samacharsecretary.com

गढ़वा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद, नई नियुक्तियों की प्रक्रिया अंतिम चरण में

 गढ़वा  झारखंड के गढ़वा जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलने वाली है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत चयनित अभ्यर्थियों की बहाली प्रक्रिया अब अपने अंतिम मुकाम पर है. आने वाले 21 मई को सफल अभ्यर्थियों के बीच नियुक्ति पत्र का वितरण किया जाएगा. इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ जॉन एफ कैनेडी ने आधिकारिक जानकारी साझा की है. उपायुक्त करेंगे नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम की शुरुआत सिविल सर्जन ने बताया कि नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम की शुरुआत उपायुक्त अनन्य मित्तल के हाथों होगी. उपायुक्त चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे. इसके बाद बाकी बचे हुए अभ्यर्थियों को सिविल सर्जन कार्यालय के माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे. मूल प्रमाण पत्र सत्यापन पूरा करने वाले अभ्यर्थी ही होंगे शामिल विभाग की ओर से निर्देश दिया गया है कि जिन चयनित अभ्यर्थियों ने अपने मूल प्रमाण पत्रों (ओरिजिनल सर्टिफिकेट) का सत्यापन कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, वे ही इस प्रक्रिया में शामिल होंगे. सभी सफल अभ्यर्थियों को निर्धारित समय पर उपस्थित होकर अपना अस्थायी नियुक्ति पत्र प्राप्त करना होगा. साथ ही, उन्हें आवंटित कार्यस्थल पर जॉइनिंग देने का भी निर्देश दिया गया है. नई तैनाती से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद गौरतलब है कि गढ़वा जिले के कई स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लंबे समय से मानव बल की भारी कमी बनी हुई थी. पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण ग्रामीण इलाकों में मरीजों को समय पर इलाज मिलने में कठिनाई हो रही थी.अब नई तैनाती से न केवल मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा, बल्कि स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन में भी सुगमता आएगी.सिविल सर्जन ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार की उम्मीद है. नए कर्मियों के आने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी.

सदन में आक्रामक रणनीति की तैयारी, बिहार सरकार ने किए नए सचेतकों और उप नेताओं की नियुक्ति

 पटना  बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने विधानसभा और विधान परिषद में बड़ा राजनीतिक और संगठनात्मक फेरबदल कर साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले सत्रों में सत्ता पक्ष आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतरने वाला है। सरकार ने दोनों सदनों में मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक, सचेतक और उप नेता जैसे अहम पदों पर नई नियुक्तियां कर संगठन को धार देने की कोशिश की है। इस बदलाव को सिर्फ औपचारिक नियुक्ति नहीं, बल्कि सत्ता और संगठन के बीच तालमेल मजबूत करने की बड़ी तैयारी माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस फेरबदल में कई पुराने और सक्रिय नेताओं को अहम जिम्मेदारी देकर राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश भी दिख रही है। विधानसभा में संजीव चौरसिया को बड़ी जिम्मेदारी बिहार विधानसभा में भाजपा विधायक संजीव चौरसिया को मुख्य सचेतक बनाया गया है। वहीं मनजीत कुमार सिंह को उप मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजनीतिक हलकों में इसे सदन के भीतर सरकार की रणनीति को और मजबूत करने की कवायद माना जा रहा है। सरकार चाहती है कि आगामी विधानसभा सत्रों में विपक्ष के हमलों का जवाब अधिक संगठित तरीके से दिया जाए। इसी वजह से ऐसे नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है जो सदन की कार्यवाही और संगठन दोनों में सक्रिय माने जाते हैं। विधान परिषद में भी बड़ा संतुलन साधा गया विधान परिषद में भी कई अहम बदलाव किए गए हैं। ललन कुमार सराफ और राजेंद्र प्रसाद गुप्ता को उप नेता बनाया गया है। वहीं संजय कुमार सिंह को मुख्य सचेतक और जनक राम को उप मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा नीरज कुमार और रीना देवी को सचेतक नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है कि परिषद में सरकार अपनी मौजूदगी और समन्वय को और मजबूत करना चाहती है ताकि विधायी कामकाज में किसी तरह की बाधा न आए। कई विधायकों को मिला संगठन में नया रोल विधानसभा में कई विधायकों को सचेतक बनाकर सरकार ने क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने का भी प्रयास किया है। जिन नेताओं को यह जिम्मेदारी मिली है उनमें गायत्री देवी, राजू तिवारी, रामविलास कामत, सुधांशु शेखर, राणा रणधीर, ललित नारायण मंडल, कृष्ण कुमार ऋषि, अरुण मांझी और रत्नेश कुमार शामिल हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार ने ऐसे चेहरों को आगे बढ़ाया है जो अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय और प्रभावशाली माने जाते हैं। इससे सत्ता पक्ष को सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह फायदा मिल सकता है। आखिर क्यों अहम होते हैं सचेतक? सदन की राजनीति में सचेतकों की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। इनकी जिम्मेदारी पार्टी विधायकों और विधान पार्षदों की उपस्थिति सुनिश्चित करना, पार्टी लाइन के अनुसार मतदान कराना और सदन के भीतर अनुशासन बनाए रखना होता है। सरकार जब किसी बड़े विधेयक या महत्वपूर्ण फैसले को सदन में लाती है तो सचेतकों की भूमिका और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है। यही वजह है कि इन पदों पर भरोसेमंद नेताओं की नियुक्ति की जाती है। सम्राट चौधरी ने भेजा आधिकारिक पत्र सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन नियुक्तियों को लेकर बिहार विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद सभापति को आधिकारिक पत्र भेज दिया है। माना जा रहा है कि यह बदलाव आने वाले राजनीतिक और विधायी समीकरणों को ध्यान में रखकर किए गए हैं राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सम्राट सरकार अब सदन के भीतर ज्यादा आक्रामक और संगठित रणनीति के साथ आगे बढ़ने की तैयारी में है।

