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लालू का नया ठिकाना—क्या बदलने वाली है RJD की राजनीति की दिशा?

पटना  राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव पटना में एक नए घर में शिफ्ट हो गए हैं, जहां आने-जाने वालों के लिए सख्त प्रोटोकॉल लागू किया गया है। यह उनके पिछले आवासों से बिल्कुल अलग है, जहां खुले राजनीतिक केंद्र की तरह काम होता था। बताया गया कि सेहत और रिकवरी की जरूरतों को देखते हुए बदलाव किया गया। यह फैसला आरजेडी की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत देता है। अब विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ही ज्यादातर काम संभाल रहे हैं।   लालू यादव का आवास उनके पहले मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान 1, अणे मार्ग पर था। बाद में राबड़ी देवी के नेतृत्व में यह 10, सर्कुलर रोड पर शिफ्ट हुआ। दोनों ही ठिकाने सुलभ राजनीतिक केंद्रों के रूप में कार्य करते थे। यहां पर समर्थकों, ग्रामीणों, पत्रकारों, पार्टी कार्यकर्ताओं और मंत्रियों को बिना किसी पाबंदी के आने-जाने की इजाजत थी। आवास में अक्सर भीड़ देखी जाती थी। 1, अणे मार्ग सार्वजनिक शिकायत केंद्र की तरह था, जहां बिहार भर से लोग रोजाना याचिकाएं लेकर आते थे। पत्रकार सुबह से ही इकट्ठा हो जाते थे और मंत्रियों को बिना अपॉइंटमेंट के पहुंच मिलती थी। इसके बाद 10, सर्कुलर रोड पर भी गेट 24 घंटे खुले रहते थे। RJD के भीतर कितना कुछ बदल रहा इसके विपरीत, नए घर में आने वालों की सख्त जांच की जाती है। पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए पहले से इजाजत लेना जरूरी है। साथ ही, अनियोजित बैठकों से बचा जाता है। फिलहाल लालू यादव के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां मेडिकल टीम के दौरे होते हैं और शांति व विश्राम पर फोकस रहता है। राजनीतिक चर्चाएं कम होती जा रही हैं। यह सब आरजेडी के भीतर पीढ़ीगत बदलाव को दर्शाता है। पार्टी के सीनियर कार्यकर्ताओं के लिए यह बदलाव भावुकता भी पैदा करता है, जो लालू यादव के खुले दरवाजे वाली राजनीति से जुड़े रहे हैं। साफ है कि बिहार की राजनीति का एक प्रमुख केंद्र परिवर्तन की राह पर है।

चलती ट्रेन दो फाड़! समय रहते रुकी गाड़ी, पटना–आरा रूट पर टला बड़ा हादसा

आरा बिहार के आरा जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया जब तेज रफ्तार से दौड़ रही बेंगलुरु स्पेशल ट्रेन (03241) पटना-आरा-डीडीयू रेलखंड पर दो हिस्सों में टूट गई। घटना कारीसाथ रेलवे स्टेशन के ठीक पास हुई। इंजन सहित आगे के कई डिब्बे काफी दूर तक चले गए, जबकि बाकी कोच ट्रैक पर ही रुक गए। चलती ट्रेन का कपलिंग टूटा, मच गई चीख-पुकार दानापुर से बेंगलुरु जा रही 03241 एसएमवीबी स्पेशल ट्रेन जैसे ही आरा स्टेशन से खुलकर पूरी स्पीड पकड़ चुकी थी, तभी कारीसाथ के पास अचानक दो कोचों के बीच का कपलिंग ब्रेक हो गया। आगे का हिस्सा इंजन के साथ तेजी से आगे बढ़ता चला गया, जबकि पीछे का पूरा हिस्सा अचानक रुक गया। डिब्बों में बैठे सै यात्रियों में भगदड़ मच गई। कई लोग चीखने-चिल्लाने लगे। अप लाइन ठप, कई ट्रेनें घंटों खड़ी रहीं इस हादसे से पटना-पंडित दीनदयाल उपाध्याय (मुगलसराय) अप लाइन पूरी तरह बंद हो गई। दर्जनों ट्रेनें जहां-तहां खड़ी हो गईं। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीम तुरंत मौके पर पहुँची। इंजन को पीछे लाकर बचे हुए डिब्बों से दोबारा जोड़ा गया। करीब ढाई-तीन घंटे की मशक्कत के बाद लाइन को क्लियर किया जा सका। अच्छी बात ये रही कि कोई हताहत नहीं हुआ सबसे बड़ी राहत की बात ये रही कि कपलिंग टूटने के बावजूद ट्रेन पटरी से नहीं उतरी और कोई यात्री घायल नहीं हुआ। रेलवे ने इसे “तकनीकी खराबी” बताया है और पूरी घटना की उच्चस्तरीय जाँच के आदेश दे दिए गए हैं।

