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तेजस्वी यादव 5 अप्रैल को पहुँचेंगे रांची, संगठन को लेकर राजद नेताओं के साथ करेंगे मंथन

रांची बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव 5 अप्रैल को रांची आएंगे। वे इस दौरान पार्टी संगठन को मजबूत बनाने के लिए प्रदेश, जिला, महानगर और विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और बातचीत करेंगे। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक में जातीय जनगणना जल्द शुरू करने की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा पार्टी ने तय किया कि हर महीने जिलावार सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पार्टी के मंत्री, विधायक और अन्य पदाधिकारी हिस्सा लेंगे। राजद कोर कमिटी की बैठक 17 मार्च को शाम 5 बजे राजद विधायक दल के नेता सुरेश पासवान के सरकारी आवास पर आयोजित होगी। इसके साथ ही राज्य के 24 जिलों में पंचायत स्तर तक लालू-तेजस्वी रथ घुमाने का भी निर्णय लिया गया, ताकि पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को आम लोगों तक पहुंचाया जा सके। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश राजद अध्यक्ष संजय कुमार सिंह यादव ने की। मंत्री संजय प्रसाद यादव, विधायक नरेश सिंह, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता, पूर्व विधायक गौतम सागर राणा, सुभाष प्रसाद यादव, प्रवक्ता कैलाश यादव और डॉ. मनोज सहित कई नेताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष रंजन यादव ने किया।  

CM हेमंत सोरेन ने रांची में ‘जोहारग्राम-मेड इन झारखंड’ शोरूम का किया शुभारंभ, राज्य के कारीगरों को बढ़ावा

   रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज राजधानी रांची के करमटोली चौक के समीप 'जोहारग्राम – मेड इन झारखंड' शोरूम का फीता काटकर शुभारंभ किया। यहां पुरुष महिला और बच्चों के लिए हर तरह के ट्राइबल्स क्लॉथ मिलेंगे, जिसमें आदिवासी साड़ियां, टी- शर्ट, बंडी और अन्य पारंपरिक आदिवासी पहनावा शामिल है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि आदिवासी कला- संस्कृति के साथ आदिवासी पहनावा, ज्वेलरी, व्यंजन और अन्य सामानों को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। ऐसे में इस तरह के शोरूम खुलने से लोगों के बीच ट्राइबल पहनावा के प्रति आकर्षण बढ़ेगा। इस मौके पर शोरूम के संचालक आशीष सत्यव्रत साहू ने मुख्यमंत्री का अभिवादन और स्वागत किया।  

बिहार की सियासत गरम: कांग्रेस से तेजस्वी परेशान, विधानसभा में बिगड़ा माहौल, चार विधायकों का इंतजार

