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ठंड का प्रकोप: झारखंड में शीतलहर के कारण KG से 12वीं तक स्कूलों की छुट्टी

रांची पूरा झारखंड शीतलहर की चपेट में है। उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही सर्द हवाओं के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान लगातार गिरता जा रहा है। लगातार गिरते तापमान और शीतलहरी की चेतावनी को देखते हुए रांची में संचालित सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों में KG से लेकर 12वीं कक्षा तक के स्कूल को बंद रखने का निर्देश जारी हो गया है। 31 दिसंबर तक रांची के सभी स्कूल बंद सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों में KG से लेकर 12वीं कक्षा तक 27 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक छुट्टियां पड़ गई हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि अत्यधिक ठंड और शीतलहरी से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। खासतौर पर छोटे बच्चों और किशोरों में सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है। प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधन को आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है और लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्रशासन का कहना है कि अगर इस अवधि में किसी विद्यालय में पहले से निर्धारित परीक्षाएं हैं, तो स्कूल प्रबंधन अपने विवेक से उनका संचालन कर सकता है। आने वाले दिनों में ठंड और तेज हो सकती है बता दें कि उत्तर भारत में लगातार हो रही बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से झारखंड में ठंड बढ़ गयी है। ठंडी हवाओं के कारण सुबह के समय घना कोहरा और धुंध देखी जा रही है, जबकि दिन में मौसम शुष्क बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 27–28 दिसंबर से न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आने की संभावना है। इससे आने वाले दिनों में ठंड और तेज हो सकती है।  

कोयलांचल से भोपाल का सफर होगा आसान, धनबाद–भोपाल एक्सप्रेस ट्रेन को मिली मंजूरी

रांची झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र, खासकर धनबाद के यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी सौगात दी है। रेलवे बोर्ड ने भोपाल और धनबाद के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन के संचालन को हरी झंडी दे दी है। जारी आदेश के अनुसार 11631/11632 भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन जल्द शुरू किया जाएगा। इस फैसले से झारखंड और मध्य प्रदेश के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी, जिससे हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी। अब तक धनबाद से भोपाल की यात्रा करने वाले यात्रियों को कई ट्रेनों में बदलाव करना पड़ता था या फिर लंबा समय लगता था। नई एक्सप्रेस ट्रेन के शुरू होने से यह यात्रा सीधी, आरामदायक और समय की बचत वाली हो जाएगी। खासकर कोयला उद्योग से जुड़े कर्मचारी, अधिकारी, व्यापारी और छात्र इस ट्रेन से सीधे लाभान्वित होंगे। रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 11631 भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस भोपाल से रात 8:55 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 8:30 बजे धनबाद पहुंचेगी। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन सोमवार, गुरुवार और शुक्रवार को चलेगी। वहीं, 11632 धनबाद-भोपाल एक्सप्रेस धनबाद से सुबह 7:20 बजे रवाना होकर शाम 7:00 बजे भोपाल पहुंचेगी। इसका संचालन रविवार, बुधवार और शनिवार को किया जाएगा। ट्रेन का रखरखाव भोपाल में किया जाएगा यह ट्रेन अपने मार्ग में सिंगरौली, चोपन, रेनुकूट, डाल्टनगंज, गढ़वा रोड, बरकाकाना, रांची रोड, बोकारो थर्मल, चंद्रपुरा और कतरासगढ़ जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी। इससे झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई इलाकों का आपसी संपर्क और मजबूत होगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस आधुनिक आईसीएफ कोचों के साथ चलाई जाएगी, जिसमें स्लीपर और जनरल कोच शामिल होंगे। ट्रेन का रखरखाव भोपाल में किया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि इस ट्रेन को जल्द से जल्द सुविधाजनक तिथि से शुरू किया जाए। जरूरत पड़ने पर पहली यात्रा को विशेष ट्रेन के रूप में चलाकर बाद में इसे नियमित सेवा में बदला जा सकता है।  

जनता की सुनवाई को लेकर सक्रिय डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा, लगाएंगे जनता दरबार

