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जेडीयू की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी, नीतीश ने शामिल किए 24 नेता, निशांत का नाम नहीं

नईदिल्ली / पटना  जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने पार्टी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित की है। इसमें उनके बेटे निशांत कुमार को जगह फिलहाल नहीं मिली है। जेडीयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 24 नेताओं को रखा गया है। राज्यसभा सांसद संजय झा जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बने रहेंगे। वहीं, पार्टी के वरीय नेता एवं जहानाबाद से पूर्व सांसद चंद्रेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। आलोक कुमार सुमन कोषाध्यक्ष होंगे। वहीं, 12 नेताओं को जेडीयू का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। इसमें मनीष कुमार वर्मा, आफाक अहमद खान, श्याम रजक, अशोक चौधरी, रमेश सिंह कुशवाहा, राम सेवक सिंह, कहकशां परवीन, कपिल हरिशचंद्र पाटिल, राज सिंह मान, सुनील कुमार उर्फ इंजीनियर, हर्षवर्धन सिंह, मौलाना गुलाम रसूल और बलियावी का नाम शामिल है। राजीव रंजन सिंह जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने रहेंगे। वहीं, रविंद्र प्रसाद सिंह, विद्या सागर निषाद, दयानंद राय, संजय कुमार, मोहम्मद निसार, रूही तागुंग और निवेदिता कुमारी को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया है। राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में निशांत का नाम नहीं नीतीश कुमार द्वारा बुधवार को जारी की गई जेडीयू के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में निशांत कुमार का नाम नहीं है। यह सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। नीतीश कुमार के बिहार का मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाने के फैसले के बाद उनके बेटे निशांत ने राजनीति में कदम रखा था। बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार में उनके डिप्टी सीएम बनने की चर्चा थी। हालांकि, जेडीयू से विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को डिप्टी सीएम बनाया गया। बताया गया कि निशांत कुमार अभी सरकार में शामिल होने को तैयार नहीं हैं। पिछले दिनों जब पत्रकारों ने उनसे डिप्टी सीएम नहीं बनने की वजह पूछी थी तो उन्होंने कहा था कि वह अभी संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे। बिहार में यात्रा निकालकर लोगों से मिलेंगे। ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि निशांत कुमार को जेडीयू संगठन में कोई बड़ा पद मिल सकता है। अगले महीने बिहार यात्रा पर निकलेंगे निशांत निशांत ने बीते 8 मार्च को औपचारिक रूप से जेडीयू की सदस्यता ग्रहण की थी। इससे पहले वह सक्रिय राजनीति से दूर ही रहे थे। उन्हें लंबे समय से पार्टी में लाने की मांग कार्यकर्ताओं द्वारा की जा रही थी। जेडीयू ज्वॉइन करने के बाद से निशांत पार्टी में काफी सक्रिय हैं। बीते डेढ़ महीने में उन्होंने पार्टी के प्रवक्ताओं, वरीय नेताओं, युवा लीडर एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं। आगामी 3 मई से वह बिहार यात्रा पर भी निकने वाले हैं। निशांत की यात्रा पश्चिम चंपारण जिले से शुरू होगी। इसका विस्तृत कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि यात्रा के जरिए निशांत सभी 38 जिलों का दौरा करेंगे और कार्यकर्ताओं एवं जनता से सीधे संवाद करेंगे। राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में निशांत का नाम नहीं होने की एक वजह यह भी मानी जा रही है कि अभी वे पार्टी के क्रियाकलापों को बारीकी से सीख रहे हैं। अनुभव लेने के बाद ही वह कोई पद संभालेंगे।

युवाओं के लिए खुशखबरी: Bihar में इंटर्नशिप प्रोग्राम, 12वीं पास को भी मिलेगा ₹6000 तक स्टाइपेंड

