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डाकबंगला में रामनवमी का भव्य आयोजन, नीतीश कुमार की मौजूदगी में एक मंच पर दिखे पिता-पुत्र

पटना आज देशभर में रामनवमी का पावन पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पटना में भी विभिन्न पूजा समितियों की तरफ से भव्य शोभायात्राओं का आयोजन किया गया है। ये सभी झांकियां धीरे-धीरे पटना के डाकबंगला चौराहा स्थित श्रीराम चौक पर पहुंच रही हैं। समारोह के लिए डाकबंगला चौराहे पर एक विशाल मंच तैयार किया गया है, जहां बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उनके पुत्र निशांत कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय चौधरी और संजय सरावगी समेत एनडीए के कई दिग्गज नेता उपस्थित हैं। जय श्री राम के नारे से गूंजा क्षेत्र भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंच पर मौजूद सभी नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नितिन नवीन द्वारा वहां पहुंच रही झांकियों को सम्मानित किया जा रहा है। नीतीश कुमार के मंच पर चढ़तेही जय श्री राम के नारे लगने लगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद नितिन नवीन पहली बार इस भव्य कार्यक्रम का हिस्सा बनकर झांकियों का स्वागत कर रहे हैं। मौसम ने ली करवट इस साल रामनवमी पर पटना की 52 पूजा समितियां अपनी मनमोहक झांकियां निकाल रही हैं। सुबह के वक्त तेज धूप से लोग बेहाल थे, लेकिन शोभायात्रा शुरू होने से ठीक पहले मौसम ने अचानक करवट ली। हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाओं ने मौसम को बेहद सुहाना बना दिया, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। मौसम मेहरबान होने की वजह से श्रीराम चौक पर भक्तों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है। लगातार आ रहे श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए यहां करीब 5 लाख से ज्यादा लोगों के जुटने की उम्मीद है। इस बार का आयोजन कई मायनों में बेहद खास है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रामानंद सागर की 'रामायण' में भगवान राम का अमर किरदार निभाने वाले मशहूर अभिनेता अरुण गोविल हैं, जो मंच पर मौजूद हैं। उनके साथ-साथ दिग्गज भोजपुरी गायक और भाजपा नेता मनोज तिवारी भी इस समारोह में मौजूद हैं। इतनी बड़ी भीड़ को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के लिए प्रशासन ने भी पुख्ता इंतजाम किए हैं और चप्पे-चप्पे पर करीब 1500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।  

अहिल्यनगर में रामनवमी जुलूस पर हुआ पथराव, कई घायल, 10-12 आरोपियों पर FIR

 अहिल्यनगर महाराष्ट्र के अहिल्यनगर जिले के श्रीरामपूर शहर में रामनवमी का जुलूस निकाला जा रहा था. गुरुवार शाम करीब चार बजे जब यह जुलूस सय्यद बाबा चौक पर मस्जिद के सामने से गुजरा, तभी अचानक पथराव शुरू हो गया. जुलूस में शामिल लोग नाच-गा रहे थे, तभी मस्जिद के पीछे से अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए।  इस पथराव में तीन लोग घायल हो गए. घायलों में से एक की हालत गंभीर थी, जिसे श्रीरामपूर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. पथराव होते ही जुलूस में अफरा-तफरी मच गई. भीड़ काफी आक्रोशित हो गई और कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।  पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और भीड़ को वहां से हटाया. लोगों को समझा-बुझाकर शांति बनाए रखने की अपील की गई. पुलिस ने मस्जिद के मौलाना सहित 10 से 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ श्रीरामपूर थाने में मामला दर्ज किया है. जांच जारी है. फिलहाल हालात शांतिपूर्ण हैं और शहर में पुलिस का भारी बंदोबस्त तैनात कर दिया गया है।  बता दें कि श्रीरामपूर में रामनवमी का त्योहार हर साल बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन शहर में बड़ा मेला लगता है और भगवान श्रीराम का जुलूस निकाला जाता है, जिसमें हजारों लोग शामिल होते हैं।  किन-किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया? पुलिस ने इस मामले में कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 190, भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 191(1), भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 191(2), भारतीय न्याय सहिता (बी एन एस), 2023 192, भारतीय न्याय सहिता (बी एन एस), 2023 110 और भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 118(1) के तहत पुलिस ने केस दर्ज किया है। 

