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नीतीश सरकार की ‘डोरस्टेप’ से बुर्जुग अब घर बैठे करेंगे जमीन की रजिस्ट्री

पटना. बिहार में बुजुर्गों और असहाय लोगों के लिए जमीन रजिस्ट्री अब बोझ नहीं, सुविधा बनने जा रही है. बिहार सरकार ने जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा शुरू करने का फैसला किया है. 1 अप्रैल से ई-निबंधन पोर्टल में बदलाव के साथ यह नई व्यवस्था लागू होगी, जिसके तहत 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग मात्र ₹400 शुल्क देकर घर से ही जमीन की रजिस्ट्री करा सकेंगे. क्यों जरूरी था यह बदलाव? अब तक जमीन रजिस्ट्री के लिए लोगों को रजिस्ट्री कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे. बुजुर्ग, बीमार या चलने-फिरने में असमर्थ लोगों के लिए यह प्रक्रिया बेहद कठिन थी. कई मामलों में रजिस्ट्रार या नियुक्त कर्मियों की उपलब्धता पर प्रक्रिया निर्भर रहती थी, जिससे देरी और असुविधा होती थी. सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि उम्रदराज लोगों को जमीन रजिस्ट्री के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कैसे मिलेगी घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा नई व्यवस्था के तहत ई-निबंधन पोर्टल के सॉफ्टवेयर में बदलाव किया जा रहा है. पात्र आवेदक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करेंगे, जिसके बाद तय तारीख पर निबंधन कार्यालय से अधिकृत अधिकारी आवेदक के घर पहुंचेंगे. वहीं पर फोटो, बायोमेट्रिक सत्यापन और दस्तावेजों की जांच के बाद रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इसके लिए मात्र ₹400 का नाममात्र शुल्क लिया जाएगा. किसे मिलेगा इस योजना का लाभ यह सुविधा खासतौर पर 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए शुरू की जा रही है. इसके साथ ही ऐसे लोग जो शारीरिक रूप से असमर्थ हैं या जिनके पास देखभाल के लिए कोई परिजन नहीं हैं, उन्हें भी इस व्यवस्था से बड़ी राहत मिलेगी. आंकड़ों के मुताबिक बिहार में 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों की संख्या करीब 48 लाख से ज्यादा है, ऐसे में यह कदम लाखों परिवारों के लिए उपयोगी साबित होगा. सरकार का कहना है कि यह पहल “डिजिटल ईज ऑफ लिविंग” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. जमीन रजिस्ट्री जैसी जटिल प्रक्रिया को सरल बनाकर आम नागरिकों का समय, पैसा और श्रम बचाने की कोशिश की जा रही है. रजिस्ट्री पूरी होने के बाद दस्तावेज डिजिटल रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी. फरवरी में पूरा होगा सिस्टम अपडेट ई-निबंधन पोर्टल के तकनीकी अपडेट का काम फरवरी में पूरा कर लिया जाएगा, ताकि 1 अप्रैल से यह सुविधा राज्यभर में सुचारू रूप से लागू हो सके. सभी निबंधन कार्यालयों को इसके लिए आवश्यक उपकरण और प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है.

बिहार में पछुआ हवाओं से कोहरे और बारिश की दोहरी मार

पटना. राज्य में कोहरे के साथ ठंड का प्रभाव बने रहने की संभावना है। बीते दिनों कुछ स्थानों पर वर्षा और हवा की गति में तेजी आने के कारण तापमान में गिरावट आई है। मौसम में बदलाव आने के साथ पटना सहित 30 जिलों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पटना के अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट के साथ 21.3 डिग्री सेल्सियस एवं 25.2 डिग्री सेल्सियस फारबिसगंज का सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया।  16 जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के 16 जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। राज्य के बक्सर, भोजपुर, भभुआ, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, पूर्वी-पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर में घना कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। पटना सहित अन्य भागों में पछुआ के कारण सुबह-शाम ठंड का प्रभाव बने होने के साथ आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। तीन फरवरी को दक्षिण पश्चिम भागों के बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद एवं अरवल जिले के कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा की संभावना है।  अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट अगले 24 घंटे के दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट के आसार है। शुक्रवार को भागलपुर (सबौर) में सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पटना का न्यूनतम तापमान 14.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस से 15.9 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। तीन सौ मीटर के साथ गयाजी में सबसे कम दृश्यता दर्ज की गई। शुक्रवार को पटना सहित आसपास इलाकों में पछुआ के कारण ठंड का प्रभाव पूरे दिन बना रहा।

मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में गिने जाएंगे आवारा कुत्ते

पटना. कुत्ता काटने की घटनाओं और अव्यवस्था को देखते हुए अब नगर निगम ने सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के साथ मिलकर आवारा कुत्तों पर नियंत्रण का फैसला किया है. इस अभियान की औपचारिक शुरुआत IGIMS से कर दी गई है. बुधवार से IGIMS परिसर में आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान शुरू हो गया है. इस पूरे अभियान के नोडल पदाधिकारी संस्थान के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मनीष मंडल को बनाया गया है. नगर निगम और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम ने पहले दिन 10 कुत्तों को पकड़कर उनका रेबीज टीकाकरण कराया गया. नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान सिर्फ IGIMS तक सीमित नहीं रहेगा. PMCH, NMCH, पटना एम्स सहित राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और जिला अस्पतालों में आवारा कुत्तों की गिनती और नियंत्रण की प्रक्रिया शुरू होगी. इसका उद्देश्य अस्पताल परिसरों को सुरक्षित बनाना और मरीजों को डरमुक्त माहौल देना है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बढ़ी सख्ती कुत्ता काटने के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत नगर निगम को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि सभी सरकारी संस्थानों के परिसरों में मौजूद कुत्तों के लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था की जाए. नगर निगम ने साफ कर दिया है कि आवारा कुत्तों का बोझ वह अकेले नहीं उठाएगा. सभी सरकारी और अर्द्ध-सरकारी संस्थानों को अपने परिसरों में मौजूद कुत्तों की गिनती कर रिपोर्ट सौंपनी होगी. इन्हीं आंकड़ों के आधार पर डॉग शेल्टर होम बनाए जाएंगे और संसाधन तय किए जाएंगे. विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थान भी दायरे में नगर निगम की सूची में मेडिकल कॉलेजों के अलावा पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, IIT बिहटा समेत कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थान भी शामिल हैं. इन सभी को जल्द ही पत्र भेजकर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा जाएगा. आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए यह अभियान पटना में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. अगर यह मॉडल सफल होता है तो आने वाले दिनों में शहर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की सख्ती देखने को मिल सकती है.

