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बिहार के 3 जिलों में शुरू होगा डिजिटल तारामंडल का निर्माण

पटना. नए वित्तीय वर्ष में तीन जिलों में डिजिटल तारामंडल का निर्माण आरंभ हो जाएगा। विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी विकास विभाग ने अपने नए वित्तीय वर्ष के बजट में यह जानकारी दी है कि पूर्वी चंपारण, जमुई व पूर्णिया में केंद्र सरकार की सहायता से डिजिटल तारामंडल तथा स्पेस एंड एस्ट्रोनामी एजुकेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 39 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इसका निर्माण कार्य वित्तीय वर्ष 2026-27 में शुरू करने की तैयारी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल में राजकीय पालिटेक्निक के निर्माण कार्य के लिए 73.04 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। इसका निर्माण 2026-27 में आरंभ किया जाएगा। पटना में इनक्यूबेशन सेंटर राज्य में स्थापित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों एवं एनआइटी, पटना के स्टार्टअप को सभी प्रकार की सुविधाएं जैसे तकनीकी सपोर्ट, लीगल डाक्यूमेंटेशन सपोर्ट, नेटवर्क बिजनेस कनेक्शन आदि प्रदान करने के लिए 47.76 करोड़ रुपये की लागत से एनआइटी, पटना में इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जानी है। वहीं, अभियंत्रण महाविद्यालयों में परंपरागत विधाओं के अतिरिक्त स्नातक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी, नेटवर्क, सिविल इंजीनियरिंग विथ कंप्यूटर एप्लीकेशन, थ्रीडी एनिमेशन एंड ग्राफिक्स जैसी नवीनतम विद्याओं में पाठ्यक्रमों का संचालन किया गया है।

बिहार CM के बेटे निशांत कुमार ई-रिक्शा से घूम रहे वृंदावन

पटना. धार्मिक नगरी वृंदावन में बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अपने परिवार के साथ दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे। यह यात्रा किसी राजनीतिक या औपचारिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं थी, बल्कि पूरी तरह निजी और आध्यात्मिक रही। निशांत कुमार की इस यात्रा की सबसे खास बात उनका सादा अंदाज रहा। वृंदावन की गलियों में वे ई-रिक्शा से घूमते नजर आए। न कोई भारी सुरक्षा व्यवस्था, न VIP प्रोटोकॉल और न ही किसी तरह का तामझाम दिखा। स्थानीय लोगों ने उन्हें आम श्रद्धालु की तरह सहज रूप में घूमते देखा। मंदिर दर्शन और आध्यात्मिक माहौल में समय वृंदावन प्रवास के दौरान निशांत कुमार ने परिवार के साथ विभिन्न मंदिरों में दर्शन किए। उन्होंने आध्यात्मिक वातावरण में समय बिताया और कृष्ण नगरी की शांति को नजदीक से महसूस किया। यात्रा के दौरान वे पैदल घूमते और जल निकायों के आसपास भ्रमण करते भी नजर आए। तस्वीरें आए सामने निशांत कुमार की वृंदावन यात्रा की कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। इनमें वे ई-रिक्शा में सफर करते, गलियों में टहलते और आम श्रद्धालुओं के बीच बिना किसी विशेष पहचान के नजर आ रहे हैं। यही सादगी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। लाइमलाइट से दूरी, निजी जीवन को प्राथमिकता निशांत कुमार आमतौर पर सार्वजनिक मंचों और लाइमलाइट से दूर रहते हैं। वे बहुत कम सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आते हैं और निजी जीवन में सादगी पसंद माने जाते हैं। राजनीति से भी उन्होंने अब तक दूरी बनाए रखी है, हालांकि बिहार की राजनीति में उनके नाम को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रहती हैं। परिवार और शिक्षा का परिचय निशांत कुमार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंजू सिन्हा के इकलौते बेटे हैं। उनकी मां एक समय स्कूल शिक्षिका थीं, जिनका निधन 2007 में हुआ था। निशांत की प्रारंभिक पढ़ाई पटना के सेंट कैरेंस स्कूल से हुई, इसके बाद उन्होंने मसूरी के मानव भारती इंडिया इंटरनेशनल स्कूल से शिक्षा ली। इंजीनियरिंग से अध्यात्म तक का सफर निशांत कुमार ने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), मेसरा, रांची से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और वे पेशे से इंजीनियर हैं। राजनीति से दूर रहकर वे अधिकतर समय निजी और आध्यात्मिक गतिविधियों में बिताना पसंद करते हैं। सादगी ही पहचान वृंदावन यात्रा में दिखा निशांत कुमार का यह अंदाज एक बार फिर उनकी सादगी और निजी जीवन के प्रति झुकाव को दर्शाता है। बिना किसी विशेष व्यवस्था के धार्मिक स्थल पर पहुंचना और आम श्रद्धालु की तरह भ्रमण करना लोगों के लिए एक अलग और सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

