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कैप्टन कूल का मैजिक जारी: मैदान से बाहर रहकर भी धोनी ने झारखंड को दिलाया खिताब

रांची  ईशान किशन की कप्तानी में झारखंड़ की टीम ने हाल ही में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का पहली बार खिताब जीता। ट्रॉफी जीतने पर युवाओं से सजी इस टीम के खिलाड़ियों और कप्तान की सबने खूब प्रशंसा की है। हालांकि झारखंड की इस ऐतिहासिक जीत में महत्वपूर्ण योगदान भारत के पूर्व कप्तान एमएस धोनी का भी रहा है। झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के जॉइंट सेक्रेटरी शाहबाज नदीम ने बताया है कि सीजन शुरू होने से पहले कोचिंग स्टाफ से लेकर खिलाड़ियों के चयन करने के निर्णय के दौरान एमएस धोनी की सलाह ली गई थी और उन्होंने भी इसमें काफी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। भारतीय टीम के दिग्गज एमएस धोनी अपने इंटरनेशनल करियर के दौरान विकेट के पीछे से मैच का रूख बदल देते थे। फील्डिंग सेट करने से लेकर गेंदबाजों को हर एक गेंद की लाइन बताने तक, धोनी हर चीज में माहिर हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर से संन्यास लेने के बाद भी धोनी का दिमाग खेल को लेकर उतना ही एक्टिव है, जितना क्रिकेट के मैदान पर रहता है। किशन की कप्तानी में झारखंड ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में हरियाणा को 69 रन से हराया। इस जीत के बाद कप्तान और कुमार कुशाग्र जैसे खिलाड़ियों की जमकर तारीफ हुई और होनी भी चाहिए। हालांकि झारखंड की टीम को इस मुकाम तक पहुंचाने में एमएस धोनी का बड़ा योगदान रहा। झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के संयुक्त सचिव शाहबाज नदीम ने हाल ही में खुलासा किया है कि धोनी झारखंड के हर घरेलू खिलाड़ी के प्रदर्शन और आंकड़ों पर पैनी नजर रखते हैं। शाहबाज नदीम के अनुसार, सीजन की शुरुआत में हेड कोच रतन कुमार और गेंदबाजी कोच सनी गुप्ता की नियुक्ति धोनी की सलाह पर ही की गई थी। ईएसपीएनक्रिकइंफो के मुताबिक नदीम ने कहा, ''जब हमने सीजन की शुरुआत की, कोचिंग स्टॉफ की नियुक्ति से लेकर खिलाड़ियों तक, हमने हमेशा उनकी (धोनी) सलाह और सुझाव लिया। धोनी भाई हर मैच को बहुत बारीकी से फॉलो करते हैं। उन्हें झारखंड के प्रत्येक घरेलू खिलाड़ी के आंकड़े और उनकी ताकत-कमजोरियों के बारे में पूरी जानकारी है। यह देखना सुखद है कि इतना बड़ा खिलाड़ी हमारे राज्य की टीम को आगे बढ़ाने में इतनी गहरी दिलचस्पी ले रहा है।" टूर्नामेंट के दौरान धोनी लगातार झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारियों और कोचों के संपर्क में थे और खिलाड़ियों के सुधार के लिए अपने इनपुट्स दे रहे थे। धोनी ने अगस्त 2020 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। हालांकि अब भी वह आईपीएल में खेलते हुए नजर आते हैं। बता दें कि सीजन शुरू होने से पहले, पूर्व खिलाड़ी शाहबाज नदीम और सौरभ तिवारी को झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) का जॉइंट सेक्रेटरी और सेक्रेटरी बनाया गया था।  