80 लाख की प्रतिबंधित कफ सिरप के साथ 6 गिरफ्तार

पटना. मालसलामी थाना पुलिस ने प्रतिबंधित कोडीन सिरप के चल रहे अवैध धंधे से जुड़े एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए लगभग अस्सी लाख रुपये के सिरप जब्त करते हुए छह तस्करों को गिरफ्तार किया। छोटी नगला और दीदारगंज चेकपोस्ट के समीप की गई छापेमारी में जब्त छह वाहनों में से तीन पर डाक पार्सल लिखा था। एक टाटा 407 वाहन पर लदे तेज पत्ता के बीच से भी कफ सिरप बरामद किया गया। इन सभी वाहनों से 289 कार्टन में रखे 4485 लीटर सिरप पुलिस ने जब्त किया।  कटिहार, पटना और पटना सिटी में होनी थी सप्लाई  डीएसपी द्वितीय डॉ. गौरव कुमार ने शुक्रवार को बताया कि हिमाचल प्रदेश से मंगाई गई प्रतिबंधित कफ सिरप की बडी खेप कटिहार, पटना और पटना सिटी क्षेत्र में सप्लाई देने की तैयारी थी। पकड़े गए छह बदमाशों में मुख्य सरगना पटना के कदमकुआं थाना अन्तर्गत काजीपुर नया टोला निवासी 34 वर्षीय सूर्यप्रकाश उर्फ गन्नी भी शामिल है।  इसने पटना में सप्लाई देने के लिए एक सौ कार्टन कफ सिरप मंगाया था। गिरफ्तार तस्करों में वैशाली का दो, कटिहार का दो, सहरसा का एक बदमाश है। इस संबंध में डीएसपी द्वितीय डा. गौरव कुमार ने बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार एवं नगर पुलिस अधीक्षक पटना पूर्वी की निगरानी में गठित की गयी मालसलामी थाना की पुलिस ने पूरे नेटवर्क का बेनकाब किया है।  गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी उन्होंने बताया कि पकड़े गए बदमाश वैशाली के मुकेश कुमार का पूर्व से आपराधिक रिकॉर्ड है। उन्होंने बताया कि गुरुवार की रात करीब साढ़े आठ बजे छोटी नगला में छापेमारी कर वाहनों के साथ मुकेश और गुड्डू को गिरफ्तार किया गया।  पूछताछ में उन्होंने गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी दी। दूसरी छापेमारी दीदारगंज चेकपोस्ट के समीप की गयी। वहां से अन्य बदमाशों की गिरफ्तारी वाहन व कफ सीरप के साथ हुई। इनकी हुई गिरफ्तारी पटना के कदमकुआं थाना अन्तर्गत काजीपुर नया टोला निवासी स्व. प्रकाश प्रसाद सिंह का पुत्र 34 वर्षीय सूर्यप्रकाश उर्फ गन्नी, वैशाली के राघोपुर स्थित मोहनपुर थाना निवास सीताराम राय का 35 वर्षीय पुत्र मुकेश कुमार, इसी जगह निवासी जगदेव राय का 27 वर्षीय पुत्र गुड्डू कुमार शामिल है। इसके अलावा कटिहार के रोहतारा स्थित चूरबी घाट थाना निवासी अब्दुल बारी का 26 वर्षीय पुत्र मोहम्मद रहीम, इसी थाना क्षेत्र निवासी मोहम्मद जलालुद्दीन का 24 वर्षीय पुत्र मोहम्मद सगीर, सहरसा के कहरा स्थित भटहारा थाना क्षेत्र निवासी फूलेश्वर प्रसाद यादव का 29 वर्षीय पुत्र मिथिलेश कुमार शामिल है। बंगाल से जुड़ा हो सकता है नेटवर्क डीएसपी गौरव कुमार ने बताया कि पूछताछ में कफ सीरप के तस्करों ने कई अहम जानकारी दी है। बंगाल में होने वाले चुनाव को लेकर नशे के इन सौदागरों का नेटवर्क वहां से जुड़ा सकता है। सभी बिंदुओं पर बारीकी से छानबीन करते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

बिहार में परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले बंद हो जाएगा गेट

