samacharsecretary.com

गर्मी से मिली राहत, लेकिन ज्यादा दिन नहीं! पंजाब में आज भी बारिश का अलर्ट, फिर बढ़ेगा पारा

लुधियाना  पंजाब में शुक्रवार को हीट वेव के प्रकोप के बीच कुछ जगहों पर हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं। इससे तापमान में 3.4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और अब यह सामान्य के नजदीक हो गया है।  44 डिग्री के साथ बठिंडा सबसे गर्म रहा। इसी बीच मौसम विभाग ने शनिवार के लिए पंजाब के छह जिलों में 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर जिले शामिल हैं। इसके साथ ही हीट वेव चलने की भी चेतावनी जारी हुई है।  विभाग के मुताबिक रविवार से पंजाब में मौसम शुष्क हो जाएगा और भीषण लू चलेगी। विभाग ने रविवार से चार दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और इस दौरान तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की वृद्धि दर्ज की जा सकती है। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 0.8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। यह सामान्य से 3.1 डिग्री ऊपर हो गया है। सबसे कम 22.3 डिग्री का न्यूनतम पारा पठानकोट का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम पारा 39.1 डिग्री, लुधियाना का 42.0 डिग्री, पटियाला का 42.3 डिग्री, पठानकोट का 38.6 डिग्री, फाजिल्का का 39.9 डिग्री, फिरोजपुर का भी 39.9 डिग्री, एसबीएस नगर का 36.0 डिग्री और रूपनगर का 37.4 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 25.6 डिग्री, लुधियाना का 27.8 डिग्री, पटियाला का 29.0 डिग्री, बठिंडा का 28.2 डिग्री, फाजिल्का का 26.1 डिग्री, फिरोजपुर का 26.2 डिग्री, होशियारपुर का 23.5 डिग्री और रूपनगर का 27.0 डिग्री दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा टेंपरेचर कहां पर 22 मई 2026 तक मध्य भारत, उससे सटे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पूर्वी और उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत में दिन में अधिकतम तापमान 45-47 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि पूर्वोत्तर भारत, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र और पश्चिमी दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों का तापमान 40-45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया. सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस ब्रह्मपुरी (विदर्भ) में दर्ज हुआ।  दुनिया के 100 सबसे गर्म जगहों में नोएडा, गाजियाबाद एक्यूआई डॉट इन के आंकड़ों के मुताबिक, 22 मई को रात 10 बजे के आंकड़ों के  हिसाब से दुनिया की 50 सबसे गर्म जगहों में 35 भारत के शहर शामिल हैं.  इसमें रायपुर, दुर्ग, भिलाई, चंद्रपुर, नागपुर, बांदा, अकोला, बुरहानपुर, अमरावती, नोएडा, सोनीपत, गाजियाबाद और गुरुग्राम समेत कई शहर शामिल हैं. अगले एक हफ्ते तक तापमान में गिरावट की संभावना नहीं है. लेकिन पहाड़ी इलाकों में जल्द राहत मिल सकती है।   

पक्षियों से गुलजार हुई सुखना सेंचुरी, तेंदुओं की मौजूदगी ने बढ़ाई वन्यजीव समृद्धि