कोल्ड वेव का असर: जानें अपने शहर का मौसम और सावधानियां

रांची भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने झारखंड के 12 जिलों में अगले तीन दिन ठंड का पूर्वानुमान जताते हुए ‘येलो अलर्ट' जारी किया। आईएमडी के बुलेटिन के अनुसार, गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, रांची, खूंटी और बोकारो के लिए यह अलर्ट जारी किया गया है। इसके अनुसार, इन जिलों में बृहस्पतिवार सुबह साढ़े आठ बजे से शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक ठंड का प्रभाव रहने की संभावना है। तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचा भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, नौ जिलों में शीतलहर की स्थिति जारी है, जहां न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। बोकारो, कोडरमा, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, पाकुड़ और सिमडेगा में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। 27 दिसंबर तक कड़ाके की ठंड का अलर्ट रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने कहा, ‘‘झारखंड के निचले क्षोभमंडल में उत्तर-पश्चिम से पश्चिम की ओर हवाएं चल रही हैं। उत्तर-पश्चिमी और मध्य के कुछ जिलों में ठंड का प्रभाव जारी रहने की संभावना है और यह स्थिति 27 दिसंबर तक बनी रह सकती है।'' उन्होंने बताया कि अगले तीन दिन में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आ सकती है, इसके बाद अगले दो दिन तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। अभिषेक आनंद ने कम दृश्यता के कारण सुबह के समय यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह भी दी।   गुमला में 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिरा पारा बुलेटिन के अनुसार, गुमला में न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो राज्य में सबसे कम रहा। इसके बाद डालटनगंज में 6.1 डिग्री और हजारीबाग व लोहरदगा में 7.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसमें कहा गया है कि रांची में न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस, चाईबासा में 11.6 डिग्री और जमशेदपुर में 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

ED की रडार पर भूमाफिया रिजवान उर्फ राजा, टॉप-10 सूची में सबसे ऊपर, सरकार ने कसा शिकंजा

दरभंगा बिहार में नई सरकार के गठन के बाद भूमाफिया और बालू माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। इसी कड़ी में सरकार द्वारा जिन टॉप–10 भू माफियाओं की संपत्तियां जब्त करने की सूची प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भेजी गई है, उसमें दरभंगा के रिजवान उर्फ राजा का नाम सबसे ऊपर बताया जा रहा है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड के मोदामपुर एकमीघाट निवासी मोहम्मद रिजवान उर्फ राजा को प्रदेश का बड़ा भूमाफिया माना जा रहा है। वह फिलहाल पिछले दो वर्षों से जेल में बंद है। रिजवान पर जमीन के अवैध कारोबार और धोखाधड़ी से जुड़े करीब 32 आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। आरोप है कि रिजवान ने अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों से आलीशान मकान बनवाया है, जहां उसने अपने नाम के साथ जदयू के तीर निशान वाली बड़ी तस्वीर भी लगवा रखी है। इस मामले को लेकर इलाके में काफी चर्चा है। पीड़ित व्यवसायी ने लगाए गंभीर आरोप दरभंगा के बड़े व्यवसायी दिनेश दारुका ने सामने आकर रिजवान उर्फ राजा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित के अनुसार, एक जमीन के सौदे में उन्होंने 60 लाख रुपये दिए थे, जबकि उस जमीन का कुल सौदा 5 करोड़ 60 लाख रुपये में तय हुआ था। आरोप है कि इसके बावजूद उसी जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति से भी 1 करोड़ 40 लाख रुपये लिए गए। यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। सरकार द्वारा संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद पीड़ितों में यह उम्मीद जगी है कि अदालत के फैसले के बाद उन्हें उनका पैसा वापस मिल सकता है। आरोपी के भाई ने आरोपों को बताया साजिश आरोपी के भाई शम्स तबरेज ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रिजवान के नाम पर कोई संपत्ति नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जो संपत्तियां दिखाई जा रही हैं, वे पूर्वजों की हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रिजवान उर्फ राजा जमीन के कारोबार में सक्रिय था, लेकिन उनका कहना है कि साफ-सुथरे कारोबार में भी कई बार झूठे आरोप लग जाते हैं। शम्स तबरेज ने कई मामलों को साजिश करार दिया। फिलहाल, राज्य सरकार की सख्ती और ED को भेजी गई सूची के बाद दरभंगा समेत पूरे बिहार में भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर माहौल गरमाया हुआ है।  

