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बिजली व्यवस्था सुधारने मैदान में उतरे MD, भागलपुर में अफसरों को अल्टीमेटम

भागलपुर. जिले में भीषण आंधी-तूफान के बाद बिजली संकट गंभीर रूप ले चुका है। भागलपुर में पिछले 38 घंटे से अधिक समय से बिजली आपूर्ति बाधित है, जिससे पूरे जिले के लोग परेशान हैं। नवगछिया, बिहपुर, नारायणपुर, कहलगांव, अजगैवीनाथ धाम, पीरपैंती, कजरैली, नाथनगर और सन्हौला सहित लगभग सभी क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था ठप पड़ी हुई है। सोमवार की रात करीब 12 बजे आए भीषण तूफान ने पूरे जिले में भारी नुकसान पहुंचाया। तेज हवाओं की रफ्तार लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई जा रही है। इस दौरान जगह-जगह बिजली के पोल गिर गए, तार टूट गए और कई इलाकों में बड़े-बड़े पेड़ उखड़ गए। अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। घरों, दुकानों और टेंटों को भारी नुकसान तूफान का असर सिर्फ बिजली व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा। कई इलाकों में लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। जहां-जहां टेंट और अस्थायी दुकानें लगी थीं, वहां सब कुछ उड़ गया। झोपड़ी में दुकान चलाने वाले छोटे व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। कई परिवारों का दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। 38 घंटे बाद भी बिजली बहाल नहीं लगातार 38 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अधिकांश इलाकों में बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो पाई है। लोग पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और दैनिक कार्यों के लिए परेशान हैं। नगर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अंधेरे की स्थिति बनी हुई है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। एमडी पहुंचे भागलपुर, हुई उच्चस्तरीय बैठक बिजली संकट को गंभीरता से लेते हुए बिहार बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक (एमडी) राहुल कुमार हेलीकॉप्टर से भागलपुर पहुंचे। उनके साथ मुख्य अभियंता और तकनीकी टीम भी मौजूद रही। भागलपुर पहुंचकर एमडी ने जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, अधीक्षण अभियंता और तीनों डिवीजन के कार्यपालक अभियंताओं के साथ बैठक की। बैठक में भागलपुर, कहलगांव और नवगछिया डिवीजन की बिजली स्थिति की समीक्षा की गई। डीएम के अनुरोध पर तेज हुई कार्रवाई इससे पहले जिलाधिकारी ने स्वयं एमडी से बातचीत कर बिजली व्यवस्था को जल्द बहाल करने का अनुरोध किया था। इसके बाद उच्चस्तरीय टीम को तत्काल भागलपुर भेजा गया। अधिकारियों को सख्त निर्देश बैठक के दौरान एमडी ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन इलाकों में अब तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हुई है, वहां प्राथमिकता के आधार पर काम पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी संसाधनों का उपयोग कर युद्धस्तर पर बहाली कार्य किया जाए, ताकि जल्द से जल्द जिले में बिजली व्यवस्था सामान्य हो सके। राहत की उम्मीद प्रशासन और बिजली विभाग की टीमें लगातार फील्ड में काम कर रही हैं। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही अधिकतर इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। हालांकि फिलहाल लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है, लेकिन बहाली कार्य तेज कर दिया गया है।

