samacharsecretary.com

राहुल गांधी पर प्रमोद चंद्रवंशी का तंज, बोले—‘उनकी मौजूदगी से कांग्रेस को नुकसान’; बजट पर रखी राय

पूर्णिया बिहार सरकार के सहकारिता तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने पूर्णिया के प्रेस क्लब भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय बजट 2026 को ऐतिहासिक और बिहार हितैषी करार दिया। उन्होंने बजट के विकासवादी पहलुओं पर चर्चा करने के साथ-साथ विपक्षी दल कांग्रेस और राहुल गांधी पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने इस बजट को देश और विशेष रूप से बिहार के हितों के अनुकूल बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया।  उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने समाज के हर वर्ग चाहे वे किसान हों, मजदूर हों, युवा हों या महिलाएं सभी के उत्थान के लिए बजट में प्रावधान किए हैं। शिक्षा, चिकित्सा और कृषि को इस बजट का मुख्य स्तंभ बनाया गया है। मंत्री ने कहा कि पटना और बनारस में जहाज मेंटेनेंस सेंटर खोलने का निर्णय बिहार के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे न केवल तकनीकी क्षेत्र में राज्य की पहचान बनेगी, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।   पर्यावरण मंत्री के रूप में उन्होंने सौर ऊर्जा के प्रावधानों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शहरों में मकानों पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने की योजना से बिहार में बिजली पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा। बिहार सौर ऊर्जा के मामले में शून्य उत्सर्जन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।   बजट में टेक्सटाइल निर्माण को लेकर की गई घोषणाओं पर उन्होंने कहा कि अब एक ही स्थान पर सूत की कटाई से लेकर कपड़ा तैयार होने तक की प्रक्रिया होगी। इससे उत्पादन लागत कम होगी और भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनेंगे। जैविक खेती के क्षेत्र में अगले 5 वर्षों में 10 करोड़ लोगों को लाभान्वित करने और मवेशी विकास की योजनाओं से बिहार के ग्रामीण जनजीवन और किसानों की आय में क्रांतिकारी सुधार आएगा।   पूर्णिया और कोसी के बीच मखाना बोर्ड के निर्माण को लेकर उन्होंने कहा कि हम किसी झमेले में नहीं पड़ते हैं। मखाना बोर्ड का गठन होगा उससे जो प्रॉफिट होने वाला है या उससे जो भी टैग लगा हुआ है उससे पूरे दुनिया में मखाना की मांग बढ़ गई है। हम अपने राज्य के बारे में सोचे, उससे हमारे राज्य का किया फायदा होने वाला है। एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम आने के सवाल पर मंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जितना भाजपा का विरोध करती है, भाजपा का उतना ही विकास होता है और कांग्रेस का उतना ही ह्रास होता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब समाज के लिए विश्वसनीय पार्टी नहीं रही। जहां-जहां राहुल गांधी गए हैं, वहां उन्होंने कांग्रेस को डुबोया है। उनके नेताओं को पता ही नहीं होता कि किस परिस्थिति में क्या बोल रहे हैं।   मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पर जनता का विश्वास इतना अटूट है कि राहुल गांधी के हमलों का असर उल्टा होता है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि हम तो मनाते हैं कि राहुल गांधी बोलते रहें, क्योंकि उनके बोलने से हमारा ग्राफ बढ़ता है, इसलिए हम उनकी बातों को नोटिस में नहीं लेते।