शिवहर. जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने कौशल विकास योजनाओं में गति लाने के निर्देश दिए। मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित जिला कौशल विकास समिति एवं जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र की समीक्षात्मक बैठक में जिलाधिकारी ने अलग-अलग दोनों विभागों के कार्यों की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने कहा कि कौशल विकास योजना के तहत बिहार सरकार ने इंटर्नशिप करने वाले युवाओं को वित्तीय सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना शुरू की है। उन्होंने बताया कि यह 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद युवाओं को इंटर्नशिप कार्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई योजना है। वित्तीय सहायता: युवाओं को इंटर्नशिप कार्यक्रम के दौरान तीन महीने से लेकर 12 महीने तक की अवधि के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। उच्चतर माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को इंटर्नशिप के लिए चार हजार आईटीआई डिप्लोमा उत्तीर्ण उम्मीदवारों को पांच हजार व स्नातक एवं स्नातकोत्तर युवाओं को छह जार रुपये प्रति माह की इंटर्नशिप मिलेगी। जिलाधिकारी ने इसके विस्तृत स्तर का प्रचार प्रसार करने हेतु निर्देशित किया, ताकि अधिक से अधिक इच्छुक अभ्यर्थी इस योजना से लाभान्वित हो सकें। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना पर चर्चा करते हुए कहा कि यह भारत सरकार की एक पहल है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य युवाओं को देश की शीर्ष 500 कंपनियों में 12 महीने की व्यावहारिक कार्य अनुभव प्रदान करना है। 18 से 24 वर्ष के युवा जो पूर्णकालिक रोजगार में नहीं हैं, इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। जिसमें नौ हजार प्रति माह स्टाइपेंड औरछह हजार की एकमुश्त सहायता मिलती है। 21 से 24 आयुवर्ग के 10वीं, 12 वीं, आईटीआई, डिप्लोमा, या बीए, बीकॉम, बीएससी, बीसीए, बीबीए स्नातक पास, जिनकी परिवार की वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम है वह इसके पात्र है। कुशल युवा कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विभाग द्वारा लक्ष्य को इस वित्तीय वर्ष मैं शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने हेतु निर्देशित किया। जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र को निबंधन के लक्ष्य को सत प्रतिशत हासिल करने हेतु निर्देशित किया। साथ ही रोस्टर बना कर सभी विद्यालयों में काउंसलिंग कराने का निर्देश दिया गया।

चौंकाने वाला स्कैम Bihar में: बकरी को बकरा बताकर बिक्री, फेविक्विक से फर्जी बदलाव का खुलासा

कटिहार. अगर आप मटन के शौकीन हैं और बाजार से बकरे का मीट खरीदते हैं तो यह खबर आपके होश उड़ा देगी। फलका हाट-बाजार में इन दिनों जालसाजी का एक ऐसा अनोखा तरीका सामने आया है, जिसे सुनकर लोग दंग हैं। यह नहीं कहा जा सकता है यह तरीका सिर्फ फलका तक ही सीमित है। वैसे फलका के कुछ शातिर कसाई फेविक्विक का इस्तेमाल कर ग्राहकों की आखों में धूल झोंक रहे हैं और 800 रुपये प्रति किलो की दर से बकरी को बकरा का मांस बनाकर बेच रहे हैं। कैसे हो रहा है फेविक्विक का कमाल बाजार में बकरे (खस्सी) के मांस की मांग और कीमत ज्यादा होती है। इसी का फायदा उठाने के लिए जालसाज कसाई बूढ़ी बकरियों को काटते हैं और फिर फेविक्विक की मदद से उनके शरीर पर कृत्रिम तरीके से अंडकोष (हाइड्रोसिल) चिपका देते हैं। दूर से देखने पर ग्राहक को लगता है कि वह बकरे का मांस खरीद रहा है, जबकि असल में वह घटिया दर्जे का बकरी का मीट होता है। पकड़ी गई चोरी, बाजार में मचा हंगामा इस ठगी का खुलासा तब हुआ जब कुछ जागरूक ग्राहकों ने मांस खरीदते समय संदेह होने पर उसे खींचकर देखा। फेविक्विक से चिपकाया गया हिस्सा अलग होते ही कसाई की पोल खुल गई। बताया जा रहा है कि फलका हाट व बाजार में इस बात को लेकर कई बार ग्राहकों और बुचर (कसाई) समाज के बीच तीखी झड़प और विवाद भी हो चुका है। प्रशासन से कार्रवाई की मांग ठगी के इस नए तरीके से मटन प्रेमियों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने फलका प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से मांग की है कि ऐसे कसाइयों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और दुकानों की औचक जांच की जाए। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक फलका सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डा अश्वनी कुमार ने बताया कि मांस जैसे खाद्य पदार्थ पर फेविक्विक जैसे घातक केमिकल का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। यह पेट की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

