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सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के संकल्प की सिद्धि का प्रयास है यह यात्रा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सोमनाथ हमारी प्राचीन विरासत, आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। सोमनाथ साक्षी है कि सृजन शक्ति हमेशा विनाशकारी शक्ति से प्रभावी होती है। सोमनाथ की प्रत्येक ईट, भक्ति का ताप और भारत के पुनरुत्थान का गौरव कहती है। इतिहास में कई बार मंदिर को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रत्येक विध्वंस के बाद यह मंदिर और अधिक भव्यता के साथ उठ खड़ा हुआ। सत्रह बार आक्रमण के बाद भी शाश्वत शिव यहीं विराजते हैं। मंदिर के इतिहास में वर्ष 2026 खास महत्व रखता है। एक हजार वर्ष पहले 1026 में पहली बार मंदिर पर आक्रमण हुआ था। इसी वर्ष जनवरी में आक्रमण के ठीक एक हजार वर्ष बाद प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ में भव्य स्वाभिमान पर्व मनाया गया। बाबा सोमनाथ की दिव्यता और भव्यता आज भी अलौकिक और अद्वितीय है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में विरासत से विकास की यात्रा जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 1 से 'सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' के प्रथम जत्थे को रवाना कर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह गौरवशाली यात्रा 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के अंतर्गत निकाली जा रही है। मुख्यमंत्री को यात्रियों ने शौर्य के प्रतीक स्वरूप भेंट किया त्रिशूल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना किया और कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। देश की प्रमुख 21 नदियों के जल कलशों का भी पूजन–अर्चन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर ढोल–धमाकों और डमरू की थाप पर उत्साह के साथ भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पर 21 नदियों का जल अर्पित करने के लिए यात्रियों को जल कलश तथा ध्वजा सौंपी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को यात्रियों ने शौर्य के प्रतीक स्वरूप त्रिशूल भेंट किया। कार्यक्रम में विधायक  रामेश्वर शर्मा के साथ  रविन्द्र यती,  राहुल कोठारी, अन्य जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित थे। भगवान के जप, सत्संग, कीर्तन के साथ यात्रा रहेगी अविस्मरणीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भोपाल, उज्जैन, सीहोर, रायसेन, विदिशा, नीमच, मंदसौर, आगर–मालवा आदि जिलों के तीर्थयात्रियों को लेकर यह ट्रेन, 8 मई को सोमनाथ पहुंचेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ट्रेन के सभी यात्रियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति "जियो और जीने दो'' की संस्कृति है। भगवान के जप, सत्संग, कीर्तन के साथ परस्पर स्नेह और प्रेम के वातावरण में की गई यात्रा सभी भक्तों के लिए अविस्मरणीय रहेगी। हम अपने जीवन का उपयोग भाईचारे के साथ कल्याणकारी कार्यों में करें और सम्पूर्ण मानव जाति को परिवार की तरह देखते हुए जीवनयापन करें, यही भारतीय संस्कृति का मूल्य है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में जारी सांस्कृतिक जागरण का अभियान राष्ट्रीय एकता को निरन्तर सुदृढ़ कर रहा है। भगवान राम के अयोध्या धाम और भगवान कृष्ण की मथुरा के साथ ही बंगाल के कालीघाट तक सनातन संस्कृति की ध्वजा चारों तरफ लहरा रही है। गंगोत्री से गंगा सागर तक यह भाव सर्वत्र व्याप्त है। महाकाल महालोक से सुदृढ़ हो रही एकता की भावना मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के लिए हेलिकॉप्टर सेवा आरंभ की गई है। इंदौर से उज्जैन, ओंकालेश्वर, महाकालेश्वर और भोपाल से ओरछा–चंदेरी तथा जबलपुर से मैहर की माता और कान्हा किसली तथा पेंच के लिए हेलिकाप्टर सेवा उपलब्ध है। राज्य सरकार ने 13 धार्मिक लोक का निर्माण कराया है। बाबा महाकाल का महालोक बनने के बाद उज्जैन की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। वर्तमान में प्रतिदिन डेढ़ लाख से अधिक लोग उज्जैन में दर्शन के लिए पधार रहे है। इससे होटल, ऑटो, ठेले वाले आदि सभी के व्यवसाय में वृद्धि हो रही है। महाकाल महालोक देश के विभिन्न भागों में रह रहे लोगों के मध्य आपसी सांस्कृतिक आदान–प्रदान का अवसर उपलब्ध कराकर एकता की भावना को भी सुदृढ़ कर रहा है, यही एकता की भावना एकात्मता में परिवर्तित हो रही है। प्रदेश के विभिन्न अंचलों के लोगों को मिलेगा सोमनाथ मंदिर के दर्शन का लाभ विधायक  रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धार्मिक महत्व के भवनों और स्थानों को वैभव प्रदान किया जा रहा है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न अंचलों के लोगों को सोमनाथ मंदिर के दर्शन के साथ अनेक सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होने का मौका मिलेगा। यह यात्रा सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के संकल्प की सिद्धि का प्रयास है। यह यात्रा जन–जन के मन में स्वाभिमान और श्रद्धा के भाव का संचार करेगी "मध्यप्रदेश से पहली बार निकलने वाली इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से 1,100 श्रद्धालुओं का दल सम्मिलित हो रहा है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु सोमनाथ की पावन धरा पर आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, दर्शन और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता करेंगे। श्रद्धा और भक्ति के इस अनूठे संगम का समापन 11 मई, 2026 को होगा, जब यह दल सोमनाथ महादेव का आशीर्वाद और सांस्कृतिक गौरव की स्मृतियां लेकर वापस लौटेगा। यह यात्रा जन–जन के मन में स्वाभिमान और श्रद्धा के भाव का संचार करेगी।  