CM नीतीश के काफिले में सेफ्टी बढ़ाने शामिल होंगी हाईटेक एसयूवी

पटना. अब तक सादगी भरी जीवनशैली और सीमित सुविधाओं वाली गाड़ियों के लिए पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही रेंज रोवर जैसी लग्जरी और हाई-एंड एसयूवी में सफर करेंगे। यह बदलाव स्टाइल या शौक नहीं, बल्कि सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप लिया गया प्रशासनिक फैसला बताया जा रहा है। बिहार सरकार मुख्यमंत्री के काफिले के लिए चार नई रेंज रोवर गाड़ियां शामिल करने की तैयारी में है। 2.5 करोड़ की रेंज रोवर क्यों बनी पसंद सूत्रों के मुताबिक, एक रेंज रोवर की कीमत 2.5 करोड़ रुपये से अधिक होगी। रेंज रोवर को दुनिया की सबसे सुरक्षित VVIP गाड़ियों में गिना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे नेता इसी श्रेणी की हाई-सिक्योरिटी गाड़ियों का उपयोग करते हैं। इसी मानक पर मुख्यमंत्री के लिए भी इसका चयन किया गया है। सुरक्षा का अभेद्य कवच रेंज रोवर की सबसे बड़ी खासियत इसकी बुलेट प्रूफ बॉडी और मजबूत संरचना है। इसमें मल्टी-लेयर आर्मर, बुलेट रेजिस्टेंट ग्लास और धमाके से बचाव की तकनीक होती है। आपात स्थिति में सुरक्षित एस्केप के लिए एडवांस सेफ्टी सिस्टम और हाई-ग्रेड सस्पेंशन दिया जाता है, जिससे किसी भी परिस्थिति में वाहन संतुलन बनाए रखे। एडवांस सेफ्टी और टेक्नोलॉजी इस हाईटेक एसयूवी में एडवांस कम्युनिकेशन सिस्टम, सैटेलाइट फोन सपोर्ट, नाइट विजन, 360-डिग्री कैमरा और एडास (ADAS) जैसे फीचर्स शामिल होते हैं। इसके साथ ही रन-फ्लैट टायर, ऑटोमैटिक फायर सप्रेशन सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल जैसी तकनीकें इसे VVIP मूवमेंट के लिए बेहद भरोसेमंद बनाती हैं। कंफर्ट का भी रखा गया पूरा ध्यान सुरक्षा के साथ-साथ रेंज रोवर कंफर्ट के मामले में भी बेजोड़ मानी जाती है। इसमें लग्जरी सीटिंग, मल्टी-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, साउंडप्रूफ केबिन और स्मूथ राइड क्वालिटी मिलती है। लंबे सफर के दौरान थकान कम करने के लिए एर्गोनॉमिक डिजाइन और हाई-एंड इंटीरियर का खास ख्याल रखा गया है। अभी किन गाड़ियों का करते हैं इस्तेमाल वर्तमान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना के भीतर करीब 50 लाख रुपये की हुंडई आयोनिक 5 इलेक्ट्रिक कार से चलते हैं, जो बुलेटप्रूफ नहीं है। पटना से बाहर के दौरों में वह बुलेटप्रूफ टाटा सफारी का इस्तेमाल करते हैं। रेंज रोवर के शामिल होने से काफिले की सुरक्षा व्यवस्था एक नए स्तर पर पहुंच जाएगी। जल्द काफिले में होंगी शामिल प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, रेंज रोवर की खरीद प्रक्रिया तेज कर दी गई है। तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद इन गाड़ियों को जल्द मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल किया जाएगा। सरकार का स्पष्ट कहना है कि इसका उद्देश्य केवल मुख्यमंत्री की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करना है, न कि लग्जरी का प्रदर्शन।

