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9.09 लाख किसानों से 53.40 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का हुआ उपार्जन : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि अभी तक 9 लाख 9 हजार किसानों से 53 लाख 40 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। उन्होंने बताया है की तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है। गेहूँ का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन सोमवार से शनिवार तक किया जाता है। मंत्री  राजपूत ने बताया है कि अभी तक 14 लाख 81 हजार किसानों द्वारा गेहूँ उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कराए गए हैं। किसानों के हित में गेहूँ उपार्जन की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 तक की गई। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता एवं संख्या में वृद्धि कराई गई। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है। मंत्री  राजपूत ने बताया कि किसानों को 9525.70 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाए आदि की व्यवस्थाएँ की गई हैं। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके, इस हेतु समस्त आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं। इसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्था की गई है। उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ की भर्ती जूट बारदाने के साथ साथ PP/HDP बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये भण्डारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई, जिससे उपार्जित गेहूँ का सुरक्षित भण्डारण किया जा सके।  

राज्य शिक्षा केंद्र ने बीएड, डीएलएड सहित विभिन्न शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की प्रवेश तिथियां की जारी

भोपाल  राज्य शिक्षा केन्द्र, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए समय-सारणी जारी कर दी गई है। अभ्यर्थियों को एमपी ऑनलाइन के माध्यम से आवेदन करना होगा। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार एम.एड., एम.ए. मनोविज्ञान (व्यवहारिक), पी.जी.डी.जी.सी., बी.एड., डी.एल.एड., डी.पी.एस.ई. एवं पी.जी.डी.ई.एल.टी. पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में होगी। प्रवेश प्रक्रिया प्रदेश के प्रगत शैक्षिक अध्ययन संस्थान, शासकीय अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, आंग्ल भाषा प्रशिक्षण संस्थान, पूर्व प्राथमिक प्रशिक्षण संस्थान, मनोविज्ञान शिक्षा एवं संदर्शन महाविद्यालय जैसी प्रदेश की विभिन्न शासकीय शिक्षक प्रशिक्षण संस्थाओं में संचालित पाठ्यक्रमों के लिए होगी। राज्य शिक्षा केन्द्र के अपर संचालक डॉ. अरुण सिंह ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथियों के अनुसार राज्य शिक्षा केन्द्र की वेबसाइट rsk.mponline.gov.in पर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। प्रवेश कार्यक्रम की तिथियां     डी.एल.एड. : 15 मई से 14 अगस्त 2026     बी.एड. : 25 मई से 27 जुलाई 2026     एम.एड. : 1 जून से 30 जुलाई 2026     पी.जी.डी.ई.एल.टी. : 3 जून से 22 जून 2026 तक     डी.पी.एस.ई. : 8 जून से 31 जुलाई 2026 तक     एम.ए. मनोविज्ञान एवं पी.जी.डी.जी.सी. : 8 जून से 31 जुलाई 2026 तक