आयुष्मान भारत योजना में फर्जीवाड़ा: पटना IGIMS में बड़ा खुलासा

पटना पटना स्थित आईजीआईएमएस (IGIMS) में आयुष्मान घोटाले की जांच के लिए पुलिस और संस्थान की ओर से मंगलवार को दो अलग-अलग कमेटियां गठित की गईं। आईजीआईएमएस ने छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जो घोटाले के हर बिंदु पर जांच करेगी। इधर पुलिस ने इस मामले के आरोपित चार संविदा कर्मियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी गठित की है। आईजीआईएमएस में अब तक 45 लाख का आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojna) में घोटाले की बात सामने आई है, लेकिन संस्थान के अधिकारियों की मानें तो यह राशि और बढ़ सकती है। आईजीआईएमएस में एक प्रशासनिक अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी में संस्थान के पदाधिकारियों के अलावा एक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को भी शामिल किया गया है। कमेटी की बुधवार को इस विषय पर बैठक होनी है। संस्थान के पदाधिकारियों की मानें तो आयुष्मान कार्ड का सॉफ्टवेयर तैयार करने वाली कंपनी और आउटसोसिंग एजेंसी के कर्मियों की मिलीभगत से आयुष्मान कार्ड धारकों के साथ छलावा किया है। इसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी। आईजीआईएमएस में आयुष्मान भारत योजना का लाभ मरीजों को 2018 से मिल रहा है। इधर, इस मामले में आरोपित आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्मी अमरजीत राय, चंदन कुमार, साकेत कुमार और अभिषेक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। एक कर्मी को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है। टाउन डीएसपी-2 साकेत कुमार ने बताया कि आईजीआईएमएस ने शास्त्रीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। सभी बिंदुओं पर जांच चल रही है। कैसे खुला राज अक्तूबर 2025 में मुजफ्फरपुर के गायघाट प्रखंड के बाघाखाल गांव निवासी 46 वर्षीय मनोज झा को दलालों ने उनके आयुष्मान कार्ड के इस्तेमाल करने के बदले में 40 हजार देने का आश्वासन दिया था। उन्होंने अपना कार्ड तो दे दिया, पर दलालों ने उन्हें 40 हजार नहीं दिये। इसकी उन्होंने आईजीआईएमएस में लिखित शिकायत की। मामले की छानबीन की गई तो पाया गया कि मनोज झा का अस्पताल में उपचार ही नहीं हुआ है, जबकि आयुष्मान भारत योजना के तहत बने कार्ड से 40 हजार की निकासी कर ली गई है। यह कैसे हुआ? संस्थान के पदाधिकारी भी नहीं समझ पाए। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने योजना के अंतर्गत बने कार्ड से अन्य मरीजों की जांच शुरू की तो पता चला कि बड़े पैमाने पर इस प्रकार का फर्जीवाड़ा किया गया है। इसमें एक बड़ा गिरोह सक्रिय है। इन बिंदुओं पर होगी जांच – किस स्तर तक गड़बड़ी की गई है, किन कारणों से ऐसी गड़बड़ी हुई – आयुष्मान के लिए जो सॉफ्टवेयर बनाया गया है उसमें क्या खामी थी – जिस एजेंसी ने सॉफ्टवेयर बनाया था वह कैसे निगरानी रख रही थी – आरोपित का कहां-कहां नेटवर्क है, इसमें कौन-कौन लोग हैं शामिल