चंडीगढ़. सुखना वाइल्डलाइफ सेंचुरी पक्षी और जानवरों को पसंद आ रही है। यहां वन्यजीवों का कुनबा बढ़ा है। पक्षियों की संख्या दोगुनी हो गई है और तेंदुओं ने भी यहां अपना ठिकाना बना लिया है। प्रशासन के वन एवं वन्यजीव विभाग ने वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई) के सहयोग से सुखना वाइल्ड लाइफ सेंचुरी और आसपास के वन क्षेत्रों में कराए गए व्यापक वन्यजीव सर्वेक्षण में जैव विविधता की समृद्ध तस्वीर सामने आई है। नवंबर 2025 में किए गए इस सर्वे में पक्षियों, तितलियों, स्तनधारियों, वनस्पतियों और सरीसृपों की बड़ी संख्या दर्ज की गई है। 2021 के सर्वे की तुलना में इस बार जैव विविधता के आंकड़ों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। स्तनधारी प्रजातियां 14 से बढ़कर 16 और पक्षी प्रजातियां 67 से बढ़कर 132 हो गईं। पहली बार तितलियों और सरीसृपों को भी सर्वे में शामिल किया गया। वन एवं वन्यजीव विभाग ने कहा कि इस सर्वे के निष्कर्ष चंडीगढ़ के वन क्षेत्रों में जैव विविधता संरक्षण, आवास प्रबंधन और वन्यजीव निगरानी को और मजबूत करने में मददगार साबित होंगे। रात में कैद हुई तेंदुए की गतिविधियां कैमरा ट्रैप सर्वे के दौरान 18 कैमरा ट्रैप स्टेशनों से 466 स्वतंत्र वन्यजीव रिकार्डिंग मिलीं। खास बात यह रही कि सर्वे में दो वयस्क नर तेंदुओं की मौजूदगी की पुष्टि हुई, जिनकी पहचान उनके शरीर पर अलग-अलग रोसेट पैटर्न के आधार पर की गई। तेंदुओं की गतिविधियां मुख्य रूप से रात के समय दर्ज की गईं। 43 पेड़ के साथ 22 जड़ी बूटी प्रजाति मिली सर्वेक्षण में 79 पौधों की प्रजातियां दर्ज की गईं, जिनमें 43 पेड़, 14 झाड़ियां और 22 जड़ी-बूटी प्रजातियां की शामिल हैं। वहीं सरीसृप और उभयचर वर्ग में 13 प्रजातियां दर्ज की गईं, जिनमें मेंढक, कछुए, सांप और छिपकलियां शामिल हैं। 73 प्रजातियों की तितलियां मिलीं तितली सर्वेक्षण में पांच परिवारों की 73 प्रजातियां दर्ज की गईं। इनमें येलो आरेंज टिप सबसे अधिक संख्या में पाई गई, जबकि पी ब्लू, कामन ओनिक्स और इंडिगो फ्लैश जैसी महत्वपूर्ण प्रजातियां भी दर्ज की गईं। 132 प्रजाजितयों के पक्षी पक्षी सर्वे में 132 प्रजातियों की पहचान की गई, जिनमें 13 शेड्यूल-1 और 117 शेड्यूल-2 की प्रजातियां शामिल हैं। आइयूसीएन संरक्षण स्थिति के अनुसार इनमें दो संकटग्रस्त, एक संवेदनशील और तीन निकट संकटग्रस्त प्रजातियां भी दर्ज की गईं। ह्यूम्स वार्बलर सबसे अधिक संख्या में पाया गया पक्षी रहा। 16 तरह के स्तनधारी स्तनधारी सर्वे में 16 प्रजातियां दर्ज की गईं, जिनमें सांभर, नीलगाय और जंगली सूअर प्रमुख रहे। सर्वे के अनुसार सांभर हिरण की घनत्व 22.34 ± 8.07 प्रति वर्ग किलोमीटर आंकी गई। सर्वे में यह एरिया रहे शामिल यह सर्वे 20 से 27 नवंबर 2025 के दौरान सुखना वाइल्डलाइफ सेंचुरी, लेक बीट, पटियाला की राव, सुखना चौ फाॅरेस्ट, बाॅटेनिकल गार्डन, बटरफ्लाई पार्क और सिटी बर्ड सेंचुरी जैसे पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया गया। इसमें वन विभाग के अधिकारियों, शोधकर्ताओं, स्वयंसेवकों, एनजीओ और अन्य हितधारकों ने भाग लिया।

सत्ता के सेमीफाइनल में पंजाब की सियासत गरमाई, निकाय चुनाव में सभी दलों की साख दांव पर

चंडीगढ़  सत्ता का सेमीफाइनल माने जाने वाले पंजाब के निकाय चुनाव में सभी दलों के दिग्गज खूब पसीना बहा रहे हैं क्योंकि उनकी साख दांव पर है।  भाजपा, कांग्रेस, शिअद और आप के सभी वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक व सांसद चुनावी रण में अपने-अपने प्रत्याशियों को जितवाने लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। चूंकि अब चुनाव को सिर्फ तीन दिन बचे हैं लिहाजा सभी दिग्गज अपने साथियों के साथ प्रचार अभियान में जुटे हैं। पंजाब में 26 मई को 105 नगर निकायों के चुनाव होने हैं इनमें 8 नगर निगम और 97 नगर परिषद और नगर पंचायतें शामिल हैं। 29 मई को परिणाम आएगा जो करीब आठ महीने बाद सूबे में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए एक आधार तय करेगा। चूंकि यह पूरा चुनाव शहरी वोटर पर आधारित है इसलिए राजनीतिक पार्टियां ज्यादा सतर्क हैं। वे जानती हैं कि ये चुनाव पंचायती चुनाव की तरह जातियों व समुदायों की सियासत के घेरे से बाहर रहेंगे। दलों ने उतारी दिग्गजों की फाैज राजनीतिक मामलों के जानकार परमजीत सिंह भी कहते हैं कि शहरी वोटर पढ़ा-लिखा व विकास का पक्षधर होता है। शहर की बुनियादी सुविधाएं उनकी बड़ी अपेक्षाओं में शामिल होती हैं और वे जाति-लिंग की सीमाओं को पार करते हुए मतदान करता है इसीलिए सभी दलों ने शहरी वोटरों को रिझाने के लिए अपने दिग्गजों की फौज उतारी है। भाजपा की रणनीतिक बैठकें, सुखबीर ने खुद संभाला मोर्चा भाजपा ने अपने प्रदेश स्तरीय सभी पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों को विभिन्न जिलों के निकायों की जिम्मेदारियां सौंपी रखी हैं। इनके अलावा पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़, राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू भी बतौर स्टार प्रचारक विभिन्न जिलों में रणनीतिक बैठकें कर प्रत्याशियों व कार्यकर्ताओं की मेहनत को जीत में बदलने की कोशिशों में लगे हैं। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने खुद मोर्चा संभाला हुआ है। उनके साथ उपाध्यक्ष डॉ. दलजीत सिंह चीमा और बिक्रम सिंह मजीठिया को भी कई जिलों की जिम्मेदारियां सौंपी गई है। सुखबीर तो प्रत्याशियों के बुलावे पर जनसभाएं कर मतदाताओं को अकाली दल के पक्ष में करने का प्रयास कर रहे हैं। उधर, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल, प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सांसद एवं पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, राष्ट्रीय सचिव एवं विधायक परगट सिंह समेत अन्य विधायक और सांसद भी अपने प्रत्याशियों को जितवाने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। आप के मंत्रियों, विधायक की परफॉर्मेंस होगी तय निकाय चुनाव आम आदमी पार्टी के मंत्रियों व विधायकों की परफाॅर्मेंस तय करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार सभी विधायकों और मंत्रियों को उनके हलकों में स्थित निकायों को जितवाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी जीत या हार से पार्टी यह मालूम करना चाहती है कि उनके विधायकों व मंत्रियों की साढ़े चार साल में अपने-अपने क्षेत्रों के मतदाताओं पर कितनी पकड़ है। कुछ माह पूर्व हुए पंचायत चुनाव और अब निकाय चुनाव के परिणामों को आधार बनाकर ही आप आगामी विधानसभा चुनाव में टिकटों का बंटवारा करेगी। खराब प्रदर्शन वाले वाले विधायकों का टिकट भी कट सकता है।  