विदिशा पुलिस की अभिनव पहल से पारिवारिक एवं संपत्ति विवादों का संवेदनशील निराकरण

भोपाल  समाज में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान, सुरक्षा एवं संवेदनशीलता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विदिशा पुलिस द्वारा संचालित “सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत” एक प्रभावी एवं जनहितकारी पहल के रूप में सामने आई है। जिले में यह पहल बुजुर्गों के लिए न्याय और विश्वास का ऐसा मंच बन चुकी है, जहाँ उनकी समस्याओं को न केवल गंभीरता से सुना जा रहा है, बल्कि पारिवारिक समन्वय, सामाजिक संवेदनशीलता एवं कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से त्वरित समाधान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक  रोहित काशवानी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन में संचालित इस पहल के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े विवादों एवं समस्याओं की नियमित रूप से सुनवाई की जा रही है। पंचायत की बैठकों में कोर कमेटी के सदस्य  आर. कुलश्रेष्ठ,  प्रमोद व्यास, डॉ. सचिन गर्ग,  विनोद शाह,  अतुल शाह एवं  डी.के. वाजपेयी सक्रिय सहभागिता निभा रहे हैं। सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत की शुरुआत 23 जनवरी 2025 को की गई थी। तब से लेकर 15 अप्रैल 2026 तक कुल 54 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इन बैठकों में कुल 187 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 131 मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया है। शेष मामलों में दस्तावेज, साक्ष्य एवं संबंधित पक्षों की उपस्थिति के आधार पर विधिसम्मत कार्यवाही एवं आगामी सुनवाई की प्रक्रिया जारी है। हाल ही में आयोजित बैठक में कुल 10 प्रकरणों की सुनवाई की गई। पंचायत के माध्यम से कई जटिल पारिवारिक मामलों का आपसी समझाइश एवं संवाद के जरिए समाधान कराया गया। एक प्रकरण में शमशाबाद क्षेत्र के एक वरिष्ठ नागरिक ने शिकायत की थी कि उनके बेटे द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि निकालकर खर्च कर दी गई तथा उनकी जमीन पर खेती की जा रही है। सुनवाई के दौरान पंचायत ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर सहमति बनाई, जिसके तहत बेटे ने 15 दिनों के भीतर शेष राशि लौटाने पर सहमति व्यक्त की। एक अन्य मामले में विधवा बुजुर्ग महिला ने अपने बेटे द्वारा डराने-धमकाने एवं घर के बाहर खड़ी बाइक में आग लगाने की शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को विधिसम्मत आपराधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार पारिवारिक हस्तक्षेप, वैवाहिक तनाव एवं संपत्ति विवादों से जुड़े मामलों में भी दोनों पक्षों को सुनकर समाधान के प्रयास किए गए। कई मामलों में आपसी सहमति से विवाद समाप्त हुए तथा परिवारों में सौहार्दपूर्ण वातावरण स्थापित हुआ। सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत की विशेषता यह है कि यहाँ केवल शिकायतों की सुनवाई ही नहीं होती, बल्कि बुजुर्गों को मानसिक संबल, सामाजिक सुरक्षा एवं पारिवारिक सम्मान दिलाने का प्रयास भी किया जाता है। कई मामलों में पुलिस एवं पंचायत सदस्यों की पहल से टूटते पारिवारिक संबंध पुनः सामान्य हुए हैं तथा बुजुर्गों को अपने ही परिवार में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिला है। मध्यप्रदेश पुलिस का मानना है कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव, संस्कार एवं योगदान समाज की दिशा तय करते हैं। ऐसे में उनका सम्मान, सुरक्षा एवं भरण-पोषण सुनिश्चित करना केवल कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी भी है। विदिशा पुलिस की यह पहल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है। सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत न केवल वरिष्ठ नागरिकों को न्याय दिलाने में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि समाज में पारिवारिक मूल्यों एवं संवेदनशीलता को भी मजबूत कर रही है। सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को यह विश्वास मिल रहा है कि पुलिस उनके अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।  

वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद, सामान्य शव वाहन में ले जाए गए मोर पर सवाल