सम्राट चौधरी सरकार का बड़ा फैसला, शिक्षा समेत कई विभागों के सचिव बदले गए

 पटना बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने एक बार फिर बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 15 सीनियर अधिकारियों का शुक्रवार को एक साथ ट्रांसफर कर दिया गया। कई विभागों के सचिव और अपर मुख्य सचिव बदले गए हैं। वहीं, कुछ प्रमंडलों के आयुक्त को भी इधर-उधर किया गया है। बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल शिक्षा विभाग के नए सचिव होंगे। 1996 बैच के आईएएस सैंथिल कुमार को श्रम संसाधन विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। वह पिछड़ा और अति पिछड़ा कल्याण विभाग के भी अपर मुख्य सचिव के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे। वह पहले गन्ना उद्योग विभाग के एसीएस थे। नई व्यवस्था में एचआर श्रीनिवास को पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। कोसी और पूर्णिया के प्रमंडलीय आयुक्त का ट्रांसफर मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त प्रेम सिंह मीणा को भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है। कोसी (सहरसा) और पूर्णिया के प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार का पटना ट्रांसफर कर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग का प्रधान सचिव बना गया है। पंकज पाल पथ निर्माण विभाग के नए सचिव पीएचईडी विभाग के पंकज कुमार पाल सचिव को पथ निर्माण विभाग का सचिव बना दिया गया है। वहीं, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह को सूचना प्रावैधिकी विभाग में तबादला कर दिया गया है। उनके पास बेल्ट्रॉन के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार रहेगा धर्मेंद्र गन्ना उद्योग विभाग के सचिव सहकारिता विभाग के सचिव आईएएस धर्मेंद्र सिंह का गन्ना उद्योग विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया है। इसी तरह, दीपक आनंद को श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग से हटाकर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में तैनात किया गया है। विनोद सिंह गुंजियाल शिक्षा विभाग के नए सचिव, बी राजेंदर को हटाया बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल को शिक्षा विभाग का सचिव बना दिया गया है, वह विभाग के संपूर्ण प्रभार में रहेंगे। इसके अतिरिक्त वह खेल विभाग में भी सचिव का पद संभालेंगे। दोनों विभागों के वे अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे। साथ ही, बी राजेंदर को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। वह सामान्य प्रशासन विभाग के एसीएस हैं। भागलपुर के प्रमंडलीय आयुक्त का ट्रांसफर भागलपुर के प्रमंडलीय आयुक्त अवनीश कुमार सिंह का पटना ट्रांसफर कर दिया गया है। वह खान एवं भूतत्व विभाग का सचिव बनाए गए हैं। दरभंगा के प्रमंडलीय आयुक्त हिमांशु कुमार राय को कोसी प्रमंडल का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है। जीविका के सीईओ हिमांशु शर्मा को विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग का प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है। उनके पास जीविका का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। पूर्णिया के डीएम के पास प्रमंडलीय आयुक्त का भी प्रभार पूर्णिया के डीएम अंशुल कुमार को पूर्णिया के प्रमंडलीय आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर को सीएम सचिवालय में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। भोजपुर और नालंदा के उप विकास आयुक्त का ट्रांसफर भोजपुर जिला परिषद की मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी गुजंन सिंह को सीएम सचिवालय में संयुक्त सचिव की पोस्ट मिली है। नालंदा के उप विकास आयुक्त को पटना का उप विकास आयुक्त सह जिला परिषद का मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी नियुक्त किया गया है

