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पंजाब को सीएम भगवंत मान ने दुनिया भर में बेहतरीन निवेश स्थल के रूप में दर्शाया

चंडीगढ़ चंडीगढ़ निवेश को प्रोत्साहित करने और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से वैश्विक स्तर पर प्रयास जारी रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने और लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय प्रयास जारी हैं। नीदरलैंड्स-इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड ट्रेड की चेयरपर्सन मिस एडिथ नॉर्डमैन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ रणनीतिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब और नीदरलैंड्स के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को बढ़ाने और निवेश प्रवाह को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने वैल्यू एडिशन, निर्यात आधारित विकास और वैश्विक सप्लाई चेन के साथ तालमेल, विशेष रूप से फूड प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में पंजाब के रणनीतिक फोकस को भी रेखांकित किया। भगवंत सिंह मान ने एनआईसीसीटी से पंजाब को डच उद्योगों से जोड़ने और क्षेत्र-विशेष भागीदारी तथा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों को सक्रिय करने की अपील की। इस दौरान हेग में आयोजित निवेश रोड शो में मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक ताकत और उभरते अवसरों को प्रस्तुत किया, जिसमें नीदरलैंड्स के उद्योगपतियों, व्यापार प्रतिनिधियों और साझेदारों ने भाग लिया। उन्होंने वैल्यू एडेड मैन्युफैक्चरिंग, औद्योगिक विकास और निर्यात आधारित वृद्धि की दिशा में पंजाब के बदलाव पर प्रकाश डाला। साथ ही राज्य के मजबूत बुनियादी ढांचे—जिसमें अनुकूल औद्योगिक माहौल, कुशल कार्यबल, प्रगतिशील नीतियां और निवेशक-अनुकूल प्रशासनिक ढांचा शामिल है—को भी प्रदर्शित किया। मुख्यमंत्री ने पंजाब और नीदरलैंड्स के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया, जो खुलेपन और नवाचार के साझा मूल्यों को दर्शाते हैं। उन्होंने निवेश को बढ़ावा देने और कारोबार करने में आसानी के प्रति राज्य सरकार की सक्रिय और सुधारवादी दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि औद्योगिक और व्यापार विकास नीति 2026 देश की सबसे प्रतिस्पर्धी नीतियों में से एक है। भगवंत सिंह मान ने फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल के माध्यम से सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और समयबद्ध स्वीकृतियों की प्रभावशीलता पर भी प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने पंजाब और नीदरलैंड्स के बीच साझा सांस्कृतिक मूल्यों और उद्यमशीलता की भावना की सराहना करते हुए वैश्विक निवेशकों को “पंजाब आइए, निवेश कीजिए और आगे बढ़िए” का आह्वान किया। उन्होंने राज्य के रणनीतिक लाभों को उजागर करते हुए निवेश को सहज बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे, प्रगतिशील किसानों और वैश्विक मानकों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन जैसी विशेषताओं पर भी जोर दिया। भगवंत सिंह मान ने डच कंपनियों को नए निवेश के लिए पंजाब को संभावित गंतव्य के रूप में चुनने का निमंत्रण दिया। एक सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रवासी पंजाबियों से संवाद किया, जिससे सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने और लोगों के बीच जुड़ाव को गहरा करने का अवसर मिला। उन्होंने नीदरलैंड्स में भारतीय और पंजाबी समुदाय के योगदान की सराहना की, जो सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने उनके सुझाव भी आमंत्रित किए और पंजाब के विकास में प्रवासी समुदाय को महत्वपूर्ण भागीदार बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, नीदरलैंड्स में भारत के राजदूत कुमार तुहिन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। निवेश को प्रोत्साहित करने और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से वैश्विक स्तर पर प्रयास जारी रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने और लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय प्रयास जारी हैं। नीदरलैंड्स-इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड ट्रेड की चेयरपर्सन मिस एडिथ नॉर्डमैन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ रणनीतिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब और नीदरलैंड्स के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को बढ़ाने और निवेश प्रवाह को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने वैल्यू एडिशन, निर्यात आधारित विकास और वैश्विक सप्लाई चेन के साथ तालमेल, विशेष रूप से फूड प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में पंजाब के रणनीतिक फोकस को भी रेखांकित किया। भगवंत सिंह मान ने एनआईसीसीटी से पंजाब को डच उद्योगों से जोड़ने और क्षेत्र-विशेष भागीदारी तथा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों को सक्रिय करने की अपील की। इस दौरान हेग में आयोजित निवेश रोड शो में मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक ताकत और उभरते अवसरों को प्रस्तुत किया, जिसमें नीदरलैंड्स के उद्योगपतियों, व्यापार प्रतिनिधियों और साझेदारों ने भाग लिया। उन्होंने वैल्यू एडेड मैन्युफैक्चरिंग, औद्योगिक विकास और निर्यात आधारित वृद्धि की दिशा में पंजाब के बदलाव पर प्रकाश डाला। साथ ही राज्य के मजबूत बुनियादी ढांचे—जिसमें अनुकूल औद्योगिक माहौल, कुशल कार्यबल, प्रगतिशील नीतियां और निवेशक-अनुकूल प्रशासनिक ढांचा शामिल है—को भी प्रदर्शित किया। मुख्यमंत्री ने पंजाब और नीदरलैंड्स के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया, जो खुलेपन और नवाचार के साझा मूल्यों को दर्शाते हैं। उन्होंने निवेश को बढ़ावा देने और कारोबार करने में आसानी के प्रति राज्य सरकार की सक्रिय और सुधारवादी दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि औद्योगिक और व्यापार विकास नीति 2026 देश की सबसे प्रतिस्पर्धी नीतियों में से एक है। भगवंत सिंह मान ने डच कंपनियों को नए निवेश के लिए पंजाब को संभावित गंतव्य के रूप में चुनने का निमंत्रण दिया। एक सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रवासी पंजाबियों से संवाद किया, जिससे सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने और लोगों के बीच जुड़ाव को गहरा करने का अवसर मिला। उन्होंने नीदरलैंड्स में भारतीय और पंजाबी समुदाय के योगदान की सराहना की, जो सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने उनके सुझाव भी आमंत्रित किए और पंजाब के विकास में प्रवासी समुदाय को महत्वपूर्ण भागीदार बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, नीदरलैंड्स में भारत के राजदूत कुमार तुहिन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