NEET छात्रा की मौत ने मचाया बवाल, संसद के बाहर RJD सांसदों का प्रदर्शन

पटना नीट छात्रा मर्डर केस मामला सड़क से लेकर संसद तक पहुंच चुका है। सोमवार को लोकसभा और विधानसभा में राष्ट्रीय जनता दल के सांसद और विधायकों ने इस मामले को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार पर जमकर हमला बोला। लोकसभा के बाहर राजद सांसदों ने हाथ में बैनर और पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते दिखे। सांसद का कहना है कि पीएम मोदी और सीए नीतीश कुमार की जोड़ी वाली सरकार जनता को ठग रही है। बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं है। बेटियों के दरिंदों से चंदा लिया जा रहा है। नीट छात्रा मर्डर केस में अब तक खुलासा नहीं हो पाया। सरकार ने खुद को बचाने के लिए इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है। सांसद मीसा भारती ने कहा कि हमलोगों ने नीट की छात्रा को न्याय दिलाने की मांग की है। बिहार की जनता के साथ यह सरकार गलत कर रही है। महिलाओं की इतनी घृणा क्यों हैं इन्हें? इसका जवाब देना होगा। जानिए विधानसभा परिसर में राजद विधायक ने क्या कहा? राजद विधायवक भाई वीरेंद्र ने कहा कि आज से बजट सत्र की शुरुआत हो रही है। तीन फरवरी से प्रश्न काल होगा। हमलोग सरकार की हर गलत नीतियों क विरोध करेंगे। आज देख रहे हैं नीट छात्रा मर्डर केस में नीतीश सरकार किस तरह से असमंजस में है। सरकार कटघरे में खड़ी है। कार्रवाई इसलिए नहीं हो रही है कि एनडीए के बड़े नेताओं के परिवार का नाम इस केस में है। इसलिए सरकार न भेद खोल रही है और न कार्रवाई कर रही है। जनता के हितों के सवाल को राष्ट्रीय जनता दल उठाएगा। राज्यपाल के अभिभाषण पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि सरकार जो लिखकर देती है, वही महामहिम पढ़ते हैं।    

दुबई में काम करने वाले 14 मजदूरों की मदद के लिए सरकार से अपील, 2 दिन से भूखे, पासपोर्ट भी जब्त

रांची  "भाइयों हम लोग 14 आदमी फंसे हैं। दो दिन से भूखे हैं…" ये शब्द हैं, दुबई में फंसे भारतीय मजदूरों के। एक कमरे में बंद मजदूरों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर करके भारत और झारखंड सरकार से वतन वापसी की गुहार लगाई है। मजदूरों ने पेमेंट न मिलने, भूखे होने, पासपोर्ट जमा कर लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। आगे जानिए इस मामले में अधिकारियों, सोशल एक्टविस्ट का क्या कहना है। मजदूरों ने सुनाई आपबीती सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे वीडियो में 11 लोग दिखाई देते हैं। उनमें से एक शख्स बोलता है- हम 14 आदमी फंसे हैं। और फिर एक-एक कर अपनी आपबीती सुनाता है। वीडियो में कहा- “भाइयों हम लोग 14 आदमी फंसे हैं। ईएमसी कंपनी में 3 महीना हो गया है। हम लोगों को पेमेंट नहीं देता है। पासपोर्ट जमा कर लिया है। दो दिन से भूखे हैं। खाना खाने के लिए भी पैसा नहीं है। झारखंड और भारत सरकार से हमारा निवेदन है- हमारा वतन हमें वापस बुलाया जाए।” इस मामले में क्या बोले अधिकारी इस मामले में राज्य प्रवासी कंट्रोल सेल की टीम लीडर शिखा लकड़ा ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया- उन्हें गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो जिलों के 14 प्रवासी मजदूरों के बारे में जानकारी मिली है। इन मजदूरों ने एक वीडियो भेजकर आरोप लगाया है- प्राइवेट कंपनी ने मजदूरी नहीं दी है और उन्हें ओवरटाइम भी करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। जानिए सरकार क्या कर रही है अधिकारी ने बताया, “हम माइग्रेंट वर्कर्स से बात करने और उनके डॉक्यूमेंट्स वेरिफाई करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि माइग्रेंट वर्कर्स की सुरक्षित वापसी के लिए इंडियन एम्बेसी और यूएई सरकार के अधिकारियों से बात करने का प्रोसेस शुरू किया जा सके।” आखिर मजदूरों ने वीडियो किसे भेजी मजदूरों ने यह वीडियो सिकंदर अली को भेजा है, जो प्रवासी मजदूरों की भलाई के लिए काम करते हैं। अली ने कहा, “पहले भी माइग्रेंट वर्कर्स को विदेशों में परेशान किया गया है, और बहुत मुश्किल से उन्हें घर लाया गया है। फिर भी माइग्रेंट्स गुज़ारा करने के लिए विदेश जाते रहते हैं।” दुबई में फंसे मजदूरों के नाम दुबई में फंसे मजदूरों में रोशन कुमार और अजय कुमार (दोनों गिरिडीह के सरिया से), राजेश महतो और अजय कुमार गिरिडीह के बगोदर से, दलेश्वर महतो बोकारो के पेंक नारायणपुर से, जागेश्वर महतो और फलेंद्र महतो खेड़ाडीह से, बैजनाथ महतो सिरैया से, दिलीप महतो, गंगाधर महतो, त्रिलोकी महतो, दीपक कुमार बसरिया से, रोहित महतो और सेवा महतो गोरहर से (सभी हज़ारीबाग ज़िले में) शामिल हैं। 3 महीने से नहीं मिली है सैलरी अली ने कहा, "ये वर्कर अक्टूबर 2025 में एक प्राइवेट कंपनी के लिए ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए दुबई गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें तीन महीने से सैलरी नहीं मिली है।"