बिहार में आज बड़ी बैठक: Samrat Choudhary की कैबिनेट ‘विकसित भारत, समृद्ध बिहार’ एजेंडे पर करेगी मंथन

पटना. मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली दौरे से लौटते ही एक्‍शन मोड में होंगे। प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात के बाद बुधवार शाम छह बजे उन्होंने कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनकी दूसरी कैबिनेट बैठक है, लेकिन राजनीतिक लिहाज से इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली में पीएम से मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी ने ‘विकसित भारत और समृद्ध बिहार’ के विजन पर मार्गदर्शन मिलने की बात कही। इसे सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात नहीं, बल्कि आने वाले फैसलों के लिए केंद्रीय नेतृत्व से ‘ग्रीन सिग्नल’ के तौर पर देखा जा रहा है। कैबिनेट में दिखेगा पावर बैलेंस? कैबिनेट बैठक में डिप्टी सीएम व‍िजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव भी मौजूद रहेंगे। फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होने के कारण सभी विभाग इन्हीं तीन नेताओं के पास हैं। ऐसे में आज की बैठक में लिए जाने वाले फैसले सरकार की प्राथमिकताओं और सत्ता के भीतर पावर बैलेंस को भी साफ कर सकते हैं। विश्वासमत से पहले ‘मैसेज पॉलिटिक्स’ 24 अप्रैल को होने वाले विशेष विधानसभा सत्र में सम्राट चौधरी को विश्वासमत हासिल करना है। इससे ठीक पहले कैबिनेट बैठक को ‘मैसेज पॉलिटिक्स’ के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार कुछ बड़े और जनहित से जुड़े फैसलों के जरिए राजनीतिक बढ़त लेने की कोशिश कर सकती है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने शाम पांच बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिससे सियासी हलचल और तेज हो गई है। भाजपा संगठन से भी साधा तालमेल दिल्ली दौरे के दौरान सम्राट चौधरी ने भाजपा नेतृत्व से भी मुलाकात की। पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के साथ उनकी बैठक को संगठन और सरकार के बीच तालमेल मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

JDU में बदलाव: नीतीश कुमार ने श्रवण को विधायक दल का नेता बनाया, तीन दिन पहले बढ़ी थी सुरक्षा

पटना. बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत श्रवण कुमार को बिहार विधानसभा में जदयू विधायक दल का नेता चुना गया है। उनके नाम को औपचारिक रूप से विधानसभा भेजे जाने के बाद अधिसूचना भी जारी कर दी गई। यह निर्णय नीतीश कुमार द्वारा लिया गया, जिन्हें हाल ही में जदयू विधायक दल का नेता चुनने के लिए अधिकृत किया गया था। श्रवण कुमार पूर्व मुख्यमंत्री के बेहद करीबी माने जाते हैं और पूर्व सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ श्रवण कुमार नालंदा विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 1995 से लगातार विधायक चुने जाते रहे हैं। उनका यह अनुभव पार्टी के लिए एक मजबूत आधार माना जा रहा है। कयासों पर लगा विराम 20 अप्रैल को हुई जदयू विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को नेता चयन के लिए अधिकृत किया गया था। इसके बाद कई नामों को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन नीतीश कुमार ने सभी कयासों पर विराम लगाते हुए श्रवण कुमार के नाम पर मुहर लगा दी। बढ़ाई गई सुरक्षा, बढ़ी जिम्मेदारी गौरतलब है कि हाल ही में श्रवण कुमार की सुरक्षा बढ़ाकर उन्हें Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। यह निर्णय उनके बढ़ते राजनीतिक महत्व को दर्शाता है। संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश इससे पहले जदयू के वरिष्ठ नेता व‍िजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री बनाया जा चुका है। ऐसे में श्रवण कुमार को विधायक दल का नेता बनाकर पार्टी ने संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश की है।