नशे के कारोबार पर करारा प्रहार, पुलिस ने बरामद की चरस, लाखों की नकदी और हथियार

मनेर पटना जिले के मनेर थाना क्षेत्र में ड्रग्स कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग्स माफियाओं के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। गुप्त सूचना के आधार पर दानापुर डीएसपी-2 अमरेंद्र कुमार झा के नेतृत्व में मनेर पुलिस ने मनेर सरकारी अस्पताल मोड़ के पास ड्रग्स माफियाओं के तीन से चार घरों में छापा मारकर भारी मात्रा में मादक पदार्थ, नकदी और हथियार बरामद किए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई में करीब 500 ग्राम ड्रग्स, 500 ग्राम चरस, एक देसी कट्टा, कुछ मैगजीन, लगभग 12 लाख रुपये नकद, इसके अलावा सोने-चांदी के गहने बरामद किए गए हैं। छापेमारी के दौरान एक महिला समेत कुल पांच लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार, मनेर नगर परिषद क्षेत्र के मनेर सरकारी अस्पताल मोड़ के पास स्थित एक चाय दुकान में ड्रग्स कारोबार की सूचना मिलने पर पुलिस ने विशेष रूप से कार्रवाई की। चाय दुकानदार से जुड़े कई घरों में पुलिस टीम ने घंटों तक तलाशी अभियान चलाया और घर के सामानों को बारीकी से खंगाला। इस दौरान अलग-अलग घरों से मादक पदार्थों के साथ कुछ शराब, हथियार और कीमती सामान भी बरामद किए गए। पुलिस ने जिन लोगों को हिरासत में लिया है, उनमें बस्ती रोड निवासी पवन कुमार का पुत्र वीरू कुमार, अस्पताल मोड़ निवासी शुभभ गुप्ता, एक महिला ड्रग्स कारोबारी समेत कुल पांच लोग शामिल हैं। सभी से पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे पश्चिमी सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने ड्रग्स माफियाओं से खुद भी मामले को लेकर विस्तृत पूछताछ की। सिटी एसपी पश्चिम भानु प्रताप सिंह ने बताया कि छापेमारी में मादक पदार्थों के साथ बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई है। पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए एक विशेष टीम गठित कर आगे भी छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल महिला समेत करीब पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है और मामले की गहन जांच जारी है।  

पेसा एक्ट को दी हरी झंडी, रांची में आदिवासी समुदाय में उल्लास का माहौल

रांची झारखंड में पेसा नियमावली लागू होने की खुशी में रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर आदिवासी-मूलवासी समाज की ओर से भव्य जश्न मनाया गया। सैकड़ों की संख्या में जुटे लोगों ने राज्य सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए उत्साहपूर्वक खुशी जाहिर की। केंद्रीय सरना समिति के नेतृत्व में कार्यक्रम के दौरान पटाखे फोड़े गए, एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाइयां दी गईं और नारेबाजी के साथ उत्सव मनाया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने इस फैसले को आदिवासी समाज के अधिकारों की दिशा में मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अजय तिर्की ने कहा कि पेसा नियमावली आदिवासी स्वशासन, आत्मनिर्भरता और अधिकारों की मजबूत रीढ़ है। उन्होंने कहा कि इस नियमावली के तहत ग्रामसभा को सर्वोच्च निर्णयकारी संस्था का दर्जा दिया गया है, जिससे अब गांव से जुड़े विकास कार्य, योजनाएं और नियम ग्रामसभा की सहमति से ही लागू होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जल, जंगल, जमीन, खनिज एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और उपयोग का अधिकार ग्रामसभा को मिलना आदिवासी समाज के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे आदिवासी समुदाय को अपने संसाधनों और भविष्य पर अधिकार मिलेगा लक्ष्मी नारायण मुंडा ने राज्य सरकार के इस फैसले को सराहनीय बताते हुए कहा कि इससे आदिवासी समुदाय को अपने संसाधनों और भविष्य पर अधिकार मिलेगा। इस अवसर पर विजय कच्छप, प्रकाश हंस, अनिल पुरती, कृष्णा लोहरा, संजय लोहरा, श्यामलाल, गौतम उरांव, अजय कच्छप, बाहा उरांव, कृष्णा मुंडा, डब्लू कच्छप, माना, अशोक कच्छप, पुष्पा कुमारी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।  