तेजप्रताप ने मोदी सरकार की सराहना की, लालू यादव के राजनीतिक प्रभाव को बताया खत्म

पटना लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) चीफ तेजप्रताप यादव अक्सर चर्चा में रहते हैं। बेबाक अंदाज और बेबाक बात तेजप्रताप यादव की पहचान रही है। अब एक पॉडकास्ट में तेजप्रताप यादव ने एक बार फिर बड़ी ही बेबाकी से अपनी बातें रखी हैं। तेजप्रताप यादव ने कहा है कि अब लालू राज खत्म हो गया है। तेजप्रताप यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 10 में से दस नंबर दिए और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी खुलकर अपनी राय रखी है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर भी तेजप्रताप यादव ने अपनी बात रखी है। यूट्यबूर प्रियंका शर्मा के साथ एक पॉडकास्ट में तेजप्रताप यादव ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी है। जब तेजप्रताप यादव से पूछा गया कि बिहार चुनाव में राजद के 25 सीटों पर सिमट जाने की एक वजह यह भी है कि आप अलग हो गए? इसपर तेजप्रताप यादव ने कहा कि जब कृष्ण का सम्मान नहीं होगा तो यहीं हश्र होगा। हम मान-सम्मान के लिए लड़ते हैं। जब मान-सम्मान नहीं होगा तो हम अलग हो गए और हमने अपनी अलग लकीर खींच ली। हमारा रास्ता अलग हो गया। बिहार में चुनाव के वक्त टिकट बंटवारे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल पर पैसे मांगने के आरोप भी लगे थे। इसपर तेजप्रताप यादव ने बेबाकी से कहा कि हां, तो ऐसा जयचंदों ने किया होगा। तेजप्रताप यादव ने जयचंदों का नाम बताने से इनकार किया और कहा कि 5-6 जयचंद हैं। उन्होंने कहा कि सबको पता है कि जयचंद कौन हैं। तेजप्रताप यादव ने यह भी कहा कि अभी भी वो (जयचंद) परिवार के अंदर है। आपका राजनीतिक सलाहकार परिपक्व होना चाहिए। तेजस्वी के विदेश दौरे पर क्या बोले तेजप्रताप बिहार चुनाव में हार के बाद तेजस्वी यादव के विदेश दौरे पर जाने को लेकर तेजप्रताप यादव ने कहा कि हमारी पार्टी हारी तो हमने तुरंत समीक्षा बैठक की थी। उनको भी उस समय समीक्षा बैठक करनी चाहिए थी। तेजप्रताप यादव ने राजद की हार पर कहा कि हार की वजह वहीं 5-6 लोग (जयचंद) हैं। आपका दुश्मन बाहर नहीं है घर में ही है। तेजप्रताप यादव ने कहा कि उन्हें बड़े भाई होने का जितना कर्तव्य निभाना था उन्होंने निभा दिया। बहन रोहिणी और मां राबड़ी पर भी बोले तेजप्रताप अपनी मां राबड़ी देवी को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि वो अपनी मां का आशीर्वाद लेने उनके घर गए थे। उन्होंने कहा कि उनकी मां ने उस दिन उनसे घऱ वापस लौटने के लिए कहा था जिसके बाद उन्होंने कहा था कि हमने अलग लाइन बना ली है और हम आगे निकल चुके हैं। बस आपका आशीर्वाद चाहिए। रोहिणी आचार्य को लेकर तेजप्रताप यादव ने कहा कि बहन के आरोप लगाने के बाद उनकी बातचीत बहन से हुई थी। वो काफी भावुक थीं और उन्होंने कहा था कि उनके साथ ऐसी बातें हुई हैं। तेजप्रताप यादव ने कहा कि उनकी बहन रोहिणी बहुत अच्छी हैं उन्होंने पिता को किडनी दी थी। लालू यादव का राज खत्म तेजप्रताप यादव ने कहा कि वो परिवार से दूर रहते हैं और परिवार को मिस करते हैं। इस इंटरव्यू में जब तेजप्रताप यादव से कहा गया है कि आप राजा के बेटे हैं लेकिन आपके शौक सब मिडिल क्लास वाले ही हैं। इसपर तेजप्रताप यादव ने कहा कि राजा-प्रजा कुछ नहीं है। क्या राजा, क्या प्रजा। राजा गए उनका राज चला गया। राजा-प्रजा का कोई बात नहीं है। पीएम मोदी को 10 में से 10 नंबर – तेजप्रताप तेजप्रताप यादव से जब इस साक्षात्कार में कहा गया कि नरेंद्र मोदी को जब आपको प्रधानमंत्री पद और उनके कामों के लिए 10 में से नंबर देने हों तो आप कितने नंबर देंगे? इसपर तेजप्रताप यादव ने बेबाकी से कहा कि 10 में से हम उनको 10 देंगे। वो पूजा-पाठ करते हैं और हम भी पूजा-पाठ करते हैं तो हम उनको दस ही ना देगे। अगर वो पूजा नहीं कर रहे होते तो हो सकता है कि हम उनका नंबर काट देते। इसी के साथ सीएम नीतीश को लेकर तेजप्रताप यादव ने कहा कि उनमें कोई कमी नहीं है सिर्फ बुर्का वाले विवाद की वजह से एक वीडियो वायरल हुआ था। 