पटना. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) की इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा दो से 13 फरवरी तक राज्य के एक हजार 762 परीक्षा केंद्र पर होगी। अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि सभी परीक्षार्थियों की दो स्तर पर तलाशी ली जाएगी। पहला प्रवेश के समय तथा दूसरा परीक्षा कक्ष में वीक्षक करेंगे। 25 परीक्षार्थियों की जांच के लिए एक वीक्षक होगा। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण यथा मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, पेजर, इलेक्ट्रॉनिक वॉच, स्मार्ट वॉच, मैग्नेटिक वॉच आदि पूरी तरह से प्रतिबंधित है।  10 सेट में होगा प्रश्न पत्र  केंद्र में पकड़े जाने पर संबंधित विद्यार्थी परीक्षा से वंचित कर दिए जाएंगे। प्रश्न पत्र 10 सेट में होगा। सभी सेट में प्रश्नों का क्रम अलग-अलग होगा। एक सेट का पहला प्रश्न अन्य सेटो में अन्य क्रम में होंगे। आसपास बैठे परीक्षार्थियों को अलग-अलग सेट का प्रश्न मिलेगा। परीक्षा में शामिल होने के लिए 13 लाख 17 हजार 846 परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र जारी किया गया है। इसमें छह 75 हजार 844 छात्राएं तथा छह लाख 42 हजार दो छात्र हैं। परीक्षा दो से 13 फरवरी तक दो पालियों में होगी। केंद्र में प्रवेश निर्धारित अवधि से एक घंटा पहले मिलेगा। सभी परीक्षार्थी गेट बंद होने के पहले केंद्र में हर हाल में प्रवेश सुनिश्चित करेंगे। पहली पाली में सुबह नौ बजे और दूसरी में डेढ़ बजे तक प्रवेश बिहार बोर्ड के अनुसार परीक्षा प्रारंभ होने के लिए प्रथम पाली में निर्धारित समय 09:30 बजे पूर्वाह्न से एक घंटा पहले 8:30 बजे से केंद्र में प्रवेश प्रारंभ हो जायेगा तथा आधा घंटा पहले 09:00 बजे केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जायेगा।  इसी प्रकार द्वितीय पाली में निर्धारित समय 02:00 बजे अपराह्न से एक घंटा पूर्व 01:00 बजे से परीक्षा केंद्र में प्रवेश प्रारंभ हो जायेगा तथा 02:00 बजे अपराह्न से आधा घंटा पहले 01:30 बजे केंद्र का मुख्य द्वार बंद हो जाएगा। केंद्र के 200 मीटर तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 प्रभावी रहेगी। इनका भी रखें ध्यान – परीक्षार्थी भीड़-भाड़ से बचने के लिए समय से पहले पहुंचे केंद्र केंद्रों के आसपास जाम की स्थिति उत्पन्न होती है, इसका ध्यान रखें केंद्र पर ले जाने वाले दस्तावेज की सूची बनाकर घर से निकलते समय जांच कर लें अन्य महत्वपूर्ण बातें – 10 सेट में होगा प्रश्न पत्र, परीक्षार्थियों की दो बार ली जाएगी तलाशी 13.18 लाख परीक्षार्थियों के लिए राज्य में बनाए गए हैं एक हजार 762 परीक्षा केंद्र दो फरवरी को प्रारंभ होगी इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, आधा घंटा पहले तक मिलेगा प्रवेश एक घंटा पहले से परीक्षार्थियों को केंद्र में दिया जाएगा प्रवेश, केंद्र में जबरदस्ती व अवैध प्रवेश पर होगी कार्रवाई दो वर्ष के लिए बोर्ड परीक्षा से हो जाएंगे निष्कासित, यदि परीक्षा संचालन नियम के विरुद्ध करेंगे आचरण दो स्तर पर परीक्षार्थियों की होगी जांच, सीसीटीवी व वीडियोग्राफी हर केंद्र पर की गई है सुनिश्चित राज्य के सभी जिलों में शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिनियुक्त किए गए हैं नोडल पदाधिकारी दुविधा पर हेल्पलाइन से लें समाधान परीक्षा के दौरान सूचना के त्वरित आदान-प्रदान तथा समस्याओं के समय पर निवारण के लिए कंट्रोल रूम एक फरवरी से चौबीस घंटे काम करेगा। परीक्षार्थी व अभिभावक परीक्षा से संबंधित जानकारी और दुविधा का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। कंट्रोल रूम का हेल्पलाइन नंबर 0612-2232257 तथा 0612-2232227