रतलाम  सैलाना नगर के कुमावतपुरा क्षेत्र में गुरुवार सुबह राष्ट्रीय पक्षी मोर की करंट लगने से मौत हो गई। मामले में वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। वन्यजीव नियमों के अनुसार मोर की मृत्यु होने पर पोस्टमार्टम कराना अनिवार्य होता है, लेकिन विभाग ने बगैर पोस्टमार्टम कराए ही मोर का अंतिम संस्कार कर दिया। विभाग की ओर से मोर के शव का क्षत–विक्षत होने का हवाला दिया जा रहा है, लेकिन घटना के बाद जो वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए उनमें मोर का शव सामान्य देखा जा सकता है। जानकारी के अनुसार कुमावतपुरा के मुख्य मार्ग पर एक मोर उड़कर एक स्थान से दूसरे स्थान जा रहा था। इसी दौरान वह विद्युत तारों में उलझ गया और करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय नागरिकों ने सड़क पर मृत अवस्था में पड़े मोर को देखा तो वन विभाग को सूचना दी। करीब एक घंटे बाद वन विभाग का कर्मचारी मौके पर पहुंचा और मोर को वहां से उठाकर ले गया। बाद में अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी राधेश्याम जोशी, वनपाल नारायण कटारा, कार्यवाहक वनपाल रघुवीर सिंह चुंडावत एवं सुरक्षा चौकीदार कालू मौजूद रहे। दरअसल वन्यजीव कानून के तहत राष्ट्रीय पक्षी की मौत होने पर अंतिम संस्कार से पहले पोस्टमार्टम कराना आवश्यक होता है, ताकि मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सके। इसके बावजूद विभाग ने नियमों का पालन नहीं किया। वन परिक्षेत्र अधिकारी राधेश्याम जोशी ने बताया कि मोर का शव क्षत–विक्षत हो चुका था, इसलिए पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। वहीं पशु चिकित्सक बीएल पाटीदार ने कहा कि मोर की मौत के 24 घंटे के भीतर किसी भी स्थिति में पोस्टमार्टम किया जा सकता है। वन विभाग की ओर से पोस्टमार्टम कराने संबंधी कोई पत्र उन्हें प्राप्त नहीं हुआ।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: भोपाल नगर निगम का नया भवन सुशासन का प्रतीक बनेगा