‘अब सिस्टम बदलने का वक्त’: Bhagwant Mann का बड़ा बयान, मुफ्त सुविधाएं रहेंगी जारी

चंडीगढ़. देश की राजनीति में भगवंत मान एक मात्र एसे मुख्यमंत्री हैं जो स्टेज से लेकर स्टेट तक को लीड कर रहे हैं। बतौर कलाकार मुख्यमंत्री भगवंत मान की ताकत ‘पोलटिकल सटायर’ हुआ करती थी। जो राजनीतिक सिस्टम पर चोट करती थी। 2022 में भगवंत मान मुख्यमंत्री बने तो उनके हाथों में हरा कलम आ गया। बतौर कलाकार मैं अपने शब्दों से सिस्टम पर चोट करता था। लोगों ने हाथों में हरा कलम जब से थमाया है। तब से मैं सिस्टम को बदल रहा हूं। ताकि सिस्टम में सुधार हो। विचार मंच के दौरान ‘चुनौतियां और राह’ पर बोलते हुए भगवंत मान ने कहा कि 70 साल का घाटा चार वर्षों में पूरा नहीं किया जा सकता। आम आदमी पार्टी ने भले ही चुनाव में लोगों से किए गए गारंटियों को पूरा कर दिया हो लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है। इस दौरान उन्होंने न अपने निजी जीवन से लेकर पंजाब के राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर खुल कर विचार रखे। गरीबों को मिलने वाली मुफ्त योजना जारी रहेगी मु्ख्यमंत्री ने कहा कि जब आम आदमी पार्टी ने 300 यूनिट फ्री बिजली का वायदा किया तो कहा गया कि ‘रेवड़ियां’ बांट रहे हैं। उन्होंने कहा ‘फिर 15 लाख का पापड़ पहले किसने बेचा था। अब कह रहे हैं कि जुमला था। नेताओं का तो टोल भी फ्री है और गाड़ी भी। तेल भी फ्री हैं जो टेलीफोन का बिल भी। जब गरीबों को बिजली, राशन, ईलाज, बस सफर मिलता हैं तो इन नेताओं को दर्द क्यों होता है। गरीब आदमी भले ही डायरेक्ट टैक्स नहीं देता लेकिन इन डायरेक्ट टैक्स तो देता ही है। गरीब आदमी के चाय से लेकर रात को सोते समय चलने वाले पंखे पर भी टैक्स है।’ उन्होंने कहा कि अंबानियों का जब कर्जा माफ हो जाता हैं तो गरीबों को सहूलियत क्यों नहीं दिया जा सकता है। यह योजनाएं बंद नहीं होगी। क्योंकि जब आम लोगों को यह भरोसा हो जाए कि उसके द्वारा दिए जाने वाला इन-डायरेक्ट का लाभ उन्हें ही मिलेगा तो उन्हें टैक्स देने का दुख नहीं होता। फसली विविधिकरण संभव नहीं, धान होगा तो पराली भी होगी किसानों को पारंपरिक खेती से मुक्ति दिलवाने के उठ रहे सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञापन देने मात्र से फसली चक्र नहीं टूटने वाला है। इसके लिए किसानों को बदली हुई फसल का मूल्य देना होगा। दीवारों पर हमने बहुत लिखा कि ‘हम दो हमारे दो’ तो इससे क्या जनसंख्या नियंत्रित हो गई। पराली में लगने वाली आग