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पलामू में 3 लोगों की धारदार हथियार से हत्या

पलामू. पलामू. झारखंड के पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र अंतर्गत आसेहार पंचायत के कुसड़ी गांव पुरानी बथान में अंधविश्वास ने एक बार फिर खौफनाक रूप ले लिया. डायन-बिसाही के आरोप में पति, पत्नी और बेटे की निर्मम हत्या कर दी गयी, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गये. इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है. मृतकों की पहचान और आरोपों की पृष्ठभूमि मृतकों की पहचान विजय भुईया (उम्र लगभग 45 वर्ष), उनकी पत्नी कलिया देवी (40 वर्ष) और 17 वर्षीय बेटे छोटू भुईया के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, महेशी भुईया की हालिया मृत्यु के बाद उनके पुत्र प्रमोद भुईया और रविन्द्र भुईया ने गांव के ही कुछ लोगों पर डायन-बिसाही कराने का आरोप लगाया था. यही आरोप धीरे-धीरे आपसी विवाद और फिर हिंसा में बदल गया. हमले में दो लोग गंभीर रूप से घायल इस हिंसक घटना में ममता कुमारी (14 वर्ष) और पुत्रवधू नीतू देवी (25 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गयीं. दोनों को तत्काल पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है. डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में इलाज कर रही है. पुलिस की देरी पर ग्रामीणों में आक्रोश ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद पांकी थाना पुलिस करीब चार घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची. इस दौरान मौके पर केवल चौकीदार मौजूद था. पुलिस की इस देरी को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष देखा गया. लोगों का कहना है कि समय पर पुलिस पहुंचती तो शायद स्थिति इतनी भयावह नहीं होती. अंधविश्वास बना जानलेवा ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में डायन-बिसाही और अंधविश्वास को लेकर पहले भी तनाव की स्थिति बनती रही है. कमजोर जागरूकता, अशिक्षा और आपसी रंजिश अक्सर ऐसे मामलों को हिंसक रूप दे देती है. यह घटना इसी सामाजिक समस्या का भयावह उदाहरण मानी जा रही है. गांव में दहशत, सख्त कार्रवाई की मांग घटना के बाद से गांव में डर का माहौल बना हुआ है. कई परिवार अपने घरों में दुबके हुए हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है. साथ ही इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग उठी है. जांच में जुटी पुलिस फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.

पटना में बारिश और कोहरे का भी अनुमान

पटना. पूरे बिहार में मौसम के मिजाज ने सबको चौंका रखा है। राजधानी पटना के लोगों को भी मौसम छका रहा है। पटना में दिन चढ़ने के साथ धूप जरूर खिल रही है जिससे लोगों को ठंड से राहत मिल रही है लेकिन सुबह और रात के वक्त ठंड का एहसास हो रहा है। पटना में कुछ जगहों पर सुबह के वक्त कोहरा भी देखने को मिल रहा है। अब पटना में बारिश का भी अनुमान है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 3 फरवरी को राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। पटना में भी बारिश का पूर्वानुमान है। पटना में रविवार की सुबह कई जगहों पर घना कोहरा भी देखने को मिला है। मौसम विभाग ने बताया है कि राजधानी पटना में सुबह और शाम के वक्त ठंड का दौर जारी रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 3 फरवरी हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। पटना, अरवल, नालंदा, गया, जहानाबाद, शेखपुरा, लखीसराय, भोजपुर समेत कुछ अन्य जिलों में अभी सुबह के वक्त हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने बताया है कि पटना में आने वाले दिनों में मौसम सामान्य और सुहावना रह सकता है। 4 फरवरी तक पटना में आसमान में आंशिक तौर से बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। न्यूनतम तापमान 13-14 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इसके बाद मौसम बदल सकता है। तापमान चढ़ने से लोगों को गर्मी का एहसास हो सकता है।