बेतला नेशनल पार्क में जानवर पानी को तरसे, जंगलों में लू और प्यास का कहर

 लातेहार बेतला नेशनल पार्क सहित पूरा पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) इस समय भीषण और जानलेवा गरमी की चपेट में है. कभी ठंडी बयार के लिए मशहूर रहने वाले पलामू टाइगर रिजर्व का पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. जंगलों में भी गर्म हवाएं चल रही है. जंगल सफारी के दौरान हीटवेव (लू ) का कहर का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए पर्यटकों का आगमन बैकफुट पर चला गया है. आसमान से बरसती आग ने इंसानों के साथ-साथ बेजुबान जानवरों का जीना भी दूभर कर दिया है. भीषण तपिश और लू के थपेड़ों से जंगलों में हाहाकार मचा है, जिससे जंगली जानवर अत्यधिक बेचैन हैं. नवजात और नन्हें जंगली जानवरों की मौत की अपुष्ट खबरें मिल रही है. सदियों पुराने कई प्राकृतिक जलस्रोतों को सुख गए है. पानी की एक-एक बूंद के लिए जंगलों में त्राहि-त्राहि मची है. बेकाबू प्यास और भीषण बेचैनी से तड़पते जानवर अब रिजर्व की सुरक्षित सीमा को छोड़कर बाहरी रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं, जहां मौत के सौदागर (शिकारी) हाथ में फंदे और जहर लिए उनके इंतजार में बैठे शिकार कर रहे हैं. सूख गए प्राकृतिक जलस्रोत, कृत्रिम व्यवस्थाएं नाकाफी हिरण बंदर, लंगूर,गौर और जंगली सुअर पानी की तलाश में पागलों की तरह भटक रहे हैं. हालांकि वन विभाग ने कुछ जगहों पर टैंकरों के जरिए कृत्रिम वॉटर होल (जलपात्र) भरने का दावा किया है, लेकिन यह व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरे के समान साबित हो रही है. कड़कड़ाती धूप में इन कृत्रिम गड्ढों का पानी भी कुछ ही घंटों में खौलने लगता है, जो जानवरों के पीने लायक नहीं बचता. जंगल में पानी न मिलने के कारण मजबूरन वन्यजीवों के झुंड रिजर्व से सटे ग्रामीण इलाकों, खेतों और रिहायशी बस्तियों की तरफ आ रहे हैं. जानकारी के अनुसार बाहरी इलाकों और बचे-खुचे पानी के गड्ढों के पास शिकारियों ने गुप्त फंदे (फांस) लगा दिये हैं. प्यास से बेहाल जानवर जैसे ही पानी पीने नीचे झुकते हैं, वे इन फंदों का शिकार हो जा रहे हैं. इसके अलावा, कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पानी में जहरीले पदार्थ मिलाने की भी आशंका बनी हुई है, जिससे सामूहिक शिकार का खतरा मंडरा रहा है. रात भर गांवों के आसपास मंडराते हैं जानवर: ग्रामीण पीटीआर की सीमा से सटे गांवों के ग्रामीणों ने बताया कि ऐसी गर्मी पहले कभी नहीं देखी थी. पानी की तलाश में हिरण, बाइसन और जंगली सुअर रोज हमारे खेतों की तरफ आ रहे हैं. हाल ही में बाइसन ने एक को मार डाला है. रात को डर के मारे कोई घर से बाहर नहीं निकलता. जंगल के अंदर पानी बिल्कुल नहीं है. कुछ बाहरी लोग रात के समय पानी के गड्ढों के पास संदिग्ध हालत में घूमते देखे गए हैं, जो पक्के तौर पर शिकार के इरादे से आते हैं. हम अलर्ट पर हैं, टैंकरों से की जा रही पानी की सप्लाई: रेंजर रेंजर उमेश कुमार दुबे ने कहा कि तापमान अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है,स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए हैं. कृत्रिम वॉटर होल्स में टैंकरों के जरिए लगातार पानी भरा जा रहा है. इसके साथ ही कुछ चुनिंदा बोरवेल को सोलर पंप से जोड़ा गया है जिससे पानी की निरंतर आपूर्ति हो सके. वहीं शिकार की आशंका को देखते हुए हमारी एंटी-पोचिंग (शिकार विरोधी) टीम और वनकर्मियों की गश्त चौबीसों घंटे बढ़ा दी गई है. ग्रामीणों के साथ मिलकर इको-विकास समिति को सक्रिय किया गया है जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना मिल सके.