के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि असली कारण को समझना ही होगा। अक्टूबर-नवंबर में दशहरा-दीपावली और दशहरा एक साथ आते हैं। किसान धान की पराली में इसलिए आग लगाता हैं क्योंकि उसे 10 से 12 दिन के भीतर गेहूं की फसल लगानी होती है। जब पंजाब 185 लाख मिट्रिक टन धान सेंट्रल पूल में देता हैं तो पंजाब बहुत अच्छा लेकिन इसके साथ पराली भी तो होगी। जब किसान पराली जलाते हैं तो कहा जाता हैं कि किसानों पर पर्चा दर्ज कर दो। 10 दिन से किसान अन्नदाता से अपराधी बन जाता है दस दिन पहले जो किसान अन्नदाता होता हैं 10 दिन बाद ही वह अपराधी बन जाता है। किसानों को पराली संभालने का इंसेंटिव देना होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में पराली जलती भी नहीं हैं कि दिल्ली में हंगामा शुरू हो जाता है। एनजीटी के सेवानिवृत्त जज ने भी स्पष्ट किया कि पंजाब को यूं ही बदनाम किया जाता है। पंजाब के धुएं से दिल्ली को असर नहीं पड़ता। लेकिन जज साहब ने यह बात तब कहीं जब वह सेवानिवृत्त हो गए। सर्विंग में होते हुए उन्होंने यह बात नहीं कहीं। मुख्यमंत्री ने मार्डन खेती पर विशेष जोर दिया। पंजाब के छात्र जमीन पर नहीं बैठते मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में शिक्षा क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है। स्कूल आफ एमिनेंस तो बने ही हैं साथ ही पंजाब का अब कोई भी ऐसा स्कूल नहीं हैं जहां पर बच्चे जमीन पर पढ़ते हो। कोई स्कूल ऐसा नहीं हैं जो बिना चाहरदिवारी के हो। स्कूलों में लैब बने हैं और सकरारी स्कूल के बच्चे जेईई और नीट की परीक्षा पास कर रहे हैं। यह वहीं स्कूल जहां दो-तीन साल पहले तक बच्चों को जेईई और नीट के बारे में पता तक नहीं था। ड्रग्स को लेकर पंजाब बदनाम किया जा रहा ड्रग्स के मुद्दे पर उठे सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, बदनाम तो पंजाब को किसा जाता हैं लेकिन 3000 किलों ड्रग्स मुंद्रा पोर्ट से पकड़ी जाती है। पंजाब सरकार ड्रग्स के खिलाफ मुहीम चला रही है। वहीं, नए इनोवेशन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब प्रति दिन 15 मौतें सड़कों पर हो रही थी। लोग इसे कुदरती आपदा मानते थे लेकिन यह मानवीय आपदा थी। मुख्यमंत्री ने कहा जब मैंने सड़क सुरक्षा फोर्स का गठन किया तो सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या में कमी आई। आज प्रति वर्ष 2600 कीमती जानें बचाई जा रही है।

आंगनवाड़ी सेवाओं को डिजिटल बनाने की मांग, Punjab में मोबाइल और पोषण ट्रैकर पर जोर