माघी पूर्णिमा पर नहाने जाते वक्त 7 मरे और गंगा में 2 डूबे

पटना/बक्सर. माघी पूर्णिमा के मौके पर गंगा स्नान के लिए जा रहे 7 लोगों की बक्सर और मोकामा में सड़क पर दुर्घटना में मौत हो गई है। पटना में गंगा में नहाने के दौरान 2 लोग डूब गए हैं, जिनकी तलाश में बचाव टीम लगी हुई है। बक्सर जिले में नया भोजपुर थाना के चंदा गांव के पास एनएच पर सड़क दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई है। पूर्णिमा स्नान के लिए परिवार के 4 लोग बक्सर जा रहे थे। इसी दौरान कार की एक डंपर से टक्कर हो गई, जिससे घटनास्थल पर ही 3 की मौत हो गई। एक को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई है। पटना जिले में घोसवरी थाना के सहरी गांव में NH-33 पर शनिवार की रात गब्बे लोदीपुर थाना के मेहुस शेखपुरा गांव से जुगाड़ गाड़ी पर सवार 5 लोग गंगा स्नान के लिए मोकामा जा रहे थे। उनकी गाड़ी में अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिसमें प्रयाग मांझी की पत्नी मुन्नी मांझी (33),चांद मांझी के पुत्र महेश मांझी (30) और रामस्वरूप मांझी के पुत्र संजय मांझी (33) की मौत हो गई है। वहीं दो लोगों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। बच्चू मांझी के पुत्र घनश्याम मांझी और लच्चो मांझी के पुत्र अशोक मांझी का इलाज पटना के एनएमसीएच में चल रहा है। वहीं, पटना शहर में दीघा के पाटीपुल घाट पर माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने आए गया जिले के दो व्यक्ति गंगा नदी में डूब गए हैं। बह गए दोनों लोगों की तलाश में एसडीआरएफ की टीम जुटी हुई है। ये लोग चाकन के ततारपुर गांव के रहने वाले थे। परिवार के साथ आई महिलाएं गंगा घाट पर ही विलाप कर रही हैं। राहत और बचाव दल के अलावा स्थानीय लोग भी नाव से बह गए लोगों की तलाश कर रही है। डूबे लोगों के नाम गार्ड बाबू (45 साल) और धनंजय कुमार (25 साल) है।

बिहटा में तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से ऑटो सवार 6 की मौत

पटना. बिहार में सुबह-सुबह बड़ा सड़क हादसा हुआ है। यहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने यात्रियों से भरी ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई है। 2 लोग घायल भी हैं। हादसे के बाद पुलिस इसकी जांच-पड़ताल में जुट गई है। सभी लोग मनेर में उर्स मेले से लौट रहे थे। इधर, मौसम विभाग ने बताया है कि बिहार में मौसम करवट ले सकता है। आज मुजफ्फरपुर, वैशाली, पश्चिमी चंपारण और पूर्वी चंपारण समेत कई जिलो में कोहरे का येलो अलर्ट है। इसके अलावा अगले 48 घंटे में कहीं-कहीं बूंदाबांदी का दौर भी रह सकता है। जहानाबाद की रहने वाली नीट छात्रा की पटना में हुई संदिग्ध मौत की जांच को लेकर अब एसआईटी का चैप्टर क्लोज हो चुका है। एसआईटी मामले की जांच कर रही थी लेकिन अब सीबीआई पूरे केस की जांच करेगी। इस केस में अब तक मुख्य आरोपी का कुछ पता नहीं चल सका है। कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं। इधर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार आज अपना बजट पेश करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पिटारे में बिहार के लिए क्या-क्या है, इसपर भी सबकी निगाहें होंगी।