पटना राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता लालू यादव और तेजस्वी यादव के लिए बिहार में कांग्रेस मुसीबत बनती जा रही है। राज्यसभा चुनाव में 5वीं सीट लड़ रहे राजद के मौजूदा सांसद अमरेंद्रधारी सिंह उर्फ एडी सिंह को वोट देने के लिए कांग्रेस के एक-दो नहीं तीन-तीन विधायक अब तक नहीं पहुंचे हैं। तेजस्वी के लिए खुद का सबक भी है कि उनके एक विधायक भी अब तक नहीं आए हैं। तेजस्वी यादव बड़े जतन ने असदुद्दीन ओवैसी और मायावती की पार्टी एआईएमआईएम और बीएसपी का समर्थन जुटाकर एडी सिंह की जीत के लिए घट रहे 6 वोटों का इंतजाम कर लिया था। लेकिन महागठबंधन के अपने 4 विधायकों के वोट से दूर रहने से लग रहा है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने खेल कर दिया है। बीजेपी कैंडिडेट शिवेश राम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के 5वें कैंडिडेट हैं, जिनके पास एनडीए के चार कैंडिडेट को जिताने के बाद बचे 38 वोट हैं। महागठबंधन ने ओवैसी और मायावती के विधायक का साथ लेकर अपनी संख्या 35 से 41 कर ली थी, लेकिन कांग्रेस के 3 और राजद के 1 विधायक के अब तक वोट नहीं डालने से एडी सिंह 41 से 37 पर जाते दिख रहे हैं। 243 सीटों वाली विधानसभा में 239 वोट गिर चुके हैं। इससे जीत का कोटा भी नीचे जा सकता है, जिसे 100 के गुना में जोड़ा और देखा जाता है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी महागठबंधन के सीट बंटवारे में बहुत देरी और किचकिच को हार के कई कारणों में एक माना गया था, जिसकी वजह कांग्रेस थी। कांग्रेस के वाल्मीकि नगर के विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा, फारबिसगंज विधायक मनोज विश्वास और मनिहारी एमएलए मनोहर प्रसाद सिंह जबकि राजद के ढाका विधायक फैसल अली का वोट अभी तक नहीं गिरा है। तेजस्वी यादव विधानसभा में मौजूद हैं और अब तक इस सवाल को टाल रहे हैं कि उनके साथ खेल हो चुका है। तेजस्वी ने कहा है कि मतदान का समय शाम 4 बजे तक है, तब तक वो इंतजार करेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव नतीजों के बाद ही वह इन मसलों पर कुछ कहेंगे। फिलहाल चार विधायकों के वोट नहीं करने से एनडीए को 5वीं सीट पर भी बढ़त की संभावना प्रबल हो रही है। अगर वोट डाल चुके बाकी विधायकों ने कुछ इधर-उधर ना किया हो, जिससे वोट कैंसिल हो जाए या क्रॉस वोटिंग कर दी हो तो एनडीए के सारे कैंडिडेट दिल्ली पहुंच जाएंगे। शिवेश राम भी एडी सिंह को पूर्व सांसद बनाकर राज्यसभा के सदस्य बन जाएंगे। एनडीए के बाकी चार कैंडिडेट में जेडीयू के अध्यक्ष और सीएम नीतीश कुमार, भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन, जेडीयू के केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं।  

