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भोजपुरी साहित्य सम्मेलन अमनौर में शुरू, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का होगा शुभारंभ

अमनौर बिहार के अमनौर में एक बार फिर अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन का भव्य आयोजन होने जा रहा है। समारोह का विधिवत उद्घाटन बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे, जबकि समापन का दायित्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा निभाएंगे। आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अमनौर उच्च विद्यालय के खेल मैदान में तीन दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया है, जिसमें देश-विदेश से भोजपुरी के बड़े-बड़े विद्वानों का जुटान होगा। सम्मेलन की जानकारी आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. संजय मयूख ने शुक्रवार देर शाम आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में कई मंत्री, सांसद, विधायक, कवि, साहित्यकार, भोजपुरी फिल्म अभिनेता-अभिनेत्री और विभिन्न देशों से आने वाले भोजपुरी विद्वान व गणमान्य लोग शामिल होंगे। अमनौर बाजार से लेकर कार्यक्रम स्थल तक दर्जनों तोरण द्वार बनाकर स्वागत की विशेष व्यवस्था की गई है। उद्घाटन समारोह में भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह, पथ निर्माण एवं नगर विकास मंत्री नितीन नवीन, स्थानीय सांसद राजीव प्रताप रूडी, महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल और दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी समेत कई दिग्गज हस्तियां मौजूद रहेंगी। सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. ब्रज भूषण मिश्र ने बताया कि 43 साल बाद अमनौर फिर से इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी कर रहा है। वर्ष 1982 में अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन का 7वां संस्करण यहां भव्य रूप से आयोजित किया गया था, जिसकी यादें आज भी लोगों के मन में ताज़ा हैं। इस बार आयोजन समिति उसी भव्यता को दोबारा साकार करने की तैयारी में जुटी है और टीम लगातार कार्यरत है। सम्मेलन के महामंत्री एवं भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के भोजपुरी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. जय कुमार सिंह जय ने बताया कि वैदिक काल से लेकर आधुनिक समय तक भोजपुरी भाषा में आए परिवर्तनों पर विशेष गोष्ठी का आयोजन होगा। साथ ही, भोजपुरी भाषा के विकास तथा इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की रणनीति का भी निर्धारण किया जाएगा। स्वागत सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि उद्घाटन से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और कार्यक्रम को ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से इस महत्वपूर्ण आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। कार्यक्रम की तैयारी और प्रबंधन को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है। प्रेस वार्ता के दौरान सांसद प्रतिनिधि राकेश सिंह, भाजपा नेता धर्मेंद्र साह, मेयर पद की पूर्व प्रत्याशी चांदनी प्रकाश सहित कई पदाधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

अधिकारियों का बेऊर-बाढ़ जेल में सर्च ऑपरेशन, कई वार्डों की तलाशी

पटना अपराध एवं अपराधियों पर नकेल कसने के उद्देश्य से पुलिस ने शनिवार को पटना के अति संवेदनशील बेऊर सेंट्रल जेल और बाढ़ जेल में सघन छापेमारी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। शनिवार की सुबह लगभग पांच बजे, जब सभी बंदी अपने-अपने वार्डों में बंद थे, तभी भारी पुलिस बल के साथ बेऊर जेल में यह अभियान शुरू किया गया। छापेमारी का नेतृत्व पटना के सिटी एसपी (पूर्वी, मध्य) एवं एडीएम कर रहे थे। इस दौरान अधिकारियों ने बेउर जेल के सभी वार्डों की गहन तलाशी ली। सिटी एसपी (पूर्वी) ने बताया कि छापेमारी अभी चल रही है। इसके समाप्त होने के बाद बरामदगी से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। पटना और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन जेल के अंदर छापेमारी अभियान चलाया। सूत्रों की मानें तो बिहार में कई बड़ी घटनाओं में अपराधियों का तार बेऊर जेल से जुड़ने की आशंका जताई जाती रही है। हाल के दिनों में भी कुछ बड़ी वारदातों को लेकर पुलिस प्रशासन ने अनुमान व्यक्त किया था कि इनका संबंध बेउर जेल से हो सकता है। इसी वजह से प्रशासन द्वारा लगातार जेल में छापेमारी और सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। इधर, बाढ़ अनुमंडल में मौजूद उपकारा में भी छापेमारी अभियान चलाया गया। बाढ़-1 और बाढ़-2 एसडीपीओ, एसडीएम और कई थानों की पुलिस के साथ सुबह 06.00 बजे बाढ़ उपकारा पहुंचे। पुलिस टीम को देख जेल में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने एक-एक वार्ड का बारिकी से निरीक्षण किया। करीब एक घंटे तक तलाशी अभियान चलाया गया। उपकारा बाढ़ के सभी आठ वार्डों (महिला वार्ड सहित) का सघन तलाशी लिया गया। हालांकि इस दौरान कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला।