बिहार में मद्य निषेध और रजिस्ट्रेशन विभाग का बजट बढ़ा

पटना. बिहार विधानसभा में आज वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया. सरकार का कहना है कि वह सभी वर्गों का सम्मान करते हुए लोगों का जीवन आसान बनाने की दिशा में काम कर रही है. इस बार बिहार का बजट 3 लाख 47 करोड़ रुपये से ज्यादा का है, जो पिछले कुछ वर्षों की तुलना में काफी बड़ा है. सरकार के अनुसार, भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और बिहार भी दूसरे राज्यों के मुकाबले तेजी से आगे बढ़ रहा है.  2026-27 के लिए बिहार का कुल बजट 3,47,589.76 करोड़ रुपये है, जो पिछले साल से करीब 30,694 करोड़ ज्यादा है. बजट का मकसद बिहार को आर्थिक रूप से मजबूत और हर क्षेत्र में विकसित राज्य बनाना है. केंद्र सरकार से मिले सहयोग से राज्य की कई विकास योजनाओं को गति मिली है. सात निश्चय-3 (2025-2030) के तहत बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य है. योजना का फोकस प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करना, 1 करोड़ रोजगार देना और महिलाओं को सशक्त बनाना है.  1.56 करोड़ से ज्यादा महिलाओं वाले स्व-सहायता समूहों को पहले 10,000 रुपये मिल चुके हैं, आगे कारोबार बढ़ाने के लिए 2 लाख तक मदद मिलेगी.  अनुसूचित जाति के 94 लाख गरीब परिवारों को सूक्ष्म उद्यमी बनाने की योजना है. कृषि, डेयरी और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में आय बढ़ाने के लिए 50,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है. हर प्रखंड में डिग्री और इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने पर जोर है. जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी स्तर तक अपग्रेड किया जाएगा, ताकि बेहतर इलाज जिले में ही मिल सके. 5 नए एक्सप्रेस-वे और बिजली ढांचे के विस्तार से बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी. शहरी गरीबों के लिए बड़ी संख्या में बहुमंजिला पक्के घर बनाए जाएंगे. बुजुर्गों को घर पर स्वास्थ्य सेवाएं और जन्म-मृत्यु जैसी सुविधाएं देने की योजना है. 2004-05 में 23,885 करोड़ से बढ़कर बजट अब 3.47 लाख करोड़ पहुंच गया है, जो राज्य की बढ़ती आर्थिक क्षमता दिखाता है. कुल खर्च में 35.14% राजस्व और 64.86% पूंजीगत व्यय है, यानी इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा जोर. पुराने कर्ज चुकाने के लिए 22,664.83 करोड़ रुपये रखे गए हैं. कुल कर राजस्व 2,85,277.12 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. राज्य अपने करों से करीब 65,800 करोड़ रुपये कमाएगा, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा GST का होगा. बजट में राजकोषीय घाटा 39,111.80 करोड़ रुपये (लगभग 2.99%) है, जो तय सीमा के अंदर है.