शिक्षा विभाग का सख्त निर्देश: ग्रीष्मावकाश से पहले स्कूलों में पढ़ाई जारी रहेगी

पटना बिहार में शिक्षकों की छुट्टी पर 27 से 31 मई तक रोक लगा दी गई है। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि ग्रीष्मावकाश से पहले बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। सभी शिक्षक ग्रीष्मावकाश शुरू होने से पहले अंतिम कार्य दिवस तक विद्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। इस दौरान छात्रों को विषयवार गृहकार्य दिया जायेगा और उसकी प्रविष्टि छात्रों की डायरी में भी करनी होगी। विभागीय निर्देश में कहा गया है कि हाल के दिनों में बड़ी संख्या में शिक्षक अवकाश आवेदन दे रहे हैं। ऐसे में ग्रीष्मावकाश से पहले विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। कॉलेजों का टॉप 10 विश्वविद्यालयों से करार टीचरों की छुट्टियों पर रोक लगाने के अलावा मंगलवार को सम्राट चौधरी सरकार ने बिहार में शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम फैसले लिए। जिसके तहत अब बिहार के कॉलेजों का देश के शीर्ष दस विश्वविद्यालयों से करार होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उच्च शिक्षा विभाग को बिहार के कॉलेजों को संबद्ध करने के लिए देश के टॉप 10 विश्वविद्यालयों से करार करने का निर्देश दिया है, ताकि बाहर से भी बिहार आकर बच्चे शिक्षा हासिल कर सकें। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को लोक सेवक आवास में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान पदाधिकारियों को कई निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जुलाई से उन 211 प्रखंडों में स्नातक की पढ़ाई शुरू कराएं, जहां पूर्व से डिग्री कॉलेज नहीं हैं। ऐसे प्रखंडों में नए महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। उनमें शिक्षकों और कर्मियों की नियुक्ति के लिए कमेटी का शीघ्र गठन कर वैकेंसी को एक साथ अटैच करें। प्रखंडों में स्थापित होने वाले महाविद्यालय ऐसी जगह पर हों, जहां विद्यार्थियों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो तथा सुगमतापूर्वक वे आ-जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि वित्तरहित महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या, आधारभूत संरचना, भवन और दी जाने वाली अनुदान राशि का आकलन करें। भूमि देने वाले के नाम पर होंगे डिग्री कॉलेज मुख्यमंत्री ने कहा कि डिग्री कॉलेज रहित प्रखंडों में महाविद्यालय स्थापित करने के लिए भूमि दान देने वाले व्यक्ति या उनके द्वारा अनुशंसित व्यक्ति के नाम पर उस महाविद्यालय का नामकरण किया जाएगा। महाविद्यालय में भवन निर्माण/आंशिक रूप से सहयोग करने वाले व्यक्ति या उनके द्वारा अनुशंसित व्यक्ति के नाम पर भी महाविद्यालय परिसर के किसी हिस्से का नामकरण कराया जायेगा। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री संजय सिंह टाइगर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उच्च शिक्षा सचिव राजीव रौशन सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे। राज्य में खुला विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ेगी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में संचालित ओपेन यूनिवर्सिटी का अध्ययन करें। इसके साथ ही बिहार में और अधिक संख्या में ओपेन यूनिवर्सिटी स्थापित करें, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करायी जा सके। इससे राज्य के विश्वविद्यालयों पर बोझ भी घटेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रमशिला विश्वविद्यालय को पुनर्स्थापित करने के लिए भारत सरकार को शीघ्र भूमि हस्तांतरित की जायेगा। इस संबंध में भारत सरकार को पत्र भेजकर सूचित किया जायेगा। बिहार के शोध संस्थानों को सुव्यवस्थित किया जाएगा मुख्यमंत्री ने एएन सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान को फिर से व्यवस्थित करने के लिए कहाा है, ताकि इसका अधिक से अधिक उपयोग हो सके। उन्होंने कहा कि बिहार में विश्वविद्यालय के साथ जितने भी रिसर्च सेंटर हैं, उन्हें फिर से व्यवस्थित कर नियमित और विशिष्ट बनाएं। शोध संस्थान सुव्यवस्थित होगा, तो नियमित रूप से शोध होगा और सरकार की पॉलिसी या प्लान का परीक्षण हो सकेगा।

वाणिज्य कर विभाग का प्रदर्शन: झारखंड ने दो महीने में 12% राजस्व लक्ष्य हासिल किया