सिलसिलेवार चोरी का खुलासा: फुटेज वायरल होते ही सक्रिय हुई पुलिस, ब्लैकमेलर गिरोह पकड़ा गया

जांजगीर-चांपा अकलतरा क्षेत्र में हुए सिलसिलेवार चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अकलतरा थाना और सायबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में कस्तूरी ट्रेडर्स में हुई बड़ी चोरी के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से लगभग 3 लाख रुपये नगद, सोने-चांदी के जेवरात, 28 चांदी के सिक्के, दो मोटरसाइकिल और एक ऑटो बरामद किया गया है। मामले के दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, 23 नवंबर को प्रार्थी अर्चित अग्रवाल ने अकलतरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह 21 नवंबर को परिवार सहित खरसिया एक पारिवारिक शादी में गए थे। वापसी पर घर का ताला टूटा हुआ मिला। घर के अंदर सीसीटीवी डीवीआर की हार्डडिस्क चोरी थी, सामान बिखरा पड़ा था, तथा घर से नकदी, जेवरात और चांदी के सिक्के चोरी हो चुके थे। रिपोर्ट पर धारा 331(4), 305(ए), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया। मामले में एसपी के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई। वहीं फॉरेंसिक, फिंगर प्रिंट और डॉग स्क्वॉड की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। इस दौरान शहर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। सीसीटीवी फुटेज और लगातार निगरानी के बाद संजय नगर निवासी अफरोज खान और किशन कश्यप पर शक गहरा हुआ, तो दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें आरोपियों ने अपराध कबूल किया। ऐसे दिए चोरी की वारदात को अंजाम आरोपी अफरोज ने बताया कि 21-22 नवंबर की दरम्यानी रात वह अपने साथी अनिल साहू और किशन कश्यप के साथ मोटरसाइकिल से सीसीआई ग्राउंड पहुंचा। किशन, जो पहले कस्तूरी ट्रेडर्स में काम कर चुका था, दुकान और घर की पूरी जानकारी रखता था। उन्होंने योजना बनाकर दुकान के ग्रिल का ताला तोड़ा, सीसीटीवी हार्डडिस्क निकाल ली और ऊपर स्थित कमरे की अलमारी तोड़कर नकदी, सोना-चांदी, सिक्के बैग में भरकर ले गए। चोरी का सामान बाद में अफरोज के ऑटो में छिपाया गया। चोरी का फुटेज वायरल, शुरू हुआ ब्लैकमेल का खेल और बंटे हिस्से कुछ दिनों बाद जब चोरी का सीसीटीवी फुटेज वायरल होने लगा, तब संजय नगर निवासी राजेश रगड़े उर्फ दादा, राजेश सिदार और सुभाष रगड़े उर्फ बाबू ने फुटेज देखकर अफरोज खान को बुलाया और उसे ब्लैकमेल करने लगे। उन्होंने कहा कि चूंकि वही लोग अर्चित अग्रवाल के घर में चोरी करने गए थे, इसलिए चोरी की रकम और जेवरात में से उन्हें भी हिस्सा दिया जाए। इसके बाद अगले दिन अफरोज खान बिलासपुर में बंटवारा करने की बात कहकर किशन कश्यप के लिए ₹1,00,000, राजेश रगड़े उर्फ दादा के लिए 50,000, सुभाष रगड़े उर्फ बाबू के लिए 20,000 और राजेश सिदार के लिए 82,000 अलग कर दिया। अफरोज, सुभाष रगड़े को अपने ऑटो में बैठाकर बिलासपुर ले गया। वहीं राजेश रगड़े उर्फ दादा अपनी मोटरसाइकिल से और किशन कश्यप तथा राजेश सिदार भी बिलासपुर पहुंचे, जहां उनके हिस्से की रकम दे दी गई। अफरोज खान बाकी बचे सभी जेवर, चांदी के सिक्के, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, नकदी राशि और सिक्का पैसा एक नीले बैग में भरकर वापस ले आया। पुलिस ने उसके बताए अनुसार 2,11,000 नगद, 27 चांदी के सिक्के, सोने-चांदी की अंगूठियां, बिछिया, चांदी की राखी, बेलपत्र, मछली, त्रिशूल और अन्य ज्वेलरी जब्त कर ली है। घटना में प्रयुक्त ऑटो भी जब्त किया गया है। राजेश रगड़े उर्फ दादा से 50,000 और उसकी मोटरसाइकिल तथा सुभाष रगड़े उर्फ बाबू से 20,000 भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों के नाम     सुभाष रगड़े (21 वर्ष)     अफरोज खान (30 वर्ष)     राजेश सगड़े (40 वर्ष)     अनिल साहू (34 वर्ष)  