बिहार की हर पंचायत में बनेगा मॉडल स्कूल और बाजार

अरवल. बिहार सरकार ने आम बजट पेश किया है जिसमें प्रत्येक पंचायत में एक मॉडल स्कूल की स्थापना करने की प्रावधान लाया है। जिले में 64 पंचायत हैं, सभी पंचायत में मॉडल स्कूल के होने से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर में सुधार होगा। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को निजी स्कूल के जैसा शिक्षा सरकारी स्कूल में मिलेगा। सरकार ने डिजिटल शिक्षा का बढ़ावा देने के लिए भी बजट जारी किया है। डिजिटल शिक्षा मिलने से विद्यार्थी घर पर ही स्कूल के सिलेबस मोबाइल और लैपटॉप के माध्यम से पढ़ सकेंगे। जिले में मेडिकल कॉलेज की घोषणा सरकार ने की है। मेडिकल कॉलेज बन जाने से जिलेवासियों को इलाज के लिए दूसरे जिले पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। अभी जिले भर में कहीं भी ट्रामा सेंटर या फिर गंभीर रूप से बीमार लोगों का इलाज के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार की घोषणा इसके अलावा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिलाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार का निर्माण का भी घोषणा इस बजट में हुआ है, जिससे स्थानीय किसानों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। शहरी क्षेत्र में पेयजल, सीवरेज की और राष्ट्रीय मानक के अनुसार ठोस कचड़ा प्रबंधन की व्यवस्था करने का भी बजट पास हुआ है। अरवल नगर परिषद में सीवरेज और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था नहीं है। अब इसकी व्यवस्था हो जाएगी, जिससे शहर स्वच्छ और सुंदर बनेगा। प्रत्येक कमिश्नरी में स्किल सेंटर का निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके निर्माण होने से बेरोजगार रोजगार करने के लिए कला सीखेंगे जिससे पलायन रुकेगा। बजट को लेकर आम लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है।     इस बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक मॉडल विद्यालय की स्थापना करने का निर्णय बहुत ही अच्छा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर में सुधार होगा। -चंदन कुमार     ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा देने का प्रस्ताव बजट में किया गया है। डिजिटल शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई को बच्चे अच्छी तरह और जल्दी समझ लेंगे, साथ ही स्कूल का सिलेबस ऑनलाइन उपलब्ध होगा। -अरविंद कुमार     प्रत्येक कमिश्नरी में स्किल सेंटर की स्थापना करने के लिए इस बजट में प्रावधान किया गया है। युवा को स्किल देखकर रोजगार देने की भी बात कही गई है। इस केंद्र की स्थापना हो जाने से युवाओं को रोजगार मिलेगा जिससे पलायन रुकेगा। -यशवंत कुमार     इस बजट के बाद जिले में मेडिकल कॉलेज बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यहां मेडिकल कॉलेज बन जाने के बाद स्थानीय लोगों को इलाज के लिए दूसरे जिले पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जिससे जिलेवासियों को बड़ा राहत मिलेगा। -सुषमा कुमारी     स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इस बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार विकसित करने का घोषणा किया है। इससे सबसे ज्यादा फायदा स्थानीय किसानों को होगा। किसान उचित दाम पर अपना उत्पाद बाजार में बेच सकेंगे। -गुड़िया देवी     शहरी क्षेत्र में सीवरेज और ठोस कचरा प्रबंधन की व्यवस्था करने की बात इस बजट में कही गई है। शहर में कचरा प्रबंधन और सीवरेज की व्यवस्था नहीं है। यह दोनों व्यवस्था हो जाने पर शहर साफ और सुंदर दिखेगा। -अन्नू कुमारी

सालाना 6 हजार से बढ़कर 9 हजार! बिहार सरकार ने पीएम किसान और कर्पूरी निधि में की बढ़ोतरी

पटना बिहार में किसान सम्मान निधि योजना की राशि डेढ़ गुना बढ़ा दी गई है। इसके लिए नीतीश सरकार ने जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की है। इसके तहत किसानों को साल में 3000 रुपये एक्स्ट्रा मिलेंगे। यह राशि पीएम किसान सम्मान निधि की मौजूदा राशि के साथ ही डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। मंगलवार को बिहार विधानमंडल में पेश हुए बजट में इसकी घोषणा की गई। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अभी तक हर साल कुल तीन किस्तों में लाभार्थियों को कुल 6000 रुपये दिए जाते हैं। एक किस्त में किसानों के खाते में 2000 रुपये आते हैं। अब बिहार सरकार ने कर्पूरी ठाकुर के नाम पर अलग से किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की है। इसके तहत प्रति किस्त 1000 और कुल तीन किस्तों में 3000 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। इस तरह, बिहार के किसानों को पीएम किसान एवं जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि, दोनों योजनाओं को मिलाकर हर किस्त में कुल 3000 रुपये मिलेंगे। यानी कि साल में कुल तीन किस्तों में बिहार के किसानों को 6000 की बजाय कुल 9000 रुपये दिए जाएंगे। NDA ने चुनावी संकल्प पत्र में किया था वादा- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एनडीए ने अपने चुनावी संकल्प पत्र में कर्पूरी ठाकुर के नाम से किसानों के लिए नई योजना शुरू करने का वादा किया था। एनडीए ने संकल्प किया था कि अगर वह दोबारा सत्ता में आते हैं तो पीएम किसान सम्मान निधि पाने वाले लाखों किसानों को साल में 3000 रुपये अतिरिक्त देंगे। पिछले बिहार चुनाव में एनडीए ने भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज की और नीतीश कुमार के नेतृत्व में बीते नवंबर में नई सरकार का गठन हुआ। अब सरकार के पहले पूर्णकालिक बजट में इस योजना की शुरुआत करने की घोषणा कर दी गई है। इस योजना का लाभ बिहार के लगभग 73 लाख से ज्यादा किसानों को मिलेगा।

