जन्मों पर 90 रही है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इन आंकड़ों ने राज्य भर में एक व्यापक, पहुंचयोग्य गर्भावस्था देखभाल मॉडल की तुरंत आवश्यकता को उजागर किया। पंजाब में हर साल लगभग 4.3 लाख प्रसव होते हैं, जिससे माताओं और बच्चों की स्वास्थ्य रक्षा के लिए जल्दी पता लगाना, नियमित निगरानी और समय पर रैफरल बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। पिछले तीन सालों में, मान सरकार ने 881 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए हैं, जो पंजाब की प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की रीढ़ के रूप में उभरे हैं, जिसमें 4.6 करोड़ से अधिक ओपीडी विजिट और रोजाना लगभग 70,000 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इस बुनियादी ढांचे का लाभ उठाते हुए, सरकार ने लगभग चार महीने पहले ए.ए.सीज़. के माध्यम से एक विस्तृत, प्रोटोकॉल-संचालित गर्भावस्था देखभाल मॉडल शुरू किया। इस सुधार के तहत, सभी जरूरी एंटे-नेटल चेक-अप अब आम आदमी क्लीनिकों में उपलब्ध हैं। इनमें एच.आई.वी. और साइफिलिस स्क्रीनिंग, खून के सभी टेस्ट, शुगर, थायरॉइड, हेपेटाइटिस, भ्रूण की दिल की धड़कन, कोलेस्ट्रॉल और हीमोग्लोबिन मूल्यांकन जैसे रूटीन और महत्वपूर्ण टेस्ट शामिल हैं। यदि अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता होती है तो ए.ए.सी. डॉक्टर द्वारा रैफरल स्लिप जारी की जाती है, जिसके माध्यम से गर्भवती महिलाएं मुफ्त अल्ट्रासाउंड सेवाएं प्राप्त कर सकती हैं। यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि, लगभग 5,000 महिलाओं को हर महीने उच्च-जोखिम वाली गर्भावस्थाओं के रूप में पहचाना जा रहा है ताकि निरंतर ट्रैकिंग, केंद्रित सहायता और विशेषज्ञ देखभाल के लिए उच्च चिकित्सा सुविधाओं के लिए समय पर रैफरल किया जा सके। इस सुधार से मरीज के अनुभव में भी काफी सुधार हुआ है। महिलाएं अब गर्भावस्था से संबंधित ज्यादातर टेस्ट अपने घरों के नजदीक ही करवा सकती हैं, जिससे बड़े अस्पतालों में जाना और लंबी कतारों की परेशानी से बचते हुए मिनटों में चिकित्सकीय सलाह ले सकती हैं और बिना किसी वित्तीय बोझ के अल्ट्रासाउंड सेवाओं तक पहुंच कर सकती हैं। जन्म से पहले की पहली जांच से लेकर जन्म के बाद के फॉलो-अप तक, यह पहल तकनीकी, मानक क्लीनिकल प्रोटोकॉल, रैफरल प्रणालियों और कम्युनिटी-स्तरीय सहायता को एकीकृत करके पूरी गर्भावस्था देखभाल को मजबूत बनाती है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर कहा कि यह पहल जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी अगुवाई के तहत, पंजाब एक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली का निर्माण कर रहा है, जो यह सुनिश्चित करता है कि हर मां को घर के नजदीक मानक देखभाल मिले। सालाना 4.3 लाख गर्भावस्थाओं के साथ, आम आदमी क्लीनिकों में गर्भावस्था देखभाल सेवाओं का विस्तार एक परिवर्तनकारी कदम है और भारत में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए एक नया मानक स्थापित कर रहा है।” सरकार का मानना है कि यह पहल पिछले कुछ सालों में माताओं और बच्चे के स्वास्थ्य में पंजाब के सबसे महत्वपूर्ण निवेशों में से एक है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी महिला भौगोलिक स्थिति, आय या जागरूकता की कमी के कारण इस लाभ से वंचित न रहे। इसके साथ ही राज्य भर में माताओं और नवजात शिशुओं के लिए स्वास्थ्य परिणामों में लगातार सुधार किया जा रहा है।