फतेहगढ़ साहिब. फतेहगढ़ साहिब में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर जोरदार रोष प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन पंजाब (सीटू) के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष हरजीत कौर ने जिला प्रशासन को संबोधित करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए खरीदे गए नए मोबाइल फोन बिना किसी देरी के तुरंत वितरित किए जाएं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल देने का फैसला लिया था, लेकिन लंबे इंतजार के बाद अब जाकर फोन खरीदे गए हैं। कर्मचारियों को मोबाइल देने की मांग हरजीत कौर ने आशंका जताई कि इन मोबाइल फोन को कार्यकर्ताओं को देने के बजाय अन्य सरकारी कार्यों जैसे बीएलओ ड्यूटी या नशा सर्वेक्षण के लिए दूसरे कर्मचारियों को दिया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कार्यकर्ता किसी भी हालत में इस्तेमाल किए हुए फोन स्वीकार नहीं करेंगी और उन्हें केवल सील बंद यानी डिब्बा बंद फोन ही चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने निजी मोबाइल फोन से ही कई सरकारी काम कर रही हैं, जिनमें पोषण ट्रैकर, एम सेवा और पीएमबीवाई जैसे अनुप्रयोग शामिल हैं। इसके बावजूद सरकार की ओर से मोबाइल उपयोग के लिए मात्र 153.84 रुपये मासिक भत्ता दिया जा रहा है, जो आज के समय में रिचार्ज खर्च के लिए भी पर्याप्त नहीं है। यूनियन ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनसे नए-नए कार्यों की अपेक्षा की जाती है, तो जरूरी संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएं। यदि खरीदे गए मोबाइल फोन किसी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग किए गए, तो यूनियन इसकी जिम्मेदारी लेने से इनकार करेगी और आने वाले समय में संघर्ष को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के अंत में कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द मांगें पूरी करने की मांग की।

वैश्विक साझेदारी की ओर Punjab: Netherlands संग व्यापार बढ़ाने की तैयारी, CM मान की नजर इंडस्ट्री पर

चंडीगढ़. नीदरलैंड्स-इंडिया चैंबर आफ कामर्स एंड ट्रेड की चेयरपर्सन मिस एडिथ नार्डमैन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब और नीदरलैंड्स के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को बढ़ाने और निवेश को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने वैल्यू एडिशन, निर्यात आधारित विकास और वैश्विक सप्लाई चेन के साथ तालमेल, विशेष रूप से फूड प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में पंजाब के रणनीतिक फोकस को भी रेखांकित किया। भगवंत मान ने एनआइसीसीटी से पंजाब को डच उद्योगों से जोड़ने और क्षेत्र-विशेष भागीदारी तथा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों को सक्रिय करने की अपील की। इस दौरान हेग में हुए निवेश रोड शो में मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक ताकत और उभरते अवसरों को प्रस्तुत किया, जिसमें नीदरलैंड्स के उद्योगपतियों, व्यापार प्रतिनिधियों और साझेदारों ने भाग लिया। उन्होंने राज्य में अनुकूल औद्योगिक माहौल, कुशल कार्यबल, प्रगतिशील नीतियां और निवेशक अनुकूल प्रशासनिक ढांचे के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की औद्योगिक व व्यापार विकास नीति 2026 देश की सबसे प्रतिस्पर्धी नीतियों में से एक है। मुख्यमंत्री ने फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल के माध्यम से सिंगल-विंडो क्लीयरेंस व समयबद्ध स्वीकृति के बारे में भी बताया। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से “पंजाब आइए, निवेश कीजिए और आगे बढ़िए” की बात कह निवेश के लिए आह्वान किया।