MP में रामनवमी का महापर्व: भोपाल से उज्जैन तक भक्ति की धारा, जबलपुर-ग्वालियर में विशेष पूजा

भोपाल  रामनवमी के अवसर पर राजधानी भोपाल इस बार भक्ति और उत्सव के रंग में पूरी तरह सराबोर रहेगा। शहर में करीब 2500 से 3000 स्थानों पर भंडारों का आयोजन होगा, वहीं मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भव्य कार्यक्रम दिनभर चलते रहेंगे।हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि इस बार भोपाल में राम जन्मोत्सव बड़े स्तर पर मनाया जाएगा। शहर के न्यू मार्केट, पुराने भोपाल के प्रमुख राम मंदिरों और जहां-जहां भगवान राम के मंदिर हैं, वहां विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि दोपहर 12 बजे भगवान राम के जन्म का मुख्य आयोजन होगा। इस दौरान मंदिरों में भोग, आरती और जन्मोत्सव का उल्लासपूर्ण आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।  रामनवमी के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों में आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। राजधानी भोपाल से लेकर उज्जैन, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर तक मंदिरों में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना, शोभायात्राएं, भंडारे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यापक तैयारियां की गई हैं। भोपाल में हजारों भंडारे और शोभायात्राएं भोपाल में इस वर्ष रामनवमी का उत्सव बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा। शहर के विभिन्न इलाकों में लगभग 2500 से 3000 स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होगी और दोपहर 12 बजे भगवान राम के जन्मोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान आरती, भोग और भजन-कीर्तन का कार्यक्रम रहेगा। भवानी चौक सोमवारा क्षेत्र से घोड़ा निकास के साथ भव्य जुलूस भी निकलेगा, जिसमें आकर्षक झांकियां और पारंपरिक प्रस्तुतियां लोगों को आकर्षित करेंगी। हर गली में भंडारे, सेवा का माहौल समिति के अनुसार, शहर के अलग-अलग इलाकों में हजारों भंडारे आयोजित किए जाएंगे, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। इससे पूरे भोपाल में सेवा और भक्ति का माहौल बनेगा। घोड़ा निकास के साथ निकलेगा भव्य जुलूस रामनवमी पर भवानी चौक सोमवारा क्षेत्र से घोड़ा निकास के साथ भव्य जुलूस निकलेगा। इसके अलावा शहर के अन्य हिस्सों में भी कई शोभायात्राएं आयोजित होंगी। जुलूस में आकर्षक झांकियां, भजन-कीर्तन और पारंपरिक प्रस्तुतियां खास आकर्षण रहेंगी। मंदिरों में खास तैयारियां खेड़ापति मंदिर, सब्जी मंडी क्षेत्र सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में सजावट, लाइटिंग और भक्तों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। गर्मी को देखते हुए व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया है। आयोजकों के मुताबिक, इस बार रामनवमी पर भोपाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी और पूरा शहर भक्ति, उत्साह और सेवा भाव से सराबोर नजर आएगा।  इंदौर के रणजीत हनुमान में साकेतधाम इंदौर के प्राचीन रणजीत हनुमान मंदिर में रामनवमी का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इसे लेकर पूरी तैयारी भी की जा चुकी है। रामनवमी पर मंदिर में साकेतधाम सजाया गया है। जहां प्रभू राम के दर्शन होंगे। गुरुवार से ही मंदिर में सजावट शुरू कर दी गई थी। भक्तों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि गर्मी में उन्हें परेशानी का सामना ना करना पड़े। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित दीपेश व्यास ने बताया कि रामनवमी के पर्व पर मंदिर में साकेतधाम सजाया गया है। ये अयोध्या का ही प्राचीन नाम है साकेत। रणजीत हनुमान मंदिर में साकेतधाम का स्वरूप दिया है। मंदिर में फूलों से सजावट भी की गई है। जिक-जैक पैटर्न में भक्त लाइन से भगवान के दर्शन कर सकेंगे। गर्मी को देखते हुए भक्तों को दिक्कत ना हो इसके लिए यहां 24 कूलर भी लगाए है। अखंड रामायण की होगी स्थापना, पंचामृत से होगा अभिषेक उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में रामनवमी पर सुबह 6 बजे सात दिवसीय अखंड रामायणजी की स्थापना की जाएगी। 3 अप्रैल को हनुमान जयंती के अगले दिन काकड़ आरती के बाद अखंड रामायणजी का समापन होगा। शुक्रवार को सुबह 8 बजे रामजी का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद रामजी का शृंगार होगा। 12 बजे रामजी की जन्मोत्सव आरती होगी। भक्तों को प्रसाद वितरत किया जाएगा और शाम को भजन संध्या का आयोजन होगा। इसके अलावा शहर के अन्य मंदिरों में भी रामनवमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। कई मंदिरों में सुंदर सजावट करने के साथ ही आकर्षक लाइटिंग भी की गई है। मंदिरों को फूलों से भी सजाया जा रहा है। उज्जैन में यज्ञ अनुष्ठान के साथ महाआरती उज्जैन में राम नवमी पर शिप्रा नदी के पास राम मंदिर में यज्ञ अनुष्ठान के साथ 12 बजे महाआरती होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त आरती में शामिल होंगे, साथ ही प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी रामनवमी पर्व पर ऐतिहासिक वीरभद्र ध्वज चल समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह ध्वज चल समारोह महाकाल इंटरनेशनल चौराहे से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए रात्रि 9:30 बजे गोपाल मंदिर पहुंचेगा। जबलपुर में आविर्भाव समारोह जबलपुर में रामनवमी के अवसर पर 27 मार्च को मां नर्मदा तट गौरीघाट पर 'आविर्भाव समारोह' का आयोजन किया जाएगा। श्रीरामचंद्र पथ गमन न्यास द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित यह सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम 6:30 बजे से शुरू होगा। समारोह की शुरुआत नरसिंहपुर के लोकगायक सुमित दुबे और उनके साथियों के लोक-भक्ति गायन से होगी। इसमें बुंदेली लोकधारा के माध्यम से भगवान श्रीराम की महिमा का गुणगान किया जाएगा। इसके बाद नूपुर माहौर एवं उनकी टीम भरतनाट्यम शैली में 'लव-कुश की रामायण' पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत करेगी। इस प्रस्तुति में श्रीराम के आदर्श, त्याग और धर्मनिष्ठा को सांस्कृतिक रूप में मंचित किया जाएगा। कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति सिवनी के रुद्रकांत ठाकुर के भक्ति गायन की होगी। आयोजकों के अनुसार, इस सांस्कृतिक संध्या का उद्देश्य जनमानस को रामकथा, लोकभक्ति और भारतीय परंपरा से जोड़ना है। ग्वालियर के शीतला माता मंदिर में ‌विशाल भंडारा ग्वालियर में रामनवमी के अवसर माता मंदिरों पर पूजा अर्चना की जाएगी। सुबह 5:00 बजे से ही मंदिरों के पट खोल दिए जाएंगे और श्रद्धालु मंदिर पहुंचेंगे। उसके साथ ही मंदिरों में विशाल भंडारों का आयोजन भी किया जाएगा। ग्वालियर से लगभग 25 किलोमीटर दूर शीतला माता मंदिर पर भी बड़ा भंडारा आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा ग्वालियर की मंदिर वाली माता पर भी विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। साथ ही छोटी करौली माता मंदिर पर भी भक्तों की भीड़ देखने को मिलेगी। महाअष्टमी पर प्रदेश की मंदिरों में आस्था और … Read more