चिलचिलाती धूप में फंसे लोग, कांग्रेस के प्रदर्शन से आमजन परेशान

इंदौर  किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को प्रदेशभर में चक्काजाम किया, लेकिन इसका सबसे ज्यादा खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा। इंदौर के राऊ-पिगडंबर स्थित आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग (एबी रोड) पर ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी कर करीब सवा तीन घंटे तक सड़क जाम रखी। जिससे यात्री, विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग और ट्रक चालक तेज गर्मी में बेहाल होते रहे। एंबुलेंस, बारात और यात्री बसें तक जाम में फंस गईं। जीतू पटवारी का नेतृत्व: मक्सी टोल प्लाजा पर प्रदर्शन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शाजापुर के मक्सी रोजवास टोल प्लाजा पर भी प्रदर्शन किया, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज दबाई जा रही है, जरूरत पड़ी तो इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। आरोप लगाया कि गेहूं बेचने के लिए किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और टोकन व्यवस्था पूरी तरह फेल है। इस दौरान पटवारी गेहूं से भरी ट्राली पर बैठे रहे, जिससे ट्राली से गेहूं सड़क पर बिखर गया और कार्यकर्ता उसी पर चलते रहे। इंदौर में ट्रैक्टर-ट्रालियों से दोनों लेन बंद, लगा लंबा जाम इधर, इंदौर के मेडिकैप्स चौराहे पर कांग्रेस और किसान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुबह करीब 11 बजे ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी कर एबी रोड की दोनों लेन बंद कर दीं। देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आंदोलन में विधायक विक्रांत भूरिया, बदनावर विधायक भैरोसिंह शेखावत, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी, इंदौर कांग्रेस जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े और किसान कांग्रेस अध्यक्ष जीतू ठाकुर समेत कई नेता शामिल हुए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी कुछ देर रुक कर अपनी बात रखी। दोपहर ढाई बजे आंदोलन खत्म हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली। आम जनजीवन अस्त-व्यस्त: छात्र और बाराती हुए परेशान चक्काजाम से मेडिकैप्स यूनिवर्सिटी की कक्षाएं प्रभावित हुईं और विद्यार्थी कॉलेज नहीं पहुंच सके। बारात की गाड़ी करीब एक घंटे तक सड़क पर अटकी रही। जयपुर से महू जा रहीं यात्री जयवंती सोनी तीन घंटे तक बस में फंसी रहीं। वहीं पीथमपुर में नौकरी ज्वाइन करने जा रहे अर्जुन झा समय पर कंपनी नहीं पहुंच सके। धार के खलघाट और खरगोन-धार-बड़वानी सीमा क्षेत्र में भी प्रदर्शन हुआ।  

अद्भुत कहानी जेल से: मुस्लिम महिला जेलर ने उम्रकैद के हिंदू युवक से बंधाई शादी

छतरपुर  जिले के लवकुशनगर में एक अनोखी प्रेम कहानी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। केंद्रीय जेल सतना में पदस्थ मुस्लिम महिला सहायक जेल अधीक्षिका फिरोजा खातून ने हत्या के मामले में सजा काट चुके हिंदू युवक धर्मेंद्र सिंह चंदला से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह कर लिया। यह शादी 5 मई को वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रस्मों के बीच संपन्न हुई। खास बात यह रही कि लड़की पक्ष के परिजन शादी में शामिल नहीं हुए, जिसके बाद बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कन्यादान की रस्म निभाई। जानकारी के मुताबिक रीवा निवासी फिरोजा खातून केंद्रीय जेल सतना में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। जेल में उनकी जिम्मेदारी वारंट इंचार्ज के रूप में थी, वहीं धर्मेंद्र सिंह चंदला हत्या के एक चर्चित मामले में उम्रकैद की सजा काट चुका था। जेल में अच्छे व्यवहार के चलते वह प्रशासनिक और वारंट संबंधी कार्यों में सहयोग करता था।  बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे दोस्ती और फिर प्रेम संबंध में बदल गई। लंबे समय तक एक-दूसरे को समझने के बाद दोनों ने विवाह करने का फैसला लिया। सूत्रों के अनुसार फिरोजा खातून के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे, जिसके चलते परिवार का कोई सदस्य शादी समारोह में शामिल नहीं हुआ। ऐसे में बजरंग दल के कार्यकर्ता आगे आए और विवाह की रस्मों में सहयोग करते हुए कन्यादान की जिम्मेदारी निभाई। शादी पूरी तरह हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई, जहां दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे लेकर साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया। जानकारी के अनुसार धर्मेंद्र सिंह वर्ष 2007 में नगर परिषद चंदला के तत्कालीन उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। इस चर्चित मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी। करीब 14 साल जेल में रहने और अच्छे आचरण के आधार पर उसे रिहा किया गया था और पिछले चार वर्षों से वह जेल से बाहर था।  विवाह की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस शादी को अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। कुछ लोग इसे प्रेम, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बता रहे हैं, तो कुछ सरकारी सेवा के दौरान कैदी से संबंध बनने को लेकर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल यह विवाह सतना केंद्रीय जेल से लेकर स्थानीय क्षेत्र और सोशल मीडिया तक चर्चा और बहस का विषय बना हुआ है। 