एनकाउंटर के बाद गिरफ्त में ‘गोलू गोहाना’, Chandigarh पुलिस की बड़ी कार्रवाई

चंडीगढ़. बुधवार को चंडीगढ़ पुलिस ने कुख्यात बदमाश गोलू गोहाना को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया. गुप्त सूचना के आधार पर चंडीगढ़ पुलिस ने ये कार्रवाई की. मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से बदमाश गोलू घायल हो गया. जिसे पुलिस ने इलाज के लिए सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक गोलू हथियार सप्लाई करने का काम करता था. गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने गोलू गोहाना को सेक्टर-25 स्थित रैली ग्राउंड के पास गिरफ्तार किया. पुलिस की टीम को देखते ही गोलू ने भागने की कोशिश की. इस दौरान उसने पुलिस की टीम पर फायरिंग कर दी. जिसके जवाब में पुलिस की टीम ने भी फायरिंग की. जिसके बाद टांग में गोली लगने से गोलू घायल हो गया. जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. गनीमत रही की किसी पुलिसकर्मी को गोली नहीं लगी. पैर में गोली लगने से बदमाश घायल: चंडीगढ़ पुलिस इंस्पेक्टर सतविंदर दुहन ने बताया कि "ऑपरेशन सेल की टीम को आरोपी की लोकेशन की सूचना मिली थी. इसके बाद टीम ने मौके पर घेराबंदी की. खुद को घिरता देख आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिसके चलते मुठभेड़ की स्थिति बनी. पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया." मौका का निरीक्षण करती पुलिस की टीम हथियार सप्लाई करने का आरोप: इंस्पेक्टर सतविंदर दुहन ने बताया कि "फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है. गोलू गोहाना के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वो लंबे समय से फरार चल रहा था. पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य मामलों को लेकर जांच में जुटी है. आरोपी से पूछताछ के बाद कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है."

तपता Jalandhar: 40.2 डिग्री पर पहुंचा तापमान, पावर कट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं

जालंधर. सीजन का मंगलवार का दिन सबसे गर्म दिन रिकार्ड किया गया। तापमान अब तक का सर्वाधिक 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने वीरवार और शुक्रवार को लू चलने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं इस बीच तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं 27 अप्रैल को आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ-साथ वर्षा होने की संभावना जताई है। गर्मी के साथ ही शहर में पानी की किल्लत बढ़ने लगी है। कई इलाकों में लोग पानी न आने से परेशान रहे। बिजली के कटों ने दिक्कत और बढ़ा दी है। पावरकाम ने अगले पांच दिन लंबे बिजली कट लगाने की घोषणा की है। इससे दोपहर को पानी की सप्लाई प्रभावित, होगी क्योंकि ट्यूबवेल नहीं चल पाएंगे। नगर निगम ने इस कारण सुबह-शाम एक-एक घंटा पानी की सप्लाई का समय बढ़ा दिया है। सोमवार को गुरु अमरदास नगर में पानी की किल्लत दूर हुई तो न्यू इंदिरा कालोनी में पानी की सप्लाई को लेकर नाराजगी सामने आई है। अब मंगलवार को वार्ड नंबर दो के तहत आते बचिंत नगर और परशुराम नगर में पानी की कमी के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया। वहीं नगर निगम की लेटलतीफी से भी लोग पानी की कमी झेल रहे हैं। करीब 35 ट्यूबवेल लगाए जा चुके हैं, लेकिन बिजली के कनेक्शन न होने की वजह से यह शुरू नहीं किए जा सके। इनमें न्यू इंदिरा कालोनी में 11 महीने पहले लगा ट्यूबवेल भी शामिल है। वहीं अगले पांच दिन बिजली के कट सुबह 10 बजे दोपहर तीन बजे के बीच लगाए जाने हैं। अप्रैल में तेजी से बढ़ रहा तापमान बीते वर्षों में अप्रैल के 21 दिनों की बात करें तो 2022 में सर्वाधिक तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, जबकि 2023 में तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ था। गर्मी को लेकर सेहत विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत गर्मी से बचाव के लिए लोगों को सेहत के प्रति अधिक सतर्क रहने का आह्वान किया गया है। सिविल सर्जन डा. राजेश गर्ग ने कहा कि लोग लू से बचाव करें। बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग व बीमार लोग दिन में घरों से बाहर न निकलें। खान-पान पर भी विशेष ध्यान देना होगा, जिसमें हरी सब्जियों और मौसमी फल जैसे तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर का सेवन करना चाहिए। इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है। उन्होंने कहा कि गर्मी से तेज सिरदर्द, बेचैनी, चक्कर आना, मांसपेशियों की कमजोरी, जी मिचलाना और उल्टी आना व दिल की धड़कन तेज हो जाती है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से जांच करवानी चाहिए। धूप में बाहर जाना बहुत जरूरी हो तो पानी साथ लेकर जरूर जाएं व थोड़े-थोड़े समय के अंतराल पर पानी पीते रहें। जरूरत पड़ने पर मुफ्त एंबुलेंस सेवा के लिए टोल फ्री नंबर 108 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्हाेंने कहा कि धीरे-धीरे गर्मी बढ़ती जाएगी, इसलिए जितना हो सके, दिन में घर से बाहर निकलने से परहेज करें। ऐसा करके आप कई बीमारियों से बच सकते हैं।