पूर्णिया बिहार में जमीन और राजस्व से जुड़े पेचीदा मामलों को सुलझाने के लिए आज पूर्णिया की धरती पर एक बड़ी पहल होने जा रही है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा भूमि सुधार जन कल्याण संवाद कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता से मुखातिब होंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वर्षों से लंबित पड़े जमीन विवादों का समाधान करना और अंचल कार्यालयों की कार्यशैली को पारदर्शी बनाना है। मंत्री का भव्य स्वागत और प्रशासनिक हलचल डिप्टी CM विजय कुमार सिन्हा गुरुवार रात को ही पूर्णिया के सर्किट हाउस पहुंच चुके हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूलों की माला और बुके के साथ जोरदार स्वागत किया। मंत्री के आगमन के साथ ही प्रशासनिक खेमे में हलचल तेज हो गई है। कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए इसे दो हिस्सों में बांटा गया है।     पहली पाली (सीधा संवाद): सुबह 11 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक प्रेक्षागृह सह आर्ट गैलरी में जनता दरबार लगेगा। इसमें डिप्टी CM लोगों की शिकायतें सुनेंगे। अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व कर्मचारी शिकायतकर्ता के सामने बैठेंगे, ताकि किसी भी शिकायत पर टालमटोल न हो और समाधान तुरंत निकल सके।     दूसरी पाली (समीक्षा बैठक): दोपहर 3:30 बजे से शाम 5 बजे तक समाहरणालय के महानंदा सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित होगी। इसमें जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे और दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी और अभियान बसेरा-2 की प्रगति पर चर्चा की जाएगी। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और उद्देश्य कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सुबह 9 बजे से 10:30 बजे तक रजिस्ट्रेशन काउंटर खुलेंगे। रजिस्ट्रेशन अंचलवार किया जाएगा। आवेदकों को अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर देना होगा ताकि भविष्य में उनकी शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी SMS के जरिए दी जा सके। जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने बताया कि इस संवाद का उद्देश्य भूमि से जुड़ी सेवाओं को समय पर जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड्स को अपडेट करना और भूमि विवादों को न्यूनतम स्तर तक लाना प्रशासन की प्राथमिकता है।  

देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु, पटना साहिब में गुरु गोविंद सिंह प्रकाश पर्व का अंतिम आयोजन कल

पटना पटना सिटी स्थित तख्त हरमंदिर साहिब में सिखों के दसवें गुरु, श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 359वें प्रकाश पर्व का दूसरा दिन श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पटना साहिब पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तख्त साहिब प्रबंधन, विभिन्न गुरुद्वारों और बिहार सरकार की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बाल लीला गुरुद्वारा में आने वाले संगतों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। यहां 24 घंटे लंगर की निरंतर सेवा जारी है, जिसमें श्रद्धालुओं को बिना किसी भेदभाव के भोजन कराया जा रहा है। संगतों के ठहरने, स्नान और विश्राम की भी समुचित व्यवस्था की गई है। बाल लीला गुरुद्वारा प्रबंधन ने स्वयंसेवकों की तैनाती कर संगतों की हर संभव सहायता सुनिश्चित की है। कश्मीर सिंह भूरी वाले बाबा जी ने बताया कि गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व को लेकर देश-विदेश से आने वाली संगतों के लिए रहने, खाने और पीने की पूरी व्यवस्था की गई है। पटना के कंगन घाट पर विशाल लंगर हॉल की व्यवस्था की गई है, जहां हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन लंगर ग्रहण कर रहे हैं। प्रकाश पर्व के दूसरे दिन तख्त श्री हरमंदिर साहिब में कीर्तन-गुरबाणी का विशेष आयोजन किया गया। रागी जत्थों ने गुरु ग्रंथ साहिब की पावन बाणी का मधुर कीर्तन प्रस्तुत किया, जिससे वातावरण गुरु भक्ति से सराबोर हो गया। श्रद्धालुओं ने गुरु गोविंद सिंह जी के जीवन, बलिदान और संदेशों को स्मरण करते हुए मत्था टेका। इसके साथ ही भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संगतें शामिल हुईं। शोभा यात्रा में “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा। गतका प्रदर्शन, धार्मिक झांकियां और रागी जत्थों के कीर्तन ने शोभा यात्रा को विशेष आकर्षण प्रदान किया। तख्त हरमंदिर साहिब के महासचिव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि 27 दिसंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना साहिब गुरुद्वारा में शामिल होंगे। केंद्र और राज्य सरकार के सभी मंत्रियों को भी गुरुद्वारा की ओर से निमंत्रण भेजा गया है। इस वर्ष अमेरिका, कनाडा सहित विदेशों से भी हजारों श्रद्धालु प्रकाश उत्सव में शामिल होने पहुंचे हैं। प्रबंधन कमेटी की ओर से उनके रहने, खाने और लंगर की विशेष व्यवस्था की गई है। प्रकाश पर्व के मद्देनज़र बिहार सरकार ने सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से गुरुपर्व में भाग ले सकें।