बिहार में एंट्रेंस एग्जाम फॉर्म भरने का मौका बढ़ा, BCECEB का अहम फैसला

पटना. बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद (BCECE) ने डिप्लोमा-सर्टिफिकेट प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा (DCECE) 2026 के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। परिषद द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार पाॅलिटेक्निक इंजीनियरिंग (पीई), पैरा मेडिकल (इंटरमीडिएट स्तरीय) और पैरा मेडिकल (माध्यमिक स्तरीय पीएमएम) के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि को विस्तारित किया गया है। छात्रहित को ध्यान में रखते हुए अब अभ्यर्थी 27 अप्रैल की रात 10 बजे तक पंजीकरण कर सकेंगे। जानकारी पर्षद की वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in से ली जा सकती है।  21 अप्रैल तक थी आवेदन की तिथ‍ि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आवेदन की प्रक्रिया 21 अप्रैल को समाप्त होनी थी, लेकिन अब नई समय-सारणी लागू कर दी गई है। नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या यूपीआइ के माध्यम से शुल्क भुगतान करने की अंतिम तिथि भी बढ़ाकर 27 अप्रैल (रात 11:00 बजे) कर दी गई है। यदि किसी छात्र के आवेदन फार्म में कोई त्रुटि रह जाती है, तो वे 28 और 29 अप्रैल को आनलाइन पोर्टल के माध्यम से सुधार कर सकता है। पीई परीक्षा 23 और पैरा मेड‍िकल की 24 मई को  पर्षद ने परीक्षा की संभावित तिथियों की भी घोषणा कर दी है। पाॅलिटेक्निक इंजीनियरिंग (पीई) 23 मई को और पैरा मेडिकल (पीएम-पीएमएम) 24 मई को होगी। परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र 20 मई को वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे। परीक्षा नियंत्रक ने स्पष्ट किया है कि 27 अप्रैल तक सफलतापूर्वक आवेदन भरने वाले अभ्यर्थी ही सुधार प्रक्रिया का लाभ ले पाएंगे। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में डेटा सुधार का मौका नहीं दिया जाएगा। अन्य सभी नियम और शर्तें पूर्व में प्रकाशित विज्ञापन के अनुसार ही रहेंगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से जुड़ी नवीनतम जानकारियों के लिए नियमित रूप से पर्षद की आधिकारिक वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in पर नजर बनाए रखें।

ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की ओर कदम: पश्चिम चंपारण में 500MW सोलर प्रोजेक्ट की तैयारी

बेतिया/पश्चिम चंपारण. जिले में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से रविवार को बेतिया में अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने की। इसमें दिल्ली से आई मंत्री कार्यालय की टीम, जिलाधिकारी तरनजोत सिंह सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और कोल इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान जिले के समग्र विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। इस बैठक का प्रमुख विषय जिले में 500 मेगावाट क्षमता वाले सोलर पावर प्लांट की स्थापना का प्रस्ताव था। इस परियोजना से ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव होगा। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इसके लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित कर कोल इंडिया को सूचित किया जाएगा। प्रक्रिया को तेज करने के लिए अगले सप्ताह संयुक्त निरीक्षण का कार्यक्रम भी तय किया गया है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए गौनाहा के भितिहरवा में 50 बेड के आयुष अस्पताल की स्थापना पर सकारात्मक सहमति बनी। इससे ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं में सुधार की होगी। शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल करते हुए एक नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को लेकर चर्चा हुई। जिससे जिले के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। इसके अलावा, मंत्री ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत अन्य विद्यालयों के बुनियादी ढांचे के विकास और अमृत सरोवरों के निर्माण व सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव रखा। मंत्री ने बताया कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से इन योजनाओं को जमीन पर उतारा जा सकता है। उन्होंने सभी प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने भी इन विकास योजनाओं के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया।

सम्राट सरकार का बड़ा फैसला: विजय सिन्हा के आदेश को पलटते हुए 224 राजस्वकर्मियों का निलंबन रद्द