ठंड में कांपते स्कूली बच्चे: सरकारी व्यवस्था की पोल खोलता झारखंड का हाल

बोकारो झारखंड में भीषण ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। आलम ये है कि बोकारो के स्कूली बच्चों को भीषण ठंड में बिना स्वेटर के स्कूल जाना पड़ रहा है क्योंकि यहां अभी तक छात्र-छात्राओं को स्वेटर नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि जिले के 9 प्रखंड में स्थित 1553 सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के लगभग 1 लाख 42 हजार छात्र-छात्राओं को अभी तक स्वेटर नहीं मिला है जबकि नवंबर महीना बीतने को है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में जिले का तापमान 10 डिग्री तक लुढ़कने की संभावना है। इस बढ़ती ठंड में जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को स्वेटर नहीं मिला है जिससे बिना स्वेटर के ही बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं। मामले में विभाग का कहना है कि राज्य सरकार से ही राशि का आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है। इसके कारण राशि का वितरण नहीं किया गया है, लेकिन विभाग से राशि का आवंटन नहीं होने और बच्चों को देरी से राशि मिलने से ठंड में बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बता दें कि ठंड के मौसम में हर साल जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पोशाक के साथ स्वेटर खरीदने के लिए राशि दी जाती है। इसमें स्वेटर के लिए कक्षा 1 से 5वीं तक के बच्चों को 600 रुपए और कक्षा 6 से 12वीं तक के बच्चों को 860 रुपए दिए जाते हैं। इसमें कक्षा 1 से 2 के बच्चों को एसएमसी के खाता में और कक्षा-3 से 12वीं तक के बच्चों के बैंक खाता में राशि भेजी जाती है।  

पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: 26 माफिया निशाने पर, अवैध संपत्ति जब्त की तैयारी