 रांची  झारखंड में वाणिज्य कर विभाग ने शुरुआत के दो महीने में धीमी गति से ही सही 2,815 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करने में सफलता पाई है। 24 हजार करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध राज्य सरकार के खाते में 25 मई तक 2,815 करोड़ रुपये आ चुके हैं। यह लक्ष्य के हिसाब से 12 प्रतिशत के करीब है। अनुमान के अनुसार सर्वाधिक राजस्व जीएसटी मद से प्राप्त हुआ है और सरकार के खाते में इस मद से अभी तक 2,111 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। इस बार इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी से सरकार को 84 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है, जबकि प्रोफेशनल टैक्स के माध्यम से 14 करोड़ रुपये वसूलने में वाणिज्य कर विभाग सफल रहा है। साेमवार को मुख्यमंत्री के स्तर से समीक्षा के क्रम में ये आंकड़े सामने आए हैं। वित्त मंत्री की मौजूदगी में पेश इन आंकड़ों के लिए मुख्यमंत्री और वरीय अधिकारियों ने विभागीय अधिकारियों की सराहना की है। विभिन्न माध्यमों से प्राप्त राजस्व राजस्व की श्रेणी     लक्ष्य (करोड़ ₹)     उपलब्धि (करोड़ ₹)     प्राप्त प्रतिशत जीएसटी                       14,565          2,111                  14% वैट                              7,880             606                   8% इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी            355                84                    6% प्रोफेशनल टैक्स               200                14                     7% कुल राजस्व                      24,000          2,815                12%

झारखंड में बाल विवाह पर रोक को लेकर सीएम सख्त, जागरूकता अभियान तेज करने के आदेश

रांची  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में हो रहे बाल विवाह पर चिंता जताई है। साथ ही उन्होंने इसपर हर हाल में रोक लगाने को कहा है। मंगलवार को महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा के क्रम में उन्होंने कहा कि गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा जैसे जिलों में बाल विवाह के ज्यादा मामले आ रहे हैं। वहां अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाए। बाल विवाह में सम्मिलित तथा इसे बढ़ावा देने वालों पर की जाने वाली कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानकारी भी आम लोगों को दें, ताकि कानून के प्रति उनमें डर हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि आडियो-वीडियो के माध्यम से एवं विभिन्न इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से भी लोगों में बाल विवाह को लेकर प्रभावी जागरूकता लाई जा सकती है। साथ ही स्कूल-कालेज की छात्राओं सहित आम लोगों को भी जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह मुक्त झारखंड की दिशा में अपनी साहस और दृढ़ संकल्प को दिखाने वाली बालिकाओं को ब्रांड एंबेसडर/वालेंटियर बनाकर समाज में जागरूकता फैलाएं, ताकि बालिकाओं के अल्प आयु में विवाह करने की सामाजिक विसंगति पर रोक लगाई जा सके। मुख्यमंत्री ने विभाग को बजट की राशि शत-प्रतिशत खर्च करते हुए योजनाओं का सीधा लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि सीडीपीओ के 106 पद, महिला पर्यवेक्षिका के 433 पद, आंगनबाड़ी सेविका के 583 पद एवं आंगनबाड़ी सहायिका के 897 पद रिक्त हैं। इन पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर मिशन मोड में माडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाएं। आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण के लिए सीएसआर एवं डीएमफटी फंड का उपयोग कर पहले जीर्ण-शीर्ण एवं किराए के भवन में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को शिफ्ट कराना सुनिश्चित करें। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करें। मुख्यमंत्री ने सखी वन स्टाप सेंटर की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि सखी वन स्टाप सेंटर के उपयोग के प्रति महिलाओं को जागरूक कर विभिन्न हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता प्रदान करें। साथ ही इसे स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ जोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला हेल्पलाइन नंबर को लेकर लोगों में जागरूकता लाएं और इस नंबर पर प्राप्त शिकायतों को तत्परता के साथ निराकरण करना सुनिश्चित की जाए। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, निदेशक समाज कल्याण किरण कुमार पासी, विभाग के अपर सचिव अभय नंदन अम्बष्ट, निदेशक आइसीपीएस विजय कुमार सिन्हा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में हो बिजली, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, शौचालय एवं पेयजल आपूर्ति की बेहतर सुविधा सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि किराए पर संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी विद्यालय परिसरों में शिफ्ट किए जाने का कार्य भी विभाग द्वारा किया जा रहा है। इससे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा और इसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि पोषण अभियान योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी सेविकाओं को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने के पश्चात पोषण ट्रैकर पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक दिन की गतिविधियों को अपलोड किया जा रहा है। इससे पर्यवेक्षण में आसानी हो रही है। छूटे हुए पात्र लाभुकों को मिले मंइयां सम्मान एवं सर्वजन पेंशन योजना का लाभ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धारित आयु वर्ग के सभी पात्र व्यक्तियों को पेंशन योजना का लाभ मिले। जो पात्र लाभुक छूटे हुए हैं, उन्हें भी शीघ्र योजना से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने मंइयां सम्मान योजना की कार्य प्रगति की भी जानकारी ली एवं अहर्ता पूरा करने वाले छूटे हुए लाभुकों को भी इस योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।  