कोहली ने लिखी नई क्रिकेट गाथा—52वां शतक लगाकर सचिन का महारिकॉर्ड ध्वस्त

रांची  भारत के स्टार क्रिकेटर विराट कोहली अपने करियर के उस फेज हैं, जब भी वह मैदान पर उतरते हैं तो रिकॉर्ड्स बनते और टूटते हैं। कुछ ऐसा ही रविवार को साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में भी देखने को मिला। कोहली ने रांची के मैदान पर 102 गेंदों में 100 रन कंप्लीट किए और कीर्तिमानों की झड़ी लगा दी। यह उनके वनडे करियर का 52वां शतक था। कोहली ने हैरतअंगेज इतिहास रच डाला है। वह एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक सेंचुरी जमाने वाले वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का महारिकॉर्ड तोड़ डाला है। सचिन ने अपने करियर में टेस्ट फॉर्मेट में 51 शतक जड़े।   बता दें कि कोहली 2023 में सचिन को पछाड़कर वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक मारने वाले क्रिकेटर बन थे। सचिन ने वनडे में 49 सेंचुरी लगाईं। 37 वर्षीय कोहली ने सचिन का एक और ध्वस्त किया है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे मैचों में सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने वाले भारतीय प्लेयर बन गए हैं। वह अभी तक 32 मैचों में 6 शतक लगा चुके हैं। वहीं, महान बल्लेबाज सचिन ने साउथ अफ्रीका के विरुद्ध 57 वनडे मैचों में पांच शतक ठोके थे। इसके अलावा, कोहली घरेलू मैदान पर वनडे में सबसे ज्यादा पचास प्लस स्कोर बनाने वाले खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्होंने साथ ही घर पर 100 बार पचास प्लस स्कोर बनाने का कारनामा अंजाम दिया है।

झारखंड: पारा शिक्षक की बेरहमी से हत्या, CM हेमंत देने वाले थे नियुक्ति पत्र

चाईबासा झारखंड के चाईबासा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां पारा शिक्षक की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पारा शिक्षक की हत्या मामला जिले के टोटो थाना क्षेत्र के पुरनापानी हाट का है। बताया जा रहा है कि पोखरिया गांव के रहने वाले मुकरू देवगम नामक व्यक्ति सुंडी सुरनिया गांव के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में 20 वर्षों से पारा शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। मुकरू देवगम को शुक्रवार को सीएम हेमंत सोरेन से नियुक्ति पत्र मिलने वाला था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। शुक्रवार को मुकरू देवगम स्कूल गए और छुट्टी के बाद हाट पहुंचे। रात तक वह घर नहीं लौटे। परिजनों ने उन्हें काफी ढूंढा, लेकिन वह नहीं मिले। शनिवार सुबह एक जगह पर मुकरू देवगम की लाश मिली। पुलिस मामले की जांच में जुट गई सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक मुकरू देवगम की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या की गई है। हालांकि परिजनों ने बताया कि मृतक का किसी के साथ कोई विवाद या दुश्मनी नहीं थी। वह हमेशा समय पर स्कूल जाता और लौटता था। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।  

नीतीश कुमार का सोनपुर मेला दौरा: अधिकारियों को निर्देश— पर्यटकों की देखभाल में लापरवाही न हो