कुचाई शिव मंदिर में हठभक्ति का अद्भुत नजारा, महिलाओं समेत सैकड़ों भक्तों ने आग पर चलकर निभाई आस्था

 सरायकेला वैशाख महीने की तपती गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर में शुक्रवार को आस्था, तपस्या और हठभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला. वैशाख संक्रांति के अवसर पर सैकड़ों शिवभक्तों ने दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलकर अपनी श्रद्धा और भक्ति का परिचय दिया. मंदिर परिसर में सुबह से ही धार्मिक माहौल बना रहा और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना में लीन दिखे. मन्नत पूरी होने पर अंगारों पर चले श्रद्धालु वैशाख संक्रांति के मौके पर शिवभक्तों ने गुरुवार से ही उपवास और व्रत रखकर पूजा-अर्चना शुरू कर दी थी. भक्तों ने मंदिर परिसर में भैरवनाथ की विशेष पूजा की और भगवान शिव से मांगी गई मन्नत पूरी होने की खुशी में जलते अंगारों पर चलकर अपनी हठभक्ति का प्रदर्शन किया. भक्तों का मानना है कि शरीर को कष्ट देकर वे अपने आराध्य देव महादेव के प्रति समर्पण और विश्वास व्यक्त करते हैं. अंगारों पर चलते समय श्रद्धालुओं के चेहरे पर न डर दिखाई दिया और न ही दर्द का कोई भाव. ढोल और नगाड़ों की थाप के बीच भक्त पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ आग पर चलते रहे. महिलाओं ने भी निभाई आस्था की परंपरा हठभक्ति की इस परंपरा में महिलाओं की भागीदारी भी काफी बड़ी रही. माथे पर जल से भरा कलश लेकर महिलाएं स्थानीय जलाशयों से मंदिर परिसर तक पहुंचीं. इसके बाद उन्होंने सबसे पहले जलते अंगारों पर चलकर अपनी आस्था प्रकट की और फिर मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया. ढोल-नगाड़ों की धुन पर महिलाएं भी पूरे उत्साह के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुईं. बताया गया कि इस वर्ष सौ से अधिक महिलाओं ने अंगारों पर चलकर अपनी मन्नत पूरी होने की खुशी जाहिर की. श्रद्धालुओं का कहना है कि भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास ही उन्हें यह शक्ति प्रदान करता है. हजारों श्रद्धालुओं ने देखा भक्ति का अनोखा दृश्य कुचाई शिव मंदिर में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान को देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. मंदिर परिसर और आसपास का इलाका सुबह से ही भक्तिमय माहौल में डूबा रहा. श्रद्धालु पूरे आयोजन के दौरान भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते रहे. इस अवसर पर पुजारी गोपाल चंद्र तिवारी ने विधिवत पूजा-अर्चना कराई. वहीं गोपी राम सोय, दिनेश महतो, विष्णु महतो, लाल बिहारी महतो, लुदरी हेंब्रम, रेखा दास, विष्णु सोय, गोपी सोय, अक्षय महतो और सामु सोय समेत दर्जनों भोक्ताओं ने आग पर चलकर हठभक्ति की परंपरा निभाई. 209 वर्षों से निभाई जा रही है परंपरा कुचाई स्थित शिव मंदिर में आग पर चलने की यह परंपरा करीब 209 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है. बताया जाता है कि 13 मई 1817 में मंदिर की स्थापना के बाद से हर वर्ष वैशाख संक्रांति के अवसर पर यह धार्मिक आयोजन किया जाता है. स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार यह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास और समर्पण का प्रतीक है. पीढ़ी दर पीढ़ी लोग इस अनुष्ठान में शामिल होकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते आ रहे हैं. शरीर को कष्ट देकर मिलती है आत्मिक शांति हठभक्ति में शामिल भक्तों का कहना है कि शरीर को कष्ट देकर उन्हें मानसिक और आत्मिक शांति मिलती है. उनका मानना है कि यह पूरी प्रक्रिया भगवान शिव को समर्पित है और उनकी कृपा से ही भक्त बिना किसी नुकसान के आग पर चल पाते हैं. भोक्ताओं के अनुसार वर्षों से इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है, लेकिन आज तक किसी भक्त को आग पर चलने से कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ. श्रद्धालुओं का कहना है कि न तो किसी को गंभीर जलन की समस्या हुई और न ही किसी को इलाज की जरूरत पड़ी. भक्त इसे भगवान की महिमा और आस्था की शक्ति मानते हैं. श्रद्धालुओं ने साझा किया अनुभव श्रद्धालु सुजन सिंह सोय ने बताया कि वैशाख संक्रांति के अवसर पर कुचाई शिव मंदिर में पिछले 209 वर्षों से आग पर चलने की परंपरा निभाई जा रही है. उन्होंने कहा कि हर वर्ष सैकड़ों श्रद्धालु इस धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेते हैं और भगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. वहीं भोक्ता दिनेश महतो ने बताया कि वे पिछले 18 वर्षों से इस परंपरा का हिस्सा बन रहे हैं. उन्होंने कहा कि भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था ही उन्हें हर वर्ष अंगारों पर चलने की शक्ति देती है. श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया यह अनुष्ठान उनके जीवन में आत्मिक संतोष और शांति प्रदान करता है.