बिहार के युवाओं से लेकर बुजुर्गो तक को सौगात

पटना. देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2026 पेश किया है। मोदी सरकार के इस बजट से बिहार को भी काफी उम्मीदें हैं। वित्त मंत्री ने लोकसभा में माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास जयंती का जिक्र करते हुए कहा कि यह बजट देश के लिए शुभ अवसरों के बीच पेश किया जा रहा है। आज पेश होने वाले केंद्रीय बजट पर बिहार के युवा, महिलाओं, और नौकरीपेशा से लेकर बुजुर्गो तक की निगाहें हैं। इस बजट में एक्सप्रेस-वे और फोरलेन को संजीवनी मिलने की उम्मीद है। वहीं, स्लीपर वंदे भारत और किसानों को राहत की उम्मीद भी है। संसद में वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि पटना में अब पानी के जहाजों की मरम्मत होगी। इस बजट में बिहार राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबित परियोजनाओं के अलावा नये प्रोजेक्ट के तौर पर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण शुरू होने उम्मीद पूरी हो सकती है। यह एक्सप्रेस-वे पूर्वी चम्पारण में नेपाल के सीमाई शहर रक्सौल से पश्चिम बंगाल के हल्दिया तक बनाया जाना है। इसके लिए इस बजट में जमीन अधिग्रहण के अलावा निर्माण के लिए भी राशि आवंटन की घोषणा की उम्मीद है। फिलहाल इसका अलाइनमेंट तय कर इससे प्रभावित होने वाले इलाकों का चयन किया जा चुका है। इस बार बजट में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए राशि का प्रावधान का अनुमान है।

मैक्सीजोन घोटाले में गोविंदा, शक्ति कपूर समेत नौ पर धोखाधड़ी का केस

जमशेदपुर. गाजियाबाद की कंपनी मैक्सीजोन टच इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के 3000 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर जमशेदपुर के साकची थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। फिल्म अभिनेता गोविंदा, शक्ति कपूर, चंकी पांडेय, रजा मुराद, गायक मनोज तिवारी, कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह, उनकी पत्नी प्रियंका सिंह तथा परसुडीह निवासी सूर्य नारायण पात्रो के विरुद्ध धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज हुई है। यह प्राथमिकी बर्मामाइंस ईस्ट प्लांट बस्ती निवासी जसपाल सिंह और टेल्को कालोनी निवासी कुलदीप सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने अधिक ब्याज के लालच में कंपनी में करीब आठ लाख रुपये का निवेश किया था। कंपनी जमशेदपुर कार्यालय बंद कर फरार हो गई। कार्यालय साकची थाना क्षेत्र काशीडीह में थी। इससे पूर्व वर्ष 2022 में भी उक्त कंपनी तथा इससे जुड़े कलाकारों और अधिकारियों के विरुद्ध साकची थाना में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। कंपनी के खिलाफ जमशेदपुर के साकची थाना में एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह वर्तमान में रांची जेल में बंद हैं। दोनों को पुलिस ने धनबाद से गिरफ्तार किया था। निदेशक दंपति बिहार के वैशाली जिले के निवासी हैं। मामले की ईडी भी जांच कर रही है। दोनों आरोपित पहले जमशेदपुर की जेल में थे। शिकायत के अनुसार, कंपनी ने प्रति निवेशक न्यूनतम एक लाख रुपये निवेश पर 15 प्रतिशत मासिक ब्याज देने का प्रलोभन दिया था। निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए कंपनी अपने कार्यक्रमों में नामी फिल्म कलाकारों को आमंत्रित करती थी। बताया गया कि केवल जमशेदपुर शहर से 10 हजार से अधिक निवेशकों ने कंपनी में 150 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया, जबकि पूरे झारखंड में निवेश की राशि करीब 600 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि जनवरी 2022 के बाद कंपनी ने निवेशकों को ब्याज का भुगतान बंद कर दिया। धोखाधड़ी का यह मामला सितंबर 2021 से फरवरी 2022 के बीच का बताया जा रहा है। साकची थाना प्रभारी आसंद मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच हो रही है। न्यायालय में दर्ज परिवाद पर प्राथमिकी दर्ज हुई है।