बेटियों की शिक्षा के पर्याप्त प्रबंध करना, हर माता-पिता का दायित्व

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन संस्कृति में विवाह जन्म-जन्मांतर का पवित्र बंधन है। गृहस्थ जीवन में प्रवेश कर रहे वर-वधुओं के लिए आने वाला समय कई जिम्मेदारियां लेकर आता है। सभी परिवारों के लिए विवाह का आयोजन आनंद और उत्सव का वातावरण निर्मित करता है। सामूहिक विवाह सम्मेलन में एक ही मंडप में समाज के विभिन्न वर्गों के बेटे-बेटी वैवाहिक बंधन में बंधते हैं, सामूहिक चेतना का यह उत्सव फिजूल खर्ची और दिखावे पर रोक का संदेश देता है। सरकार और समाज ने जब से सामूहिक विवाह का बीड़ा उठाया है तब से गरीब माता-पिता ने चैन की सांस ली है। समाज के समृद्ध लोग सादगी को अपने व्यवहार में उतारे और सामूहिक विवाह सम्मेलनों में विवाह का ट्रेंड सेट करें। इससे समाज का हर वर्ग विवाह के अनावश्यक खर्च से बचेगा और उपलब्ध संसाधनों का परिवार के भविष्य निर्माण में उपयोग किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उन्होंने स्वयं भी अपने पुत्र का विवाह सामूहिक सम्मेलन में ही किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटियों की शिक्षा की चिंता करना और उसके लिए पर्याप्त प्रबंध करना, हर माता-पिता का दायित्व हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित 200 बेटियों के सामूहिक विवाह सम्मेलन को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर-वधु को आशीर्वाद प्रदान कर उनके परिजन को शुभकामनाएं दीं। सामूहिक विवाहों के आयोजन से माता-पिता को नहीं लेना पड़ रहा है कर्ज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दिसंबर 2023 से अप्रैल 2026 तक 1 लाख 70 हजार 187 बेटियों के विवाह मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के तहत कराये गए है। योजना अंतर्गत अब तक लगभग 1000 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन से आर्थिक रूप से कमजोर भाई-बहनों की बेटियां भी पूरे सम्मान के साथ विदा होती हैं। समाज का कोई भी वर्ग हो, बच्चों का विवाह हर माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। सामूहिक विवाहों के आयोजन से अब विवाह के लिए माता-पिता को कर्ज नहीं लेना पड़ रहा है। समाज और सरकार एक-दूसरे के पूरक हैं। परिवर्तन के लिए समाज और सरकार दोनों का हाथ मिलाकर चलना जरूरी है। सामूहिक विवाह सम्मेलन जैसे आयोजन वर्तमान समय में समाज सेवा का सर्वोत्तम माध्यम बन चुके हैं। सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में विधायक आष्टा  गोपाल सिंह इंजीनियर, अध्यक्ष जनपद पंचायत आष्टा मती दीक्षा सोनू गुणवान, जनप्रतिनिधि सहित वर-वधु और उनके परिजन उपस्थित थे।  