AAP नेताओं की अहम मुलाकात आज, CM भगवंत मान और केजरीवाल पहुंचेंगे गुरुग्राम जेल

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत मान 23 मई यानी आज  संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान जेल में संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। जानकारी के मुताबिक, संजीव अरोड़ा गुरुग्राम जेल में बंद हैं।ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा गिरफ्तारी के बाद यह पहली बार होगा, जब आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेता संजीव अरोड़ा से जेल में मिलने पहुंचेंगे। इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। ED ने किया था गिरफ्तार पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने पहले उन्हें 7 दिन के रिमांड पर लिया। इसके बाद दो दिन का अतिरिक्त रिमांड भी मिला था। पूछताछ पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सूत्रों के अनुसार ईडी की जांच वित्तीय लेन-देन और कुछ कारोबारी गतिविधियों से जुड़े मामलों को लेकर चल रही है। हालांकि आम आदमी पार्टी लगातार इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रही है। गिरफ्तारी के बाद AAP का खुला समर्थन संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी लगातार उनके समर्थन में खड़ी नजर आई। पार्टी नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए कर रही है। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल का जेल जाकर मुलाकात करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व पूरी तरह अरोड़ा के साथ खड़ा है। पंजाब की राजनीति में अहम चेहरा संजीव अरोड़ा पंजाब की राजनीति और उद्योग जगत दोनों में सक्रिय रहे हैं। आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया था और बाद में पार्टी के प्रमुख चेहरों में उनकी गिनती होने लगी। पार्टी संगठन और कारोबारी वर्ग में मजबूत पकड़ रखने वाले अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई थी। विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। जेल मुलाकात पर राजनीतिक नजर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश देने की कोशिश भी है। निकाय चुनावों और आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच आप अपने नेताओं के समर्थन का स्पष्ट संकेत देना चाहती है। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी नेता संजीव अरोड़ा के बीच गुरुग्राम जेल में होने वाली मुलाकात को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रवनीत सिंह बिट्टू ने दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का गुरुग्राम जेल में आम आदमी पार्टी नेता संजय अरोड़ा से मिलने जाना केवल एक सामान्य मुलाकात नहीं, बल्कि इसके पीछे कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुलाकात के तीन प्रमुख कारण हो सकते हैं। पहला, जेल में बंद व्यक्ति को यह समझाना कि ''अगर कमाया हुआ पैसा वापस जाना भी पड़े तो रोना नहीं चाहिए'', दूसरा, कथित तौर पर 'लूटे हुए धन' की जानकारी हासिल करना, और तीसरा, जेल के माहौल और व्यवस्था को समझना। रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि यह सिर्फ एक 'मीटिंग' नहीं थी, बल्कि एक तरह की 'रेकी' थी, जिससे आगे की राजनीतिक परिस्थितियों का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कई और नाम भी सामने आ सकते हैं। अरोड़ा को 9 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें गुरुग्राम की एक विशेष अदालत ने 16 मई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था। अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने 9 मई को चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में कई स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें मंत्री का सरकारी आवास भी शामिल था। यह कार्रवाई 2024 में भी हुई जांच से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें औद्योगिक जमीन को रिहायशी परियोजनाओं में बदलने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप शामिल हैं। इस कार्रवाई को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। अब गुरुग्राम की जेल में बंद संजीव अरोरा से सीएम भगवंत मान की होने वाली मुलाकात को लेकर केंद्रीय मंत्री ने तंज कसा है और कहा है कि आने वाले दिन में किसी अन्य नेता का नंबर आ सकता है, ऐसे में सीएम मान जेल की सुविधाओं का आंकलन करने के लिए जेल जा रहे हैं।