300 रुपये के लिए चली गोली! बिहार में बदमाशों का कहर, दुकानदार से 10 हजार लूटे

बाढ़ बाढ़ अनुमंडल के पंडारक थाना क्षेत्र में अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि मात्र 300 रुपये मांगने पर किराना दुकानदार को गंभीर चोटें आई हैं। ताजा मामला लेमुआबाद गांव का है, जहां तीन बदमाशों ने एक जनरल स्टोर संचालक पर गोली चला दी। जानकारी के अनुसार, लेमुआबाद गांव निवासी जवाहर साह अपनी जनरल स्टोर की दुकान पर बैठे थे। तभी तीन युवक दुकान में आए और कुछ सामान खरीदा। सामान की कुल कीमत 300 रुपये थी। जब दुकानदार ने पैसे माँगे, तो बदमाशों ने गाली-गलौज करते हुए भुगतान से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने हथियार निकालकर दुकानदार पर फायरिंग कर दी। गोली जवाहर साह के हाथ में लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़े। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक अपराधी फरार हो चुके थे। परिजनों और ग्रामीणों ने घायल दुकानदार को तुरंत बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायल दुकानदार ने बताया कि उसके काउंटर में रखे दस हजार रुपये भी अपराधियों ने लूट लिए। घटना के बारे में मुखिया प्रतिनिधि सुमित कुमार ने बताया कि वह दुकान के पास खड़े थे। उन्होंने कहा कि तीन युवक दुकान से सामान खरीदने आए और तीन सौ रुपये के सामान का भुगतान मांगने पर दुकानदार को गोली मार दी। साथ ही काउंटर में रखे रुपए लूट लिए। उन्होंने कहा कि एक आरोपी की पहचान हो चुकी है। थाना अध्यक्ष नवनीत राय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तीन युवक दुकान में आए और तीन सौ रुपये के उधार सामान लेने के बाद दुकानदार पर गोली चलाई गई। सभी आरोपी गांव के ही निवासी हैं और उनकी पहचान की जा रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। हमलावरों की तलाश जारी है।  

रूपक सहनी की हत्या पर प्रशासन सख्त, थानाध्यक्ष निलंबित, जांच में जुटी एसआईटी

समस्तीपुर समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के शादीपुर गांव में बुधवार की देर शाम भाजपा के बूथ अध्यक्ष रूपक सहनी की अंधाधुंध गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और एसपी अरविंद प्रताप सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और खुद मामले की जांच में जुट गए। घटना के समय रूपक सहनी मंदिर के पास स्थित एक दुकान में बैठे थे, तभी 3-4 की संख्या में बदमाश वहां पहुंचे और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियां बरसाने के बाद अपराधी वहां से पैदल ही भाग निकले। इस हमले के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों की भीड़ घटनास्थल पर उमड़ पड़ी। गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना के पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है। घायल रूपक सहनी को स्थानीय लोगों ने तुरंत खानपुर सीएचसी पहुँचाया, जहाँ अस्पताल प्रभारी डॉक्टर राणा नितीश कुमार सिंह ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल पर काफी मात्रा में खून बरामद हुआ और खून में सने आधा दर्जन से अधिक खोखा भी पुलिस ने जमा किया। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष रंजीत कुमार चौधरी को निलंबित कर दिया। पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटनास्थल से एफएसएल टीम ने भी नमूने एकत्रित किए हैं। एसपी ने कहा कि अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। अपराधियों की धरपकड़ के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया है और पूरी कार्रवाई तेज़ी से जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।  