राज्यसभा चुनाव में आज चुने जाएंगे सीएम नीतीश कुमार, पहले भी बना चुके हैं अनोखा राजनीतिक रिकॉर्ड

नई दिल्ली बिहार की राजनीति में फिर एक बड़ा दिन। राज्यसभा चुनाव तो भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा भी लड़ रहे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर है। नितिन विधायक रहते सांसदी का यह चुनाव लड़ रहे तो नीतीश विधान परिषद् सदस्य रहते। नीतीश कुमार की चर्चा इसलिए सबसे ज्यादा हो रही है, क्योंकि दिल्ली जाने के लिए उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ेगा और पहली बार भारतीय जनता पार्टी इस कुर्सी पर अपना आदमी बैठाएगी। ऐसे में रोचक है कि नीतीश कुमार आज के बाद फैसला क्या लेते हैं? बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार को समझना असंभव जब 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री के रूप में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम प्रचारित होना शुरू होता, इससे पहले नीतीश कुमार ही ऐसे बड़े नेता थे जिन्होंने पुराने रिश्ते छोड़ दिए थे। नीतीश कुमार अटल-आडवाणी के समय से भाजपा से जुड़े थे, लेकिन नमो युग की शुरुआत से पहले एनडीए से निकल गए थे। तब भी अंदाजा नहीं लग रहा था। फिर 2017 में लौटे तो 2022 में छोड़ गए। फिर 2024 में वापस साथ आए। इस साल होली के एक दिन पहले जिस तरह से वह बिहार चुनाव 2025 के तीन महीने बाद ही राज्यसभा जाने के लिए तैयार हुए, वह भी अचरज में डालने वाला था। और, अब खरमास शुरू होने से पहले उनका इस्तीफा नहीं आना भी भाजपा के लिए सिरदर्द बना हुआ है। खरमास में वह फैसला लेते भी हैं तो यही माना जा रहा है कि 15 अप्रैल तक भाजपा नए सीएम की कुर्सी पर अपना आदमी बैठाने का 'जतरा' नहीं बनाएगी। केंद्रीय मंत्री रहे नीतीश एक बार सांसद रहते विधायक भी बने थे नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री हैं। वह केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। वह पटना जिले की बाढ़ सीट से लोकसभा सदस्य हुआ करते थे। नालंदा जिले की हरनौत विधानसभा सीट से विधायक हुआ करते थे। इस सदी में वह कभी विधानसभा चुनाव में नहीं उतरे। विधान पार्षद ही चुने जाते रहे। अब राज्य सभा के चुनाव में हैं। नीतीश कुमार के बारे में यह जानना बेहद रोचक है कि वह 1991 में तत्कालीन जनता दल के टिकट पर बाढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी को हराकर सांसद बने थे। इसके बावजूद उन्होंने 1995 में तत्कालीन समता पार्टी के चुनाव चिह्न पर हरनौत से विधानसभा का चुनाव लड़ा और जीते भी। विधायक चुने जाने के बाद जब लोग सांसद के रूप में उनके इस्तीफे का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्होंने विधायक की शपथ नहीं ली। नतीजतन हरनौत सीट के लिए 1996 में उप चुनाव हुआ, जिसमें फिर समता पार्टी के अरुा कुमार सिंह विधायक बने। कब केंद्र में मंत्री बने और कब-कब बिहार की राजनीति का रुख किया? नीतीश कुमार 1985 में हरनौत विधायक चुने गए थे। इसके बाद दिल्ली की राजनीतिक यात्रा के लिए पहली बार 28 नवंबर 1989 को पटना जिले के बाढ़ संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे। तब, सांसद के रूप में उनका कार्यकाल 2 दिसंबर 1989 से 13 मार्च 1991 तक रहा था। अप्रैल 1990 में तत्कालीन विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में उन्हें केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री बनाया गया था। बाद में वीपी सिंह सरकार सदन में बहुमत साबित नहीं कर सकी तो केंद्रीय राज्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार का कार्यकाल भी 10 नवंबर 1990 को खत्म हो गया। 13 मार्च 1991 को लोकसभा भंग हुआ तो फिर अगले चुनाव में नीतीश कुमार फिर बाढ़ से ही सांसद चुने गए। इसके बाद, बिहार की राजनीति में वापस वह सक्रिय होते दिखे। 1995 के बिहार विधानसभा चुनाव में वह हरनौत से फिर उतरे और विधायक चुने गए, हालांकि उन्होंने लोकसभा सदस्य रहना ही उचित समझा। इसके बाद, 1996 में फिर बाढ़ से ही नीतीश कुमार सांसद बने। तब अटल बिहारी वाजपेयी 7 दिन के लिए पीएम बने और फिर मौजूदा विपक्ष सत्ता में आ गया। 15 मार्च 1998 को अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने तो नीतीश कुमार की समता पार्टी उनके साथ थी। नीतीश कुमार को केंद्रीय रेल एवं भूतल परिवहन मंत्री बनाया गया। अगस्त 1999 में गैसाल में रेल दुर्घटना के बाद उन्होंने मंत्रीपद से इस्तीफा दे दिया। फिर करगिल युद्ध के बाद 1999 के लोकसभा चुनाव कराना पड़ा तो भाजपा बड़े दल के उभरी। पहली बार पांच साल भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार रही। नीतीश केंद्रीय मंत्री रहे। नई सदी में पहली बार जब वह चुनाव में उतरे तो 2004 के बाढ़ ने उन्हें हरा दिया। इसके बाद परिस्थितियां देख वह बिहार को सुधारने के लिए यहां उतर गए। फिर तो 2005 से बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार बतौर मुख्यमंत्री अब तक कुर्सी पर हैं। बीच में एक बार जीतन राम मांझी को उन्होंने ही सीएम बनाया था, वह भी लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेते हुए।  

धालभूमगढ़ एयरपोर्ट पर तेज़ी लाने की मांग, SCCI ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सौंपा प्रस्ताव