बिहार में नए गन्ना किसानों को फ्री में मिलेगा बीज

पटना. सरकार नई चीनी मिल लगाने से पहले गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने के लिए हर जतन कर रही है। प्रयास है कि अधिक से अधिक गन्ना की खेती को बढ़ाया जाए, ताकि मिलों को गन्ना की कमी नहीं रहे। इसके लिए जिन इलाकों में गन्ना की खेती नहीं होती है, वहां के किसानों को पांच एकड़ तक गन्ना की खेती करने के लिए निशुल्क गन्ना बीज दिया जाएगा। गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के सेंथिल कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में गन्ने की खेती नहीं है, उसे डेवलप किया जाए। गन्ना की खेती करने के लिए किसानों के बीच प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि वह गन्ना की खेती करने के लिए जागरूक हो सकें। 15 दिन कें अंदर रजिस्ट्रेशन करने के निर्देश उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों के बकाये मूल्य का 15 दिनों के अंदर भुगतान किया जाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राज्य के सभी गन्ना किसानों का 15 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन कराने का सख्त निर्देश दिया। इसके पहले उन्होंने ईख मूल्य भुगतान, मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना, यांत्रिकरण योजना, गुड़ प्रोत्साहन योजना, चीनी मिलों की समस्या, नई चीनी मिलों की स्थापना और अन्य योजनाओं की समीक्षा की। सरकारी योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने पर फोकस उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित के लिए कई योजनाएं चला रही है। इसका लाभ उन किसानों को कैसे मिले, इसके बारे सोंचना होगा। वहीं, गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा ने कहा कि प्रमाणित बीज उत्पादन प्रोत्साहन कार्यक्रम मद का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसे हर हालत में प्राप्त करना है। बेहतर करने वालों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित भी किया जाएगा। बैठक में संयुक्त गन्ना आयुक्त जेपीएन सिंह, सभी चीनी मिलों के महाप्रबंधक, सभी उपनिदेशक, सहायक निदेशक सभी पदाधिकारी मौजूद थे। गन्ना क्षेत्र को जलजमाव से मुक्त करने के लिए 72 योजनाएं चिह्नित गन्ना कृषि क्षेत्रों में जल-जमाव की समस्या के निराकरण हेतु संबंधित अभियंताओं को सर्वेक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं तैयार करने का निर्देश पिछले वर्ष 30 दिसंबर को दिया गया था। शुक्रवार को जल संसाधन विभाग और गन्ना उद्योग विभाग ने निर्देश के अनुपालन की संयुक्त रूप से समीक्षा की। गन्ना कृषि क्षेत्रों से संबंधित नहरों, नहर संरचनाओं तथा स्लुइस गेट, पुलिया निर्माण, नाला उड़ाही (सफाई) एवं अतिक्रमण मुक्ति के लिए जिलों में सर्वेक्षण हो रहा है। अब तक 72 योजनाएं चिह्नित पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और समस्तीपुर में अब तक कुल 72 योजनाएं चिह्नित हुई हैं, जिनके क्रियान्वयन से 61,590 एकड़ क्षेत्र को जल-जमाव से मुक्ति मिलेगी। बैठक की अध्यक्षता कर रहे जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव एसके मल्ल ने सर्वेक्षण कार्य शीघ्र पूर्ण कर विभाग को रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं बनाई जा सकें।

CBI जांच की राह आसान? नीतीश सरकार ने नीट छात्रा हत्याकांड में दी सिफारिश, गृह मंत्री बोले