पटना  बिहार सरकार ने राजस्व कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने पूर्व में लिए गए सख्त फैसले को पलटते हुए 200 से अधिक राजस्व कर्मचारियों के निलंबन को खत्म करने का निर्देश दिया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव डॉ महेंद्र पाल ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर 11 फरवरी से 19 अप्रैल के बीच निलंबित किए गए कर्मियों की बहाली की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है. बताया जा रहा है कि इससे पहले यह कार्रवाई तत्कालीन फैसलों के तहत की गई थी, जिसे अब बदल दिया गया है।  विजय सिन्हा के समय हुई थी सख्त कार्रवाई सम्राट चौधरी सरकार ने हड़ताल के दौरान निलंबित 224 से ज्यादा कर्मियों का सस्पेंशन रद्द कर दिया है. यह फैसला पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के सख्त आदेश को पलटते हुए लिया गया है. बता दें कि बीते 11 फरवरी 2026 से राजस्व कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे. तब विजय कुमार सिन्हा राजस्व मंत्री और उपमुख्यमंत्री थे. उन्होंने हड़ताल को अनुशासनहीनता मानते हुए अलग-अलग आदेश जारी कर 224 कर्मियों को निलंबित कर दिया था. 9 मार्च से अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी भी हड़ताल पर थे. उनके खिलाफ भी 45 से ज्यादा सस्पेंशन हुए. अब सम्राट सरकार ने इनमें से कर्मचारियों का निलंबन वापस ले लिया है।  जनगणना और जनता का काम अटका था दरअसल, ढाई महीने से हड़ताल और निलंबन के चलते अंचलों में जमीन संबंधी काम पूरी तरह ठप हो गए थे. दाखिल-खारिज, नामांतरण, जनगणना जैसे जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे थे. विभाग ने इसे ध्यान में रखते हुए फिलहाल कर्मचारियों को काम पर वापस बुलाने का फैसला किया. पत्र में साफ कहा गया है कि 11 फरवरी से 19 अप्रैल तक निलंबित सभी कर्मियों का सस्पेंशन रद्द किया जाए।  कर्मचारियों की मांगें क्या थीं? यहां यह भी बता दें कि बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ (संयुक्त संघर्ष मोर्चा) के बैनर तले कर्मचारी हड़ताल पर गए थे. उनकी मुख्य मांगें थीं- ग्रेड पे बढ़ाना, गृह जिले में तबादला, दाखिल-खारिज प्रक्रिया में सुधार और दफ्तरों में बुनियादी सुविधाएं. लेकिन काम काज में बाधा को आधार बनाते हुए तब सरकार नेसख्त कदम उठाते हुए कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था. लेकिन, सरकार बदलने के साथ ही अब निलंबन रद्द कर उन्हें काम पर लौटने का रास्ता साफ कर दिया है. हालांकि सीओ और आरओ के सस्पेंशन पर अभी अलग से विचार चल रहा है।  सम्राट सरकार का संदेश दरअसल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को तेज करने का संकल्प लिया है. विजय कुमार सिन्हा के समय लिए गए सख्त फैसले को पलटना इसी दिशा का पहला बड़ा कदम माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक जनगणना के काम को समय पर पूरा करने और आम लोगों को सुविधा देने के लिए यह राहत जरूरी थी. कई कर्मचारी अब काम पर लौटने को तैयार हैं।  अभी भी कुछ पेंच बाकी हालांकि, हड़ताल पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, क्योंकि कुछ सीओ और आरओ अभी भी डटे हुए हैं. विभाग ने पहले उन्हें कई बार चेतावनी दी थी, और अब कर्मचारियों की निलंबन वापसी के बाद अधिकारियों पर भी दबाव बढ़ गया है. सरकार का कहना है कि काम पर लौटने वालों को कोई दिक्कत नहीं होगी. लेकिन अनुशासन भंग करने वालों पर नजर रखी जाएगी।  जनता को मिलेगी सुविधा बहरहाल, राजस्व कर्मचारियों के निलंबन को रद्द करने का फैसला यह दिखाता है कि नई सरकार टकराव के बजाय समाधान के रास्ते पर चलना चाहती है. अब सरकार के इस फैसले से अंचल स्तर पर जमीन के काम फिर से शुरू हो सकेंगे. आम नागरिकों को दाखिल-खारिज, प्रमाण-पत्र और अन्य सेवाएं समय पर मिलने लगेंगी। 

Solar Fair in Chapra: सोलर पैनल पर मिल रही 78 हजार की सब्सिडी, जानिए कैसे उठाएं लाभ