चिकन खाने से पहले सोचें, भागलपुर में बर्ड फ्लू के मामले सामने आए

 पटना भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल परिसर स्थित मैदान में बड़ी संख्या में मृत मिले कौओं की जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. जिला पशुपालन पदाधिकारी अंजली कुमारी ने आधिकारिक रूप से पुष्टि करते हुए बताया कि मृत कौओं का सैंपल जांच के लिए पटना और भोपाल लैब भेजा गया था, जहां से आई रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई है. रिपोर्ट सामने आते ही जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है और प्रभावित क्षेत्र के चारों ओर 10 किलोमीटर के दायरे में सेनेटाइजेशन अभियान शुरू कर दिया गया है. वहीं इलाके के सभी पोल्ट्री फार्म से भी सैंपल इकट्ठा किया जा रहा है. 150 से अधिक कौओं की मौत से फैली दहशत बता दें कि 11 जनवरी की सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने एक ही स्थान पर पेड़ के नीचे 150 से अधिक मृत कौवे पड़े देखे थे. कई कौवे तड़पती हालत में भी मिले थे. घटना के बाद स्थानीय लोगों में बर्ड फ्लू की आशंका को लेकर दहशत फैल गई थी. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी मृत पक्षियों को सुरक्षित तरीके से हटाया गया. सैंपल जांच के बाद हुई फ्लू की पुष्टि वन विभाग और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर सैंपल कलेक्ट किए. मृत कौओं का सीरम जांच के लिए उच्च स्तरीय लैब भेजा गया था. भोपाल से आई रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई. जिला प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं. प्रभावित इलाकों में कराया जा रहा सैनिटाइजेशन   डॉक्टर अंजली ने कहा कि 11 जनवरी को कौओं की मौत हुई थी. उस समय बहुत ठंड थी. ऐसा लगा कि ये ठंड के कारण मरे हैं. लेकिन इसका सैंपल हमने बाहर भेजा, जिसके बाद सरकार से इसकी पुष्टि हुई कि कौओं की मौत बर्ड फ्लू के कारण ही हुई है. फिलहाल हम लोग प्रभावित इलाकों में सैनिटाइजेशन करवा रहे हैं. हमने 11 तारीख को भी सैनिटाइज कराया था. इसके अलावा इस इलाके में जितने भी पोल्ट्री फार्म हैं, उनका जीरो सर्विलेंस करके दोबारा भेजा जाएगा.