बिहार बॉक्सिंग एसोसिएशन को नया उपाध्यक्ष मिला, भारतेन्दु शांडिल्य की नियुक्ति से मुजफ्फरपुर गौरवान्वित

मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर जिले के जूरन छपरा निवासी भारतेन्दु शांडिल्य को बिहार राज्य बॉक्सिंग एसोसिएशन का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके इस उपाध्यक्ष पद पर नियुक्ति के बाद पूरे जिले और परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस उपलब्धि से बिहार को भी बॉक्सिंग के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।भारतेन्दु शांडिल्य 48 वर्ष के हैं और उन्होंने हैदराबाद की इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के अलावा लंदन की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और एमआईटी से इंटरप्रेन्योर बिजनेस की सर्टिफिकेट भी प्राप्त की है। इसके अलावा, उनके कार्यों को विश्वभर की चर्चित पत्रिकाओं जैसे आउटलुक और फोर्ब्स ने भी सराहा है। इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन के महासचिव राकेश ठाकुर ने भारतेन्दु शांडिल्य को बिहार बॉक्सिंग एसोसिएशन का उपाध्यक्ष नियुक्त किया और उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का पदभार सौंपा। इस अवसर पर उनके परिवार, मित्र और शुभचिंतक उन्हें बधाई देने पहुंचे। परिवार ने भी गर्व जताया। उनके पिता, मुजफ्फरपुर के जिला कोर्ट के अधिवक्ता अरुण कुमार शर्मा ने कहा कि उनका बेटा एक बड़ी जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेकर बिहार के लिए गौरव का क्षण ला रहा है। भारतेन्दु बचपन से ही पढ़ाई में होनहार रहे हैं और अब वह बिहार और मुजफ्फरपुर जिले में बॉक्सिंग के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उनके उपाध्यक्ष बनने पर पंकज कुमार, आचार्य डॉ. रंजीत नारायण तिवारी, पंडित विनय पाठक, डॉ. शिप्रा आनंद, अनिमेष कुमार, साकेत कुमार, उत्कर्ष नितेश और डॉ. रवि कुमार सहित कई लोगों ने उन्हें बधाई दी। भारतेन्दु शांडिल्य का यह पद बिहार में खेल और विशेषकर बॉक्सिंग के विकास की संभावनाओं के द्वार खोलने वाला है और उम्मीद जताई जा रही है कि वे इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे।  

घरेलू विवाद बना कानून व्यवस्था की चुनौती, झारखंड में ससुर के घर पर बुलडोजर एक्शन

गिरिडीह भारत में दामाद की ससुराल में खूब आवभगत होती है। इस आवभगत की बहुत सारी कहानियां हमारे सामने हैं, लेकिन कभी-कभी ससुराल में दामाद कुछ ऐसा कर जाते हैं, जो कानूनन अपराध होता है। ऐसा ही एक मामला आया है झारखंड के गिरिडीह में। यहां एक शख्स की पत्नी बार-बार मायके चली जाती थी। इस बात से नाराज होकर महिला का पति बुलडोजर लेकर ससुराल पहुंच गया और घर पर ही बुलडोजर चला दिया। शख्स ने घर पर बुलडोजर चलाकर बाउंड्री को गिरा दिया।   यह मामला गिरिडीह के जमुआ थाना क्षेत्र का है। यहां के सिरसिया गांव में एक शख्स की पत्नी बार-बार मायके चली जा रही थी। पत्नी के बार-बार मायके जाने से पति इतना नाराज हुआ कि एक दिन वो बुलडोजर लेकर ससुराल पहुंच गया। ससुराल पहुंचकर शख्स ने ससुर के घर पर ही तोड़फोड़ शुरू कर दी और घर के बाहर बनी बाउंड्री की दीवार को तोड़कर गिरा दिया। इस घटना की खबर मिलने के बाद जब मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई तो, शख्स जेसबी लेकर फरार हो गया। इस मामले की सूचना पुलिस को दी गई तो मौके पर पुलिस पहुंची और मामला दर्ज कर लिया। मिली जानकारी के अनुसार, गादी-चुंगलो का रहने वाला पिंटू मंडल की शादी सिरसिया में हुई थी। शादी के बाद से ही पिंटू मंडल अपनी पत्नी उर्मिला को नशा करने के बाद मारता था और अभद्र व्यवहार करता था। इस वजह से उर्मिला अपने दो बच्चों को लेकर मायके रहने चली गई। इस घटना के बाद पिंटू पर मामला दर्ज कर लिया गया है।  