चंडीगढ़ में अवैध निर्माणों पर शिकंजा! Chandigarh Housing Board ने 32 हजार लोगों को भेजे नोटिस

चंडीगढ़. चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अवैध निर्माण और अतिक्रमण स्वयं हटाकर दंडात्मक कार्रवाई से बचें। बोर्ड अब तक करीब 32,000 नोटिस जारी कर चुका है, जिनमें भवन नियमों के उल्लंघन और सरकारी जमीन पर कब्जे के मामलों को चिन्हित किया गया है। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत इस महीने की शुरुआत में सीएचबी ने अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान शुरू किया है। अधिकारियों के अनुसार, नोटिस उन मकान मालिकों को दिए गए हैं जिन्होंने स्वीकृत नक्शे से हटकर अतिरिक्त कमरे, स्टोर, छतों पर बालकनी या अन्य निर्माण किए हैं। कई मामलों में अतिरिक्त खंभे खड़े कर मूल संरचना में बदलाव किया गया है, जो सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा बताया गया है। यूटी प्रशासन का कहना है कि यह अभियान भवन नियमों के पालन को सुनिश्चित करने और अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए चलाया जा रहा है। सेक्टर-41 और सेक्टर-45 में कुछ अवैध ढांचे पहले ही गिराए जा चुके हैं। इसके बाद सेक्टर 29 और 30 के मकानों को भी नोटिस जारी किया गया है जिसको लेकर इस समय यहां के निवासियों में हाहाकार मचा हुआ है। सीएचबी ने अलाटियों को सलाह दी है कि वे जल्द से जल्द उल्लंघन हटाएं और भवन की मूल संरचना—जैसे खंभे, दीवारें और नींव—को अपने खर्च पर बहाल करें, साथ ही स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट जमा कराएं। उच्च न्यायालय ने 28 नवंबर 2019 के आदेश में असुरक्षित इमारतों की जांच के लिए समिति बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 21 अप्रैल 2022 के फैसले में अदालत ने एक महीने के भीतर जरूरी संरचनात्मक सुधार करने और इसकी लागत संबंधित अलॉटियों से वसूलने को कहा था। इस बीच, 8 अप्रैल को सेक्टर-45 में तोड़फोड़ अभियान के दौरान स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच झड़प हुई। मेयर सौरभ जोशी समेत कई पार्षद मौके पर पहुंचे और विरोध जताया, जिसके बाद अभियान अस्थायी रूप से रोक दिया गया। वहीं, सांसद मनीष तिवारी ने इस मुद्दे पर कहा है कि लोगों के घर तोड़ना समाधान नहीं है। उन्होंने जरूरत के मुताबिक किए गए बदलावों को नियमित करने के लिए व्यावहारिक नीति बनाने की मांग की है। वही हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले लोग भी वन टाइम रहता की मांग कर रहे हैं। कब रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल दत्त का कहना है कि जब दूसरे राज्यों में वन टाइम राहत मिल सकती है तो चंडीगढ़ में क्यों नहीं। इस साल के अंत में नगर निगम चुनाव भी होने हैं ऐसे में जहां लोगों के मकान पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है वहीं राजनीति भी गरमाई हुई है।

‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम 2026’ का नोटिफिकेशन जारी, पंजाब सरकार का बड़ा कदम

चंडीगढ़   पंजाब सरकार ने 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026' का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह अधिनियम 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा में पारित किया गया था, जिसके बाद अब इसे औपचारिक रूप से लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है। सरकारी जानकारी के अनुसार, इस संशोधन अधिनियम का उद्देश्य धार्मिक भावनाओं और परंपराओं से जुड़े मामलों में व्यवस्था को और स्पष्ट तथा सुव्यवस्थित करना है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद राज्य में लंबे समय से चल रहा समाना मोर्चा समाप्त करने की भी घोषणा की गई है। इसे राज्य में चल रहे धार्मिक और सामाजिक तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस फैसले के बाद भाई गुरजीत सिंह खालसा श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद टावर से नीचे उतरेंगे। बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया धार्मिक रीति-रिवाजों और सहमति के आधार पर पूरी की जाएगी। प्रशासन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। पंजाब सरकार के इस कदम को राज्य में शांति और सौहार्द बनाए रखने की दिशा में एक अहम प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित पक्षों के साथ बातचीत और समझौते के बाद ही यह निर्णय लागू किया गया है, जिससे स्थिति को सामान्य किया जा सके। इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है और पुलिस बल को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। अधिकारियों ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सरकार का मानना है कि इस अधिनियम और इससे जुड़े फैसलों से राज्य में चल रहे विवादों का समाधान निकालने में मदद मिलेगी और धार्मिक सौहार्द को और मजबूत किया जा सकेगा।