फर्जी इनकम टैक्स रिफंड मामले में बड़ा खुलासा, खंडवा के कारोबारी में मचा हड़कंप

खंडवा  फर्जी कंपनी बनाकर 263 करोड़ रुपये इनकम टैक्स रिफंड के फर्जीवाड़े में खंडवा के सराफा कारोबारी के नाम सीबीआई ने नोटिस जारी किया है। गुरुवार को सीबीआई का कांस्टेबल दिल्ली से नोटिस तामील करवाने आया। इससे हड़कंप मच गया। सराफा कारोबारी अंकित जैन को इससे पहले वाट्सएप और डाक से सीबीआई से नोटिस जारी हो चुके हैं। यह सिलसिला वर्ष 2022 से चल रहा है। गुरुवार सुबह करीब सात बजे नोटिस तामील कराने आए व्यक्ति को फर्जी समझकर वहां भीड़ जमा हो गई। भाजपा नेता सुधांशु जैन सहित स्वजन वास्तविकता जानने के लिए उसे कोतवाली थाने लेकर पहुंचे। यहां काफी देर तक नोटिस और तामील करवाने वाले की वैधता को लेकर बहस चली। इनकम टैक्स फर्जीवाड़े मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सराफा कारोबारी जैन को पूछताछ के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 160 के तहत नोटिस जारी कर 14 मई 2026 को नई दिल्ली स्थित सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। बिलासपुर में घर में खड़ी कार पर लगा दिया टोल Tax…FASTag से रुपए कटने का मैसेज देखकर मालिक हैरान दिल्ली से आए सीबीआई कांस्टेबल रिझपाल सिंह ने बताया कि सीबीआई के दिल्ली कार्यालय से उसे नोटिस तामील करवाने के लिए भेजा गया है। इससे पूर्व डाक और वाट्सएप से भी नोटिस भेजे गए थे लेकिन इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया गया। नोटिस फर्जी होने जैसी कोई बात नहीं है। सीबीआई के नोटिस के संबंध में आरोपित अंकित जैन ने बताया कि पूर्व में वाट्सएप और टेलीफोन पर लगातार नोटिस व सूचना मिलने पर खंडवा पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर अवगत करवा चुके हैं। मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। मेरे पैनकार्ड का फर्जी तौर पर प्रयोग हुआ है। बताया जाता है कि तानाजी मंडल के मुंबई में बैंक खाते में करीब 263 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स रिफंड जमा हुआ था। यह राशि खाते से निकलने पर बैंक द्वारा इसका सोर्स पूछा गया था। इस पर उन्होंने खंडवा के अंकित जैन की फर्म से यह राशि एमओयू के तहत मिलने का पत्र दिया था। एमओयू में अंकित जैन का पैन कार्ड नंबर, हस्ताक्षर तथा मोबाइल नंबर का उल्लेख था। इस आधार पर सीबीआई द्वारा उन्हें इस मामले में पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया है।  

सफर होगा और आरामदायक, भोपाल एक्सप्रेस में जुड़ेगा अतिरिक्त एसी कोच

 भोपाल भोपाल से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या और ट्रेनों में लंबी वेटिंग को देखते हुए रेलवे ने भोपाल एक्सप्रेस में स्थायी रूप से एक अतिरिक्त थर्ड एसी कोच जोड़ने का निर्णय लिया है। इस एक कोच के जुड़ने से ट्रेन में करीब 72 अतिरिक्त यात्री सफर कर सकेंगे। इससे रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। थर्ड एसी कोच जोड़ा जाएगा रेलवे के अनुसार गाड़ी संख्या 12155 रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन भोपाल एक्सप्रेस में यह अतिरिक्त थर्ड एसी कोच 24 जून 2026 से जोड़ा जाएगा। वहीं वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 12156 हजरत निजामुद्दीन-रानी कमलापति भोपाल एक्सप्रेस में यह सुविधा 27 जून से लागू होगी। रेल अधिकारियों का क्या कहना रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भोपाल एक्सप्रेस में लंबे समय से यात्रियों का दबाव बढ़ रहा था। खासकर त्योहारों, छुट्टियों और सप्ताहांत में ट्रेन में सीट मिलना मुश्किल हो जाता था। कई यात्रियों को लंबी वेटिंग के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब अतिरिक्त थर्ड एसी कोच लगने से यात्रियों को अधिक आरक्षित सीटें मिलेंगी और वेटिंग लिस्ट कम करने में मदद मिलेगी। कंफर्म सीट मिलने में हो रही थी परेशानी भोपाल एक्सप्रेस राजधानी दिल्ली और भोपाल के बीच चलने वाली प्रमुख ट्रेनों में से एक है। इस ट्रेन से रोजाना बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग, छात्र, व्यापारी, पर्यटक और इलाज के लिए जाने वाले यात्री सफर करते हैं। ऐसे में एक अतिरिक्त कोच जुड़ने से यात्रियों को न केवल सीट मिलने में आसानी होगी, बल्कि यात्रा पहले की तुलना में ज्यादा आरामदायक और व्यवस्थित भी हो सकेगी।  

CM मोहन यादव ने भोपाल से रवाना की ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 2026’