 वैशाली विश्वप्रसिद्ध सोनपुर मेला में रविवार की सुबह अचानक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुंच गए। मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हलचल मच गई। सीएम नीतीश कुमार ने सोनपुर मेला परिसर में लगाए गए विभिन्न सरकारी स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने आर्ट एंड क्राफ्ट सेक्शन में भी अलग-अलग स्टॉलों का जायजा लिया और वहां मौजूद कलाकारों से मुलाकात की। कलाकारों ने अपने कार्य और समस्याओं के बारे में मुख्यमंत्री के समक्ष बातें रखीं। मेला परिसर में घूमने के दौरान सीएम नीतीश कुमार अधिकारियों तथा स्थानीय लोगों से भी बातचीत की और मेले की व्यवस्थाओं के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। इसके बाद उन्हें कहा कि मेला में आने वाले लोगों को किसी तरक की दिक्कत न हो, इसका ख्याल रखें। मुख्यमंत्री के साथ भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, कई वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के पदाधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने राज्य स्वास्थ्य समिति, महिला विकास निगम, श्रम संसाधन विभाग और एनडीआरएफ द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने आम लोगों से भी मुलाकात की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के दसवीं बार पदभार संभालने के बाद वह लगातार औचक निरीक्षण कर रहे हैं। सोनपुर मेला पहुंचकर भी उन्होंने सभी व्यवस्थाओं का विस्तार से आकलन किया। वहीं सारण के डीएम और कमिश्नर से भी उन्होंने मेले की स्थिति के बारे में जानकारी ली। विश्वप्रसिद्ध सोनपुर मेला को एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला माना जाता है। हर साल की तरह इस बार भी यह मेला उत्साह और रौनक के साथ शुरू हो गया है। गंगा और गंडक के संगम पर लगने वाला यह ऐतिहासिक मेला कला, संस्कृति और व्यापार का अनोखा संगम प्रस्तुत करता है। मेले में विभिन्न सरकारी विभागों, हथकरघा, हस्तशिल्प, ग्रामीण उत्पादों और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े स्टॉलों की व्यापक प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। दूर-दूर से आए कलाकार अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग खरीदारी व मनोरंजन के लिए मेले में उमड़ रहे हैं। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं।  

NIA की कार्रवाई: दिल्ली ब्लास्ट केस में बिहार लिंक की जांच, दीवार पर लगा मेटल डिटेक्टर बना जांच का केंद्र

पटना तो क्या अभी हाल ही में दिल्ली में हुए बम धमाके का कनेक्शन बिहार से जुड़ा है? दरअसल बिहार के खगड़िया जिले में अहले सुबह एनआईए की रेड के बाद यह सवाल उठने लगे हैं। पटना की एनआई की टीम ने रविवार की तड़के ज़िले के मानसी थानान्तर्गत सैदपुर गांव में सोमवार की तड़के सेवानिवृत्त पोस्टमास्टर मो. हादी के घर छापेमारी की। छापेमारी के लिए आधा दर्जन अधिकारियों की टीम तड़के तीन बजे ही पहुंच गई थी। जो लगभग पांच घंटे घर मे लैपटॉप, मोबाइल आदि की जांच की। वही घर की तलाशी ली। जांच से परिजनों में हड़कंप दिखा। टीम ने दीवार में मेटल डिटेक्टर लगाकर या लगाने की भी कोशिश की है कि कोई विस्फोटक पदार्थ घर में छिपा कर रखा गया है या नहीं? जिस समय एनआईए की टीम पहुंची घर के सभी सदस्य सो रहे थे। मुख्य गेट बंद था। एनआईए की टीम में शामिल सुरक्षा बल घर के दरवाजे की दीवार फांदकर पहले अंदर गए। इसके बाद मुख्य गेट खोलकर अधिकारियों की टीम अंदर दाखिल हो गई। घर का दरवाजा खुलवाकर गृह स्वामी को एनआईए की टीम ने अपना परिचय दिया। साथ ही उन्हें यह भी कहा कि चेक कर लें कि मेरे पास कोई आपत्तिजनक सामान तो नहीं है। इसके बाद घर की तलाशी व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगालना शुरू किया गया। जांच के दौरान सेवानिवृत्त पोस्टमास्टर के पुत्र का एक मोबाइल जब्त कर टीम अपने साथ ले गई। वही मोबाइलधारक उसके पुत्र को 1 दिसंबर को पटना आकर जांच में सहयोग की बात कही। जांच के दौरान सुरक्षा बलों ने घर को चारों तरफ से घेरे रखा। अगल-बगल के लोगों को घर के पास स्थित गली से निकलने पर रोक लगा दिया था। इस जांच को दिल्ली बम ब्लास्ट की घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। इधर मानसी थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि एनआईए की टीम द्वारा छापेमारी की गई है। आपको बता दें कि लाल किले के पास एक कार में 10 नवंबर को हुए धमाके में 15 लोगों की मौत हुई थी जबकि कई अन्य घायल हुए थे।  