महंगाई का नया झटका! पेट्रोल-डीजल फिर हुआ महंगा, जानें पंजाब और चंडीगढ़ में आज का ताजा भाव

चंडीगढ़  पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। आज पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। 10 दिन में तीसरी बार ईंधन की कीमतों में इजाफा किया गया है। बढ़ती कीमतों से लोगों में हाहाकार मच गया है।बढ़ोतरी के बाद अब लुधियाना में पेट्रोल का दाम 103.03 रुपये हो गया है। वहीं अमृतसर में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गया है।  लोग बोले-कैसे चलेगा घर वैश्विक ऊर्जा संकट और ईरान संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। इससे लोगों में खासी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि रोजमर्रा के खर्च पहले ही बढ़ चुके हैं और अब पेट्रोल-डीजल महंगा होने से सफर करना भी मुश्किल होता जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर नौकरीपेशा लोगों, ऑटो चालकों और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है। शहरवासियों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से सब्जियों, दूध और अन्य जरूरी सामान के दाम भी बढ़ेंगे। 10 दिन में कितना बढ़ा दाम? ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी पिछले कुछ दिनों में बेहद तेज रफ्तार से हुई है:     ताजा बढ़ोतरी (23 मई): पेट्रोल +87 पैसे, डीजल +91 पैसे     इससे पहले (मंगलवार): पेट्रोल +87 पैसे, डीजल +91 पैसे     15 मई को: तेल कंपनियों ने एक बार में पेट्रोल और डीजल दोनों पर करीब 3 रुपये प्रति लीटर का झटका दिया था आखिर दाम क्यों बढ़ रहे हैं? इस लगातार बढ़ोतरी की मुख्य वजह पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहा भू-राजनीतिक संकट है। इस संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की सप्लाई पर मंडरा रहे खतरे ने वैश्विक कीमतों को आसमान छूने पर मजबूर कर दिया है। भारत अपनी जरूरत का करीब 85 से 90 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से मंगाता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई हलचल का असर तुरंत देश के अंदर दिखने लगता है। पिछले कुछ महीनों में भारतीय क्रूड बास्केट (कच्चे तेल की कीमतों का औसत) की कीमत में भारी उछाल आया है, जिससे तेल कंपनियों (IOC, HPCL, BPCL) का घाटा बढ़ता जा रहा था। अब इसी घाटे की भरपाई आम उपभोक्ताओं की जेब से करवाई जा रही है। सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, महंगी होंगी ये सब चीजें विशेषज्ञों और आम लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ गाड़ियों में तेल भरवाने तक सीमित नहीं रहेगा। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट) सीधा महंगी हो जाती है। जब ट्रकों का किराया बढ़ेगा, तो मंडियों से लेकर दुकानों तक आने वाली हरी सब्जियां, फल, दूध, राशन (अनाज-दाल) और दूसरी रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम भी अपने आप बढ़ जाएंगे। इसका मतलब साफ है कि आने वाले दिनों में रसोई का बजट और भी बिगड़ सकता है। बाजार विशेषज्ञों की मानें तो अगर वैश्विक स्तर पर तनाव खत्म नहीं हुआ और कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रहे, तो तेल कंपनियां आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी कर सकती हैं। पंजाब में सूख सकते हैं पंप पंजाब के पेट्रोल पंपों पर तो पेट्रोल-डीजल खत्म होने का खतरा मंडरा रहा है। एक दिन पहले ही पंजाब पेट्रोल डीलर एसोसिएशन ने मुख्य सचिव को इस संबध में पत्र लिखा है और मांग की है कि सप्लाई सही करने के लिए तेल कंपनियों को निर्देश जारी किए जाने चाहिए। अगर सप्लाई न हुई तो आगे स्थिति बिगड़ सकती है।  एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अशोक कुमार थापर ने कहा कि तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की उचित सप्लाई नहीं दे रही हैं। इस वजह से उनका स्टॉक खत्म हो रहा है। वह कंपनियों से बात कर रहे हैं लेकिन कोई राहत नहीं मिल रही है। सूबे में खरीफ सीजन शुरू होने वाला है और इस समय डीजल की मांग बढ़ती जा रही है लेकिन सप्लाई न होने से स्थिति चिंताजनक बनती जा रही है। सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों ने पेट्रोल पंपों को एक हजार लीटर पेट्रोल और 2 हजार डीजल का स्टॉक रखने के लिए बोला है लेकिन सप्लाई न होने के कारण उनके लिए इन आदेशों की पालना करना मुश्किल हो गया है।   पेट्रोल की कीमत (Petrol price today) दिल्ली – 99.51 रुपये नोए़़डा – 99.51 रुपये भोपाल – 96.85 रुपये चंडीगढ़- 98.95 रुपये गुवाहाटी – 103.01 रुपये जयपुर – 109.87 रुपये पटना – 110.37 रुपये लखनऊ – 99.28 रुपये पोर्टब्लेयर – 92.16 रुपये रांची – 102.60 रुपये कोलकाता – 110.64 रुपये चेन्नई – 105.31 रुपये डीजल की कीमत (Diesel price today) दिल्ली – 92.49 रुपये नोएडा – 92.84 रुपये भोपाल – 111.71 रुपये चंडीगढ़ – 86.49 रुपये गुवाहाटी – 94.39 रुपये जयपुर – 95.05 रुपये पटना – 96.53 रुपये लखनऊ – 92.64 रुपये पोर्टब्लेयर – 82.22 रुपये रांची – 97.66 रुपये कोलकाता – 97.02 रुपये चेन्नई – 96.98 रुपये 10 दिन में करीब 5 रुपये महंगा हुआ पेट्रोल और डीजल (petrol diesel price hike news) इस महीने सबसे पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछले हफ्ते शुक्रवार को 3-3 रुपये का इजाफा किया गया था। उसके बाद एक बार फिर से तेल की कीमतों में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 90 पैसे की बढ़ोतरी की थी। आज हुए इजाफे को अगर मिला लें तो 10 दिन में पेट्रोल और डीजल का रेट करीब 5 रुपये प्रति लीटह महंगा हो गया है। कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी (Crude oil price today) ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का रेट बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सस इंटरमीडियट (WTI) का रेट 1.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद 97.46 डॉलर प्रति बैरल आज बिक रहा है। बता दें, युद्ध से पहले इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल का रेट 70 डॉलर प्रति बैरल था। क्रूड ऑयल के बढ़े हुए रेट की वजह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर हुई हैं। आगे अभी और बढ़ेगा पेट्रोल और डीजल का दाम? आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा या गिरावट इंटरनेशनल मार्केट की स्थिति पर निर्भर करेगा। मौजूदा परिस्थितियों को देखकर लगता है कि पेट्रोल और डीजल का … Read more