भोपाल  धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक स्मृति, इन तीनों के संगम के रूप में ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 2026' ने भोपाल से अपनी पहली यात्रा शुरू की. रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से रवाना हुई यह विशेष तीर्थ यात्रा केवल एक धार्मिक भ्रमण नहीं, बल्कि हजार वर्षों की आस्था, संघर्ष और सांस्कृतिक चेतना की यात्रा के रूप में देखी जा रही है. मध्यप्रदेश से पहली बार रेल मार्ग के जरिए शुरू हुई इस यात्रा में प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से आए श्रद्धालु शामिल हैं. सोमनाथ मंदिर, जो भारतीय इतिहास और सनातन परंपरा का सशक्त प्रतीक माना जाता है, इस यात्रा का केंद्र बिंदु है।  रानी कमलापति स्टेशन से दिखाई हरी झंडी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 2026' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है. हेली सेवा के बाद अब रेल मार्ग से इस तरह की विशेष तीर्थ यात्रा श्रद्धालुओं की सुविधा और पहुंच को और आसान बनाएगी. मुख्यमंत्री ने सोमनाथ मंदिर को स्वाभिमान, आस्था और सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक बताते हुए इसे द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम स्थान पर प्रतिष्ठित बताया।  गंगोत्री से गंगा सागर तक बिखर रहा आनंद : CM मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंधु जिनके चरण पखारता है, मस्तक पर जिनके चंद्र देव बिराजे हैं, अक्षय स्वाभिमान के ज्योतिर्लिंग, भगवान सोमनाथ के चरणों में कोटि-कोटि वंदन. सोमनाथ का संबंध देश के स्वाभिमान के साथ है. द्वारकाधीश भगवान श्री कृष्ण ने जब अधर्म के खिलाफ लड़ाई लड़ी, तब पूरा समय चक्र ही बदल गया. हम सभी जानते हैं कि एक हजार साल पहले भारत को काली छाया का ग्रहण लग गया था. उस समय बाबा सोमनाथ ने इस ग्रहण को नष्ट किया था. सोमनाथ हमारे विकास का पर्याय भी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विरासत से विकास की यात्रा प्रारंभ हुई.  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, रेल, पुल, पुलिया, सड़क, नगर, कारखाने के साथ-साथ सनातन संस्कृति को भी लेकर चल रही है. इस सनातन संस्कृति पर हमें गर्व है. प्रधानमंत्री मोदी के मन में भी सनातन धर्म के साथ सबको लेकर चलने की भावना है. यह भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है. हमें अयोध्या और मथुरा में जो आनंद आता है, वही आनंद पश्चिम बंगाल के काली घाट पर आता है. आज भगवान की दया से गंगोत्री से गंगा सागर तक आनंद बिखर रहा है. लोकतंत्र की नई बयार पूरे देश को उत्साह-उमंग से भर रही है।  हमले के बाद भी लहराती रही सनातन संस्कृति की ध्वजा : मोहन यादव सीएम डॉ. यादव ने लोगों से कहा कि इस यात्रा के जरिये आपको बाबा सोमनाथ के दर्शन का लाभ मिलेगा. मेरी ओर से सभी यात्रियों को बधाई. वहीं, पास में चार पीठों में से एक द्वारका पीठ भी है. यहां भगवान कृष्ण ने लीलाएं कर हमारे हृदय में छवि बनाई. सोमनाथ मंदिर पर दुश्मनों ने 17 बार आक्रमण किए थे. लेकिन, हमारी सनातन संस्कृति की ध्वजा लहराती रही. एक हजार साल बाद सोमनाथ का शिखर आसमान से बात कर रहा है. दुश्मन लाख चाहे तो क्या होता है, वही होता है जो बाबा सोमनाथ चाहें. उन्होंने तीर्थयात्रियों से कहा कि आप बाबा सोमनाथ से आशीर्वाद लेना कि दुनिया में चारों ओर खुशहाली हो. यह सांस्कृतिक जानगरण राष्ट्रीय एकता को और सुदृढ़ करे. उन्होंने कहा कि जीवन भी एक यात्रा है. जीवन की इस यात्रा में हम आते हैं और शरीर छोड़ते हैं. लेकिन, इस बीच परमात्मा ने हमें जो मौका दिया है, इस मौके का उपयोग हम परोपकार में करें।  देवलोक बनने से बदल जाती है अर्थव्यवस्था : मुख्यमंत्री सीएम डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने धार्मिक स्थानों पर हेलीकॉप्टर सेवा भी शुरू की है. हमारी सरकार कई देवलोक बनवा रही है. महाकाल लोक बनने के बाद आर्थिक रूप से पूरा इको-सिस्टम बदल गया. साल 2022 से पहले उज्जैन में एक वर्ष में 25-30 हजार लोग आते थे, आज रोज डेढ़ लाख लोग दर्शन करने उज्जैन आ रहे हैं. इस तरह पूरा माहौल बदल रहा है. उन्होंने कहा कि इस तरह के देवलोक बनने के बाद होटल वालों, ठेले वालों, ऑटो वालों, दुकान वालों के जीवन में बदलाव आता है. भारतवासी जब एक-दूसरे के क्षेत्र में जाते हैं, तो एक-दूसरे को अपनी-अपनी संस्कृति से परिचित कराते हैं. इससे आंतरिक एकता का निर्माण होता है. यही एकता एकात्मवाद में परिवर्तित होती है।  मेरी अपनी ओर से सभी तीर्थयात्रियों को बधाई श्रद्धालुओं का बड़ा कारवां मध्यप्रदेश से पहली बार निकल रही इस यात्रा में 1,100 श्रद्धालुओं का दल शामिल है. यह विशेष रेलगाड़ी भोपाल के साथ-साथ उज्जैन रेलवे स्टेशन से भी यात्रियों को लेकर सोमनाथ के लिए रवाना हुई. यात्रा के दौरान श्रद्धालु सोमनाथ पहुंचेकर दर्शन, पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे. साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सोमनाथ से जुड़ी ऐतिहासिक और धार्मिक कथाओं को साझा किया जाएग।  धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक जुड़ाव सरकार और संस्कृति विभाग के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य केवल दर्शन तक सीमित नहीं है. यह पहल धार्मिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत करने का प्रयास है. रेलवे के माध्यम से सामूहिक तीर्थ यात्रा ने बुजुर्गों, परिवारों और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को सरल बनाया है. यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं, आवास और कार्यक्रमों का समन्वय संस्कृति विभाग द्वारा किया जा रहा है।  ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' की पृष्ठभूमि संस्कृति संचालनालय के निदेशक एन.पी. नामदेव के अनुसार, ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का मूल उद्देश्य देशभर में भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान, आस्था और ऐतिहासिक संघर्षों की स्मृति को जीवंत करना है. यह पर्व राष्ट्र की गौरवमयी विरासत के उत्सव के रूप में आयोजित किया जा रहा है. उनका कहना है कि यह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीकात्मक महाकुंभ है, जो नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का कार्य करता है।  इतिहास से भविष्य तक की यात्रा सोमनाथ मंदिर को भारत की सांस्कृतिक दृढ़ता और अटूट श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है. हजार वर्षों के उतार-चढ़ाव के बावजूद इस मंदिर का पुनर्निर्माण और उसकी निरंतर परंपरा भारतीय सांस्कृतिक जीवटता को दर्शाती है. ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' … Read more