बिहार विधानसभा क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा, 5 दिनों तक धारा 163 प्रभावी

पटना पटना सदर सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) ने गुरुवार को शीतकालीन से पहले बिहार विधानसभा के आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत रोक लगा दी। 18वीं बिहार विधानसभा का पहला सेशन 1 से 5 दिसंबर तक चलेगा। ऑर्डर में, SDM गौरव कुमार ने कहा, "मुझे भरोसा है कि पांच दिन के सेशन के दौरान सेक्रेटेरिएट पुलिस स्टेशन की सीमा में आने वाले विधानसभा परिसर और उसके आसपास कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए BNSS की धारा 163 को लागू करना जरूरी है।" एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि यह ऑर्डर "अलग-अलग ऑर्गनाइज़ेशन, ग्रुप और पॉलिटिकल पार्टियों के प्रदर्शनों, रैलियों और प्रोटेस्ट की संभावना" को देखते हुए जारी किया गया था, जो "ऑफिशियल कार्रवाई में रुकावट डाल सकते हैं" या सेशन के दौरान शामिल होने या काम करने वाले ऑथराइज़्ड लोगों को "बाधा डाल सकते हैं और नुकसान पहुंचा सकते हैं"। लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी रोक लगा ऑर्डर के मुताबिक, रिस्ट्रिक्टेड ज़ोन की उत्तरी सीमा पटना ज़ू के गेट नंबर 1 से नेहरू पथ और कोटवाली टी-पॉइंट होते हुए विश्वेश्वरैया भवन तक के हिस्से को कवर करती है। दक्षिण में, आर-ब्लॉक गोलंबर से रेलवे लाइन तक पाबंदियां लागू रहेंगी। पूर्वी तरफ, कोटवाली टी-पॉइंट से बुद्ध मार्ग तक का इलाका जो पटना GPO गोलंबर की ओर जाता है, रिस्ट्रिक्टेड किया गया है, जबकि पश्चिमी तरफ-चितकोहरा गोलंबर से वेटनरी कॉलेज तक-रोकथाम के ऑर्डर के तहत रहेगा। ऑर्डर में पांच या उससे ज़्यादा लोगों के गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने, रैलियों, प्रोटेस्ट, धरने, घेराव, और हथियार, गोला-बारूद, एक्सप्लोसिव या धारदार हथियार, जिसमें कुल्हाड़ी, खंजर, भाले और चाकू शामिल हैं, ले जाने पर रोक है। बिना पहले से इजाजत के लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है।  

सदन में राष्ट्रभक्ति के नारों पर रोक? पप्पू यादव का केंद्र पर बड़ा आरोप

पटना  राज्यसभा बुलेटिन में सांसदों को शिष्टाचार और परंपरा का हवाला देते हुए जय हिंद और वंदे मातरम् जैसे नारे नहीं लगाने की सलाह दी है। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने खुलकर इसकी आलोचना की है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद एवं कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने शनिवार को इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन करार दिया। राज्यसभा में भाषणों में 'जय हिंद' और 'वंदे मातरम' के नारों पर बैन लगाने पर पप्पू यादव ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "यह हर किसी का बोलने का अधिकार है, चाहे कोई 'वंदे मातरम', 'जय हिंद', 'वाहेगुरु', 'सत श्री अकाल', या 'हर हर महादेव' कहे। हर किसी की अपनी आजादी है। लेकिन अगर सरकार किसी चीज को थोपे, तो वह गलत है। संविधान के तहत कार्य करने में किसी को कोई दिक्कत नहीं है।" उन्होंने एसआईआर को लेकर हो रहे विवाद पर कहा, "उत्तर प्रदेश में कई बीएलओ की मौत हो गई। इससे ही पता चलता है कि चुनाव आयोग का तरीका गलत है। सही समय दिया जाना चाहिए। एसआईआर की जांच होनी चाहिए और इसे साइंटिफिक और ट्रांसपेरेंट तरीके से लागू किया जाना चाहिए। बिहार में जिस तरह से गरीब और आम लोगों के वोट करने के अधिकार को छीन कर लोकतंत्र को खत्म किया गया, वैसा नहीं होना चाहिए।" राज्यसभा में जय हिंद और वंदे मातरम् जैसे नारे नहीं लगाने वाले विवाद पर जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, "राष्ट्रीय प्रतीक का नारा लगाना और उसका इस्तेमाल करना राजनीतिक विमर्श का विषय क्यों बन जाता है? निश्चित रूप से इससे बचना चाहिए। तमाम राजनीतिक दलों ने इस देश के संविधान के प्रति अपनी समर्पण व्यक्त की है। संविधान जिन प्रतीकों के इस्तेमाल की इजाजत देता है, उन पर विमर्श किया जाना और आलोचना किया जाना कहीं से उचित नहीं है।" शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे के सदन में नारे लगाने और भाजपा को चुनौती देने के मामले पर नीरज कुमार ने कहा, "ऐसी कोई चुनौती नहीं है। जनता ने उन लोगों को पहले ही नकार दिया है।"