तरनतारन में पुलिस और नशा तस्करों के बीच एनकाउंटर में एक घायल

चंडीगढ़/तरनतारन. नशे के खिलाफ चलाई जा रहे अभियान के तहत बुधवार को तड़कसर थाना सिटी की पुलिसवा दो नशा तस्करों के बीच एनकाउंटर हुआ जिसमें एक नशा तस्कर गोली लगने से घायल हो गया पूछने दोनों को विरासत में लेकर उनके कब्जे से एक पिस्तौल एक कर 770 ग्राम हीरोइन ड्रग मनी बरामद की है। डीएसपी इन्वेस्टिगेशन जगजीत सिंह चाहल ने बताया कि एसएसपी सुरेंद्र लांबा के आदेश पर जिले भर में नाकाबंदी करवाई गई। बुधवार को तड़कसर मोहल्ला गुरु का खुह क्षेत्र में नाकाबंदी दौरान थाना सिटी की पुलिस ने एक फॉर्च्यूनर गाड़ी को रुकने का इशारा किया। रुकने की बजाय गाड़ी में सवार लोगों ने पुलिस पर गोलियां बरसाना शुरू कर दी। थाना प्रभारी हरप्रीत सिंह विर्क की अगवाई में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई दौरान गोलियां चलाई। गाड़ी में सवार अवतार सिंह उर्फ बाबा निवासी गांव सुर सिंह घायल हो गया।उसके कब्जे से एक रिवॉल्वर ,770 ग्राम हैरोइन बरामद की गई जबकि बाबा के साथी जजप्रीत सिंह के कब्जे से 12000 की ड्रग मनी व एक इलेक्ट्रॉनिक कंडा बरामद हुआ है।दोनों के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज है।घायल तस्कर अवतार सिंह उर्फ बाबा को इलाज लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है।

पंजाब में बच्चों को चाइना डोर से पतंग उड़ाते पकड़ा तो माता-पिता पर होगी कानूनी कार्रवाई

चंडीगढ़. चाइना डोर की बिक्री को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अब अहम फैसला लिया है कि अगर बच्चा चाइना डोर के साथ पतंग उड़ाते पकड़ा गया तो उसके माता-पिता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह शब्द डी.एस.पी. वरिंदर सिंह खोसा ने पत्रकारों के साथ बीत करते कहे । उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा चाइना डोर बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ नकेल कसी गई है और पुलिस द्वारा छापेमारी जारी है। डी.एस.पी. खोसा ने बताया कि चाइना डोर जानवरों, पक्षियों और इंसानी जानों के लिए जानलेवा है इसलिए जो बच्चे छतों पर जाकर पतंग उड़ाते हैं उनकी डोर चैक करने के लिए अब पुलिस मुलाजम छतों पर जाकर डोर की चैकिंग करेंगे ताकि किसी का जान-माल का नुकसान न हो। अगर बच्चा चाइना डोर के साथ पतंग उड़ाते पकड़ा गया तो माता-पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा क्योंकि माता-पिता ही बच्चों को पतंग उड़ाने के लिए डोर लाकर देते हैं। उन्होंने बताया कि शहर में पिछले कई दिनों में कई बच्चे और व्यक्ति चाइना डोर का शिकार हुए हैं और उन्हें जान जोखिम में डालकर दुख भोगना पड़ा है। उन्हें कई खुफिया जानकारी मिली हैं, उनके आधार पर ही चाइना डोर को जब्त करने के लिए छापेमारी की जा रही है। इस मौके डी.एस.पी. खोसा ने पंचों, सरपंचों, पार्षदों और आम लोगों से अपील की कि चाइना डोर से पतंग उड़ाने वाले बच्चों के खिलाफ सूचना थाना दाखा को दें। उनका नाम और पता गुप्त रखा जाएगा, ऐसा करने से चाइना डोर से पतंग उड़ाने वाले और बेचने वाले जल्द पकड़ लिया जाएगा। उन्होंने एक बार फिर दुकानदारों और चाइना डोर से पतंग उड़ाने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उनके लिए हमारे पास कोई भी अपील या दलील नहीं है, इसलिए वह चाइना डोर का गोरख धंधा और पतंगबाजी करना बंद कर दें।