दरभंगा के BDO चंद्रमोहन पासवान के खिलाफ कार्रवाई, 89 लाख की अवैध संपत्ति का आरोप

पटना बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की ओर से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में केवटी के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) चंद्रमोहन पासवान के विरूद्ध बुधवार को बड़ी कार्रवाई की गई है। विशेष न्यायालय से अनुमति मिलने पर कार्रवाई ईओयू को विश्वस्त सूत्रों से (बीडीओ) चंद्रमोहन पासवान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। प्राप्त जानकारी के सत्यापनोपरान्त केवटी(दरभंगा) के बीडीओ चन्द्रमोहन पासवान के विरूद्ध ज्ञात आय से अधिक सम्पति अर्जित करने के मामले में 26 मई को आर्थिक अपराध इकाई थाना में कांड संख्या-09/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इस मामले में धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) भ्र0नि0अधि0 1988 (यथा संशोधित 2018) के मामला दर्ज कर विशेष न्यायालय निगरानी, मुजफ्फरपुर से तलाशी की अनुमति ली गई। डीएसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में छापेमारी विशेष न्यायालय निगरानी, मुजफ्फरपुर से अनुमति मिलने के बाद ईओयू की टीम की ओर से उनके 06 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की गई। पुलिस उपाधीक्षक स्तर के पदाधिकारियों के नेतृत्व मे तलाशी की कार्यवाई की जा रही है। 89,13,500 रुपये आय से अधिक सम्पति अर्जित करने का मामला आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या-09/26, में प्राथमिकी अभियुक्त चन्द्रमोहन पासवान, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, केवटी(दरभंगा) के विरूद्ध सत्यापन के क्रम में कुल 89,13,500 रुपये आय से अधिक सम्पति अर्जन करने का प्रथम दृष्टया साक्ष्य पाया गया है, जो उनके ज्ञात आय से लगभग 81.03 प्रतिशत अधिक है। पैतृक और सरकारी आवास-कार्यालय समेत 6 ठिकाने पर छापेमारी इस क्रम में आज 27मई को प्रातः चन्द्रमोहन पासवान, के दरभंगा के बहादुरपुर, अवस्थित आवास एवं व्यवसायिक भवन, बाबूबरही(मधुबनी) के पैतृक आवास एवं व्यवसायिक भवन तथा केवटी(दरभंगा) स्थित कार्यालय और सरकारी आवास सहित कुल 06 ठिकानों पर अलग-अलग टीम की ओर से तलाशी कार्रवाई प्रारम्भ की गई है।  

बिहार के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का कहर, 5 लोगों की मौत