भोपाल नगर निगम का नवीन भवन बनेगा सुशासन का प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भवन से नागरिकों को सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर होंगी उपलब्ध ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर आधारित है नवीन भवन ऊर्जा में आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत उदाहरण है नगर निगम का नवीन भवन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर पालिक निगम भोपाल के नवीन मुख्यालय भवन का किया लोकार्पण नीमच के सौर ऊर्जा प्लांट का भी रिमोट से किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपालवासियों को भोपाल नगर निगम के नवीन मुख्यालय भवन की बधाई देते हुए कहा कि देश की क्लीन और ग्रीन कैपिटल, झीलों की नगरी भोपाल के नगर निगम का यह भवन सुशासन का प्रतीक बनेगा। भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई ने जन सेवा को शासन का आधार माना था। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी के नाम पर स्थापित अटल भवन सुलभ, सुव्यवस्थित और पारदर्शी सेवाओं का केंद्र होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल नगर पालिक निगम के नवनिर्मित मुख्यालय "अटल भवन" के लोकार्पण अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक भवन शहर में सुशासन, बेहतर नागरिक सुविधाओं और विकास के नए संकल्प का प्रतीक बनेगा। स्वच्छता शपथ पटल पर लिखा संदेश- 'भोपाल रहेगा स्वच्छता में नंबर-वन' मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर पालिक निगम भोपाल के नवनिर्मित भवन में फीता खोलकर भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने भवन की शिलापट्टिका का अनावरण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनिर्मित भवन का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वच्छता शपथ पटल पर लिखा कि 'भोपाल स्वच्छता में रहेगा नंबर-वन'। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल नगर पालिक निगम द्वारा नीमच जिले के देवरी में लगभग 14 करोड़ रूपए की लागत से पीपीपी मोड पर विकसित की गई सौर ऊर्जा परियोजना का भी रिमोट का बटन दबाकर लोकार्पण किया। लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंगवस्त्रम् तथा प्रतीक चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भवन लोकार्पण अवसर पर शहनाई वादन कर रहे कल्लू भाई और उनके साथियों को प्रोत्साहन स्वरूप 5-5 हजार रूपए प्रदान करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर भोपाल के प्रभारी तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायकगण रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी, विष्णु खत्री तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। भोपाल को मेट्रोपॉलिटिन सिटी के रूप में किया जा रहा है विकसित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल नगर पालिक निगम का यह भवन ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर आधारित है। इस भवन का आकल्पन नागरिकों को सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है। भवन में सूर्य के प्रकाश और वेंटीलेशन की पर्याप्त व्यवस्था है, जो ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित भारतीय वास्तुकला के सिद्धांतों के अनुरूप है। यह भवन अपनी ऊर्जा की आवश्यकताओं की पूर्ति स्वयं करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज नगर पालिक निगम भोपाल द्वारा नीमच के ग्राम देवरी में स्थापित 10.5 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजना का लोकार्पण भी किया है। इस भवन की बिजली आपूर्ति ओपन एक्सेस से नीमच के संयंत्र से की जाएगी। परिसर की पार्किंग में भी सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। यह भवन ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत उदाहरण है। प्रदेश की राजधानी भोपाल का गौरव दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। भोपाल को मेट्रोपॉलिटिन सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ को भोपाल से जोड़ते हुए यह क्षेत्र विकास के नए सोपान तय करेगा। नगरीय निकाय जनता के लिए शासन प्रणाली का महत्वपूर्ण स्तंभ है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकतंत्र में केन्द्र सरकार, राज्य सरकार और नगरीय निकाय नागरिकों की भावनाओं की अभिव्यक्ति और जनता का-जनता द्वारा-जनता के लिए शासन प्रणाली के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश, प्रदेश के साथ-साथ नगरीय और ग्राम स्तर पर भी सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं। राज्य सरकार विकास और जनकल्याणकारी गतिविधियों से प्रदेशवासियों की बेहतरी के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‍विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश भारत विश्व के समक्ष आदर्श प्रस्तुत कर रहा है। कई अन्य देशों में उनके अस्तित्व को लेकर ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां विद्यमान हैं। इन विषम परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी द्वारा आरंभ की गई विकास की गतिविधियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आगे बढ़ाया है। प्रधानमंत्री मोदी के निर्णयों से आम भारतीय का विश्वास बढ़ा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में धर्म-संस्कृति के गौरव का काल चल रहा है। अयोध्या में भगवान श्रीराम के धाम की स्थापना हो या नारी शक्ति वंदन अधिनियम या फिर पड़ोसी देशों के कुत्सित इरादों के विरूद्ध की गई कार्यवाही, प्रधानमंत्री मोदी के निर्णयों से आम भारतीय का विश्वास बढ़ा है। धारा 370 के बाद कश्मीर में बदलाव आया है और अब कश्मीर के लोग भी भारत के साथ कदम से कदम मिलाकर देश के दुश्मनों का मुकाबला करने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों की बेहतरी के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। सफाई मित्रों को पीपीई किट प्रदान किए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में सफाई मित्रों को पीपीई किट प्रदान किए। पीपीई किट में रेनकोट, फुल बॉडी ड्रेस, हेलमेट, ग्लव्स, मास्क और रिफ्लेक्शन जैकेट शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत श्रीमती लक्ष्मी बाई एवं काजल सटोरिया को आवंटन आदेश पत्र और मकान की चाबी प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम स्वनिधि योजना अंतर्गत दिनेश मौर्य को 50 हजार रूपए की ऋण राशि का चैक प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम स्वनिधि योजना अंतर्गत सुपूजा गिरी गोस्वामी को स्व-सहायता समूह के लिए 2 लाख रूपए से अधिक की ऋण राशि का चैक प्रदान किया। नगर निगम से संबंधित सभी विभाग एक ही छत के नीचे एक साथ कार्य करेंगे प्रभारी मंत्री चेतन काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में विकास और जनकल्याण की गतिविधियों में नए … Read more