वाहन चालकों पर बढ़ा बोझ, मांडर टोल पर फिर बढ़े नए रेट

 मांडर एनएच में मांडर टोल प्लाजा में एक महीने में दूसरी बार टोल टैक्स के दर में भारी बढ़ोतरी वाहन मालिक पर बोझ बनते जा रहा है। बताया जा रहा है कि यहां एक अप्रैल को ही टोल टैक्स के दरों में प्रति वाहन 5 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। उसके बाद फिर एक माह पूरा होते ही दूसरी बार एक मई से प्रति वाहन 40 से 275 रुपये तक टोल टैक्स बढ़ा दिया गया है। मांडर टोल प्लाजा के मैनेजर अभिषेक साहू के अनुसार पूर्व में कार, जीप, वैन अन्य लाइट वाहन का सिंगल जर्नी में टोल टैक्स 80 रुपये और उसी दिन रिटर्न जर्नी पर 115 रुपये लगता था। जो अब बढ़कर 120 व 180 रुपये हो गया है। सेम डे के रिटर्न जर्नी बढ़कर 405 व 610 इसी तरह कमर्शियल व्हीकल व लाइट गुड्स व्हीकल में पूर्व में टोल टैक्स का दर सिंगल जर्नी में 125 व रिटर्न जर्नी पर 190 रुपये थे जो अब बढ़कर 195 व 290 रुपये हो गया है। बस व ट्रक में पहले सिंगल जर्नी में 265 व सेम डे के रिटर्न जर्नी में 395 रुपये लगता था जो अब बढ़कर 405 व 610 हो गया है। थ्री एक्सल कमर्शियल व्हीकल में पूर्व में सिंगल जर्नी में 285 व रिटर्न जर्नी में 430 रुपये लगता था जो अब बढ़कर 445 व 665 हो गया है। चार से छह एक्सल वाले व्हीकल में पूर्व में सिंगल जर्नी पर 410 व रिटर्न जर्नी पर 620 रुपये लगता था जो अब बढ़कर 635 व 955 हो गया है। फास्टटैग लेन देन ऑटोमेटिक मोड से होगा इसके अलावा ओवरसाइज व्हीकल में पूर्व में सिंगल जर्नी पर 500 व सेम डे रिटर्न जर्नी पर 755 रुपये लगते थे जो अब बढ़कर 775 के 1165 रुपया हो गया है। इसके अलावा सभी प्रकार के वाहनों के मासिक पास के दर में भी भारी बढ़ोतरी की गई है। साथ ही टोल प्लाजा में अब एक मई से सौ प्रतिशत फास्टटैग लेन देन ऑटोमेटिक मोड से होगा। वाहन का नंबर डालकर मैनुअल मोड की व्यवस्था बंद हो गई है. मैनेजर अभिषेक साहू ने बताया की टॉल टैक्स दर मे बढ़ोतरी मांडर के अलावा रांची गुमला मार्ग पतराचौली टॉल प्लाजा मे दरों की बढ़ोतरी हुई है।  