पटना बिहार में पिछले एक सप्ताह से मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ रिकॉर्ड तोड़ गर्मी तो दूसरी और आंधी-बारिश जनजीवन को प्रभावित कर रही है। सोमवार को दोपहर बाद से मंगलवार की सुबह तक 25 जिलों में भारी से हल्के स्तर की बारिश हुई। इस दौरान कटिहार के प्राणपुर में 132.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पुरवा का प्रवाह होने के बावजूद मंगलवार को राज्य के चार जिलों का अधिकतम पारा 40 डिग्री से ऊपर रहा। भभुआ में 43.6, डेहरी में 42.4, औरंगाबाद में 40.8 और छपरा में 40.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं मधेपुरा का अधिकतम तापमान 31.2, पूसा में 32.5, अगवानपुर में 31.3 तो दरभंगा में 32.05 डिग्री सेल्सियस अधिकतम पारा रहा। सोमवार की रात राज्य के कई हिस्सों में 61 किमी की रफ्तार तक आंधी चली। वहीं बुधवार के लिए भी जो पूर्वानुमान जारी किया‌ गया है, उसमें भी सूबे में मौसम के दो रंग होंगे। दक्षिण-पश्चिम भाग के 8 जिले में मौसम शुष्क बने रहने से भीषण गर्मी पड़ेगी तो बाकी हिस्सों में तेज हवा और बारिश के के आसार हैं। आज 24 जिलों में बारिश के आसार बिहार के 24 जिलों में बुधवार को बारिश के आसार हैं। वदीं दक्षिण-मध्य भाग के आठ जिलों में भी एक-दो स्थाानों पर बारिश की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम बाग के छह जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा। मधेपुरा और पूर्णिया में गरज-चमक के साथ भारी बरिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पटना में कैसा रहेगा मौसम पटना में बुधवार को आसमान साफ रहेगा। वहीं गुरुवार से तीन दिनों तक जिले के एक या दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस दौरान ज्यादातर जगहों पर बादल छाए रहेंगे। कहीं तेज बारिश तो मध्यम बारिश हो सकती है। लोगों को थोड़ी राहत मिली पटना में पिछले कई दिनों से पछुआ का प्रवाह जारी था। सोमवार शाम से राजधानी में लगातार पुरवा का प्रभाव जारी रहने के कारण लोगों को गर्मी से आंशिक तौर पर राहत मिली है। वहीं राजधानी पटना के न्यूनतम तापमान में 2.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट और अधिकतम तापमान में 0.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। पटना जिले का अधिकतम तापमान 38.4 और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उत्तर पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल में तबाही उत्तर और पूर्वी बिहार समेत कोसी, सीमांचल में सोमवार रात आई आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। वहीं आंधी-तूफान की चपेट में आने से भागलपुर में तीन, सुपौल व सीवान में एक-एक और नेपाल के रौतहट क्षेत्र में महिला की मौत हो गई, जबकि पूर्वी चंपारण में दीवार गिरने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी व पश्चिम चंपारण, दरभंगा, मधुबनी और मुजफ्फरपुर, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार और भागलपुर में पेड़, बिजली पोल और तार गिरने से जनजीवन प्रभावित हो गया। कई जगहों पर सड़क संपर्क बाधित रहा और घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। आंधी और ओलावृष्टि से आम, लीची, मक्का, मूंग व सब्जियों की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। फूस, चदरा, टीन और एस्बेस्टस से बने घरों को भी भारी क्षति पहुंची है।