इस राम नवमी अपनाएं ये 5 शुभ उपाय, सफलता और समृद्धि मिलेगी अपार

राम नवमी का पावन पर्व इस वर्ष 27 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा-अर्चना के साथ कुछ विशेष वस्तुओं को घर लाना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा करने से न केवल वास्तु दोष दूर होते हैं, बल्कि घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। आइए जानते हैं राम नवमी के दिन किन 5 चीजों को घर लाना आपके लिए लाभकारी हो सकता है। तुलसी का पौधा लाएं घर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है और भगवान श्रीराम को उनका अवतार माना जाता है। ऐसे में राम नवमी के दिन घर में तुलसी का पौधा लाना बेहद शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और वास्तु दोष दूर होते हैं। साथ ही परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। शंख घर में लाना शुभ राम नवमी के दिन शंख घर लाना और पूजा के समय शंखनाद करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। शंखनाद से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर में पवित्रता का वातावरण बनता है। मान्यता है कि इससे माता लक्ष्मी का भी आगमन होता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। राम दरबार की तस्वीर या मूर्ति राम नवमी के अवसर पर भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की संयुक्त तस्वीर या प्रतिमा यानी राम दरबार घर लाना बेहद शुभ माना जाता है। इससे परिवार में प्रेम, एकता और सामंजस्य बढ़ता है। घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। श्रीराम यंत्र की स्थापना राम नवमी के दिन श्रीराम यंत्र घर में स्थापित करना भी विशेष लाभकारी माना गया है। यह यंत्र घर को बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से बचाता है। परिवार के सदस्यों के बीच तालमेल और शांति बनाए रखने में मदद करता है। जीवन की कठिनाइयों को दूर करने में सहायक माना जाता है। चांदी का सिक्का राम नवमी के दिन चांदी का सिक्का खरीदकर उसे पूजा में अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। इससे भगवान श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कुंडली में मौजूद चंद्र दोष को दूर करने में मदद मिलती है। आर्थिक समृद्धि और स्थिरता आती है। धार्मिक महत्व और निष्कर्ष राम नवमी का पर्व केवल भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिन धर्म, मर्यादा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी है। इस दिन सही विधि से पूजा करने और शुभ वस्तुओं को घर लाने से वास्तु दोष दूर होते हैं। घर में सुख-समृद्धि आती है। पारिवारिक जीवन में खुशहाली बढ़ती है इसलिए इस राम नवमी पर इन 5 चीजों को घर लाकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

रामनवमी पर बदल जाता है हजारीबाग का रंग, चौक-चौराहों के नाम भी हो जाते हैं खास

हजारीबाग झारखंड के हजारीबाग में मनाई जाने वाली रामनवमी पूरे देश में अपनी अनोखी परंपरा के लिए जानी जाती है। यहां इस पर्व के दौरान पूरे शहर का रूप ही बदल जाता है, जिससे यह अयोध्या की झलक देता है। जिले में रामनवमी का त्योहार बहुत खास तरीके से मनाया जाता है। इस दौरान शहर के अलग-अलग मोहल्लों, चौक-चौराहों और सड़कों के नाम बदल दिए जाते हैं। इन जगहों को नए धार्मिक नाम दिए जाते हैं, जो अयोध्या के स्थानों से प्रेरित होते हैं। रामनवमी के समय शहर के कई प्रमुख चौक नए नामों से जाने जाते हैं। जैसे जादो बाबू चौक को परशुरामगढ़, कुआं चौक को भारतगढ़, झंडा चौक को दशरथगढ़, पंच मंदिर चौक को कृष्णगढ़, गोल चौक को अभिमन्युगढ़, ग्वालटोली चौक को नारायणगढ़ और सुभाष मार्ग को अंगदगढ़ कहा जाता है। इन नए नामों के बोर्ड भी लगाए जाते हैं। खास बात यह है कि रामनवमी जुलूस के दौरान लोग इन जगहों को उनके पुराने नाम से नहीं, बल्कि इन्हीं नए धार्मिक नामों से पुकारते हैं। इससे पूरा शहर एक धार्मिक माहौल में बदल जाता है। यह परंपरा कोई नई नहीं है, बल्कि करीब 100 साल से चली आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हजारीबाग के राम भक्त इस शहर को अयोध्या के रूप में देखते हैं। इसी वजह से यहां के चौक-चौराहों का नाम अयोध्या की तर्ज पर रखा जाता है। रामनवमी के मौके पर लाखों श्रद्धालु सड़कों पर निकलते हैं और भव्य जुलूस निकालते हैं। इस पूरे आयोजन की जिम्मेदारी रामनवमी महासमिति और अन्य समितियों की होती है, जो हर साल इसे और भव्य बनाने का काम करती हैं। आज भी यह परंपरा उतनी ही जोश और आस्था के साथ निभाई जा रही है। नई पीढ़ी भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है। यही वजह है कि हजारीबाग की रामनवमी देशभर में एक अलग पहचान रखती है।  