बिहार इंटर की छूटी परीक्षा तो अप्रैल में दे सकेंगे विशेष एग्जाम

पटना. इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले दिन पहली पाली में जीव विज्ञान, दर्शनशास्त्र और दूसरी पाली में कला व वाणिज्य संकाय के अर्थशास्त्र विषय की परीक्षा हुई। राज्य भर में पहले दिन विलंब से परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया है। परीक्षा की निर्धारित अवधि के आधा घंटा पहले केंद्र का मेन गेट बंद कर दिया जाता है। इसकी घोषणा लगातार माइक से की जाती है। जिन परीक्षार्थियों की पहले दिन किसी भी कारण परीक्षा छूटी है, वह अन्य पेपर की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। बोर्ड ने कहा कि किन्हीं कारणों से परीक्षा छूटने पर विद्यार्थी अप्रैल में आयोजित विशेष परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। उसका परिणाम मई में आएगा। इंटर की परीक्षा 13 फरवरी तक संचालित होगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में परीक्षा प्रारंभ होने के निर्धारित समय के आधा घंटे पहले केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। परीक्षार्थी निर्धारित समय में केंद्र में प्रवेश कर लें। निर्धारित समय के एक घंटा पहले केंद्र में परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया जा रहा है। दूसरे दिन यानी तीन फरवरी को प्रथम पाली में साइंस व आर्ट्स के परीक्षार्थियों के लिए गणित, वहीं, दूसरी पाली में कला संकाय के परीक्षार्थियों के लिए राजनीति व वोकेशनल कोर्स के परीक्षार्थियों के लिए फाउंडेशन कोर्स की परीक्षा ली जाएगी। दूसरी पाली में भी विलंब से पहुंचे दर्जनों विद्यार्थी राजधानी के विभिन्न केंद्रों पर दूसरी पाली की परीक्षा में भी विलंब से आने वाले विद्यार्थियों की परीक्षा छूटने की सूचना है। पहले दिन पहली पाली में जीव विज्ञान, दर्शनशस्त्र और दूसरी पाली में कला संकाय के अर्थशास्त्र विषय की परीक्षा हुई। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9.30 से दोपहर 12.45 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 1.30 से शाम 5.15 बजे तक संचालित हुई। पटना जिले में इंटर परीक्षा से 574 अनुपस्थित  जागरण संवाददाता, पटना : प्रथम पाली में पटना जिले में 98.55 प्रतिशत परीक्षार्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई। प्रथम पाली में कुल 27,119 विद्यार्थियों में 26,727 उपस्थित रहे। यानी प्रथम पाली में 392 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। वहीं, दूसरी पाली में 97.17 प्रतिशत विद्यार्थी उपस्थित रहे। यानी कुल 7,006 विद्यार्थियों में 6,808 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 198 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे।