चुनावी रणनीति में जुटी BJP, पंजाब अध्यक्ष पद पर सिख नेता को मिल सकती है कमान

चंडीगढ़  पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संगठन में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। पार्टी जल्द ही पंजाब इकाई को नया अध्यक्ष दे सकती है और इस बार किसी सिख चेहरे को जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना जताई जा रही है। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ का तीन साल का कार्यकाल जुलाई में समाप्त हो रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा मई के अंत या जून की शुरुआत में की जा सकती है। हालांकि, जाखड़ आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रचार अभियान में अहम भूमिका निभाते रहेंगे। सूत्रों के अनुसार नायब सिंह सैनी भी पंजाब में लगातार सक्रिय हैं और पार्टी कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। माना जा रहा है कि वह पंजाब भाजपा के लिए सिख चेहरे को आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं। नए अध्यक्ष पद की दौड़ में कई बड़े नाम सामने आ रहे हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू प्रमुख माने जा रहे हैं। बिट्टू पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं और पार्टी उन्हें सिख समुदाय में मजबूत चेहरा मानती है। इसके अलावा पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल का नाम भी चर्चा में है। सूत्रों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह  अपने नजदीकी केवल ढिल्लों के नाम को आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं फिरोजपुर के राय सिख नेता मंजीत राय का नाम भी चर्चाओं में है। संगठनात्मक स्तर पर लंबे समय से सक्रिय रहे मंजीत राय की मालवा क्षेत्र में मजबूत पकड़ बताई जा रही है। अमृतसर से जुड़े पूर्व नौकरशाह और भाजपा नेता जगमोहन राजू का नाम भी चर्चा में है। राजू 2022 में सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में आए थे और वर्तमान में पंजाब भाजपा के महासचिव हैं। पार्टी नेतृत्व के साथ उनकी नजदीकियों की भी चर्चा है। इसके अलावा राज्यसभा सांसद सतनाम संधू, पूर्व विधायक राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी और फतेह जंग बाजवा के नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि हिंदू चेहरे भी पूरी तरह दौड़ से बाहर नहीं हैं। वरिष्ठ भाजपा नेता तरुण चुघ का नाम भी पार्टी में चर्चा में बना हुआ है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक पंजाब की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए भाजपा सिख नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। राज्य में सिख समुदाय निर्णायक भूमिका में है और भाजपा 2027 चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के प्रयास में जुटी है।