रामनवमी पर डबल छुट्टी! योगी सरकार ने 27 मार्च को भी किया अवकाश घोषित

लखनऊ रामनवमी पर योगी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। पहले से घोषित 26 मार्च के सार्वजनिक अवकाश के साथ अब 27 मार्च को भी छुट्टी घोषित कर दी गई है। मंदिरों में रामनवमी के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।   हर साल इस पर्व पर बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए मंदिरों में पहुंचते हैं, जिससे व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में अतिरिक्त अवकाश से लोगों को सुविधा मिलेगी और भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस निर्णय के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया है कि सरकार आस्था और परंपराओं के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासन को भी निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। लगातार दो दिन की छुट्टी से श्रद्धालुओं को न केवल धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने का अवसर मिलेगा, बल्कि यात्रा और दर्शन भी अधिक सहज हो सकेंगे।

झारखंड में रामनवमी की छुट्टी में बदलाव, जानें अब कब मिलेगी छुट्टी

रांची झारखंड में शुक्रवार यानी 27 मार्च को रामनवमी का त्यौहार मनाया जा रहा है। रामनवमी के पर्व को लेकर झारखंड सरकार ने छुट्टी की तारीख में बदलाव किया है। पहले घोषित तारीख में संशोधन करते हुए अब नई तिथि तय की गई है। 27 मार्च को रामनवमी का अवकाश घोषित राज्य सरकार ने रामनवमी की छुट्टी को 26 मार्च से बदलकर अब 27 मार्च कर दिया है। पहले जारी सरकारी सूची में 26 मार्च को रामनवमी के मौके पर एनआईए एक्ट के तहत अवकाश घोषित किया गया था, लेकिन इस साल रामनवमी 27 मार्च को पड़ रही है। इसी दिन रांची समेत राज्य के कई शहरों और क्षेत्रों में शोभा यात्रा भी निकाली जाएगी। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने छुट्टी की तारीख में बदलाव करते हुए 27 मार्च को रामनवमी का अवकाश घोषित किया है।  

Ram Navami 2026: ग्रहों का शुभ संयोग, रामनवमी पर इन राशियों को मिलेगा विशेष लाभ

पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है. इस बार तिथि दो दिन पड़ने के कारण लोगों में कन्फ्यूजन है कि रामनवमी कब मनाई जाए. धार्मिक मान्यता है कि भगवान राम का जन्म दोपहर में हुआ था, इसलिए 26 मार्च 2026 को रामनवमी मनाना अधिक शुभ माना जा रहा है. हालांकि, उदयातिथि के अनुसार, कुछ लोग 27 मार्च को भी रामनवमी मनाने की बात कर रहे हैं. इस दिन कई खास ज्योतिषीय योग भी बन रहे हैं, जिससे इसका महत्व और बढ़ गया है।  रामनवमी पर ये रहेगी ग्रहों की स्थिति इस दिन ग्रहों की स्थिति भी खास रहने वाली है. शुक्र ग्रह मेष राशि में प्रवेश करेंगे, वहीं गुरु और चंद्रमा की युति से गजकेसरी योग बनेगा. इसके अलावा गुरु और मंगल के साथ आने से नवपंचम राजयोग का निर्माण होगा. साथ ही कुछ राशियों में त्रिग्रही योग भी बन रहा है. इन सभी योगों का असर अलग-अलग राशियों पर देखने को मिलेगा. तो आइए जानते हैं कि रामनवमी किन राशियों के लिए शुभ रहेगा।  इन राशियों के लिए शुभ रहेगा रामनवमी इस बार रामनवमी का दिन खासतौर पर मेष, वृषभ और कन्या राशि वालों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है. इन लोगों को लंबे समय से चल रही परेशानियों से राहत मिल सकती है और जीवन में खुशियां बढ़ सकती हैं. परिवार में चल रहे मतभेद दूर हो सकते हैं. रिश्तों में मिठास आएगी. कार्यक्षेत्र में आपके काम की तारीफ होगी, जिससे प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन सकते हैं. व्यापार में भी अच्छा लाभ मिलने की संभावना है. आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और पुराने कर्ज से छुटकारा मिल सकता है।  इसके अलावा मिथुन, कुंभ, तुला, मकर और सिंह राशि के लोगों को भी इस दिन कुछ सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं. वहीं वृश्चिक और मीन राशि वालों को थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर सेहत के मामले में. हालांकि कामकाज पर इसका ज्यादा नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।  रामनवमी पर करें ये उपाय अगर आप इस दिन भगवान राम की कृपा पाना चाहते हैं, तो कुछ सरल उपाय कर सकते हैं. रामचरितमानस के बालकांड का पाठ करना शुभ माना जाता है. तुलसी के पत्तों की माला भगवान राम को अर्पित करें. हनुमान चालीसा का पाठ करने से भी सकारात्मक फल मिल सकते हैं। 