दो फरवरी से शुरू हो रही BSEB इंटर और मैट्रिक परीक्षा, एआई तकनीक से होगी निगरानी

पटना बिहार विद्यालय परीक्षा समिति आज मैट्रिक, इंटर एवं विविध परीक्षाओं से संबंधित वर्ष 2026 का वार्षिक कैलेण्डर जारी कर दिया गया है। इस बात की जानकारी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनन्द किशोर ने दी। उन्होंने बताया कि बिहार बोर्ड अब तक एक निश्चित समय पर मैट्रिक, इंटर एवं अन्य परीक्षाओं को कदाचारमुक्त और स्वच्छ माहौल में करा रही है। इस बार दो से 13 फरवरी तक इंटरमीडिएट की परीक्षा ली जाएगी। वहीं 17 से 25 फरवरी से 10वीं बोर्ड यानी मैट्रिक की परीक्षा ली जाएगी। बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर वैसे भी अब नई सरकार की सोच है कि बिहार में आयोजित होने वाली सभी परीक्षाएं समय पर हों और उसका रिजल्ट भी  समय पर आए ताकि बिहार के बच्चों में पढ़ाई और अपने भविष्य को आत्मविश्वास के साथ उसे विकसित कर सकें। खास बात यह है कि इस बार बिहार बोर्ड कृत्रिम मेधा (AI) का इस्तेमाल करने जा रहा है। जानिए इंटर परीक्षा का पूरा डिटेल्स बिहार इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक आयोजित होगी। 2 फरवरी को पहली पाली में बायोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप, इकोनॉमिक्स और म्यूजिक, जबकि दूसरी पाली में फिजिक्स, फिलॉसफी, बिजनेस स्टडीज और फाउंडेशन कोर्स की परीक्षा होगी। 5 फरवरी को पहली पाली में फिजिक्स और दूसरी में ज्योग्राफी, बिजनेस स्टडीज और म्यूजिक की परीक्षा ली जाएगी। 6 फरवरी की पहली पाली में अंग्रेजी तथा दूसरी में आई.ए की हिंदी और वोकेशनल की अरबी परीक्षा होगी। 7 फरवरी को पहली पाली में केमिस्ट्री और दूसरी में इंग्लिश तथा एग्रीकल्चर की परीक्षा होगी। 9 फरवरी की पहली पाली में हिंदी और दूसरी पाली में वोकेशनल इलेक्टिव पेपर-1 की परीक्षा होगी। 10 फरवरी की पहली पाली में सभी भाषाओं-उर्दू, मैथिली, संस्कृत, प्राकृत, मगही, भोजपुरी, अरबी, फारसी, पाली, बांग्ला की परीक्षा ली जाएगी, जबकि दूसरी पाली में साइकोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप की परीक्षा होगी। 11 फरवरी की पहली पाली में म्यूजिक और वोकेशनल इलेक्टिव पेपर-2, तथा दूसरी पाली में आई.एससी के सुरक्षा, शिक्षा, पर्यटन, रिटेल, होम साइंस सहित आई.ए के गणित, इतिहास, राजनीतिक विज्ञान, अर्थशास्त्र एवं समाजशास्त्र की परीक्षाएँ होंगी। 12 फरवरी की पहली पाली में समाजशास्त्र और दूसरी पाली में अकाउंटेंसी, रिटेल मैनेजमेंट, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी की परीक्षा ली जाएगी। 13 फरवरी की पहली पाली में तीनों संकायों की भाषाओं की परीक्षा आयोजित होगी, जबकि दूसरी पाली में कंप्यूटर साइंस, मल्टीमीडिया एंड वेब टेक, योगा तथा वोकेशनल के विभिन्न ट्रेडों की परीक्षाएं होंगी। जानिए मैट्रिक परीक्षा का पूरा डिटेल्स मैट्रिक परीक्षा 2026 का आयोजन 17 फरवरी से 25 फरवरी तक किया जाएगा। 17 फरवरी (मंगलवार) को प्रथम पाली में मातृभाषा विषय की परीक्षा होगी, जबकि उसी दिन द्वितीय पाली में भी मातृभाषा की परीक्षा आयोजित की जाएगी। 18 फरवरी (बुधवार) को प्रथम पाली में गणित की परीक्षा होगी और द्वितीय पाली में गणित विषय की परीक्षा ली जाएगी। 19 फरवरी (गुरुवार) को प्रथम पाली में दूसरे भारतीय भाषा की परीक्षा आयोजित होगी, जबकि द्वितीय पाली में भी द्वितीय भारतीय भाषा की परीक्षा होगी। 20 फरवरी (शुक्रवार) को प्रथम एवं द्वितीय दोनों पालियों में सामाजिक विज्ञान की परीक्षा होगी। 21 फरवरी (शनिवार) को प्रथम व द्वितीय पाली में विज्ञान की परीक्षा ली जाएगी। 23 फरवरी (सोमवार) को प्रथम तथा द्वितीय दोनों पालियों में अंग्रेज़ी की परीक्षा आयोजित की जाएगी। 24 फरवरी (मंगलवार) को प्रथम पाली में वैकल्पिक विषय (जैसे अरबी, फारसी, संस्कृत, मैथिली आदि) की परीक्षा होगी तथा द्वितीय पाली में भी वैकल्पिक विषय की परीक्षा निर्धारित है। अंत में 25 फरवरी (बुधवार) को प्रथम पाली में व्यावसायिक विषय की परीक्षा आयोजित होगी, जबकि इस दिन द्वितीय पाली में कोई परीक्षा नहीं रखी गई है।  