116.84 करोड़ स्कैम में खुलेंगे बड़े राज, जेल में बंद पूर्व CFO ने तोड़ी चुप्पी

चंडीगढ़  चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड में हुए 116.84 करोड़ रुपए के घोटाले में गिरफ्तार पूर्व चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नलिनी मलिक अब सरकारी गवाह बनने की तैयारी में है। बुड़ैल जेल में बंद नलिनी ने वार्डर के जरिए सीबीआई कोर्ट को अर्जी भेजकर जांच में शामिल होने गुहार लगाई।  अर्जी में नलिनी ने कहा है कि यदि उसे सरकारी गवाह बनाया जाता है तो वह स्मार्ट सिटी घोटाले से जुड़े कई अहम खुलासे कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, वह नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े कई बड़े अधिकारियों की भूमिका पर भी जानकारी देने को तैयार है। सीबीआई कोर्ट ने इस अर्जी पर जांच एजेंसी से जवाब मांगा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सीबीआई नलिनी मलिक को सरकारी गवाह बनाने पर सहमत होती है या नहीं। मेडिकल ग्राउंड पर लगाई जमानत अर्जी करीब दो महीने पहले सामने आए इस घोटाले में नलिनी मलिक की भूमिका जांच में सामने आने के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने उसे 2 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में बंद है। इस बीच नलिनी ने मेडिकल ग्राउंड पर जमानत अर्जी भी दायर की है, जिस पर 26 मई को सुनवाई होनी है। मामले में कई बैंक कर्मियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। हालांकि शुरुआती जांच में नगर निगम के कई बड़े अधिकारियों के नाम सामने आए थे, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस उन तक नहीं पहुंच सकी। अब केस सीबीआई के पास पहुंचने के बाद कई अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। गृह मंत्रालय के आदेश पर CBI को सौंपा केस चंडीगढ़ पुलिस ने स्मार्ट सिटी लिमिटेड में 116.84 करोड़ रुपए और चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) में करीब 83 करोड़ रुपए की गड़बड़ी का खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि स्मार्ट सिटी और क्रेस्ट की बड़ी रकम IDFC फर्स्ट बैंक में एफडी के रूप में जमा थी। आरोप है कि बैंक अधिकारियों और सरकारी अफसरों की मिलीभगत से इस रकम को शेल कंपनियों के जरिए रियल एस्टेट में निवेश किया गया। बदले में बैंक अधिकारियों ने मोटी रिश्वत दी। चंडीगढ़ पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग FIR दर्ज की थीं, लेकिन बाद में गृह मंत्रालय के आदेश पर केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया। अब पूरे मामले की जांच सीबीआई कर रही है। 11 फर्जी एफडी बनाकर घुमाने पैसे जांच के अनुसार, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट खत्म होने के बाद बैंक खाते में जमा रकम नगर निगम के खाते में ट्रांसफर होनी थी। लेकिन आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने रकम निकालकर शेल कंपनियों के जरिए रियल एस्टेट में निवेश कर दिया। जहां नगर निगम के खाते में करोड़ों रुपए आने थे, वहां केवल 81.20 रुपए ही ट्रांसफर हुए। बाकी रकम कथित तौर पर आरोपियों ने आपस में बांट ली। सीबीआई जांच में यह भी सामने आया है कि नलिनी मलिक समेत अन्य अधिकारियों और बैंक कर्मियों ने मिलकर 11 फर्जी एफडी तैयार की थीं, ताकि किसी को गड़बड़ी का शक न हो। बाद में इन्हीं एफडी के जरिए रकम को अलग-अलग कंपनियों में निवेश किया गया।