कांग्रेस की ताकत हैं राहुल और प्रियंका, रिश्ता दूध-चीनी जैसा— पप्पू यादव का बयान

पटना  पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का रिश्ता 'दूध और चीनी' जैसा है और लोगों को उनसे भरोसे और रिश्तों से सीखना चाहिए। पप्पू यादव का यह बयान उस वक्त आया है, जब कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के प्रियंका गांधी को पीएम बनाने की वकालत पर बिजनेसमैन रॉबर्ट वाड्रा ने भी सहमति जताई। मीडिया से बातचीत में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने कहा कि रॉबर्ट वाड्रा परिवार का हिस्सा हैं और कांग्रेस में फैसले सीडब्ल्यूसी और सीईसी जैसी कांग्रेस की लीडरशिप बॉडी लेती हैं। राहुल गांधी कांग्रेस में सर्वसम्मति से माने जाने वाले नेता और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। प्रियंका गांधी और यहां तक कि मल्लिकार्जुन खड़गे भी प्रधानमंत्री बनने के काबिल हैं। बिहार में आपराधिक घटनाओं पर पप्पू यादव ने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि हर दिन इतनी हत्याएं क्यों हो रही हैं। अगर कोई आंखें होते हुए भी अंधा और कान होते हुए भी बहरा बनना चाहता है, तो इसमें मेरी क्या गलती है। पूरी दुनिया देख सकती है कि हालात कैसे हैं। आम लोग और महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। जिस समुदाय ने उन्हें वोट दिया, उसे माफिया नहीं माना जाता, जबकि जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया, उन सभी को माफिया करार दिया जाता है। भाजपा नेता नवनीत राणा के बयान, जिसमें उन्होंने हिंदुओं से अपील की है कि कम से कम चार बच्चे जरूर करें, इस पर सांसद पप्पू यादव ने कहा कि भाजपा नेताओं के परिवारों में भी कई बच्चे हैं। आज भाजपा नेताओं की शादियां सभी समुदायों में हो रही हैं, हिंदू और मुस्लिम दोनों में। हम चाहते हैं कि भाजपा नेता पासवान और ऋषिदेव जैसे दलित समुदायों में भी शादी करें और सच में जाति की दीवारों को तोड़ें। उन्होंने कहा, भाजपा नेताओं को 19 बच्चे या 21 बच्चे पैदा करने से कौन रोक रहा है? वे 21 बच्चे भी पैदा कर सकते हैं। यह उनकी मर्जी है।

निर्माणाधीन विश्वविद्यालय भवनों का CM नीतीश ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता व समयसीमा पर दिया जोर

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मीठापुर में बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय एवं बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री को विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की सचिव डॉ० प्रतिमा एस० वर्मा ने बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय तथा स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के भवन के निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी दी। CM नीतीश ने तेजी से निर्माण पूर्ण करने का दिया निर्देश निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के छात्र एवं छात्राओं को उच्च स्तर की तकनीकी शिक्षा प्रदान करने हेतु बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय एवं बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। उन्होंने कहा कि बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय एवं बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन सभी संरचनाओं का निर्माण कार्य बेहतर ढंग से और तेजी से पूर्ण करें। मीठापुर के इस क्षेत्र में चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वाविद्यालय, निफ्ट, चाणक्या लॉ यूनिवर्सिटी एवं मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान बनाये गए हैं। यह पूरा क्षेत्र काफी अच्छा हो गया है। इन दोनों विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य पूर्ण होने से यह क्षेत्र और भी अच्छा दिखेगा। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 27 जुलाई 2022 को बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय की स्थापना की गई तथा इसके भवन के निर्माण हेतु मीठापुर, पटना में 05 एकड़ भूमि आवंटित की गई। मुख्य भवन 04 मंजिल का होगा। इसका कुल निर्मित क्षेत्रफल 1,11,732 वर्गफीट है। इसके भूतल पर डीन कार्यालय, रजिस्ट्रार का कार्यालय, कैफेटेरिया एवं अन्य कार्यालय, प्रथम तल पर कुलपति कार्यालय, मीटिंग हॉल तथा मूल्यांकन केन्द्र बनाया जा रहा है। द्वितीय तल पर कार्यालय कक्ष, मूल्यांकन केन्द्र, भंडारगृह आदि तृतीय तल पर 05 अभिलेखागार, भंडारगृह आदि तथा चतुर्थ तल पर मूल्यांकन केन्द्र एवं 02 बड़े बहुउद्देशीय हॉल बनाया जा रहा है। साथ ही इस परिसर में 01 अतिथि गृह का भी निर्माण किया जा रहा है, जिसमें 08 कमरे तथा 04 सुइट रूम का निर्माण किया जाना है। यहां 01 केयर टेकर आवास का भी निर्माण किया जा रहा है। राज्य में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा (मेडिकल एजुकेशन) उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महत्वाकांक्षी योजना के रूप में सात निश्चय-2 योजना के अंतर्गत स्थापित बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के नये भवन निर्माण कार्य किया जा रहा है। भवन का कुल क्षेत्रफल 27567 वर्गमीटर है। परियोजना के दो भाग हैं प्रथम भाग मुख्य विश्वविद्यालय भवन, जिसका कुल क्षेत्रफल 12,845 वर्ग मीटर है, जिसके अंतर्गत प्रशासनिक सह शैक्षणिक भवन, परीक्षा कक्ष, औषधालय, बहुउद्देशीय मंच, प्रतीक्षालय कक्ष, सूचना केन्द्र, नामांकन शाखा, कुलाधिपति कक्ष, प्रशिक्षण सह स्थानन शाखा इत्यादि हैं तथा दूसरे भाग उपभवन, जिसका कुल क्षेत्रफल 14822 वर्ग मीटर है, जिसके अंतर्गत कुलपति आवास, विश्वविद्यालय अतिथि गृष्ठ तथा बहुउद्देशीय सभागार की व्यवस्था की गई है।