माघी मेले में आदिवासी धर्मगुरुओं ने उत्तरवाहिनी गंगा में लगाई आस्था की डुबकी

साहिबगंज. झारखंड के साहिबगंज जिले के राजमहल में उत्तरवाहिनी गंगा तट पर लगने वाला माघी मेला वर्षों से आस्था, परंपरा और सांझी संस्कृति का प्रतीक बना हुआ है. माघी पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित यह मेला केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आदिवासी जीवन-दर्शन का जीवंत उत्सव है. झारखंड ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल, बिहार, उड़ीसा और नेपाल से भी हजारों आदिवासी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. इसी व्यापक सहभागिता के कारण इस मेले को आदिवासियों का ‘महाकुंभ’ कहा जाता है. शनिवार को श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान मंगलवार से ही आदिवासी साफाहोड़ श्रद्धालु अपने-अपने धर्मगुरुओं के साथ उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाने लगे हैं. यह सिलसिला लगभग चार दिनों तक चलता है. पूर्णिमा मुहूर्त से पहले, पूर्णिमा के दौरान और उसके बाद भी श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं. स्नान के बाद घंटों सूर्योपासना, ध्यान और आराधना की जाती है. इसके उपरांत श्रद्धालु कांसे के लोटे में गंगा जल लेकर अपने अखाड़ों की ओर प्रस्थान करते हैं. गुरु-बाबाओं के अखाड़े, आस्था का केंद्र मेला परिसर में लगे गुरु बाबाओं के अखाड़े इस आयोजन का सबसे विशिष्ट आकर्षण हैं. हर अखाड़ा एक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में नजर आता है, जहां गुरु और शिष्य के बीच गहरा भावनात्मक और आध्यात्मिक संबंध दिखाई देता है. इन अखाड़ों में केवल आदिवासी ही नहीं, बल्कि गैर-आदिवासी श्रद्धालु भी बैठते हैं. यह दृश्य आदिवासी-गैरआदिवासी सांझी संस्कृति का दुर्लभ उदाहरण प्रस्तुत करता है. गुरु-शिष्य परंपरा का अनोखा स्वरूप राजमहल का यह मेला गुरु-शिष्य परंपरा का एक प्राचीन और अनोखा उदाहरण है. यहां गुरु बाबा अपने शिष्यों के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक कष्टों का निवारण अपनी विशिष्ट आध्यात्मिक शैली से करते हैं. शिष्य अपने गुरु के प्रति अपार श्रद्धा और विश्वास रखते हैं और अपना जीवन उनके मार्गदर्शन में समर्पित कर देते हैं. मान्यता है कि गुरु बाबा की कृपा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है. मांझी हड़ाम की आराधना और शिव तत्व गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु अपने अखाड़ों में मांझी हड़ाम यानी शिव की गुरु पूजा करते हैं. त्रिशूल, तुलसी और शिव चित्र स्थापित कर विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं. साफाहोड़ समुदाय के लोग शिव को अपने इष्टदेव के रूप में पूजते हैं और उनसे शांति, समृद्धि और संरक्षण का आशीर्वाद मांगते हैं. मंत्रोच्चारण की शैली भले ही संस्कृत या देवनागरी से अलग हो, लेकिन ‘ऊं’ के उच्चारण के साथ आस्था की गहराई स्पष्ट झलकती है. विदिन होड़ समाज की परंपराएं विदिन होड़ समाज के लोग मांझी स्थान और जाहेर स्थान बनाकर पूजा करते हैं. राजमहल गंगा तट पर कुछ स्थायी मांझी स्थान भी हैं, जहां हर वर्ष विशेष अनुष्ठान संपन्न होते हैं. इन स्थानों पर सामूहिक पूजा, बलि-प्रथा से दूर प्रतीकात्मक अर्पण और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना प्रमुख रहती है. सादगी और संयम का जीवन दर्शन मेला के दौरान आदिवासी समुदाय विशेष रूप से सादगी और संयम का पालन करता है. साफाहोड़ और विदिन होड़ आदिवासी इन दिनों मांस-मदिरा तो दूर, प्याज और लहसुन तक का सेवन नहीं करते हैं. विशुद्ध सादा भोजन, ब्रह्मचर्य और अनुशासन उनके जीवन का आधार होता है. आधुनिक चकाचौंध से दूर यह जीवन शैली उनकी सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करती है. सर्द रातों में अखाड़ा, सूर्योदय से पहले स्नान सर्द भरी रातों में गुरु और शिष्य मिलकर अखाड़ा तैयार करते हैं. सूर्योदय से पहले ही सभी गंगा स्नान के लिए नदी में प्रवेश कर जाते हैं. घंटों की उपासना के बाद भीगे वस्त्रों में ही अनुष्ठान पूरे किए जाते हैं. यह कठोर साधना आस्था की गहराई और संकल्प की मजबूती को दर्शाती है. सांझी संस्कृति का जीवंत उदाहरण राजमहल का आदिवासी महाकुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का उत्सव भी है. यहां आदिवासी और गैर-आदिवासी, दोनों समुदाय एक साथ गंगा स्नान और पूजा में सहभागी बनते हैं. यह मेला साबित करता है कि आस्था और परंपरा समाज को जोड़ने का सबसे मजबूत माध्यम है.