फर्जी शादियों पर सख्ती, कनाडा ने बदले स्पाउस वीजा के नियम

चंडीगढ़  कनाडा सरकार ने स्पाउस ओपन वर्क परमिट नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है। नए नियम लागू होने पर फर्जी और कॉन्ट्रैक्ट मैरिज के जरिए कनाडा पहुंचने वालों पर बड़ा असर पड़ सकता है।   प्रस्ताव के मुताबिक भारत से स्पाउस वीजा या वर्क परमिट के लिए आवेदन करने वाले पति या पत्नी को अंग्रेजी भाषा दक्षता साबित करने के लिए आईलेट्स या अन्य मान्यता प्राप्त लैंग्वेज टेस्ट पास करना अनिवार्य हो सकता है। अब तक यदि मुख्य आवेदक कनाडा में पढ़ाई या नौकरी कर रहा होता था तो भारत में बैठे उसके जीवनसाथी को भाषा परीक्षा नहीं देनी पड़ती थी। इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर बड़ी संख्या में लोग काॅन्ट्रैक्ट विवाह के जरिए कनाडा पहुंच रहे थे। कई मामलों में स्पाउस पढ़ा-लिखा भी नहीं होता था। प्रस्ताव के अनुसार अब केवल उन्हीं स्टूडेंट्स के जीवनसाथियों को स्पाउस ओपन वर्क परमिट मिलेगा जो मास्टर्स, पीएचडी, मेडिकल, इंजीनियरिंग या अन्य हाई-स्किल प्रोफेशनल कोर्स कर रहे होंगे। सामान्य डिप्लोमा, सर्टिफिकेट या साधारण बैचलर डिग्री करने वाले छात्र अपने पार्टनर को नहीं बुला सकेंगे। सात तक हो सकता है सीएलबी स्कोर कनाडा में नौकरी कर रहे लोग भी तभी अपने जीवनसाथी को बुला पाएंगे जब वे हेल्थकेयर, आईटी या अन्य हाई-स्किल श्रेणी की नौकरियों में कार्यरत हों और उनके वर्क परमिट में कम से कम 16 महीने की वैधता बची हो। प्रस्तावित नियमों के तहत सामान्य नौकरियों के लिए सीएलबी 5 और स्किल्ड जॉब्स के लिए सीएलबी 7 स्कोर जरूरी हो सकता है। कनाडा के इमिग्रेशन मंत्री मार्क मिलिर का कहना है कि भाषा कौशल की कमी के कारण कई प्रवासी अच्छे रोजगार नहीं पा पाते और उनके शोषण का खतरा बढ़ जाता है। सरकार का मानना है कि नए नियम कार्यस्थल की सुरक्षा बढ़ाने और फर्जी विवाहों पर रोक लगाने में मदद करेंगे। विज्ञापन देकर ढूंढते हैं पढ़ी-लिखी लड़की पंजाब में विदेश जाने की चाहत ने कॉन्ट्रैक्ट मैरिज का बड़ा कारोबार खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया और मैरिज ग्रुपों में अक्सर 6 बैंड वाली लड़की चाहिए जैसे विज्ञापन दिखाई देते हैं। इसमें ऐसे परिवार शामिल होते हैं जिनके पास पैसा तो होता है लेकिन बेटा आईलेट्स पास नहीं कर पाता। दूसरी ओर आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन अच्छे बैंड वाली लड़कियों को कनाडा भेजने के बदले लाखों रुपये का सौदा किया जाता है। बाद में कई मामले धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और विवाद तक पहुंच जाते हैं। वीजा विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियम लागू होने के बाद फर्जी शादियों के जरिए कनाडा पहुंचने का रास्ता काफी मुश्किल हो जाएगा।  

पंजाब चुनाव आयोग और ECI आमने-सामने, EVM प्रशिक्षण को लेकर बढ़ा विवाद

चंडीगढ़  पंजाब में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों से पांच दिन पहले ईवीएम बनाम बैलेट पेपर विवाद तेज हो गया है। भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) और पंजाब राज्य चुनाव आयोग अब इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं। वीरवार को सुनवाई के दौरान भारतीय निर्वाचन आयोग ने पंजाब सरकार के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि ईवीएम की ट्रेनिंग और तैयारी के लिए 15 दिन का समय चाहिए। ईसीआई ने अदालत में कहा कि इसके लिए 15 मिनट पर्याप्त हैं। सुनवाई के दौरान ईसीआई ने बताया कि चुनाव के लिए मांगी गई ईवीएम मशीनें राजस्थान से पंजाब के लिए रवाना कर दी गई हैं। मशीनों की कमी का मुद्दा अब नहीं रहा। आयोग ने कहा कि मशीनों की कमीशनिंग और अन्य तकनीकी प्रक्रिया एक दिन में पूरी की जा सकती है। राजस्थान से सीधे पंजाब भेजी जा रहीं ईवीएम ईसीआई ने अदालत को बताया कि 20 मई को पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग को भेजे गए पत्र के बाद सभी तकनीकी आशंकाएं दूर हो चुकी हैं। पंजाब की ओर से मशीनें खुद उठाने में अनिच्छा जताने के बाद राजस्थान से मशीनें सीधे पंजाब भेजी जा रही हैं। आयोग ने कहा कि मशीनें फिलहाल ट्रांजिट में हैं और अब केवल यह तय करना बाकी है कि उन्हें किस स्थान पर पहुंचाना है तथा रिसीव करने के लिए कौन अधिकारी अधिकृत होगा। आयोग ने यह भी कहा कि मशीनों को मोहाली तक पहुंचाने और फर्स्ट लेवल चेकिंग तथा कमीशनिंग प्रक्रिया में पूरा सहयोग दिया जाएगा। इससे पहले पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग अदालत में कह चुका है कि मशीनें उपलब्ध होने के बावजूद उनकी जांच, तैयारी और तैनाती में 15 से 18 दिन लगेंगे। इसी आधार पर 27 मई को होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने का फैसला लिया गया था। याचिका में बैलेट पेपर से चुनाव कराने के फैसले को चुनौती दी गई है। पंजाब के महाधिवक्ता मनिंदरजीत सिंह बेदी ने अदालत में कहा कि चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद न्यायिक हस्तक्षेप सीमित होता है। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। 