जमशेदपुर जमशेदपुर और कोल्हान क्षेत्र के औद्योगिक व शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SCCI) के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से रांची में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना, टाटा कमांड एरिया में बंद पड़ी जमीन रजिस्ट्री और उद्योगों से जुड़ी अन्य समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा। कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SCCI) का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष मानव केडिया के नेतृत्व में रांची स्थित नवनिर्मित झारखंड विधानसभा भवन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कोल्हान और जमशेदपुर क्षेत्र के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में मानद महासचिव पुनीत काउंटिया, उपाध्यक्ष (टैक्स एवं फाइनेंस) राजीव अग्रवाल, उपाध्यक्ष (उद्योग) हर्ष बांकरेवाल, सचिव (उद्योग) विनोद शर्मा और सचिव (टैक्स एवं फाइनेंस) अंशुल रिंगासिया शामिल थे। "वे खुद इस परियोजना की प्रगति पर नजर रखे हुए हैं" बैठक में चैंबर ने सबसे पहले धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना का मुद्दा उठाया, जो पिछले करीब छह वर्षों से लंबित है। चैंबर ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि इस परियोजना को जल्द शुरू कराया जाए, क्योंकि इसके चालू होने से कोल्हान क्षेत्र में उद्योग, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आश्वासन दिया कि वे खुद इस परियोजना की प्रगति पर नजर रखे हुए हैं और जल्द ही इसमें आगे बढ़ने की उम्मीद है। प्रतिनिधिमंडल ने टाटा स्टील के कमांड एरिया में करीब दस वर्षों से बंद पड़ी जमीन रजिस्ट्री का मुद्दा भी उठाया। चैंबर ने बताया कि रजिस्ट्री बंद रहने से शहर में रियल एस्टेट, निर्माण कार्य और शहरी विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से इस समस्या के समाधान के लिए पहल करने की मांग की। चैंबर ने राज्य सरकार से भूमि सर्वे कर रिकॉर्ड में सुधार करने की मांग की बैठक में झारखंड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (JIADA) को भूमि अधिग्रहण का अधिकार देने की मांग भी रखी गई। चैंबर का कहना था कि इस अधिकार के बिना औद्योगिक भूमि बैंक बनाना मुश्किल हो रहा है, जिससे खासकर MSME सेक्टर के उद्योग लगाने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने बताया कि कर्नाटक, महाराष्ट्र, नोएडा और राजस्थान जैसे राज्यों में औद्योगिक विकास संस्थाओं को यह अधिकार दिया गया है। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने जुगसलाई, मानगो और टाटा कमांड एरिया से बाहर के कई इलाकों में जमीन के रिकॉर्ड में अब भी “बिहार सरकार” का नाम दर्ज रहने की समस्या भी उठाई। चैंबर ने राज्य सरकार से भूमि सर्वे कर रिकॉर्ड में सुधार करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार से भी मुलाकात कर इन मुद्दों पर चर्चा की। साथ ही जमशेदपुर–आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में वाणिज्यिक एलपीजी की कमी से उद्योगों को हो रही परेशानी के बारे में भी जानकारी दी। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राधा कृष्ण किशोर, पूर्णिमा साहू, समीर मोहंती और सोमेस सोरेन से भी मुलाकात की। चैंबर अध्यक्ष मानव केडिया ने बताया कि मुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक पहल का भरोसा दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन मुद्दों के हल होने से जमशेदपुर और कोल्हान क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक और शहरी विकास को नई गति मिलेगी।  

अचानक बदला मौसम: रांची में दिन में ही छाया अंधेरा, बिजली-गर्जन के साथ बारिश

रांची झारखंड के रांची में रविवार को दोपहर 4 बजे अचानक आसमान काले बादलों से छा गया और वज्रपात, बिजली और गर्जन के साथ मौसम ने लोगों को हैरान कर दिया। हालांकि बारिश केवल हल्की ही हुई। झारखंड के जमशेदपुर, कोडरमा और कई अन्य जिलों में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री और न्यूनतम 18.1 डिग्री दर्ज हुआ। यहां दोपहर में तेज धूप ने लोगों को परेशान किया। लातेहार में अधिकतम तापमान केवल 30 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री दर्ज हुआ। यहां हल्की ठंडी हवा ने दिन को आरामदायक बनाया। पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में असम की तरफ बने अपर ऐयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण झारखंड में बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। आज अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट हो सकती है। देवघर, गोड्डा, साहिबगंज, रांची, खूंटी, हजारीबाग, बोकारो, पलामू और कोडरमा जैसे जिलों में तापमान 32-34 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। दक्षिणी जिलों में जमशेदपुर, सरायकेला खरसावां और सिमडेगा में अधिकतम तापमान 34-35 डिग्री रह सकता है। न्यूनतम तापमान 18-21 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है। इन जिलों में अलर्ट ऑरेंज अलर्ट: बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रांची, खूंटी, रामगढ़, देवघर, साहिबगंज, गोड्डा, पाकुड़, गिरिडीह, सरायकेला खरसावां और जमशेदपुर में। हवा की गति 70 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है।  येलो अलर्ट: पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गढ़वा, चतरा और सिमडेगा में। हवा की गति 40 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है और गर्जन के साथ बारिश की भी संभावना है। वहीं, झारखंड में मौसम आज थोड़ी राहत देगा, लेकिन वज्रपात और तेज हवा के कारण लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।  

उच्च शिक्षा में बड़ा कदम: बिहार के 54 कॉलेजों में खुलेंगी AI लैब, बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