मध्यप्रदेश सरकार समग्र विकास के लिए संकल्पित

भोपाल आदर्श जिला बनाने के लिए सभी समन्वित रूप से प्रयास करें, जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन, लोकार्पण करें। प्रदेश सरकार समग्र विकास के लिए संकल्पित है। सागर रिंग रोड, बायपास का कार्य शीघ्रता से करें, साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य तत्काल शुरू करें। उक्त विचार उप मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने सागर में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में व्यक्त किए। उप मुख्यमंत्री मंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए कि सागर को आदर्श जिला बनाने के लिए सभी समन्वयक रूप से कार्य करें। स्मार्ट सिटी के माध्यम से सागर में अन्य शहरों की अपेक्षा बहुत अच्छे कार्य हुए है। जिससे सागर अपनी नयी पहचान बनाने में सफल हुआ है। उन्होंने कहा कि सागर शहर को जोड़ने वाले रिंग रोड एवं भोपाल, जबलपुर, नरसिंहपुर को जोड़ने वाले वाईपास का कार्य शीघ्र गति से पूरा करें जिससे जिलेवासियों के साथ अन्य व्यक्तियों को इसका लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि बीना रिफाईनरी के परिक्षेत्र में सड़कों का निरीक्षण करें एवं मरम्मत के लिए डीपीआर तैयार कराएं। इसी प्रकार प्रधानमंत्री सड़क के प्रस्ताव विधानसभावार तैयार कर सूची उपलब्ध कराएं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रकार के निर्माण कार्यों की स्वीकृति भूमि-पूजन, लोकापर्ण जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के माध्यम से सागर में विधायक  भूपेन्द्र सिंह, विधायक  शैलेन्द्र जैन के मार्गदर्शन में बहुत अच्छे कार्य हुए हैं जिसके माध्यम प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की परिकल्पना पूरी हो रही है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सागर नगर की ट्राफिक व्यवस्था सुधारने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्टिंग का कार्य एवं राजघाट चौराहे से धर्म तक सड़कों से खंभे हटाने का कार्य शीघ्र गति से करें। विधायक एवं पूर्व मंत्री  भूपेंद्र सिंह, विधायक  शैलेन्द्र जैन, विधायक  प्रदीप लारिया, बीना विधायक मती निर्मला सप्रे, जिला पंचायत अक्ष्यक्ष  हीरा सिंह राजपूत ने विभिन्न विषयों में विचार व्यक्त किये। बैठक में कलेक्टर मती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक  अनुराग सुजानिया, जिला पंचायत सीईओ  विवेक केवी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, समिति सदस्य एवं अधिकारी मौजूद थे।  