वैशाली बिहार में एनडीए सरकार बनने के बाद पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में दिख रही है। नए कानून BNS के तहत अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। वहीं, सम्राट चौधरी के गृह मंत्री बनने के बाद यह कार्रवाई और भी सख्ती से की जा रही है। इसी कड़ी में वैशाली पुलिस ने जिले के 26 माफियाओं की सूची तैयार कर ली है, जिनकी अवैध संपत्तियों को जब्त किया जाएगा। वैशाली पुलिस ने इन 26 अपराधियों में से 9 माफियाओं की सूची प्रस्तावित रूप से न्यायालय को भेज दी है, जबकि एक अपराधी की संपत्ति गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र में पहले ही जब्त की जा चुकी है। यह सभी अपराधी वैशाली जिले के विभिन्न थानों में खनन सहित कई अन्य आपराधिक मामलों में पहले से नामजद हैं। इन 26 अपराधियों के अलावा, वैशाली एसपी ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों और थाने के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अन्य अपराधियों की भी जानकारी एकत्र की जाए, खासकर उन लोगों की, जिन्होंने आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर अवैध संपत्ति अर्जित की है। प्रभारी वैशाली एसपी अशोक मिश्रा ने बताया कि लगातार अपराधियों की पहचान की जा रही है। जिले में अब तक 26 लोगों को चिन्हित किया जा चुका है। इनमें से नौ का प्रस्ताव माननीय न्यायालय को भेजा गया है और एक की संपत्ति जब्त भी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि सभी अपराधियों पर विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जिन लोगों की आय से अधिक संपत्ति है और जिन पर लंबित आपराधिक मामले हैं, उन्हें शीघ्र चिन्हित कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

शीत लहर का असर: जमशेदपुर के सभी ICSE और CBSE स्कूलों का समय बदला, सोमवार से होगा लागू

रांची झारखंड में भीषण ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। भीषण ठंड में स्कूली बच्चों को सुबह-सुबह स्कूल जाना पड़ रहा है। वहीं, इसके चलते जमशेदपुर के आईसीएसई और सीबीएसई स्कूलों ने सोमवार से अपने स्कूल समय में बदलाव किया है। सुबह के समय पड़ने वाली शीतलहर को देखते हुए लिया फैसला आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों ने अपने समय में आधे घंटे का बदलाव किया है। पहले जहां बच्चों का स्कूल में प्रवेश समय सुबह 7:30 बजे था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 8 बजे कर दिया गया है। वहीं सीबीएसई स्कूलों ने समय में एक घंटे का बदलाव किया है। पहले ये स्कूल सुबह 7 बजे खुलते थे, लेकिन अब इन्हें 8 बजे से खोलने का निर्णय लिया गया है। स्कूल प्रशासन का यह कदम छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय है। इसके अलावा लगातार बढ़ती ठंड और सुबह के समय पड़ने वाली शीतलहर को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। गुमला का तापमान पहुंचा 7.7°C मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में भी रात के तापमान में कोई खास बढ़ोतरी नहीं होगी। 29 नवंबर से 2 दिसंबर के बीच न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की और गिरावट देखने मिल सकती है, जिससे ठंड बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, झारखंड के गुमला जिले की अगर हम बात करें, तो पिछले 24 घंटे में सबसे कम न्यूनतम तापमान यहां 7.7 डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं, सबसे अधिकतम तापमान गोड्डा में 31.1 डिग्री दर्ज किया गया है।  