प्रार्थना नहीं होने पर विवाद, कटिहार के स्कूल में ‘वंदे मातरम्’ गाने पर हंगामा

बरारी/कटिहार. बिहार के कटिहार जिले में बरारी स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय सह उत्क्रमित मध्य विद्यालय, मौलानाचक गुरमेला में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को चेतना सत्र के दौरान राष्ट्रीय गीत के गायन का विरोध और शिक्षकों के बीच मारपीट की घटना के बाद सोमवार को भी विद्यालय खुलने पर चेतना सत्र आयोजित नहीं हो सका। बिना प्रार्थना के ही कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया गया। इससे अन्य शिक्षकों में आक्रोश है। मामले में आरोप है कि बीते शनिवार को शिक्षक फरहन अंजुम ने चेतना सत्र के दौरान वंदे मातरम् के गायन का विरोध किया। जब अन्य शिक्षकों ने इसे सरकारी निर्देशों का पालन करने की बात कही तो स्थिति विवाद में बदल गई। हाथापाई और गाली-गलौज का आरोप आरोप है कि इस दौरान शिक्षक अबू तालिब ने अन्य शिक्षकों के साथ गाली-गलौज और हाथापाई की। इतना ही नहीं उन्होंने कथित तौर पर माहौल बिगाड़ने की धमकी भी दी। स्थिति तब और बिगड़ गई, जब दोनों शिक्षकों ने समर्थन में विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष सह वार्ड सदस्य अनारूल हक को बुला लिया। इससे विद्यालय परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई और माहौल कुछ समय के लिए अराजक हो गया था। घटना के बाद विद्यालय के शिक्षक पियूष कुमार राणा, अमित कुमार, चांदनी कुमारी, नेहा कुमारी, अमित आनंद और अश्विनी कुमार ने बीआरसी पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में फरहन अंजूम पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के विरोध और अबू तालिब पर गाली-गलौज, हाथापाई तथा दंगा भड़काने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। बताया यह भी जा रहा है कि पूरी घटना विद्यालय के सीसीटीवी में कैद है। जांच के लिए नहीं पहुंचा कोई अधिकारी  इधर, मामले सामने आने के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राज कुमार सिंह ने शनिवार को ही दोनों आरोपित शिक्षकों से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था। सोमवार को बीडीओ धीरेंद्र कुमार धीरज ने विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष सह वार्ड सदस्य अनारूल हक के हस्तक्षेप को लेकर जवाब तलब किया है। हालांकि, इतनी बड़ी घटना के बावजूद सोमवार तक कोई भी वरीय अधिकारी विद्यालय में जांच के लिए नहीं पहुंचे। इससे शिक्षकों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। इसका सीधा असर विद्यालय के पठन-पाठन सहित सामाजिक वातावरण पर भी पड़ता नजर आ रहा है। वंदे मातरम् का विरोध करना अनुशासनहीनता – वंदे मातरम् गायन का विरोध करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। स्पष्टीकरण के जवाब मिलने के बाद अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। प्रार्थना नहीं होने की बात की जानकारी नहीं है। इसे लेकर जांच की जाएगी। – राजकुमार सिंह, बीईओ, बरारी-कटिहार

धनबाद के अधीक्षण इंजीनियर सवनीन्द्र कुमार अब रांची में संभालेंगे जिम्मेदारी

धनबाद. झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा फेरबदल करते हुए राज्यभर के कई वरीय अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला किया है। इस कड़ी में धनबाद विद्युत आपूर्ति आंचल को भी प्रभावित किया गया है। निगम मुख्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के तहत धनबाद विद्युत आपूर्ति अंचल के विद्युत अधीक्षण अभियंता (ईएसई) सवनीन्द्र कुमार कश्यप का स्थानांतरण रांची कर दिया गया है। मुख्यालय स्तर पर भी बड़े बदलाव किए गए उन्हें तत्काल प्रभाव से रांची निगम मुख्यालय में उप महाप्रबंधक (ग्रामीण परियोजना)-I के महत्वपूर्ण पद पर पदस्थापित किया गया है। इसके साथ ही गिरिडीह राजस्व क्षेत्र के विद्युत अधीक्षण अभियंता प्रवीण उरांव को स्थानांतरित करते हुए देवघर विद्युत आपूर्ति अंचल का नया अधीक्षण अभियंता नियुक्त किया गया है। मुख्यालय स्तर पर भी बड़े बदलाव किए गए हैं, जिसमें विभिन्न महाप्रबंधकों (जीएम) और उप महाप्रबंधकों (डीजीएम) को अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं ताकि मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना (एमयूजेवाई) और आरडीएसएस से जुड़े कार्यों को गति दी जा सके। धनबाद से सवनीन्द्र कुमार कश्यप के जाने के बाद अब यहाँ नए अधीक्षण अभियंता की तैनाती को लेकर विभागीय हलचल तेज हो गई है।