मुजफ्फरपुर में फार्मर रजिस्ट्री अभियान तेज,पीएम किसान और सब्सिडी योजनाओं से जोड़ने की पहल

 मुजफ्फरपुर  कम जमीन वाले किसान भी हैं तो अनिवार्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री (Bihar Farmer Registry 2026) कराएं। यह जरूरी नहीं है कि जिनके पास बीघा और एकड़ में जमीन है वही किसान है। किसी ने एक या दो कट्ठा भूमि भी खेती के लिए खरीदी है। अगर उनके नाम पर जमाबंदी है तो अनिवार्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री कराएं, ताकि उन्हें उर्वरक, धान अधिप्राप्ति, पीएम किसान सम्मान निधि योजना समेत सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उक्त बातें गुरुवार को डीएम सुब्रत कुमार सेन ने प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री अभियान, जनगणना और सहयोग शिविर के बारे में जानकारी दी और इसमें अधिक से अधिक लोगों को भागीदार बनने की अपील की। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक कुल दो लाख 74 हजार 321 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री के तहत निबंधन किया जा चुका है। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े किसानों की संख्या एक लाख 41 हजार 185 है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभुक किसानों की कुल संख्या चार लाख 16 हजार 805 है। वहीं, अब तक चार लाख 55 हजार 975 किसानों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है। पीएम किसान योजना से जुड़े दो लाख 93 हजार 899 किसानों का ई-केवाईसी कार्य भी पूर्ण हो चुका है। सहयोग सेल का किया गया गठन डीएम ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी सात निश्चय-तीन योजना के अंतर्गत सबका सम्मान जीवन आसान के तहत सहयोग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। 19 मई से इसकी शुरुआत होगी। आम नागरिकों की सुविधा के लिए सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया गया है, जो निःशुल्क है। शिविरों की मानिटरिंग के लिए उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में सहयोग सेल का गठन किया गया है। करीब सात लाख परिवारों तक पहुंचे प्रगणक डीएम ने जनगणना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि एक लाख नौ हजार 797 परिवारों ने स्वगणना किया। मकानों की सूचीकरण प्रक्रिया एवं संबंधित सर्वेक्षण कार्य दो से 31 मई तक चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में कुल 9151 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक हैं। इनमें से 9015 एचएलबी में कार्य प्रगति पर है। अब तक जिले में कुल छह लाख 80 हजार 493 परिवारों को कवर किया गया है। वहीं, कुल 32 लाख 25 हजार 610 आबादी की गणना की जा चुकी है। जिला जनगणना कोषांग का गठन स्थानीय संयुक्त भवन में किया गया है। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी को प्रभारी बनाया गया है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे सरकार द्वारा संचालित अभियान में सक्रिय सहभागी बनें, सहयोग करें तथा सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