निवेश के नाम पर बड़ा फ्रॉड: CG पुलिस ने पकड़े 6 करोड़ ठगी के मास्टरमाइंड

जशपुर जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन अंकुश के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी निवेश कंपनी ‘C Bulls Global Solution’ के डायरेक्टर और उसके दो साथियों को झारखंड से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने निवेश के नाम पर रकम तीन गुना करने का लालच देकर लोगों से करीब 6 करोड़ रुपये की ठगी की थी। ठगी के बाद कंपनी बंद कर तीनों आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस उनकी लगातार तलाश कर रही थी और आखिरकार तीनों आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। क्या है पूरा मामला 17 अक्टूबर 2025 को मदनपुर (इंजिको) निवासी जागेश्वर लाल यादव (43 वर्ष) ने पत्थलगांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वे खेती-बाड़ी और ठेकेदारी का काम करता है। वर्ष 2023 में उन्हें और उनके साथियों डॉ. पीताम्बर साय निराला, सुकुंद चौहान, राजेंद्र भगत को एक परिचित के जरिए होटल मान्या बुलाया गया, जहां उनकी मुलाकात संतोष कुमार साव से हुई। संतोष ने खुद को C Bulls Global Solution नाम की प्रोडक्ट बेस कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कृषि संबंधी प्रोडक्ट्स और नए प्लांट में निवेश पर बड़े लाभ का झांसा दिया। शुरुआत में निवेशकों को कुछ महीनों तक ब्याज मिला भी, लेकिन बाद में पैसा आना बंद हो गया। जब पैसा आना बंद हुआ तो संतोष ने निवेशकों को कंपनी के कथित एमडी मो. सिराज आलम से मिलवाया। सिराज ने उन्हें फिर से गुमराह करते हुए बताया कि कंपनी कृषि आधारित नहीं, बल्कि ट्रेडिंग कंपनी है। उसने दावा किया कि कंपनी सेबी में रजिस्टर्ड है और पिछले 12 वर्षों से शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कर रही है। उसने यह भी कहा कि निवेश पर प्रतिदिन 1% लाभ दिया जाता है और 10 महीनों में निवेशित राशि तीन गुना हो जाती है। उसने निवेशकों को बताया कि जांजगीर-चांपा निवासी हरिशरण देवांगन और संतोष कुमार साहू उसके बिजनेस पार्टनर हैं, जो निवेशित राशि पर बैंक गारंटी के रूप में चेक भी देते हैं। इन दावों के आधार पर अक्टूबर 2023 में कोरबा, चांपा, अंबिकापुर, घरघोड़ा और बिलासपुर में अलग-अलग मीटिंग का आयोजन कर निवेशकों से करोड़ों रुपये जुटाए गए। प्रार्थी ने ऑनलाइन और नगद मिलाकर 1 करोड़ 80 लाख रुपये, उसके साथी लक्ष्मण केशवानी ने 95 लाख, कमलेश यादव ने 10 लाख, भूषण पटेल ने 33 लाख, डॉ. पीतांबर साय निराला ने 25 लाख और राजेश देवांगन ने 15 लाख रुपये निवेश किए। इस प्रकार अन्य लोगों से भी रुपये लेकर लगभग 6 करोड़ रुपये की ठगी हुई। इंश्योरेंस और रजिस्ट्री के नाम पर भी ठगा जब निवेशकों ने पैसे वापस मांगना शुरू किया तो आरोपियों ने ओडिशा के सुंदरगढ़ में एक बैठक आयोजित कर ‘हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड’ का बहाना बनाते हुए निवेशकों के आधार कार्ड, पैन कार्ड व हस्ताक्षर लिए और उनके नाम पर C Bulls सहयोग निधि रियल स्टेट एवं फाइनेंस लिमिटेड के नाम से रजिस्ट्रेशन करा कर निवेशकों को उसका मेंबर व डायरेक्टर बना दिया गया। इसके बाद कंपनी की वेबसाइट बंद कर दी गई। C Bulls Global Solution कंपनी के डायरेक्टर और अन्य सदस्यों से संपर्क करने पर वे कंपनी में भारी नुकसान का बहाना बनाते रहे और रकम वापस करने में लगातार टालमटोल करते रहे। अंत में उन्होंने अपने मोबाइल फोन भी बंद कर दिए। ग्रामीणों से करोड़ों की ठगी के मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पत्थलगांव थाना में आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 120 (बी) और 34 आईपीसी के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस पहले ही दो आरोपियों हरिशरण देवांगन और संतोष कुमार साहू को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं कंपनी का कथित एमडी मोहम्मद सिराज आलम, उसका पार्टनर इमरान खान और सहयोगी संतोष साव घटना के बाद से फरार थे। पुलिस की तकनीकी टीम और मुखबिरों की मदद से पता चला कि सिराज आलम बोकारो में और इमरान खान व संतोष कुमार साव रांची में छिपे हुए हैं। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीम झारखंड भेजी गई, जहां तकनीकी टीम की सहायता से बोकारो से मोहम्मद सिराज और रांची से इमरान खान और संतोष कुमार साव को हिरासत में लेकर जशपुर लाया गया। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते के दस्तावेज और लैपटॉप बरामद किए गए हैं। बैंक डिटेल और लैपटॉप डेटा की जांच जारी है। ऐसे करते थे ठगी पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे निवेशकों को प्रतिदिन 1% ब्याज का लालच देकर रकम जमा कराते थे। शुरुआती महीनों में वे निवेशकों के ही पैसों को ब्याज के रूप में अन्य निवेशकों को देते थे। जब नए निवेशक आना बंद हो गए, तो कंपनी ने ब्याज देना बंद कर दिया और पूरी राशि हड़प ली। सबूत मिलने पर तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। इस कार्रवाई में साइबर सेल जशपुर और थाना पत्थलगांव की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गिरफ्तार आरोपियों के नाम मो. सिराज आलम (38 वर्ष ) निवासी हिंद पीढ़ी, जिला रांची संतोष कुमार साव (34 वर्ष) निवासी सीदपा, जिला चतरा इमरान खान (35 वर्ष) निवासी दौठवा, हजारीबाग