नौकरी के लालच में खून का रिश्ता शर्मसार: पिता की हत्या में शामिल निकला अपना ही बेटा, जानिए पूरी कहानी

भोजपुर भोजपुर जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। चांदी थाना क्षेत्र के भगवतपुर गांव में झारखंड पुलिस में चालक हवलदार के पद पर तैनात पशुपतिनाथ तिवारी की हत्या किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि उनके ही बेटे ने की थी। संपत्ति और नौकरी के लालच में बेटे ने अपने ही पिता की जान ले ली। भोजपुर पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक के पुत्र ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर पिता की हत्या की साजिश रची थी। बताया गया कि पशुपतिनाथ तिवारी 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होने वाले थे। बेटे को यह उम्मीद थी कि पिता की मौत के बाद उसे अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिल जाएगी। इसी लालच में उसने अपने पिता को रास्ते से हटाने की योजना बना ली। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि करीब दो साल पहले भी आरोपी पुत्र ने पिता को दुर्घटना में मारने की साजिश रची थी, लेकिन उस समय उसकी योजना नाकाम हो गई थी। पिछले दिसंबर महीने में जब पशुपतिनाथ तिवारी छुट्टी पर अपने गांव आए थे, उसी दौरान घर में सोए अवस्था में गला रेतकर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में मामला संदिग्ध लग रहा था, लेकिन पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के आधार पर पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। इस मामले में सदर अनुमंडल पदाधिकारी-2 रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि हत्या में शामिल मृतक के पुत्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मृतक द्वारा कुछ जमीन का एग्रीमेंट कराए जाने को लेकर भी पुत्र उनसे नाराज था। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।  

ठंड से कांपा बिहार: घना कोहरा, कोल्ड वेव के बीच 29 दिसंबर तक ऑरेंज अलर्ट

पटना बिहार इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। मौसम विभाग ने शीतलहर और घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और राज्य को 29 दिसंबर तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का सीधा असर बिहार के मैदानी जिलों में देखा जा रहा है। बर्फीली पछुआ हवाओं के कारण ठंड बढ़ गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने पूरे राज्य के लिए शीतलहर और घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट  जारी किया है, जो कम से कम अगले चार से पांच दिनों तक प्रभावी रहेगा। बिहार में कोल्ड डे जैसे हालात मौसम विभाग के अनुसार, 29 दिसंबर तक राज्य के कई हिस्सों में भीषण शीतलहर का दौर जारी रहने की संभावना है। बीते एक सप्ताह से बिहार में ‘कोल्ड-डे' जैसी स्थिति बनी हुई है। लगातार धूप नहीं निकलने के कारण दिन के तापमान में असामान्य गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे दिन में भी अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। तापमान 10 डिग्री तक पहुंचा विशेषज्ञों का मानना है कि 30 दिसंबर के बाद ही मौसम में हल्का सुधार संभव है, उससे पहले राहत की उम्मीद कम है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बिहार का औसत न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी पटना में न्यूनतम तापमान गिरकर 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि कई जिलों में दिन का तापमान भी 9 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। इसी कारण ‘शीत दिवस' की स्थिति लोगों के लिए अधिक परेशानी का कारण बन रही है।   29 दिसंबर तक शीत दिवस की स्थिति बने रहने की संभावना मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जब तक हवाओं की दिशा में बदलाव नहीं होता और पहाड़ी इलाकों से आने वाली बर्फीली हवाओं की तीव्रता कम नहीं होती, तब तक बिहार को इस कंपकंपाती ठंड से राहत मिलना मुश्किल है। विभाग ने बताया कि उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का सीधा प्रभाव बिहार पर पड़ रहा है। 29 दिसंबर तक शीत दिवस की स्थिति बने रहने और न्यूनतम व अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहने का अनुमान है। इसके अलावा अगले चार से पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता काफी कम रह सकती है।