बेंगलुरु में मकर संक्रांति महोत्सव में दिखा बिहार-झारखंड की संस्कृति का जलवा

रांची. बेंगलुरु में 1 फरवरी 2026 को एचएसआर लेआउट के समर्थनम प्रेक्षा गृह में ज्योति होप फाउंडेशन की ओर से दूसरा मकर संक्रांति महोत्सव का आयोजन बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया. इस अवसर पर नगर में निवास करने वाले बिहार और झारखंड के प्रबुद्ध नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. यह आयोजन एक मिलन समारोह के रूप में सामने आया, जहां परंपरा, संस्कृति और सामाजिक एकता का सुंदर समावेश देखने को मिला. विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति समारोह में झारखंड से रांची सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड के अनिरुद्ध सिंह और कर्नाटक के पूर्व पुलिस महानिदेशक असित मोहन प्रसाद बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए. उल्लेखनीय है कि श्री असित मोहन प्रसाद मूल रूप से रांची के निवासी हैं, जिससे कार्यक्रम में झारखंड से भावनात्मक जुड़ाव और गहरा हो गया. अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की. भोजपुरी, मिथिला और नागपुरी संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुति कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं. बिहार की भोजपुरी और मिथिला लोकसंस्कृति के साथ झारखंड के नागपुरी नृत्य-गीत ने दर्शकों का मन मोह लिया. रांची सिक्योरिटी के मरदा रायडीह स्थित श्रीधर जान संस्थान से प्रशिक्षित और कर्नाटक के हासन शहर में हिम्मतसिंगका कंपनी में कार्यरत युवतियों की नागपुरी नृत्य प्रस्तुति को खूब सराहना मिली. यह प्रस्तुति झारखंड की सांस्कृतिक विरासत के लिए गर्व का विषय बनी. सम्मान, उपहार और पारंपरिक स्वाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों के उपरांत गणमान्य अतिथियों को झारखंडी जोहार शॉल और मिथिला पेंटिंग भेंट कर सम्मानित किया गया. साथ ही ज्योति होप फाउंडेशन की ओर से प्रत्येक आगंतुक को उपहार प्रदान किया गया. मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चिवड़ा, गुड़ और तिलकुट सहित पारंपरिक एवं स्वादिष्ट व्यंजनों का सभी ने भरपूर आनंद लिया. संस्कृति, समरसता और भावी पीढ़ी का संदेश इस मकर संक्रांति मिलन समारोह का मुख्य उद्देश्य प्रदेश से बाहर रहते हुए भी बिहार और झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत बनाए रखना है. सामाजिक समरसता, परंपरा और सामुदायिक गर्व की भावना को सशक्त करना इस आयोजन का मूल भाव रहा. ऐसे कार्यक्रम भावी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़े रहने का अवसर प्रदान करते हैं. राष्ट्रभक्ति के संदेश के साथ समापन फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ ज्योति राज ने भारत भारती संस्था का परिचय देते हुए राष्ट्रीय एकता, एकात्मता और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में सभी से योगदान देने का आह्वान किया. कार्यक्रम का समापन बंदे मातरम राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सामूहिक गान के साथ हुआ. आयोजन को सफल बनाने में ई-कॉम्प टेक्नोलॉजी के प्रबंध निदेशक गौतम राज की विशेष भूमिका रही.

कन्या विवाह उपहार योजना में बेटियों की शादी में लाखों किए दान

रांची. झारखंड में बेटियों की शादी को लेकर अभिभावकों की आर्थिक चिंता को कम करने की दिशा में अभिनंदन ट्रस्ट ने एक अहम पहल की है. ट्रस्ट बेटियों की शादी में लाखों रुपये मूल्य का सामान फ्री में उपलब्ध करा रहा है. अभिनंदन ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. विवेकानंद कुमार ने कहा कि अब माता-पिता को बेटी के विवाह के लिए कर्ज लेने की मजबूरी नहीं रहेगी. रांची में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम डॉ. विवेकानंद कुमार ने बताया कि झारखंड की प्रगति और सामाजिक विकास को ध्यान में रखते हुए रांची स्थित रोस्पा टावर कार्यालय में अभिनंदन ट्रस्ट द्वारा एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह है कि राज्य के अधिक से अधिक लोग ट्रस्ट की योजनाओं से जुड़ें और जरूरतमंद परिवारों तक इनका लाभ पहुंच सके. कन्या विवाह उपहार योजना पर विशेष जोर प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेष रूप से कन्या विवाह उपहार योजना पर चर्चा की जा रही है. इस योजना के तहत नवविवाहित बेटियों को ट्रस्ट की ओर से विवाह से जुड़ी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाती है. डॉ. विवेकानंद कुमार ने बताया कि इस योजना से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है. 122 प्रकार की सामग्री निःशुल्क उपलब्ध ट्रस्ट की ओर से विवाह के लिए कुल 122 प्रकार की सामग्री निःशुल्क प्रदान की जाती है. इनमें गोदरेज, टीवी, बर्तन सहित अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं. खास बात यह है कि मोटरसाइकिल की कीमत में ही मोटरसाइकिल भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे नवदंपती को जीवन की शुरुआत में सहूलियत मिल सके. वर्षों से जारी सेवा कार्य डॉ. विवेकानंद कुमार ने बताया कि यह सेवा कार्य अभिनंदन ट्रस्ट द्वारा पिछले कई वर्षों से लगातार किया जा रहा है. ट्रस्ट का उद्देश्य केवल सामग्री देना ही नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करना भी है. यह सभी सामग्री दान स्वरूप प्रदान की जाती है. बेरोजगार युवाओं के लिए अवसर उन्होंने यह भी कहा कि अभिनंदन ट्रस्ट से जुड़कर बेरोजगार युवा अच्छी आमदनी कर सकते हैं. ट्रस्ट के माध्यम से युवाओं को सामाजिक सेवा के साथ रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं. कार्यक्रम में कई पदाधिकारी रहे मौजूद इस मौके पर ट्रस्ट के स्टेट प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह, अनिल कुमार, भरत कुमार, कृष्णा वल्लभ और डॉ. एस.के. वर्मा सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे. सभी ने ट्रस्ट की इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया.