शादी से लौटते वक्त गायब हुआ परिवार, 26 साल बाद नहर से मिला वैन का मलबा

रूपनगर  पंजाब के रूपनगर जिले में भाखड़ा नहर के पानी ने 26 साल पुराने एक गहरे जख्म को हरा कर दिया है. अक्टूबर 2000 में एक शादी समारोह से लौटते समय लापता हुई मारुति ओमनी वैन को स्थानीय गोताखोरों की मदद से बाहर निकाल लिया गया है. 32 फुट गहरे पानी में दफन यह गाड़ी अपने साथ उस परिवार की आखिरी निशानियां भी लेकर बाहर आई है, जो दो दशक पहले अचानक गायब हो गया था।  दरअसल, बीते दिनों गोताखोर कमलप्रीत सैनी नक्कियां गांव के पास एक अन्य शव की तलाश में नहर में उतरे थे. इसी दौरान उनकी नजर पानी के नीचे दबे लोहे के एक ढांचे पर पड़ी।  लंबे समय तक पानी में रहने के कारण वैन की छत और पिछला हिस्सा पूरी तरह गल चुका था. सिर्फ आगे का कुछ हिस्सा ही सुरक्षित बचा था। वैन के अगले हिस्से की तलाशी लेने पर सैनी को कुछ इंसानी कंकाल और एक बच्चे की छोटी सी शर्ट मिली. माना जा रहा है कि यह उस 8 साल के बच्चे की है जो इस हादसे का शिकार हुआ था।  परिजनों ने हार नहीं मानी। खेत बिके, पैसे खर्च हुए, प्राइवेट गोताखोर लगाए गए, नहरें खंगाली गईं, लेकिन हर कोशिश खाली हाथ लौटती रही। धीरे-धीरे वक्त बीतता गया और लोगों ने इसे एक ऐसी गुमशुदगी मान लिया, जिसका सच शायद कभी सामने नहीं आएगा। लेकिन किसे पता था कि 26 साल बाद पानी की गहराई ऐसा राज उगल देगी, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया। यह कहानी साल 2000 की है, जब कोटला गांव निवासी मुन्नी लाल, तेज राम, सुरजीत सिंह और सुरजीत का 8 साल का बेटा कालू एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। वे तेज राम की उसी वैन में सवार थे, जिसे उन्होंने हादसे से करीब एक महीना पहले ही जमीन बेचकर खरीदा था। लेकिन उस रात चारों कभी घर नहीं पहुंचे। परिवार ने तलाश शुरू की, पुलिस से लेकर निजी स्तर तक हर कोशिश की गई, मगर गाड़ी और लोगों का कोई सुराग नहीं मिला। फिर कल एक दूसरे मामले में गोताखोर भाखड़ा नहर में उतरे। तलाशी के दौरान नहर की गहराई में उन्हें एक पुरानी वैन दिखाई दी। जैसे ही वैन को बाहर निकाला गया, सबकी सांसें थम गईं। अंदर से कंकाल, यूनिफॉर्म और कई पुराने सामान मिले। इसके बाद एक-एक कड़ी जुड़ती चली गई और सामने आया कि यह वही वैन थी, जो 26 साल पहले रहस्यमयी तरीके से गायब हुई थी। प्रारंभिक अनुमान है कि अंधेरे में लौटते समय वैन अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई होगी और अंदर बैठे चारों लोग बाहर नहीं निकल सके। पानी की तेज धारा और गहराई के कारण वाहन कभी नजर ही नहीं आया। जिस परिवार ने वर्षों तक अपने लोगों के लौटने की उम्मीद नहीं छोड़ी, उन्हें अब 26 साल बाद ऐसा सच मिला जिसने पूरे इलाके को भावुक कर दिया। गांव में इस खुलासे के बाद हर कोई स्तब्ध है और लोग इसे “26 साल बाद पानी से निकला दर्दनाक सच” कह रहे हैं। अक्टूबर 2000 की वो मनहूस रात  घटना कोटला गांव के एक परिवार से जुड़ी है. साल 2000 में तीन पुरुष और एक 8 साल का बच्चा शादी से लौट रहे थे, तभी उनकी वैन बेकाबू होकर भाखड़ा नहर में जा गिरी।  सर्च ऑपरेशन फेल हुआ  उस समय पेशेवर गोताखोरों ने महीनों तक नहर की खाक छानी थी, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि न तो गाड़ी मिली और न ही शव।  परिजनों का अनुरोध अब गोताखोर सैनी ने जब कोटला गांव के पीड़ित परिवार से संपर्क किया, तो उन्होंने नम आंखों से गाड़ी बाहर निकालने का अनुरोध किया. ट्रैक्टरों और स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद मलबे को बाहर खींचा गया।  अंतिम विदाई: प्रार्थना सभा के साथ दी गई शांति दशकों के इंतजार के बाद जब अपनों की निशानियां और अस्थियां मिलीं, तो गांव में शोक की लहर दौड़ गई।  गोताखोर कमलप्रीत सैनी ने बताया, "नहर की तलहटी में बहाव बहुत तेज था, वैन को बाहर निकालना नामुमकिन-सा काम था, लेकिन परिवार की भावनाओं के लिए हमने यह जोखिम उठाया।  मंगलवार को कीरतपुर साहिब में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई. 26 साल बाद परिवार को यह संतोष मिला कि अब उनके प्रियजनों का अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन धार्मिक रीति-रिवाजों से हो सकेगा।