नई विधानसभा का पहला सत्र शुरू होने को तैयार, बिहार में अगले दिन होगा अध्यक्ष पद का चुनाव

पटना  बिहार विधानसभा का पहला सत्र 1 दिसंबर को शुरू होगा और इस दिन सभी नए सदस्यों का शपथ ग्रहण कराया जायेगा. इसके अलगे दिन यानी 2 दिसंबर को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा. 3 दिसंबर को सेंट्रल हॉल में विधानसभा और विधान परिषद की संयुक्त बैठक में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का अभिभाषण होगा. इसके अगले दिन राज्यपाल की अभिभाषण पर चर्चा होगी. फिर 5 दिसंबर को दूसरी अनुपूरक बजट का सदन में बहस होगी और विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा. क्या होता है विनियोग विधेयक राज्य विनियोग विधेयक को पारित करना एक जरुरी प्रोसेस है. पहले इस विधेयक को विधानसभा और विधान परिषद में मंजूरी मिलती है. इसके बाद इसे राज्यपाल के पास भेजा जाता है. राज्यपाल की स्वीकृति मिलने पर यह कानून बन जाता है, जिसके बाद राज्य की संचित निधि से खर्च की अनुमति मिलती है. इस बार सदन में क्या नया होगा बिहार विधानसभा में इस बार सदन की कार्यवाही बिल्कुल नई तकनीक के साथ चलने वाली है. सभी विधायकों की सीटों पर टैबलेट लगा दिए गए हैं, जिनके जरिए वे सवाल पूछेंगे. इससे सदन के अंदर कागज का इस्तेमाल लगभग खत्म हो जाएगा. नेवा योजना के तहत विधानसभा को डिजिटल बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है. 18वीं बिहार विधानसभा के नए चुने गए विधायकों को यह व्यवस्था एक तरह से स्वागत-उपहार के रूप में मिलेगी. शुक्रवार को सभी सीटों पर टैब लगाने का काम लगभग पूरा हो गया. विधान परिषद में यह व्यवस्था पहले ही लागू हो चुकी है.