धनबाद के डीसी-एसपी ने डिस्पैच और रिसीविंग सेंटर का किया निरीक्षण

धनबाद. नगर पालिका (आम) निर्वाचन 2026 को लेकर धनबाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. चुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और त्रुटिरहित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार 02 फरवरी 2026 को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने चुनावी केंद्रों का निरीक्षण किया. प्रशासन की ओर से यह निरीक्षण चुनावी तैयारियों की अंतिम समीक्षा के तौर पर किया गया. डिस्पैच सेंटर और रिसीविंग सेंटर का बारीकी से निरीक्षण उपायुक्त और एसएसपी ने बिरसा मुंडा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित डिस्पैच सेंटर का निरीक्षण किया. यहां मतदान कर्मियों के लिए तैयार की गई व्यवस्थाओं, सामग्री वितरण प्रणाली और सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच की गई. इसके बाद धनबाद पॉलिटेक्निक स्थित रिसीविंग सेंटर पहुंचकर मतगणना के बाद ईवीएम और चुनाव सामग्री जमा कराने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई. मटेरियल सेल में व्यवस्थाओं की जांच प्रशासनिक अधिकारियों ने टाउन हॉल के सामने विवाह भवन स्थित मटेरियल सेल का भी निरीक्षण किया. यहां चुनाव से जुड़ी सामग्री के भंडारण, आवंटन और रिकॉर्ड संधारण की व्यवस्था की जांच की गई. उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सामग्री समय पर और सही तरीके से मतदान दलों तक पहुंचे, इसमें किसी तरह की लापरवाही न हो. हर स्तर पर निगरानी के निर्देश निरीक्षण के दौरान उपायुक्त आदित्य रंजन ने कार्य में लगे पदाधिकारियों और कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्वाचन से संबंधित प्रत्येक गतिविधि की सतत और बारीकी से निगरानी की जाए. उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर छोटी सी भी चूक पूरे चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, इसलिए जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ काम करें. आयोग के निर्देशों का अक्षरशः पालन जरूरी उपायुक्त ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग, झारखंड द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने सभी संबंधित कोषांगों को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया. समयबद्ध तरीके से कार्य निष्पादन और स्पष्ट जिम्मेदारी तय करने पर विशेष जोर दिया गया. सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर भी फोकस वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा कि मतदान और उससे जुड़े सभी चरणों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी जाएगी. संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है. पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं. कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, उप विकास आयुक्त सन्नी राज, एसडीएम लोकेश बारंगे, निदेशक डीआरडीबी राजीव रंजन, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर हेमा प्रसाद, जिला पंचायती राज पदाधिकारी मुकेश बाउरी समेत कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे. सभी अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर चुनावी तैयारियों की जानकारी साझा की और आवश्यक निर्देश प्राप्त किए..