ईंधन बचत की पहल: बिहार सीएम और मंत्रियों ने कम किए सरकारी वाहनों के इस्तेमाल

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को नो व्हीकल डे मनाया। मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास लोकसेवक आवास से पैदल चलकर 4 कस्तुरबा गांधी मार्ग सचिवालय स्थित अपने दफ्तर पहुंचे। सम्राट चौधरी के साथ उनके सुरक्षाकर्मी और सीएम कार्यालय के अधिकारी, कर्मी भी पैदल ही पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यह कदम उठाकर बिहार की जनता को बड़ा संदेश दिया है कि यदि आवश्यक नहीं हो तो गाड़ियों के इस्तेमाल से बचें और डीजल, पेट्रोल की खपत पर नियंत्रण करें। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के असर के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री के बाद पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश भी पैदल चलकर अपने ऑफिस आए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने सही कहा है। वर्तमान हालातों में इंधन की खपत पर नियंत्रण करना बहुत जरूरी है। इससे पार्यावरण की शुद्धता बनी रहेगी और स्वास्थ्य के ख्याल से भी अच्छा रहेगा। उन्होंने बिहार के आम जनों से अपील की कि सप्ताह में एक दिन गाड़ियों के उपयोग से बचें। आवास से अपने दफ्तर पैदल जाते पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश इससे पहले गुरुवार और बुधवार को मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या में कटौती की। बुधवार को मुख्यमंत्री मात्र तीन गाड़ियों के काफिले के साथ अपने ऑफिस में पहुंचे। सीएम का अनुसरण करते हुए कई मंत्री भी एक या दो गाड़ी के साथ ही कार्यालय आए। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा एक मात्र कार से आए। वे इलेक्ट्रिक कार से पहुंचे। गुरुवार को सीएम सम्राट चौधरी दरभंगा जाने के लिए पटना एयरपोर्ट पर पहुंचे तो उनके साथ एक अपनी और एक सुरक्षा कर्मियों की गाड़ी थी।     बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज अपने आवास से सचिवालय पैदल ही गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद सीएम ने अपना काफिला 3 वाहन तक समेट दिया है। बाकी मंत्री और नेता भी कम वाहनों के साथ चलने लगे हैं। कुछ ट्रेन से आते-जाते दिखे हैं।      गुरुवार को सम्राट कैबिनेट के खान एवं भूतत्व मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने ट्रेन की सवारी की। उन्हें गया जी जाना था तो ट्रेन का सहारा लिया। वंदे भारत ट्रेन से वे गया जी पहुंचे जहां से स्थानीय गाड़ी से आगे निकले। उन्होंने कहा कि ईंधन संरक्षण केवल एक आह्वान नहीं, बल्कि हमारी साझा जिम्मेदारी है। ट्रेन यात्रा से न केवल पेट्रोल-डीजल की बचत हुई, बल्कि हम आम यात्रियों के बीच घुलमिलकर उनके मुद्दों को समझने का अवसर भी मिला। उन्होंने कहा कि यह यात्रा ईंधन बचत के साथ सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहन देने का प्रयास है। बिहार सरकार विभिन्न योजनाओं में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है। यह उसी दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण है। सीएम की पहल का बड़ा असर वैशाली में दिखा। वैशाली डीएम वर्षा सिंह ने शनिवार को नो व्हीकल डे घोषित किया है। डीएम ने कहा कि मध्य पूर्व में तनाव के कारण ईंधन बचत जरूरी है। शनिवार को सरकारी कर्मी वाहन का प्रयोग नहीं करेंगे। जनता से भी अपील की गई है कि कम से कम वाहन का प्रयोग करें। बस, ऑटो का इस्तेमाल ज्यादा करें। अनावश्यक यात्रा से बचने और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया है।

वायरल वीडियो मामल,जेडीयू विधायक अनंत सिंह की बढ़ीं मुश्किलें, पुलिस ने जांच तेज की

गोपालगंज बिहार की राजनीति में हमेशा चर्चा में रहने वाले मोकामा के जेडीयू विधायक और बाहुबली छवि वाले विधायक अनंत सिंह की परेशानियां एक बार फिर बढ़ गई हैं। उन्हें गोपालगंज वाले निजी कार्यक्रम में हथियारों की जांच कराने के लिए मीरगंज थाने आना होगा। अनंत सिंह को आना होगा मीरगंज थाने गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र में दर्ज वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने MLA अनंत सिंह को आज यानी 15 मई को थाने में उपस्थित होकर हथियारों की फॉरेंसिक (FSL) और बैलेस्टिक जांच कराने का नोटिस जारी किया है। इस जांच से यह साफ हो जाएगा कि वीडियो में दिखाए गए हथियार लाइसेंसी थे या अवैध। कोर्ट से भी अनंत सिंह को राहत नहीं इस मामले में गोपालगंज की एडीजे-1 कोर्ट में 12-13 मई को सुनवाई हुई, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। कोर्ट ने मामले को MP-MLA स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। जिसे बाद में जिला जज की अदालत में ट्रांसफर किया गया। अब इस याचिका पर आगे की सुनवाई भी आज ही यानि 15 मई को होने की संभावना है। कोर्ट का यह फैसला अनंत सिंह के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इन लोगों पर भी मामला है दर्ज मीरगंज थाना में कांड संख्या 247/2026 दर्ज किया गया है। इसमें अनंत सिंह, भोजपुरी गायक गुंजन सिंह, कार्यक्रम के आयोजक गुड्डू राय समेत कुल 9 नामजद आरोपी हैं। पुलिस के अनुसार, आयोजन में सार्वजनिक स्थान पर हथियार प्रदर्शन, शांति भंग और अश्लीलता जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। गोपालगंज पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच तेज कर दी है। इस मामले में अनंत सिंह ने गोपालगंज कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। क्या है पूरा मामला, जानिए     2-3 मई 2026 को अनंत सिंह मीरगंज थाना के अंतर्गत आने वाले सेमराव (सेमरा) गांव आए थे।     जनेऊ संस्कार (उपनयन संस्कार) कार्यक्रम से जुड़ा है पूरा मामला।     दो दिन के इस कार्यक्रम में अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे।     वीडियो में उनके समर्थक हथियार लहराते नजर आ रहे हैं।     साथ ही डांस नृत्य और नोट उड़ाने के वीडियो भी वायरल हुए।     वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला, जिसके बाद पुलिस ने संज्ञान लिया। अनंत सिंह ने बताया बेबुनियाद और साजिश हालांकि अनंत सिंह ने पूरे मामले को बेबुनियाद और साजिश बताया है। उनका कहना है कि वे केवल कार्यक्रम में शामिल हुए थे और बिहार में ऐसे आयोजन आम हैं। उन्होंने हथियार प्रदर्शन या अश्लीलता से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है। बैलिस्टिक रिपोर्ट बन सकती है केस का टर्निंग पॉइंट पुलिस की FSL और बैलेस्टिक रिपोर्ट इस केस का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है। अगर हथियार अवैध पाए गए तो अनंत सिंह पर आर्म्स एक्ट के सख्त प्रावधान लागू हो सकते हैं। वहीं, अगर लाइसेंसी साबित हुए तो भी सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शन का मामला बाकी रहेगा।अनंत सिंह बिहार राजनीति के चर्चित चेहरे रहे हैं। कई आपराधिक मामलों का सामना करने के बावजूद वे लगातार चुनाव जीतते आए हैं। यह नया केस उनकी छवि पर फिर से सवालिया निशान लगा रहा है। कुल मिलाकर 15 मई को उन्हें थाने के साथ-साथ कोर्ट में भी हाजिरी बजानी होगी।  