पुण्य यात्रा बनी काल यात्रा: नेशनल हाईवे हादसे में 3 श्रद्धालुओं की जान गई, चीख-पुकार से दहला इलाका

पटना बिहार में पटना जिले के घोसवरी थाना क्षेत्र में रविवार तड़के भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें माघ पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान करने जा रहे तीन लोगों की मौत हो गई जबकि, दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शेखपुरा जिले के मेहुस थाना क्षेत्र के लोदीपुर गांव के निवासी शनिवार देर रात मोकामा गंगा स्नान के लिए जुगाड़ गाड़ी से रवाना हुए थे। इसी दौरान रविवार तड़के राष्ट्रीय उच्चपथ संख्य- 33 पर तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी जुगाड़ गाड़ी में जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में लोदीपुर गांव निवासी महेश मांझी (35), मुन्नी मांझी (35) और संजय मांझी (40) की मौत हो गई। वहीं, अशोक मांझी (पिता लच्चो मांझी) और घनश्याम मांझी (पिता बच्चू मांझी) गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है।  

केंद्रीय बजट 2026-27 में मानसिक स्वास्थ्य पर जोर

रांची. केंद्रीय बजट 2026-27 के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक भी संस्थान नहीं है, ऐसे में सरकार ने निमहांस-2 की स्थापना का निर्णय लिया है। इसके लिए रांची और तेजपुर को चुना गया है, ताकि मानसिक रोगों के इलाज और शोध को नई दिशा मिल सके। रांची पहले से ही मानसिक स्वास्थ्य का प्रमुख केंद्र रांची, झारखंड में पहले से ही दो ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित मानसिक स्वास्थ्य संस्थान मौजूद हैं। इनमें सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (CIP) और रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकेट्री एंड एलाइड साइंसेज (RINPAS) शामिल हैं। दोनों संस्थान कांके क्षेत्र में स्थित हैं और देशभर में अपनी सेवाओं के लिए जाने जाते हैं। सीआईपी: एक सदी से अधिक पुराना संस्थान सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री की स्थापना 17 मई 1918 को हुई थी, जिसे पहले रांची यूरोपियन ल्यूनेटिक असाइलम कहा जाता था। 211 एकड़ में फैला यह संस्थान एशिया के सबसे बड़े मनोरोग अस्पतालों में से एक है। यहां मनोरोग, नैदानिक मनोविज्ञान और सामाजिक कार्य में स्नातकोत्तर प्रशिक्षण और शोध कार्य होता है। यह 643 बेड की क्षमता वाला ओपन हॉस्पिटल है, जहां मरीजों को बंद कमरों में नहीं रखा जाता। यहां 24 घंटे आपातकालीन सेवा, ओपीडी और टेलीफोनिक हेल्पलाइन भी उपलब्ध है।  आरआईएनपीएएस की ऐतिहासिक भूमिका रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकेट्री एंड एलाइड साइंसेज का इतिहास भी काफी पुराना है। यह मूल रूप से 1795 में स्थापित मुंगेर मानसिक अस्पताल का हिस्सा था, जिसे 1925 में रांची स्थानांतरित किया गया। यह अंग्रेजों द्वारा भारतीय मरीजों के लिए स्थापित पहला मानसिक अस्पताल माना जाता है। संस्थान मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास, सामुदायिक आउटरीच और शिक्षण पर विशेष ध्यान देता है। गरीबों के लिए सहारा बना सीआईपी कांके सीआईपी कांके को मानसिक रोगों के इलाज का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। यहां यदि कोई मरीज भर्ती होता है, तो उसके परिवार की बड़ी चिंता दूर हो जाती है। दो महीने के इलाज के लिए मरीज को मात्र 600 रुपये का भुगतान करना पड़ता है, जिसमें रहने, खाने, कपड़े और दवाइयों का खर्च शामिल है। आज भी यहां डॉक्टर की फीस केवल 10 रुपये है, इसी कारण इसे गरीबों का सहारा कहा जाता है।  देशभर से आते हैं मरीज सीआईपी रांची भारत के सबसे प्रतिष्ठित मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों में गिना जाता है। यहां झारखंड के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। दवा उपचार के साथ-साथ यहां साइकोथेरेपी, योग और इनडोर-आउटडोर खेलकूद की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