पटना. राज्य में 54 पुराने अंगीभूत महाविद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने चयनित संबंधित संस्थानों को एडवाइजरी जारी किया है। यूं कहें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा को अप्रैल से जमीन पर उतारने की विभागीय प्रक्रिया तेज हो गई है। विभाग ने अपने दिशा-निर्देश में स्पष्ट कहा है कि चयनित महाविद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करें। लक्ष्य की प्राप्ति हेतु अत्याधुनिक तकनीक और मानकीकृत सर्वोत्तम प्रथाओं (वेस्ट प्रैक्टिक्स) को अपनाना आवश्यक है। इसके लिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के साथ नवाचार, अनुसंधान और नवीन शिक्षण विधियों को सुनिश्चित करना है। दो चरणों में पूरा होगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का काम उच्च शिक्षा विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि अभी से चयनित उच्च शिक्षण संस्थानों को दिशा-निर्देश इसलिए दिया गया है ताकि तैयार रोडमैप के आधार पर नये वित्तीय वर्ष 2026-27 से तेजी से कार्यारंभ हो सके। उच्च शिक्षा में सुधार की दिशा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर काम करना बड़ा फैसला है। विभाग ने 54 शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का रोडमैप तैयार कर लिया है। इसके आधार पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का काम दो चरणों में पूरा होगा। प्रथम चरण में वर्ष 2026-27 के लिए 30 शिक्षण संस्थानों का चयन किया गया है। द्वितीय चरण 2027-30 के 24 संस्थानों के बीच कार्य होगा। इन संस्थानों में अनुभवी शिक्षक, शोध को बढ़ावा और कौशल विकास को लेकर अत्याधुनिक संसाधन उपलब्ध कराये जाएंगे। इंडस्ट्री पार्टनरशिप को भी बढ़ावा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में जब चयनित संस्थान विकसित हो जाएंगे तब उनमें इंडस्ट्री पार्टनरशिप को भी बढ़ावा देने का फैसला लिया गया है। इसके तहत पाठ्यक्रम को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप लागू किया जाएगा। छात्र-छात्राओं को इंटर्नशिप से लेकर प्लेसमेंट के अवसर दिया जाएगा। विभाग के रोडमैप के मुताबिक चयनित शैक्षणिक संस्थातों को उच्च स्तरीय शिक्षा, आधुनिक बुनियादी ढांचे, उन्नत अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास का केंद्र विकसित करने की प्राथमिकता दी जाएगी। यह केवल डिग्री देने वाला संस्थान नहीं, बल्कि कौशल-आधारित शिक्षा के माध्यम से छात्रों को उद्योग-योग्य बनाने वाला एक आदर्श संस्थान बनाया जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इन कदमों को अपनाकर एक सामान्य कालेज को एक शोध-आधारित, उच्च प्रदर्शन करने वाले सेंटर आफ एक्सीलेंस में बदला जा सकता है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय शिक्षण संस्थानों को विशिष्ट बनाने पर फोकस करना हर संस्थान को डेवलपमेंट प्लान तैयार करना एआई लैब, डिजिटल लाइब्रेरी, इनोवेशन प्रोग्राम, रिसर्च प्लान एवं नॉलेज मैनेजमेंट को प्राथमिकता देना स्मार्ट क्लासेज, अत्याधुनिक प्रयोगशाला, हाई स्पीड इंटरनेट और तकनीकी उपकरण की सुविधा प्रदान करना हर संकाय और छात्रों को व्यावहारिक अनुसंधान और नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित करना

AI का दुरुपयोग पड़ा भारी: निशांत और मैथिली ठाकुर की फर्जी फोटो वायरल करने वाला आरोपी पकड़ा गया

फतेहपुर/गया. सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलोवर बढ़ाने की चाह में की गई एक लापरवाही एक युवक के लिए बड़ी मुसीबत बन गई। एआई तकनीक का इस्तेमाल कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार तथा अलीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक मैथिली ठाकुर की आपत्तिजनक तस्वीर बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक फतेहपुर थाना क्षेत्र के शब्दों गांव निवासी विकास कुमार यादव 35 है। आरोप है कि उसने एक सप्ताह पूर्व फेसबुक पर एआई तकनीक की मदद से निशांत कुमार और विधायक मैथिली ठाकुर से जुड़ी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार कर उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था। पोस्ट वायरल होते ही मामला तेजी से फैल गया और पुलिस तक इसकी सूचना पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए फतेहपुर पुलिस तुरंत हरकत में आई और शनिवार की शाम आरोपी युवक को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। युवक ने वीडियो किया पोस्ट गिरफ्तारी के बाद युवक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी पोस्ट किया। थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री पोस्ट करने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। आरोपी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और एआई का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में गैर कानूनी कार्य है। थानाध्यक्ष ने बताया कि किसी भी व्यक्ति की आपत्तिजनक फोटो, वीडियो या संदेश बनाकर अथवा एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाती है। फर्जी सामग्री न करें पोस्ट थानाध्यक्ष ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करें। किसी भी प्रकार की भ्रामक, फर्जी या आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने से बचें। यदि किसी के पास इस तरह की कोई सामग्री आती है तो उसे आगे शेयर करने के बजाय तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि तकनीक का सही उपयोग समाज के लिए लाभदायक है। लेकिन इसका दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