मध्यप्रदेश का बड़ा लक्ष्य: टेक्सटाइल सेक्टर से 2030 तक 5 अरब डॉलर का निर्यात

मध्यप्रदेश टेक्सटाइल सेक्टर में बड़ा लक्ष्य, 2030 तक 5 अरब डॉलर निर्यात का टारगेट उद्योग, कौशल और ग्लोबल बाजार को जोड़कर बनाया रोडमैप भोपाल  मध्यप्रदेश ने टेक्सटाइल सेक्टर में वर्ष 2030 तक 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात का लक्ष्य निर्धारित करते हुए इसके लिए एक स्पष्ट और समग्र कार्ययोजना तैयार की है। इसी उद्देश्य से राज्य निर्यात कार्य योजना के अंतर्गत वस्त्र, हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र पर राज्य स्तरीय हितधारक परामर्श बैठक एमपीआईडीसी, भोपाल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने की। बैठक में उद्योग जगत के प्रतिनिधि निर्यात संवर्धन परिषदों, वित्तीय संस्थानों, एमएसएमई इकाइयों और पारंपरिक वस्त्र समूहों के प्रतिनिधियों ने राज्य की निर्यात क्षमता को सशक्त बनाने के लिए सुझाव दिए। इसका उद्देश्य वर्ष 2030 तक भारत के 100 अरब डॉलर टेक्सटाइल निर्यात लक्ष्य में मध्यप्रदेश की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये रणनीति बनाना था। 11 जिलों पर फोकस, उत्पादन से निर्यात तक पूरी रणनीति राज्य में टेक्सटाइल निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 11 जिलों को चिन्हित किया गया है। इनमें सीहोर, रायसेन, धार, इंदौर, खरगोन, उज्जैन और भोपाल को चैंपियन जिले तथा जबलपुर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा और बुरहानपुर को आकांक्षी जिले के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन जिलों में उत्पादन, प्रोसेसिंग और निर्यात गतिविधियों को एकीकृत रूप से विकसित करने की रणनीति बनाई गई। पीएम मित्र पार्क से निवेश और रोजगार को बल धार के पीएम मित्र पार्क के माध्यम से टेक्सटाइल सेक्टर को नई गति मिल रही है। यहां 38 कंपनियों द्वारा 21,500 करोड़ रूपए के निवेश की प्रतिबद्धता सामने आई है, जिससे लगभग 55 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। यह विकास राज्य को टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात के मजबूत केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। कौशल विकास और नए निर्यातकों पर विशेष जोर बैठक में यह तय किया गया कि राज्य में एक लाख से अधिक युवाओं को टेक्सटाइल सेक्टर के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए समर्थ 2.0, निफ्ट भोपाल के विस्तार और चैंपियन जिलों में नए प्रशिक्षण संस्थानों का उपयोग किया जाएगा। राज्य से एक हजार नए निर्यातकों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। जिला स्तरीय निर्यात समितियों, एक्ज़िम बैंक, ईसीजीसी और अन्य संस्थाओं के सहयोग से छोटे और मध्यम उद्यमों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जाएगा। लॉजिस्टिक्स और अधोसंरचना होगी मजबूत निर्यात को आसान और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पीथमपुर में नया इनलैंड कंटेनर डिपो विकसित किया जा रहा है और मण्डीदीप में मौजूदा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही पीएम मित्र पार्क से इंदौर तक कनेक्टिविटी को बेहतर किया जा रहा है। राज्य में कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जहां परीक्षण, डिजाइन और मूल्य संवर्धन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे एमएसएमई इकाइयों को गुणवत्ता सुधार में सहायता मिलेगी। नई तकनीक और डिज़ाइन से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए टेक्सटाइल इकाइयों में ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और डिजिटल गुणवत्ता प्रणालियों को बढ़ावा दिया जाएगा। डिज़ाइन क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए निफ्ट भोपाल में तकनीकी वस्त्र, टिकाऊ फैशन और ब्रांडिंग आधारित नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिससे उत्पादों का मूल्य संवर्धन हो सके। ग्लोबल बाजार और एफटीए का लाभ उठाने की रणनीति राज्य ने अमेरिका, यूरोप, यूनाइटेड किंगडम, यूएई और जापान जैसे प्रमुख बाजारों को ध्यान में रखते हुए निर्यात रणनीति तैयार की है। यूके, यूएई, ईएफटीए और ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाने के लिए जिला स्तर पर उत्पाद मैपिंग और उद्योग समन्वय किया जाएगा। पारंपरिक वस्त्रों को मिलेगा वैश्विक मंच “टेक्सटाइल्स ऑफ एमपी” अभियान में चंदेरी, माहेश्वरी, बाग प्रिंट और बाटिक प्रिंट जैसे पारंपरिक उत्पादों की अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडिंग की जाएगी। इससे कारीगरों को नए बाजार मिलेंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। उद्योग की भागीदारी से तैयार हो रहा मजबूत तंत्र बैठक में प्रमुख टेक्सटाइल कंपनियों, निर्यात परिषदों और उद्योग संगठनों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए व्यावहारिक सुझाव दिए। इससे राज्य में उद्योग और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है, जो निर्यात वृद्धि के लिए आवश्यक है। प्राप्त सुझावों को राज्य निर्यात कार्य योजना में शामिल करते हुए इसे निर्धारित समय सीमा में केंद्र सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की रणनीति को आगे बढ़ाते हुए टेक्सटाइल सेक्टर में राज्य को अग्रणी बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।  