चुनावी नियम सख्त: दो से अधिक संतान वाले उम्मीदवार होंगे अयोग्य

रांची झारखंड में आगामी नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग के अनुसार नगर निकाय चुनाव में दो से अधिक बच्चे वाले उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। प्रत्येक प्रत्याशी को नामांकन के समय शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा, जिसमें यह घोषणा करनी होगी कि निर्धारित कट-ऑफ तिथि तक उनके दो से अधिक बच्चे नहीं हैं। इस प्रावधान का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि इस संबंध में नगर विकास विभाग द्वारा पूर्व में जारी पत्र को आधार मानते हुए जिलों को कारर्वाई करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नामांकन के दौरान शपथ पत्र की जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है। चुनावी तैयारियों की जानकारी देते हुए आयोग के सचिव ने बताया कि सभी जिलों में वाडरं के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस संबंध में आयोग को लगातार रिपोर्ट प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही चुनाव की अद्यतन तैयारियों की समीक्षा के लिए सभी जिलों के उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रह जाए। इस बीच वाडर् आरक्षण को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद आयोग ने एक अहम स्पष्टीकरण भी जारी किया है। यदि किसी प्रत्याशी को आरक्षण के कारण अपने वाडर् से चुनाव लड़ने का अवसर नहीं मिल पा रहा है, तो उसे घबराने की आवश्यकता नहीं है। वह नगर निकाय के किसी अन्य वाडर् से भी चुनाव लड़ सकता है, बशर्ते उस वाडर् में लागू आरक्षण नियमों का पालन किया जाए। प्रसाद ने बताया कि महापौर, नगर परिषद अध्यक्ष और वाडर् सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ने वाले सभी अभ्यर्थियों के लिए योग्यता संबंधी दिशा-निर्देश तय कर दिए गए हैं। इसके तहत प्रत्याशी का संबंधित नगर निकाय का मतदाता होना अनिवार्य होगा। हालांकि, नगर निकाय की मतदाता सूची में शामिल कोई भी व्यक्ति उस निकाय के किसी भी वाडर् से चुनाव लड़ सकता है, लेकिन आरक्षण नियमों का अनुपालन जरूरी होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार नगर निकाय चुनाव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और लक्ष्य फरवरी महीने में शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराना है। आयोग ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा भी की जा सकती है।  

लाभार्थियों को राहत: मंईयां सम्मान योजना की नवंबर किस्त जारी, अब दिसंबर पर फोकस

रांची मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत नवंबर माह की राशि सभी महिला लाभुकों के खाते में हस्तांतरित कर दी गई है। महिला एवं बाल विकास के सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ने क्रिसमस के पूर्व राशि हस्तांतरित करने के निर्देश सभी जिलों को दिए गए थे। इसके बाद जिलों ने नवंबर माह की राशि हस्तांतरित की। दो-तीन जिलों में यह टास्क लंबित था, लेकिन अंतिम समय में सभी जिलों में भी राशि हस्तांतरित कर दी गई। राशि उन लाभुकों के बैंक खाते में ही हस्तांतरित की गई है, जिनकी आधार सीडिंग हो चुकी है। अब जिलों में दिसंबर माह की राशि हस्तांतरित करने की तैयारी चल रही है। इस योजना के तहत अगले वर्ष फरवरी माह तक की राशि जिलों में उपलब्ध है। इस योजना के लिए चालू वित्तीय वर्ष के दूसरे अनुपूरक बजट में राशि का प्रविधान किया गया था। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान पारित दूसरे अनुपूरक बजट में कुल 7,721.25 करोड़ रुपये के प्रविधान किए गए थे, जिनमें सबसे अधिक 2,082 करोड़ रुपये की राशि का प्रविधान महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए किया गया था। इस योजना का संचालन इस विभाग द्वारा ही किया जा रहा है। इससे पहले, चालू वित्तीय वर्ष के बजट में मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना के लिए 13,363.35 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया था।