बिहार राजनीति में हलचल: क्या रामनवमी पर BJP घोषित करेगी अपना CM चेहरा?

  पटना भारतीय जनता पार्टी अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ज्यादा समय देने के विचार में नहीं है। बिहार में इतिहास रचने के लिए वह खरमास के खत्म होने का इंतजार करे, यह भी शायद संभव नहीं हो। और, मौका है रामनवमी का तो तैयारी उसी हिसाब से हो रही है। जी हां, संभव है कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनाने वाली पार्टी इस बार रामनवमी पर बिहार में पहली बार भाजपाई मुख्यमंत्री की शपथ करा ले। इसके लिए अंदर तैयारी है और बाहर माहौल बनाया जाने लगा है। खास बात यह भी है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चौंकाने वाले नाम-काम से अलग भाजपा अपनी राह खुद तैयार कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्लानिंग कभी भी सामने आ सकती है। रोज चौंका रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भाजपा ने राज्यसभा जाने के लिए राजी कराया है, यह राज्य का बच्चा-बच्चा जानता है। लेकिन, अब यह भी लोग समझ रहे हैं कि मुख्यमंत्री भाजपा को संशय में डाल रहे हैं। इधर उन्होंने राज्यसभा का नामांकन किया और उधर समृद्धि यात्रा पर निकल गए। राज्यसभा चुनाव के दिन पटना में रहे, लेकिन वोटिंग के दौरान विधानसभा का रुख भी नहीं किया। और तो और, अगले दिन फिर समृद्धि यात्रा पर बिहार के लोगों से मिलने निकल गए। अलग-अलग जिले घूम रहे हैं। इस दौरान वह यह तो बता रहे हैं कि आगे की जिम्मेदारी कौन संभालेगा, लेकिन यह नहीं कह रहे हैं कि वह बिहार छोड़ने जा रहे हैं। अब तक कई कंधों पर हाथ रख चुके नीतीश कुमार अपने बेटे निशांत कुमार को मुख्यमंत्री या उप मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं, यह उन्होंने कभी नहीं कहा। निशांत के राजनीति में आने पर भी उन्होंने एक बार भी कुछ नहीं कहा। दूसरी तरफ नीतीश समर्थक निशांत के लिए डिप्टी सीएम की कुर्सी पर अड़े हैं। हालांकि, नीतीश कुमार लगातार अलग-अलग संकेत देकर भाजपा को ही संशय में डाल रहे। समृद्धि यात्रा में उन्होंने सबसे ज्यादा भाजपाई डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रख आगे की जिम्मेदारी संभालने की बात कही, जबकि भाजपा के अंदर से संघ-विद्यार्थी परिषद् बैकग्राउंड वाले किसी नेता को आगे करने की चर्चा निकल रही है। नीतीश ने सम्राट चौधरी को पसंद बताया है। लेकिन, वह इसके साथ ही बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी व लेसी सिंह के अलावा केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के कंधे पर भी इसी अंदाज में हाथ रख चुके हैं। भाजपा की प्लानिंग अब आएगी सामने चैत्र नवरात्र शुरू हो चुका है। पहले बात चल रही थी कि 15 मार्च से 14 अप्रैल तक खरमास के बीच नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण नहीं होगा। लेकिन, अब भाजपा की तैयारी नवरात्र में ही अपने पहले मुख्यमंत्री को शपथ दिलाने की है। बिहार भाजपा में नेताओं की चर्चा के दौरान अब भी रोज कई मुख्यमंत्री बन रहे हैं और हट रहे हैं, हालांकि नवरात्र का पहला दिन निकलते-निकलते यह कहा जा रहा है कि भाजपा के रणनीतिकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम चर्चा कर ली है। इसपर सर्व-सहमति की तैयारी की जा रही है। कहा जा रहा है कि रामनवमी या उसके अगले दिन नई सरकार का शपथ ग्रहण करा लिया जाएगा। नवरात्र के लिए राजनीतिक माहौल बनाया खरमास बाद नई सरकार की चर्चा चल रही थी। कहा जा रहा था कि नीतीश कुमार राज्यसभा के नए कार्यकाल के लिए अप्रैल में मौजूदा सांसदों का समय पूरा होने तक यहीं जमे रहेंगे। लेकिन, अब नवरात्र शुरू होते ही माहौल बदला है। भाजपा प्रदेश मुख्यालय के नेताओं की मानें तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास यह जानकारी पहुंचा दी गई है कि उन्हें 30 मार्च के पहले ही राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करनी है। वह 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं, इसलिए 14 दिन ही उनके पास निर्णय के लिए बचते हैं। नीतीश कुमार राज्यसभा की सदस्यता 30 मार्च के पहले ले लेंगे तो उसके बाद उन्हें नई सरकार के शपथ ग्रहण तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनाए रखने का विकल्प हो सकता है या नहीं- इसपर भी चर्चा चल रही है। हालांकि इन चर्चाओं के बीच रामनवमी पर शपथ ग्रहण की चर्चा भाजपा में पटना से लेकर दिल्ली तक है।