झारखंड निकाय चुनाव में BJP के आज घोषित होंगे मेयर उम्मीदवार

रांची. झारखंड में 23 फरवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है। पार्टियों में जमीनी स्तर पर विधानसभा व लोकसभा चुनाव की तरह विद्रोह की स्थिति भी दिखने लगी है। धनबाद, रांची, देवघर सहित ज्यादातर जगहों पर पार्टी की अनुमति के बगैर नामांकन दाखिल किया जाना शुरू हो गया है। कैंडिडेट्स के पोस्टर लगने शुरू हो गए हैं। पर्चे ले लिए गए हैं। आज (31 जनवरी) मेयर और अन्य प्रमुख पदों के लिए अपने समर्थित उम्मीदवारों के नाम तय कर सकती है, जबकि कांग्रेस ने सभी जिला अध्यक्षों से 1 फरवरी तक उम्मीदवारों की सूची मांगी है। वहीं, राजद ने ज्यादातर जगहों पर सहयोगी दलों जेएमएम और कांग्रेस के उम्मीदवारों को समर्थन देने की घोषणा की है और खुद उम्मीदवार नहीं उतारेगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने 48 नगर निकायों के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है, जिसमें नामांकन 29 जनवरी से 4 फरवरी तक चलेगा। भाजपा की रणनीति: आंतरिक समर्थन भाजपा प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाया गया। संगठन महामंत्री ने सभी प्रमुख नेताओं को बैठक की जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, शनिवार (31 जनवरी) को होने वाली बैठक में मेयर और नगर परिषद अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों पर चर्चा होगी, और रविवार को नामों की घोषणा संभव है। हालांकि, भाजपा ने स्पष्ट किया है कि चुनाव दलीय आधार पर नहीं होने के कारण पार्टी आधिकारिक रूप से उम्मीदवारों की घोषणा नहीं करेगी। इसके बजाय, मजबूत और राष्ट्रवादी सोच वाले उम्मीदवारों को आंतरिक समर्थन दिया जाएगा। भाजपा सांसद दीपक प्रकाश ने कहा, "पार्टी ने चुनाव को गंभीरता से लिया है। हर निकाय में राष्ट्रवादी व्यक्ति जीते, इसके लिए कार्ययोजना बनाई गई है।" भाजपा ने पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर 31 जनवरी तक नाम फाइनल करने की योजना बनाई है, ताकि समर्थित उम्मीदवार समय पर नामांकन दाखिल कर सकें। दुमका जैसे जिलों में छह जिलों की संचालन समितियों से रायशुमारी की गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पार्टी विकास-उन्मुख व भ्रष्टाचार-मुक्त उम्मीदवारों को समर्थन देगी। कांग्रेस की तैयारी: जिला स्तर से अनुशंसा कांग्रेस ने निकाय चुनाव के लिए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर को प्रभारी बनाया है। उन्होंने सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वार्ड सदस्य से लेकर निकाय अध्यक्ष पद तक के उम्मीदवारों की अनुशंसा 1 फरवरी तक भेजें। पार्टी 30 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की योजना बना रही है, जिसमें रांची मेयर सीट पर दावा मजबूत है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, हम गठबंधन समर्थित उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करेंगे। हालांकि, गठबंधन में जेएमएम के साथ मेयर सीट पर टकराव की आशंका है, क्योंकि दोनों पार्टियां रांची मेयर पद पर दावा ठोक रही हैं। राजद : सहयोगियों को समर्थन राजद ने ज्यादातर जगहों पर जेएमएम और कांग्रेस के उम्मीदवारों को समर्थन देने का ऐलान किया है। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि गठबंधन की एकजुटता के लिए राजद खुद उम्मीदवार नहीं उतारेगी, लेकिन कुछ चुनिंदा जगहों पर मजबूत दावेदारों को बैकअप देगी। यह फैसला हालिया विधानसभा चुनावों में गठबंधन की सफलता के बाद लिया गया है। राजद नेता तेजस्वी यादव के करीबी सूत्रों के अनुसार, पार्टी का फोकस 2026 में मजबूत विपक्षी भूमिका निभाने पर है। 43 लाख से ज्यादा वोटर, बैलेट पेपर से मतदान झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग की आयुक्त अलका तिवारी ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की। 48 निकायों (9 नगर निगम समेत) में 23 फरवरी को मतदान होगा, 27 फरवरी को नतीजे आएंगे। कुल 43,33,574 वोटर हैं, जिसमें 22 लाख पुरुष, 21 लाख महिलाएं और 144 थर्ड जेंडर शामिल हैं। चुनाव बैलेट पेपर से होगा, जिस पर भाजपा ने आपत्ति जताई है और कहा कि इससे सत्ता का दुरुपयोग हो सकता है। मेयर/अध्यक्ष पद का चुनाव सीधा होगा, जबकि उप मेयर अप्रत्यक्ष। पहली बार ओबीसी आरक्षण लागू होगा। नामांकन जांच 5 फरवरी को, नाम वापसी 6 फरवरी तक। जेएमएम के लिए लोकप्रियता का आकलन वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश अश्क कहते हैं, यह चुनाव दलीय पर कागज पर नहीं है।हकीकत में सभी पार्टियां पूरा जोर लगा रही है। जमीनी पकड़ मजबूत करने के लिए यह जरूरी भी है। यह चुनाव झारखंड की सियासत के लिए अहम है, क्योंकि यह हेमंत सोरेन सरकार की लोकप्रियता का टेस्ट होगा। भाजपा ने आरोप लगाया कि ईवीएम की बजाय बैलेट से चुनाव कराना साजिश है, जबकि कांग्रेस ने जनता की सीधी वोटिंग बताया। गठबंधन में सीट बंटवारे पर खासकर रांची जैसे बड़े शहरों में तनाव संभव है।