झारखंड में 70 हजार करोड़ रुपए निवेश करेगा जिंदल ग्रुप

रांची. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में दावोस व यूके दौरे पर झारखंड के प्रतिनिधिमंडल के द्वारा किए गए प्रयास का सकारात्मक परिणाम दिखने लगा है। जिंदल ग्रुप ने झारखंड में स्टील, परमाणु ऊर्जा और सौर ऊर्जा के क्षेत्रों में 70,000 करोड़ के चरणबद्ध निवेश का प्रस्ताव दिया है। गौरतलब हो कि यूके में बैठकों के दौरान हुए समझौते के तहत जिंदल समूह के प्रतिनिधियों ने निवेशों से संबंधित लेटर ऑफ इंटेंट राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को औपचारिक तौर पर सौंपा है। इस निवेश प्रस्ताव का प्रमुख केंद्र पतरातू में छह मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) क्षमता वाले एकीकृत स्टील संयंत्र की स्थापना है, जिसे जिंदल स्टील द्वारा उन्नत और कम उत्सर्जन प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। यह संयंत्र संरचना, परिवहन, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले स्टील के उत्पादन पर केंद्रित होगा, जिससे भारत की विनिर्माण मूल्य शृंखला में झारखंड की भूमिका अधिक सुदृढ़ होगी। निवेश देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक डी-कार्बनकरण व स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण के राष्ट्रीय लक्ष्यों को सशक्त समर्थन प्रदान करेगा। साथ ही यह औद्योगिक एवं क्षेत्रीय आवश्यकताओं के लिए स्थिर एवं कम-कार्बन आधारभूत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायक होगी। इसके अतिरिक्त, समूह द्वारा 140 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना में निवेश का प्रस्ताव भी दिया गया है। यह पहल भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप औद्योगिक ऊर्जा सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करेगी। केंद्र सरकार द्वारा परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में स्वच्छ, सुरक्षित एवं उद्योग-समर्थ आधारभूत विद्युत आपूर्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आगे बढ़ाई जा रही शांति (भारत के लिए लघु मॉड्यूलर रिएक्टर एवं उन्नत परमाणु प्रौद्योगिकी) एक्ट के व्यापक नीति-संदर्भ में, झारखण्ड में 1,400 मेगावाट क्षमता की प्रस्तावित परमाणु विद्युत परियोजना हेतु निवेश का प्रस्ताव दिया गया है। यह परियोजना मूर्त रूप लेने की स्थिति में सभी वैधानिक, सुरक्षा एवं नियामक अनुमोदनों के अधीन होगी। युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर जिंदल समूह की ओर से दिए गए निवेश का प्रस्ताव केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह झारखंड के युवाओं के सशक्तीकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था के विस्तार का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। प्रस्तावित परियोजनाओं से लगभग 11,000 प्रत्यक्ष व 50,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर मिलेंगे। साथ ही इससे एमएसएमई, सेवा क्षेत्रों तथा स्थानीय उद्यमिता को व्यापक लाभ मिलेगा और राज्य में समावेशी एवं सतत औद्योगिक विकास को बल मिलेगा।