रामनवमी के मौके पर छतरपुर में अनोखा आयोजन, शोभायात्रा में 2000 लड़कियों की तलवारबाजी

छतरपुर  अयोध्या की तर्ज पर रामनवमी का उत्सव छतरपुर में जोर-शोर से मनाया जाता है. उत्सव के लिए पूरे शहर को रंगबिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया. उत्सव की तैयारी तेज हो चुकी है, आयोजन में सबसे खास जो बात होती है, वह लड़कियों की तलवारबाजी होती है. जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. 2000 लड़कियां एक साथ हाथों में तलवार, ढोल, मजीरा, छीका लेकर रामनवमी पर रथ के आगे निकलती हैं.  जो आकर्षण का केंद्र होता है. वहीं रामालय कार्यलय के शुभारंभ पर लड़कियों ने जब तलबार बाजी दिखाई तो लोग हैरान रह गए. 27 मार्च को रामनवमी के मौके पर शहर आकर्षक झांकियों के साथ विशाल शोभायात्रा निकली जाएगी. जो रामलीला मैदान गल्ला मंडी से शुरू हो कर पूरे शहर में भ्रमण करेगी. नव प्रताप नवयुवक संघ की कलाकार प्रतीक्षा तिवारी बताती हैं "हम लोग महल परिवार में तलवारबाजी सिखाते हैं, करीब 2000 बच्चे बिना किसी भेदभाव के तलवारबाजी सीख रहे हैं.  रामवनवी में इसका प्रदर्शन करते हैं. इसके साथ ही प्रताप नवयुवक संघ के अध्यक्ष प्रदीप सेन ने कहा कि रामनवमी की भव्यता और दिव्यता के लिए शहर में बच्चों को कुछ सिखाया जाता है, जो उनके जीवन में काम आए. आत्म रक्षा के लिए सभी विधाएं सिखाई जाती है, जैसे तलवार, लाठी, फरसा, कराटे.