“उपयोगित जल प्रबंधन” कार्यशाला का हुआ आयोजन

भोपाल  आयुक्त  संकेत भोंडवे ने कहा कि सीवरेज प्रबंधन के लिए एसबीआर और बायोनेस्ट जैसी अत्याधुनिक एवं सक्षम तकनीकों का समावेश उपयोगित जल प्रबंधन के लिए अत्यंत लाभदायक हैं। कम लागत वाली टिकाऊ प्रणालियों के माध्यम से मलजल शोधन संयंत्रों (एसटीपी) से निकलने वाले उपचारित जल का अनिवार्य रूप से पुनरुपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि नगरों की स्वच्छता और समग्र सौंदर्य के लिए नाला टैपिंग की भूमिका अत्यंत प्रासंगिक है, उच्च तकनीक और प्रकृति के सामंजस्य से इस क्षेत्र में प्रगति करना विभाग का प्राथमिक ध्येय है। उन्होंने संयंत्र परिसरों में वायु और पर्यावरण शुद्धि के लिए पीपल जैसे प्राकृतिक शोधक पौधों के रोपण तथा प्रकृति आधारित (नेचर-बेस्ड) तकनीकों को अपनाने पर भी विशेष बल दिया। आयुक्त  भोंडवे ने निर्देश दिए कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और इससे जुड़े विभिन्न तकनीकी घटकों की डिजाइन एवं ड्रॉइंग संबंधी विषयों का त्वरित और दक्षतापूर्ण समाधान किया जाए। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत प्रदेश के नगरों को पर्यावरण के अनुकूल और पूर्णतः स्वच्छ बनाने की दिशा में नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा होटल पलाश में "उपयोगित जल प्रबंधन" विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। अपर आयुक्त  शिशिर गेमावत ने कहा कि मध्यप्रदेश स्वच्छ भारत मिशन के विविध सोपानों पर सराहनीय और अनुकरणीय कार्य कर रहा है। उन्होंने उपयोगित जल प्रबंधन की परिकल्पना को मूर्त रूप देने के लिए निर्माण की डिजाइन और ड्रॉइंग की सटीकता को अत्यंत आवश्यक बताया। नगरीय निकायों की तकनीकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के ध्येय से ही इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है, जिसमें विषय-विशेषज्ञों के साथ एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर गहन विमर्श किया जा रहा है। प्रमुख अभियंता  प्रदीप मिश्रा ने कहा कि मलजल शोधन संयंत्र से प्रवाहित होने वाले जल की शुद्धता एवं गुणवत्ता बनाए रखना अपरिहार्य है, जिससे उपयोगित जल प्रबंधन का मूल उद्देश्य अपनी सार्थकता को प्राप्त कर सके। तकनीकी सत्रों में वैज्ञानिक एवं विषय विशेषज्ञ प्रोफेसर  राजेश विनिवाल ने उपयोगित जल प्रबंधन के सूक्ष्म पहलुओं पर अपना सारगर्भित प्रस्तुतीकरण दिया।  कार्तिकेय तिवारी ने "पॉल्यूटेड नाला टू क्लीन वॉटर" (प्रदूषित नाले से स्वच्छ जल तक) विषय पर नवीन तकनीकें साझा कीं। कार्यशाला में 136 नगरीय निकायों के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा इंटरसेप्शन एवं डाइवर्जन से जुड़े विविध घटकों की रूपरेखा पर व्यापक मंथन किया गया। कार्यशाला में संभागीय कार्यपालन यंत्री, संभागीय संयुक्त संचालक, पीडीएमसी टीम के सदस्य, डिजाइनर्स, कॉन्ट्रैक्टर्स और विभिन्न तकनीकी प्रदाता उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन उप संचालक  नीलेश दुबे द्वारा किया गया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ज्योति कुलस्ते को दिया सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंडला जिले के विधानसभा निवास के ग्राम जेवरा में सांसद  फग्गन सिंह कुलस्ते की सुपुत्री ज्योति कुलस्ते के वैवाहिक समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की भी विशेष मौजूदगी रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ज्योति कुलस्ते को सुखद एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने स्मृति स्वरूप उपहार भेंट कर उन्हें जीवन के नए अध्याय के लिए मंगलकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुलस्ते परिवार के सदस्यों से भी आत्मीय भेंट कर शुभकामनाएं व्यक्त कीं। समारोह में छत्तीसगढ़ के वन एवं सहकारिता मंत्री  केदार कश्यप, केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री  तोखन साहू, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती सम्पतिया उइके, नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री मती प्रतिमा बागरी, सहित अन्य विशिष्ट जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अमला गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

रतलाम के डायल-112 हीरोज सड़क हादसे में घायल हुए तीन लोगों को समय पर पहुँचाया अस्पताल भोपाल रतलाम जिले के थाना रिंगनोद क्षेत्र मेंडायल-112 जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया और संवेदनशील कार्यवाहीसे सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल तीन व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार दिलाया गया। समय पर मिली सहायता से घायलों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी। 07 मई को सुबह राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना रिंगनोद क्षेत्र अंतर्गतबिनोलीफंटा रोडपर दो मोटर साइकिलों की आमने-सामने से टक्कर हो गई है, जिसमें तीन व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही रिंगनोद थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल 112 स्‍टॉफआरक्षक चंद्रपाल सिंह एवं पायलट मंगलेश्वर सूर्यवंशीने मौके पर पहुँचकरपाया कि मोटरसाइकिल दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाए सभी घायलों कोएफआरव्ही वाहनकी सहायता से तत्कालशासकीय अस्पताल जावरापहुँचाया।डायल-112 जवानों की तत्परता से घायलों को समय पर उपचार मिल सका। डायल 112 हीरोजश्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा हर आपात परिस्थिति में त्वरित सहायता, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना के साथ आमजन के लिए सदैव सक्रिय और प्रतिबद्ध है।