राजद से दूरी बनाएगी कांग्रेस? गठबंधन पर बिहार नेताओं की उठी आपत्तियाँ

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार झेलने के बाद महागठबंधन में टूट की अटकलें चलने लगी हैं। हाल ही में समीक्षा के दौरान कांग्रेस के अधिकतर उम्मीदवारों ने लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से गठबंधन को चुनावी हार के लिए जिम्मेदार ठहराया। इनमें से कई ने तो कांग्रेस आलाकमान को राजद से गठबंधन तोड़ने की वकालत भी कर दी। इसके बाद से सियासी पारा गर्माया हुआ है। हालांकि, पार्टी के किसी भी बड़े नेता की तरफ से गठबंधन के भविष्य को लेकर कोई भी बयान नहीं आया है। पिछले दिनों संपन्न हुए बिहार चुनाव के नतीजों में कांग्रेस, राजद और अन्य विपक्षी दलों के गठबंधन को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस 71 सीटें लड़कर महज 6 पर जीत दर्ज कर पाई। राजद ने भी 143 सीटें लड़ी और 25 पर ही जीत नसीब हुई। अन्य घटक दलों की स्थिति भी खराब रही। महागठबंधन कुल 243 में से महज 35 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज कर पाया। बीते गुरुवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस ने बिहार चुनाव की हार की समीक्षा बैठक बुलाई। इसमें सभी 61 सीटों पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के अलावा प्रदेश स्तर के नेता मौजूद रहे। बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सभी उम्मीदवारों से 10-10 के समूह में बात की। सूत्रों के अनुसार, अधिकतर उम्मीदवारों ने आलाकमान को बताया कि तेजस्वी यादव की पार्टी राजद से गठबंधन की वजह से कांग्रेस को बुरी हार का सामना करना पड़ा है। अगर कांग्रेस इस चुनाव में अकेले मैदान में उतरती तो परिणाम बेहतर होते। प्रत्याशियों ने कहा कि कांग्रेस को राजद से गठबंधन खत्म कर देना चाहिए। उन्होंने महागठबंधन में सीट बंटवारे में देरी होने और लगभग एक दर्जन सीटों पर फ्रेंडली फाइट को भी हार की वजह माना। हालांकि, कांग्रेस के वरीय नेता इस पर कुछ बोल नहीं रहे हैं। दिल्ली में समीक्षा बैठक के बाद बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह से जब राजद से गठबंधन तोड़ने के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने आलाकमान इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसका फैसला आलाकमान करेगा। फिलहाल महागठबंधन में शामिल घटक दल अपने-अपने स्तर पर हार की समीक्षा कर रहे हैं। राजद में प्रमंडलवार प्रत्याशियों से फीडबैक लिया जा रहा है। चुनाव में विरोधियों के हित में काम करने वाले भितरघातियों की पहचान भी की जा रही है। उन पर ऐक्शन हो सकता है। इस बीच, बिहार विधानसभा का सत्र 1 दिसंबर से शुरू होने वाला है। इसमें नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। राज्य में प्रचंड जीत के बाद गदगद नीतीश सरकार अपना अनुपूरक बजट भी सदन में पेश करेगी। विधानसभा सत्र से पहले शनिवार को पटना में तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन की बैठक बुलाई गई है। इसमें राजद, कांग्रेस और वाम दलों के विधायक शामिल होंगे। इसमें विधानसभा सत्र की रणनीति को लेकर चर्चा की जाएगी।  

धारा 163 पाँच दिनों तक प्रभावी: जानें बिहार जिले में आदेश क्यों हुए जारी

पटना बिहार में नयी सरकार के गठन के बाद आगामी एक दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर राजधानी पटना के जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। एक से पांच दिसंबर 2025 तक चलने वाले इस सत्र के दौरान पटना में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू रहेगी, जिसके तहत किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, जुलूस और सार्वजनिक विरोध कार्यक्रम पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध प्रभावी होगा। जुलूस, घेराव, धरना पर प्रतिबंध पटना सदर के अनुमंडल पदाधिकारी गौरव कुमार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सत्र के दौरान विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन की आशंका रहती है। इस संभावना को देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के गैरकानूनी रूप से एकत्र होने, जुलूस, घेराव, धरना या किसी भी प्रकार की आक्रामक गतिविधि प्रतिबंधित रहेगी। बिना पूर्व अनुमति के लाउडस्पीकर का इस्तेमाल पूर्णतः निषिद्ध आदेश में आग्नेयास्त्र, विस्फोटक सामग्री, फरसा, गड़ासा, भाला, छुरा जैसे हथियारों के साथ घूमने को भी दंडनीय अपराध करार दिया गया है। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना पूर्व अनुमति के लाउडस्पीकर का इस्तेमाल पूर्णतः निषिद्ध रहेगा। यह आदेश एक दिसंबर से लागू होगा और पांच दिसंबर तक प्रभावी रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की जाएगी तथा संबंधित मार्गों पर विशेष ट्रैफिक नियंत्रण व्यवस्था लागू की जाएगी। जिला प्रशासन का कहना है कि यह कदम विधानसभा की कार्यवाही को बिना किसी व्यवधान के संपन्न कराने और शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है।