मप्र मौसम अपडेट: ग्वालियर और 11 जिलों में बारिश का अलर्ट, कुछ शहरों में तापमान रहेगा अधिक

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। एक तरफ ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, वहीं दूसरी तरफ भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज गर्मी लोगों को परेशान करेगी। मौसम विभाग ने गुरुवार को 11 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के असर से प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से मौसम लगातार बदल रहा है। कई जिलों में बादल, आंधी और हल्की बारिश का सिलसिला बना हुआ है। गुरुवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज जिलों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।  इधर दूसरी तरफ प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम का दूसरा रुख भी देखने को मिल रहा है, जहां गर्मी धीरे-धीरे अपना असर दिखा रही है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत करीब 40 से ज्यादा जिलों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और कई जगह पारा 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। खासकर निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, रतलाम, नीमच और मंदसौर जैसे जिलों में गर्म हवा और तेज धूप लोगों को परेशान कर सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 4 दिन तक ऐसा ही मिला-जुला मौसम बना रहेगा, यानी कहीं बारिश तो कहीं लू जैसे हालात। वहीं 9 और 10 मई को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में गर्मी तेज रहने का अनुमान है, जबकि 10 मई के बाद एक नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिसका असर कुछ दिन बाद देखने को मिलेगा। पिछले कुछ दिनों के हालात देखें तो मध्य प्रदेश में लगातार छठे-सातवें दिन भी मौसम बदला हुआ रहा है और कई जिलों में आंधी-बारिश ने गर्मी से थोड़ी राहत दी है। धार, बालाघाट, पीथमपुर और मुलताई जैसे इलाकों में तेज हवाओं और बारिश के कारण सड़कें भीग गईं और सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक वर्तमान में प्रदेश के बीचोंबीच एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है, जबकि दूसरा सिस्टम ऊपरी हिस्से में बना हुआ है और पूर्वी मध्य प्रदेश से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसी वजह से मौसम में यह अस्थिरता बनी हुई है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे शहरों में मई के महीने में अक्सर गर्मी और बारिश दोनों का ट्रेंड देखा जाता है, जहां कभी तापमान 46 से 48 डिग्री तक पहुंच जाता है तो कभी अचानक बौछारें राहत दे देती हैं। इस बार भी वही पैटर्न देखने को मिल रहा है और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि आने वाले दिन मौसम तेजी से बदल सकता है। अगले चार दिन मौसम रहेगा अस्थिर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चार दिन तक प्रदेश में मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। अगले दो दिन कुछ हिस्सों में आंधी और हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन 9 और 10 मई से गर्मी का असर ज्यादा बढ़ेगा। इसके बाद 10 मई से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर अगले दो दिनों में देखने को मिल सकता है। लगातार सातवें दिन बदला मौसम प्रदेश में बुधवार को लगातार सातवें दिन भी कहीं आंधी तो कहीं बारिश का दौर बना रहा। धार समेत कई जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आया। मई की शुरुआत में लगातार बारिश होने से फिलहाल भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री से नीचे बना हुआ है। प्रदेश में क्यों बदल रहा मौसम? मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल प्रदेश के मध्य हिस्से और ऊपरी हिस्से में दो चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इसके साथ ही पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इन तीनों सिस्टमों के संयुक्त असर से प्रदेश में आंधी, बादल और बारिश की स्थिति बनी हुई है।  थल-पुथल वाला मौसम रहेगा मौसम विभाग की माने तो अगले 4 दिन तक प्रदेश में उथल-पुथल वाला मौसम रहेगा। अगले 2 दिन तक कुछ जिलों में बारिश और आंधी चलने के आसार है। वहीं, 9 और 10 मई को पूरे प्रदेश में गर्मी पड़ेगी। 10 मई से नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। जिसका असर अगले 2 दिन बाद देखने को मिल सकता है। छह दिन से बारिश का दौर प्रदेश में बुधवार को लगातार सातवें दिन भी आंधी-बारिश का दौर बना रहा। धार समेत कई जिलों में असर देखने को मिला। यानी, इस बार मई के शुरुआत छह दिन तक बारिश हुई है। मौसम में बदलाव होने से गर्मी का असर कम हुआ है। प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री से नीचे चल रहा है। 10 मई से नया सिस्टम मौसम विभाग की माने तो अभी कुछ दिन तक प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर बना रहेगा। वर्तमान में एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) प्रदेश के बीचोंबीच में एक्टिव है तो दूसरा ऊपरी हिस्से में है। एक ट्रफ भी पूर्वी हिस्से से गुजर रही है। इस वजह से मौसम बदला हुआ है।

उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की

उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की प्रगति की गहन समीक्षा की शासन के नियमों के अनुरूप रोस्टर निर्माण करते हुए शीघ्र भर्ती प्रक्रिया के लिए विज्ञापन करें जारी नियत समय पर हो प्रवेश, परीक्षा और परिणाम भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने  मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों के साथ, विश्‍वविद्यालयों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की प्रगति सहित विविध विषयों की विस्तृत समीक्षा की। मंत्री परमार ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय, शासन के नियमों के अनुरूप रोस्टर निर्माण करते हुए भर्ती प्रक्रिया के लिए शीघ्र विज्ञापन जारी करें। मंत्री परमार ने कहा कि विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक, अकादमिक एवं प्रशासनिक सुधार की दृष्टि से, रिक्त पदों की पूर्ति करना हमारी प्राथमिकता है। मंत्री परमार ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय शैक्षणिक कैलेंडर का दृढ़ता के साथ शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें, इसके लिए पिछले सत्र के परीक्षा परिणाम समयपूर्वक घोषित किए जाएं जिससे अगले सत्र में नियत समय पर प्रवेश, परीक्षा एवं परिणाम सुनिश्चित हो सकें। मंत्री परमार ने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र हितों की रक्षा, हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्री परमार ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देशित किया है कि सभी विश्वविद्यालय अपने छात्रावासों को विद्यार्थियों की आवश्यकता अनुरूप बेहतर बनाएं और छात्रों को सुलभ रूप से गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध हो। मंत्री परमार ने विश्वविद्यालयों के छात्रावासों के निरीक्षण के लिए एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए, यह कमेटी छात्रावासों में विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं की गुणवत्ता का निरीक्षण करेगी। मंत्री परमार ने विश्वविद्यालयों द्वारा डिजिटल मूल्यांकन को लेकर हो रहे क्रियान्वयन की गति को बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता को प्रभावी रूप से बनाए रखना हमारा ध्येय है और पारदर्शितापूर्ण परीक्षा पद्धति के लिए डिजिटल मूल्यांकन की महती आवश्यकता है। मंत्री परमार ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय डिजिटल मूल्यांकन की पद्धति को लागू करने के लिए प्रयास करें। मंत्री परमार ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक अमले के कार्यों के मूल्‍यांकन के लिए भी आंतरिक पद्धति विकसित करे जिससे शैक्षणिक एवं अकादमिक गुणवत्ता में उत्तरोत्तर वृद्धि हो सके। मंत्री परमार ने सभी विश्वविद्यालयों को अन्‍य भारतीय भाषाओं को क्रेडिट से जोड़कर पढ़ाने की कार्ययोजना को भी शीघ्र लागू करने के प्रयास करने के निर्देश दिए। उल्‍लेखनीय है कि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल को तमिल, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर को कन्नड़, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इन्दौर को मराठी एवं तेलगू, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर को तेलगू एवं पंजाबी, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा को सिंधी और गुजराती, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन को मलयालम,सिंधी और असमिया, महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर को गुजराती, राजा शंकरशाह विश्वविद्यालय छिन्दवाड़ा को तमिल और मराठी, पंडित शंम्भूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय शहडोल को बांग्ला, क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय खरगोन को गुजराती, महात्मा गाँधी विश्वविद्यालय चित्रकूट को उड़िया और महर्षि पाणिनी विश्वविद्यालय उज्जैन को उड़िया भाषा सिखाने के लिए भाषा का आवंटन किया गया है। ये विश्वविद्यालय, उक्त आवंटित भाषा सिखाने के लिए क्रियान्वयन कर रहे हैं। मंत्री परमार ने सभी विश्वविद्यालयों को समर्थ पोर्टल पर क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय, स्वयं पोर्टल के विनियमन को अपनाएं और स्वयं पोर्टल पर हर विद्यार्थी को कम से एक कोर्स में पंजीयन कराएं। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने सभी विश्वविद्यालयों को सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर अपनी ग्रेडिंग सुधारने के लिए भी निर्देशित किया। राजन ने सभी विश्वविद्यालयों को कर्मचारी कल्याण से जुड़े विविध विषयों को शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित पेंशन प्रकरण एवं अनुकम्पा नियुक्ति प्रकरणों का शीघ्र निदान करें। बैठक में विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी उच्च शिक्षा अनिल पाठक सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।