बाबा ग्रुप और सहयोगियों के ठिकानों से 4.50 करोड़ जब्त

रांची. झारखंड में बाबा ग्रुप के ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही. झारखंड और बिहार में फैले बाबा ग्रुप और उनके सहयोगी आढ़त व्यापारियों के ठिकानों पर लगातार तलाशी ली जा रही है. यह छापेमारी 29 जनवरी से शुरू हुई थी, जो अब व्यापक जांच का रूप ले चुकी है. विभाग की कई टीमें एक साथ अलग-अलग स्थानों पर दस्तावेजों और संपत्तियों की पड़ताल कर रही हैं. 45 ठिकानों पर छापेमारी, 4.50 करोड़ नकद जब्त आयकर विभाग की इस बड़ी कार्रवाई के दौरान अब तक कुल 4.50 करोड़ रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं. अधिकारियों के मुताबिक झारखंड और बिहार के करीब 45 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई. इनमें राइस मिल, आढ़त गोदाम, कार्यालय और निजी आवास शामिल हैं. तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी मिलने से विभाग को कर चोरी के नेटवर्क के और पुख्ता सबूत मिलने की उम्मीद है. बाबा एग्रो फूड और फूड प्रोसेसिंग पर फोकस जांच के दौरान बाबा ग्रुप से जुड़ी कंपनियों बाबा एग्रो फूड और बाबा फूड प्रोसेसिंग के ठिकानों पर विशेष ध्यान दिया गया. इन दोनों इकाइयों से करीब 2.5 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए हैं. विभागीय सूत्रों के अनुसार, इनमें से 1.5 करोड़ रुपये बाबा एग्रो फूड से जुड़े योगेश साहू के ठिकाने से बरामद हुए. नकदी की इतनी बड़ी बरामदगी ने आयकर विभाग की शंकाओं को और मजबूत किया है. आढ़त व्यापारियों से भी दो करोड़ रुपये बरामद बाबा ग्रुप के अलावा उनके सहयोगी चावल आढ़त व्यापारियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई. इन स्थानों से लगभग 2 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए हैं. आयकर विभाग का मानना है कि इन आढ़त व्यापारियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर लेन-देन को छुपाया गया था. नकद लेन-देन, फर्जी बिलिंग और आय छिपाने के संकेत जांच में सामने आए हैं. कीमती जेवर और अचल संपत्ति का मूल्यांकन जारी छापेमारी के दौरान नकदी के अलावा कीमती जेवरात भी बरामद किए गए हैं. इन आभूषणों का फिलहाल मूल्यांकन किया जा रहा है. इसके साथ ही आयकर विभाग की टीमें बाबा ग्रुप से जुड़ी भूमि, कारखानों और अन्य अचल संपत्तियों का भी आकलन कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि संपत्तियों का सही मूल्यांकन होने के बाद कुल अघोषित संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है. कर चोरी, बेनामी लेन-देन और फर्जी बिलिंग का शक आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार बाबा ग्रुप और उनके सहयोगी कारोबारियों के खिलाफ कर चोरी, बेनामी लेन-देन और फर्जी बिलिंग की कई शिकायतें मिली थीं. जांच के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और लेन-देन से जुड़े डेटा भी जब्त किए गए हैं. पीडीएस और सरकारी खरीद में गड़बड़ी की आशंका सूत्रों का दावा है कि कुछ राइस मिलर्स और ट्रेडर्स ने सरकारी खरीद, पीडीएस और निजी सप्लाई से जुड़े कारोबार में बड़ी मात्रा में आय छिपाई है. आयकर विभाग का कहना है कि दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद अघोषित आय का वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा. फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज हो सकती है.