उच्च शिक्षा को बढ़ावा: गोड्डा के बोआरीजोर में डिग्री कॉलेज बनाने की घोषणा

गोड्डा. राज्य सरकार ने बोआरीजोर प्रखंड के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा मुहैया कराने के लिए डिग्री कॉलेज का तोहफा दिया है। बीते दिनों कैबिनेट के फैसले के बाद बोआरीजोर में डिग्री कॉलेज के निर्माण के लिए सरकार ने 40.19 करोड़ रुपये का आवंटन जारी कर दिया। अब यहां के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। बोरियो विधायक धनंजय सोरेन के प्रयास के बाद यह काम हुआ है। कैबिनेट के फैसले के बाद अब बोआरीजोर में डिग्री कॉलेज खुलने का रास्ता साफ हो गया है। छात्रों को नहीं जाना पड़ेगा बाहर झारखंड सरकार ने कॉलेज निर्माण के लिए 40 करोड़ 19 लाख 1800 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। अनुसूचित जन जाति बहुल और ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण इंटर स्तरीय शिक्षा हासिल करने के बाद बच्चों को गांव से बाहर जाकर उच्च शिक्षा हासिल करनी पड़ती थी। डिग्री कॉलेज की स्वीकृति के बाद अब आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे गांव में ही डिग्री की पढ़ाई हासिल कर सकेंगे। इसकी स्वीकृति मिलने पर क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। लोगों ने सरकार और विधायक को धन्यवाद दिया है। लोगों ने बताया कि डिग्री कालेज खुलने पर ग्रामीण क्षेत्र में शैक्षणिक विकास को और गति मिलेगी। झारखंड सरकार द्वारा उच्च शिक्षा ढांचा को सशक्त बनाने एवं छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर करने में यह महत्वाकांक्षी योजना मील का पत्थर साबित होगा। लोगों ने सरकार की इस पहल को स्वागत योग्य बताया है। 2 लाख से अधिक आबादी वाला है प्रखंड जिला समिति सदस्य दिलीप ठाकुर, अनुसील हेमब्रम,दिनेश, चांद नारायण मुर्मू, दीनबंधु मंडल आदि सामाजिक चिंतकों ने बताया कि बोआरीजोर एक कृषि आधारित क्षेत्र है। करीब 2 लाख से अधिक की आबादी वाला यह प्रखंड है। प्रखंड में कॉलेज नहीं रहने से अधिकतर छात्र एवं छात्राएं उच्च शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाती थी। उच्च शिक्षा के लिए जिला मुख्यालय जाना पड़ता था, जो प्रखंड से लगभग 55 किलोमीटर दूर है। लेकिन अब सरकार की पहल से कॉलेज निर्माण होने के बाद हर बच्चे उच्च शिक्षा हासिल कर सकेंगे। ग्रामीणों ने कॉलेज को प्रखंड के आस-पास बनाने की मांग की है।

भावुक पल और खेल का उत्साह: सम्राट चौधरी ने मां को दी श्रद्धांजलि, खिलाड़ियों से की मुलाकात

मुंगेर. उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को सरकारी हेलीकॉप्टर से तारापुर के पार्वती नगर स्थित हेलीपैड पर पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी माता व पूर्व विधायक स्व. पार्वती देवी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत उपमुख्यमंत्री ने स्व. पार्वती देवी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित और श्रद्धांजलि के साथ की। इस दौरान उन्होंने उनकी सामाजिक और राजनीतिक योगदान को याद किया। उप मुख्यमंत्री ने मुंगेर जिला फुटबॉल महोत्सव के विजेता बढ़ोनियां टीम और उपविजेता अमैया टीम को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ जीवन की प्रेरणा देता है। खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। समारोह में स्थानीय लोगों की अच्छी उपस्थिति रही। कार्यक्रम स्थल पर जिला प्रशासन के पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी सहित अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पटना के लिए रवाना हो गए। राज्य में सरकार और नए सीएम को लेकर चल रहे कयासों पर मीडिया से बातचीत नहीं की।