झारखंड प्रशासन अलर्ट: ड्रग्स नेटवर्क खत्म करने के लिए तेज निगरानी और कार्रवाई का प्लान

 रांची  जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित डिस्ट्रीक्ट एनसीओआरडी कमिटी (नारकोटिक्स कंट्रोल को-ऑर्डिनेशन) की महत्वपूर्ण बैठक में जिले में बढ़ते नशीले पदार्थों के कारोबार, तस्करी और दुरुपयोग पर सख्त रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने संयुक्त कार्रवाई की रूपरेखा तय की। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के सभी थाना क्षेत्रों में ड्रग हाट स्पाट्स की तत्काल पहचान कर विशेष निगरानी बढ़ाई जाए। साथ ही एनडीपीएस एक्ट के लंबित मामलों की तेज जांच और अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया डी-एडिक्शन सेंटर से जोड़ने का लक्ष्य बैठक में स्कूलों, कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में नियमित जागरूकता अभियान चलाने तथा नशे की गिरफ्त में आए युवाओं की पहचान कर उन्हें डी-एडिक्शन सेंटर से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया। मेडिकल दुकानों, फार्मेसी और रसायनिक दुकानों की सघन जांच कर प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के निर्देश भी दिए गए। गैर कानूनी रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों पर कार्रवाई उपायुक्त ने सीमावर्ती इलाकों और परिवहन मार्गों पर चेकपोस्ट मजबूत करने तथा इंटर-स्टेट ड्रग तस्करी रोकने के लिए पड़ोसी जिलों के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। ड्रग तस्करों की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया तेज करने और उनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में जिले में गैर कानूनी रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। वहीं अफीम की खेती रोकने के लिए पंचायत स्तर पर व्यापक अभियान चलाने की योजना बनाई गई, जिसमें मुखिया, प्रधान, समाजसेवी और जेएसएलपीएस को जोड़ा जाएगा। उपायुक्त ने अफीम की खेती से जुड़े लोगों की पहचान कर उनकी पुरानी गतिविधियों के आधार पर निगरानी रखने तथा दोबारा इस अवैध कार्य में शामिल होने से रोकने के निर्देश दिए। साथ ही ड्रग्स बेचने वालों पर कड़ी नजर रखते हुए कठोर कार्रवाई करने को कहा गया। बैठक में गौतम गोस्वामी, कुमार रजत, डॉ. प्रभात कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित थे। नशा मुक्त रांची के लक्ष्य को हासिल करना उद्देश्य उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा, रांची जिला युवा बहुल है। हमारी आने वाली पीढ़ी को नशीले पदार्थों के खतरे से बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन और पुलिस पूर्ण समन्वय के साथ काम कर नशा मुक्त रांची के लक्ष्य को हासिल करेंगे। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि ड्रग तस्करी, अवैध ड्रग्स बिक्री, गांजा या अफीम की खेती अथवा किसी भी नशीले पदार्थ से जुड़ी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस, स्थानीय थाना या मादक पदार्थ निषेध सूचना केंद्र के टोल फ्री नंबर 1933 पर सूचना दें। गुमनाम सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