छपरा. जिला प्रशासन, सारण के तत्वावधान में विद्युत आपूर्ति अंचल, छपरा द्वारा भिखारी ठाकुर प्रेक्षागृह में PM Surya Gharमुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर लोन मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने लोगों को सौर ऊर्जा के उपयोग से होने वाले लाभों और सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उपभोक्ता न केवल अपने बिजली बिल में कमी ला सकते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि बैंकों द्वारा बिना किसी जमानत के ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसकी किस्त लगभग बिजली बिल के बराबर होगी और पांच वर्षों में उपभोक्ता अपनी लागत की भरपाई कर सकते हैं। बैंक दे रहे आसान लोन की जानकारी  मेले में एसबीआई, पीएनबी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, इंडियन बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ महाराष्ट्र सहित कई प्रमुख बैंकों ने स्टॉल लगाकर उपभोक्ताओं को सोलर पैनल स्थापना हेतु आसान और आकर्षक ब्याज दरों पर ऋण की जानकारी दी। योजना के तहत 1 किलोवाट से 3 किलोवाट तक के सोलर संयंत्र लगाने पर 30 हजार से 78 हजार रुपये तक की सरकारी सब्सिडी प्रदान की जा रही है। साथ ही उपभोक्ता अपनी छत पर सोलर प्लांट लगाकर हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ उठा सकते हैं। जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि यह पहल सारण को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में विद्युत अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता सहित विद्युत विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Census Update: घर के हर कोने पर नजर, गाड़ियों तक का हिसाब मांगेगी जनगणना टीम

अररिया. जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं। इस बार की जनगणना पहले से ज्यादा आधुनिक और डिजिटल होगी। इसके लिए सिकटी में 16 से 24 अप्रैल तक जनगणना करने वाले प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों का प्रखंड स्तरीय चयनित तीन केंद्रों पर 6 मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण जारी है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार के अनुसार प्रगणक घर-घर जाकर लोगों से 33 महत्वपूर्ण सवाल पूछेंगे, जिनके आधार पर देश और राज्य की विकास योजनाओं की नई रूपरेखा तैयार की जाएगी। खास बात यह है कि इस बार लोग खुद भी ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। 17 अप्रैल से 1 मई 2026 तक स्व-गणना का विकल्प दिया गया है, जबकि दो मई से 31 मई तक प्रगणक हर घर पहुंचकर जानकारी जुटाएंगे। घर की कहानी भी, परिवार की जुबानी भी इस जनगणना में सिर्फ लोगों की गिनती ही नहीं होगी, बल्कि घर की पूरी कहानी दर्ज की जाएगी। मकान की दीवार, छत और फर्श किस सामग्री के बने हैं, घर खुद का है या किराये का, कितने कमरे हैं, ऐसी बारीक जानकारी भी ली जाएगी। पानी कहां से आता है, शौचालय है या नहीं, किस तरह का है, खाना किस ईंधन से बनता है- एलपीजी, लकड़ी या अन्य साधन – ये सभी सवाल पूछे जाएंगे। यहां तक कि घर में स्नानघर और रसोईघर की उपलब्धता भी दर्ज की जाएगी। मोबाइल, इंटरनेट और गाड़ियों का भी होगा हिसाब डिजिटल दौर को देखते हुए इस बार घर में उपलब्ध सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा लिया जाएगा। टीवी, इंटरनेट, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, साइकिल, बाइक या कार जैसी चीजों की जानकारी भी प्रगणक जुटाएंगे। एक मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा, जो सिर्फ जनगणना कार्य के लिए उपयोग होगा। परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, जाति, परिवार के सदस्यों की संख्या और घर में रहने वाले विवाहित परिवारों की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इससे सरकार को समाज की वास्तविक तस्वीर समझने में मदद मिलेगी। सही जवाब देना है जरूरी: अधिकारियों ने साफ किया है कि जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत सभी 33 सवालों का सही उत्तर देना अनिवार्य है। गलत जानकारी देने पर कार्रवाई भी संभव है। क्यों है यह जनगणना खास? विशेषज्ञों के अनुसार, इस जनगणना से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यही आंकड़े आने वाले वर्षों की नीतियों की दिशा तय करेंगे।