बिहार विधानसभा में तेजस्वी यादव की ताजपोशी, विपक्ष का नया चेहरा तय

पटना राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव 18वीं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष होंगे। राजद और महागठबंधन के विधायक दल की बैठक में तेजस्वी यादव के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगा दी गई। शनिवार को एक पोलो रोड में हुई बैठक में राजद, कांग्रेस और वाम दलों के विधायकों ने एक स्वर से तेजस्वी को अपना नेता माना। तय हुआ कि विपक्ष की संख्या भले ही कम है, लेकिन जनहित के मसले पर मजबूती से सदन में आवाज उठाएंगे। लोगों की भलाई के लिए विपक्ष मजबूती से सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगा। एक दिसम्बर को विधानमंडल का सत्र शुरू होने से पहले तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन के विधायकों और प्रमुख नेताओं की बैठक हुई। इस मीटिंग में भाग लेने के लिए तेजस्वी यादव शनिवार को दिल्ली से पटना पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया कर्मियों ने उनसे कई सवाल पूछे पर तेजस्वी यादव ने कोई उत्तर नहीं दिया। वे सीधे बैठक के लिए रवाना हो गए। विधानसभा चुनाव में हार पर कांग्रेस और राजद में तकरार के बीच तेजस्वी यादव को विपक्ष का नेता चुन लिया गया। राजद के साथ कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के नेताओं ने तेजस्वी के नाम पर मुहर लगा दी। इस बार के चुनाव में पूरा विपक्ष 35 सीटों पर सिमट गया। इनमें 25 विधायक राजद के तो 6 विधायक कांग्रेस के हैं। वाम दलों के चार विधायक हैं। सदन में इनकी उपस्थिति बहुत कमजोर रहने वाली है क्योंकि एनडीए के पास 202 विधायकों की ताकत है। बैठक में कहा गया कि संख्या बल कम होने के बावजूद विपक्ष जनता और जनहित के मुद्दों को सदन से सड़क तक संघर्ष करेगा। शीतकालीन सत्र में सरकार को घेरने की पूरी तैयारी की जा रही है। माले विधायक अजय कुमार ने बताया कि विपक्ष संगठित होकर सरकार की गलत नीतियों का विरोध करेगा। विपक्ष हमेशा रचनात्मक विरोध करेगा। राजद के भाई वीरेंद्र ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों का विरोध पूरी मजबूती से किया जाएगा। संख्या कम है लेकिन मनोबल कम नहीं है।