झारखण्ड के अबुआ दिशोम बजट में यूपीएससी अभ्यर्थी की 8 मांगें मंजूर

रांची. झारखंड वित्त मंत्रालय की ओर से आयोजित अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी-2026-27 में हजारीबाग के युवा यूपीएससी अभ्यर्थी सुश्रत कुमार सिंह के आठ सुझावों को सरकार ने मंजूरी दे दी है. यह संगोष्ठी राज्य के लिए एक मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी बजट तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, जिसमें आम नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए गए थे. अबुआ दिशोम पोर्टल के जरिए मांगे गए सुझाव झारखंड सरकार ने अबुआ दिशोम पोर्टल के माध्यम से झारखंडभर के नागरिकों से बजट से जुड़े सुझाव मांगे हैं. सरकार का उद्देश्य है कि बजट केवल सरकारी दृष्टिकोण तक सीमित न रहे, बल्कि जन-आकांक्षाओं को भी उसमें शामिल किया जा सके. इसी प्रक्रिया के तहत सुश्रत कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों से जुड़े व्यावहारिक और विकासोन्मुख सुझाव पेश किए थे. जनजातीय क्षेत्रों पर विशेष फोकस सुश्रत कुमार सिंह के सुझावों की खास बात यह रही कि उन्होंने जनजातीय और दूर-दराज के इलाकों को केंद्र में रखा. उन्होंने पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवार कल्याण सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल तकनीक के समावेशन का प्रस्ताव रखा. उनका मानना है कि तकनीक के सही इस्तेमाल से झारखंड के सुदूर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाई जा सकती हैं. स्वास्थ्य सेवाओं में एआई और डिजिटल तकनीक का सुझाव सुश्रत ने सुझाव दिया कि एआई आधारित हेल्थ मॉनिटरिंग, टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स के जरिए ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं. इससे डॉक्टरों की कमी, लंबी दूरी और संसाधनों के अभाव जैसी समस्याओं को काफी हद तक दूर किया जा सकता है. 28 विभागों से जुड़े विकासोन्मुख सुझाव यूपीएससी स्टूडेंट सुश्रत कुमार सिंह ने केवल स्वास्थ्य और शिक्षा ही नहीं, बल्कि कृषि, पशुपालन, सहकारिता, ऊर्जा विभाग सहित कुल 28 विभागों से जुड़े सुझाव दिए थे. इनमें रोजगार सृजन, स्थानीय संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल, किसानों की आय बढ़ाने और ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने जैसे मुद्दे शामिल थे. सरकार द्वारा आठ सुझावों को स्वीकार किया जाना युवाओं की सोच और भागीदारी को बढ़ावा देने वाला कदम माना जा रहा है. युवाओं की सोच को मिली पहचान सरकार की ओर से सुश्रत के सुझावों को मंजूरी मिलना यह दर्शाता है कि झारखंड सरकार नीति निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्व दे रही है. इसे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है, जिससे अन्य युवा भी नीति और विकास से जुड़े विषयों पर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें. पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर मिल चुकी है पहचान सुश्रत कुमार सिंह ने बताया कि इससे पहले भी उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है. नेशनल यूनिटी डे 2025 के अवसर पर आयोजित नेशनल स्पेस डे 2025 क्विज प्रतियोगिता में उन्होंने दो बार 2000-2000 रुपये का पुरस्कार जीता था. शैक्षणिक पृष्ठभूमि और वर्तमान तैयारी सुश्रत ने दसवीं की पढ़ाई डीएवी स्कूल से पूरी की है. इसके बाद उन्होंने विनोबा भावे विश्वविद्यालय से बीसीए की डिग्री हासिल की. वर्तमान में वे सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे हैं. वे हजारीबाग के जुलू पार्क क्षेत्र के निवासी हैं और सुशील कुमार सिंह व वर्षा सिंह के पुत्र हैं. इसे भी पढ़ें: एमएस धोनी होंगे झारखंड टूरिज्म के ब्रांड एंबेसडर, जल्द एमओयू पर होगा हस्ताक्षर आप भी दे सकते हैं अपना सुझाव राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अबुआ दिशोम पोर्टल के माध्यम से अपने सुझाव साझा करें. सरकार का मानना है कि जनभागीदारी से तैयार बजट ही झारखंड के समग्र विकास को नई दिशा दे सकता है.