रांची में नई योजन,बिना नक्शा बने मकानों को नियमित करने का मिलेगा मौका

रांची नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने आम लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के अंदर अपने अवैध बने भवनों को नियमित करने के लिए आवेदन कर दें ताकि समय पर काम पूरा हो सके। वह गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में झारखंड अनधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली, 2026 के तहत ऑनलाइन पोर्टल का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है जहां आम लोगों को मौका प्रदान किया जा रहा है कि वे भवनों का नियमितीकरण करा सकेंगे। सरकार ने आम लोगों को राहत प्रदान करने के लिए यह योजना लांच की है। अब लोग घर बैठे पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर अपना मकान नियमित करा सकेंगे। सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर आम लोगों को राहत देते हुए अनियमित मकानों के नियमितीकरण के लिए यह अवसर प्रदान किया गया है। नगर विकास विभाग ने अथक प्रयासों के बाद इस योजना को मूर्तरूप दिया है। अब आनलाइन पोर्टल का शुभारंभ हो चुका है। लोग अब पोर्टल के माध्यम से अपने मकानों के नियमितीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। और अपने मकानों को नियमित करा सकेंगे। योजना को सफल बनाने के लिए आम लोगों का सहयोग जरूरी है। सरकार की नीतियों के अनुपालन में जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण है। भवन नियमितीकरण का उद्देश्य अनियमितीकरण को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि जो लोग बिना नक्शा और मास्टर प्लान के मकान बना लिए हैं, उन लोगों के लिए एक मौका दिया गया है। सरकार ने इसके लिए नियमावली को बहुत ही सरल बनाया है। नियमित करने में लगने वाली राशि को भी तीन किस्तों में भुगतान का प्रविधान कर लोगों को राहत देने का काम किया है। व्यवस्थित शहरीकरण ही उद्देश्य : सुनील कुमार प्रधान सचिव सुनील कुमार ने कहा कि सरकार नगरीय क्षेत्रों के विकास को गंभीरता से ले रही है । शहर की सूरत बदल रही है। रांची में तीन फ्लाइओवर बन कर तैयार है। सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाइओवर पर भी काम चल रहा है। अरगोड़ा, करमटोली और हरमू में तीन नए फ्लाइओवर की स्वीकृति मिल चुकी है। जमशेदपुर और धनबाद में भी फ्लाईओवर बन रहे हैं। मुख्यमंत्री का निर्देश है कि शहरीकरण अव्यवस्थित ढंग से ना हो। रोड, फुटपाथ, टाउनहाल, नाली आदि व्यवस्थित हों। शहरों में उन्नत बस स्टैंड की दिशा में काम जारी है। निकायों का राजस्व बढ़ाने पर फोकस है। टाउन प्लानर, इंजीनियर आदि की नियुक्ति सरकार ने की है। उन्होंने नियमितीकरण की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि दो माह के अंदर आनलाइन आवेदन करना है और छह माह के अंदर नियमितीकरण का निर्णय ले लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जी 2 और 300 वर्गमीटर से कम में बने मकानों का ही नियमितीकरण होगा। योजना से आम लोगों को राहत सूडा निदेशक सूरज कुमार ने कहा कि भवन नियमितीकरण नियमावली -2026 सरकार का ऐतिहासिक कदम है। किसी कारण से लोगों ने अपना मकान बिना नक्शा पास कराए बना लिया है। ऐसे अनधिकृत भवनों के नियमितीकरण का निर्णय सरकार ने लिया है, ताकि झारखंड के नागरिकों को राहत पहुंचाई जाय।इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोग उठाएं। इसके लिए पोर्टल पर जाकर आनलाइन आवेदन करें।उन्होंने पोर्टल आवेदन करने की विधि का लाइव डेमोस्ट्रेशन भी दिया। इस अवसर पर नगर विकास विभाग के विशेष सचिव ज्ञानेंद्र कुमार, अपर सचिव जुल्फिकार अली, धनबाद नगर आयुक्त आशीष सहित नगर विकास एवं राज्य शहरी विकास अभिकरण के पदाधिकारीगण और फिक्की के पदाधिकारी उपस्थित थे।