भोपाल  रतलाम जिले के थाना रिंगनोद क्षेत्र मेंडायल-112 जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया और संवेदनशील कार्यवाहीसे सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल तीन व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार दिलाया गया। समय पर मिली सहायता से घायलों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी। 07 मई को सुबह राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना रिंगनोद क्षेत्र अंतर्गतबिनोलीफंटा रोडपर दो मोटर साइकिलों की आमने-सामने से टक्कर हो गई है, जिसमें तीन व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही रिंगनोद थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल 112 स्‍टॉफआरक्षक  चंद्रपाल सिंह एवं पायलट  मंगलेश्वर सूर्यवंशीने मौके पर पहुँचकरपाया कि मोटरसाइकिल दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाए सभी घायलों कोएफआरव्ही वाहनकी सहायता से तत्कालशासकीय अस्पताल जावरापहुँचाया।डायल-112 जवानों की तत्परता से घायलों को समय पर उपचार मिल सका। डायल 112 हीरोजश्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा हर आपात परिस्थिति में त्वरित सहायता, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना के साथ आमजन के लिए सदैव सक्रिय और प्रतिबद्ध है।  

सार्थक ऐप पर आयुष चिकित्सकों की उपस्थिति होगी सुनिश्चित, स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा सुचारू संचालन

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  परमार के निर्देश पर, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आयुष चिकित्सकीय सुविधाओं को सुचारू रूप सें संचालित किये जाने के दृष्टिगत जिले में पदस्थ आयुष चिकित्सकों (शासकीय/संविदा/एनआरएचएम) की उपस्थिति सार्थक ऐप के माध्यम से सुनिश्चित किए जाने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही आयुष महाविद्यालयों के संकाय स्टॉफ की उपस्थिति, एनसीआइएसएम के मापदण्ड अनुसार, आधार बेस्ड सिस्टम से दर्ज कराया जाना सुनिश्चित करने के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आयुष मंत्री  परमार ने कहा है कि आयुष चिकित्सकों के समयबद्ध चिकित्सालयों में उपस्थिति से, सुदूर अंचलों सहित शहरी क्षेत्रों में आयुष चिकित्सा सेवाएं और सुदृढ़ होंगी और आमजन को स्वास्थ्य सुविधाओं का सुलभता से लाभ मिल सकेगा। प्रमुख सचिव आयुष  शोभित जैन ने बताया कि आयुष विभाग, विभिन्न रोगियों को उपचार सुविधा देने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में विभागीय चिकित्सकीय संस्थाओं में, आयुष चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं। इन स्वास्थ्य सेवाओं से आमजन को लाभान्वित करने के लिए, संस्थान में पदस्थ अधिकारियों/चिकित्सकों की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए यह दिशा निर्देश जारी किए गए हैं, जिससे विभिन्न रोगियों को शासकीय आयुष संस्थाओं से समय पर उपचार प्राप्त हो और शासन की महती योजनाओं का आमजन को प्रभावी रूप से लाभ मिल सके।  जैन ने बताया कि समस्त आयुष चिकित्सकों की उपस्थिति सार्थक ऐप के माध्यम से मॉनिटर करने के लिए, जिला आयुष अधिकारियों को निर्देशित किया गया है एवं महाविद्यालयों में संकाय स्टॉफ की उपस्थिति, एनसीआइएसएम के मापदण्ड अनुसार, आधार बेस्ड सिस्टम से दर्ज कराए जाने को लेकर प्रधानाचार्य एवं अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है।