पटना   बिहार सरकार ने पटना के चित्रगुप्त नगर में नीट छात्रा से हुई दरिंदगी मामले की जांच सीबीआई से करने का आग्रह किया है। शनिवार को उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार से पटना में हुए नीट छात्रा की हत्या के मामले (कांड संख्या- 14/26) को सीबीआई से जांच का आग्रह किया है। घटना का पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से उद्भेदन निश्चित किया जाए। इस मामले में 17 दिनों की जांच के बाद बिहार पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। इधर मृत छात्रा के परिजनों ने एसआईटी की जांच पर सवाल उठाया है। कहा है कि पुलिस सही दिशा में जांच नहीं कर रही है। शुक्रवार को पीड़िता की मां की डीजीपी विनय कुमार के साथ मुलाकात हुई थी। डीजीपी आवास से निकलने के बाद वे काफी गुस्से में दिखीं। यहां तक कह दिया कि पुलिस बिक गई है। यहां उनकी बेटी को न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। मीडिया कर्मियों से मां, भाई और मामा ने बताया कि डीजीपी ने कहा है कि रेप नहीं हुआ था, छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी, यह बात मान जाइए। उन्हें गृह मंत्री सम्राट चौधरी से मिलने के लिए कहा गया। पीड़ित परिवार के वकील ने भी बताया कि पुलिस की जांच से परिवार के लोग संतुष्ट नहीं है। ये बातें तब सामने आईं जब एफएसएल की जांच रिपोर्ट में मृत छात्रा के अंतःवस्त्र से पुरुष स्पर्म के अवशेष पाए गए। एसआईटी बड़े पैमाने पर डीएनए टेस्ट की कार्रवाई कर रही है। परिजनों समेत 30 से अधिक लोगों के ब्लड सैंपल अबतक लिए जा चुके हैं। छात्रा के शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की संभावना से इनकार नहीं किया गया। उसके शरीर पर खरोंच के भी निशान पाए गए। शुक्रवार की शाम सम्राट चौधरी ने डीजीपी और मुख्य सचिव को आवास पर तलब किया और जांच से संबधित जानकारी ली। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को जांच में पूरी पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया। उसके बाद यह मामला जांच के लिए सीबीआई को सुपुर्द कर देने का निर्णय लिया गया। अब सीबीआई फ्रेश केस दर्ज कर मामले की जांच करेगी। हालांकि, परिजनों ने कभी सीबीआई जांच की लिखित मांग नहीं किया।

घटनास्थल पर मिला चौंकाने वाला सबूत, लोजपा नेता की भाभी की हत्या से इलाके में दहशत

पटना बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर में एक हाई-प्रोफाइल हत्या ने इलाके में सनसनी मचा दी है। नगर थाना क्षेत्र के चौहट्टा इलाके में देर रात महिला की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतका गुड़िया लोक जनशक्ति पार्टी (आर) की राष्ट्रीय सचिव मोनिका शर्मा की भाभी बताई जा रही हैं। यह घटना पुलिस और स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है। घर के भीतर हुई थी घटना बताया जा रहा है कि घटना घर के भीतर हुई थी। परिजनों के अनुसार, गुड़िया के सिर में गोली लगी और उसे तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही लोजपा (आर) के कई कार्यकर्ता और नेता अस्पताल पहुंच गए, जिससे मामला राजनीतिक तूल पकड़ गया। मृतका का पति अर्जुन पासवान जो हाजीपुर व्यवहार न्यायालय में एडीजे-4 का निजी चालक है, ने बताया कि वह पत्नी के चिल्लाने की आवाज सुनकर बाहर गए और उसे चापाकल के पास गिरा पाया। गिलास पर मिले खून के निशान इधर घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल (FSL) की टीम ने भी घटनास्थल पर जांच की, जिसमें घर के अंदर रखे एक गिलास पर खून के निशान पाए गए। पुलिस ने महिला के पति अर्जुन और अन्य पर संदेह जताया है। पुलिस को शक है कि हत्या घर के अंदर हुई और बाद में शव को चापाकल के पास फेंककर हत्या को भ्रामक रूप देने का प्रयास किया गया। मृतका के पिता ने भी ससुराल वालों पर सवाल उठाए हैं। पुलिस का बयान इस मामले में सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। 

छात्रों को राहत: स्कूल स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप बढ़ी, अब दोगुना लाभ मिलेगा