पैसों की भूख में क्रूरता: कुत्ते का मांस खरगोश बताकर बेचने का आरोप, बिहार में हड़कंप

पटना  बिहार में शराब के पैसों के लिए एक शख्स ने बड़ा कांड कर दिया है। इस शख्स की करतूत को जानकर आप चौंक जाएंगे। घटना मोतिहारी जिले की है। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यहां एक शख्स के पास शराब पीने के लिए पैसे नहीं थे तो उसने एक कुत्ते को मार डाला। उसने कुत्ते के मांस को खरगोश का मांस बताकर पूरे गांव में बेचा और लोगों से पैसे भी लिए। इधर कुत्ते का मांस खरगोश का मांस समझ कर खाने से यहां कई लोगों की तबीयत भी खराब हो गई है।   मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मोतिहारी के मधुबन प्रखंड के गरहिया बाजार थाना इलाके के गरहिया गांव में रहने वाले मंगरु सहनी नाम के एक युवक ने इस भयानक कांड को अंजाम दिया है। इलाके के कुछ लोगों ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि मंगरु शराब पीने का आदी था। घटना के दिन मंगरु के पास शराब पीने के लिए पैस नहीं थे। आरोप है कि मंगरु सहनी ने इलाके में रहने वाले एक कुत्ते को मार डाला। मंगरु ने इस कुत्ते के कई टुकड़े कर दिए। इसके बाद मंगरु गांव में इन टुकड़ों को यह कहकर बेचने लगा कि यह खरगोश का मांस है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उसने कुत्ते के मांस को 1000 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बेच दिया। यह भी कहा जा रहा है कि शराब बेचकर आए पैसों से उसने शराब भी पी थी। इधर मंगरु से मांस खरीदकर खाने वाले कई लोगों की तबीयत भी खराब होने लगी। यह भी कहा जा रहा है कि मंगरु ने खुद गांव में घूम-घूम कर कई लोगों से कहा कि उसने सबको कुत्ते का मांस खिलाया है। इस घटना से गांव में लोग आक्रोशित हैं। आरोपी मंगरु फरार है। हांव के पास ही एक बागवानी में कुत्ते का कटा हुआ सिर भी मिला है। यह सारा मामला अब स्थानीय थाने में भी पहुच चुका है। गांव वालों ने लिखित शिकायत पुलिस को सौंपा है और कार्रवाई की मांग की है।