जमशेदपुर से कोलकाता और भुवनेश्वर के लिए जल्द आएगा नया 9-सीटर प्लेन

जमशेदपुर. लौहनगरी के हवाई यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। सोनारी एयरपोर्ट से भुवनेश्वर और कोलकाता के लिए संचालित होने वाली इंडिया वन एयर की विमान सेवा भविष्य में भी जारी रहेगी। केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (RCS-Udan) के तहत कंपनी के लाइसेंस नवीकरण को मौखिक स्वीकृति दे दी है। लाइसेंस की मियाद और विस्तार सोनारी एयरपोर्ट से विमान सेवा की शुरुआत तीन साल पहले हुई थी, जिसकी समय-सीमा 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो रही है। हालांकि, तकनीकी प्रक्रियाओं के बीच मंत्रालय से अवधि विस्तार की हरी झंडी मिल चुकी है। कंपनी प्रबंधन को अब केवल औपचारिक लिखित आदेश का इंतजार है। टाटा स्टील प्रबंधन ने भी अपने एयरपोर्ट से विमानों के परिचालन के लिए पहले ही सहमति दे दी है। दुर्घटना के बाद रुकी थी सेवा, अब नए विमान की तैयारी  बता दें कि 10 जनवरी 2026 को राउरकेला में इंडिया वन एयर का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसके बाद से सोनारी एयरपोर्ट से नियमित सेवाएं बाधित हैं। राहत की बात यह है कि कंपनी ने पहले ही एक नया 9-सीटर कैरावेन (Caravan) विमान ऑर्डर कर रखा है।  हवाई सेवा की स्थिति: नया विमान: मार्च 2026 तक बेड़े में शामिल होने की संभावना।  रूट: नया विमान आते ही जमशेदपुर-भुवनेश्वर और जमशेदपुर-कोलकाता रूट पर नियमित उड़ानें फिर से बहाल हो जाएंगी। वर्तमान संचालन: वर्तमान में कंपनी का परिचालन भुवनेश्वर-जयपुर और भुवनेश्वर-राउरकेला के बीच जारी है।  झारखंड सरकार की मंजूरी का इंतजार  एक ओर जहां केंद्र और टाटा स्टील प्रबंधन ने अपनी ओर से प्रक्रिया पूरी कर ली है, वहीं झारखंड सरकार के स्तर पर अब भी मंजूरी लंबित है। कंपनी प्रबंधन द्वारा कई दिनों पहले आवेदन दिए जाने के बावजूद राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। 