लुधियाना में भ्रष्टाचार पर वार, विजिलेंस टीम ने SHO को रिश्वत लेते दबोचा

लुधियाना. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डिवीजन नंबर-4 के SHO गुरजीत सिंह को ₹30,000 की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों काबू कर लिया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई प्लानिंग के तहत की गई, जिसमें विजिलेंस ने ट्रैप लगाकर आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फिलहाल मामले में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, वहीं विजिलेंस टीम द्वारा आगे की जांच जारी है। आरोपों से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है और आने वाले समय में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। इसके पहले, लुधियाना के गांव मोही स्थित कैंप खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल (सरकारी सहायता प्राप्त) के प्रिंसिपल गुरमीत सिंह को 6,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। उनपर एक छात्र से सर्टिफिकेट के लिए रुपए मांगने का आरोप है। लुधियाना में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। बताया गया कि छात्र ने कोविड काल में 10वीं पास की थी, लेकिन उसे सर्टिफिकेट नहीं मिला था। जब वह प्रिंसिपल के पास गया, तो आरोपी ने 15,800 रुपये की मांग की। डुप्लीकेट सर्टिफिकेट की सरकारी फीस मात्र 900 रुपये है, लेकिन प्रिंसिपल ने छात्र से मौके पर ही 10,000 रुपये ऐंठ लिए बाकी के 6,000 रुपये लेते समय विजिलेंस की टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में प्रिंसिपल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था।

पंजाब में BLO ड्यूटी पर कड़ा रुख, मुख्य चुनाव अधिकारी पंजाब ने दिए स्पष्ट निर्देश

चंडीगढ़. पंजाब में जनगणना की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जनगणना को लेकर मुख्य चुनाव अधिकारी ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि बी.एस.ओ. (बूथ लेवल ऑफिसर) जनगणना ड्यूटी नहीं निभाएंगे। दरअसल राज्य में जनगणना के लिए कर्मचारियों/अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपनी शुरू कर दी गई हैं। प्रशासन ने BLO को भी जनगणना के लिए नियुक्त कर दिया था, पर जब मामला मुख्य चुनाव अधिकारी के पास पहुंचा तो उन्होंने साफ किया कि BLO जनगणना की ड्यूटी नहीं निभाएंगे। CEO पंजाब ने सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को जनगणना की ड्यूटी पर नियुक्त BLO को तुरंत हटाने के निर्देश दिए है। CEO का तर्क है कि पंजाब में एस.आई.आर. होने वाला है और BLO इसकी तैयारी में व्यस्त हैं। B.L.O. एक समय में दो काम नहीं संभाल सकते। CEO के निर्देशों के बाद जिला अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों को जनगणना के लिए B.L.O. को तैनात न करने का निर्देश दिया है। यह भी कहा गया है कि अगर किसी B.L.O. को जनगणना के लिए नियुक्त किया जाता है तो उसे हटा दिया जाएगा और किसी दूसरे अधिकारी उसकी जगह बदल दिया जाएगा। एस.आई.आर. से पहले वोटर लिस्ट में किसी भी गलती को ठीक करने के लिए मैपिंग की जा रही है। पंजाब में मैपिंग 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है पर एस.आई.आर. शुरू होने तक इसे 100 प्रतिशत पूरा किया जाना है। कई जिलों में मैपिंग का काम 70 प्रतिशत से भी कम है। चुनाव दफ्तर के अधिकारियों के अनुसार लुधियाना में 60 से 65 प्रतिशत मैपिंग हो गई है। नतीजतन BLO इस समय पूरे राज्य भर में मैपिंग प्रक्रिया में लगे हुए हैं, जिस कारण उनके लिए जनगणना के फर्ज को निभाना असंभव है।