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई  कैबिनेट की अहम बैठक हुई। बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों से जुड़ा रहा। राज्य सरकार ने SC-ST प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की राशि दोगुनी करने का फैसला लिया है। कक्षा 1 से 10 तक की छात्रवृत्ति में बड़ी बढ़ोतरी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग द्वारा किए गए संशोधन के तहत कक्षा 1 से 10 तक पढ़ने वाले SC-ST विद्यार्थियों को मिलने वाली वार्षिक छात्रवृत्ति में उल्लेखनीय इजाफा किया गया है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार: कक्षा 1 से 4 तक: ₹1200 वार्षिक कक्षा 5 से 6 तक: ₹2400 वार्षिक कक्षा 7 से 10 तक: ₹3600 वार्षिक कक्षा 1 से 10 तक के छात्रावासी विद्यार्थी: ₹6000 वार्षिक सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2011 से लागू छात्रवृत्ति दरें वर्तमान समय की महंगाई और शैक्षणिक जरूरतों के अनुरूप नहीं रह गई थीं, इसी को ध्यान में रखते हुए यह संशोधन किया गया है। ₹519.64 करोड़ सालाना खर्च, 27 लाख छात्रों को सीधा फायदा इस संशोधित योजना पर राज्य सरकार हर वर्ष ₹519.64 करोड़ खर्च करेगी। इससे बिहार के करीब 27 लाख SC-ST छात्र-छात्राओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। छात्रवृत्ति का लाभ सरकारी, स्थायी मान्यता प्राप्त और स्थापना स्वीकृत विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से वंचित वर्गों के छात्रों को शिक्षा से जोड़े रखने और ड्रॉपआउट दर में कमी लाने में मदद मिलेगी। पिछड़ा-अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान भी हुआ दोगुना कैबिनेट बैठक में पिछड़ा और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को भी बड़ी राहत दी गई। “मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजना” के तहत मिलने वाली राशि को ₹1000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹2000 प्रति माह प्रति छात्र कर दिया गया है। 8150 छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ इस फैसले से विभाग के अधीन संचालित छात्रावासों में रहने वाले लगभग 8150 छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे। अनुदान राशि में वृद्धि के कारण इस योजना पर अनुमानित वार्षिक व्यय ₹19.56 करोड़ होगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि बढ़ी हुई अनुदान राशि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।  

मौसम बदलेगा मिज़ाज: 3 और 4 फरवरी को बारिश, कोहरे के साथ ठंड बढ़ेगी

रांची झारखंड में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। पिछले कुछ दिनों से बढ़े तापमान के कारण लोगों को गर्मी महसूस हो रही थी और गर्म कपड़े कम हो गए थे। लेकिन अब मौसम विभाग ने बारिश और ठंड बढ़ने का अनुमान जताया है। अगले तीन दिनों में तापमान फिर 2 से 3 डिग्री बढ़ने की संभावना झारखंड में आने वाले दिनों में मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 3 और 4 फरवरी को राज्य के कई जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आएगी, जिससे ठंड का असर फिर बढ़ जाएगा। अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान फिर 2 से 3 डिग्री बढ़ने की संभावना है। पिछले कुछ दिनों से तापमान बढ़ने के कारण लोगों को गर्मी लगने लगी थी। बीते 24 घंटों में राज्य के 10 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। इसी वजह से लोग बिना गर्म कपड़ों के बाहर निकलने लगे थे, लेकिन अब मौसम बदलने से ठंड फिर लौट सकती है। सुबह हल्का कोहरा और दिन में बादल छाए रह सकते हैं मौसम विभाग के अनुसार 3 फरवरी को पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार और आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। इस दौरान सुबह हल्का कोहरा छा सकता है और दिन में आंशिक बादल रहेंगे। वहीं 4 फरवरी को पश्चिमी झारखंड के अलावा सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। बाकी इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा। सुबह हल्का कोहरा और दिन में बादल छाए रह सकते हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में मौसम शुष्क रहा और कुछ जगहों पर हल्का कोहरा देखा गया। इस दौरान सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस चाईबासा में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस रांची के कांके में रिकॉर्ड किया गया।