धनबाद में बाउंड्री वॉल विवाद में वकीलों के बाद अब स्वास्थ्य कर्मी भी धरने पर बैठे

धनबाद. सदर अस्पताल परिसर स्थित पंचकर्म भवन के समीप बाउंड्री वॉल खड़ी करने के मामले ने शनिवार को वकील और स्वास्थ्यकर्मी आमने-सामने हो गए। तीन दिन धनबाद सिविल कोर्ट ठप है। बाउंड्री वॉल तोड़ने की मांग को लेकर एक ओर वकीलों का अनिश्चित कालीन पेन डाउन हड़ताल जारी है। इसे लेकर वकील बार एसोसिएशन परिसर में तीन दिन से धरना दे रहे हैं। अब स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर व कर्मचारी भी विरोध में उतर गए। दोनों ओर से भारी जुटान हो गया। स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर कर्मी, सहिया आदि विरोध पर उतर गए। सदर अस्पताल का ओपीडी पूरी तरीके से थक कर दिया गया। बिना इलाज के ही मरीज लौटने लगे। विरोध के कारण अस्पताल की ओपीडी से लेकर अन्य सभी नियमित सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह से ही अस्पताल परिसर में कामकाज ठप नजर आया चिकित्सकों और कर्मचारियों ने अपने-अपने विभागों में काम बंद कर दिया और एकजुट होकर पंचकर्म भवन के समीप धरना पर बैठ गए। धरना स्थल पर जिले भर से आए स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हुए, जिससे आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला। आंदोलन कारियों का कहना है कि पंचकर्म भवन के पास दीवार निर्माण का विरोध केवल एक निर्माण कार्य का मुद्दा नहीं, बल्कि अस्पताल की सुरक्षा, निजता और कार्यस्थल की गरिमा से जुड़ा मामला है । सिविल सर्जन, अस्पताल के उपाधीक्षक समिति अन्य पदाधिकारी भी थे। सेवाएं ठप, मरीज परेशान विरोध के चलते ओपीडी बंद रहने से सैकड़ों मरीज बिना इलाज के लौटने को मजबूर हो गए। जांच, परामर्श और दवाइयों के वितरण पर भी असर पड़ा है। हालांकि आपातकालीन सेवाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से मरीजों व उनके परिजनों में असमंजस की स्थिति बनी रही। कई मरीज निजी अस्पतालों का रुख करने को विवश हुए। हीरापुर से आए विकास कुमार ने बताया कि उनके पैर में दर्द है। लेकिन ओपीडी में कोई डॉक्टर नहीं मिले। जहां बाउंड्री वॉल, वहां स्वास्थ्य विभाग बना रहा छज्जा विवादित स्थल के पास एव स्वास्थ्य विभाग की ओर से सजा का निर्माण कराया जा रहा है। विभाग का कहना है कि यहां पर उनके कई रिकॉर्ड है, इसलिए यहां शेड की जरूरत है। दोनों जगह पर पुलिस बल की तैनाती है।